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आरिफ और रिजवान की छत पर सुखाया जा रहा था 1 क्विंटल से ज्यादा ‘देसी बम’: UP पुलिस की छापेमारी में धराया

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मवाना में देसी बमों को छतों पर पापड़-चिप्स की तरह सुखाया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान लाखों रुपए की कीमत के पटाखे और विस्फोटक जब्त किए। पुलिस ने इस मामले में 6 मजदूर महिलाओं को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपित आरिफ और उसका छोटा भाई रिजवान फरार है।

दरअसल, मेरठ के एक मकान में धमाके के बाद पुलिस ने अवैध पटाखा बनाने वालों को खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। जिसके चलते मेरठ में देसी पटाखा फैक्ट्री पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। एक बंद मकान में महिलाओं ने पटाखा बनाने का ‘कुटीर उद्योग’ चला रखा था। बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मवाना क्षेत्र के एक बंद मकान में अवैध रूप से पटाखा कारखाना चलाया जाता है।

जानकारी के अनुसार, आरिफ और उसके छोटे भाई रिजवान द्वारा यह अवैध कारखाना चलाया जाता था। रिजवान बड़ी चालाकी से इस पूरे धंधे को चला रहा था। वह रोज सुबह महिला मजदूरों को कारखाने में काम पर लगा कर बाहर से ताला बंद कर देता था। इसके बाद वह देर शाम को वापस कारखाने को खोल उन्हें घर भेज देता था। चोरी छुपे बम और पटाखों को बना कर अलग-अलग जगह इसे सप्लाई करने का काम बड़ी सफाई से किया जा रहा था।

मुखबिरों की सूचना के अनुसार जब पुलिस मौके पर पहुँची, तब उन्हें कारखाने में छह महिलाएँ काम करते हुए नजर आईं। साथ ही छत पर भारी मात्रा में पटाखे सूख रहे थे। पुलिस को मौके से 20 बोरे सुतली बम, दस पेटी अनार बम, फुलझड़ी, अन्य पटाखे व भारी मात्र में विस्फोटक बरामद हुआ। बाजार में कीमत के अनुसार यह पाँच लाख रुपए से अधिक का माल बताया जा रहा है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़ी गई महिलाओं को मौके पर नोटिस देकर छोड़ दिया गया और पटाखों को जब्त कर लिया गया है।

हैरानी की बात यह है कि यह बारूद इतना खतरनाक है कि अगर धमाका हुआ तो आसपास के कई घर जमींदोज हो जाएँगे। बारूद, रंग, कांच के साथ-साथ कई ऐसे हानिकारक पदार्थ मिलाकर यह पटाखे तैयार किए जाते हैं।

एक दूसरी छापेमारी में शनिवार को पुलिस ने छापेमारी कर तीन क्विंटल अवैध पटाखे जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गोटका थाना सरूरपुर निवासी सद्दाम पुत्र सलीम को अवैध पटाखों के साथ नगर के इकबाल पुत्र इब्राहिम के मकान से पकड़ा गया है। यहीं के निवासी शकील पुत्र जमील अहमद, अकील अहमद पुत्र खलील अहमद और सुऐब पुत्र खलील अहमद को मोहल्ला कमरानवाबान से पकड़ा गया है। इनके पास से भारी मात्र में अवैध पटाखे बरामद हुए हैं। वसीम पुत्र सलीम निवासी गोटका व सलाउद्दीन पुत्र अलाउद्दीन मोहल्ला खारीकुआं फरार होने में कामयाब हो गए।

सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मवाना में कई गोदाम व मकानों में छापा मारा गया। एक मकान में भारी मात्र में पटाखों का जखीरा पकड़ा। मौके पर मिली महिलाओं को नोटिस देकर छोड़ दिया। आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी होगी।

‘मिया म्यूजियम में लुँगी’ टिप्पणी पर कॉन्ग्रेसी MLA शेरमन अली माफी माँगे, वरना गिरफ्तार किया जाएगा: हिमांत बिस्वा सरमा

असम के स्वास्थ्य, वित्त, पीडब्ल्यूडी और शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार (अक्टूबर 31, 2020) को कॉन्ग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद को फटकार लगाई।  शेरमन अली अहमद ने ‘मिया म्यूजियम’ में ‘नीली लुँगी’ के प्रदर्शन की बात कही थी। इसी को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा ने फटकार लगाई है। 

कॉन्ग्रेस विधायक ने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के परिसर में ‘मिया संग्रहालय’ के लिए राज्य सरकार को एक प्रस्ताव पेश किया था। वरिष्ठ मंत्री ने इस माँग को खारिज करते हुए कहा था कि असम में चार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की कोई अलग-अलग पहचान और संस्कृति नहीं है।

विवादास्पद टिप्पणी पर गुस्साए बिस्वा ने चेतावनी दी कि अगर वह सार्वजनिक रूप से माफी नहीं माँगते हैं तो कॉन्ग्रेस विधायक को गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उनके अपराध के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “कोई इतना नीच कैसे हो सकता है और कह सकता है कि एक लुंगी को कलाक्षेत्र जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर रखा जा सकता है? हम अब उसे गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं क्योंकि इससे उसे वोट मिलेगा। सार्वजनिक रूप से माफी नहीं माँगने पर उन्हें जेल भेजा जाएगा। यह एक प्रतिबद्धता है, जो मैं असम के लोगों के लिए कर रहा हूँ। लुँगी टिप्पणी के लिए उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

सरमा ने आगे कहा, “लेकिन कलाक्षेत्र के संबंध में ‘लुँगी’ शब्द का उपयोग किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता… असमिया शंकरदेव और माधवदेव दोनों के बारे में बहुत संवेदनशील हैं।”

हाल ही में कॉन्ग्रेस विधायक शेरमन अली अहमद ने माँग की थी कि असम सरकार को इस परिसर के अंदर एक मिया संग्रहालय स्थापित करना चाहिए। मिया शब्द का तात्पर्य राज्य में रहने वाले बांग्लादेशी प्रवासियों से है। वे बड़े पैमाने पर राज्य के चार क्षेत्रों में, ब्रह्मपुत्र नदी के सैंडबार्स और सहायक नदियों के पास रहते हैं।

दरअसल शेरमन अली अहमद ने कहा था,“मैंने असम के सैंडबार्स पर रहने वाले लोगों के लिए एक संग्रहालय प्रस्तावित किया है। संग्रहालय को कलाक्षेत्र में स्थापित किया जाना चाहिए। चूँकि इन क्षेत्रों की अधिकांश आबादी तथाकथित मिया समुदाय से है, इसलिए इसे मिया संग्रहालय का नाम दिया जाना चाहिए।” असम के बाग़बोर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक शर्मन अली अहमद ने कहा था, “लुँगियों को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में रखा जाना चाहिए।”

बता दें कि गुवाहाटी में स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र एक सांस्कृतिक परिसर है, जिसमें असम के इतिहास और संस्कृति, पुस्तकालय, एक ओपन-एयर थियेटर, एक आर्टिस्ट विलेज, एक कला और सांस्कृतिक प्रदर्शनी और हेरिटेज पार्क आदि जैसी कई सुविधाएँ हैं।

‘भाजपा लाइट’ बनने का प्रयास अगर कॉन्ग्रेस ने किया तो ‘कॉन्ग्रेस जीरो’ बन कर रह जाएगी: शशि थरूर

कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने पार्टी को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी भाजपा लाइट (भाजपा का नरम संस्करण) बनने का ख़तरा मोल नहीं ले सकती। ऐसा करने पर कॉन्ग्रेस पार्टी का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा।

शशि थरूर के अनुसार कॉन्ग्रेस में धर्म निरपेक्षता का सिद्धांत हमेशा से जीवंत है और सभी इसका अनुसरण करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका संगठन भाजपा के संदेश का कमज़ोर स्वरूप नहीं पेश करता है। तिरुअनंतपुरम सांसद ने कहा:

“मैं पिछले काफी समय से यह बात कहता रहा हूँ कि पेप्सी लाइट का अनुसरण करते हुए ‘भाजपा लाइट’ बनाने के किसी भी प्रयास का नतीजा ‘कोक ज़ीरो’ की तरह कॉन्ग्रेस ज़ीरो ही होगा। कॉन्ग्रेस किसी भी दृष्टिकोण से भारतीय जनता पार्टी की तरह नहीं है, न तो हम असल मायनों में ऐसे हैं और न ही हमें उनका कमज़ोर वर्जन बनने का प्रयास करना चाहिए। मेरे अनुसार हम ऐसा कर भी नहीं रहे हैं।”

इसके बाद उन्होंने कहा, “हमारे देश में धर्म निरपेक्षता बतौर सिद्धांत और परंपरा ख़तरे में है। सत्ताधारी दल इस शब्द को संविधान से हटाने का प्रयास कर सकता है। नफ़रत फैलाने वाली ताकतें इस देश के धर्म निरपेक्ष स्वभाव को नहीं बदल सकती हैं।”

शशि थरूर ने अपनी नई किताब ‘द बैटल ऑफ़ बिलॉन्गिंग’ पर बात करते हुए पीटीआई/भाषा को साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “संविधान अपने मूल स्वरूप की वजह से हमेशा धर्म निरपेक्ष बना रहेगा, भले वर्तमान सरकार इस शब्द को हटा ही क्यों न दे। अंततः यह सिर्फ और सिर्फ एक शब्द है।” 

पिछले कुछ समय में कॉन्ग्रेस पर नरम हिंदुत्व का सहारा लेने का आरोप लगता रहा है। इस आरोप का जवाब देते हुए शशि थरूर ने कहा कि यह विषय देश की एक बड़ी उदारवादी आबादी के लिए चिंता का वास्तविक और ठोस विषय है। उन्होंने इस बिंदु पर ज़ोर देते हुए कहा:

“कॉन्ग्रेस पार्टी में हम सभी के बीच एक बात को लेकर राय बिलकुल स्पष्ट है कि हम भाजपा का दूसरा स्वरूप नहीं बन सकते हैं। कॉन्ग्रेस हिंदुत्व और हिंदूवाद के बीच अंतर समझती है। हम हिंदूवाद का सम्मान करते हैं, यह आलोचनात्मक नहीं बल्कि समावेशी है। वहीं दूसरी तरह हिंदुत्व एक विशुद्ध राजनीतिक सिद्धांत है, जो लोगों को बाँटने की बात करता है।” 

इसके बाद शशि थरूर ने कहा, “यह मूल कारण है कि हम भाजपा के राजनीतिक संदेश का दुर्बल स्वरूप पेश नहीं कर रहे हैं। इस पहलू पर राहुल गाँधी पहले ही सफाई दे चुके हैं कि मंदिर जाना उनका निजी हिंदुत्व है। वह हिंदुत्व के किसी भी चेहरे का किसी भी लिहाज़ से समर्थन नहीं करते हैं, चाहे वह कट्टर हिंदुत्व हो या नरम हिंदुत्व।”

इसके बाद उनके सामने एक और प्रश्न उठाया गया कि क्या ‘धर्म निरपेक्ष’ शब्द ख़तरे में है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शब्द है, अगर सरकार इसे संविधान से ख़त्म करने का प्रयास करती है, फिर भी संविधान धर्म निरपेक्ष बना रहेगा। 

उनका कहना था कि हमारे देश में धर्म के स्थान पर अनेक प्रकार की गतिविधियाँ हैं। धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता, पूजा-पाठ करने की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सभी नागरिकों के लिए समानता, अल्पसंख्यकों के लिए अधिकार। इस तरह के तमाम अधिकार भारतीय संविधान के बुनियादी ढाँचे का हिस्सा हैं, सिर्फ एक शब्द हटा देने से यह गायब नहीं होने वाले हैं।

अंत में उन्होंने कहा, “देश का सत्ताधारी दल इस तरह के प्रयास कर सकता है कि देश में धर्म निरपेक्षता को समाप्त कर दिया जाए। सांप्रदायिकता को कायम करने के प्रयास लगातार हो रहे हैं। इसका एक मतलब यह भी है कि देश में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का तिरस्कार किया जाता है।”             

पहले घोषित किया भू माफिया गैंग का सरगना, अब हिस्ट्रीशीटर: सपा के पूर्व MLA आरिफ अनवर हाशमी पर UP पुलिस सख्त

उत्तर प्रदेश की बलरामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी और उनके चार भाइयों को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया गया है। कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने आरिफ अनवर हाशमी को भू माफिया गैंग का सरगना घोषित किया था। सादुल्लाह नगर थाने की पुलिस ने पूर्व विधायक और उनके चार भाइयों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है।

बता दें कि समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक को दो महीने पहले हिरासत में लिया गया था। इस बीच उन पर धोखाधड़ी कर सरकारी व निजी जमीन हड़पने के नौ केस दर्ज हुए हैं।

आरिफ अनवर हाशमी को 5 सितंबर, 2020 को धोखाधड़ी मामले को लेकर जेल में डाल दिया गया था। जेल में रहने के दौरान उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आठ नए मामले दर्ज किए गए। इन सभी मामलों में उन पर सरकारी और निजी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया गया था।

हाशमी के खिलाफ धोखाधड़ी का पहला मामला 2018 में रेहरा बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। उसके खिलाफ गोंडा के खोराडे पुलिस स्टेशन में जालसाजी का मामला भी दर्ज किया गया है।

इसी साल अक्टूबर में हाशमी भू-माफिया गिरोह का सरताज घोषित किया गया था। उसके भाई मरूफ अनवर हाशमी, आबिद अनवर हाशमी, फरीद हाशमी और निजामुद्दीन को उनके गिरोह के मुख्य सदस्यों में से थे । पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि पूर्व विधायक और उनके चार भाइयों की हिस्ट्रीशीट सादुल्ला नगर पुलिस स्टेशन में खोली गई थी।

कश्मीरी पंडितों और कश्मीर के हिन्दुओं के पुनर्वास के लिए J&K में अलग केंद्र शासित प्रदेश बने: पनुन कश्मीर

विस्थापित कश्मीरी पंडितों का एक संगठन है ‘पनुन कश्मीर’। इस संगठन की माँग है कि कश्मीर के हिन्दुओं के लिए कश्मीर घाटी में अलग केंद्र शासित प्रदेश का निर्माण किया जाए। ‘पनुन कश्मीर’ ने रविवार (नवंबर 1, 2020) को अपनी वापसी और पुनर्वास के लिए घाटी में एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की माँग दोहराई

‘पनुन कश्मीर’, कश्मीर का वह हिस्सा है, जहाँ घनीभूत रूप से कश्मीरी पंडित रहते थे। लेकिन 1989 से 1995 के बीच कत्लेआम का एक ऐसा दौर चला कि पंडितों को कश्मीर से पलायन होने पर मजबूर होना पड़ा।

इस नरसंहार में 6000 कश्मीरी पंडितों को मारा गया। 750000 पंडितों को पलायन के लिए मजबूर किया गया। 1500 मंदिर नष्ट कर दिए गए। 600 कश्मीरी पंडितों के गाँवों को इस्लामी नाम दिया गया। इस नरसंहार को भारत की तथाकथित धर्मनिरपेक्ष सरकार मूकदर्शक बनकर देखती रही। आज भी नरसंहार करने और करवाने वाले खुलेआम घूम रहे हैं।

समूह ने एक बयान में कहा कि ‘पनुन कश्मीर’ का अलग केंद्र शासित प्रदेश ‘भारतीय राष्ट्रीय हितों’ की रक्षा के लिए एक भूराजनीतिक अनिवार्यता बन गया है। इसमें कहा गया है कि समुदाय के उनके पुराने क्षेत्रों में लौटने का कोई सवाल नहीं है क्योंकि ‘कश्मीर में हिंदू निवास स्थान को नष्ट कर दिया गया।’

पिछले साल फरवरी में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए घातक पुलवामा हमले में पाकिस्तान की मिलीभगत का जिक्र करते हुए, ‘पनुन कश्मीर’ ने कहा कि केंद्र के लिए इस आतंकी प्रवेश का जवाब देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “हम माँग करते हैं कि भारत सरकार पाकिस्तान को एक आतंकवादी राज्य घोषित करे और इसे मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए ज़िम्मेदार ठहराए।”

पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा छेड़े गए छद्म युद्ध के द्वारा आज कश्मीरी पंडित अपनी पवित्र भूमि से बेदखल हो गए हैं और अब अपने ही देश में शरणार्थियों का जीवन जी रहे हैं। पिछले 26 वर्षों से जारी आतंकवाद ने घाटी के मूल निवासी कहे जाने वाले लाखों कश्मीरी पंडितों को निर्वासित जीवन व्यतीत करने पर मजबूर कर दिया है।

विस्थापित कश्मीरी पंडित कहते हैं कि कश्मीर एक सुलझा हुआ मुद्दा है और पाकिस्तान के साथ चर्चा उन क्षेत्रों को खाली करने को लेकर होनी चाहिए, जिस पर उसने ‘अवैध’ तरीके से कब्जा कर रखा है और उन लोगों को पकड़ कर जेल में डालना चाहिए, जो अलगाववाद और आतंकवाद का समर्थन करते हैं। 

‘शिवराज सिंह चौहान नंगा-भूखा है, शिवराज सिंह चौहान नारियल लेकर घूमता है’ – मध्य प्रदेश CM ने कॉन्ग्रेस पर कसा तंज

मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार थमने से पहले भाजपा और कॉन्ग्रेस दाेनाें ही दलाें ने पूरी ताकत झाेंक दी। वहीं अब दोनों पार्टियों में जुबानी जंग भी तेज होती जा रही है। एक तरफ जहाँ कॉन्ग्रेस ने आपत्तिजनक टिप्पणियों का सहारा लेते हुए बीजेपी नेताओं को नीचा दिखाना चाहा, वहीं अब बीजेपी नेता भी रैली में उन्हें जमकर लताड़ते हुए नज़र आ रहे हैं।

बता दें कि 28 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के प्रचार का दौर रविवार यानी आज (1 नवंबर, 2020) शाम थम गया। प्रचार के आखरी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देवास में रोड शो किया। जिस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “चुनाव में कॉन्ग्रेस के मुद्दे हैं- शिवराज सिंह चौहान नंगा-भूखा है, शिवराज सिंह चौहान कलाकार है, शिवराज सिंह चौहान नारियल लेकर घूमता है।”

बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के प्रचार अभियान के तहत पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश किसान कॉन्ग्रेस के नेता दिनेश गुर्जर ने कहा था कि कमलनाथ देश के दूसरे नंबर के उद्योगपति हैं, जबकि शिवराज नंगे-भूखे घर के हैं। इसके बाद से ही सियासत गर्माई है।

वहीं इससे पहले कमलनाथ की आलोचना करते हुए बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, “कमलानाथ अशोक नगर आते हैं और मुझे कुत्ता कहकर नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।”

कमलनाथ द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर जवाब देते हुए बीजेपी नेता ने कहा, “कमलनाथ जी ने मुझे कुत्ता कहा। हाँ, मैं कुत्ता हूँ क्योंकि मेरा मालिक मेरी जनता है और मैं उसकी सेवा करता हूँ। कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूँ क्योंकि कुत्ता अपने मालिक और अपने दाता की रक्षा करता है। हाँ, कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूँ क्योंकि अगर कोई भी व्यक्ति मेरे मालिक को ऊँगली दिखाए और मालिक के साथ भ्रष्टाचार और विनाशकारी नीति दिखाए, तो कुत्ता काटेगा उसे। मुझे गर्व है कि मैं अपने जनता का कुत्ता हूँ।”

गौरतलब है कि विधानसभा की 28 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के तहत आगामी 3 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव का परिणाम 10 नवंबर को आएगा। उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को वोटिंग के मद्देनजर 1 नवंबर की शाम से ही प्रचार थम गया। इसके बाद प्रत्याशी घर-घर जाकर ही जनसंपर्क कर सकते हैं।

‘जिस लड़की का रेप हो जाए, उसे आत्महत्या करके मर जाना चाहिए’ – केरल कॉन्ग्रेस का ‘सबसे बड़ा नेता’

KPCC के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने बलात्कार की शिकार हुई महिलाओं के खिलाफ बेहद ही शर्मनाक टिप्पणी की है। महिलाओं के खिलाफ मुल्लापल्ली की बदजुबानी कोई नई बात नहीं है। यूडीएफ के ‘विश्वासघात दिवस’ के दौरान हुए एक विरोध बैठक में बोलते हुए कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि अगर एक बलात्कार पीड़िता के पास कोई आत्मसम्मान है, तो उसे आत्महत्या करके मर जाना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने सोलर मामले के आरोपित का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन एक सेक्स वर्कर को लाकर बच नहीं सकते। मुल्लापल्ली ने कहा, “जब राज्य सरकार बचाव में है, तो पिनारयी को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह एक सेक्स वर्कर को आगे लाकर बच सकते हैं और उसके जरिए चर्चा को डायवर्ट कर सकते हैं। या तो वह खुद को मार डालेगी या कम से कम यह सुनिश्चित करेगी कि इसे दोहराया नहीं जाए।”

महिला के सम्मान को धूमिल करते हुए कॉन्ग्रेस नेता ने देखा कि सचिवालय में मौजूद लोग उनके द्वारा दिए गए बयानों के खिलाफ हो गए। विवादो में खुद को घिरता देख रामचंद्रन ने तुरंत अपने बयानों को पलटते हुए और इधर-उधर की बात करते हुए भीड़ से माफी माँगने लगे।

मुल्लापल्ली ने कहा, “मेरा गुस्सा एलडीएफ सरकार के खिलाफ था और महिलाओं की भावनाओं को आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं था। मैं ईमानदारी से अपनी अपमानजनक टिप्पणियों के लिए माफी माँग रहा हूँ।”

वहीं केरल महिला आयोग की चेयरपर्सन एमसी जोसफिन (MC Josephine) और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने भी उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तीखी आलोचना की।

KPCC के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हुए एमसी जोसेफिन ने कहा, “केरल महिला आयोग मुल्लापल्ली द्वारा की गई टिप्पणियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता है। बलात्कार एक हमले का सबसे चरम रूप है, जो एक पुरुष किसी महिला के साथ कर सकता है और यह बहुत निंदनीय है। मैं मुल्लापल्ली द्वारा की गई टिप्पणियों से असहमत हूँ। मैं सभी नेताओं से महिलाओं के खिलाफ इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी नहीं करने का भी आग्रह करती हूँ।”

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केपीसीसी प्रमुख ने इस तरह महिला के खिलाफ विवादित टिप्पणियाँ की है। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को ‘कोविड रानी’ कहकर मजाक उड़ाया था। इससे पहले भी रामचंद्रन ने शैलजा पर टिप्पणी की थी, जब वो कोझीकोड में ‘अतिथि कलाकार’ बन कर गई थीं। उन्होंने कहा था कि निपाह वायरस फैलने के दौरान शैलजा ने ‘निपाह राजकुमारी’ बनने की कोशिश की थी।

17 साल की लड़की ने रिश्ता ठुकराया तो काट दिया गला… वो भी सड़क पर लोगों के बीच, कई दिनों से कर रहा था पीछा

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 17 साल की एक नाबालिग लड़की की गर्दन काट कर हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह भी है कि इस हत्याकांड को भीड़भाड़ वाली जगह पर अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि साईंबाबा मंदिर के पास सड़क पर वारालक्ष्मी नाम की लड़की पर अनिल नाम के एक युवक ने तेजधार वाले हथियार से हमला किया। यह मंदिर गजूवाका इलाके के सुंदरया कॉलोनी में है।

रिपोर्ट के मुताबिक सड़क पर हत्या से पहले अनिल का वारालक्ष्मी से बहस हुई। बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि अनिल ने तेजधार वाले हथियार से वारालक्ष्मी के गर्दन पर हमला कर दिया। लड़की की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है। वारदात के बाद से ही पीड़िता के घरवालों का बुरा हाल है। वे न्‍याय की माँग कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपित अनिल को तुरंत हिरासत में ले लिया। 

बताया जा रहा है कि अनिल कई दिनों से लड़की का पीछा कर रहा था और उसने लड़की से बातचीत की कोशिश भी की थी। लेकिन लड़की ने अनिल को रिजेक्ट कर दिया था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। हालाँकि प्रेम-प्रसंग में यह हत्या हुई है या नहीं? अभी इसकी जाँच की जा रही है।

बता दें कि अगस्त के महीने में भी यहाँ एक भयानक हत्याकांड हुई थी। यहाँ एक पिता ने सरेआम हथौड़े से पीट-पीट कर अपने ही बेटे की हत्या कर दी थी। 40 साल के अपने बेटे की हत्या के बाद आरोपित ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। उस वक्त पुलिसिया तफ्तीश में यह खुलासा हुआ था कि युवक ने संपत्ति विवाद में अपने बेटे की हत्या की थी।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्‍यूरो (NCRB) के ताजा आँकड़ों के अनुसार देश के कुल गंभीर अपराधों में आंध्र प्रदेश की 3.7 फीसदी हिस्‍सेदारी है। इसके अलावा, यह 2019 में उच्चतम अपराध दर दर्ज करने वाला भारत का आठवाँ राज्य है। इसके अलावा, विशेष और स्थानीय कानूनों (एसएलएल) के मामलों में, 2019 में पुलिस द्वारा दर्ज मामलों में 46% की वृद्धि हुई है।

लालू का आलू छील कर फेंकने वाली बिहार की बूढ़ी माँ का जिक्र PM मोदी ने क्यों किया? 25 सेकंड का वीडियो वायरल

बिहार विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (1 नवंबर, 2020) छपरा में एक चुनावी भाषण में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान भाजपा द्वारा गरीबों को दी गई योजनाओं को गिनवाते हुए उन्होंने एक बूढ़ी महिला का भी जिक्र किया।

छपरा की चुनावी जनसभा में पीएम मोदी ने बताया कि बिहार के एक गाँव की किन्हीं बुजुर्ग महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिसमें एक व्यक्ति उन महिला से पूछता है कि मोदी को क्यों वोट दोगी? आखिर मोदी ने तुम्हारे लिए किया क्या है? पीएम ने बताया कि उस वीडियो ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा, “उस गाँव की महिला, उस माँ ने उसके सवाल का एक साँस में जवाब देना शुरू कर दिया। जब वो जवाब दे रही थीं तो जो सवाल पूछने वाला था, उसका चेहरा लटक गया।“

उक्त वीडियो में उस महिला ने बिना लाग लपेट के कहा, “मोदी हमरा के नल देहलन, लाइन देहलन, बिजली देहलन, मोदी हमरा के कोटा देहलन, राशन देहलन, वृद्धापेंशन दे तारें, लैट्रिन देलें, गैस देलें। मोदी हमरा के गैस देहलन। हुनका के भोट ना देब त तोहरा के देब? ललुआ के अलुआ छीन के बिग देब हम।”

मतलब “मोदी ने मुझे नल दिया, राशन दिया, कोटा दिया, बिजली दिया और वृद्धापेंशन दिया। शौचालय और गैस चूल्हा भी दिया। मोदी को वोट नहीं दूँगी तो तुम्हें दूँगी क्या? लालू यादव का तो मैं आलू छील कर फेंक दूँगी।”

रैली के दौरान पीएम ने यह भी कहा, “आप लोगों का यह प्यार, यह अपनापन कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा। उनकी रातों की नींद उड़ गई है, बौखलाहट में वे मोदी को गाली दे रहे हैं। मुझे गाली दे दीजिए, लेकिन बिहार की जनता पर गुस्सा मत उतारिए, उनके चेहरे से हँसी गायब हो गई है।”

गौरतलब है कि मोदी ने रैली में कहा कि बिहार के लोगों को और उनकी भावनाओं को ये लोग कभी समझ नहीं सकते। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि ये अपने परिवार के लिए पैदा हुए हैं, अपने परिवार के लिए जी रहे हैं, अपने परिवार के लिए ही जूझ रहे हैं। उन्हें न बिहार से कोई लेना-देना है और न बिहार की युवा पीढ़ी से कोई लेना-देना है। उन्होंने कहा कि आज बिहार के सामने, डबल इंजन की सरकार है, तो दूसरी तरफ डबल-डबल युवराज भी हैं।

बिहार में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान हुआ। 3 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग होगी, जबकि तीसरे चरण की वोटिंग 7 नवंबर को होगी। परिणाम 10 नवंबर को घोषित किए जाएँगे।

अपराधियों-माफिया लोगों पर प्रभावी कार्रवाई और तेज हो, ध्वस्तीकरण का खर्चा भी वसूलें: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समीक्षा बैठक में कहा कि अपराधियों व माफिया पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहे। किसी भी स्थिति में इसमें रुकना और झुकना नहीं है। अपराधी तत्वों के असलहे निरस्त किए जाएँ और हाईवे या अन्य कहीं भी अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बिहार से सटी सीमाओं पर विशेष सतर्कता का निर्देश दिया।

दो दिवसीय वाराणसी प्रवास पर शनिवार (अक्टूबर 31, 2020) को विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले गाँवों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते विवाद बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में पुलिस की निगरानी बढ़ानी होगी। उन्होंने बनारस में गैंगस्टर की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा,

“माफिया के अवैध संपत्ति का जब्तीकरण व ध्वस्तीकरण कार्रवाई में आने वाला खर्चा उसी व्यक्ति से वसूला जाए। महिलाओं व धर्म गुरुओं से दुर्व्यवहार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करें। सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए और अफवाह या उकसाने वाली खबरों पर कार्यवाही हो। महिला सुरक्षा व स्वावलंबन के अभियान में जागरूक करें। महिला सुरक्षा में सेंध लगाने वाले पेशेवर अपराधियों पर कार्रवाई कर उनके पोस्टर चौराहों पर लगाए जाएँ।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट में अच्छी पैरवी कर अपराधियों, माफियाओं को न्यायालय से दंडित कराने की कार्रवाई कराएँ। अपराधी को कानून का भय हो। चार्जशीट समय पर दाखिल हो। पर्व-त्योहारों पर विशेष सावधानी रखी जाए। पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम लगातार चले, जिसमें कोविड से बचाव, महिला सुरक्षा व सड़क सुरक्षा का संदेश प्रसारित होता रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नीति आयोग के दिशा-निर्देशों से सेवापुरी में हो रहे कार्यों के आधार पर प्रत्येक विधानसभा की एक-एक ब्लॉक को जन प्रतिनिधिगण मॉडल बनाएँ। ग्राम पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करें। सेवापुरी में केंद्र सरकार की योजनाओं को अच्छे से लागू किया गया है। राज्य सरकार की योजनाओं को भी प्रभावी रूप से लागू करें। इसे ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ें, गाँव के समस्त कार्य, गतिविधि को यहीं से संचालित करें।

अधिकारियों संग बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान योगी ने कहा कि अब बदलते बनारस की तस्‍वीर दिखने लगी है। काशी विश्वनाथ धाम, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर और फोर लेन का काम तेजी से मूर्त रूप ले रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी वाराणसी देश में प्रथम स्थान पर है। आज वाराणसी देश और दुनिया के नक्शे पर देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस सभागार में वाराणसी जनपद के विकास एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं के प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 9259.71 करोड़ रुपए की 136 बड़ी प्रमुख परियोजनाएँ निर्माणाधीन है। जिसमें से 401.93 करोड़ रुपए की 26 परियोजनाएँ इसी माह के अंत तक पूर्ण हो जाएँगी।