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बिहार में क्या चल रहा है? अजीत भारती का वीडियो। Discussion on Bihar election

बिहार की रिपोर्टिंग करने पहुँचे लोग गमछा डालकर, लिट्टी-चोखा खाकर इसे नाटक बना देते हैं। बिहार का ना होते हुए भी वहाँ जाकर वहाँ का होने का आवरण ओढ़कर रिपोर्टिंग करना क्या रिपोर्टिंग है? देखा जाए तो टीवी वालों ने हर चीज को एक तरह से सर्कस की तरह बना दिया है।

अपने आपको अदाकारा बना लिया है और वो उसे बेचने की कोशिश करते हैं। लोगों को ट्रेनिंग दी जाती है कि उन्हें क्या बोलना है। उन्हें पहले ही इस चीज के लिए तैयार कर दिया जाता है कि उनसे क्या पूछा जाएगा और इसके जवाब में उन्हें क्या बोलना है।

लोजपा एनडीए से अलग है, लेकिन बीजेपी के साथ है। क्या रामलिवास पासवान के इलाकों में उसी तरह का दलित उत्थान हुआ है, जिस तरह से लालू ने दावा किया और किया कुछ नहीं, या वाकई दलितों के जीवन में उत्थान हुआ है?

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

तेजस्वी की भीड़ ‘इंक्रिडिबल’, मोदी की भीड़ से कोरोना: स्टार प्रचारक सागरिका घोष ने बाँटा ज्ञान

दक्षिणपंथी दलों और विचारधारा को निशाना बनाना मीडिया गिरोह से लेकर लिबरल जमात का पहला पेशा बन चुका है। इसी क्रम में प्रोपेगेंडा पत्रकार सागरिका घोष ने बिहार में तेजस्वी यादव की चुनावी रैली को तो ‘इंक्रिडिबल’ बताया मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये नसीहत देती देखी गई कि उन्हें कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए बिहार में चुनावी रैली नहीं करनी चाहिए।

मीडिया गिरोह का दोहरा रवैया अब कोई छुपी हुई बात नहीं रह गई है। सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया चक्रवर्ती का प्रोपेगेंडा इंटरव्यू लेकर उनके हित में माहौल बनाने की कोशिश करने वाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई की पत्नी सागरिका घोष इस तरह के कारनामों में उनकी भी गुरु हैं।

सागरिका घोष ने बुधवार (अक्टूबर 21, 2020) की सुबह अखबार में प्रकाशित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के त्योहारों में कोरोना के प्रसार का ध्यान रखने वाली सलाह ट्वीट करते हुए लिखा कि किसी की खुशियों में खलल ना पड़े इसके लिए बेहतर होगा कि वो खुद उदाहरण पेश कर बिहार में चुनावी रैलियाँ ना करें। सागरिका ने कहा कि ऐसा ना करने से बिहार कोरोना हॉटस्पॉट बन जाएगा और लोग मरेंगे जबकि नेता शासन करेंगे।

इस ट्वीट के कुछ ही घंटों बाद लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव की चुनावी रैली की तस्वीरें देखकर मानो सागरिका घोष सुबह दिया हुआ अपना ज्ञान भूल बैठी और उसने इसे ट्वीट करते हुए लिखा, “इंक्रिडिबल, क्या इस बार के समीकरण बिहार की धूल साफ़ करेंगे? आगे आगे देखिए होता है क्या?”

वास्तव में सागरिका ने जो वीडियो ट्वीट कर ये ज्ञान दिया था, वह मनोज कुमार झा द्वारा शेयर किया हुआ था। मनोज झा ने अपने ट्वीट में लिखा था, “ये बिहार की तस्वीर है आज की 12 सभाओं में सिर्फ एक जनसभा की। गौर से देखिए ये महज सभा नहीं बल्कि बदलाव का शंखनाद है। सारे चुनावी विशेषज्ञ स्तब्ध हैं। जातिगत अंकगणित की कहानियाँ खत्म हो रही हैं। इस बार जीतेगा बिहार। #IsBaarTejashwiTayHai”

सागरिका द्वारा यह ज्ञान एक तरह से अप्रत्यक्ष रूप से तेजस्वी यादव की ‘लहर’ को और हवा देने के लिए था। वह तेजस्वी यादव की लगभग हर रैली के वीडियो ही किसी ना किसी फर्जी ज्ञान के सहारे ट्विटर पर शेयर करते हुए देखी जा सकती है।

यही वजह है कि इस दोहरे व्यवहार के कारण सागरिका घोष ट्विटर यूजर्स के निशाने पर है और उनके तेजस्वी यादव को लेकर दिखाए जा रहे उत्साह की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दिए जाने वाले ज्ञान से की जा रही हैं।

सलमान लड़कियों को वीडियो कॉल करके दिखाता था अपना प्राइवेट पार्ट, फोट काटने पर 30 महिलाओं को भेज चुका था ‘गंदी वीडियो’

अनजान लड़कियों को वीडियो कॉल करके उनके सामने अश्लील हरकतें करने वाले 26 साल के सलमान को दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ सफदरजंग इंक्लेव में रहने वाली एक युवती ने शिकायत करवाई थी।

पुलिस ने अपनी जाँच में पाया कि सलमान राजस्थान में रहने वाले अपने दोस्त का नंबर इस्तेमाल कर रहा था। उसने इस नंबर से कई अन्य महिलाओं के साथ भी ऐसी बदसलूकी की थी। साथ ही उन्हें अश्लील वीडियो और संदेश भी भेजे थे।

अपनी शिकायत में नॉर्थ ईस्ट की लड़की ने कहा था कि एक दिन उसे किसी अंजान नंबर से वीडियो कॉल आई, जब उसने फोन उठाया तो उधर से दूसरे शख्स ने अपना प्राइवेट पार्ट फ्लैश किया। इसके बाद उसने उस लड़की को कई अश्लील वीडियो संदेश भी भेजे।

पुलिस के अनुसार, सफदरजंग इंक्‍लेव में रहने वाली युवती के पास 12 सितंबर को वॉट्सऐप पर पहली वीडियो कॉल आई थी। उसने कॉल रिसीव की तो कुछ देर बाद सलमान उसके सामने नंगा हो गया। लड़की द्वारा कॉल डिस्कनेक्ट करने पर उसने अपने न्‍यूड वीडियोज/फोटोज भेजने शुरू कर दिए।

पीड़‍िता ने काफी टाइम कोई जवाब नहीं दिया, मगर सलमान तब भी उसे वीडियो भेजता रहा। उसने कई बार पीड़‍िता को वीडियो कॉल भी किया लेकिन उसने उठाया नहीं। पुलिस ने अपनी जाँच में पाया कि सलमान कम से कम 30 महिलाओं के साथ इस तरह की हरकत कर चुका था।

बता दें कि पुलिस ने इस केस में शीलभंग कानून समेत आईटी एक्ट के तहत जाँच शुरू की थी। नंबर के आधार पर पुलिस की एक टीम राजस्थान के कोटा पहुँची थी। यहीं के एक निवासी के नाम से सलमान सिम इस्तेमाल कर रहा था। युवक ने मामला जानने के बाद पुलिस को सलमान के बारे में बताया और पुलिस ने उसे ट्रैक करना शुरू किया।

इसके बाद सलमान की लोकेशन पुलिस को रोहतक में मिली। वहीं उसे गिरफ्तार किया गया और पूछताछ में उसने कबूल लिया कि वह वॉट्सऐप के जरिए अनजान लड़कियों को ऐसी तस्वीरें व वीडियो भेजता था। अब पुलिस ने सलमान के पास से उसका मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिया है।

इसके अतिरिक्त उन महिलाओं को भी संपर्क किया, जिनसे सलमान ने बदसलूकी की थी। पुलिस को इन महिलाओं से जानना था कि क्या उन्होंने भी इसके ख़िलाफ़ शिकायत की थी। लेकिन, अधिकांश महिलाओं ने कहा कि उन्होंने सलमान पर एफआईआर कराने की जगह उसे ब्लॉक कर दिया था।

ईद पर झुक कर सलाम Vs नवरात्र पर कटरीना वाली ‘रात’ और सलमान की ‘डंडी’: Eros Now ने माँगी माफी

इरोज नाउ (Eros Now) ने कुछ ही समय पहले ट्विटर पर एक क्षमा पत्र जारी किया। उन्होंने लिखा कि वह हर धर्म संस्कृति का बराबर सम्मान करते हैं, उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। इरोज नाउ को ऐसा करने की ज़रूरत क्यों पड़ी?

नवरात्र के मौके पर इरोज नाउ ने इस तरह की कई तस्वीरें साझा कीं, जो सांस्कृतिक त्यौहार के दृष्टिकोण से आपत्तिजनक थीं। जबकि अन्य मज़हब के त्यौहारों पर यही इरोज नाउ ने बेहद धर्म निरपेक्ष तरीके से शुभकामनाएँ दी थीं। 

आलम यह था कि आज (22 अक्टूबर 2020) सुबह से ही ट्विटर पर #BoycottErosNow ट्रेंड कर रहा था। दरअसल हिन्दुओं के 9 दिन तक चलने वाले त्यौहार नवरात्र के मौके पर कंपनी की ओर से कई तस्वीरें ट्वीट की गईं और वह तस्वीरें ऐसी कतई नहीं थीं, जिनके ज़रिए एक त्यौहार की शुभकामनाएँ दी जाती हैं। इस मुद्दे पर विवाद बढ़ने के बाद इरोज नाउ ने अपनी तरफ से बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा: 

“हम हर संस्कृति का बराबर सम्मान करते हैं और उससे लगाव रखते हैं। हमारा लक्ष्य कभी किसी की भावनाएँ आहत करना नहीं था। हमने वह सारी पोस्ट हटा दी हैं, जिन पर लोगों ने आपत्ति जताई थी। अगर हमारी इस गतिविधि से किसी की भावनाओं को ठेस पहुँची हो तो हम उसके लिए क्षमा माँगते हैं।” 

इसके बाद सवाल उठता है कि इरोज नाउ ने एक अलौकिक त्यौहार के अवसर पर ऐसा क्या साझा किया था, जिसके चलते विवाद इतना बड़ा हो गया। 

जैसा कि इस ट्वीट में साफ़ देखा जा सकता है कि इरोज नाउ ने ईद के मौके पर कितनी शालीनता से बधाईयाँ दी हैं। वहीं नवरात्र के मौके पर दोयम दर्जे की मानसिकता का प्रदर्शन किया है।

ठीक ऐसे ही इस ट्वीट में भी देखा जा सकता है कि कैसे बॉलीवुड कलाकारों की तस्वीर का इस्तेमाल करके नवरात्र जैसे सांस्कृतिक त्यौहार के साथ खिलवाड़ किया गया है। 

इस बात की कल्पना करना तक दुर्लभ है कि क्या जिस तरह की पंक्तियों का प्रयोग इरोज नाउ ने नवरात्र के लिए किया है, वैसा किसी और मज़हब के त्यौहार के लिए किया जा सकता है? 

इसके अलावा इरोज नाउ के कुछ ट्वीट ऐसे हैं, जो सांकेतिक तौर पर आपत्तिजनक हैं और वह अभी तक हटाए नहीं गए हैं। 

यह तमाम तस्वीरें इरोज नाउ ने एक दो दिन पहले साझा की थी लेकिन विरोध होने के बाद सारी हटा ली गईं। लोगों ने इन तस्वीरों पर जम कर आपत्ति जताई। इस कड़ी में मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 

“नवरात्रि माँ की आराधना का पावन पर्व है। इन पवित्र दिनों को लेकर @ErosNow ने जिस घटिया मानसिकता का प्रदर्शन किया है, वह बहुत ही निंदनीय है। @ErosNow को शर्म आनी चाहिए। अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर हिंदू धर्म की आस्था पर चोट को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने ट्वीट के दूसरे हिस्से में लिखा, “हिन्दुओं की सहिष्णुता का फ़ायदा उठा कर @ErosNow जैसे कुछ संस्थान हमारी आस्था पर चोट करते हैं। इन सभी को यह समझना होगा कि अब बहुत हो चुका है, हिन्दू अपनी आस्था पर किसी भी तरह चोट को बर्दाश्त नहीं करेगा। अब इस तरह की हरकतों का खुल कर विरोध किया जाएगा।”

इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हमें सिनेमा को इस तरह संरक्षित करना होगा कि वह लोगों के लिए समुदाय को दर्शाने वाला अनुभव प्रदान करे। क्योंकि इस दौर में कला भाव है इसलिए @ErosNow जैसे मंच फूहड़ता परोसने मज़बूत माध्यम बन चुके हैं। 

यह पहला ऐसा मौक़ा नहीं है, जब सनातन त्यौहारों के साथ प्रयोग करके हिन्दुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया हो। हाल ही में तनिष्क ने एक विज्ञापन बनवाया था, जिसमें एक हिन्दू बहू की मुस्लिम परिवार में शादी के बाद गोद-भराई दिखाई जाती है और उसके ज़रिए समाज में छद्म सद्भाव पेश करने का प्रयास किया गया था। इसके बाद लोगों ने विज्ञापन का खुल कर विरोध किया, जिसके बाद तनिष्क ने माफ़ी माँगते हुए वह विज्ञापन हटा लिया था।   

पैगंबर मोहम्मद पर पोस्ट करने वाले कॉन्ग्रेस MLA के भतीजे को जमानत, इसी पोस्ट के कारण हुई थी बेंगलुरु हिंसा

पैगंबर मोहम्मद पर ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी करने वाले कॉन्ग्रेस विधायक के भतीजे पी नवीन को कर्नाटक हाइकोर्ट ने पिछले हफ्ते जमानत दी है। इससे पहले बेंगलुरु में हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने नवीन के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153 ए, 295 और आईटी एक्ट की धारा 67 के अंतर्गत मामला दर्ज किया था।

अपनी बेल याचिका में नवीन ने कहा था कि उसने पोस्ट को यदि आगे बढ़ाया तो उसे हटाया भी। इसलिए वह बेगुनाह है और केवल राजनीति के कारण उसके खिलाफ़ झूठी शिकायत दर्ज हुई है।

सुनवाई के दौरान दूसरे पक्ष ने बेल याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि नवीन द्वारा शेयर किए गए पोस्ट ने समाज में अराजकता उत्पन्न की। इसमें दो पुलिस थाने और पुलिस के 57 वाहन जलाए गए व कई सपंत्तियाँ नष्ट हुईं। आगे नवीन को ‘आदतन अपराधी’ कहते हुए उन पर 7 केसों का हवाला दिया गया, जो उनके ख़िलाफ़ दर्ज हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता ने खुद माना है कि यदि वह बेल पर रिहा होता है तो उनकी जान को भी खतरा है।

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनकर कहा कि जिन धाराओं में नवीन के ख़िलाफ़ मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनमें अधिकतम सजा की अवधि तीन वर्ष है। कोर्ट ने बताया कि मामले में जाँच पूरी हो गई है और चार्जशीट भी दायर है। कोर्ट ने नवीन को बेल देते हुए कहा कि यह जानते हुए कि नवीन की जान को बाहर खतरा है, यदि उनकी बेल याचिका खारिज होती है तो इससे अप्रत्यक्ष रूप से मौलिक अधिकारों पर फर्क़ पड़ेगा। 

गौरतलब है कि इससे पहले जाँच के दौरान, नवीन ने किसी भी धर्म या आस्था के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने या किसी भी तरह का अपमान करने से इनकार किया था। गिरफ्तार कॉन्ग्रेस पार्टी कार्यकर्ता ने यह भी कहा था कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदू विरोधी टिप्पणियों का समय-समय पर जवाब दिया, इसी वजह से कुछ लोग उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। नवीन ने पुलिस को यह भी बताया था कि बेंगलुरु हिंसा के बाद से उसे जान से मारने की बहुत सारी धमकियाँ मिल रही हैं।

बता दें कि नवीन के कथित आपत्तिजनक पोस्ट पर बेंगलुरु में दंगे भड़कने बाद उसके राजनीतिक संबंध को लेकर भाजपा और विपक्षी पार्टी में वाकयुद्ध छिड़ गया था। कॉन्ग्रेस ने अपना मुस्लिम तुष्टिकरण कार्ड को संरक्षित रखते हुए पर नवीन पर इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए हमला किया था। ऐसा करने पर, राज्य में कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रमुख डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि नवीन भाजपा के समर्थक हैं। वहीं पूर्व सपा नेता शाहबेज रिजवी ने कर्नाटक कॉन्ग्रेस के दलित विधायक आर मूर्ति के भतीजे नवीन का सिर काटने पर 51 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। हालाँकि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया

‘गधा ओवैसी जोकर जहाँ दिखे उसे चप्पलों से मारना चाहिए’: मुग़ल प्रिंस तुसी का फूटा KCR-ओवैसी पर गुस्सा

हैदराबाद में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए नुकसान पर संवेदना जताते हुए मुगल वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने अपने एक बयान में तेलंगाना की मुख्यमंत्री KCR और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी को जमकर लताड़ लगाई है। भावनाओं में बहते हुए उन्होंने ओवैसी को जोकर, गधा कहते हुए कहा कि आवाम उसे चप्पलों से मारने वाली है। उल्लेखनीय है कि ये वही हबीबुद्दीन तुसी हैं जो खुद को अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के वंश का बताते हैं।

वीडियो की शुरुआत में प्रिंस तुसी कहते हैं कि इस बयान को जारी करने की ख़ास वजह यह है कि हैदराबाद में बाढ़ के कारण एक ओर लोगों के घर और सामान बह रहे हैं जबकि हैदराबाद के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने आज तक बयान नहीं दिया है। प्रिंस तुसी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने बेटे या बाकी लोगों को भेजकर जायजा ले रहे हैं लेकिन खुद जनता के बीच नहीं जा रहे हैं।

हैदराबाद के सीएम केसीआर की कड़ी निंदा करते हुए तुसी कहते हैं, “चंद्रशेखर राव से कहना चाह रहा हूँ कि आवाम ने आपको फुटपाथ से उठाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया। आप उस जोकर असदुद्दीन की बेटी की शादी में जाकर फोटो खिंचा रहे हैं। क्या आवाम आपको इसलिए लेकर आई थी? आज ओल्ड सिटी की आवाम के पास पीने के लिए पानी नहीं है।”

“..एक ही घर के आठ लोग मर गए और आपका बेटा और वो जोकर 5 लाख रूपए देकर फोटो सेशन करा रहे हैं। और खासतौर पर, मैं आवाम से माफ़ी चाहता हूँ.. मैं इस छिछोरे जोकर की बात कर रहा हूँ..नौकर से भी बड़ी तहजीब से बात करते हैं.. कुत्तों से ‘आइए-जाइए’ से बात नहीं कहते, तो मैं उस असदुद्दीन ओवैसी जोकर से कह रहा हूँ.. जो बिहार में जाकर नीतीश कुमार पर कह रहा है कि तुम दस-पाँच साल से क्या कर रहे हैं? 50 साल से हैदराबाद की आवाम तुझे वोट डाल रही है, तीन बार तेरे डेप्युटी मेयर थे.. सब लोग तेरे थे, तू हैदराबाद की बस्तियों में तू आवाम के लिया क्या करा?”

“..आवाम तेरे को आज खोज रही है.. जहाँ भी तेरे लोग जा रहे, लोग आज तुझे गालियाँ दे रहे हैं? आज भी तेरे को बोल रहा, तू लोगों को बेवकूफ बनाना छोड़.. तूने आवाम के लिए क्या किया? तुझे आज लोग गालियाँ दे रहे हैं.. तुझे खोज रहे हैं.. लोग तुझे चप्पल से मारने वाले हैं।”

भावना में बहते हुए वीडियो में तुसी ने आवाम को संदेश देते हुए कहा कि जो जोकर ओवैसी पचास सालों से डेवलप नहीं कर सका वो पट्टों की शेरवानी पहनकर फोटोशूट करवा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग ओवैसी और केसीआर को गालियाँ दे रहे हैं और ये जोकर ओवैसी को चप्पल से मारने वाले हैं।

वीडियो में तुसी आगे कहते हैं, “खासकर मैं आवाम से कह रहा हूँ कि जो आदमी इसके बहकावे में आ रहे हैं, जो सिटी को पचास साल में डेवलप नहीं कर सका.. जहाँ जहाँ आज पानी आ रहा है इसके लोग इलीगल तरीके से बेचे हैं।”

“..KCR साहब 13 सौ करोड़ रूपए केंद्र की भाजपा सरकार से माँग रहे हैं, भाजपा सरकार ने इससे पहले हजारों-करोड़ अल्पसंख्यकों के लिए भेजे, आज तक वो रुपया माइनोरिटी को नहीं मिला। उसमें से 5% भी नहीं मिला। अब 13 सौ करोड़ किसके लिए मँगाए?”

“ये जोकर खुद पचास साल में खुद दो सौ करोड़ के मकान में बैठा हुआ है. इसका भाई- छोटा जोकर, शेरवानी-पैंट में उस मकान में बैठा हुआ। असद तू सुन रे, कॉन्ग्रेस के लोग, मैं किसी की पार्टी को सपोर्ट नहीं कर रहा लेकिन तेरे लोग उनको मार रहे। कमीने तुझे शर्म आनी चाहिए, तू शर्म से मर जा रे कमीने तू, गधे बेवकूफ! मैं आवाम से कहूँगा कि चप्पल से मारें इसको।”

पूरा बयान इस यूट्यूब लिंक पर देख सकते हैं –

गौरतलब है कि हैदराबाद और तेलंगाना के हिस्सों में हुई भारी बारिश और बाढ़ के मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है। भारी तबाही और नुकसान के बीच दो और लापता लोगों के शव हैदराबाद में मिले हैं।

बचाव के लिए हैदराबाद राज्य सरकार पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से भी 30 नावों का इंतजाम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) और इसके पड़ोसी इलाकों में 33 लोगों की मौत हो गई तथा आसपास के जिलों में 37 लोगों की मौत हुई है। सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्र से 1,380 करोड़ रुपए की माँग की गई है।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में बिल गेट्स वाला गाँव, उस ‘इवेंट मैनेजमेंट’ से क्या हुआ? | Bill Gates took photos here

बिहार की वैसी जगहों से ऑपइंडिया लगातार आप तक ग्राउंड रिपोर्ट्स ला रहा है, जो वहाँ की असली कहानी बताती है। इसी शृंखला में आज मैं पहुँचा मुसहरों की गली में। यह गली 2011 में मीडिया की सुर्खियों में था। यहाँ की एक बिटिया, जिसका नाम रानी है, को बिल गेट्स ने गोदी में लिया था। इस गाँव का नाम जमसौत है।

बिल गेट्स के यहाँ आए 10 साल के करीब हो गए, मगर इस गाँव की सूरत में आज भी कुछ बदलाव नहीं हुआ। इस दौरान हमने जानने की कोशिश की कि जब बिल गेट्स आए थे, तब क्या सिर्फ इवेंट के तौर पर सब कुछ बदल गया था और फिर बाद में यहाँ कोई बदलाव नहीं हुआ? ऐसा लगता है कि यह गाँव अभी भी विकास से अछूता है। कई परियोजनाओं से वंचित है। आज भी यहाँ के लोग मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते हैं।

यहाँ क्लिक कर देखिए यह वीडियो:

ब्रजेश पांडे, जिन्नावादी उस्मानी को कॉन्ग्रेस का टिकट: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Congress becoming Muslim League

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार कॉन्ग्रेस ने दो विवादित चेहरों को टिकट दिया है। मशकूर अहमद उस्मानी को दरभंगा के जाले से टिकट दिया गया है, तो वहीं ब्रजेश पांडे को गोविन्दगंज नाम की जगह से टिकट मिला है। इन दोनों को टिकट देकर कॉन्ग्रेस ने दिखा दिया कि वो किस विचारधारा को फॉलो कर रहे हैं। 

ये बातें और भी प्रासंगिक तब हो जाती हैं, जब राहुल गाँधी कभी बाल में सरसों तेल लगाकर, कभी राजीव गाँधी का हेयरस्टाइल अपना कर ‘देशभक्ति’ की बात करते हैं। वहीं दूसरी तरफ हाथरस की पीड़िता के परिवार से मिलने जाते हैं और टिकट सेक्स रैकेट आरोपित और जिन्नावादी को देते हैं।

उस्मानी वही शख्स है, जो 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के हॉल में जिन्ना की तस्वीर टँगे होने के कारण विवाद के बाद चर्चा में आए थे। उस समय के छात्रसंघ के अध्यक्ष उस्मानी ने बाद में कहा था कि हम जिन्ना के विचारधारा का विरोध करते हैं पर जिन्ना देश के एतिहासिक तथ्य हैं, यह भी सही है।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

लेह चीन का हिस्सा, भारत का नहीं: ट्विटर को पड़ी लताड़, गलत नक्शे के लिए मंत्रालय ने CEO को लिखा ‘कड़ा पत्र’

केंद्र सरकार ने ट्विटर को चेतावनी जारी की है और यह चेतावनी भारत का गलत मानचित्र प्रस्तुत करने के संदर्भ में दी गई है। सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अजय साव्हने ने इस मुद्दे पर ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे को एक पत्र लिखा और पत्र के जरिए जम्मू कश्मीर को चीन का हिस्सा बताने पर कड़ी आपत्ति जताई है। पत्र में हर उन पहलुओं का उल्लेख है, जिनके आधार पर ट्विटर ने भारत का गलत मानचित्र पेश किया था। 

दरअसल हाल ही में ट्विटर ने लेह की ‘जियो लोकेशन’ जम्मू कश्मीर, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना में दिखाई थी। सूत्रों के अनुसार सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अजय साव्हने ने पत्र में ट्विटर को लिखा कि लेह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का मुख्यालय है। इसके अलावा लद्दाख और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यह भारतीय संविधान के अंतर्गत आता है। लिहाज़ा जिस प्रकार का मानचित्र ट्विटर ने पेश किया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य और आपत्तिजनक है।     

इसके अलावा उन्होंने पत्र में कई और बातें लिखीं। उन्होंने कहा कि ट्विटर को भारत के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। ट्विटर की तरफ से किया गया यह प्रयास भारत की संप्रभुता और एकता का अपमान करता है और यह ट्विटर द्वारा दिखाए गए मानचित्र में साफ़ नज़र आता है। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है, इतना ही नहीं यह ग़ैरक़ानूनी भी है।   

ट्विटर को कड़ी चेतावनी देते हुए मंत्रालय के सचिव ने लिखा कि इस तरह की हरकतों से सिर्फ और सिर्फ ट्विटर की छवि खराब होती है। इसके अलावा ट्विटर का यह रवैया उसकी निरपेक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। कड़े शब्दों में यह कहा गया कि आने वाले समय में इस तरह की गलतियाँ स्वीकार नहीं की जाएँगी। यह सरासर गैर ज़िम्मेदाराना हरकत थी, जिसका सीधा प्रभाव लोगों की भावनाओं और देश की अखंडता पर पड़ता है। 

रविवार (अक्टूबर 18, 2020) को रक्षा विशेषज्ञ नितिन गोखले ने एक लाइव ब्रॉडकास्ट के जरिए दिखाया कि कैसे ट्विटर (Twitter) अपनी ‘लोकेशन’ में जम्मू कश्मीर को चीन का हिस्सा बता रहा था। वो लेह के लोकप्रिय युद्ध स्मारक ‘हॉल ऑफ फेम’ से लाइव थे और इसी दौरान उन्होंने ट्विटर (Twitter) की इस गड़बड़ी को पकड़ा। उन्होंने ट्विटर (Twitter) से पूछा कि आखिर वो जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा न बता कर चीन का भाग क्यों बता रहा है? ‘इन्क्रेडिबल इंडिया’ वेबसाइट के अनुसार, कारगिल युद्ध में भारतीय सूरमाओं की गाथा सुनाने वाला ये ‘हाल आफ फेम पर्यटकों’ का सिर गर्व से ऊँचा कर देता है। 

सैनिकों द्वारा उनके परिवारों को लिखे गए पत्र इस क्षेत्र में लड़े गए युद्धों के दौरान ली गई तस्वीरें और कारगिल युद्ध पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री हमारे सैनिकों की शौर्य गाथा की याद दिलाते हैं। गोखले की ट्वीट के बाद कई यूजर्स ने अपने-अपने फोन में ट्विटर (Twitter) के लोकेशन में लेह को पिन किया और उनके भी वही परिणाम आए, जिसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जवाब माँगना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि ये न सिर्फ भारत के आधिकारिक नक़्शे का अपमान है, बल्कि भारतीय नियमों का उल्लंघन भी है। 

दाढ़ी नहीं कटाने पर यूपी पुलिस के SI इंतसार अली को किया गया सस्पेंड, 3 बार एसपी से मिल चुकी थी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के बागपत जिला स्थित रमाला थाने में इंतसार अली बतौर सब इंस्पेक्टर (एसआई) तैनात हैं। उन्होंने बिना अनुमति पिछले कुछ समय से लंबी दाढ़ी रखी हुई थी नतीजतन उन्हें पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है और इसके बाद उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें कई बार दाढ़ी रखने के लिए विभाग से अनुमति लेने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने बिना किसी भी तरह की अनुमति लिए पिछले काफी समय से दाढ़ी रखी थी।    

कुछ समय पहले सब इंस्पेक्टर इंतसार अली पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के बावजूद दाढ़ी रखने को लेकर सुर्ख़ियों का कारण बने थे। इंतसार अली मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती किए गए थे। गुज़रे तीन वर्षों से वह बागपत जिले में तैनात थे लेकिन लॉकडाउन से ठीक पहले उन्हें रमाला थाने में तैनात किया गया था। 

इस मुद्दे पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक सिंह ने एक समाचार समूह से बात करते हुए जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पुलिस मैनुएल के दिशा-निर्देशों के अनुसार सिख समुदाय के पुलिसकर्मियों के अलावा किसी भी अन्य समुदाय का व्यक्ति पुलिस विभाग में तैनात रहते हुए दाढ़ी नहीं रख सकता है। इस आदेश में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सभी आते हैं। अगर पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति ऐसा करना चाहता है तो उसे सबसे पहले अनुमति लेनी होती है। इतने महत्वपूर्ण आदेश के बिना इंतसार अली बिना किसी भी तरह की आज्ञा लिए दाढ़ी रख रहे थे। इस मामले में कई बार शिकायत तक मिल चुकी थी। इस संबंध में उन्हें 3 बार चेतावनी दी गई और यहाँ तक की बात करने का भी प्रयास किया गया लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा हासिल नहीं हुआ। अनुशासनहीनता जारी रहने बाद उन पर यह कार्रवाई की गई है।”        

वहीं इस मुद्दे पर खुद इंतसार अली ने भी अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वह अनुमति के लिए पिछले कई सालों से लगे हुए थे। उनके अनुसार वो एसपी और आईजी कार्यालय में भी अनुमति के लिए गए थे। हर जगह उनका पत्र लंबित पड़ा हुआ है और उनके निवेदन पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।