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कॉन्ग्रेस नेता रहे तिर्की ने 8 महीने तक नाबालिग रिश्तेदार से किया रेप, धमकी देकर दूसरे के खिलाफ दर्ज करवाया मामला

छत्तीसगढ़ पुलिस ने सोमवार (5 अक्टूबर 2020) को एक नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोप में पूर्व कॉन्ग्रेस नेता अमृत तिर्की को गिरफ्तार किया है। घटना एक महीने पहले की है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार तिर्की ने पहले अपनी नाबालिग रिश्तेदार के साथ दुष्कर्म किया फिर खुद ही उसे थाने ले जाकर किसी अन्य के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवा दी। जाँच के दौरान पुलिस को उसकी सच्चाई का पता चला, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

एसपी संतोष सिंह ने बताया कि दर्ज शिकायत पर जाँच करने के बाद मनगढ़ंत मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता से दोबारा पूछताछ की। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में तिर्की पर ही बलात्कार का आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि दबाव डालकर और खुद को बचाने के लिए तिर्की ने दूसरे के नाम पर एफआईआर कराई। इस खुलासे के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि तिर्की कॉन्ग्रेस पार्टी का नेता रह चुका है। 2008 में धरमजयगढ़ से वह विधानसभा का चुनाव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ चुका है। 2019 में उसने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के बैनर तले एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में रायगढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। वह छत्तीसगढ़ का नामी कुख्यात बाहुबली है। हाईवे डकैती, कोयला अवैध उत्खनन और कई अन्य अपराधों में उसका नाम लिया जाता है।

पीड़िता द्वारा मजिस्ट्रेट के सामने तिर्की का नाम लिए जाने के बाद एसपी ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस मामले की जाँच में धरमजयगढ़ और रेरुमा चौकी थाने के पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है।

जाँच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि तिर्की ने 14 वर्षीय पीड़िता के साथ लगभग आठ महीने तक बलात्कार किया। तिर्की को अंदेशा था कि पीड़िता के परिजन उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं तो उसने उन्हें कापू कदमढोड़ी में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। पीड़ित परिवार ने तिर्की की धमकी से डर कर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।

तिर्की 25 वर्षों से अधिक समय से धरमजयगढ़-पत्थलगांव क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना हुआ था। उसके खिलाफ 1998 से एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। 15 साल से अधिक समय से वह कोयला माफिया के साथ जुड़ा है। तेजपुर क्षेत्र उच्च गुणवत्ता वाली कोयला खदानों के लिए जाना जाता है। इसी का फायदा उठा कर वह वन और खनन अधिकारियों को धमकाता था और लूटपाट मचाता था। तिर्की ने अपने ‘करियर’ की शुरुआत एक डाकू के रूप में धरमजयगढ़-पत्थलगांव राजमार्ग पर एक ट्रक पर हमला करके की थी। इसके बाद उसने बाइक और ट्रकों की कई लूट को अंजाम दिया।

‘परमबीर सिंह झूठ बोल रहे हैं, मानहानि का सामना करने को तैयार रहें’: अर्नब ने ‘फेक TRP स्कैम’ पर मुंबई पुलिस को दिया जवाब

बृहस्पतिवार को हुई प्रेस वार्ता में मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बताया कि कि पुलिस फर्जी टीआरपी मामले में जाँच कर रही है। उन्होंने बताया कि जाँच में रिपब्लिक टीवी समेत 3 ऐसे चैनल्स के नाम सामने आए हैं जो BARC द्वारा तय किए गए मूल पैमानों के साथ गड़बड़ी करते हैं। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने इस मुद्दे पर बयान जारी किया है। उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को झूठा बताते हुए उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है।

अपने बयान में अर्नब गोस्वामी ने कहा, “मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने रिपब्लिक टीवी पर झूठे आरोप लगाए हैं क्योंकि हमने उनसे सुशांत सिंह राजपूत मामले की जाँच से जुड़े कई सवाल किए थे। रिपब्लिक टीवी मुंबई पुलिस कमिश्नर पर आपराधिक मानहानि का दावा करेगी। BARC ने ऐसी एक भी रिपोर्ट जारी नहीं की है जिसमें रिपब्लिक टीवी का नाम शामिल हो। सुशांत सिंह राजपूत मामले में परमबीर सिंह द्वारा की जाँच पर खुद शक के बादल मंडरा रहे हैं।” 

इसके बाद अर्नब ने कहा, “यह सिर्फ और सिर्फ निराशा में उठाया गया एक कदम है क्योंकि रिपब्लिक टीवी ने पालघर मुद्दे, सुशांत सिंह के मुद्दे या इस तरह के किसी भी अन्य मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार की। इस तरह निशाना बनाने से हमारा संकल्प और मज़बूत होता है और सच की ज़मीन ठोस होती है। आज परमबीर सिंह की असलियत सामने आ गई है क्योंकि BARC की रिपोर्ट में रिपब्लिक टीवी का नाम कहीं नहीं है। उन्हें आधिकारिक तौर पर माफ़ीनामा लिखना चाहिए और अदालत में हमारा सामना करने की तैयारी कर लेनी चाहिए।”   

रिपब्लिक टीवी की तरफ से जारी किए गए बयान में यह भी कहा गया कि परमबीर सिंह को कई बातों डर सता रहा है, वह बौखलाए हुए हैं। इसमें सबसे बड़ा डर इस बात का है, “सुशांत सिंह मामले में अहम खुलासे होने बाकी हैं। उनकी तरफ से किए गए सभी दावे झूठे हैं। हमारी दर्शकों से अपील और निवेदन है कि हमें मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार से लड़ने की ज़रूरत है। वह इस भ्रम में हैं कि ऐसी कोशिशों के ज़रिए हमें चुप करा सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है, हम अंत तक उनका सामना करेंगे।”  

इसके बाद रिपब्लिक टीवी ने अपने बयान में कहा कि हम दर्शकों से जिस तरह का सहयोग मिला है हम उसके लिए आभारी हैं। व्यूअरशिप बताती है कि लोगों को हम पर कितना भरोसा है, महाराष्ट्र की सरकार हमें तथ्य सामने रखने से नहीं रोक सकती है। हम नेशन फर्स्ट की नीति पर चलते हैं, हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। BARC की किसी भी रिपोर्ट में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं है, इसका मतलब साफ़ है कि यह कार्रवाई निजी दुश्मनी और निराशा के चलते की गई है।

वहीं मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने कहा, “मुंबई में टीआरपी पर निगरानी के लिए कुल 2000 बैरोमीटर लगाए गए हैं। BARC ने इन बैरोमीटर्स की जाँच के लिए गोपनीय कॉन्ट्रैक्ट (ठेके) दिए थे। आरोपितों ने बताया कि वह लोगों को अपनी गैर मौजूदगी में घर का टीवी ऑन रखने के लिए कहते थे। टीआरपी की जाँच करने का सबसे बड़ा आधार यही है कि कौन सा चैनल एक घर में कितनी देर तक देखा जाता है। आरोपित घर वालों को टीवी पर बताए हुए चैनल लगाए रखने के लिए रिश्वत तक देते थे।” 

इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था और अदालत के सामने पेश किया गया था। फ़िलहाल वह मुंबई पुलिस की हिरासत में हैं। एक आरोपित के पास से 20 लाख रुपए बरामद किए गए हैं और 8.5 लाख रुपए उसके बैंक लॉकर से बरामद किए गए हैं। इसके बाद कमीश्नर परमबीर सिंह ने बताया कि मराठी चैनल फ़क्त मराठी और बॉक्स सिनेमा के मालिक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यह गिरफ्तारी धारा 409 और 420 के तहत की गई है। उनके मुताबिक़ टीआरपी से छेड़छाड़ करने के मामले में BARC ने रिपब्लिक टीवी को भी संदिग्ध बताया है। 

पुलिस को इन आँकड़ो की जानकारी रेटिंग एजेंसी BARC से मिली है। अंत में मुंबई के कमिश्नर ने कहा कि अगर ऐसा मुंबई में हो रहा है तो इसमें कोई शक नहीं कि देश के अन्य क्षेत्रों में भी जारी हो। अपराध शाखा की सीआईयू (CIU) के एसीपी शशांक इस जाँच की अगुवाई कर रहे हैं और डीसीपी – जेसीपी जाँच की निगरानी कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले से जुड़ी जाँच की अंतिम रिपोर्ट सामने होगी।    

इस मामले की शिकायत हंसा रिसर्च ने अपने कुछ पूर्व कर्मचारियों के विरुद्ध दायर की थी। जिन पर टीआरपी सिस्टम से जुड़े डाटा के साथ खिलवाड़ करने का संदेह है, इसके अलावा कुछ वर्तमान कर्मचारी भी इस प्रकरण में शामिल हो सकते हैं। आज ही रिपब्लिक टीवी को इस मामले में समन भेजा जाएगा इसके बाद चैनल के मुखिया समेत अन्य कर्मचारी पूछताछ के लिए बुलाए जा सकते हैं। पुलिस ने इस मामले की जाँच रिपोर्ट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी सौंप दी है।

हाथरस: राहुल गाँधी के करीबी श्योराज जीवन से पूछताछ, जातीय हिंसा की साजिश रचने को लेकर दर्ज है FIR

राहुल गाँधी के करीबी व कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन वाल्मीकि से हाथरस पुलिस ने पूछताछ की है। उनके ख़िलाफ़ बुधवार (अक्टूबर 7, 2020) को जातीय हिंसा भड़काने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था।

एएनआई यूपी के अनुसार, आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद ने बताया कि उन्हें (कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन) पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन पर हाथरस में कथित तौर पर जातिगत हिंसा के लिए उकसाने का मामला दर्ज है। वहीं समाचार एजेंसी से बातचीत में श्योराज जीवन ने कहा कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को रिपब्लिक टीवी के एक स्टिंग ऑपरेशन में कॉन्ग्रेस नेता के द्वारा रची जा रही पूरी साजिश का खुलासा हुआ था। उन्होंने इस वीडियो में कबूला था कि जातीय हिंसा की पूरी तैयारी हो चुकी है।

इसके अलावा वह कहते सुने गए थे कि पीएल पुनिया और सपा नेता अखिलेश यादव भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। वहीं उनके नेता, राहुल गाँधी तभी सामने आएँगे, जब गोलियाँ चलने लगेंगी।

पूरी वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन वाल्मीकि को कहते सुना जा सकता है:

“दंगा तो कोई भी रोक नहीं पाएगा, जो स्थिति बनती जा रही है। वाल्मीकि समाज ही मार्शल कौम है। हमलोगों को आप गाँव में मार सकते हैं। बहुत काट दिए जाएँगे, बहुत मार दिए जाएँगे। शहर में हमलोग अच्छी-खासी तादाद में हैं। तैयारी पूरी है। इसके लिए हम पूरे तरीके से लगे हुए हैं।”

‘रिपब्लिक’ के अनुसार, श्योराज जीवन ने ये भी खुलासा किया कि हाथरस में जाति के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। चैनल का कहना है कि ये वीडियो इस बात का पक्का सबूत है और ये इस केस का सबसे बड़ा कबूलनामा है। वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता कहते हैं, “ये केस नहीं दबेगा। मैं इस मामले में 4 दिन बाद पड़ा था। परिवार हताश हो गया था।“

इसी स्टिंग ऑपरेशान के ऑन एयर हो जाने के बाद हाथरस पुलिस ने श्योराज के ख़िलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें बुलाकर उनसे पूछताछ की।

बता दें कि इन दिनों हाथरस घटना में विपक्षी पार्टियों की सक्रियता देख कर स्पष्ट मालूम चल रहा है कि विपक्षी नेता इस घटना को तूल देकर इसका राजनैतिक फायदा लेना चाहते हैं। पिछले दिनों राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की वीडियो से लेकर पीएफआई से जुड़े कई लिंक का इसमें खुलासा हुआ था।

उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2020 को 19 वर्षीय हाथरस पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ा था। मृतका के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई। सीएम योगी ने जाँच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में योगी सरकार ने सीबीआई जाँच का भी समर्थन किया। इस मामले में एक नया वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि ये 14 सितंबर यानी घटना के दिन की ही है।

योग के बाद माँ लक्ष्मी में दिखी मशहूर हॉलीवुड अभिनेत्री सलमा हाएक की आस्था

दुनियाभर में अपनी ख़ूबसूरती के लिए मशहूर 54 वर्षीय मैक्सिकन-अमेरिकन एक्ट्रेस सलमा हाएक सोशल मीडिया पर किए गए अपने एक पोस्ट की वजह से चर्चा का विषय बनी हुई है। जहाँ एक तरफ उन्होंने अपनी खूबसूरती के पीछे का राज योग बताया, वहीं हिंदू धर्म के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया है।

भारतीय संस्कृति और यहाँ का आध्यात्म सदियों से दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करता आया है। वहीं अब उन्होंने सोशल मीडिया पर योग और माँ लक्ष्मी को लेकर ऐसी बात कही है, जिसके बाद भारत और हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगलने और हिंदुत्व के प्रति घटिया मानसिकता रखने वालों को मिर्ची लग सकती है। सोशल मीडिया पर सलमा का यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

सलमा ने सोशल मीडिया पर माँ लक्ष्मी की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, “जब मुझे अपने भीतर की खूबसूरती से जुड़ना होता है तो मैं लक्ष्मी माता का ध्यान करना शुरू कर देती हूँ जोकि हिंदू धर्म में धन, सौभाग्य, प्रेम, खूबसूरती, माया (जादू या भ्रम), खुशी और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनकी तस्वीर देखकर मेरे भीतर खुशियाँ समा जाती हैं और यही तो आंतरिक सुंदरता का सबसे बड़ा दरवाजा है।”

वाइल्ड वेस्ट और फ्रिडा जैसी फिल्मों में अपने बेहतरीन किरदार के लिए जाने जानी वाली सलमा हाएक ने इससे पहले बताया था कि कैसे वह कोरोनोवायरस के प्रकोप के कारण घर के अंदर ही फिट रहने के लिए योगा का सहारा ले रही है।

मशहूर अभिनेत्री ने योग करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर शेयर की थी। तस्वीर में उन्हें एक मेज पर धनुरासन करते हुए देखा जा सकता है। बता दें यह आसन शरीर में लचीलापन देने के लिए किया जाने वाला एक सामान्य योग मुद्रा है।

अमेरिकी अभिनेत्री ने बताया कि कैसे उन्हें काम मे व्यस्तता के चलते जिम में जाने का समय नहीं मिलता है और इसलिए वह समय मिलने पर योगाभ्यास करती हैं। अपनी खूबसूरती का राज बताते हुए अमेरिका की मशहूर अदाकारा ने बताया था कि कैसे योग उनके शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ त्वचा को भी निखारता है। उन्होंने बताया कि अपने शरीर को आराम दें और उन हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करें जिन्हें उपयोग करने की आवश्यकता होती है, लेकिन तनाव के साथ कभी नहीं। अगर आप अपने शरीर के बारे में जानते है तो आप उसमें जरूर बदलाव देखेंगे।

गौरतलब है कि सलमा हाएक हाल ही में मार्वल कॉमिक्स के ‘द एनटर्नल्स’ की कास्ट में शामिल हुई है। हॉलीवुड अभिनेत्री ने मैक्सिको में अपने करियर की शुरुआत की थी। हाएक ने 1991 से हॉलीवुड में अपना सफर शुरू किया था। वे डेस्पराडो (1995), डस्क से डॉन (1996), वाइल्ड वाइल्ड वेस्ट, और डॉग्मा (1999) जैसी फिल्मों में अपने मशहूर अभिनय के लिए जानी जाती है।

TMC के गुंडों ने छतों से फेंके बम, शांतिपूर्ण मार्च पर आँसू गैस के गोले दागे गए: तेजस्वी सूर्या ने कहा- फासीवाद यही है

पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की रैली पर हमले की घटना सामने आई है। इसकी जानकारी भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कर्नाटक से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने बताया कि आज शांतिपूर्ण मार्च ‘Nabanno Chalo’ पर टीएमसी के गुंडों ने देशी बम फेंके।

तेजस्वी सूर्या ने लिखा, “फासीवाद ऐसा ही दिखता है। टीएमसी के गुंडों ने छतों से हमारे ऊपर देशी बम फेंके। शांतिपूर्ण मार्च के ख़िलाफ़ आँसू गैस के गोले और वाटर कैनन छोड़े गए। आतताइयों का समय खत्म हो रहा है।”

उल्लेखनीय है कि बंगाल में भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या के बाद से पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में गुस्सा भरा हुआ है। ऐसे में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद तेजस्वी सूर्या ने वहाँ पहुँचकर कार्यकर्ताओं के साथ ‘नवन्ना चलो’ रैली निकाली।

पार्टी समर्थकों के साथ तेजस्वी राज्य सचिवालय नवन्ना की ओर आगे बढ़ ही रहे थे कि ‘टीएमसी के गुंडों’ ने रैली पर हमला बोल दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियोज व तस्वीरों से पता चलता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर ममता सरकार की पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया और उन पर आँसू गैस के गोले छोड़े गए। इतना ही नहीं देशी बम भी रैली पर बरसाए गए।

इस घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्या ने ट्वीट कर कहा कि प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए टीएमसी के गुंडों और बंगाल पुलिस ने बेहद घटिया तरीके अपनाए। उन पर रसायनिक तरल से हमला किया गया। तोड़फोड़ के लिए पुलिस की ताकत का गलत इस्तेमाल हुआ। आँसू गैस के गोले छोड़े गए। देशी बम फेंके गए।

पार्टी से जुड़े कई अन्य नेताओं का भी दावा है कि कार्यकर्ताओं पर जहरीले रसायन फेंके गए जिसके कारण कई लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

बता दें कि रैली में शामिल कार्यकर्ताओं की परेशान कर देने वाली तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालाँकि, कुछ लोगों ने इस बीच सवाल खड़ा किया है कि कोरोना महामारी में ऐसे रैली क्यों निकाली जा रही थी।

इस पर बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “हर कार्यकर्ता ने मास्क पहना हुआ था। क्या नियम सिर्फं हमारे लिए ही हैं? ममत बनर्जी हजारों लोगों के साथ प्रदर्शन करती हैं और हमें सामाजिक दूरी के पाठ पढ़ाती है। क्या यही नियम उन पर लागू नहीं होते।”

नवन्ना चलो प्रदर्शन

गौरतलब है कि भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या के विरोध में भाजपा द्वारा ‘नवन्ना चलो’ प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इस आह्वान के बाद ही राज्य सरकार ने प्रदेश सचिवालय का दरवाजा दो दिन के लिए बंद कर दिया। राज्य सरकार ने इसकी सफाई में कहा कि बिल्डिंग को सैनिटाइज करने के लिए सचिवालय को बंद रखा गया है, जबकि भाजपा का मानना है कि ममता सरकार ने मार्च रोकने के लिए सचिवालय को बंद करने का फैसला किया। इसके अलावा प्रदर्शन को रोकने के लिए ममता सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के बयान का भी हवाला दिया गया जिसमें अदालत ने कहा था, “शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन ही उचित है, जगह घेर कर बैठ जाना गलत है, क्योंकि लोगों को इससे परेशानी होती है।”

बेटा दलित महिला के यौन शोषण में गिरफ्तार, अब्बा (SDPI नेता अब्दुल हमीद) माँगे हाथरस केस में ‘न्याय’

हाथरस केस में उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में SDPI नेता अब्दुल हमीद भी शामिल था। दिलचस्प यह है कि हाल ही में उसके बेटे को आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक दलित महिला के यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसडीपीआई नेता अब्दुल हमीद सलमारा के बेटे मोहम्मद फैजल को को आंध्र प्रदेश की पुलिस ने एक दलित महिला से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला दक्षिण कन्नड़ के पुत्तुर से जुड़ा हुआ है। सलमारा पुत्तुर का ही रहने वाला है। इसके कुछ दिन बाद मंगलवार को अब्दुल हमीद हाथरस मामले में यूपी सरकार के खिलाफ हुए एक प्रदर्शन में देखा गया।

कथित तौर पर, फैजल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से आंध्र प्रदेश की एक दलित महिला से संपर्क किया। कुछ दिनों बाद उनकी दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई। प्यार के झाँसे में लेकर फैसल ने उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाए।

पीड़िता का कहना है कि जब उसने एसडीपीआई नेता के बेटे से शादी करने की बात कहीं तो उसने इनकार करते हुए उसकी तस्वीरों को सोशल वेबसाइटों पर अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद दलित महिला ने आंध्र प्रदेश पुलिस के पास मामले की शिकायत दर्ज कराई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित फैसल को 4 अक्टूबर को पुत्तुर से गिरफ्तार किया।

उल्लेखनीय है कि अपने ही यौन शोषण आरोपित बेटे की गिरफ्तारी के दो दिन बाद SDPI नेता सिर्फ अपनी राजनीति को चमकाने के लिए यूपी के हाथरस की 19 वर्षीय दलित लड़की को न्याय दिलाने के लिए आयोजित कथित विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुआ।

आजतक पर ₹1 लाख जुर्माना, ऑन एयर माफी भी माँगनी होगी: सुशांत पर फेक न्यूज का मामला

न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने इंडिया टुडे समूह के हिन्दी समाचार चैनल ‘आजतक’ पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसकी वजह यह है कि आजतक ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में फ़ेक ट्वीट का प्रसारण किया था। NBSA के मुताबिक़ आजतक ने सुशांत सिंह के मामले में बिना पड़ताल किए निराधार ट्वीट साझा किए थे। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए NBSA ने आजतक को ऑन एयर माफ़ी माँगने का निर्देश भी दिया है। इस संबंध में आजतक चैनल को टेक्स्ट, तिथि और समय से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।   

NBSA ने आजतक से कहा है कि वह माफ़ी का सबूत, टेलीकास्ट के 7 दिन के भीतर एसोसिएशन को दे। साथ ही एसोसिएशन ने आदेश जारी होने के 7 दिन के भीतर जुर्माना भरने को कहा है। 

‘आज तक’ को जारी किया गया नोटिस

इंडिया टुडे के आजतक समाचार चैनल ने हाल ही में स्वर्गीय अभिनेता सुशांत सिंह से जुड़ी कई फ़ेक न्यूज़ साझा की। आजतक ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित आखिरी ‘ट्वीट्स’ पर उनकी मौत के दो दिन बाद 16 जून को ख़बर प्रकाशित की थी। आजतक ने यह लेख अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी साझा किया था। आजतक ने जो लिंक साझा किया था उसके भीतर इस बात का दावा किया गया था कि सुशांत ने कथित तौर पर आत्महत्या के संकेत दिए थे। आजतक ने बिना किसी प्रकार का स्पष्टीकरण दिए यह ख़बर (ट्वीट) हटा ली थी। उस ट्वीट का आर्काइव लिंक यहाँ देखा जा सकता है। 

डिलीट किए गए लेख का स्क्रीनशॉट

NBSA ने आजतक को इस बात के भी निर्देश दिए हैं कि उन्होंने इस कार्यक्रम से संबंधित वीडियो अपनी वेबसाइट पर डाले हैं तो वह 7 दिन के भीतर हटाए जाएँ। इसमें यूट्यूब या किसी भी अन्य श्रेणी के सोशल मीडिया लिंक शामिल हैं। 

Newstracklive.com, India.com और news4nation.com समेत ऐसी कई अन्य वेबसाइट हैं, जिन्होंने ठीक आजतक जैसी ख़बर की प्रकाशित की थी। इसमें से newstracklive.com ने ख़बर हटा ली थी तो वहीं  India.com ने उस ख़बर को फैक्ट चेक में बदल दिया था। इतना ही नहीं आजतक और इंडिया टीवी जैसे समाचार चैनलों ने सुशांत सिंह राजपूत के अंतिम समय की तस्वीर भी साझा की थी, जो कि सोशल मीडिया पर खूब साझा भी हुई थी। ऑपइंडिया ने इस संबंध में ख़बर भी प्रकाशित की थी जिसमें इन वायरल तस्वीरों को मॉर्फ करके आत्महत्या की बात पर ज़ोर दिया गया था। 

इन समाचार चैनलों द्वारा साझा की गई तस्वीरों के मामले में NBSA ने निर्णय लिया कि इन्हें दिशा-निर्देशों की अवहेलना और खासकर जिस तरह आज तक और इंडिया टीवी ने सुशांत सिंह की तस्वीर को दिखाया गया, दोनों बातों के लिए माफ़ी माँगनी होगी। उस दौरान आजतक ने इस मुद्दे पर प्रकाशित अपनी ख़बर में हेडलाइन कुछ इस तरह रखी थी: “ऐसे कैसे हिट विकेट हो गए सुशांत”?, “सुशांत ज़िन्दगी की पिच पर हिट विकेट कैसे हो गए”?, “सुशांत इतने अशांत कैसे”? NBSA ने इस तरह की हर हेडलाइन को निंदनीय बताया और कहा कि इन चैनलों ने कवरेज से संबंधित तयशुदा निर्देशों (Specific Guideline Covering Reportage) का उल्लंघन किया है।

आजतक के अलावा एसोसिएशन ने ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ 24 जैसे समाचार चैनलों की सुशांत सिंह मामले पर कवरेज के लिए आलोचना की। इन मीडिया समूहों ने इस मुद्दे पर कुछ ऐसी हेडलाइन का उपयोग किया था, “7 questions on Sushant’s death (सुशांत सिंह की मौत पर 7 सवाल)”, “पटना का सुशांत मुंबई में फेल क्यों”?, “Hey, why didn’t you watch your own film Sushant? (तुमने अपनी ही फिल्म क्यों नहीं देखी)”।  

इन सभी बातों के आधार पर NBSA ने आजतक, ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ 24 को माफ़ी माँगने का आदेश जारी किया है। इंडिया टुडे समूह ने कुछ समय पहले एक अमान्य थेरेपिस्ट के बयान के आधार पर (जिसके पास मेडिकल लाइसेंस भी नहीं था) सुशांत सिंह राजपूत को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताने का प्रयास किया था। वहीं इंडिया टुडे समूह के चर्चित चेहरे राजदीप सरदेसाई ने रिया चक्रवर्ती का साक्षात्कार किया था, जो सुशांत सिंह मामले में मुख्य आरोपित हैं। इस साक्षात्कार का प्रसारण हिन्दी समाचार चैनल आजतक पर हुआ था। साक्षात्कार के प्रसारण के बाद राजदीप सरदेसाई की बड़े पैमाने पर आलोचना भी हुई थी। उन पर आरोप लगा था कि वह मामले की आरोपित रिया चक्रवर्ती की छवि को बेहतर बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।   

PM मोदी ने शुरू किया कोरोना के खिलाफ जन आंदोलन: मुहिम से जुड़ी कई बॉलीवुड हस्तियाँ, राजनेताओं का भी मिल रहा समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (अक्टूबर 8, 2020) त्यौहारों का सीजन आने से पहले कोरोना महामारी से कैसे अपना बचाव किया जाए, इसके लिए जागरूकता अभियान लॉन्च किया है। उनके इस अभियान को अभी तक कई हस्तियों का साथ मिल चुका है। सलमान खान से लेकर कृति सैनन और देश के राष्ट्रपति तक इसके समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके संदेश दिया कि हमें एक होकर कोरोना से लड़ना होगा। उन्होंने इसके लिए एक हैशटैग लिखा #Unite2FightCorona! आगे उन्होंने कोरोना बचाव के लिए तरीकों को एक बार फिर दोहराया।

ट्वीट में लिखा गया, “हमेशा याद रखें: मास्क पहनें। हाथ धोएँ। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। दो गज की दूरी अपनाएँ। एक साथ मिलकर हम सफल होंगे। साथ में, हम COVID-19 के खिलाफ जीत हासिल करेंगे।”

इस ट्वीट के साथ उन्होने एक पोस्टर भी डाला। इसमें लिखा था- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।

पीएम मोदी के इस ट्वीट के बाद सलमान खान ने भी इस हैशटैग के साथ अपने अकॉउंट पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “भाइयों-बहनों और मित्रों। इस मुश्किल समय में, केवल तीन चीजें करें:
6 फीट की दूरी रखें, मास्क पहनें और अपने हाथों को धोएँ व उन्हें साफ करें। आइए कोविड के खिलाफ पीएम मोदी के जन-जन आंदोलन को लागू करें। चलो शुरू हो जाओ इंडिया। जय हिंद!!”

कृति सैनन भी पीएम का ट्वीट शेयर करते हुए लिखती हैं, “हमें इससे एक होकर लड़ना होगा। मैं कोरोना के ख़िलाफ़ पीएम मोदी के जन आंदोलन का समर्थन करती हूँ। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी! कृपया जल्दी-जल्दी अपने हाथ धोएँ और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें।”

कंगना रनौत लिखती हैं, “कोरोना महामारी के विश्वभर में बहुत नुकसान हो सकते हैं लेकिन इसमें हम सबको साथ लाने की संभावना है, जैसे पहले कभी न हुआ। चलिए #Unite2FightCorona के लिए प्रण लें।” आगे अभिनेत्री ने इस शुरूआत के लिए नरेंद्र मोदी, प्रकाश जावड़ेकर को भी धन्यवाद दिया।

संगीतकार व गायक शंकर महादेवन ने भी वीडियो साझा करके पीएम मोदी के जन आंदोलन को सपोर्ट दिया और कोरोना से बचने के लिए तीन मंत्र दिए- हाथ धुलें, मास्क पहनें और सामाजिक दूरी बनाएँ।

कार्तिक आर्यन भी कहते हैं कि वह पीएम के जनआंदोलन का समर्थन करते हैं और कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए चेहरा कवर करेंगे, 6 फीट की दूरी रखेंगे व हाथ धुलेंगे।

यहाँ बता दें कि केवल बॉलीवुड की हस्तियाँ ही नहीं, बल्कि कई राजनेताओं ने भी पीएम मोदी की इस मुहीम को आगे बढ़ाया है। देश के राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से कोरोना से बचाव के उपाय बताते हुए कहा गया, “सामूहिक संकल्प और अनुशासन के जरिए पूरा राष्ट्र कोविड-19 को हराने के लिए एकजुट है।”

स्मृति ईरानी लिखती हैं, “महामारी को दूर करने के लिए लोगों की भागीदारी अनिवार्य है आइए हम सब पीएम नरेंद्र मोदी जी के आह्वान का समर्थन करें और अपने प्रियजनों, हमारे साथी नागरिकों के जीवन को COVID से बचाने के लिए सावधानियों का पालन करना जारी रखें।”

बता दें कि इस पूरे अभियान का यही उद्देश्य है कि लोगों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए आगे के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए ताकि पूरा देश एकजुट होकर कोरोना महामारी को हरा सके। बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, इस आंदोलन को अलग -अलग भाषाओं के जरिए पूरे देश में पहुँचाया जाएगा और कोविड-19 शपथ भी दिलवाई जाएगी।

आज वर्तमान में कोरोना के केस देश में बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। हालाँकि, राहत की बात यह है कि बढ़ते केसों के साथ रिकवरी रेट भी देश में बहुत अधिक है। गुरुवार तक 68,35,655 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं और अब तक इस संक्रमण से 1,05,526 लोगों की जान गई है।

छत्तीसगढ़: गैंगरेप पीड़िता ने लगा ली फाँसी, पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR; पीड़ित पिता ने भी की सुसाइड की कोशिश

छत्तीसगढ़ में इस साल जुलाई में एक नाबालिग गैंगरेप पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में शिकायत दर्ज करने में पुलिस की आनकानी से परेशान होकर पीड़िता के पिता ने भी 7 अक्टूबर 2020 को अपनी जान लेने की कोशिश की। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब 17 वर्षीय पीड़िता का शव निकाला गया है।

घटना छत्तीसगढ़ के कोंडागाँव जिले की है। गैंगरेप की घटना 19 जुलाई को हुई थी। उसके अगले दिन पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी। अब इस मामले में पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।


कोंडागाँव जिले के पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि हमें स्थानीय मीडिया में आई खबरों से सूचना मिली है कि धनोरा थाना क्षेत्र में 19 जुलाई को सात लोगों ने नाबालिग किशोरी को एक शादी समारोह से अगवा कर उसके साथ कथित रूप से गैंगरेप किया था। इसके बाद पीड़िता ने सुसाइड कर ली। पहले बताया जा रहा था पाँच लोगों ने दुष्कर्म किया, लेकिन अब परिवार की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया है कि 7 लोगों ने दुष्कर्म किया था।

बस्तर रेंजर के आईजी ने बताया कि पीड़िता की ओटॉप्सी रिपोर्ट का इंतजार है। नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के चेयरपर्सन यशवंत जैन ने कोंडागाँव एसपी को पत्र लिखकर 10 दिनों के भीतर इस मामले में जाँच की विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले पुलिस को घटना की जानकारी नहीं थी।

पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज ने बताया कि शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तीन आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कोंडागाँव के नेतृत्व में पाँच सदस्यीय विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया है।

बताया जा रहा है कि शादी समारोह से दो युवक लड़की को अगवा कर जंगल की तरफ ले गए थे। वहाँ पहले से 5 युवक मौजूद थे। बारी-बारी से 7 युवकोंं ने उसका बलात्कार किया। रेप के बाद पीड़िता को अपने साथ हुए इस घटना की जानकारी किसी को नहीं देने की चेतावनी दी। अगले दिन पीड़िता ने फाँसी लगा ली। इसके बाद उसकी सहेली ने इस घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी।

हाथरस केस: देखिए, वारदात की जगह से 14 सितंबर का Video, मृतका से 3 मीटर की दूरी पर थी उसकी माँ…

हाथरस केस में एक नया वीडियो सामने आया है। कहा जा रहा है कि यह वीडियो 14 सितंबर 2020, यानी घटना वाले दिन का ही है। इसे तब शूट किया गया था जब पुलिस मौके पर जाँच करने पहुँची थी। वीडियो में खेत में कई सामान बिखरे नजर आ रहे हैं।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस वीडियो को लेकर यह दावा किया है कि मौका-ए-वारदात पर कम से कम चार लोग मौजूद थे और लड़की की माँ भी महज 3 मीटर की दूरी पर थी। ऐसे में अगर लड़की चीखती-चिल्लाती तो उसकी आवाज इतनी दूरी से साफ सुनी जा सकती थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल पर मिली चीजों को लेकर खुलासा किया है कि वहाँ आसपास 4 हसियाँ पड़ी हुई थीं। इसके अलावा वीडियो में चप्पल और अन्य सामान पड़े देखे जा सकते हैं। आजतक की खबर का दावा है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद यूपी पुलिस का कहना है कि वह इसे सबूत के तौर पर सीबीआई को सौंपेंगे, ताकि घटना के बाद की स्थिति की जानकारी जाँच एजेंसी को मिल सके। वहीं वीडियो को रिकॉर्ड किए जाने पर पुलिस ने बताया है कि जब उन्हें इस घटना की पहली दफा सूचना मिली थी, तभी यह वीडियो शूट किया गया था।

गौरतलब है कि पूरे मामले में ये बातें पहले से सामने आ रही हैं कि हाथरस में घटना वाले दिन खेत में कई लोग मौजूद थे। मृतका के साथ ही उसकी माँ भी कुछ दूरी पर ही घास काट रही थी। चारों आरोपितों में से एक आरोपित, लवकुश की माँ का यह बयान भी सोशल मीडिया पर सामने आया था कि घटना के बाद वह और उनका बेटा लड़की की मदद करने गए थे। मगर, पीड़िता के परिवार ने उनके बेटे यानी लवकुश को ही फर्जी केस में फँसा दिया। लवकुश की माँ ने इस पूरे मामले में सच्चाई को सामने लाने के लिए सीबीआई जाँच की माँग की थी। साथ ही नार्को जाँच करवाने की भी माँग की थी।

बता दें कि 14 सितंबर को हाथरस में हुई इस घटना के बाद से सवर्ण बनाम दलित की बहस ने जोर पकड़ा हुआ है। अब तक मीडिया ये कहती रही कि मृतका के साथ गैंगरेप हुआ था। हालाँकि, इस वीडियो के सामने आने के बाद और पुलिस के दावों को देख कर सवाल उठ रहा है कि जब मृतका से उसकी माँ मात्र 3 मीटर की दूरी पर थी तो कैसे उन तक आवाज नहीं पहुँची।

इस मामले में यह भी गौर करने वाली बात है कि आरोपित पक्ष की ओर से लगातार मृतका के साथ कुछ भी गलत किए जाने की बात से इनकार किया जा रहा है। आरोपितों ने आज इस बाबत जेल से एसपी को पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने बताया है कि मृतका की माँ और भाई ने ही उसकी पिटाई की, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

इस पत्र में लिखा है कि मृतका की मुख्‍य आरोपित संदीप से दोस्‍त थी और वे फोन पर भी एक-दूसरे से बात करते थे। यह दोस्‍ती उसके घरवालों को पसंद नहीं थी और इसी नफरत में परिवार के लोगों ने ही उसे मार दिया।

पत्र में हाथरस कांड के चारों आरोपितों– लवकुश, रवि, रामकुमार उर्फ रामू और संदीप उर्फ चंदू, के हस्ताक्षर और उनके अँगूठे के निशान भी हैं। आरोपितों ने पत्र में कहा है कि उन्हें झूठे आरोप में फँसाया गया है। इन सभी ने पत्र के माध्यम से यूपी पुलिस से निष्पक्ष जाँच की माँग की है। उन्‍होंने एफआईआर में अलग-अलग दिन आरोपितों के नाम बढ़ाने और धाराएँ जोड़ने का भी उल्‍लेख किया है।