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‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

17 सितंबर को तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने महालया के मौके पर इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की। इसमें वे देवी दुर्गा का रूप धारण किए हुए नजर आती हैं।

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Shubho mahalaya… সকল কে.

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टीएमसी सांसद ने फोटोशूट का एक वीडियो भी शेयर किया था, जहाँ वह देवी दुर्गा के रूप में फोटो खिंचवा रही थी।

इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट करने के कुछ घंटों बाद ही वे इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर की ईमानदारी पआ गईं।देना शुरू कर दिया। कट्टरपंथियों ने इस्लाम का पालन नहीं करने के लिए उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाया और मौत की धमकी भी दी।

सागर हुसैन नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने नुसरत जहां से बंगाली में सवाल करते हुए पूछा, “तुम हिंदुओं का समर्थन क्यों करती हो?” वहीं नुसरत के हाथ में त्रिशूल की ओर इशारा करते हुए, मोहम्मद अनवार ने लिखा, “तुम्हारे हाथ में यह कैसे हो सकता है? अल्लाह से शरण माँगो।” हिंदू समुदाय के प्रति अपनी घृणा को प्रदर्शित करते हुए, एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर (@ sari.kakhatun) ने लिखा, “हिन्दू छी।”

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मोहम्मद नटराज नाम के एक यूजर को नुसरत जहां की पोशाक पसंद नहीं आई। उसने अपना गुस्सा दिखाते हुए लिखा, “तुम मजहब के नाम पर एक धब्बा हो। हम ऐसी पोस्ट नहीं देखना चाहते हैं।” एक इंस्टाग्रामयूजर (moshiur.audit) ने अपनी टूटी-फूटी अंग्रेजी में पूछा,”क्या तुम जानते हो कि तुम क्या कर रही हो।”

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अभिनेत्री का अपमानजनक तरीके से जिक्र करते हुए, बांग्लादेश से अमानुल्लाह ने पोस्ट किया, “मुझे कनफ्यूजन है कि यह bit*h हिंदू है या कुछ और।” एक अन्य यूजर साकिब ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए पूछा,” तुम ऐसा कैसे कर सकती हो?” 

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इसके अलावा अभिनेत्री ने 20 सितंबर को दुर्गा पूजा को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया था। कट्टरपंथी इस्लामियों ने अभिनेत्री और हिंदू धर्म के खिलाफ जहर फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

मौत की धमकी जारी करते हुए एक इंस्टाग्राम यूजर (@ mkkhan486) ने लिखा, “तुम्हारी मृत्यु का समय आ गया है। अल्लाह से डरो। क्या तुम अपने शरीर को ढक कर नहीं रख सकती? छी छी छी।”

एक अन्य यूजर (@IvIvas) ने नुसरत जहां को अपना नाम बदलने के लिए कहा। उसने लिखा, “तुम अपना नाम नुसरत जहां से बदलकर नुसू दास/ घोष/ सेन कर लो- मूल रूप से हिंदू नाम।”

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हिंदू विरोधी घृणा यहीं नहीं रुकी। मोहम्मद जलाल हुसैन ने बंगाली फिल्म अभिनेत्री की तुलना ’शैतान’ से की। उसने लिखा, “तुम मजहब के नाम पर शैतान हो। भले ही हम शैतान नहीं देख सकते, फिर भी, यह देखने की मेरी इच्छा तुम्हारे माध्यम से पूरी हुई।”

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इस बात पर जोर देते हुए कि अभिनेत्री को नर्क में जगह मिलेगी और अल्लाह सब कुछ कैसे देख रहा है, एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर (@alisk217) ने लिखा, शर्म आनी चाहिए। तुम्हें कोई शर्म नहीं है। तुम जहन्नुम में जाओगी। अल्लाह सब कुछ देख रहा है।”

गौरतलब है कि नुसरत जहां इससे पहले भी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ चुकी हैं। पिछली बार जब दुर्गा पूजा पंडाल में पहुँच कर उन्होंने पूजा-अर्चना भी की थी, तो नुसरत से नाराज देवबंद के उलेमा ने कहा था कि अगर उन्हें ग़ैर-मज़हबी कार्यों में इतनी ही रुचि है तो वो अपना नाम बदल लें। उलेमा ने पूछा था कि अभिनेत्री आख़िर ग़ैर-मज़हबी काम कर क्यों रही हैं?

देवबंदी उलेमा ने कहा था कि अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना हराम है। उलेमा ने कहा कि इस तरह दुर्गा पूजा में सम्मिलित होकर वह इस्लाम की तौहीन कर रही हैं। वहीं कॉन्ग्रेसी समर्थक एवं खुद को कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया का संयोजक बताने वाले हसन लसकर नाम के शख्स ने तृणमूल सांसद नुसरत को जल्द मारने की बात कही थी। लसकर का कहना था कि नुसरत जहां को जल्द मारना होगा, वरना पूरा समुदाय खतरे में आ जाएगा।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

बीते साल बॉलीवुड की एक पार्टी का वीडियो काफी वायरल हुआ था। दावा किया गया था कि यह पार्टी करण जौहर के घर पर हुई थी और इसमें शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच शुरू होने के बाद, जब बॉलीवुड में ड्रग्स की घुसपैठ का खुलासा हुआ तो यह वीडियो एक बार फिर चर्चा में आ गया। अब यह बात सामने आई है कि यह वीडियो सही था और इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में हुई इस पार्टी की फोरेंसिक रिपोर्ट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वीडियो असली है और इसमें किसी भी तरह की एडिटिंग नहीं की गई है। इस संदर्भ में एक मीटिंग भी की जाएगी जिसे SIT हेड केपीएस मल्होत्रा और मुंबई ज़ोन के डीडीजी अशोक जैन द्वारा लीड किया जाएगा। इसमें एनसीबी और डीजी से वार्तालाप के जरिए ये निर्णय लिया जाएगा कि मामले में अगला एक्शन क्या होगा।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो में इस वीडियो में दीपिका पादुकोण, विक्की कौशल, मलाइका अरोड़ा, वरुण धवन, अयान मुखर्जी, अर्जुन कपूर और शाहिद कपूर जैसे बड़े एक्टर दिखाई दिए थे।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने आरोप लगाया था कि वीडियो में सभी अभिनेता ड्रग्स के प्रभाव में थे। अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पार्टी में मौजूद लोगों पर ड्रग्स के सेवन का आरोप लगाया था। हालाँकि, विक्की कौशल और करण जौहर सहित अधिकांश कलाकारों ने इन दावों को बकवास बताते हुए आरोपों को खारिज कर दिया था।

वहीं कुछ दिन पहले ही बॉलीवुड ड्रग्स माफियों पर खुलासा करते हुए कंगना रनौत ने अपने एक ट्वीट में रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और विक्की कौशल से अनुरोध किया था कि वह ड्रग टेस्ट के लिए अपने ब्लड सैंपल दें, क्योंकि ऐसी अफवाहें है कि वे लोग कोकिन के आदी हैं।

गौरतलब है कि करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े रहे क्षितिज रवि प्रसाद को एनसीबी ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। उसके घर पर छापे के दौरान मारिजुआना और कुछ मात्रा में गाँजा आदि बरामद किया गया था। इस मामले में धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े अनुभव चोपड़ा का भी नाम आया था।

क्षितिज का नाम ड्रग पेडलर अंकुश अरनेजा ने लिया था। इसके बाद एनसीबी के सामने पूछताछ में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने भी उसके बारे में जानकारी दी थी।

हालाँकि करण जौहर ने दावा किया था कि वे क्षितिज प्रसाद और अनुभव चोपड़ा को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। उनका कहना था कि ये दोनों अपनी व्यक्तिगत ज़िन्दगी में क्या करते हैं, इससे उनका या धर्मा प्रोडक्शंस का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने क्षितिज प्रसाद के बारे में बताया था कि उसे धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़ी कम्पनी धर्मेटिक एंटरटेनमेंट में एक कंटेंट के लिए बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बहाल किया गया था, जो पूरा ही नहीं हो सका।

करण जौहर ने बयान जारी करते हुए यह भी कहा था कि मीडिया रिपोर्ट्स में भ्रामक दावा किया जा रहा है कि जुलाई 28, 2019 को उनके यहाँ हुई पार्टी के दौरान ड्रग्स का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने इसे अपने खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान करार दिया देते हुए दावा किया था कि उनके परिवार और कम्पनी पर झूठा कलंक लगाने के मीडिया ऐसा कर रही है।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

NCB: आप में से दीपिका कौन है?

दीपिका: मैं हूँ… आप सर उठा कर देखिए। ये जोक पुराना हो गया है।

NCB: हमें तो मारने का मौका नहीं मिला न! आप बैठिए इधर। रणवीर मैडम, सॉरी, रणवीर सर को उधर बिठाओ। इनको बगल की दुकान से एक पैंट ला कर दे दो और प्लाज्जो जो पहन कर आए हैं, वो उतरवा लो।

दीपिका: You can’t mock him like that. It is misogyny!

NCB: मिसॉजनी? लौंडा पूरे समय लौंडिया का ड्रेस पहन कर घूमता है, उसको पैंट दिला रहे हैं तो इसमें नारी-विरोध कहाँ से आ गया?

दीपिका: आप लड़कियों की पोशाक के विरोध में हैं। You are a male chauvinist pig. मुझे पता है आप लोगों से कैसे डील करना है। रुको एक मिनट… Roses Are Red, Violates Are… Violates Are… Hello Ranvir, violates are? Blue… sure? Ok. Blue.

NCB: जे… जे का हो रहो है विदुर?

दीपिका: अरे… एक मिनट रुक जा… Me and You… Hashtag Misogynist NCB Hashtag PatriarchyIsReal… ये गया ग्रुप में। दो मिनट में अब तू ट्रेंड होने लगेगा। सारी हेकड़ी निकलवा दूँगी तेरी। ये NCB बंद न करवा दी शाम तक ट्विटर से, तो मेरा नाम दीपिका नहीं।

NCB: अच्छा! ट्रेंड होने से बंद हो जाएगी NCB! जैसे आप लोगों ने कई बार मोदी से इस्तीफा ले लिया है, वैसे ही? किस तरह के लोग हैं ये!

दीपिका: और नहीं तो क्या… हम सरकारें गिरा देते हैं ट्विटर पर। आप चुपचाप सवाल पूछिए।

NCB: आपकी बातों, हरकतों और मानसिक क्षमता से तो लग रहा है कि आप ही दीपिका हैं, लेकिन ये गरीबों वाले कपड़ों से लग रहा है कि… आइ मीन, हमने कभी देखा नहीं बिना डिजाइनर कपड़ों में।

दीपिका: ये भी डिजाइनर ही है। ये मनीष का फॉल फ्रॉम ग्रेस कलेक्शन है, जो हमारे ग्रुप में बताया गया था। ये कलेक्शन हाल ही में आया है। इसमें देखिए जरी का काम है। इसका पहला कैटवॉक भी आज-कल ही में हुआ है जब मैंने, श्रद्धा और सारा ने इसे पहनने के बाद सत्रह-सत्रह फुट की लम्बी छलांग मारते हुए, छाती शरीर से बाहर निकाल कर, सर आसमान की तरफ रखते हुए, चेहरे पर गौरव का अनुभव करते हुए हम घरों से निकले और कारों में बैठे। आपने भी फोटोज़ देखी होंगी। I mean टीवी पर तो आया ही होगा, हम तो ये सब कैमरे के लिए ही करते हैं।

रणवीर: ये सब नहीं बोलना था बेबी! क्या कर रही है ये!

NCB: तुम चुप रहो जी। इनकी चोली भी उतारो। शर्ट ला कर दो इनको। पैंट लाने बोला था, तब समझ में नहीं आया कि सारे कपड़े उतार कर पुरुषों के कपड़े देने हैं… कैसे बर्दाश्त करती हैं इनको?

दीपिका: आप यही सब करेंगे कि सीरियस सवाल भी पूछेंगे?

NCB: अरे सवाल-जवाब तो होइबे करेगा… थोड़ा मजा लेने दो पहले। ऐसे बकलोल लोगों से बहुत कम मिलना होता है। तो आप बताइए कि ये गरीबों वाला मिडिल क्लास दुपट्टा जो है, वो सरोजिनी नगर से लिया कि पालिका मार्केट से?

दीपिका: अरे! ये क्या हो रहा है… Why am I not being asked what I prepared for? मैं तैयारी कर के आई हूँ। आप सवाल पूछिए। जैसे कि क्या मैं ड्रग्स लेती हूँ? क्या मैं कोई व्हाट्सएप्प ग्रुप चलाती हूँ? क्या मैं रिया या जया साहा को जानती हूँ…

NCB: अरे मैडम, वो तो सबको पता है कि कौन क्या लेता है।

दीपिका: हैं! शिट्! कैसे? अब ये किसने लीक कर दिया… उसी रिया ने बोला होगा या फिर जया ने! You can’t trust anyone nowadays… मैंने तो सारे प्रीकॉशन लिए थे… सर! मैं तो दिन में एक-दो बार ही लेती हूँ। मुझे ऐसा कोई एडिक्शन नहीं है। पार्टी में ट्रे में ले कर आ जाते हैं…

NCB: ट्रे में ये सब आता है? हमारी तरफ तो बारात में साला लौंग, इलायची, सुपारी आता था! ज्यादा अमीर की बेटी हो तो पनामा सिगरेट और माचिस की डिब्बी उसी ट्रे में रहती थी। यहाँ ट्रे में ये सब दिया जाता है? खैर, आपका कन्फेशन तो हमें मिल गया। अब ये बताइए…

दीपिका: वेट! व्हाट? मैंने कब कन्फेश किया?

NCB: मैडम, अभी आपने बताया न कि दिन में एक-दो बार ही लेती हैं? वही कन्फेशन था।

दीपिका: मतलब रिया या जया ने कुछ नहीं बताया? रणवीर…

रणवीर: अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!

NCB: इसके पायल खोल घुँघरू वाले… चुप करा इसको। यहाँ क्या हेलमेट का चलान कट रहा है?

दीपिका: (रोते हुए) I can’t handle this… I can’t handle this… I need a joint… I want peace…

NCB: अरे! फिर से कन्फेश कर रही हैं आप। एक बार में हो गया है। हमने रिकॉर्ड कर लिया है। आप ये बताइए कि ये जो ड्रेस है, वो क्या सच में… मतलब ऐसे कपड़े आप लोग भी पहनती हैं? मने रीयल लाइफ में? मने… कभी देखा नहीं उस तरह के कपड़ों में।

दीपिका: आप कैमरा ऑफ करेंगे तो पते की एक बात बताती हूँ।

NCB: कैमरा ऑफ (आँख मारते हुए) कर दो…

दीपिका: ऑफ हो गया?

NCB: हाँ, बिलकुल… वो जो कोने में लाल डॉट दिखा रहा है न, जहाँ लिखा हुआ है रिकॉर्डिंग? उसका मतलब है कि वो बंद हो गया है। लाल लाइट तो बंद होने का ही होता है न सिस्टम। आप लोग भी तो रेड लाइट पर रुकती होंगी। वही सिस्टम हर जगह है। बंद है, एकदम तसल्ली से सुनाइए।

दीपिका: घर के भीतर तो जैसे आम लोग रहते हैं, वैसे ही पहनती हूँ। बाहर निकलने से पहले थोड़ी तैयारी करनी होती है। कहाँ जाना है, इस पर डिपेंड करता है। जैसे कि जेएनयू वाला टाइम याद है? जाना था मुझे शहीन बाग, लेकिन उसी समय वामपंथियों ने जेएनयू में मारपीट की, एबीवीपी वालों को पीटा, सर्वर रूम तोड़ा, बच्चों को परीक्षा देने से रोका… तो जब मैं रास्ते में थी, घर से निकली तो काले कपड़े पहन कर चली थी कि CAA के विरोध में खड़े होना है। छोटा सा स्क्रिप्ट भी था PR एजेंसी का… वहाँ की दादियों के साथ खड़े होना था और बोलना था कि ‘बोल की लब आजाद हैं तेरे, Repeat after me: Fascism is real. Period.’ फिर बोला कि जेएनयू जाना है क्योंकि सारे मीडिया वाले वहीं पहुँच गए हैं। अब इतने कम समय में स्क्रिप्ट कैसे याद करती। तब पीआर वालों ने बोला कि बोलना कुछ नहीं है, छाती तान कर, गर्दन जिराफ जैसी निकाल कर भीड़ में खड़े हो जाना है। बाकी, पोस्टर आदि मिनटों में तैयार हो जाते हैं।

NCB: मैडम, आप उसी पीआर वालों की बात कर रही हो, जो कल एक जगह छपवाया था कि दीपिका का फोन कोई और इस्तेमाल कर रहा होगा ड्रग्स मँगवाने के लिए?

दीपिका: हाँ, वही लोग हैं। क्या हुआ?

NCB: कुछ नहीं, आप इन्हें ही रखो। हमारी बहुत मदद हो जाती है इनसे! आप बता रही थीं कि घर में आप आम लोगों की ही तरह…

रणवीर: अरे सटायर मारा सर ने, ये लड़की कुछ नहीं समझती है!

दीपिका: तुम चुप रहो, लेट मी टॉक टू सर। कैमरा बंद है। हाँ, तो जैसे जेएनयू वाला कांड मैनेज्ड था, वैसे ही कल रात ही व्हाट्सएप्प पर आ गया था कि हमें क्या पहनना है, कैसे चलना है, कैसे जमीन की जगह आसमान को देखना है… ये सब तो सर करना पड़ता है। पब्लिक लाइफ में हैं सर, इतना तो देखना पड़ता है। इतने कैमरे वाले हैं, इमेज की बात है सर। एंटरटेनमेंट वाले अखबारों और वेबसाइटों पर छपवाते हैं कि the real queen, courageous, infectious aura… skoda लहसुन… आपको पता ही है सर!

NCB: हाँ जी, पता तो है ही सब! खैर, आप ये बताइए कि ये जो कान में टॉप्स हैं, उसके स्टोन असली हैं? मेरा मतलब है हीरे-वीरे लगे होंगे इनमें तो?

दीपिका: अरे नहीं, ये तो मेरी सिस्टर ने दिए थे। ये तो उसने शनि बाजार से लिए थे। बीस के दो पड़े। बात वही है न सर कि गरीब के कान का सोना भी पीतल ही कहा जाता है। हम पीतल भी पहन लें तो कुंदन!

NCB: एक मिनट रुकिए, ये वाली लाइन लिख लेता हूँ मैं। आपसे बिना स्क्रिप्ट के ऐसे दर्शन की उम्मीद नहीं थी।

दीपिका: अरे सर! आप तो एकदम फैमिली टाइप हो रहे हैं अब। आपसे क्या छुपाना। एक बार पता है… मैं न एक पार्टी में गई थी और इतना फूँका-इतना फूँका कि ओ मा गॉड… एकदम न भंड हो गई मैं… एकदम भंड… I mean, I couldn’t say Ranbir from Ranvir… मुँह से लेने का था, तो किसी ने नाक से लिवा दिया… फिर तो बॉस मैं तो हवा में उड़ने लगी। लोग मेरे पाँव पकड़ के उतार रहे थे, मैं और ऊपर जा रही थी। फिर मैं एक बोइंग प्लेन से टकरा गई। फिर मैंने पायलट को नशे में ही किस कर लिया… वो वाला टाइम मुझे इतना अच्छा लगा कि मैंने कहा, “जया, तू यार ये रोज लाया कर, असली मजा इसी में है।” सर, हम लोग सब कुछ फोन से ही मैनेज कर लेते हैं।

NCB: अच्छा! फोन पर ही सब मैनेज हो जाता है? जरा दिखाइए फोन तो…

दीपिका: (अपने हाथ में छुपाई चिट देख कर) ओह गॉड… मुझे पैनिक अटैक्स आ रहे हैं, मैं पैनिक कर रही हूँ, मुझे तो अटैक आ रहे हैं…

रणवीर: अरे बेबी! ये सब करना था, बोलना नहीं था! मेरी बेइज़्ज़ती करवा दी तुमने सबके सामने।

NCB: फोन लाओ इधर, देखें क्या है चैट्स में…

दीपिका: सर, आप ऐसा नहीं कर सकते। मैं रोने लगूँगी… You just can’t do it.

NCB: ये इमोशनल ड्रामा बंद करो। ये सब विक्टिम कार्ड इधर नहीं चलेगा। फोन जब्त करो इनका।

दीपिका: अरे! ऐसे कैसे? ये फासीवाद है! गरीब लोगों की आवाज दबाई जा रही है। एक औरत को जबरन परेशान किया जा रहा है। किसी भी मर्द का नाम क्यों नहीं है इस केस में? मैं किस तरह के स्ट्रगल के बाद यहाँ पहुँची हूँ, कितनी मेहनत की है मैंने, अपने दम पर करियर बनाया है। आपके इस तरह के व्यवहार के कारण मैं डिप्रेशन में जा रही हूँ। रिपीट आफ्टर मी, डिप्रेशन इज़ रीयल।

NCB: निकालो इसको यहाँ से फोन ले कर! नौटंकी लोग। और इस लौंडे से शर्ट-पैंट के पैसे ले लो। इसका प्लाज्जो-चोली ऑक्शन करवाओ और पैसे गरीबों में बाँट दो। और हाँ, इस इंटेरोगेशन के कुछ हिस्से लीक कर दो। ऑपइंडिया के अजीत भारती को भेज दो।

कॉन्स्टेबल: अरे सर! ऑपइंडिया तो बहुत छोटी संस्था है…

NCB: छोटी? स्क्रॉल, वायर, क्विंट, न्यूजलॉन्ड्री सब वामपंथियों को अकेले बाँस किए हुए है, और कह रहे हो छोटी है। तुम यार लीक करो, हमसे बहस न किया करो। बुआ के लड़के हो, इसलिए बर्दाश्त कर रहे हैं।

डेढ़ साल में ही दूसरी बीवी नेहा से उब गया आसिफ, खुद मारी गोली और नेहा के भाई पर मढ़ दिया मर्डर का दोष

उत्तरप्रदेश के बदायूँ के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मीरा सराय इलाके में आसिफ नाम के शख्स ने अपनी पत्नी नेहा की गोली मारकर हत्या दी। पुलिस ने इस मामले में महिला के शौहर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पूछताछ में आरोपित आसिफ ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि वह अपनी पत्नी नेहा से छुटकारा पाने और अपने साले को हत्या में फँसाने के लिए यह षड्यंत्र रचा था।

आसिफ ने डेढ़ साल पहले हिंदू लड़की नेहा से लव मैरिज की थी। आसिफ दिल्ली में नौकरी करता था और दोनों वहीं रहते थे। शादी के कुछ दिनों बाद से दोनों में पारिवारिक कलह शुरू हो गया। नेहा के रवैए से परेशान हो कर आसिफ ने उसकी हत्या करने का मन बना लिया। इसके लिए बाकायदा उसने प्लानिंग भी की।

प्लानिंग के तहत आसिफ पहले नेहा को अपने साथ बदायूँ ले गया और योजनानुसार मौका देखकर उसे गोली मार दी। इतना ही नहीं नेहा को मौत के घाट उतारने के बाद उसे अस्पताल ले गया, जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस पूछताछ में उसने हत्या का पूरा आरोप नेहा के भाई पर लगा दिया। उसने पुलिस से कहा कि नेहा का भाई रवि उनकी शादी से खुश नहीं था, इसलिए उसने अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी।

आसिफ के बयान पर पुलिस को शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सारा सच उगल दिया। बता दें आसिफ पहले से शादीशुदा था और उसके बच्चे भी थे।

बदायूँ के एसएसपी संकल्प शर्मा ने बताया, “इन्वेस्टिगेशन में यह पता चला कि महिला के पति ने ही उसकी हत्या की थी। इसके पीछे का कारण प्रथम दृष्टया पारिवारिक कलह का सामने आया है। इस संबंध में जाँच-पड़ताल जारी है।” पुलिस ने नेहा के भाई आशीष की तहरीर पर आसिफ उर्फ बाबा और बबलू के खिलाफ धारा 302 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

‘फेमिनिस्ट अंडरवियर नहीं पहनती’: केरल में यूट्यूबर पर महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने मोटर ऑयल डाला

डबिंग कलाकार भाग्यलक्ष्मी और महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ दीया सना और श्रीलक्ष्मी अरकल सहित महिलाओं के एक समूह ने यूट्यूबर विजय पी नायर पर यूट्यूब पर महिलाओं का अपमान करने वाला वीडियो डालने के लिए हमला किया और उन पर मोटर ऑयल डाल दिया

शनिवार (सितंबर 26, 2020) को तीनों महिला एक्टिविस्ट्स ने तिरुवनंतपुरम में डॉ. विजय पी नायर के कमरे में घुसकर हमला किया। चौंकाने वाली बात यह है कि स्वयंभू कार्यकर्ता दीया सना ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर इस घटना का लाइव वीडियो भी शेयर किया।

वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि भाग्यलक्ष्मी और दीया सना नामक दो महिलाओं ने यूट्यूबर को थप्पड़ मारा और उसके सिर पर काला तेल भी डाला। महिलाएँ एक वीडियो यूट्यूब पर डालने पर उसके घर पर गईं और फिर ऐसा करने के लिए थप्पड़ मारा।

जब महिलाएँ थप्पड़ मार रही थी, तो यूट्यूबर नायर हाथ जोड़कर माफी माँग रहे थे। महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने उनसे अपने चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो को हटाने के लिए भी कहा।

इस बीच, वीडियो में नारीवादियों को बदनाम करने के लिए थानापूर पुलिस स्टेशन में नायर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की गई है। इन तीन महिला एक्टिविस्ट्स ने यूट्यूबर से जबरदस्ती लैपटॉप और अन्य गैजेट्स छीन लिए थे, जिन्हें पुलिस स्टेशन में जमा किया गया।

कथित तौर पर, इन महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने एक महीने पहले उनके यूट्यूब चैनल पर नायर द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो को लेकर हमला किया। यूट्यूब वीडियो में नायर ने कथित तौर पर केरल में कुछ नाीवादियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। नायर ने “भारत में नारीवादियों, विशेष रूप से केरल में, अंडरवियर क्यों नहीं पहनती?” शीर्षक से एक वीडियो डाला था।

अपने YouTube चैनल ‘Vitrix scene’ में, नायर ने कथित रूप से नारीवादियों पर हमला करने के लिए कुछ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था और केरल में नारीवादियों पर सेक्स वर्कर्स होने का भी आरोप लगाया था।

पत्रकार निधेश के अनुसार, यूट्यूबर ने कथित तौर पर दावा किया था कि केरल के नारीवादी हर दिन आठ-नौ बार सेक्स करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि डबिंग कलाकार हर फिल्म के बाद सेक्स करता है।

इन महिला ‘कार्यकर्ताओं’ ने कथित तौर पर विजय नायर के खिलाफ केरल महिला आयोग, पुलिस साइबर सेल, महिला एवं बाल विकास विभाग के पास शिकायत दर्ज कराई। चूँकि इन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए इन महिला ‘कार्यकर्ताओं’ ने कानून को अपने हाथों में ले लिया।

मीडिया से बात करते हुए, भाग्यलक्ष्मी ने कहा कि उन्हें चीजों को अपने हाथों में लेने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि अधिकारियों ने कई शिकायतों के बावजूद यूट्यूबर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

भाग्यलक्ष्मी ने मातृभूमि से कहा, श्रीलक्ष्मी अरकल ने पहले उनके खिलाफ प्रतिक्रिया दी थी। लेकिन जब हमें पता चला कि शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, तो हमने खुद ही इस पर रिएक्ट करने का फैसला किया। हमें पता था कि ऐसी टिप्पणियाँ होंगी। लेकिन मैं आपसे पूछती हूँ, जो शिकायत दर्ज की गई थी, उसका क्या हुआ?”

वो घर पर मौज कर रहा है और मुझसे हो रही पूछताछ: अनुराग कश्यप पर FIR कराने वाली पायल ने मुंबई पुलिस पर उठाए सवाल

फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष ने मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि दोषी पर कार्रवाई नहीं हो रही और पूछताछ के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

पायल ने पिछले दिनों अनुराग के खिलाफ मुंबई के वर्सोवा थाने में मामला दर्ज कराया था। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के दोहरे रवैए पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आरोपित होने के बावजूद बंगाली होने के नाम पर रिया चकवर्ती का समर्थन किया गया, लेकिन पीड़ित होने के बावजूद उनको सपोर्ट नहीं किया जा रहा।

पायल ने पुलिस जाँच पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ट्विटर पर पीएम मोदी, अमित शाह और पीएमओ इंड‍िया को टैग कर मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, “मैंने एक अपराधी के ख‍िलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसके लिए दूसरे लोग भी यही धारणा रखते हैं। लेकिन, अब मुझे ही लपेटे में लिया जा रहा है। मुझसे ही सवाल किए जा रहे हैं। जबकि दोषी घर पर बैठकर मजे काट रहा है। क्या मुझे न्याय मिलेगा।”

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में आरोपों के घेरे में आईं रिया का समर्थन करने को लेकर पायल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी घेरा है। ममता बनर्जी को टैग करते हुए उन्होंने ट्वीट किया, “मैं कोलकाता के एक प्रतिष्ठित कॉलेज की छात्रा हूँ। लेकिन मेरा कोई समर्थन नहीं कर रहा। लेकिन, एक ड्रग पेडलर जिस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है और जिसका कोलकाता से कोई वास्ता भी नहीं है, सब उसके पीछे खड़े हैं। यह भेदभाव क्यों?”

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पायल घोष ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम एकाउंट के जरिए अपनी हत्या की आशंका व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा था, “मिस्टर अनुराग कश्यप के खिलाफ मैंने एक जाने-माने पोर्टल को इस घटना से जुड़ा एक इंटरव्यू दिया था और बाद में मुझे पता चला कि उन्हें इसके लिए खुद कश्यप से परमिशन चाहिए थी। मेरे देश के लोग, यदि मैं छत से लटकी हुई पाई जाती हूँ तो याद रखें कि मैंने आत्महत्या नहीं की है। हालाँकि उनके पास डिप्रेशन और ड्रग्स वाले नैरेटिव की कहानी तैयार है।”

बता दें कि अनुराग कश्यप के खिलाफ सेक्सुअल मिसकंडक्ट का आरोप लगाने वाली पायल घोष ने उनके ख‍िलाफ रेप की श‍िकायत दर्ज करवाई है। अभिनेत्री के वकील नितिन सतपुते ने एफआईआर के बारे में बताते हुए ट्वीट में लिखा था, “कश्यप के खिलाफ दुष्कर्म, गलत इरादे से रोकने और अन्य मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (I) बलात्कार, 354 (महिला के साथ मारपीट या शील भंग करने के इरादे से आपराधिक बल का प्रयोग), 341(किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना), 342 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से प्रतिबंधित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।”

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

पाकिस्तानी समाचार चैनल जीएनएन न्यूज़ पर 23 सितंबर 2020 को एक साक्षात्कार प्रसारित हुआ। इसके बाद से उस साक्षात्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण बना हुआ है। वीडियो में पाकिस्तान की सोशल मीडिया सनसनी निम्रा अली ने हिंदुओं के विरुद्ध जहर उगला है। हाल ही में टीवी पर उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के विरुद्ध जम कर नफरत फैलाई थी।

घृणा की भाषा बोलते हुए निम्रा ने हिंदुओं को ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया। उसने कहा, “काशी में सारी बकरियाँ चढ़ गई, गाँधी-नेहरू मातम मनाओ हिन्दू की मैया मर गई।” सबसे ज्यादा चौंकाने वाले बात यह थी कि इस तरह के नफरत फैलाने वाले बयान पर समाचार प्रस्ताओं ने उसकी निंदा करने की बजाय उसकी बात को बढ़ावा देना शुरू कर दिया। 

बहुत जल्द यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण बन गया, तमाम लोगों ने इसकी निंदा की। इसके बाद निम्रा अली को सार्वजनिक तौर पर माफ़ी माँगनी पड़ी। कपिल देव नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने निम्रा की हरकत पर सवाल खड़े किए। इसका जवाब देते हुए निम्रा ने कहा, “मैं माफ़ी मांगती हूँ कपिल देव सर, मैं सजल अली (मेरी पसंदीदा अदाकाराओं में से एक) द्वारा निभाए गए एक किरदार की नक़ल कर रही थी। मेरा उद्देश्य आपको या किसी को भी दुःख पहुँचाना नहीं था, न ही हिंदू समुदाय के लोगों के जज्बातों को ठेस पहुँचाना था।”

ठीक इसी तरह कुछ समय पहले न्यूज़वन नाम के पाकिस्तानी समाचार चैनल के प्रस्तोता ने बेहद विकृत किस्म का हिंदू विरोधी बयान दिया था। दरअसल 1 मई को दक्षिणी बलूचिस्तान में लैंडमाइन धमाका हुआ था, इसमें 6 पाकिस्तानी सेना के जवान और 1 मेजर की मौत हुई थी।

प्रस्तोता ने इस बम धमाके का आरोप भारत के ऊपर लगा दिया था। भारत पर इस धमाके का आरोप लगाते हुए उसने कहा, “हिंदू बनिया अब औकात से बाहर निकलने लग गया है।” यह वीडियो 9 मई 2020 को पाकिस्तान में प्रसारित हुआ था। लगभग 3 मिनट के इस वीडियो में उस प्रस्तोता ने सिर्फ हिंदुओं के विरुद्ध जहर ही नहीं उगला बल्कि एक बात भी कही। उसने कहा, “हम आखिर कब तक चुप रहेंगे हिंदू बनिया ने सारी हदें पार कर ली हैं, अब इस बारे में कुछ करना ज़रूरी हो गया है।”    

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

बिहार के पूर्व डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) गुप्तेश्वर पांडे रविवार (सितंबर 27, 2020) को नता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए। उन्होंने हाल ही में सक्रिया सेवा से स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले ली थी।

वह बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर जदयू में शामिल हुए। जद (यू) में शामिल होने पर, उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पार्टी में शामिल होने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

गुप्तेश्वर पांडे 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने इससे पहले मुजफ्फरपुर में जोनल आईजी के रूप में कार्य किया था। उन्होंने एसपी, रेंज डीआईजी, एडीजी हेडक्वार्टर और डीजी बीएमसी सहित कई पदों पर कार्य किया। एसके सिंघल, जो वर्तमान में डीजी होम गार्ड के रूप में सेवा कर रहे हैं, अब पांडे की जगह लेंगे और बिहार डीजीपी के रूप में कार्यभार सँभालेंगे। डीजीपी के रूप में पदोन्नत होने से पहले एसके सिंघल लंबे समय तक मुख्यालय में तैनात थे।

माना जा रहा है कि गुप्तेश्वर पांडे अपने गृह जिले बक्सर से चुनाव लड़ सकते हैं। शनिवार (सितंबर 26, 2020) को पांडे जेडीयू दफ्तर में करीब 10 मिनट तक रहे थे। इस दौरान उन्होंने सीएम से मुलाकात की थी। बाहर जब मीडिया ने उनसे पूछा था कि कब जेडीयू में शामिल हो रहे हैं, तब उन्होंने कहा था कि वह फिलहाल किसी भी दल में शामिल होने नहीं जा रहे। वह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात करने आए थे क्योंकि सीएम ने बतौर डीजीपी काम करने के लिए अच्छा माहौल दिया था।

हालाँकि, पांडे ने इशारा किया था कि उनके समर्थक चाहते हैं कि वो चुनाव लड़ें। इस दौरान पांडे ने नीतीश सरकार की शराबबंदी से लेकर बिजली, सड़क और विकास के तमाम काम की खुलकर प्रशंसा की थी।

वीआरएस लेने के एक दिन बाद चुनाव लड़ने वाली बात को लेकर हो रही अटकलों पर बात करते हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था, “मैंने अभी कोई पार्टी ज्वाइन करने का ऐलान तो नहीं किया। मैं चुनाव लड़ूँगा, यह भी कहीं नहीं कहा। इस्तीफा तो दे दिया। चुनाव लड़ना कोई पाप है? मैं पहली बार ऐसा कर रहा हूँ क्या? या करूँगा क्या? ये कोई पाप है? ये गैरकानूनी है? यह असंवैधानिक है? यह अनैतिक है क्या? हत्या करने वाले, अपराध करने वाले, जिनके ऊपर 50 FIR हैं, वो अगर चुनाव लड़ सकते हैं, तो मैंने कौन सा ऐसा अपराध कर दिया? एक गरीब किसान का बेटा चुनाव नहीं लड़ सकता क्या? जिसकी 34 साल की सेवा बेदाग रही है।”

गौरतलब है कि 22 सितंबर को डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस ले लिया था। तभी से उनके राजनीति में जाने और विधानसभा या लोकसभा का उपचुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। इस बात की जबरदस्त चर्चा थी कि वे वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ सकते हैं। इससे पहले भी 2009 में उन्होंने इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था। लेकिन कहीं से टिकट न मिल पाने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाए और अपना इस्तीफा वापस ले लिया।

जो गाली दे रहे, वही थिएटर खुलने पर टिकट के लिए भागते आएँगे: विशाल भारद्वाज ने बॉलीवुड माफिया का किया बचाव

बॉलीवुड में ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई के खिलाफ और इसमें फँसी फ़िल्मी हस्तियों के समर्थन में अब फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज भी उतर आए हैं। उन्होंने इस बात से भी इनकार कर दिया है कि फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली में इनसाइडर-आउटसाइडर वाला जहरीला भेदभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद लोग अपने निहित स्वार्थ के लिए बॉलीवुड की छवि खराब कर रहे। उन्होंने दावा किया कि बॉलीवुड में सभी लोग एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।

शेक्सपियर के नाटकों पर फ़िल्में बनाने वाले विशाल भारद्वाज ने कहा कि वो किसी भी फ़िल्मी परिवार से नहीं हैं, लेकिन फिर भी उनके लिए बॉलीवुड में अब तक अनुभव एकदम ख़ुशी भरा रहा है। शुक्रवार (सितम्बर 25, 2020) को स्क्रीनरायटर्स एसोसिएशन अवॉर्ड के दौरान PTI के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से ऐसा नहीं लगता कि बॉलीवुड का वर्क कल्चर जहरीला है।

उन्होने दावा किया कि बॉलीवुड का वर्क कल्चर एकदम सुंदर है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग अपने निहित स्वार्थ के लिए सिनेमा इंडस्ट्री को एक ‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ वाला बता रहे। उन्होंने कहा, “जो भी किया जा रहा है आजकल, उसके ‘वेस्टेड इंटरेस्ट्स’ किस तरह के हैं, ये सबको मालूम है।” उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ थोड़ा-बहुत बुरा भी लगा है तो वो समान्य है, वो सारे प्रोफेशनों में होता रहा है।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद चल रही चर्चा पर बोलते हुए विशाल भारद्वाज ने बॉलीवुड में ड्रग्स और नेपोटिज्म की बातों को नकारते हुए कहा कि यहाँ जिस तरह का इमोशनल सपोर्ट मिलता है, वो शायद किसी अन्य प्रोफेशन में आपको नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि ये एक शानदार इंडस्ट्री है, जिसका वर्क कल्चर जरा सा भी जहरीला नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोरोना के कारण बंद सिनेमा हॉल्स खुलेंगे, बॉलीवुड अपने पुराने रुतबे को वापस पा लेगा।

विशाल भारद्वाज ने ये भी कहा कि अभी एक ही साइड से बॉलिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सारे थिएटर खुलेंगे, हम सब भी बॉलिंग करने उतरेंगे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जो आज बॉलीवुड को गाली दे रहे हैं, वो वही लोग हैं जो थिएटर जाकर हमारी फ़िल्में देखने के लिए टिकटें खरीदते हैं। विशाल भारद्वाज ने कहा, “हमारे शुक्रवार को भी जरा आने दो।” बता दें कि मार्च से ही सारे थिएटर्स बंद हैं।

ज्ञात हो कि NCB द्वारा बॉलीवुड की 4 बड़ी अभिनेत्रियों दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर से पूछताछ की है। इन सभी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। करण जौहर के क़रीबी क्षितिज प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स को फिल्म निर्देशक करण जौहर ने अपने खिलाफ दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार बता दिया। जावेद अख्तर जैसे लोग भी बॉलीवुड के ड्रग गैंग के समर्थन में ही हैं।

ज्ञात हो कि विशाल भारद्वाज वही फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने ‘हैदर’ फिल्म में न सिर्फ भारतीय सेना को अत्याचारी दिखाया था, बल्कि आतंकवादियों के प्रति भी सहानुभूति जताई थी। साथ ही फिल्म में एक मंदिर में शाहिद कपूर पर ‘डेविल सॉन्ग’ फिल्माया गया था, जिसके बाद इसके बॉयकॉट की माँग उठी थी। अलगावादियों और आतंकियों को ग्लोरिफ़ाई करने वाले विशाल भारद्वाज अब बॉलीवुड के ड्रग्स गैंग का समर्थन कर रहे हैं।

इससे पहले करीना कपूर ने बरखा दत्त के साथ बातचीत में नेपोटिज्म पर चर्चा को अजीब बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि उन्हें किसी भी प्रकार का विशेष फायदा स्टार किड होने के नाते मिला। उन्होंने कहा था, ”दर्शकों ने ही हमें बनाया है। किसी और ने नहीं बनाया। यही लोग ऊँगली उठा रहे हैं। जिन्होंने स्टार्स के बच्चों को स्टार बनाया। आप जा रहे हो न फिल्म देखने? मत जाओ। किसी ने आपको जबरदस्ती किया है। मैं नहीं समझ पाती। मुझे तो यह चर्चा ही अजीब लगती है।

LAC पर T-90 और T-72 टैंकों की तैनाती, रात हो या दिन -40 डिग्री टेंपरेचर में भी मचा सकते हैं तबाही

चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC)  पर लद्दाख के चुमार-डेमचोक क्षेत्र में टैंक और बख्तरबंद वाहनों को तैनात किया है। सेना ने BMP-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स के साथ T-90 और T-72 टैंकों की तैनाती की है। अंधेरे में मार करने में सक्षम इन टैंकों की खासियत यह है कि इन्हें माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में संचालित किया जा सकता है। सर्दियों की आहट के बीच सेना की ओर से यह बेहद सूझबूझ भरा सामरिक कदम उठाया गया है।

जारी किए गए एक वीडियो में पूर्वी लद्दाख में फॉरवर्ड पोस्ट पर भारतीय सेना के टैंक और बख्तरबंद वाहन खड़े नजर आ रहे हैं। पूर्वी लद्दाख के चुमार-डेमचोक क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना के टी-90 भीष्म टैंक को तैनात किया गया है। सर्दियों में यहाँ का तापमान माइनस में चला जाता है। ऐसे में इन टैंक में तीन प्रकार के ईंधन का इस्तेमाल किया जाता है ताकि सर्दियों में यह जम न जाए।

सेना की इस तैनाती को लेकर 14 कोर्प्स के चीफ ऑफ स्टाफ के मेजर जनरल अरविंद कपूर ने कहा, “फायर ऐंड फ्यूरी कॉर्प्स केवल भारतीय सेना ही नहीं, दुनिया का इकलौता ऐसा बल है जिसकी तैनाती इतने मुश्किल हालातों में की गई है। इस तरह के हालात में टैंक, बख्तरबंद वाहनों और भारी हथियारों का रखरखाव एक बड़ी चुनौती होती है।”

बता दें कि 29-30 अगस्त को पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना ने उकसावे वाली कार्रवाई करते हुए यथास्थिति में बदलाव की कोशिश की थी। भारतीय जवानों ने इसका मुँहतोड़ जवाब दिया था और चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। भारतीय सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक अहम चोटी पर नियंत्रण कर लिया था। ये चोटी रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है।

भारतीय सेना के जवानों ने 29 अगस्त और सितम्बर के दूसरे सप्ताह के बीच छ: नई चोटियों को अपने नियंत्रण में लिया था। इनमें मागर हिल, गुरुंग हिल, रेसेहेन ला, रेजांग ला और मोकपारी के साथ ही फिंगर 4 के पास स्थित ऊँचाई वाली चोटी शामिल हैं।

भारत और चीन के बीच बीते दिनों पैंगोंग त्सो झील, नॉर्थ सब सेक्टर और लद्दाख के चुशुल क्षेत्र में संघर्ष हुए हैं। वहीं जून में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के दौरान 20 भारतीय सैनिकों के बलिदान के बाद भारत ने हथियारों के उपयोग न करने के नियम में भी बदलाव किया है। इससे पहले एलएसी पर दोनों पक्ष किसी भी स्थिति में गोली न चलाने के नियम का लंबे समय से पालन कर रहे थे, लेकिन गलवान में हुए संघर्ष के दौरान चीनी सेना की करतूत के बाद भारतीय पक्ष ने इस नियम में बदलाव किया है।