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लेहरू जी ने बनवाए इतने अस्पताल, फिर भी सोनिया-राहुल क्यों जाते हैं विदेश?

सोनिया गाँधी अपने रूटीन स्वास्थ्य चेकअप के लिए विदेश गई हैं। उनके साथ-साथ राहुल गाँधी भी गए हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने खुद इस सूचना को ट्वीट किया और जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण आपदा के कारण सोनिया गाँधी का मेडिकल चेकअप नहीं हो पाया था, जिसके लिए अब वो विदेश गई हैं।

इधर सोमवार (सितम्बर 14, 2020) से संसद का सत्र भी चालू हो रहा है। सोनिया और राहुल, दोनों सांसद भी हैं। ये दोनों संसद के ओपनिंग सेशन में भाग नहीं लेंगे। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सोनिया-राहुल को ‘नेहरू के अस्पतालों’ पर भरोसा नहीं है?

कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष और पूर्व-अध्यक्ष (संभव है कि भावी भी) ऐसे समय में विदेश गए हैं, जब संसद में मोदी सरकार को घेरने के लिए कॉन्ग्रेस बड़ी तैयारी का दावा कर रही है। कृषि और अनाज के बाजार को लेकर मोदी सरकार द्वारा जारी किए गए अध्यादेशों को कॉन्ग्रेस ‘हरित क्रांति’ के विरुद्ध बता कर इसे किसानों को दबाने का जरिया बता रही है। साथ ही ‘क्रोनी कैपटलिस्ट्स’ के लिए ‘ईस्ट इंडिया कम्पनी’ के गठन का आरोप लगाया है।

दिक्कत इससे नहीं है कि सोनिया-राहुल इलाज कराने के लिए विदेश क्यों जाते हैं। समस्या इस बात से है कि जब भाजपा का कोई नेता किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो जाए तो यही लोग तंज कसते हैं कि वो लोग सरकारी अस्पतालों में अपना इलाज क्यों नहीं करा रहे? वहीं जब सोनिया-राहुल केवल मेडिकल चेकअप के लिए विदेश जाते हैं तो ये गर्व से इसकी घोषणा करते हैं। आखिर ये दोहरा रवैया क्यों अपनाया जाता है?

कुछ ही दिनों पहले जब कोरोना संक्रमित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुग्राम स्थित मेदांता में भर्ती हुए थे, तब उन पर खूब तंज कसा गया था। विशाख चेरियन नामक व्यक्ति ने AIIMS की प्रशंसा करते हुए इसे आधुनिक भारत का मंदिर बताया था और कहा था कि इसकी रूपरेखा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने तैयार की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस ट्वीट का रिप्लाई देते हुए अमित शाह को निशाना बनाया था।

शशि थरूर ने कहा था कि वे ये सोचते हैं कि जब भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बीमार पड़ते हैं तो वो नई दिल्ली में स्थित AIIMS में भर्ती होने के बजाए पड़ोसी राज्य में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने क्यों जाते हैं? उन्होंने कहा था कि अगर जनता के बीच इन संस्थानों को लेकर सकारात्मक छवि बनानी है तो इन्हें बढ़ावा देना होगा। अब इन्हीं शशि थरूर से सवाल पूछे जा रहे हैं कि वो क्यों चुप हैं?

भारत में कॉन्ग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी ब्रीड है और उनका समर्थन करने वाला लिबरल गिरोह भी है, जो बात-बात में ये गिनाने बैठ जाता है कि नेहरू ने इतने अस्पताल बनवाए, इतने स्कूल बनवाए, ये बनवाया, वो बनवाया- तो आज ये लोग अपनी ही अध्यक्ष सोनिया और पूर्व-अध्यक्ष राहुल से ये क्यों नहीं पूछते कि क्या उनलोगों को नेहरू के बनवाए अस्पतालों पर भरोसा नहीं है? या फिर उन्हें विदेश में चेकअप कराने का शौक है?

जब नेहरू के अपने ही वंशजों को उनके बनवाए अस्पतालों पर भरोसा नहीं है (अगर नेहरू ने सच में बनवाया है तो), तो फिर कॉन्ग्रेस ये कैसे उम्मीद करती है कि देश की जनता इस बात का रट्टा लगाए कि नेहरू ने कितने अस्पताल बनवाए। क्या उनमें मेडिकल चेकअप की सुविधा नहीं है या फिर उनका हाल भी दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों जैसा हो गया है? कम से कम शशि थरूर को तो सामने आकर इसका जवाब देना चाहिए।

इंडस्ट्री के लोग ड्रग्स लेते हैं, बॉलीवुड पार्टियों में खुद देखा है: मॉडल से कॉन्ग्रेस नेत्री बनी रिया डिसूजा

बॉलीवुड में ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर सनसनीखेज खुलासे जारी है। इस कड़ी में मॉडल से कॉन्ग्रेस नेता बनी एंड्रिया डिसूजा ने कहा है कि बॉलीवुड में होने वाले पार्टियों में उन्होंने कई लोगों ड्रग्स का सेवन करते देखा है। एंड्रिया को लोग रिया डिसूज़ा के नाम से भी जानते हैं। एक सोशल मीडिया यूज़र को जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही।  

रिया ने बताया कि टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री के अधिकांश लोग ड्रग्स का सेवन करते हैं। सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह के पोस्ट का जवाब देते हुए रिया ने कहा यह बात कम ही लोग जानते हैं। यह सच्चाई है कि बॉलीवुड और टीवी के तमाम ज़्यादातर कलाकार मादक पदार्थों का सेवन करते थे और सुशांत सिंह उनमें से ही एक था। 

इसके बाद एक सोशल मीडिया यूज़र ने सुशांत सिंह जैसे कलाकारों की फिटनेस को लेकर किए गए एंड्रिया के दावों पर सवाल किया। इस सवाल का जवाब देते हुए एंड्रिया ने अगले ट्वीट में लिखा “पूरी इंडस्ट्री के लोग ड्रग्स लेते थे, लेकिन फिटनेस का भी ध्यान रखते थे।”

एंड्रिया ने इस बात का भी खुलासा किया कि उनके एक सूत्र ने उन्हें एक हैरान कर देने वाली बात बताई थी। जानकारी के मुताबिक़ दिवाली या फिल्मों की सफलता के मौके पर प्रोडक्शन हाउस पार्टी का आयोजन करते थे, सुशांत सिंह उन पार्टी में ड्रग्स का सेवन करता था। हालाँकि एंड्रिया ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वह कौन से प्रोडक्शन हाउस थे, जिनमें सुशांत ऐसा करता था। 

इसी तरह एंड्रिया ने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि मीडिया ने सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स कार्टेल मामले में तब्दील कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सुशांत सिंह राजपूत अक्सर टीवी इंडस्ट्री की पार्टी में ड्रग्स लेते हुए देखा गया था। हाई प्रोफाइल पार्टी में ड्रग्स का सेवन बहुत सामान्य बात थी। 

एंड्रिया ने इस बात का भी खुलासा किया कि सुशांत जिस प्रोडक्शन हाउस का हिस्सा थे, वह प्रोडक्शन हाउस आज भी इस तरह की पार्टी का आयोजन करता है। 

रिया ने यह भी आरोप लगाया कि देश की राजधानी दिल्ली में भी युवा और नेता भी ड्रग्स लेते हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग्स का सेवन सिर्फ मुंबई में ही नहीं होता है, लेकिन मीडिया दिल्ली में होने वाले नशे के कारोबार पर चुप क्यों है। 

एंड्रिया ने कहा मीडिया कारोबारियों और नेताओं का भी ज़िक्र किया जो ड्रग्स का सेवन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दिग्गजों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ मुंबई और बॉलीवुड में ही ड्रग्स का इस्तेमाल किया जाता है।

हाल ही में रिया चक्रवर्ती ने पूछताछ में कहा था लगभग 80 फीसदी बॉलीवुड कलाकार ऐसे हैं जो ड्रग्स का सेवन करते हैं। रिया ने जिन नामों का खुलासा किया था उनमें से कई बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता, प्रोड्यूसर और निर्देशक भी हैं। अपने बयान में रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स उपलब्ध कराने की बात भी स्वीकार की है।

हैरान कर देने वाले खुलासे में रिया चक्रवर्ती ने बताया कि सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिज़ाइनर सिमोन खम्मबट्टा मादक पदार्थों का सेवन करती हैं। पूछताछ के दौरान रिया ने सुशांत सिंह की दोस्त रोहिणी अय्यर और फिल्म निर्माता मुकेश छाबड़ा पर भी ड्रग्स लेने का आरोप लगाया है। सारा अली खान मशहूर अभिनेत्री अमृता सिंह और अभिनेता सैफ अली खान की बेटी हैं। सारा ने साल 2018 में आई ‘केदारनाथ’ फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत के साथ अभिनय किया था। रिया ने यह भी बताया कि सारा अली खान सुशांत सिंह और उनके दोस्तों के साथ थाइलैंड भी गई थीं।

मेरा नाम ‘मोहम्मद’ रखना चाहते थे, नाजायज संतान जैसा बर्ताव किया: महेश भट्ट की जब बेटे राहुल ने खोली थी पोल

महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट ने साल 2012 में एक साक्षात्कार के दौरान कई खुलासे किए थे। साक्षात्कार में राहुल भट्ट ने बताया था कि पिता महेश भट्ट का रवैया उनके लिए कैसा था। राहुल भट्ट के मुताबिक़ महेश उन्हें अपने बेटे की तरह मानते ही नहीं थे और उनका नाम ‘मोहम्मद’ रखना चाहते थे। इसके अलावा राहुल भट्ट ने अपनी किताब ‘हेडली एंड आई’ की चर्चा करते हुए अपने पिता के साथ रिश्ते पर कई अहम बातें कहीं थी। 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित साक्षात्कार में बिग बॉस कंटेस्टेंट ने कहा मेरे पिता का नज़रिया मेरे लिए कभी बहुत अच्छा नहीं रहा। वह मुझे अपने बेटे की तरह मानते ही नहीं थे और न ही वैसा बर्ताव करते थे। वह मेरा नाम ‘मोहम्मद’ रखा रखना चाहते थे। बहुत से लोगों को इस बात पर भरोसा नहीं होता, लेकिन यह सच है। वह हमेशा चाहते थे कि मेरी पहचान मोहम्मद नाम से हो। फिर उनके पड़ोस में रहने वाले महाराष्ट्र के लोगों ने उनकी एंग्लो इंडियन माँ से इस मुद्दे पर निवेदन किया और कहा कि महेश भट्ट के पास अपनी धर्म निरपेक्षता दिखाने के और भी मौके हैं। 

राहुल ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि अगर महेश भट्ट को ऐसा लगता है कि वह एक अच्छे मुस्लिम हैं तो उन्हें अपनी सभी औलादों के साथ एक जैसा व्यवहार करना चाहिए। उन्हें अपने बेटे और बेटियों में किसी भी तरह का अंतर नहीं करना चाहिए। उनकी माँ भले मुस्लिम थीं, लेकिन मेरा उनसे कभी कोई संवाद नहीं रहा। इस बात का अंदाज़ा लगा पाना तक मुश्किल है कि अगर मेरा नाम मोहम्मद होता तो मेरा क्या होता? मुझे कोई नहीं जानता और न ही किसी को पता चलता कि महेश भट्ट का एक बेटा भी है। मैं तिहाड़ जेल में बंद कर दिया जाता और उसकी चाभी समुद्र में फेंक दी जाती।  

इसके बाद राहुल भट्ट ने कहा मेरे और मेरे पिता के रिश्ते की सच्चाई यही है कि उन्होंने मुझे कभी अपने बेटे की तरह माना ही नहीं। अगर वह एक बेहतर पिता होते और ज़रूरत पड़ने पर मेरे लिए मौजूद होते तो मैं कभी हेडली के संपर्क में नहीं आता। मेरे लिए वह दौर और हालात बहुत कठिन थे। मुझे सही रास्ता दिखाने वाला कोई भी व्यक्ति मेरे पास नहीं था। शायद मुझे ऐसा कहना नहीं चाहिए, लेकिन उन्होंने मेरे साथ हमेशा नाजायज संतान की तरह की बर्ताव किया। 

राहुल ने कहा कि मुझे गॉडफादर 3 के एंडी गर्शिया जैसा महसूस होता था। उन अनुभवों को याद करना, महसूस करना बेहद डरावना है। लेकिन सच यही है कि उन अनुभवों ने मुझे इतना मज़बूत बनाया है। मेरे भीतर हमेशा एक असुरक्षा का भाव था, नाराज़गी और निराशा हावी थी। लेकिन समय के साथ मैं ऐसे हर जज़्बात से बाहर आ गया और आज पहले से बहुत बेहतर स्थिति में हूँ।    

राहुल भट्ट ने कहा था, “मैं कोई विक्टिम कार्ड नहीं खेलना चाहता हूँ। पर सच यही है कि महेश भट्ट ने मेरे लिए कभी कुछ नहीं किया। मैं एक कड़वा इंसान नहीं हूँ, बल्कि एक बेहतर इंसान हूँ और इसका कारण सिर्फ मेरे पिता ही हैं।”

दरअसल महेश भट्ट के कुल 4 बेटे-बेटियाँ हैं। आलिया और शाहीन भट्ट, जिनकी माँ सोनी राजदान हैं। पूजा और राहुल भट्ट, जिनकी माँ किरन भट्ट हैं। पूजा, आलिया और शाहीन के बारे में सभी ने सुना है, लेकिन राहुल भट्ट के बारे में कम ही लोग जानते हैं। 

बंगाल: पेड़ से लटका मिला BJP कार्यकर्ता गणेश का शव, बेटे ने TMC पर लगाया हत्या का आरोप

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस पर फिर से एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या करने का आरोप लगा है। गणेश रॉय (Ganesh Roy) का शव रविवार (सितम्बर 13, 2020) सुबह गोघाट स्टेशन (Goghat) के पास एक पेड़ से लटका हुआ मिला।

इसकी सूचना मिलते ही गोघाट पुलिस मौके पर पहुँची। इस घटना के कारण रविवार सुबह से ही गोघाट स्टेशन से सटे इलाकों के लोगों में दहशत है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गणेश रॉय अपने इलाके में एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। परिवार के सदस्यों का कहना है कि गणेश बाबू शनिवार (सितम्बर 12, 2020) दोपहर से ही लापता थे।

शव रविवार सुबह ही स्टेशन के पास एक पेड़ से लटका मिला। उनके बेटे ने आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या करने और शव को पेड़ पर लटकाने में तृणमूल कॉन्ग्रेस का हाथ है।

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीष घोष ने कहा है कि मृतक गणेश रॉय भाजपा कार्यकर्ता था और उसकी हत्या सत्ताधारी टीएमसी के लोगों ने की है। टीएमसी पर हत्या का आरोप लगाते हुए दिलीप घोष ने कहा, “आज हमारे मंडल सचिव गणेश रॉय की हत्या कर दी गई और उनके शव को पेड़ से लटका दिया गया, ऐसा हर रोज हो रहा है, सीपीएम अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की हत्याकर उन्हें गाड़ दिया करती थी, टीएमसी उन्हें लटका देती है।”

मृतक गणेश रॉय का परिवार गोघाट पुलिस स्टेशन में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने जा रहा है। घटना के बाद इलाके में भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं और उन्होंने आरामबाग-मेदिनीपुर जाने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। पुलिस ने भी इस घटना पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। हालाँकि, उन्होंने मौके पर जाँच के बाद पूरी घटना की छानबीन शुरू कर दी है।

बंगाल में जारी है भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का सिलसिला

बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हो रही गुंडागर्दी नई नहीं है। इसी स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने को लेकर हुगली के आरामबाग के नसीबपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी एक भाजपा पंचायत सदस्य की हत्या कर दी गई। इसके बाद भी इलाके में राजनीतिक तनाव फैल गया था।

अगले दिन, स्थानीय भाजपा नेतृत्व ने विरोध में गोघाट, आरामबाग में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया और हत्या के लिए मुकदमा चलाने की माँग के बाद रविवार को गोगाट की इस घटना ने कि बंगाल में अभी भी कुछ नहीं बदला है।

इस घटना की निंदा करते हुए पश्चिम बंगाल में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक कैलाश विजयवर्गीय ने ट्विटर पर लिखा था, “भय, आतंक, गुंडागर्दी, अराजकता और हिंसा जब किसी राजनीतिक दल की कार्यशैली का अधिकृत अंग हो जाए तो समझ लीजिए उसका अंत निकट है। उसका जनता के बीच जाने का साहस खत्म हो गया है। वो जनता को डराकर उन्हें दूर भगाना चाहती है। बंगाल का बच्चा-बच्चा बोल रहा है, ममता शासन डोल रहा है।”

3000 km गैस पाइपलाइन से जुड़ेंगे बिहार सहित 7 राज्य, PM मोदी ने कहा: ‘रघुवंश बाबू के सपनों को पूरा करें’

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रैली के जरिए कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने पेट्रोलियम सेक्टर से जुड़े 3 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने मत्स्यपालन, पशुपालन व कृषि विभागों से जुड़ी 294 करोड़ रुपयों की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। 

इस दौरान लोगों को सम्बोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर शोक जताया और कहा कि रघुवंश सिंह जिन आदर्शों को लेकर चले थे, जिनके साथ चले थे, उनके साथ चलना उनके लिए संभव नहीं रहा था। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री जी को अपनी एक विकास के कामों की सूची भेज दी। बिहार के लोगों की, बिहार के विकास की चिंता उस चिट्ठी में प्रकट होती है।

पीएम नरेंद्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया कि रघुवंश प्रसाद जी ने अपनी आखिरी चिट्ठी में जो भावना प्रकट की है, उसको परिपूर्ण करने के लिए आप और हम मिलकर पूरा प्रयास करें। उन्होंने ख़ुशी जताई कि कुछ वर्ष पहले जब बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई थी, तो उसमें बहुत फोकस राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर पर था। उन्होंने बताया कि इसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट के दुर्गापुर-बाँका सेक्शन का लोकार्पण करने का अवसर उन्हें मिला।

बिहार की जनता को सम्बोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी कि इससे पहले पटना LPG प्लांट के विस्तार और Storage Capacity बढ़ाने का काम हो, पूर्णिया के LGP प्लांट का विस्तार हो, मुजफ्फरपुर में नया LGP प्लांट हो, ये सारे प्रोजेक्ट पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन प्रोजेक्ट का जो हिस्सा बिहार से गुजरता है, उस पर भी काम पिछले साल मार्च में ही समाप्त कर लिया गया है। मोतीहारी-अमलेखगंज पाइपलाइन पर भी पाइपलनाइन से जुड़ा काम पूरा कर लिया गया है।

पीएम ने कहा कि अब देश और बिहार, उस दौर से बाहर निकल रहा है, जिसमें एक पीढ़ी काम शुरू होते देखती थी और दूसरी पीढ़ी उसे पूरा होते हुए। उन्होंने संकल्प जताया कि नए भारत, नए बिहार की इसी पहचान, इसी कार्यसंस्कृति को हमें और मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि बिहार सहित पूर्वी भारत में ना तो सामर्थ्य की कमी है और ना ही प्रकृति ने यहाँ संसाधनों की कमी रखी है। बावजूद इसके बिहार और पूर्वी भारत विकास के मामले में दशकों तक पीछे ही रहा। इसकी बहुत सारी वजहें राजनीतिक थी, आर्थिक थीं, प्राथमिकताओं की थीं।

पीएम मोदी ने कहा कि गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी, ये सुनने में बड़े टेक्निकल से लगते हैं, लेकिन इनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है, जीवन स्तर पर पड़ता है। गैस बेस्ड इंडस्ट्री और पेट्रो-कनेक्टिविटी रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनाती है।

साथ ही बताया की प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के तहत पूर्वी भारत को पूर्वी समुद्री तट के पारादीप और पश्चिमी समुद्री तट के कांडला से जोड़ने का भागीरथ प्रयास शुरू हुआ। करीब 3 हजार किमी लंबी पाइपलाइन से 7 राज्यों को जोड़ा जा रहा है, जिसमें बिहार का प्रमुख स्थान है।

उन्होंने गिनाया कि उज्ज्वला योजना की वजह से आज देश के 8 करोड़ गरीब परिवारों के पास भी गैस कनेक्शन मौजूद है। इस योजना से गरीब के जीवन में क्या परिवर्तन आया है, ये कोरोना के दौरान हम सभी ने फिर महसूस किया।

बकौल पीएम, इन प्लांट्स से बिहार के बांका, भागलपुर, जमुई, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों, झारखंड के गोड्डा, पाकुड़, देवघर, दुमका, साहिबगंज जिलों और यूपी के कुछ क्षेत्रों की LPG से जुड़ी जरूरतें पूरी होंगी। उन्होंने आगे कहा:

“एक समय था जब बिहार में LPG गैस कनेक्शन होना बड़े संपन्न लोगों की निशानी होता था। एक-एक गैस कनेक्शन के लिए लोगों को सिफारिशें लगवानी पड़ती थीं। जिसके घर गैस होती थी, वो माना जाता था कि बहुत बड़े घर-परिवार से है। लेकिन बिहार में अब ये अवधारणा बदल चुकी है। जब मैं कहता हूँ कि बिहार देश की प्रतिभा का पावरहाउस है, ऊर्जा केंद्र है तो ये कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बिहार के युवाओं की यहाँ की प्रतिभा का प्रभाव चारो तरफ है। भारत सरकार में भी बिहार के कितने बेटे-बेटियाँ हैं जो देश की सेवा कर रहे है। बिहार की कला, यहाँ का संगीत, यहाँ का स्वादिष्ट खाना, इसकी तारीफ तो पूरे देश में होती ही है। आप किसी दूसरे राज्य में भी चले जाइए, बिहार की ताकत, बिहार के श्रम की छाप आपको हर राज्य के विकास में दिखेगी।“

पीएम मोदी ने कहा कि हम बिहार के हर एक सेक्टर के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं, हर एक सेक्टर की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहे हैं, ताकि बिहार विकास की नई उड़ान भरे। उतनी ऊँची उड़ान भरे जितना ऊँचा बिहार का सामर्थ्य है।

उन्होंने कहा कि आज बिहार में शिक्षा के बड़े-बड़े केंद्र खुल रहे हैं। अब एग्रीकल्चर कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है। अब राज्य में IIT, IIM, ट्रिपल IT, बिहार के नौजवानों के सपनों को ऊँची उड़ान देने में मदद कर रहे हैं।

बकौल पीएम नरेंद्र मोदी, बिहार में बिजली की क्या स्थिति थी, ये जगजाहिर है। गाँवों में 2-3 घंटे बिजली आ गई तो बहुत माना जाता था। शहरों में भी 8-10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलती थी। उन्होंने कहा कि आज बिहार के गाँवों में, शहरों में बिजली की उपलब्धता पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा हुई है।

साथ ही बताया कि स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना आदि योजनाओं ने बिहार के नौजवानों को स्वरोजगार के लिए जरूरी राशि मुहैया कराई है। सरकार का प्रयास ये भी है कि जिला स्तर पर बिहार के नौजवानों को स्किल बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाए।

कंगना रनौत नचनिया, जो संत आज उद्धव ठाकरे का कर रहे विरोध, वो कभी भिक्षा के लिए पीछे-पीछे घूमते थे: शिवसेना

हाल ही में अयोध्या के संतों ने ऐलान किया था कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का अयोध्या में स्वागत नहीं किया जाएगा। इस बयान पर शिवसेना के पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख संतोष दुबे ने बयान दिया है। संतोष दुबे ने इस मसले पर कंगना रनौत पर भी आपत्तिजनक बात कही।

संतोष दुबे ने कंगना रनौत के लिए नचनिया शब्द का उपयोग करते हुए कहा कि अच्छे संत नाचने और गाने वालों का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब उद्धव ठाकरे अयोध्या आए थे तो तमाम साधू-संत भिक्षा लेने के लिए उनके पीछे-पीछे टहल रहे थे। 

संतोष दुबे ने योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए अयोध्या के संतों पर अनैतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह कौन से संत हैं, जो अभी विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले संतों को अपने गिरेबान में झाँकने की ज़रूरत है। पहले वह खुद का मूल्यांकन करें, उसके बाद उद्धव ठाकरे की आलोचना करें।

शिवसेना के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रमुख ने कहते-कहते यह भी कह दिया कि जब उद्धव ठाकरे अयोध्या आए थे, तब यही संत समाज उनके साथ तस्वीर लेने के लिए पीछे-पीछे घूम रहा था। यही संत उस वक्त दक्षिणा माँग रहे थे और आज विरोध कर रहे हैं। 

इसके बाद योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए संतोष दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार ब्राह्मणों की हत्या हो रही है। इसके लिए पूरी तरह योगी सरकार ज़िम्मेदार है तो क्या योगी आदित्यनाथ को भी अयोध्या में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

सबसे आखिर में संतोष दुबे ने कंगना रनौत को नचनिया कह डाला। उसके बाद यह भी कहा कि अयोध्या के अच्छे संत नाचने-गाने वालों का समर्थन नहीं करते हैं। बल्कि उनका कार्य केवल राम मंदिर के लिए समर्पित रहना है। अच्छे संत समाज के लिए काम करते हैं और ईश्वर का स्मरण करते हैं। जबकि विरोध करने वाले संतों की मानसिकता में ही दोष है। 

वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में ही प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक पोस्टर के ज़रिए महाराष्ट्र सरकार का विरोध किया गया। वाराणसी के वकील श्रीपति मिश्रा ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के पास एक पोस्टर लगाया। पोस्टर में महाभारत के चीर हरण की घटना दिखाई गई है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी श्रीकृष्ण और उद्धव ठाकरे को दुशासन दिखाया गया है।

इसके अलावा पोस्टर में कौरवों का दरबार लगा हुआ है, जिसमें संजय राउत भी मौजूद हैं। कुछ समय बाद यह पोस्टर उस स्थान से हटा लिया गया था लेकिन यह लोगों की चर्चा का केंद्र बना हुआ था। 

वाराणसी में लगाया गया पोस्टर (साभार – asianetnews)

पोस्टर लगाने वाले श्रीपति मिश्रा ने कहा कि पोस्टर लगाने का उद्देश्य केवल यह बताना है कि जिस तरह एक नारी का अपमान हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। महाराष्ट्र सरकार, उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने जिस तरह का व्यवहार कंगना रनौत के साथ किया है, वह सरासर गलत है।

हाल ही में हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने कहा अब उद्धव ठाकरे और शिवसेना का अयोध्या में स्वागत नहीं किया जाएगा। अगर उद्धव ठाकरे अयोध्या आते हैं तो उन्हें प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। महाराष्ट्र सरकार ने कंगना रनौत पर कार्रवाई करने में बिलकुल भी समय व्यर्थ नहीं किया। लेकिन महाराष्ट्र की उस सरकार ने ही पालघर में साधुओं की हत्या करने वाले लोगों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। ठीक इसी तरह अयोध्या संत समाज के मुखिया महंत कन्हैया दास ने भी महाराष्ट्र सरकार पर कई आरोप लगाए। 

उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार ऐसे लोगों का बचाव कर रही है जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे को अयोध्या में दाखिल न होने की चेतावनी भी दी थी।

महंत कन्हैया दास ने अपने बयान में कहा, “अब उद्धव ठाकरे का अयोध्या में स्वागत नहीं किया जाएगा। शिवसेना कंगना रनौत पर हमला क्यों कर कर रही है? यह सब समझ सकते हैं, यह कोई रहस्य नहीं है। शिवसेना वह राजनीतिक दल नहीं रह गया है जो बाल ठाकरे के दौर में हुआ करता था।” 

जिस रघुवंश प्रसाद सिंह ने ठुकरा दिया था केंद्रीय मंत्री का पद, उनका निधन: 3 दिन पहले ही लालू को भेजा था इस्तीफा

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का रविवार (सितम्बर 13, 2020) को दिल्ली एम्स में निधन हो गया। उनके फेफड़ों में संक्रमण के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से उनकी हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अब राजद के वरिष्ठ नेता रहे रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन हो गया है। उनका और राजद सुप्रीमो लालू यादव का 40 वर्षों का साथ था, जिस कारण लालू भी उनका सम्मान करते थे।

यूपीए-1 के दौरान देश के ग्रामीण विकास मंत्री रहे रघुवंश प्रसाद सिंह को यूपीए-2 के दौरान भी कॉन्ग्रेस की तरफ से कैबिनेट का हिस्सा बनने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने लालू यादव की दोस्ती के कारण केंद्रीय मंत्री का पद ठुकरा दिया था। वैशाली से कई बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन के बाद न सिर्फ उनके क्षेत्र बल्कि पूरे बिहार में शोक की लहर है। वो 74 साल के थे।

हाल ही में उन्होंने राजद से इस्तीफा दे दिया था। सादे कागज पर लालू प्रसाद यादव को संबोधित इस्तीफे में उन्होंने लिखा था, “जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे-पीछे खड़ा रहा। लेकिन अब नहीं। पार्टी नेता कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया। मुझे क्षमा करें।” जून में उन्होंने पार्टी उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था और लालू ने खुद तेजस्वी यादव को रॉंची तलब कर उन्हें मनाने को कहा था। 

इस बार भी लालू ने जेल से पत्र लिखकर रघुवंश प्रसाद से कहा था, “बैठ कर बात करेंगे। आप कहीं नहीं जा रहे हैं।” रघुवंश प्रसाद सिंह RJD में पूर्व सांसद रामा सिंह को शामिल करने के प्रयासों को लेकर नाराज चल रहे थे। नरेगा योजना का श्रेय भी उन्हें ही दिया जाता है।

786 का टैटू देख काटा अखलाक का हाथ? जबकि आरोप नाबालिग के मुँह में लिंग घुसाने का है: लिबरल खेल रहे धर्म-कार्ड

कॉन्ग्रेस पार्टी से सहानुभूति रखने वाले वकील तहसीन पूनावाला ने एक यौन शोषण के आरोपित के लिए धनराशि जुटाने के लिए मुहिम चलाया। उन्होंने हरियाणा के पानीपत में लोगों की पिटाई से घायल अखलाक के भाई इकराम सलमानी के बैंक अकाउंट डिटेल्स शेयर किए और कहा कि उसने अपना एक हाथ खो दिया है और उसे इलाज के लिए एम्बुलेंस से चंडीगढ़ ले जाया जा रहा है। साथ ही लोगों से उसकी मदद के लिए रुपए दान करने की अपील की।

उन्होंने ये भी दावा किया कि वो अखलाक के परिवार से लगातार संपर्क में हैं और लोगों को वस्तुस्थिति के बारे में अपडेट करते रहेंगे। कई लोगों ने उन पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वो अखलाक के छेड़छाड़ आरोपित होने के बावजूद उसके लिए सिर्फ इसीलिए फण्ड जुटा रहे हैं, क्योंकि वो मुस्लिम है? लोगों ने पूछा कि आखिर उन्हें ऐसे अपराध के आरोपित से कैसी सहानुभूति है? बता दें कि इस मामले में पुलिस का कुछ और कहना है।

अखलाक के भाई ने पानीपत के थाने में जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें दावा किया गया है कि लोगों को जैसे ही पता चला कि अखलाक मुस्लिम है, कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसका हाथ काट डाला। हालाँकि, पुलिस का ये भी कहना है कि इस मामले में कोई भी ऐसा चश्मदीद गवाह नहीं है, जो इस बयान को सही ठहरा सके। अखलाक को उसके परिवार वाले उसके घर यूपी के सहारनपुर लेकर चले गए।

पीड़ित बच्चे ने आरोप लगाया है कि अखलाक ने उसके मुँह में अपना लिंग घुसाने की कोशिश की थी। पानीपत के एसीपी सतीश कुमार वत्स ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अखलाक पर एक नाबालिग लड़के के अपहरण और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।

बच्चे के चाचा ने कहा है कि लड़के ने उसके दो दांत तोड़ दिए थे और उसके शरीर पर हमले के निशान थे। पुलिस के अनुसार, अखलाक संभवतः घायल अवस्था में भागा होगा और रेलवे ट्रैक पर खुद को घायल कर लिया। पुलिस शक कर रही है कि शायद आरोपी का भाई सोशल मीडिया पर घटना को सांप्रदायिक रंग दे रहा है।

चूँकि पॉस्को एक्ट के तहत तुरंत गिरफ़्तारी की जाती है, पुलिस का भी कहना है कि उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में पुलिस का कहना है कि अखलाक पर आरोप है कि उसने 23-24 अगस्त की रात 7 साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया, जो अपने परिवार के साथ सोई हुई थी। इसके बाद उसने उस बच्ची के साथ यौन दुर्व्यवहार किया। बच्ची का घर रेलवे ट्रैक के पास ही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने बच्ची को तो बचा लिया लेकिन अखलाक भाग निकलने में कामयाब रहा।

पुलिस अधिकारी सतीश कुमार वत्स ने बताया है कि इस मामले में दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस को अंदेशा है कि बच्ची के परिवार वालों से बच कर भागने के दैरान ही वो जख्मी हुआ होगा। हालाँकि, उसके भाई का कहना है कि अखलाक के हाथ पर 786 लिखा हुआ था, इसीलिए कुछ लोगों ने उसकी पिटाई की। उसने इसे साजिश बताया और कहा कि जब वो पुलिस के पास गए तो उन्होंने इसे रेलवे पुलिस का मामला बताया।

पत्रकार इरीना अकबर ने इसे 2015 में अखलाक की हत्या से जोड़ते हुए दावा किया कि उस अखलाक को बीफ के शक में मार डाला गया था और इसके 5 साल बाद 2020 में पानीपत में इस अखलाक को उसके हाथ पर 786 लिखे होने के कारण उसका हाथ काट डाला गया। पुलिस ये कह चुकी है कि इस दावे के समर्थन में कोई गवाह नहीं है, बावजूद इसके सोशल मीडिया पर ये झूठ फैलाया गया। ऊपर से उसकी मदद के लिए रुपए भी जुटाए जा रहे।

‘इंडियन मुस्लिम्स’ नामक ट्विटर हैंडल ने भी इस खबर को अखलाक के भाई इकराम के बयान के साथ शेयर किया और 786 वाली बात दोहराई। साथ ही दावा किया कि उसे इतना पीटा गया है कि उसके शरीर के हर हिस्से पर चोट है। दावा तो यह भी किया कि ये काम हिन्दुओं ने किया है, जिन्होंने अखलाक का हाथ काट कर उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने भी इस दावे को आगे बढ़ाया।

उन्होंने लिखा कि भारत में जब मुस्लिमों पर हमले होते हैं तो ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ कहाँ चला जाता है? उन्होंने भी दावा किया कि अखलाक को उसके मुस्लिम नाम और हाथ पर 786 का टैटू गुदे होने के कारण निशाना बनाया गया। जहाँ ‘द क्विंट’ ने दोनों तरफ से एफआईआर में अलग-अलग बातें होने का दावा किया, ‘द वायर’ ने 786 वाली बात को टाइटल में रख कर चलाया। दोनों मीडिया पोर्टलों ने अखलाक के भाई के बयान को हाइलाइट किया।

‘द वायर’ ने अख़लाक़ के भाई के बयान को प्रमुखता से रखा

इधर पानीपत पुलिस ने इस मामले में जाँच के लिए एसआईटी का गठन कर लिया है। पानीपत की एसपी मनीषा चौधरी का कहना है कि अखलाक के भाई ने अपनी शिकायत में 786 के टैटू वाली बात दर्ज ही नहीं कराई। शिकायत में उसके भाई ने दर्ज कराया है कि पानी की तलाश में जब उसने एक घर का दरवाजा खटखटाया तो 4 लोगों ने उसकी पिटाई की और फिर हाथ काट कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। जब परिवार सहारनपुर पहुँचा, तब ये आरोप लगाए गए।

इस मामले में राजनीति भी हो रही है क्योंकि सहारनपुर मे बसपा सांसद फजलुर रहमान ने अखलाक के घर का दौरा किया और उसके परिवार से मुलाकात की। सपा जिलाध्यक्ष रुद्रसेन भी वहाँ पहुँचे। साथ ही भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष राज गौतम ने भी उसके परिवार से मुलाकात की। पुलिस का कहना है कि जाँच शुरू है और जल्द से अखलाक से भी जाँच में शामिल होने के लिए संपर्क किया जाए। लेकिन, इधर लिबरलों ने प्रोपेगंडा चालू कर दिया।

‘रिया को रिहा करो’ – जैसे-जैसे बढ़ रहा जाँच का दायरा, बॉलीवुड वाले चुपके से डिलीट कर रहे पुराने पोस्ट

बॉलीवुड के अभिनेता फरहान अख्तर की गर्लफ्रेंड शिबानी और उनकी बहन अनुषा दांडेकर ने कुछ समय पहले एक पोस्ट किया था। पोस्ट में उन्होंने माँग उठाई थी कि रिया चक्रवर्ती को एनसीबी की हिरासत से रिहा किया जाए। फ़िलहाल दोनों बहनों ने ही अपनी यह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा ली है। 

दरअसल शिबानी और अनुषा समेत कई बॉलीवुड कलाकारों ने रिया चक्रवर्ती को एनसीबी की हिरासत से आज़ाद करने की माँग उठाई थी। बॉलीवुड की स्टाइलिस्ट मोनिका डोगरा ने तो यहाँ तक दावा किया था कि एनसीबी पूछताछ के दौरान रिया चक्रवर्ती पर दबाव बना रही है। उनके अनुसार एनसीबी ने रिया पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया है इसलिए रिया को तत्काल प्रभाव से गिरफ्त से आज़ाद किया जाना चाहिए। 

ठीक इसी तरह एक और स्टाइलिस्ट अनीशा जैन ने दांडेकर बहनों के साथ रिया के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने भी अपना पोस्ट डिलीट कर दिया। 

गुज़रे हफ्ते बॉलीवुड कलाकार फरहान अख्तर की गर्लफ्रेंड शिबानी ने सोशल मीडिया पर मुखर होकर रिया चक्रवर्ती के समर्थन में आवाज़ उठाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे पर रिया चक्रवर्ती से सवाल करने पर आलोचना की थी। इसके पहले रिया चक्रवर्ती ने NCB के सामने बॉलीवुड के ऐसे नामों का खुलासा किया था, जो कथित तौर पर ड्रग्स लेते हैं और दूसरों को मुहैया कराते हैं।

ख़बरों की मानें तो रिया चक्रवर्ती ने पूछताछ में कहा कि लगभग 80 फीसदी बॉलीवुड कलाकार ऐसे हैं, जो ड्रग्स का सेवन करते हैं। रिया ने जिन नामों का खुलासा किया था उनमें से कई बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता, प्रोड्यूसर और निर्देशक भी हैं। अपने बयान में रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स उपलब्ध कराने की बात भी स्वीकार की है।

हैरान कर देने वाले खुलासे में रिया चक्रवर्ती ने बताया कि सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिज़ाइनर सिमोन खम्मबट्टा मादक पदार्थों का सेवन करती हैं। पूछताछ के दौरान रिया ने सुशांत सिंह की दोस्त रोहिणी अय्यर और फिल्म निर्माता मुकेश छाबड़ा पर भी ड्रग्स लेने का आरोप लगाया है।

वहीं 30 जुलाई 2019 को करण जौहर के घर एक ड्रग्स हाउस पार्टी हुई थी। एनसीबी बहुत जल्द इस मामले में भी जाँच शुरू कर सकती है। करण जौहर के घर पर हुई इस पार्टी का वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ था।

अकाली दल के नेता मजिंदर सिंह ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि इसमें शामिल लगभग सारे लोग ड्रग्स के नशे में थे। वीडियो में रनबीर कपूर, अयान मुखर्जी, विकी कौशल, दीपिका पादुकोण, अर्जुन कपूर, मलाइका अरोड़ा, शाहिद कपूर, वरुण धवन समेत कई कलाकार नज़र आते हैं।

‘बॉलीवुड में ड्रग्स पार्टी, बुला कर ट्रे पर ड्रग्स ऑफर करते हैं… मगर लेने का नहीं’ – शर्लिन चोपड़ा

बॉलीवुड में होने वाले ड्रग्स के इस्तेमाल से लगातार पर्दा उठ रहा है। इस कड़ी में कामसूत्र फिल्म की अभिनेत्री और मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने हैरान करने वाला दावा किया है। शर्लिन चोपड़ा के अनुसार बॉलीवुड में ड्रग्स पार्टी होती है। इस तरह की पार्टी में शामिल होने वाले बॉलीवुड के लोग खूब ड्रग्स लेते हैं। इतना ही नहीं, ऐसी ड्रग्स पार्टी में लोगों को बुला कर ड्रग्स लेने की बात कही जाती है। 

शर्लिन चोपड़ा ने अपने इन्स्टाग्राम पर योग करते हुए एक वीडियो साझा किया है। वीडियो के साथ (कैप्शन में) उन्होंने लिखा, “मैं चेन स्मोकर थी लेकिन साल 2017 में मैंने स्मोकिंग (धुम्रपान) छोड़ दी। ड्रग्स से मैंने हमेशा दूरी बनाई। बॉलीवुड इंडस्ट्री वाले पार्टी में बुला कर ट्रे पर ड्रग्स ऑफर करते हैं मगर लेने का नहीं।” इसके अलावा शर्लिन अपने वीडियो में कहती हैं कि लोग अक्सर मेरी फिटनेस का सीक्रेट पूछते हैं तो सीक्रेट है न्यूट्रीशन, अनुशासन और योगा। योगा से होगा, अवश्य होगा।  

इसके पहले भी शर्लिन चोपड़ा बॉलीवुड की दुनिया से जुड़े कई खुलासे कर चुकी हैं। एक साक्षात्कार में बात करते हुए उन्होंने कहा था, “कई फिल्म निर्माता-निर्देशक अक्सर मुझे डिनर पर बुलाते थे। मैं इस बात का मतलब समझ नहीं पाती थी कि डिनर का क्या मतलब है? उस समय मैं समझ नहीं पाई थी कि उनके डिनर का मतलब कुछ और ही था, उनके डिनर का मतलब है समझौता। मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ, उसके बाद मैं समझ पाई कि रात के खाने का मतलब है – ‘मेरे पास आओ’।” 

इसके बाद शर्लिन चोपड़ा ने बताया कि जब उन्हें समझ आया कि इसका असल मतलब क्या है तब उन्होंने इसके लिए इनकार करना शुरू कर दिया। उन्होंने फैसला किया कि डिनर नहीं करना है और यह एक तरह का कोड है। इसके बाद जिसने भी डिनर के लिए कहा उन्होंने सीधे मना कर दिया। उन्होंने ऐसा कहना शुरू किया – “मैं डिनर नहीं करती हूँ मेरी डाइट चल रही है। आप मुझे ब्रेकफास्ट पर बुलाइए, लंच पर बुलाइए और इसके बाद लोगों ने मुझसे संपर्क करना ही बंद कर दिया।” 

वहीं रिया चक्रवर्ती ने NCB के सामने बॉलीवुड के ऐसे नामों का खुलासा किया, जो कथित तौर पर ड्रग्स लेते हैं और दूसरों को मुहैया कराते हैं। ख़बरों की मानें तो रिया चक्रवर्ती ने पूछताछ में कहा कि लगभग 80 फीसदी बॉलीवुड कलाकार ऐसे हैं, जो ड्रग्स का सेवन करते हैं।

रिया ने जिन नामों का खुलासा किया है, उनमें से कई बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता, प्रोड्यूसर और निर्देशक भी थी। अपने बयान में रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स उपलब्ध कराने की बात भी स्वीकार की थी। हैरान कर देने वाले खुलासे में रिया चक्रवर्ती ने बताया था कि सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिज़ाइनर सिमोन खम्मबट्टा मादक पदार्थों का सेवन करती हैं।

पूछताछ के दौरान रिया ने सुशांत सिंह की दोस्त रोहिणी अय्यर और फिल्म निर्माता मुकेश छाबड़ा पर भी ड्रग्स लेने का आरोप लगाया था। 30 जुलाई 2019 को करण जौहर के घर एक ड्रग्स हाउस पार्टी हुई थी। एनसीबी बहुत जल्द इस मामले में भी जाँच शुरू कर सकती है।

करण जौहर के घर पर हुई इस पार्टी का वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ था। अकाली दल के नेता मजिंदर सिंह ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि इसमें शामिल लगभग सारे लोग ड्रग्स के नशे में थे।