Wednesday, April 14, 2021
Home राजनीति उखाड़ दिया: लोकतंत्र का खुला उपहास है शिवसेना के 'सामना' का शीर्षक

उखाड़ दिया: लोकतंत्र का खुला उपहास है शिवसेना के ‘सामना’ का शीर्षक

कंगना रनौत के ऑफिस में तोड़फोड़ मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के 'गलत इरादे से की गई कार्रवाई' टिप्पणी के बावजूद शिवसेना के मुखपत्र सामना ने 'उखाड़ दिया' शीर्षक के साथ यह संदेश दिया कि महाराष्ट्र में कोई भी व्यक्ति अपनी अभिव्यक्ति खुलकर नहीं रख सकता।

कंगना रनौत के ऑफिस में की गई तोड़फोड़ के ठीक अगली सुबह शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ अखबार की बड़ी खबर का शीर्षक है- ‘उखाड़ दिया।’ शिवसेना ने इस शीर्षक के साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि कंगना रनौत के टि्वर पर शिवसेना को दी गई चुनौती का ही नतीजा था कि उसकी सरकार ने अभिनेत्री का ऑफिस तोड़ डाला।

शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ का फ्रंट पेज

अभिनेत्री कंगना रनौत के दफ्तर पर बीएमसी द्वारा बुलडोजर चलाने बाद बृहस्पतिवार (सितम्बर 10, 2020) को शिवसेना के मुखपत्र सामना ने ‘उखाड़ दिया’ के शीर्षक को अपने अखबार के पहले पन्ने पर छापा है।

कल ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कंगना रनौत के बांद्रा स्थित बंगले में कथित ‘अवैध हिस्से’ को नष्ट कर दिया था। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई को गलत इरादे से की गई कार्रवाई बताते हुए इस पर रोक लगाने का भी आदेश दिया लेकिन तब तक बीएमसी के जेसीबी अभिनेत्री के बंगले के अधिकांश भाग को ध्वस्त कर कीमती सम्पत्ति को नुकसान पहुँचा चुकी थी।

दरअसल, सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में एक के बाद एक खुलासे करने पर कंगना रनौत महाराष्ट्र की शिवसेना के निशाने पर आ गई थी। यहाँ तक कि शिवसेना नेता संजय राउत ने उन्हें ‘हरामखोर’ तक कह दिया और शिवसेना द्वारा कंगना को धमकियाँ भी दी गईं।

शिवसेना की ओर से दी गई धमकियों के बीच कंगना रनौत ने टि्वटर पर चुनौती दी थी कि वो 9 सितम्बर को मुंबई जाएँगी और कहा कि ‘उखाड़ सको तो उखाड़ लो’। अब कंगना रनौत का बंगला तोड़ने के बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के शीर्षक में ‘उखाड़ लिया’ लिखकर अपनी द्वेषपूर्ण फासीवादी विचारधारा का परिचय दिया है ।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ का यह शीर्षक इस बात का संकेत है कि महाराष्ट्र में कोई भी व्यक्ति अपनी अभिव्यक्ति खुलकर नहीं रख सकता और यदि वह ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ शिवसेना पूरी बेशर्मी के साथ किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।

दिलचस्प तो यह देखना है कि कंगना के खिलाफ इस खुली गुंडागर्दी के दौरान भी देश के वाम-उदारवादी वर्ग एकदम मौन हैं। सोचिए, महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार होती और JCB कंगना रनौत के बजाए बेफिटिंग रिप्लाय वाली तापसी पन्नू, सोनम कपूर या दीपिका पादुकोण के पास से गुजर भी गई होती तो अब तक कितने लोग भाजपा के कथित फासीवादी शासन के खिलाफ मैदान में उतर गए होते?

कोरोना काल से भी बहुत पहले से बेरोजगार चल रहे कितने ही कलाकार अब तक अपने अप्सरा पेन्सिल अवार्ड लौटाने के लिए आगे आ गए होते, वामपंथियों के स्केच बन रहे होते, कॉमरेड ढपलियाँ बजाते नजर आते और साहित्य का ‘काँजीवरम उद्योग’ अब तक किलोमीटर की लम्बाई से असहिष्णुता और फासिज्म पर निबंध लिख रहा होता।

अगर अभी भी किसी को लगता है कि कोई कथित वाम-उदारवादी वर्ग फासीवाद, पितृसत्ता, निजीकरण या ऐसे ही किसी नव-आधुनिक प्रगतिशील नजर आने वाले ‘लाहौर-लहसुन’ मसलों के खिलाफ लड़ रहा है तो वह वास्तव में ‘हरामखोर’ कहे जाने योग्य है।

और तो और, जब यह तोड़फोड़ की जा रही थी, तब वहाँ कंगना के समर्थन में और शिवसेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे लोगों के साथ भी मुंबई पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज किया गया। यहाँ तक कि समाचार चैनल रिपब्लिक भारत के रिपोर्टर्स को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस तोड़फोड़ पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे गलत इरादे से की गई कार्रवाई बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इस तरह के काम किए गए तो यह शहर रहने लायक नहीं रह जाएगा। इसके बावजूद शिवसेना द्वारा द्वेषपूर्ण तरीके से संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जाना और उस पर गर्व महसूस करना किसी भी तरह की गुंडागर्दी से कम नहीं कहा जा सकता है।

शायद यही वजह भी है कि कंगना रनौत ने बृहस्पतिवार की सुबह ही एक ट्वीट में शिवसेना को याद दिलाया है कि यह शिवसेना बाल ठाकरे की विचारधारा वाली शिवसेना से अब राजनीति के लिए सोनिया सेना में तब्दील हो चुकी है।

कंगना ने आज सुबह ही अपने एक ट्वीट में लिखा, “जिस विचारधारा पे श्री बाला साहेब ठाकरे ने शिव सेना का निर्माण किया था आज वो सत्ता के लिए उसी विचारधारा को बेच कर शिव सेना से सोनिया सेना बन चुके हैं। जिन गुंडों ने मेरे पीछे से मेरा घर तोड़ा उनको सिविक बॉडी मत बोलो, संविधान का इतना बड़ा अपमान मत करो।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कर्फ्यू का ऐलान होते ही महाराष्ट्र से प्रवासी मजदूरों की वापसी शुरू: स्टेशनों पर खचाखच भीड़, चलाई जा रही अतिरिक्त ट्रेनें

महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात 8 बजे से अगले 15 दिनों तक धारा 144 लागू रहेगी। इसे देखते हुए प्रवासी मजदूर फिर से अपने घरों को लौटने लगे हैं।

महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात से धारा 144 के साथ ‘Lockdown’ जैसी सख्त पाबंदियाँ, उद्धव को बेस्ट CM बताने में जुटे लिबरल

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने राज्य में कोरोना की बेकाबू होती रफ्तार पर काबू पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पीएम से अपील की है कि राज्य में विमान से ऑक्सीजन भेजी जाए। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई जाए।

पाकिस्तानी पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाया जा रहा काफिर हिंदुओं से नफरत की बातें: BBC उर्दू डॉक्यूमेंट्री में बच्चों ने किया बड़ा खुलासा

वीडियो में कई पाकिस्तानी हिंदुओं को दिखाया गया है, जिन्होंने पाकिस्तान में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा की तरफ इशारा किया है।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

यमुनानगर में माइक से यति नरसिंहानंद को धमकी दे रही थी मुस्लिम भीड़, समर्थन में उतरे हिंदू कार्यकर्ता: भारी पुलिस बल तैनात

हरियाणा के यमुनानगर में यति नरसिंहानंद के मसले पर टकराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,176FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe