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थाली बजा कर मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं छात्र? कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा शेयर की गई तस्वीर का FACT-CHECK

कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधने के चक्कर में झूठ फैलाती हुई नज़र आई। ‘यूथ कॉन्ग्रेस’ ने सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीर वायरल करके इसे ताजा विरोध प्रदर्शन का बताया। वायरल की गई तस्वीर में दिख रहा है कि कई युवा हाथों में थाली लेकर खड़े हैं। ‘यूथ कॉन्ग्रेस’ ने दावा किया कि ये तस्वीर उन छात्रों की है, जो रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

‘यूथ कॉन्ग्रेस’ ने ही शनिवार (सितम्बर 5, 2020) को सबसे पहले इस तस्वीर को शेयर किया, जिसके बाद इसे कई लोगों ने सोशल मीडिया और वायरल किया। बता दें कि विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों ने उस दिन छात्रों से आह्वान किया था कि वो रेलवे-एसएससी की परीक्षाएँ आयोजित कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने हेतु थाली बजाएँ। इसी क्रम में कई लोगों ने इससे जुड़ी तस्वीरें शेयर कर के सरकार का विरोध किया।

लेकिन, कॉन्ग्रेस ने जो तस्वीर शेयर की, वो पुरानी है। सर्च इंजन गूगल पर जब इसका रिवर्स इमेज सर्च किया गया तो पता चला कि ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की वेबसाइट पर इस तस्वीर को मार्च 23, 2020 को डाला गया था। इस खबर में बताया गया था कि किस तरह से टीवी सेलेब्स ने ‘जनता कर्फ्यू’ के दौरान उनलोगों का विरोध किया, जो थाली बजाते-बजाते सड़कों पर निकल आए थे। साथ ही ये तस्वीर भी डाली गई थी।

मार्च 2020 की तस्वीर को कॉन्ग्रेस ने अभी भुनाया

उस दिन कई लोगों ने उत्साह में सड़क पर निकल कर जुलूस निकाला था, ये तस्वीर उन्हीं में से किसी एक की थी। इसीलिए, इस वायरल तस्वीर का छात्रों के विरोध प्रदर्शन से कुछ लेना-देना नहीं है बल्कि ये तो सरकार को मिलने वाले समर्थन को दिखाता है। ‘जनता कर्फ्यू’ की तस्वीर को कॉन्ग्रेस पार्टी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का बता कर शेयर कर दिया। इससे पहले भी कई बार कॉन्ग्रेस इस तरह की हरकत कर चुकी है।

ज्ञात हो कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) जल्द ही कई पदों पर भर्तियाँ करेगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (सितंबर 5, 2020) को ट्वीट करते हुए बताया कि रेलवे में 1 लाख 40 हजार, 640 पद खाली पड़े हैं, जिस पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। रेलवे में विभिन्न पदों की सभी 3 श्रेणियों के लिए भर्ती प्रक्रिया के आवेदनों की जाँच पूर्ण की जा चुकी है, विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन 15 दिसंबर से शुरु किया जाएगा।

कंगना रनौत ने ‘बाबर’ और ‘बाबर की सेना’ को ललकारा, कहा – ‘आज टूटा है लेकिन मेरा राम मंदिर फिर बनेगा’

मुंबई में कंगना रनौत के दफ्तर के कुछ भाग को अवैध निर्माण बता कर ध्वस्त किया गया। कंगना रनौत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये ऐसा ही है, जैसे बाबर राम मंदिर को ध्वस्त करने आया हो। कंगना रनौत ने कहा कि ये मुंबई में उनका घर है।

कंगना मानती हैं कि महाराष्ट्र ने उन्हें सब कुछ दिया है, मगर उन्होंने भी महाराष्ट्र को अपनी भक्ति और प्रेम से एक ऐसी बेटी की भेंट दी है, जो शिवाजी महाराज की जन्मभूमि में स्त्री सम्मान और अस्मिता के लिए अपना ख़ून भी दे सकती है।

कंगना रनौत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और उसके गुंडे अवैध रूप से उनकी संपत्ति को ध्वस्त करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सब जारी रखो, इससे उनके आत्मबल में और वृद्धि ही होती जाएगी। कंगना ने भावुक होकर ट्विटर पर लिखा कि ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ में पहली फ़िल्म ‘अपराजित अयोध्या’ की घोषणा हुई थी। कंगना रनौत ने कहा कि यह उनके लिए एक इमारत नहीं बल्कि राम मंदिर ही है, आज वहाँ बाबर आया है, आज इतिहास फिर खुद को दोहराएगा।

कंगना रनौत ने आगे कहा कि राम मंदिर फिर टूटेगा मगर बाबर को ये याद रखना चाहिए कि यह मंदिर फिर बनेगा। साथ ही उन्होंने बीएमसी और मुंबई पुलिस की वो तस्वीरें भी शेयर की, जो उनके दफ्तर के हिस्सों को तोड़ने की प्रक्रिया में लगी हुई थी। कंगना ने उन्हें ‘बाबर की सेना’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है। कंगना कहा कि उनके दुश्मन लगातार साबित कर रहे हैं कि वो गलत नहीं हैं, इसीलिए उनकी मुंबई आज POK बन गई है।

कंगना रनौत ने इस दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस आपदा के कारण 30 सितम्बर तक किसी भी प्रकार के निर्माण को ध्वस्त न किया जाए। कंगना रनौत ने दोहराया कि उनकी संपत्ति में कहीं से भी कोई अवैध निर्माण नहीं है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड को अब देखना चाहिए कि फासिज्म दिखता कैसा है। कंगना को सोशल मीडिया पर खूब समर्थन मिल रहा है।

एक अन्य तस्वीर शेयर कर के कंगना ने कैप्शन में ‘पाकिस्तान’ लिखा। बता दें कि सुशांत सिंह मामले के बाद से चर्चा में आईं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद अब बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिनों उन्होंनें मुंबई पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद शिवसेना नेता उन पर हमलवार हो गए। संजय राउत ने न उन्हें मुंबई वापस लौटने की धमकी दी। वहीं उन पर बात करते हुए उन्हें ‘हरामखोर’ तक कह डाला।

स्वामी ने रखा BJP के सामने ‘पाँच ग्राम प्रस्ताव’: IT सेल से हटाए जाएँ अमित मालवीय, वरना करेंगे खुद अपना बचाव

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आज (सितंबर 9, 2020) भाजपा को चेतावनी दी है कि वह पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के ख़िलाफ़ एक्शन लें। इससे पहले उन्होंने मालवीय पर आरोप लगाया था कि मालवीय उनके खिलाफ़ अभियान चला रहे हैं।

ट्विटर पर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को आखिरी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर अमित मालवीय को भाजपा आईटी सेल से नहीं हटाया जाता है तो उन्हें खुद का बचाव करना पड़ेगा।

उन्होंने लिखा, “अगर कल तक अमित मालवीय को भाजपा आईटी सेल से नहीं हटाया गया, तो इसका मतलब पार्टी मुझे डिफेंड नहीं करना चाहती है। अगर पार्टी में ऐसा कोई फोरम नहीं है जहाँ मैं अपनी राय रख सकूँ तो मुझे ही खुद को डिफेंड करना होगा।

भाजपा नेता स्वामी ने महाभारत के ‘शांति प्रस्ताव’ वाली घटना का हवाला देते हुए कहा कि उनका प्रस्ताव भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के लिए ‘पाँच ग्राम के समझौता’ प्रस्ताव के अलावा कुछ नहीं था क्योंकि उन्होंने सिर्फ़ मालवीय को बर्खास्त करने की माँग की।

इससे पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को मालवीय पर फर्जी ट्विट्स का इस्तेमाल करके उनके ख़िलाफ़ अभियान चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा, “भाजपा आईटी सेल दुष्ट हो गया है। इसके कुछ सदस्य मुझ पर निजी हमले करने के लिए फर्जी आईडी से ट्वीट कर रहे हैं। यदि मेरे नाराज फॉलोवर्स काउंटर हमले करते हैं तो मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है जैसे कि भाजपा को पार्टी के दुष्ट आईटी सेल के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।”

बता दें, भाजपा नेता का है यह बयान उस समय आया जब सोशल मीडिया पर उनकी कुछ वीडियोज वायरल होना शुरू हुईं। इन वीडियोज में वह राम मंदिर न बनने के कारण नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ बोल रहे थे। इनमें से कुछ वीडियोज और मीम्स में स्वामी को ‘चीनी एजेंट’ भी कहा गया।

प्यार में फँसा कर पति से तलाक, निकाह के नाम पर सेक्स: जिस उम्मेर ने किया यह सब, उसके छोटे भाई ने भी किया रेप

दिल्ली में अपने पति और तीन बच्चों के साथ गुजर-बसर कर रही महिला का उम्मेर ने पहले तलाक करवाया और फिर उसे अपने गाँव ले गया। वहाँ उसने उसके पैसे और जेवरात हड़पे। वहीं, उसके छोटे भाई ने महिला के साथ जबरन संबंध बनाया। जब महिला ने इन सबकी शिकायत करनी चाही तो उसे जान से मारने का प्रयास हुआ। अब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सीतापुर निवासी महिला की शादी 15 साल पहले अपने जनपद के ही गाँव के एक युवक से हुई थी। दोनों को 3 बच्चे पैदा हुए। इस दौरान महिला अपने पति के साथ दिल्ली में रह रही थी। तभी पड़ोस में किराए के कमरे में रहने वाला उम्मेर चौधरी उसके संपर्क में आया।

उम्मेर गंगवार का निवासी था। उसने महिला को अपने जाल में फँसाकर उससे संबंध बनाए। फिर उसे शादी का झाँसा देकर उसका उसके पति से तलाक करवा दिया और बाद में उसे अपने साथ गंगवार ले आया। गंगवार में दोनों का एक बेटा भी पैदा हुआ।

मगर, अब महिला का कहना है कि उम्मेर ने उससे 2 लाख रुपए व 6 तोले सोने के जेवर भी हड़प लिए। वहीं पिछली 3 अप्रैल को उम्मेर के छोटे भाई जीशान ने जबरन महिला से संबंध बनाए।

पीड़िता कहती है कि जब उसने विरोध किया तो उसे धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो खैर नहीं होगी। महिला ने शिकायत करने की बात कही तो आरोप के मुताबिक उसे मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया व उससे मारपीट भी हुई।

इस मामले के संबंध में पुलिस अधिकारी नीरज कुमार का कहना कि महिला की शिकायत के आधार पर उम्मेर चौधरी व जीशान, दानिश, शहाबुद्दीन, इकरा और गयासुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उम्मेर व जीशान पर दुष्कर्म जबकि बाकी पर मारपीट करने संबंधी धाराओं में मुकदमा हुआ है। फिलहाल आरोपित फरार हैं।

1 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को MP में सिर्फ 2 महीने में मिला ‘स्वनिधि योजना’ का लाभ: PM मोदी ने किया डायरेक्ट सवाल-जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाक़ों के रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के साथ ‘स्वनिधि संवाद’ में हिस्सा लिया। इस वर्चुअल बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित रहे। पीएम मोदी ने इंदौर में झाड़ू बेचने वाले चगन लाल से बातचीत करते हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने उनसे उनके व्यवसाय के बारे में पूछा और ये भी जाना कि वो अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं या नहीं।

पीएम मोदी ने चगन लाल से पूछा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है या नहीं? इस पर जवाब देते हुए झाड़ू-विक्रेता ने बताया कि उन्हें गैस चूल्हा और सरकारी घर का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में उनका व्यवसाय ठप्प हो गया था, जिसके बाद उन्हें ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ का भी लाभ मिला। बता दें कि मध्य प्रदेश में इस योजना के तहत लाखों लोगों को लाभ पहुँचाया गया है। इनमें से अधिकतर गरीब हैं।

हालाँकि, इस दौरान पीएम मोदी पर्यावरण को लेकर भी सतर्क रहे और चगन की कुर्सी के नीचे प्लास्टिक की बोतल में रखे हुए पानी को देख कर उन्हें सलाह दी कि वो सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करें और मिट्टी के घड़े में पानी रखा करें। वहीं ग्वालियर में टिक्की सेंटर चलाने वाली अर्चना शर्मा और उनके दोनों बच्चों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वो ग्वालियर आएँगे तो उनकी बनाई टिक्की खाएँगे।

इसके बाद उन्होंने रायसेन के सब्जी विक्रेता और फिर साँची में ऑर्गेनिक सब्जी बेचने वाले दालचन्द से संवाद किया। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बीच हुए लॉकडाउन में व्यापार में भारी नुकसान हुआ है। हालाँकि, दालचन्द ने सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की बात स्वीकार की। लोगों से बातचीत के बाद पीएम ने कहा कि उनकी बातों में एक विश्वास है, एक उम्मीद दिखी। ये भरोसा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की बहुत बड़ी ताकत है।

उन्होंने मध्य प्रदेश के इन स्ट्रीट वेंडर्स के श्रम की ताकत, आत्मसम्मान और आत्मबल को नमन करते हुए कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार के प्रयासों से सिर्फ 2 महीने में मध्य प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स, रेहड़ी-पटरी वालों को स्वनिधि योजना का लाभ सुनिश्चित हुआ है। साथ ही कहा कि इस योजना का मकसद है कि वो लोग नई शुरुआत कर सकें, अपना काम फिर शुरू कर सकें, इसके लिए उन्हें आसानी से पूँजी मिले।

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के स्ट्रीट वेंडर्स के साथ हुए ‘स्वनिधि संवाद’ में कहा कि हाल में सरकार ने शहरों में आप जैसे साथियों को उचित किराए में बेहतर आवास उपलब्ध कराने की भी एक बड़ी योजना शुरू की है। एक देश, एक राशन कार्ड की सुविधा से ये लोग देश में कहीं भी जाएँगे, तो अपने हिस्से का सस्ता राशन ले पाएँगे।

बकौल पीएम मोदी, ये भी पहली बार हुआ है कि रेहड़ी-पटरी वालों के लाखों लोगों के नेटवर्क को सही मायने में सिस्टम से जोड़ा गया है, उनको एक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि ये एक ऐसी योजना है, जिसमें आपको ब्याज़ से पूरी तरह से मुक्ति भी मिल सकती है। इस योजना के तहत वैसे भी ब्याज में 7 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। पीएम ने सलाह दी कि अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो आपको ये भी नहीं देना पड़ेगा।

पीएम मोदी ने जानकारी दी कि हमारे रेहड़ी पटरी वाले साथी डिजिटल दुकानदारी में पीछे न रहें, इसके लिए बैंकों और डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने वालों के साथ मिलकर एक नई शुरुआत की गई है। बताया कि अब बैंको और संस्थाओं के प्रतिनिधि उनकी रेहड़ी, ठेले पर आएँगे और QR कोड देंगे। उपयोग कैसे करना है, ये भी बताया जाएगा। पीएम ने कहा कि हमारे देश में गरीबों की बात बहुत हुई है लेकिन गरीबों के लिए जितना काम पिछले 6 साल में हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि रेहड़ी-पटरी या ठेला लगाने वाले लोगों के पास उज्ज्वला का गैस कनेक्शन है या नहीं, उनके घर बिजली कनेक्शन है या नहीं, वो आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हैं या नहीं, उन्हें बीमा योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं, उनके पास अपनी पक्की छत है या नहीं – ये सारी बातें देखी जाएँगी। मध्य प्रदेश के स्ट्रीट वेंडर्स को ‘स्वनिधि योजना’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि हर वो क्षेत्र, हर वो सेक्टर जहाँ गरीब-पीड़ित-शोषित-वंचित, अभाव में था, सरकार की योजनाएँ उसका संबल बनकर आईं।

कंगना रनौत के ऑफिस को तोड़ने का काम चालू, ट्वीट कर दिखाया ‘महाराष्ट्र सरकार के गुंडों’ का काम

कंगना रनौत के आज (सितंबर 9, 2020) मुंबई पहुँचने से पहले और महाराष्ट्र सरकार से चल रही उनकी तनातनी के बीच एक बड़ी खबर आई है। कंगना ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि उनके ऑफिस को तोड़ा जा रहा है। इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट करके बताया था कि महाराष्ट्र सरकार और उनके ‘गुंडे’ उनकी संपत्ति को तोड़ने के लिए पहुँच चुके हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैं मुंबई दर्शन के लिए हवाई अड्डे पर जाने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ। महा सराकर और उनके गुंडे मेरी संपत्ति को अवैध रूप से तोड़ने के लिए तैयार हैं। मैंने महाराष्ट्र के गौरव के लिए रक्त देने का वादा किया था। यह कुछ भी नहीं है। सब ले लो। लेकिन मेरी भावना केवल ऊँची होगी और सिर्फ़ ऊपर बढ़ेगी। “

उल्लेखनीय है कि बीएमसी ने कंगना रनौत के मुंबई स्थित ऑफिस पर नया नोटिस लगाया था। इस नोटिस में कंगना रनौत के ऑफिस में हुए अवैध निर्माण को गिराने की बात कही गई थी। जानकारी के मुताबिक, यह नया नोटिस आज सुबह लगभग 10:30 बजे लगाया गया। इस दौरान मुंबई पुलिस और बीएमसी की एक टीम भी मौजूद थी।

कंगना रनौत के ऑफिस पर लगे नए नोटिस में बताया गया था कि कंगना रनौत को पहले नोटिस के जरिए 24 घंटे का वक्त दिया गया था, जिसके जवाब में उन्होंने सात दिन का समय माँगा था। लेकिन बीएमसी ने इसपर तत्काल कार्रवाई की है और नया नोटिस लगाकर अवैध निर्माण गिराने की बात कही।

बीएमसी के नए नोटिस में लिखा गया है कि कंगना ने हमारे पिछले नोटिस का जवाब नहीं दिया और ऑफिस में काम करवाना जारी रखा। कंगना के वकील ने सात दिन का समय माँगा था, लेकिन बीएमसी इससे संतुष्ट नहीं है। बीएमसी के नोटिस में कहा गया कि कंगना ने अवैध निर्माण और काम करने को लेकर जवाब नहीं दिया था।

इससे पहले बीएमसी ने लंबी पड़ताल के बाद लीकेज का हवाला देकर कंगना के दफ्तर का काम रोकने को कहा था। जबकि कंगना पहले ही संदेह जता चुकी थीं कि बीएमसी उनकी संपत्ति ध्वस्त करने वाली है। हालाँकि, उस समय ये कार्रवाई नहीं हुई। मगर, आज यही ताजा खबर है।

बता दें कि सुशांत सिंह मामाले के बाद से चर्चा में आईं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद अब बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिनों उन्होंनें मुंबई पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद शिवसेना नेता उन पर हमलवार हो गए। संजय राउत ने न उन्हें मुंबई वापस लौटने की धमकी दी। वहीं उन पर बात करते हुए उन्हें ‘हरामखोर’ तक कह डाला।

उसके पूर्व कंगना रनौत ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा एक सोशल मीडिया पोस्ट लाइक किए जाने में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने मुंबई पुलिस की सुरक्षा पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा था, “जब मुंबई के पुलिस कमिश्नर ही खुले आम मुझे इस तरह डराएँगे, मेरे खिलाफ अपराधों और बदमाशी करने वालों को प्रोत्साहित करेंगे, तो क्या मैं मुंबई में सुरक्षित रहूँगी? मेरी सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार होगा?”

कंगना ने ट्वीट में यह भी लिखा था कि उन्हें हिमाचल या केंद्र सरकार से सुरक्षा की आवश्यकता होगी और बॉलीवुड में कथित ‘ड्रग माफिया’ का पर्दाफाश करने के लिए वह मुंबई पुलिस से सुरक्षा स्वीकार नहीं करेंगी क्योंकि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच अब रफ़्तार पकड़ रही है।

कंगना के इस ट्वीट के बाद, शिवसेना नेता संजय राउत ने अपने मुखपत्र सामना में कंगना के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अभिनेत्री का ‘विश्वासघात’ शर्मनाक है और वह मुंबई में रहने के बावजूद शहर के पुलिस बल की आलोचना करती है। अपने एक ट्वीट में राउत ने लिखा था, “मुंबई मराठी मानुष के बाप की ही है, जिन्हें यह मँजूर नहीं वह अपना बाप दिखाएँ। शिवसेना महाराष्ट्र के दुश्मनों का श्राद्ध किए बगैर नहीं रहेगी, प्रॉमिस जय हिंद जय महाराष्ट्र।”

इसके बाद अभिनेत्री को खुलेआम हरामखोर बोला गया। जब उन्होंने इस पर आवाज उठाई तो राउत ने इसे बेहद हल्के अंदाज में लेते हुए कहा कि महाराष्ट्र में हरामखोर का मतलब नॉटी या बेईमान होता है।

2 दिन पहले पेशावर को अफगान की राजधानी बता Pak को घेरा था, आज उसी उप-राष्ट्रपति के काफिले पर बम से अटैक

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बुधवार (सितम्बर 9, 2020) की सुबह 7:30 बजे बड़ा धमाका हुआ। ये धमाका काबुल के तैमानी क्षेत्र में हुआ। इस धमाके के बाद मौके पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। धमाके के बाद आसमान में धुआँ फ़ैल गया, जिससे स्थानीय लोग दहशत में नज़र आए। पुलिस डिस्ट्रिक्ट 4 में अफगान उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह को निशाना बना कर हुए धमाके के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर के सुरक्षा बलों ने इलाक़े को खाली करा कर घेराबंदी की है।

अभी तक इस बम ब्लास्ट के बारे में बहुत जानकारी नहीं मिल पाई है। कहा जा रहा है कि ये आत्मघाती हमला हो सकता है या फिर कार के जरिए बम ब्लास्ट किया गया हो सकता है। जब ये धमाका हुआ, तब अफगानिस्तान के उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह का काफिला उसी जगह से गुजर रहा था, जहाँ ये धमाका हुआ। उप-राष्ट्रपति के बेटे एबाद सालेह ने जानकारी दी है कि जब काफिले को निशाना बनाया गया, तब वो अपने पिता के ही साथ थे।

हालाँकि, बताया गया है कि अफगानिस्तान के उप-राष्ट्रपति इस घटना में सुरक्षित हैं। सालेह के मीडिया अधिकारी रिजवान मुराद ने कहा कि इस आतंकी हमले में अफगानिस्तान के उप-राष्ट्रपति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। जब ये हमला हुआ, तब सालेह अपने घर से दफ्तर जा रहे थे। इस हमले में 2 लोग मारे गए और अभी तक 12 के घायल होने की सूचना है। काफिले के अंत में चल रही गाड़ियों को नुकसान पहुँचा

2 दिन पहले ही अमरुल्लाह सालेह ने पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद को उठाया था। अफगानिस्तान के उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने कहा था कि उनके मुल्क का कोई भी नेता डुरंड लाइन को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा करता है तो जीवन भर उसकी निंदा होगी ही, मृत्यु के बाद भी लोग उसकी आलोचना करेंगे। उन्होंने कहा था कि ये एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर चर्चा होनी चाहिए, जिसका समाधान निकलना चाहिए।

भीमा कोरेगाँव: कबीर कला मंच के 3 ‘एक्टिविस्ट्स’ गिरफ्तार, प्रतिबंधित माओवादी संगठन से हैं सम्बन्ध

‘नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA)’ ने ‘कबीर कला मंच’ के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि ‘कबीर कला मंच’ प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक भाग है। ये संगठन माओवादी विचारधारा को फैलाता है और नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देता है। गिरफ्तार तीनों आरोपितों को भीमा-कोरेगाँव मामले में सह-आरोपित बनाया गया है। इन्हें NIA की मुंबई शाखा द्वारा गिरफ्तार किया गया।

तीनों आरोपित सागर तात्याराम गोरखे, रमेश मुरलीधर गायचोर, ज्योति राघोबा जगताप भगोड़े मिलिंद तेलतुंबड़े से लगातार सम्पर्क में थे और साथ ही सीपीआई (माओवादी) के अर्बन नेटवर्क का जिससे थे। ज्योति ‘कबीर कला मंच’ की ‘लेडी’ सदस्य हैं। गिरफ्तार आरोपितों ने जंगल में जाकर खतरनाक हथियारों का प्रयोग और बम विस्फोट करने का प्रशिक्षण लिया था। इन्हें माओवादी आंदोलन से जुड़े ‘जागरूकता अभियानों’ का भी हिस्सा बनाया गया था।

32 वर्षीय सागर पुणे के वकाड का रहने वाला है। 36 वर्षीय रमेश भी पुणे के ही यरवदा का निवासी है। जगदप पुणे के कोंडवा की रहने वाली है। इन सभी को यूएपीए और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि दिसंबर 2017 में ‘कबीर कला मंच’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एल्गार परिषद के एक्टिविस्ट्स ने शनिवारवाड़ा में भड़काऊ भाषण दिए थे, जिसके बाद भीमा-कोरेगाँव में हिंसा भड़क उठी थी।

जनवरी 24, 2020 से ही NIA इस मामले की जाँच कर रही है। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से अधिकतर खुद को एक्टिविस्ट बताते रहे हैं। गौतम नवलखा, सुधा भारद्वाज और वरवरा राव सहित कई आरोपित पहले से ही जेल में बंद हैं। एनआईए की एक स्पेशल कोर्ट ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों को 11 सितम्बर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुणे पुलिस की चार्जशीट में भी इन तीनों के नाम दर्ज थे।

इससे पहले भीमा कोरेगाँव मामले में हिंदू कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग के एक प्रोफेसर, पीके विजयन को पूछताछ के सम्बन्ध में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी द्वारा नोटिस भेजा गया था। ये समन भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के कई सेक्शन के तहत जारी किए गए थे। NIA ने इसी तरह के एक मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हनी बाबू को गिरफ्तार किया था।

मुनव्वर राना की बेटियाँ महिलाओं की भीड़ जुटा CM योगी आवास को घेरने वाली थीं, UP पुलिस ने किया नजरबंद

उर्दू शायर मुनव्वर राना की बेटियों को घर में ही नज़रबंद कर दिया गया है, ऐसा परिवार ने आरोप लगाया है। उनकी दोनों बेटियों उजमा और सुमैया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन की धमकी दी थी। वो दोनों घर से बाहर निकल कर कोई उपद्रव न करें, इसलिए उनके घर के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक मुनव्वर राना की बेटियों को नज़रबंद किए जाने की पुष्टि नहीं की है।

मुनव्वर राना की बेटियों ने अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी को मुद्दा बनाते हुए सीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। सुमैया ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से बेरोजगारी लगातार बढ़ते जा रही है और अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है। उनका आरोप है कि सरकार इन मुद्दों की तरफ बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रही है। इसीलिए, मंगलवार (सितम्बर 8, 2020) को उन्होंने दोपहर 2 बजे कालिदास मार्ग पर विरोध प्रदर्शन की साजिश रची थी।

हालाँकि, उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल कर के बड़ी संख्या में महिलाओं को सीएम आवास के बाहर जुटने को कहा गया। बता दें कि सीएए के विरोध में जगह-जगह हुए उपद्रवों के लिए भी सोशल मीडिया का सहारा लिया गया था। सुमैया ने आरोप लगाया है कि सोमवार की रात अचानक से उनके घर के बाहर पुलिस बलों की गश्त बढ़ा दी गई।

इनमें से कई महिला सिपाही भी शामिल थीं। मुनव्वर राना की बेटियों ने आरोप लगाया है कि 40 की संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर के बाहर पहरा देते रहे और उन्हें उसी रात से नज़रबंद कर के रखा गया है। सुमैया ने पुलिस की एक नोटिस मिलने की बात भी कही है। इस नोटिस में बताया गया है कि कोविड-19 के दिशा-निर्देशों और धारा-144 प्रभावी होने के कारण विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। बता दें कि सुमैया पर पहले ही लखनऊ घंटाघर पर उपद्रव के आरोप में एफआईआर दर्ज है।

सुमैया राना ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह कोई हिस्ट्रीशीटर नहीं है या कोई अपराधी नहीं है, जो उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। इन लोगों ने राज्य में ‘महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध’ को भी मुद्दा बना कर योगी सरकार को घेरने की योजना बनाई थी। खुद उजमा परवीन और समैया ने इसके लिए सोशल मीडिया पर महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुटने के लिए मैसेज वायरल किया था।

मुनव्वर राना हाल ही में राम मंदिर मुद्दे पर पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर टिप्पणी कर के सुर्ख़ियों में आए थे। उन्होंने कहा था, “भारत के पूर्व CJI रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिंदुस्तान की एक ₹#डी भी नहीं बिकती है।“ साथ ही कहा था उन्होंने कहा था कि इस मामले में 2 लोगों ने मिल कर फैसला कर दिया, सब गलत हुआ और सब कुछ अपनी मर्जी से कर दिया गया। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर मामले में न्याय नहीं हुआ बल्कि धोखाधड़ी हुई।

मुझे छोड़ दो, मैं तेरी दादी की उम्र की: 90 साल की वृद्धा ने बलात्कारी से लगाई गुहार… लेकिन वो नहीं सुना

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। इस बार बलात्कार किसी बच्ची या युवती का नहीं बल्कि 90 साल की एक वृद्धा का हुआ है। दिल्ली के नजफगढ़ के छावला इलाके में यह घटना घटी है। बुजुर्ग महिला की शिकायत पर अब मामले की जाँच भी शुरू हो गई है। साथ ही आरोपित को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के नजफगढ़ में एक 37 वर्षीय व्यक्ति (कुछ रिपोर्ट्स में उम्र 33 साल) ने रेवला खानपुर गाँव में 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ बलात्कार किया। आरोपित की पहचान सोनू के रूप में हुई है। वृद्धा के शरीर पर चोट के काफी गंभीर निशान भी मिले हैं। इनसे पता चलता है कि आरोपित ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने के लिए वृद्धा की पिटाई भी की।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला रेवला खानपुर गाँव की रहने वाली है। यहाँ वह अपने परिवार के साथ रहती है। सोमवार शाम पीड़ित बुजुर्ग महिला अपने घर के बाहर बैठी हुई थी और दूध वाले का इंतजार कर रही थी। तभी, आरोपित सोनू वहाँ पहुँचा और उसने बुजुर्ग महिला से कहा कि आज दूध वाला घर नहीं आएगा, उसे दूध लेने के लिए जाना पड़ेगा।

आरोपित ने बुजुर्ग महिला से कहा कि वह उन्हें दूध वाले के पास लेकर चलता है। इसके बाद वह उनको रेवला खानपुर फार्म ले गया और वहाँ उनके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान बुजुर्ग महिला ने आरोपित का विरोध किया तो उसने उनकी जमकर पिटाई की। जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

जब आसपास से गुजरते लोगों ने महिला की आवाजें सुनीं तो सब फार्म की ओर आए। उन्होंने देखा कि सोनू बुजुर्ग महिला की पिटाई कर रहा था। इसके बाद उन्होंने आरोपित को पकड़ा और पुलिस को सारी जानकारी दी। थोड़ी देर में पीड़िता के घरवालों को भी सूचित किया गया और पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती करवाकर उनका इलाज शुरू हुआ। वहीं, बयान के आधार पर पुलिस ने इस केस को आईपीसी की धारा 376 और 363 के तहत दर्ज किया।

बता दें, दिल्ली में महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मामले पर संज्ञान लिया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने महिला से मुलाकात की तो उनके आँखों में आँसू थे और वह सिर्फ़ आरोपित को फाँसी पर लटकाने की बातें कर रही थीं। मालीवाल ने बताया कि महिला ने यह भी कहा कि वह लगातार आरोपित से कह रही थीं कि वह उन्हें छोड़े दे। वो उसकी दादी की उम्र की हैं। मगर बलात्कार करने वाले को कोई दया नहीं आई।

स्वाति मालीवाल अपने ट्विटर पर लिखती हैं, “दिल्ली की 90 वर्षीय महिला को घर से दरिंदा जबरदस्ती उठाकर ले गया और बुरी तरह रेप किया। अम्मा को बहुत चोटें आई हैं। उनसे मिली तो रूह काँप गई। बहुत रो रही थीं और बोली इस दरिंदे को फाँसी दिलाओ! हैवानियत की हद है! 6 महीने की बच्ची हो या 90 वर्ष की महिला, कोई सुरक्षित नही!”

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अम्मा उस 33 साल के दरिंदे से भीख माँगती रही कि उनको छोड़ दे! वो उसके दादी की उमर की हैं। पर हवस के नशे में डूबे हुए उस जानवर ने रेप कर सब हद पार कर दी! कैसा समाज है हमारा? इंसानियत मर गई है, जिसके लिए 6 महीने की बेटी और 90 साल की महिला – दोनों ही सिर्फ़ एक वस्तु है। शर्मनाक!”

यहाँ बता दें कि दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष ने इस मामले में आश्वासन दिया है कि वह महिला को न्याय दिलवाएँगी। उन्होंने कहा, “यह केस फास्ट ट्रैक में चलना चाहिए और 6 महीने के अंदर उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए।”