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मध्यप्रदेश: नाबालिग लड़कियों से रेप मामले में पत्रकार प्यारे मियाँ समेत 6 पर 3 FIR दर्ज

मध्य प्रदेश पुलिस ने 68 वर्षीय भोपाल के पत्रकार प्यारे मियाँ समेत 6 लोगों के ख़िलाफ़ इंदौर में 3 FIR दर्ज की है। इनके ऊपर 3 नाबालिग लड़कियों के बलात्कार का आरोप है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश पुलिस ने प्यारे मियाँ उर्फ ​​अब्बा और उसके पाँच साथियों के खिलाफ इंदौर में मामला दर्ज किया। पलासिया पुलिस स्टेशन के प्रभारी विनोद दीक्षित ने कहा कि आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नौकरी देने की लालच देकर इंदौर में तीन नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप के मामले में प्यारे मियाँ व पाँच अन्य के खिलाफ तीन FIR दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “भोपाल में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के लिए आरोपितों पर पहले अलग एफआईआर दर्ज की गई थी। अब स्थानीय जाँच के लिए इंदौर पुलिस को तीन मामले भेजे गए हैं, यही वजह है कि एफआईआर औपचारिक रूप से यहाँ दर्ज की गई है।”

आरोपित प्यारे मियाँ वर्तमान में न्यायिक हिरासत के तहत जबलपुर की जेल में बंद हैं। पुलिस जल्द ही मियाँ को पूछताछ के लिए इंदौर ला सकती है।

भोपाल पुलिस की टीम ने मंगलवार को इंदौर में स्थित मियाँ के उस बंगले की तलाशी ली, जहाँ लड़कियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया था। पुलिस ने 15 दिन पहले परिसर को सील कर दिया था।

उल्लेखनीय है कि प्यारे मियाँ की काली करतूतों का खुलासा अभी बीते दिनों (12 जुलाई) उस समय हुआ जब देर रात गश्त करती पुलिस को 5 लड़कियाँ सड़क पर दिखीं। कारण पूछा गया तो जवाब देने के हालत में एक भी लड़की नहीं थी। सब शराब के नशे में थीं।

नाबालिग लड़कियों का शराब के नशे में होना पुलिस को खटका। फिर पुलिस ने सभी 5 लड़कियों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया और वहाँ इनकी काउंसलिंग की गई। जब पूछताछ हुई तो इन्होंने यौन शोषण का खुलासा किया। इसके बाद पूरा मामला प्रकाश में आया।

पार्टियों में पैसे के बदले डांस करने और उसके बाद यौन शोषण (संभोग, रेप) के लिए प्यारे मियाँ ने इन नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फँसाया था। इस काम के लिए उसकी असिस्टेंट स्वीटी ने उसका साथ दिया था। लड़कियों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें शाहपुरा क्षेत्र में शनिवार की रात एक जन्मदिन की पार्टी में नाचने के लिए ले जाया गया था। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद प्यारे मियाँ फरार हो गया था। जिसे 15 जुलाई को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।

68 साल के प्यारे मियाँ का दामन और इतिहास, दोनों ही दागदार हैं। प्यारे मियाँ ने बेटी के रूप में गोद ली गई 13 साल की बच्ची से भोपाल और इंदौर में दुष्कर्म किया था। इस मामले में प्यारे मियाँ से पहले दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें महिला दलाल स्वीटी विश्वकर्मा (21), उवैस, अनस और राबिया भी शामिल थी। उबेज और अनस मुख्य आरोपित प्यारे मियाँ के रिश्तेदार हैं। एक पीड़िता की दादी को भी गिरफ्तार किया गया था।

प्यारे मियाँ के ड्राइवर के भाई उबेज ने भी किया था बच्ची से दुष्कर्म

आरोपित प्यारे मियाँ के ड्राइवर और रिश्तेदार अनस के भाई उबेज ने भी बच्ची से ज्यादती की थी। इंदौर में बच्ची के गर्भवती होने पर उसका गर्भपात भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र के एक अस्पताल में कराया गया।

गर्भपात के दौरान उसके परिजन के रूप में अस्पताल में प्यारे मियाँ की ही एक सहयोगी 21 वर्षीय स्वीटी विश्वकर्मा मौजूद रहीं। चाइल्ड लाइन और कोहेफिजा पुलिस को प्यारे मियाँ की इन तमाम कारस्तानियों का खुलासा उसकी हैवानियत की शिकार हुई 16 वर्षीय किशोरी के बयानों से हुआ था। फिलहाल उसे कई नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सुशांत का घर छोड़ने से पहले रिया ने करवाई थी 8 हार्ड ड्राइव नष्ट: दोस्त सिद्धार्थ पिठानी ने CBI से किया खुलासा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जाँच में जुटी सीबीआई टीम को आज (अगस्त 26, 2020) एक चौंकाने वाली जानकारी मिली। एक्टर के साथ फ्लैट में रहने वाले उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी ने जाँच टीम को पूछताछ के दौरान बताया कि 8 जून को रिया ने फ्लैट छोड़ने से पहले 8 हार्ड ड्राइव नष्ट करवाई थीं

सिद्धार्थ ने बताया कि हार्ड ड्राइव के लिए बाकायदा आईटी प्रोफेशनल को बुलवाया गया था। लेकिन यह साफ नहीं है कि उसे बुलाया किसने था। पिठानी के अनुसार, इस दौरान सुशांत और रिया दोनों कमरे में मौजूद थे और सब कुछ देख रहे थे। उनके अलावा डोमेस्टिक हाउसहेल्पर दीपेश सावंत और बावर्ची नीरज भी कमरे में थे।

गौरतलब है कि सीबीआई की स्पेशल जाँच टीम सुशांत केस में जाँच कर रही है। उन्होंने सिद्धार्थ और नीरज से अब तक दो बार पूछताछ कर ली हैं। इनके अलावा सुशांत के सीए संदीप श्रीधर से और पुराने अकॉउंटेंट रजत मेवाती से भी सवाल पूछे जा रहे हैं।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया के ख़िलाफ़ किया केस दर्ज

रिया की व्हॉट्सएप चैट का खुलासा होने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भी उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह मामला नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट की धाराओं 20, 22, 27 और 29 के तहत दर्ज किया गया है। इस केस में रिया के भाई, उनकी टैलेंट मैनेजर जया शाह और सुशांत के पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी व गौरव आर्या का नाम भी शामिल है।

इससे पहले NCB के डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने कहा था कि NCB सुशांत केस की जाँच भी शुरू करने जा रही है। इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक ईडी ने NCB को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि सुशांत से जुड़े कुछ लोग ड्रग्स लेते थे। कुछ लोगों का ड्रग्स डीलर से कॉन्टेक्ट भी था, लिहाजा बड़े पैमाने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इसकी जाँच शुरू करने वाली है।

जानकारी के अनुसार, सीबीआई के सामने सिद्धार्थ पिठानी और सैमुअल मिरांडा ने कबूल किया था कि सुशांत मारिजुआना का नशा करते थे, लेकिन रिया के मोबाइल से जो खुलासे हुए हैं, उसके बाद से तो इस केस का ड्रग एंगल सबसे मजबूत दिखने लगा है। वहीं रिया के वकील ने उनकी ओर से सफाई देते हुए कहा कि चक्रवर्ती ने कभी भी ड्रग नहीं लिए, वे अपने ब्लड टेस्ट के लिए भी तैयार हैं।

सुशांत केस में ड्रग एंगल सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया और अन्य के खिलाफ दर्ज किया मामला

सीबीआई और ईडी के बाद अब सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में एक और केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसी जुड़ गई है। जाँच के दौरान इस मामले में ड्रग्स का एंगल सामने आने के बाद, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रिया और अन्य के खिलाफ में एक मामला दर्ज किया।

इससे पहले यह बताया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में की जाँच करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को चिट्ठी लिखी थी। जाँच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ था कि सुशांत सिंह मामले से जुड़े कई लोग ड्रग्स लेते हैं। साथ ही उनके ड्रग डीलरों के साथ नियमित संपर्क हैं। यही वजह है कि एनसीबी इस मामले की जाँच करेगी।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के निदेशक राकेश अस्थाना ने मीडिया को बताया कि ईडी को इस मामले में सबूत मिले है कि दिवंगत अभिनेता और उनकी प्रेमिका रिया चक्रवर्ती को ड्रग्स सप्लाई की गई थी। जिसके बाद ईडी द्वारा एनसीबी को एक चिट्ठी भेजा गया।

एनसीबी के निदेशक राकेश ने कहा, “हमें मंगलवार शाम को ईडी की तरफ से एक पत्र मिला। जिसमें कहा गया था कि वित्तीय पहलुओं की जाँच के दौरान उन्होंने पाया कि रिया और सुशांत को ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। एनसीबी की एक टीम अब इस एंगल पर जाँच करेगी और इसमें शामिल लोगों से पूछताछ की जाएगी।”

गौरतलब है कि सुशांत की पूर्व प्रेमिका अभिनेता रिया चक्रवर्ती द्वारा भेजे गए व्हाट्सएप मैसेजों को ईडी द्वारा बरामद किए जाने के बाद ड्रग्स एंगल सामने आया। जिसमें एमडीएमए, मारिजुआना आदि ड्रग्स के उपयोग पर चर्चा की गई थी। बता दें यह चैट रिया द्वारा डिलीट कर दी गई थी। लेकिन उन्हें जाँच एजेंसी ने बरामद कर लिया। व्हाट्सएप मैसेज में रिया को इस बात की सलाह दी जा रही थी कि कैसे किसी को चाय के साथ नशीली दवा दी जाए। इन मैसेज में गौरव नाम के एक ड्रग डीलर का भी नाम सामने आया था।

इससे पहले, सुशांत सिंह राजपूत के पूर्व हाउसकीपर ने भी दावा किया था कि दिवंगत अभिनेता मारिजुआना धूम्रपान करते थे। उन्होंने कहा था कि सुशांत अपने फ्लैट पर रिया, आनंदी और आयुष के साथ हर हफ्ते एक या दो बार पार्टी करते थे। जहाँ वे शराब और मारिजुआना सिगरेट का सेवन करते थे।

सुशांत के पिता केके सिंह ने व्हाट्सएप चैट के खुलासे के बाद आरोप लगाया कि सुशांत को उनकी जानकारी के बिना दवा दी गई, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई।

भैया अपने स्वास्थ्य को लेकर थे काफी सजग, नहीं किया कभी ड्रग्स का इस्तेमाल: सुशांत के पूर्व मैनेजर

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में अब ड्रग्स एंगल सामने आया है। ड्रग्स को लेकर रिया के व्हाट्सऐप चैट सामने आने के बाद सुशांत की फैमिली और उनके एडवोकेट ने इस मामले में अपने बयान जारी किए थे। वहीं अब सुशांत के पर्सनल असिस्टेंट अंकित आचार्य ने भी इस मामले में खुलासा किया है।

टाइम्स नाऊ की रिपार्ट के अनुसार, अंकित आचार्य ने कहा, “मैंने कभी अपने रहते हुए सुशांत को ड्रग्स लेते हुए नहीं देखा। सुशांत अपनी हेल्थ को लेकर काफी सजग रहते थे। सुशांत अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए ज्यादातर प्रोटीन, कैल्शियम और विटमिन्स युक्त जैसी चीजें ही खाते थे।”

बता दें अंकित अंकित आचार्य सुशांत सिंह राजपूत के पूर्व मैनेजर हैं। उनका मानना है कि सुशांत आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते हैं। वहीं इस मामले में अपने द्वारा दिए गए बयान की वजह से अंकित आचार्य को नौकरी से निकल दिया गया है। वहीं उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है।

गौरतलब है कि रिया चक्रवर्ती के ‘रिट्रीव चैट्स’ के हवाले से ड्रग्स एंगल का खुलासा हुआ था। जिसे अभिनेत्री ने डिलीट कर दिया था। चैट रिया चक्रवर्ती और गौरव आर्या के बीच का है। बताया गया है कि गौरव एक ड्रग डीलर है, जो इस कारोबार में कई सालों से लगा हुआ है। मार्च 8, 2020 को भेजे गए मैसेज में रिया ने लिखा था कि अगर हम हार्ड ड्रग्‍स की बात करें तो मैंने ज्‍यादा ड्रग्‍स का इस्‍तेमाल नहीं किया है। वहीं दूसरी चैट में रिया ड्रग डीलर गौरव से पूछ रही हैं कि क्या उसके पास MD है?

बता दें कि MDMA को शॉर्ट फॉर्म में MD कहा जाता है। इसका आशय Methylenedioxymethamphetamine से है, जिसे काफी स्ट्रॉन्ग ड्रग माना जाता है।

व्हाट्सऐप चैट में रिया चक्रवर्ती से जया कहती हैं, ”चाय, कॉफी या पानी में 4 बूँद डालो और उसे पीने दो। असर देखने के लिए 30 से 40 मिनट रुको।” दोनों के बीच यह बात 25 नवंबर, 2019 को हुई थी।

इजराइल के लोगों को मारने के लिए फिलिस्तीनी इस्लामी आतंकी लोड कर रहे थे रॉकेट, धमाके में खुद के ही उड़े परखच्चे

फिलिस्तीन (Palestinian) के इस्लामी आतंकवादी समूहों के चार आतंकवादियों ने सोमवार (अगस्त 24, 2020) को शेजैया के पास गाजा सिटी के एक शिविर में बम तैयार करने के दौरान खुद को ही धमाके में उड़ा लिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों आतंकवादियों को फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद विंग के आतंकियों के रूप में पहचाना गया। कहा जा रहा है जब घटना घटी उस समय ये लोग उस रॉकेट को लोड कर रहे थे जिसके निशाने पर इजराइल की आबादी थी।

बता दें इससे पहले भी साल 2018 में इस तरह की एक घटना सामने आई थी। उस समय भी इस्लामिक जिहाद समूह के चार आतंकियों की मौत ऐसे ही हुई थी। वह भी इजराइल पर हमले की तैयारी में जुटे थे। मगर, उत्तरी गाजा शहर में आतंकवादी शिविरों के पास हुए बम विस्फोट पर फिलिस्तीन मीडिया ने दावा किया था कि विस्फोट इजरायल वायु सेना के हमलों के कारण हुए। जबकि इजराइल के सुरक्षा अधिकारियों ने उस क्षेत्र में आतंकी समूहों के ख़िलाफ़ किसी भी एक्शन से इंकार किया था और आशंका जाहिर की थी कि हो सकता है ये विस्फोट उनके ‘काम’ के दौरान हुआ हो।

इस घटना के बाद आतंकवादी समूह ने घोषणा भी की थी कि ‘कब्जे वाली भूमि से आपराधिक लोगों को हटाने की तैयारी के समय’ एक विस्फोट में चार आतंकवादी – इयाद जमाल अल-जिदी, मुताज़ अमीर अल-मुबिद, याह्या फरीद अल-मुबिद और याक़ूब ज़ायदेह मारे गए।

बता दें कि हालिया घटना के बाद हमास के एक सदस्य ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे यहूदियों की जमीन पर ऐसी हिंसा जारी रखेंगे, जब तक कि उनकी माँग पूरी नहीं हो जाती। हमास के नेता इस्माइल राडवान ने कहा, “इस घेराबंदी को तोड़ना हमारा अधिकार है।”

आतंकी हमले पर क्या बोला इजराइल

हाल ही में, गाजा से लगातार रॉकेट फायरिंग और आगजनी व बैलून हमलों के जवाब में इजरायल डिफेंस फोर्सेज उनके भूमिगत बुनियादी ढाँचे, हथियार उत्पादन सुविधाओं, सीमेंट कारखानों पर बमबारी कर रही हैं।

इजराइल के लड़ाकू जेट और टैंकों ने रविवार को दक्षिणी गाजा में हमास के आतंकी ठिकानों पर बमबारी की थी। जिसके बाद आतंकी समूहों ने सैकड़ों विस्फोटक उपकरणों और फायरब्रिजों को दक्षिणी इजराइल की ओर लॉन्च किया था। आईडीएफ ने कहा कि उन्होंने “दक्षिणी गाजा में हमास के आतंकी समूह की सैन्य चौकियों और भूमिगत ढाँचे पर हमला किया।”

इजराइल ने हमलों के बाद गाजापट्टी में अपना एकमात्र कमर्शियल क्रॉसिंग भी बंद कर दिया। उन्होंने केवल भोजन, दवा और मानवीय सहायता की अनुमति दी है। इज़राइल ने इसके अलावा तटीय परिक्षेत्र के आसपास मछली पकड़ने के क्षेत्र को भी बंद कर दिया है।

इसके अलावा यह भी उल्लेखनीय है कि साल 2007 में फिलिस्तीन प्रशासन के निष्कासन के बाद गाजापट्टी पर इजराइल और मिस्र ने नाकाबंदी की हुई है।

मैं नाबालिग थी, वो मेरे ड्रिंक में मिलाते थे ड्रग ताकि पुलिस के पास न जाऊँ: कंगना रनौत

सुशांत सिंह राजपूत के केस में ड्रग एंगल की अब हर जगह चर्चा है। इसी बीच एक्ट्रेस कंगना रनौत ने एक बार दोबारा बॉलीवुड के एक निश्चित तबके को अपने निशाने पर लिया है। कंगना ने अपने हालिया ट्वीट में लिखा है कि यदि बॉलीवुड में नॉरकोटिक्स टेस्ट हो गया तो कई सितारे में जेल में होंगे। इसके अलावा उन्होंने अपने एक ट्वीट में ये भी बताया कि जब वह छोटी थीं तो उन्हें ड्रिंक में ड्रग्स दिए जाते थे।

उन्होंने लिखा, “अगर नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो बॉलीवुड में आ गया तो कई A लिस्टर जेल में पहुँच जाएँगे। अगर ब्लड टेस्ट हुआ तो कई बड़े खुलासे होंगे। उम्मीद करती हूँ कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बॉलीवुड के इस गटर को भी साफ किया जाए।”

इसके बाद उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, “मैं तब नाबालिग थी और मेरे मेंटॉर इतने खतरनाक बन चुके थे कि वह मेरी ड्रिंक में ड्रग्स मिला देते ताकि मैं पुलिस के पास न जा सकूँ। जब मैं कामयाब हो गई और मुझे मशहूर फिल्मों की पार्टियों में एंट्री मिलने लगी और तब मेरा सामना सबसे शॉकिंग और भयानक दुनिया व ड्रग्स, अय्याशी और माफिया जैसी चीजों से हुआ था।”

यहाँ बता दें कि कंगना के ख़िलाफ़ कल गुरुग्राम सेक्टर 37 थाने में एक शिकायत भीमसेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर द्वारा की गई है। उनके अनुसार कंगना रनौत ने ट्वीट करके संविधान का अपमान किया है। इसके अलावा कंगना के आरक्षण संबंधी मुद्दे पर ट्वीट करने के कारण उन्हें बॉयकॉट करने की माँग भी उठ रही है। लेकिन सुशांत सिंह राजपूत के मामले में कंगना लगातार अपनी राय सोशल मीडिया पर रख रही हैं।

कुछ लोग उन पर इल्जाम भी लगा रहे हैं। लोग उन्हें अवसरवादी, पाखंडी और तरह-तरह की बाते कह रहे हैं। किंतु कंगना लगातार अपने स्टैंड पर स्पष्ट हैं। उनके निशाने पर सुशांत के गुनाहगारों के अलावा वे सब लोग हैं जो बॉलीवुड में नेपोटिज्म को बढ़ावा देते हैं। साथ ही बाहरी कलाकारों को दुत्कारते हैं।

सुशांत सिंह मामले में ड्रग एंगल की जाँच

बता दें, सुशांत सिंह केस में एक्टर के पिता द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के बाद सीबीआई के अलावा ईडी भी अपनी जाँच कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने रिया चक्रवर्ती की कुछ डिलीट चैट को रिट्रीव करके उनसे कुछ जानकारी निकाली है। मीडिया संस्थानों का दावा है कि उन्होंने उन चैट को एक्सेस किया जिससे पता चला कि रिया अपने टैलेंट मैनेजर जया साहा से ड्रग संबंधी बात कर रही थी और कुछ सुशांत केस से जुड़े अन्य संदिग्धों ने भी ड्रग्स को लेकर बात की थी। इन चैट्स के सामने आने के बाद ईडी ने ये बातचीत सीबीआई और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंप दी।

याद दिला दें कि सुशांत की मौत को उनके परिजन व फैन्स हत्या बता रहे हैं। ऐसे में हाल में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सुशांत ड्रग कनेक्शन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था, “जैसे एम्स के डाक्टर्स को सुनंदा पुष्कर के पेट में असली जहर मिला था। वैसा श्रीदेवी और सुशांत के केस में नहीं हुआ। सुशांत ने मौत के दिन दुबई के ड्रग डीलर अयाश खान ने उनसे मुलाकात की थी? आखिर क्यों?”

कुत्ते को पैर से कुचलते हुए महिला का वीडियो वायरल: सोशल मीडिया पर लोगों ने की सख्त कार्रवाई की माँग

सोशल मीडिया पर इस वक्त कुत्ते के बच्चों के साथ की जा रही क्रूरता के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में चलती कार में बैठी महिला दो अलग अलग मौकों पर दो पिल्लों को अपने पैरों से रौंदती हुई नजर आ रही है। इतना ही नहीं, महिला तब तक पिल्लों को कुचलती रहती है जब तक कि वो मर नहीं जाता।

डिस्क्लेमर: महिला की बर्बरता का यह वीडियो आपको विचलित कर सकती है। कृपया इसे अपनी रिस्क पर ही देखें।

वायरल वीडियो में दिख रही महिला का नाम पूजा ढिल्लो बताया जा रहा है। यह लखनऊ की रहने वाली हैं। पूजा लगातार पिल्ले (कुत्ते के बच्चे) को पैर से कुचलती हुई नजर आ रही है और कुत्ते का बच्चा दर्द से रोते हुए कराह रहा है। वहीं एक दूसरे वायरल वीडियो में महिला (संभवतः एक ही महिला) को कार के पीछे एक और पिल्ला को कुचलते हुए देखा जा सकता है। उसके साथ एक शख्स और है जो पिल्ला को टॉर्चर और मारने के तरीके पर अपने सुझाव दे रहा है।

इस वीडियो में कुत्ते के बच्चें के मुँह से खून बहता हुआ भी दिख रहा है। वीडियो को देखते हुए सोशल मीडिया यूजर ने दावा किया है कि पिल्ला मर गया है।

कुत्ते के बच्चों के साथ की गई निर्दयता और क्रूरता को देखते हुए सोशल मीडिया यूज़र्स ने महिला की जमकर आलोचना की है। इसके साथ ही उन्होंने ट्वीटर के जरिए महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

देश दहलाने की साजिश रचने वाले सोढ़ा खान, जिया सहित 10 आरोपितों को उम्रकैद की सजा: 11 साल बाद आया फैसला

राजस्थान के बाड़मेर की एक विशेष अदालत ने पाकिस्तान से विस्फोटक पदार्थ, हथियार और गोला-बारूद की तस्करी के 11 साल पुराने मामले में 10 लोगों को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन दोषियों में से एक, आंतकी संगठन बब्बर खालसा का सदस्य भी शामिल है। जो विस्फोटकों की खेप लेने के लिए बाड़मेर आया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सदर थाना पुलिस ने सितंबर 2009 सीमा पार पाकिस्तान से आतंकी संगठन बब्बर खालसा के लिए आए आरडीएक्स और हथियार सदर थाना पुलिस ने बरामद कर 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। इस मामले में 11 साल तक चले इस ट्रायल के बाद एससी-एसटी कोर्ट न्यायधीश वमिता सिंह ने आज सभी 10 आरोपितों को विस्फोटक अधिनियम एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राज्य सरकार की ओर से इस मामले में पैरवी विशिष्ट अभियोजक कमाल खान ने की।

इस दौरान सभी 10 आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे। बता दें इस पूरे मामले में चार अन्य आरोपित अभी भी फरार हैं। जिसमें दो पाकिस्तानी कुख्यात तस्कर फोटिया उर्फ़ लंबू और अली उर्फ़ आलिया पाकिस्तान में हैं। वहीं हरजोत सिंह और परमजीत उर्फ पंपा लंदन में छिपे है।

8 सितम्बर 2009 में पुलिस को बाड़मेर में हथियार और आरडीएक्स की सीमा पार से बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी। इस मामले में जब्त हथियारों व बारुद की आपूर्ति कथित तौर पर आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा को की जानी थी। पुलिस ने बाड़मेर जिले के मारुड़ी के निकट सोढिया खान उर्फ सोबदा खान, नजीर मिरु खान व नजीर जिम्मा खान को गिरफ्तार किया था। निशानदेही पर एक खेत से 8 विदेशी पिस्टल, 140 राउंड बॉल कॉटेज, 280 राउंड कॉटेज, 720 ग्राम के वायर, 6 किलोग्राम आरडीएक्स, 2 बैटरियाँ बरामद की गई थी।

इन्हें हुई उम्रकैद

आरोपितों के खिलाफ 11 साल चली इस सुनवाई की बाद आखिरकार मंगलवार को गुनहगारों को सजा दी गई। बाड़मेर में एससी/एसटी अदालत की विशेष न्यायाधीश वामिता सिंह ने अपने फैसले में सोढ़ा खान उर्फ सोबदार उर्फ लूणिया, नजीर पुत्र मीरू, नजीर पुत्र जिया, खानु खाँ उर्फ खानिया, जगमोहन सिंह, रमधा पुत्र मूसा, मूसा पुत्र सदीक, कलिया उर्फ कलाखां, मुबारक पुत्र हाजी और मीरू पुत्र बाबल को धारा 20 विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 2008 के दोषसिद्ध अपराध के लिए आजीवन कारावास (14 वर्ष) और दस-दस हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

‘इस्लाम शांति का धर्म नहीं है’: लेखक रॉबर्ट स्पेंसर की जिहाद के वैश्विक खतरे के बारे में ऑपइंडिया से बातचीत

हाल ही में ऑपइंडिया ने जिहाद वॉच के संस्थापक और निदेशक रॉबर्ट स्पेंसर के साथ बातचीत की। स्पेन्सर इस्लामिक जिहाद को लेकर अपने अनुभवों और विचारों को साझा करते हुए अब तक 19 किताबें लिख चुके हैं। उनकी दो पुस्तकों को एफबीआई ने ट्रेनिंग मेटेरियल के रूप में सूचीबद्ध किया है। 

पाकिस्तान सहित कई इस्लामिक देशों ने उनकी किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस्लाम पर उनके विचारों के परिणामस्वरूप यूनाइटेड किंगडम में उनके प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वह Stop Islamization of America ग्रुप के सह-संस्थापक भी हैं, जिसे American Freedom Defense Initiative के रूप में भी जाना जाता है।

फिलहाल वह संयुक्त राज्य अमेरिका में रह रहे हैं। ऑपइंडिया के संपादक नूपुर जे शर्मा से बात करते हुए, स्पेंसर ने कहा कि उनका परिवार ओटोमन साम्राज्य से है। उन्हें 1916 में वहाँ से निर्वासित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने इस्लाम में धर्मांतरण से इनकार कर दिया था।

जब उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि उनके दादा-दादी को अपनी जन्मभूमि क्यों छोड़नी पड़ी, तो उनके परिवार ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसकी वजह से उन्होंने इतिहास का गहन अध्ययन किया।

स्पेंसर और नूपुर ने कई बिंदुओं पर विस्तार से बात की। इस दौरान जो पहली बात सामने आई, वो यह था कि क्या इस्लाम शांति का धर्म है। इस पर रॉबर्ट स्पेंसर ने हँसते हुए कहा कि हर गलत धारणा का कोई न कोई स्रोत होता है। उन्होंने कहा कि SLM सलाम शब्द का मूल है जिसका अर्थ होता है शांति। इसी वजह से अधिकांश लोग सोचते हैं कि यह धर्म शांति को बढ़ावा देता है।

हालाँकि, SLM इस्लाम शब्द का भी मूल है, जिसका अर्थ है अधीन होना। कुरान कहता है कि आप केवल तभी शांति प्राप्त कर सकते हैं जब आप खुद को अल्लाह को सौंप देते हैं। समाज में सच्ची शांति केवल गैर-इस्लामी लोगों को इस्लाम मानने वाले को सौंपने से आती है। उन्होंने कहा कि शांति की परिभाषा जो अन्य धर्म सोचते हैं, वह इस्लाम से पूरी तरह से अलग है। अन्य धर्म जहाँ शांति को सह-अस्तित्व से जोड़ते हैं, वहीं इस्लाम का मानना है कि शांति केवल तभी संभव है जब इस्लाम पर विश्वास न करने वाले खुद को उनके अधीन कर दे। इस तरह के विश्वास का मूल कारण कुरान में गैर-इस्लामी लोगों की जहालत है।

भारत में धर्मांतरण की समस्या

संप्रदाय विशेष और ईसाइयों द्वारा भारत में धर्मांतरण की समस्या पर चर्चा करते हुए, स्पेन्सर ने कहा कि ईसाई और संप्रदाय विशेष जिस तरह से उपदेश देते हैं, उसमें बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि ईसाई आएँगे और आपको चर्च में बुलाने की कोशिश करेंगे ताकि वे आपको यीशु के बारे में बता सकें। यदि आप उनसे कहते हैं कि आपको इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है, तो वे आपको छोड़ देंगे। वहीं दूसरी तरफ, यदि आप संप्रदाय विशेष के लोग से कहते हैं कि आप अल्लाह के बारे में जानने के लिए मस्जिद में नहीं जाएँगे, तो वे आपके घर को जला देंगे।

वामपंथी इस्लामी साँठगाँठ

चर्चा के दौरान, लेफ्ट-इस्लामी साँठगाँठ के बारे में विस्तार से बात की गई थी। स्पेंसर ने कहा कि हालाँकि वामपंथी इस बात से इनकार करते हैं कि वे सत्तावादी हैं, मगर दुनिया के हर हिस्से में जहाँ वो अभी तक सत्ता में हैं, वे लोगों को स्वतंत्र भाषण के अधिकार से वंचित करते हैं। उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी, इस्लाम का समर्थन करते हैं, जबकि उनके बीच कोई अनुकूलता नहीं है, क्योंकि दोनों सत्तावादी हैं और वे अपने तरीके से एक नया आदेश स्थापित करने की कोशिश करते हैं।

इस्लाम को नियंत्रित करने में राज्य की भूमिका

स्पेंसर ने जोर देकर कहा कि वह यह नहीं मानते हैं कि राज्य को देश के धर्म को परिभाषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर संविधान सभी धर्मों को अनुमति देता है, तो समस्या तब पैदा होती है जब इस्लामवादियों जैसे सत्तावादी राज्य में वो अपने धर्म को स्थापित करने की कोशिश करते हैं। वे सभी अधिकारों का उपयोग करेंगे, लेकिन जैसे ही उन्हें मौका मिलेगा, वे देश में धार्मिक कानून स्थापित करेंगे। उनके मुताबिक भारत तभी इस्लामिक देश बनने से बच सकता है, जब हिंदू अपने धर्म में आस्था बनाए रखने के साथ ही इसे बचाने की इच्छा जागृत रखे।

सुशांत सिंह राजपूत के मौत के दिन एक्टर के घर के बाहर दो मिस्ट्री वीमेन के साथ दिखे थे संदीप सिंह: वीडियो से हुआ खुलासा

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह केस में संदीप सिंह का नाम अचानक से सुर्खियों में आ गया। एक्टर की मौत के बाद हर मौके पर उनकी तस्वीरें सामने आने लगीं। संदीप खुद को सुशांत का करीबी दोस्त बताते हैं। उन्होंने कई इंटरव्यूज में सुशांत के फिल्मी करियर और उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई बयान दिए हैं, लेकिन अब सुशांत केस को लेकर संदीप खुद सवालों के घेरे में आ गए हैं।

इसी कड़ी में मीडिया चैनल टाइम्स नाऊ ने एक वीडियो एक्सेस किया है, जिसमें संदीप सिंह को मिस्ट्री महिला के साथ देखा जा सकता है। वीडियो में संदीप सिंह को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के दिन एक्टर के घर के बाहर दो महिलाओं के साथ देखा गया। शिबानी दांडेकर के अनुसार फुटेज में दिखने वाली महिला राधिका निलानी और रिया की सहायक है।

लेकिन सवाल यह है कि जब संदीप सिंह 10 महीने तक सुशांत सिंह राजपूत के संपर्क में नहीं थे, तो संदीप सिंह इस घटना के आसपास कैसे आ गए, कैसे उन्हें अचानक से अस्पताल, एम्बुलेंस सहित सभी जगह देखा गया।

इधर सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग एंगल सामने आने के एक दिन बाद, बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार (अगस्त 26, 2020) को ‘बॉलीवुड कार्टेल’ की कथित उपस्थिति की बात की। स्वामी ने ट्विटर पर एक बार फिर से अपना दावा दोहराया कि बॉलीवुड अभिनेता की हत्या कर दी गई थी।

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा, “9 जुलाई को ही मैंने कहा था कि सुशांत की हत्या हुई है, ऐसे में सीबीआई के द्वारा इस की जाँच होनी चाहिए। पुलिस उलझी हुई थी और मामले का दुबई कनेक्शन भी था। अब मैंने जोर दिया है कि बॉलीवुड कार्टेल की पहचान की जाए और उसे मर्डर के पहले के सहायक के रूप में चिन्हित किया जाए।”

स्वामी का यह ट्वीट इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा ड्रग सिंडिकेट कनेक्शन की जाँच करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से मदद माँगने के बाद आया है।

इससे पहले एक ट्वीट में स्वामी ने फिल्म निर्माता संदीप सिंह की भूमिका पर सवाल उठाया था। संदीप, सुशांत के करीबी दोस्त होने का दावा करते हैं और उनकी मौत के दिन वह अभिनेता के निवास पर भी मौजूद थे।

स्वामी ने लिखा था, “संदीप सिंह से पूछताछ होनी चाहिए कि वह कितनी बार दुबई गया और क्यों गया?” एक अन्य ट्वीट में इस अनुभवी राजनेता ने दावा किया था कि अभिनेता को उनकी मौत से पहले जहर दिया गया था और उसके शव परीक्षण में जानबूझकर देरी की गई थी।

इससे पहले भी स्वामी ने सुशांत की मौत के मामले में दुबई कनेक्शन और पोस्टमार्टम लेट होने का मुद्दा उठाया था। सोमवार को ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा था, “जैसे एम्स के डाक्टर्स को सुनंदा पुष्कर के पेट में असली जहर मिला था। वैसा श्रीदेवी और सुशांत के केस में नहीं हुआ। सुशांत के मौत के दिन दुबई के ड्रग डीलर अयाश खान ने उनसे मुलाकात की थी? आखिर क्यों?”