Home Blog Page 4629

5 अगस्त ब्लैक डे: अफजल गुरु को शहीद बताने वाला कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी

आगामी 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के एक साल पूरे होंगे। कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी इससे संबंधित एक ट्वीट किया है। ट्वीट में उसने 5 अगस्त की तारीख़ को काला दिन बताया है। 

पिछले साल 5 अगस्त के दिन जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म किया गया था। अगस्त महीने की 5 तारीख़ को इस ऐतिहासिक कदम के एक साल पूरे हो जाएँगे। जिसके विरोध में सलमान निज़ामी ने ट्वीट किया है। सलमान जम्मू-कश्मीर कॉन्ग्रेस के नेता हैं।

उसने ट्वीट कर कहा है, “5 अगस्त जम्मू-कश्मीर के लिए एक काला दिन है। अनुच्छेद 370 बहाल कर फिर से राज्य का दर्जा दिया जाए।”

टाइम्स नाउ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ सलमान खुद को राहुल गाँधी का क़रीबी सहयोगी बताता है। सलमान निजामी भारत विरोधी बातों के लिए जाना जाता है। वह आजाद कश्मीर का समर्थक है। वह अलगाववादियों और आतंकी गतिविधियों का समर्थन करता है।

सलमान का यह भी मानना रहा है कि अफजल गुरु आतंकवादी न होकर शहीद था। एक बार उसने ट्वीट किया था, “तुम कितने अफजल मारोगे, हर घर से अफजल निकलेगा।”

कॉन्ग्रेस नेता सलमान ने यह ट्वीट ऐसे वक्त में किया है जब पाकिस्तान भी दुष्प्रचार में लगा है। वह दुनिया के सामने 5 अगस्त को एक बेहद बुरे दिन के तौर पर दिखाना चाह रहा है। पाकिस्तान दुष्प्रचार करने में लगा हुआ है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्य के लोग बहुत दुखी हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर के तमाम नेताओं और अलगाववादियों की गिरफ़्तारी के बावजूद राज्य में इसका कोई विरोध नज़र नहीं आया था।  

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहाँ के लोगों को यह समझ आया कि इसका फ़ायदा केवल उन नेताओं को ही मिल रहा था। इसके पहले तक राज्य के लोगों की बात नहीं हो रही थी पर अब हो रही है। इसलिए जम्मू-कश्मीर के लोग भी इस फैसले का पूरा समर्थन कर रहे हैं। ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने भी 5 अगस्त को काला दिन कहा था और इस दिन विरोध-प्रदर्शन करने के लिए भी कहा था।    

जो हो रहा अच्छा हो रहा, पता था राम मंदिर बनकर रहेगा: बाबरी विध्वंस की जाँच करने वाले जस्टिस लिब्राहन

अयोध्या में 5 अगस्त को भूमिपूजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में है। इस बीच लिब्राहन आयोग के चेयरमैन जस्टिस मनमोहन सिंह लिब्राहन ने कहा है कि वे जानते थे, एक दिन अयोध्या में राम मंदिर बनकर रहेगा।

उन्होंने यह बात दैनिक जागरण के अनुराग अग्रवाल को दिए इंटरव्यू में कही है। लिब्राहन आयोग का गठन विवादित ढॉंचा गिराए जाने की घटना की जॉंच के लिए हुआ था।

मंदिर और मस्जिद को लेकर 17 साल तक चले जाँच पर पूछे गए सवाल को लेकर लिब्राहन आयोग के चेयरमैन ने कहा कि गठन यह जानने के लिए नहीं किया गया था कि अयोध्या में राम मंदिर था या बाबरी मस्जिद। आयोग को सिर्फ यह जाँच करनी थी कि विवादित ढाँचा किसने गिराया और किसके कहने पर गिराया।

भूमिपूजन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि देश के प्रधानमंत्री भूमिपूजन के लिए अयोध्या पहुँच रहे है। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अनुपालन कर रही है। जो भी हो रहा है, अच्छा हो रहा है।

उन्होंने यह कहा कि मुझे तो पहले दिन से पता था कि अयोध्या में एक न एक दिन राम मंदिर का निर्माण होगा। मुझे विवादित ढाँचा गिराए जाने की जाँच 1992 में मिली, लेकिन मुझे इस बात का आभास 1981 से था कि राम मंदिर बनकर रहेगा।

एक सवाल के जवाब में जस्टिस लिब्राहन ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, दोनों ऐसे नेता हैं, जिनमें हर तरह की समझ है। उनका भाषायी ज्ञान अच्छा है। उन्हें परिस्थितियों को अपने अनुकूल करना आता है। उनकी एक विचारधारा है। दोनों ही एक परिपक्व राजनीतिक सोच के आदमी हैं। वाजपेयी अक्सर शांत रहते थे। वह इशारों में सारा काम करवा देते थे और खुद चुप बैठ जाते थे। उमा भारती और ऋतंभरा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा दोनों एक से बढ़कर एक हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी अयोध्या जाएँगे। पाँच अगस्त को पीएम मोदी करीब 3 घंटा रामनगरी अयोध्या में रहेंगे। भूमि पूजन के बाद वे अयोध्या में पर्यटन पर भी कार्यक्रम देखेंगे।

मेरे घर में तिलक हटाकर आओ: संगीतकार एआर रहमान की अम्मी ने जब गीतकार से हिंदू चिह्न हटाने को कहा

संगीतकार एआर रहमान (A R Rehman) के परिवार को लेकर तमिल गीतकार पिरईसूदन (Piraisoodan) ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है। इससे पता चलता है कि रहमान का परिवार हिंदू चिह्नों व सभ्यता के प्रति कितना असहिष्णु है।

अपने साथ हुई घटना को याद करते हुए कवि व गीतकार पिरईसूदन ने बताया कि वे एक सरकारी कार्यक्रम में रहमान से मिले। वहाँ रहमान को उन्हें देख कर याद आया कि उन लोगों ने कैसे बीते समय में एक साथ काम किया था।

गीतकार पिरईसूदन के अनुसार, इसी कार्यक्रम में रहमान ने उन्हें पुरानी यादें और साथ को तरोताजा करने के लिए अपने घर आकर गाना लिखने को आमंत्रित किया। लेकिन जब पिरईसूदन रहमान के घर गए तो उनकी अम्मी ने उन्हें घर में विभूति और कुमकुम तिलक न लगाकर आने को कहा। इसे सुनते ही पिरईसूदन ने अपने माथे से धार्मिक चिह्नों को हटाने से मना कर दिया।

गौरतलब है कि हिंदू धर्म में विभूति और कुमकुम माथे पर लगाया जाता है। खासकर दक्षिण भारत में तो हर हिंदू के माथे पर ये चिह्न देखने को मिलते हैं। ऐसे में पिरई के लिए रहमान की अम्मी के शब्द किसी धक्के से कम नहीं थे।

यहाँ बता दें कि एआर रहमान जन्मजात इस्लामी नहीं है। उनके परिवार ने कुछ समय पहले तब इस्लाम कबूला था जब उनकी बहन और पिता बहुत बीमार पड़ गए थे और एक सूफी ने उनसे लड़की की जान बचाने के नाम पर इस्लाम कबूलने को कहा। इस घटना के बाद ही दिलीप कुमार से वे एआर रहमान बन गए और कस्तूरी शेखर बनी करीमा बेगम।

इसके बाद रहमान कई विवादों का हिस्सा बने। एक बार उन्होंने हिंदू देवताओं को अपने पिता की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था और कहा था जिसे उनके पिता पूजते थे, उन्होंने ही उसकी जान ली। वहीं रहमान की बहन खतीजा रहमान ने भी बुर्का को डिफेंड किया था और ये कह दिया था कि इससे लड़कियाँ सशक्त होती हैं।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर अलग विवाद छिड़ने के बाद रहमान ने आरोप लगाया था कि बॉलीवुड के एक गैंग ने उनके ख़िलाफ़ काम किया ताकि उन्हें कम काम मिले। रहमान ने यह भी कहा कि उन्हें बहुत ‘डार्क’ फिल्में दी जाती हैं, अच्छी नहीं, क्योंकि अधिकांश लोग उस गैंग का हिस्सा हैं।

तारीख: 5 अगस्त, जगह: अयोध्या, आतंकी: 20, पढ़िए पाकिस्तान के नापाक प्लान का पूरा ब्यौरा

5 अगस्त को अयोध्या और जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश पाकिस्तान ने रची है। इसके लिए उसने अफगानिस्तान में 20 तालिबानी आतंकियों को प्रशिक्षण दिया है। खुफिया एजेंसियों ने इस खतरे को लेकर आगाह किया है।

5 अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन होना है। वहीं य​ह दिन जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने की सालगिरह भी है। इससे पहले मई में जम्मू-कश्मीर में ईद पर बड़े आतंकी हमलों की पाकिस्तानी साजिशों का नाकाम कर दिया गया था।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट के अनुसार अफगानिस्तान के जलालाबाद में पाकिस्तानी सेना के स्‍पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) द्वारा प्रशिक्षित तालिबानी आतंकवादी देश के कुछ हिस्सों में हमले की साजिश रच रहे हैं।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया एजेंसी को पिछले कुछ हफ़्तो से आतंकी हमलों को लेकर सूचना मिल रही है। इसके अनुसार आतंकी 15 अगस्त को भी हमले को अंजाम दे सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई चेतावनी के बाद अयोध्या, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

खुफिया एडवाइजरी के अनुसार, “ईद-उल-फितर के मौके पर 26 से 29 मई 2020 के बीच जम्मू-कश्मीर में हमले के लिए अफगानिस्‍तान के जलालाबाद में पाकिस्तान सेना के एसएसजी ने लगभग 20 तालिबानी आतंकियों को प्रशिक्षित किया गया था। हालाँकि, सुरक्षा बलों की पर्याप्त सतर्कता के कारण आतंकवादी हमले को अंजाम नहीं दे सके।”

इनपुट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान सेना 20-25 आतंकियों को नियंत्रण रेखा (जम्मू-कश्मीर के साथ) और 5-6 को नेपाल सीमा से घुसपैठ कराने की फिराक में है।

सुरक्षा एजेंसियों ने आगाह करते हुए कहा है कि हमला 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के उन्मूलन की वर्षगांठ के अवसर पर या 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान होगा। 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन पर भी हमला हो सकता है।

इसे देखते हुए सेना और सुरक्षा एजेंसियों को अधिक चौकन्‍ना और अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित एजेंसियों और पुलिस को सख्त निगरानी रखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार समन्वय करने के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पाँच अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन में शामिल होंगे।

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर 5 अगस्त को मनेगा उत्सव, 17000 वर्ग फीट की एलईडी से दर्शन देंगे श्रीराम

अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन होने वाला है। इस दिन को न्यूयॉर्क में भी यादगार बनाने के लिए के लिए कोशिशे की जा रही हैं। 5 अगस्त को न्यूयॉर्क की प्रतिष्ठित इमारत टाइम्स स्क्वायर पर भगवान राम की भव्य तस्वीर प्रदर्शित होगी। 17,000 वर्ग फीट वाली एलईडी स्क्रीन पर उनकी त्रिआयामी (थ्रीडी) चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा।

अमेरिका-भारत सार्वजनिक मामलों की समिति के अध्यक्ष जगदीश सेव्हानी ने बुधवार को बताया कि 5 अगस्त को न्यूयॉर्क में ऐतिहासिक क्षण मनाने की व्यवस्था की जा रही है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे।

सेव्हानी ने पीटीआई से बातचीत की और कहा कि इस अवसर के लिए जिन प्रमुख होर्डिंगों को लीज पर लिया गया है, उनमें विशाल नैस्डैक स्क्रीन और 17,000 वर्ग फुट की रैप-अराउंड led डिस्प्लेस्क्रीन शामिल है। माना जाता है कि 17,000 वर्ग फुट की रैप अराउंड स्क्रीन टाइम्स स्क्वायर की उच्चतम रिजोल्यूशन वाली led स्क्रीन है।

5 अगस्त को सुबह 8 बजे से रात के 10 बजे तक हिंदी और इंग्लिश में ‘जय श्री राम’, भगवान राम के चित्र और वीडियो, मंदिर के डिजाइन और वास्तुकला के 3डी चित्र के साथ-साथ प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास की तस्वीरें टाइम्स स्क्वायर की कई होर्डिंग्स पर प्रदर्शित की जाएँगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सेव्हानी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हिंदुओं के लिए राम मंदिर के निर्माण का सपना सच हो पाया है। 6 साल पहले तक हमने ये कभी नहीं सोचा था कि ये दिन इतनी जल्दी आएगा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के कारण यह दिन आ गया है और हम इसे धूमधाम से मनाना चाहते हैं।”

वे बोले, “भारतीय समुदाय के लोग भी 5 अगस्त को टाइम्स स्क्वायर पर मौजूद रहेंगे और इस खुशी के मौके पर मिठाइयाँ बाँटेंगे।” उन्होंने कहा, “यह कोई ऐसा इवेंट नहीं है, जो किसी की जिंदगी में या फिर दशकों में आता हो। बल्कि ये एक ऐसा इवेंट है जो मानव जाति के जीवन में एक बार आता है। हमें इसे एक शानदार उत्सव के तौर पर मनाना है और प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर से बेहतर जगह और क्या हो सकती है।”

उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि अयोध्या पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दशकों से लंबित इस मामले को सुलझाया था। कोर्ट ने सरकार को राम मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का निर्माण फरवरी में हुआ और अब 5 अगस्त को इसके भूमि पूजन की तारीख तय हुई है।

बेचारी आज तक सब फ्री फंड में कर रही थी: स्वरा भास्कर पर कंगना रनौत का तंज

रॉ के एक पूर्व अधिकारी ने खुलासा किया था कि फिल्म ‘छपाक’ के प्रमोशन के दौरान JNU प्रोटेस्ट में नजर आने वाली दीपिका पादुकोण को पाकिस्तानी एजेंट अनिल मुसर्रत से करीब 5 करोड़ रुपए मिले थे। इस खुलासे के बाद राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौत ने वामपंथी गिरोह की सदस्य स्वरा भास्कर पर कटाक्ष किया है।

@KanganaTeam ने ट्वीट कर स्वरा पर व्यंग्य करते हुए कहा है कि वह यह जानकर चौक गई होंगी की दीपिका पादुकोण को प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पैसे मिले, जबकि उसने इतने प्रदर्शन आज तक फ्री में किए हैं।

ट्वीट में कहा गया है, “बेचारी ⁦स्वरा तो आज तक सब फ़्रीफ़ंड में कर रही थी। उसे यक़ीन नहीं हो पा रहा कि दीपिका को JNU जाने के पैसे मिलते हैं।”

बता दें, यह ट्वीट टीम कंगना रनौत नाम के एक ट्विटर हैंडल से किया गया है, जो फिलहाल वेरिफाइड नहीं है।लेकिन माना जाता है कि यह कंगना का आधिकारिक एकाउंट है।

कंगना ने स्वरा भास्कर पर यह ट्वीट तब किया जब हाल ही रॉ के पूर्व अधिकारी एनके सूद के चौंकाने वाला खुलासा किया था। सूद ने आरोप लगाया था कि दीपिका पादुकोण और पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट अनिल मुसर्रत का आपस में कनेक्शन है।

पूर्व खुफिया अधिकारी ने दावा किया था कि दीपिका पादुकोण को जेएनयू का दौरा करने से पहले दो फोन आए थे। एक कॉल कराची से थी और दूसरी दुबई से। उन्होंने कहा कि मुसर्रत या उसके किसी साथी ने पादुकोण से JNU जाने का आग्रह किया था। इसके लिए उन्हें 5 करोड़ रुपए भी दिए थे।

वहीं इस खुलासे के बाद उस विरोध-प्रदर्शन में शामिल रही स्वरा भास्कर ने इन आरोपों को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दीपिका को 5 करोड़ मिलने का दावा सिर्फ लोगों को भ्रमित करने के लिए है। यह आरोप अश्लील और अपमानजनक है।

गौरतलब है कि साल 2020 की शुरुआत में जेएनयू में हुए प्रदर्शन में जाकर दीपिका ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ उसमें भाग नहीं लिया। लेकिन वहाँ जाकर खड़ी जरूर हुई थीं। इसके बाद दीपिका पर कई तरह के सवाल उठे थे।

बता दें दीपिका ने अपनी फिल्म ‘छपाक’ के रिलीज से ठीक पहले ये स्टंट किया था। वे जेएनयू में छात्रों पर हुई हिंसा के विरोध-प्रदर्शन में पहुँची। लेकिन यहाँ उन्होंने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान पीड़ित बच्चों से मिलकर पूरा मामला जानने-समझने की बजाए, जेएनयू अध्यक्ष आइसी घोष से और उनके दोस्तों से मिलना उचित समझा।

वहीं इस पीआर स्टंट के लिए दीपिका को सीमा पार से भी समर्थन मिला था। पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता आसिफ गफूर ने खुद ट्वीट कर दीपिका के जेएनयू जाने पर प्रशंसा की थी।

प्रियंका गाँधी ने खाली कर दिया लोधी एस्‍टेट वाला सरकारी बंगला, 01 अगस्त की थी डेडलाइन

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने लोधी एस्टेट में केंद्र सरकार द्वारा आवंटित आवास खाली कर दिया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रियंका से नई दिल्ली स्थित सरकारी बंगला 01 अगस्त तक खाली करने को कहा था। उनकी ओर से जारी आदेश में कहा गया कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उन्हें मौजूदा आवास 35 लोधी एस्टेट खाली करना पड़ेगा क्योंकि जेड प्लस की श्रेणी वाली सुरक्षा में आवास सुविधा नहीं मिलती।

बताया जा रहा है कि प्रियंका गाँधी पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी होने की वजह से अब ज्यादा समय राज्य में बिताएँगी और लखनऊ में गोखले मार्ग स्थिति शीला कौल के आवास में रहेंगी। यह मकान खाली पड़ा है और फिलहाल इसकी मरम्मत और रंगाई-पुताई का काम चल रहा है।

शीला कौल देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की भाभी थीं। वह केंद्रीय मंत्री औेर राज्यपाल भी रहीं। साल 2015 में उनका निधन हो गया था। केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी और उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी।

वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अब प्रियंका गाँधी को पूरे देश की राजनीति पर नजर रखनी है, इसीलिए उन्होंने दिल्ली के नजदीक गुरुग्राम में घर लिया है। बताया जा रहा है कि उन्‍होंने गुरुग्राम के सबसे पॉश इलाके में फ्लैट लिया है जबकि, इससे पहले उनके लखनऊ में शिफ्ट होने की खबरें सामने आई थीं।

सुशांत सिंह केस की CBI जाँच की माँग वाली में याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कहा- बॉम्बे HC जाएँ

सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की जाँच माँग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस को इस मामले की जाँच करने दीजिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अलख प्रिया का इस मामले में कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि वह बॉम्बे हाई कोर्ट जाएँ।

इससे पहले बुधवार (जुलाई 29,2020) शाम को महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने भी इस मामले में साफ शब्दों में यही कहा था कि मुंबई पुलिस ही जाँच करेगी। उन्होंने बुधवार को पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर मीडिया से बातचीत में यह स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि ये केस सीबीआई को ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।

बता दें, सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 1 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है लेकिन अब तक मौत के पीछे की वजह सामने नहीं आ पाई है। वहीं हाल ही में राजनेता सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अभिनेता के असामयिक निधन की सीबीआई जाँच का अनुरोध किया था।

पीएम मोदी के पत्र स्वीकार करने की जानकारी के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए कंगना रनौत की टीम ने ट्विटर पर लिखा, “हमारी संवेदनशील और जिम्मेदार सरकार सुशांत को न्याय दिलाने की हमारी एकमात्र आशा है और इसमें उन लोगों की उम्मीद भी शामिल है, जिन्हें अभी भी निशाना बनाकर फिल्म माफिया की ओर से तंग किया जा रहा है। हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद।”

उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने भी गृहमंत्री अमित शाह से सुशांत के मामले में सीबीआई जाँच की माँग की थी। उन्होंने लिखा, “माननीय अमित शाह सर, मैं सुशांत सिंह राजपूत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती हूँ। अब सुशांत के निधन को एक माह से ज्यादा बीत चुका है। मेरा न्याय के मामले में सरकार पर पूरा विश्वास है। मैं अनुरोध करती हूँ कि इस मामले में सीबीआई जाँच हो।”

हालाँकि, सुशांत के पिता की शिकायत के बाद रिया का रवैया एकदम से बदल गया। अब फिलहाल इस केस में मुंबई पुलिस के साथ बिहार पुलिस भी अपनी जाँच कर रही है। दोनों प्रदेशों की पुलिस ने एक-दूसरे के साथ संपर्क बनाया हुआ है। इस केस में जाँच के लिए सुशांत की बहन मीतू सिंह और उनके दोस्त कृष्णा शेट्टी का बयान भी दर्ज हुआ है। सुशांत के अधिकतर फैन और सितारे इस मामले में सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं।

‘हीरो, गाजी, इस्लाम का शेर’: कोर्ट में अहमदिया की हत्या करने वाले खालिद का दीवाना हुआ पाकिस्तान

पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी शहर पेशावर की एक भरी अदालत में कल (जुलाई 29, 2020) ईशनिंदा के आरोपित ताहिर शमीम अहमद को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। ताहिर को मारने वाले का नाम खालिद खान है।

सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने दावा किया कि खालिद ने ताहिर को गोली मार कर कहा कि उसके सपने में पैगंबर आए थे। इसलिए उसने ताहिर को गोली मारी। वहीं पुलिस की हिरासत में खालिद ने ये माना कि उसने ताहिर को इसलिए गोली मारी. क्योंकि वह अहमदिया समुदाय का था।

हैरानी की बात ये है कि भरी अदालत में एक अहमदिया समुदाय के व्यक्ति को मारने के बाद खालिद पाकिस्तान में कट्टरपंथियों का हीरो बन गया। लोगों ने उसकी तरह-तरह से तारीफें करनी शुरू कर दीं और उसे न केवल ‘इस्लाम का शेर’ लिखा बल्कि फेसबुक व ट्विटर पर उसकी डीपी लगाने लगे।

एक सोशल मीडिया यूजर बाली खान ने इस हत्यारे की तारीफ में लिखा, “उसके नाज़ुक चेहरे की मुस्कुराहट और आत्मविश्वास को देखिए, मेरा मतलब है कि वह कितना भाग्यशाली है कि उसे ये मौका मिला। अल्लाह उसकी हिम्मत बढ़ाए और उसे सहारा देने के लिए हमारी हौसला अफजाई करे…।”

वहीं, दूसरे ने लिखा कि हर नायक टोपी में नहीं आता। इसके बाद एक युवक ने लिखा कि जब भी कोई उनके मजहब का मजाक बनाएगा, तब तब अल्लाह किसी हीरो को भेजेगा।

कोर्ट में गोली चलाने वाले खालिद की तारीफ में जहाँ मियाँ अहमद ने उसको इस्लाम का दूसरा हीरो लिखा। वहीं लोगों ने उसकी तुलना उन लोगों से की जिन्होंने बीते समय में इसी प्रकार ईशनिंदा करने वालों को सजा दी थी। इसके लिए पाकिस्तानी लोग खालिद की तुलना आमिर छीमा और इल्मुद्दीन जैसे आतंकियों से करने से भी नहीं चूँके।

बता दें, आमिर छीमा एक पाक आतंकी था जिसने जर्मनी में एक समाचार पत्र के दफ्तर में घुसकर संपादक को चाकू से इसलिए मारने की कोशिश की थी, क्योंकि उसने पैगंबर पर कार्टून छापा था। इसी प्रकार इल्मुद्दीन ने भी ऐसे ही एक किताब प्रकाशक महेश राजपाल पर हमला बोला था।

सबसे हैरानी की बात ये है कि खालिद खान के अपराध का महिमामंडन इमरान खान की पार्टी लीडर हलीम आदिल शेख तक ने किया है। उन्होंने खालिद की फोटो बतौर हीरो सोशल मीडिया पर अपनी डीपी की जगह लगाई। हालाँकि आलोचना के बाद उन्होंने ट्विटर पर ये अलग से सफाई दी है कि वह अपने फेसबुक अकाउंट को मैनेज नहीं करते और ये काम बिना उनके संज्ञान में डाले हुआ है।

गौरतलब है कि खालिद ने जिस आरोपित को भरी अदालत में गोली मारकर मौत के घाट उतारा, उसने खुद के नबी होने दावा किया था। उस पर दो साल पहले ईशनिंदा का आरोप लगा था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। कल उसके इसी मामले की सुनवाई चल रही थी।

बता दें, पाकिस्तान में ईशनिंदा एक दण्डनीय अपराध है। यहाँ यदि कोई इस अपराध के तहत गिरफ्तार होता है तो उसे आजीवन कारावास की सजा या फिर मौत की सजा सुनाई जा सकती है। लेकिन अगर वह आम जनता के हत्थे चढ़ जाए तो उसे मौके पर मौत दे दी जाती है।

2011 में पंजाब के एक गवर्नर को उसके ही सुरक्षा गार्ड ने मार डाला था। उन्होंने असिया बीबी नाम की एक ईसाई महिला का बचाव किया था। इस महिला पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। असिया बीबी को मौत की सजा सुनाई गई थी।

‘ईशनिंदा’ वालों के हत्यारों की पाकिस्तान में जिन्ना और इकबाल के समय से ही इबादत की जाती है

उल्लेखनीय है कि ऐसी घटनाओं पर इस्लामिक मुल्क पाकिस्तान के पिता यानी, मोहम्मद अली जिन्ना को याद किया जाना भी जरूरी है, क्योंकि ये सब सितंबर 1929 में, विभाजन के पूर्व लाहौर में शुरू हुआ, जब एक अनपढ़ 19 वर्षीय मुस्लिम युवक इल्म-उद-दीन ने एक हिंदू प्रकाशक महेश राजपाल को पुस्तक ‘रंगीला रसूल’ प्रकाशित करने के लिए चाकू मार दिया था।

यह ईशनिंदा का भारतीय उपमहाद्वीप में पहला मामला था। इससे पहले इस प्रकार की ‘ईशनिंदा’ से संबंधित घटना कभी नहीं घटी थी। हत्यारे इल्मुद्दीन के बचाव पक्ष के वकील मुहम्मद अली जिन्ना थे। इल्मुद्दीन को अक्टूबर, 1929 में मियाँवाली जेल में फाँसी दी गई थी।

यह भी उल्लेखनीय है कि आज लाहौर के मियाँ साहिब कब्रिस्तान में इल्मुद्दीन का मकबरा है। वह ‘गाजी’ और ‘शहीद’ के रूप में पूजा जाता है। हर साल 30 अक्टूबर को वहाँ ‘उर्स’ का आयोजन होता है और हजारों समर्थक एक ऐसे व्यक्ति को अपना सम्मान देने के लिए आते हैं, जिसे वे पैगंबर का सबसे बड़ा ‘प्रेमी’ मानते हैं।

इल्मुद्दीन के शरीर को कब्र में दफनाते समय, ‘सारे जहाँ से हिन्दुस्तान हमारा’ ‘कविता’ को लिखने वाले पाकिस्तान की राष्ट्रीय कवि अल्लामा इकबाल, ने बेहद भावुक होकर कहा था, “यह अशिक्षित नौजवान, हम शिक्षित लोगों से भी कहीं आगे निकला।”

भारत के सहयोग से बनी मॉरीशस की सुप्रीम कोर्ट: PM मोदी ने किया उद्घाटन, कहा – ‘अमर रहे मैत्री’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रवींद जगन्नाथ (Mauritian PM Pravind Jugnauth) ने बृहस्पतिवार (जुलाई 30, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संयुक्त रूप से मॉरिशस के सुप्रीम कोर्ट के नए भवन का उद्घाटन किया। मॉरिशस की राजधानी पोर्ट लुई में इस भवन का निर्माण भारत के आर्थिक सहयोग से किया गया है। इस उद्घाटन समारोह में कोर्ट के जज, न्याय विभाग के अधिकारी के अलावा दोनों देशों के गणमान्य ने भी हिस्सा लिया।

वर्ष 2016 में भारत ने मॉरिशस को 35.3 करोड़ डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग इसी कड़ी का हिस्सा है। इसके साथ ही भारत के सहयोग से 100 बेड का एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भी तैयार किया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस को COVID-19 महामारी के प्रभावी प्रबंधन के लिए बधाई दी और अपनी खुशी का इजहार किया। भारत ने मॉरिशस को दवाइयों की समय पर आपूर्ति और अनुभवों को साझा कर मॉरीशस सरकार की मदद की है।

पीएम मोदी ने कहा- “सबसे पहले, मैं सरकार और मॉरीशस के लोगों को COVID-19 वैश्विक महामारी के प्रभावी प्रबंधन के लिए बधाई देता हूँ। मुझे खुशी है कि भारत समय पर दवाइयों की आपूर्ति और अनुभवों को साझा करके कोरोना प्रबंधन में सहयोग दे सका।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और मॉरीशस दोनों ही हमारी स्वतंत्र न्यायपालिकाओं को, हमारी लोकतांत्रिक प्रणालियों के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में सम्मान देते हैं। यह नई इमारत अपने आधुनिक डिजाइन और निर्माण के साथ इस सम्मान की निशानी है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम न केवल हिंद महासागर के जल को मॉरिशस के साथ साझा करते हैं, बल्कि संस्कृति और भाषा की एक साझी विरासत भी है। हमारी दोस्ती अतीत से ताकत लेती है और भविष्य की ओर देखती है। भारत ने मॉरिशस के लोगों की उपलब्धियों पर गर्व किया है।”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ओर से मॉरिशस को वर्ष 2016 में विशेष आर्थिक पैकेज का सहयोग दिया गया था, जिसके तहत वहाँ 5 इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाना है। इसमें से 2 का शुभारंभ पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।