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तबलीगी जमात का थूक साफ कर रहे लिबरल मूर्खों से पाला पड़े तो क्या करें?

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर मूर्ख लिबरलों से कैसे बात करें, इसके बारे में मैंने बीते साल दिसंबर में लिखा था। वैसे तो मूर्खों के साथ बहस करना हमेशा व्यर्थ ही होता है, लेकिन इनको जवाब देने के भी अपने मजे हैं। इसलिए मैं फिर से हाजिर हूॅं, क्योंकि ‘मूर्ख लिबरल’ भी लौट आए हैं। फिलहाल वे तबलीगी जमात का थूक साफ करने में लगे हैं।

जाहिल और दिमाग से पैदल ऐसे लोग आपको फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसी जगहों पर आसानी से दिख जाएँगे। यहाँ न भी दिखें तो कुछ आपको अपने आस-पास टहलते हुए अवश्य मिल जाएँगे। क्या कभी आपका पाला ऐसे कूढ़मगज से पड़ा है? यदि नहीं तो आप सौभाग्यशाली हैं। लेकिन यदि पाला पड़ जाए तो आप इनके कुतर्कों से कैसे बचेंगे? नीचे कुछ उनके ऐसे ही बेतुके सवालों के जवाब दिए गए हैं। इन्हें पढ़ने के बाद आप आसानी से न केवल उन्हें जवाब दे पाएँगे, बल्कि उन्हें भागने को भी मजबूर कर देंगे।

लिबरल इडियट: तब्लीगी जमात वाले वायरस नहीं फैला रहे हैं। सरकार अन्य लोगों की तुलना में उन्हें ज्यादा ट्रेस कर रही। उनकी ज्यादा टेस्टिंग कर रही। लिहाजा उनकी संख्या ज्यादा है।

आप: उन्हें बताइए कि सरकार पूर्वाग्रह से किसी एक संगठन के सदस्यों की तलाश नहीं कर रही। उनकी जॉंच इस​लिए करनी पड़ रही है क्योंकि उनके साथ निजामुद्दीन के मरकज में रहे कुछ लोग संक्रमित पाए गए थे। क्या कनिका कपूर के पॉजीटिव पाए जाने के बाद सरकार ने उनकी पार्टी में शामिल सभी लोगों को ट्रेस नहीं किया था।?

लिबरल इडियट: बिल्कुल भक्त! तो क्या आप कनिका कपूर पर भी संक्रमण फैलाने का आरोप लगा रहे हैं? फिर यह नफरत सिर्फ तबलीगी जमात के लिए ही क्यों?

आप:  हाँ, बेवकूफों, कनिका कपूर को हर किसी ने दोषी बोला है। साथ में उस पर वायरस फैलाने का आरोप लगाया गया था। लोगों ने उसे जेल भेजने की भी माँग की हैं। यहाँ तक उसके खिलाफ़ पुलिस केस भी दर्ज है। आप बेवकूफों की समस्या यह है कि आप यह भी नहीं जानते कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं।

लिबरल इडियट: लेकिन आप लोगों ने यह नहीं कहा कि कनिका कपूर किसी साजिश के तहत ऐसा कर रही थीं। आपने उस पर किसी तरह के नफ़रत का आरोप नहीं लगाया। लेकिन इस घटना के बाद से आप लोग ‘कोरोना जिहाद’ का उपयोग कर रहे हैं, क्या वो सही है!

आप: मैं जरूर कनिका पर साजिश का आरोप लगाता। लेकिन मैंने उसके सभी वीडियो खोजे और कहीं भी उसने यह बात नहीं कहीं कि उसका गाना सबसे अच्छा था और अन्य लोग उससे नीचे थे। वो ये भी नहीं मानती की उसे जन्नत नसीब हो, क्योंकि वह अच्छा गाती है और बाकी वे सभी लोग नरक में चले जाएँ जो उसके एलबम को नहीं खरीदते हैं। उसका कोई भी वीडियो आज तक ऐसा नहीं आया, जिसमें उसने दावा किया हो कि दिन में पाँच बार ‘बेबी डॉल मैं सोने दी’ गाकर वायरस ठीक किया जा सकता है।

लिबरल इडियट: आपकी बातों का कोई मतलब नहीं है।

आप: हाहाहा… इतने मासूम होने का दिखावा नहीं करते। आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ। मुद्दा यह है, यदि आप अपने विश्वास को दिखाते हैं तो आपकी मान्यताओं पर सवाल उठाया जाएगा।

लिबरल इडियट: फिर आप उन हिंदुओं की मान्यताओं पर सवाल क्यों नहीं उठाते जो मंदिरों में एकत्र हुए थे (बॉलीवुड की बेवकूफ स्वरा भास्कर) द्वारा साझा किए गए एक व्हाट्सएप संदेश को पढ़ता है?

आप: स्वरा भास्कर और अनुराग कश्यप द्वारा साझा किए गए बकवास की जगह कुछ और पढ़ें। क्या आपको ऐसी किसी सभा को समर्थन देने वाला कोई मिला? कुछ ऐसी सभाएँ उन राज्यों में थीं, जो आपकी धर्मनिरपेक्ष सरकारों द्वारा शासित हैं। जैसे केरल और महाराष्ट्र में। आप उन धर्मनिरपेक्ष सरकारों को आक्रामक तरीके से ट्रेस करने और उन सभी का टेस्ट करने के लिए क्यों नहीं कहते हैं, जिन्होंने किसी मंदिर में हुए समारोह में भाग लिया हो? इस तरह से आप यह साबित कर सकते हैं कि इन सभाओं में भी वायरस फैलता है, न कि सिर्फ तबलीगी जमात के जमावड़े से। आप “टेस्ट-टेस्ट-टेस्ट” चिल्लाते रहते हैं। इसलिए उन हिंदुओं का टेस्ट करें जो आपके द्वारा दावा किए गए किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जाइए और अपने दावे को साबित करिए। तब आप ये देखना कि जब इन लोगों का पता लगा कर टेस्ट किया जायेगा तो वे पुलिस पर पत्थर नहीं फेंकेंगे, वे डॉक्टर का सिर नहीं फोड़ेंगे और वे नर्सों पर थूकेंगे भी नहीं।

लिबरल इडियट: ये सभी फर्जी खबरें हैं। मजहब का कोई भी आदमी ऐसी चीजें नहीं कर रहा है। 

आप: चुप चु###

लिबरल इडियट: आप केवल गाली दे सकते हैं।

आप: वीडियो और फ़ोटो जिसमें वे पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करते नजर आते हैं पेश करिए।

लिबरल इडियट: मजहब के लोग इस हिंदुत्ववादी व्यवस्था पर यकीन नहीं करते। अयोध्या में मंदिर बनाकर, सीएए जैसे सांप्रदायिक कानून बनाकर, कश्मीर का विशेष दर्जा छीन कर, आपने समुदाय विशेषको एक कोने में धकेल दिया है। अब वे यह मानने को तैयार नहीं हैं कि कोई भी सरकारी अधिकारी या टीम उनके इलाके का दौरा करे।

आप: उन्हें पाकिस्तान में पुलिस और सरकारी टीमों पर भी ख़ास समुदाय ने किस तरह पथराव किया है, इस बारे में समाचार दिखाएँ। उसके बाद उनसे पूछिए कि क्या उनके कहने का मतलब है कि भाजपा पाकिस्तान में भी शासन कर रही है?

लिबरल इडियट: तो आप कहना चाहते हैं कि हर जगह इस समुदाय के लोग बुरे हैं? यह और कुछ नहीं बल्कि इस्लामोफोबिया है।

आप: और आप क्या कहना चाहते हैं कि कोई भी ‘शांतिप्रिय’ कभी कुछ गलत कर ही नहीं सकता? आप हमेशा उनके अपराधों पर पर्दा डालने पर क्यों तुले रहते हैं।

लिबरल इडियट: हमने कभी इस बारे में ऐसा कुछ नहीं कहा।

आप: आपने जहाँ से शुरू किया था, वहाँ वापस जाएँ। और यहाँ से चले जाइए।

लॉकडाउन में सपा नेता शमशाद रिजवी की शराब पार्टी, डांस कर रही लड़की पर संशय: नेता सहित तहसीम, शोएब, वसीम गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता शमशाद रिजवी समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपितों के खिलाफ धारा 144 और लॉकडाउन उल्लंघन के तहत केस भी दर्ज किया गया है। आरोपितों में लावड़ गाँव निवासी शमशाद रिजवी, तहसीम, शोएब, वसीम का नाम शामिल है। ये सभी वसीम के ढाबे पर शराब पी रहे थे, पार्टी कर रहे थे। 

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर पूरे देश में लॉकडाउन है। लोगों से घरों में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करने की अपील की जा रही है। मगर इसके बावजूद लोग समय की नजाकत को नहीं समझ रहे हैं और खुलेआम शराब पार्टियाँ कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये शराब पार्टी की महफिल सपा नेता शमशाद रिजवी ने जमाई थी और बताया जा रहा है कि इसमें नाचने के लिए लड़की को भी बुलाया गया था। 

जब पुलिस वहाँ पर पहुँची तो सभी लोग शराब के नशे में लड़की को गानों पर नचाकर मस्ती कर रहे थे। सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने ढाबे को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस शराब के नशे में झूम रहे सपा नेता समेत चारों लोगों को गिरफ्तार कर थाने ले आई। कहा जा रहा है कि पुलिस के पहुँचते ही लड़की मौके से भाग निकली। हालाँकि सदर देहात के एसएसपी अखिलेश का कहना है कि मौके पर लड़की के होने की बात सही नहीं है।

पुलिस ने बताया कि सपा नेता शमशाद रिजवी पूर्व में सांसद मुनव्वर हसन का प्रतिनिधि भी रह चुका है। बड़े-बड़े अधिकारियों के साथ अपनी मित्रता की बात बताकर कस्बे में रौब गालिब करना भी इसकी हर दिन की दिनचर्या है। 

मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश में तीन राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। राज्य के रायसेन जिले में महंगी शराब की बोतलों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करने को लेकर तीन राजस्व विभाग के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। तीनों ने शराब की बोतलें दिखाते हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद वो वायरल हो गई। बरेली सब डिविजनल मजिस्ट्रेट ने तीनों अधिकारियों- अजय धाकड़, धर्मेन्द्र मेहरा और दयाराम वर्मा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। 

क्यों है सपा नेताओं की छवि खराब?

आए दिन जो हम क्राइम की खबरें पढ़ते हैं, उसमें हर हफ्ते उत्तर प्रदेश में होने वाली क्राइम पर नजर डालें तो कम से कम एक सपा नेता से संबंधित निकल ही आती है। उदाहरण के लिए 8 बच्चों का बाप सपा नेता आफाक़ अहमद ने बंदूक के बल पर 5 साल तक एक महिला का यौन शोषण किया था। एक दूसरी खबर देखें तो बीजेपी नेता डॉ. बीएस तोमर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने सपा के एक नेता को गिरफ्तार किया है। उसका नाम मेहताब कुरैशी है।

डेविड वॉर्नर टिकटॉक डांस: बेटियों संग ‘शीला की जवानी’ पर लगाए ठुमके, वीडियो हुआ वायरल

इस वक़्त दुनिया भर के कई देश कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। ऐसे में हर कोई नई-नई तरकीबों से अपने आप को एंटरटेन करता भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में डेविड वॉर्नर टिकटॉक पर डांस करके खुद को और अपने फैंस को कर रहे एंटरटेन। डेविड वॉर्नर का यह टिकटॉक डांस वीडियो वायरल हो गया है क्योंकि इसमें उनकी दो क्यूट बेटियाँ भी हैं।

शनिवार को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वॉर्नर का ऐसा ही एक वीडियो आया। इसमें वो बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर हिट गाने पर काफी जोश के साथ झूम-झूम कर डांस करते हुए नजर आ रहे हैं। क्वारंटाइन के वक़्त लोग अपने अंदर की छिपी प्रतिभा को उजागर करने में चूक नही रहे। ऐसे में 33 वर्षीय ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज वॉर्नर ने कैटरीना कैफ के हिट डांस नंबर ‘शीला की जवानी’ गाने पर अपनी बेटियों इंदी राय और आइवी के साथ एकदम फिल्मी अंदाज में थिरकते हुए दिखाई दिए। 

टिकटॉक पर पोस्ट किए दो वीडियो में आप देख सकते हैं कि उनकी बेटियाँ भारतीय पोशाक में बॉलीवुड गाने पर डांस कर रहीं हैं। पोस्ट किए एक अन्य वीडियो में इंदी अपने पिता वॉर्नर के साथ उसी गाने पर डांस करती हुई नजर आ रही हैं।

इस वीडियो को पोस्ट करते हुए डेविड ने कैप्शन लिखा, “इंदी ने आप लोगों के लिए भी एक बार करने को कहा है! कोई हमारी मदद करे प्लीज!” इस वीडियो के साथ उन्होंने स्माइली वाली एक इमोजी भी पोस्ट किया है। बता दें कि ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज डेविड वॉर्नर इसी हफ्ते टिकटॉक ऐप पर आए हैं और इसी क्रम में उन्होंने अपने फैन्स के लिए वीडियो शेयर किया है।

क्रिकेटर्स का टिकटॉक पर मनोरंजन

दुनिया भर में लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले कोरोना वायरस महामारी ने हस्तियों को भी सोशल मीडिया पर अपना समय बिताने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। ऐसे में क्रिकेटर्स ने टिकटॉक में अपने बोरियत को मिटाने का नुस्खा ढूँढ लिया है। अगर बात करें भारतीय क्रिकेटर्स की तो युजवेंद्र चहल आए दिन टिकटॉक पर कोई न कोई वीडियो बनाते रहते हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में, भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन ने भी एक पॉपुलर बॉलीवुड गाने “डैडी कूल” पर अपने बेटे के साथ डांस करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था।

टैलंट है तो TikTok करता है फेमस

राजस्थान का एक युवक है – युवराज सिंह। अब तक अनजान था लेकिन TikTok पर माइकल जैक्सन के जैसे डांस से मिली पहचान। न केवल दर्शक बल्कि बड़े-बड़े बॉलीवुड स्टार भी अब इनके फैन हो गए हैं। टिकटॉक से मिली पहचान के बाद युवराज काफी भावुक हो गए थे और एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए उन्होंने अमिताभ बच्चन को धन्यवाद कहा था। युवराज ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि लेजेंडरी अभिनेता उनकी वीडियो शेयर करेंगे।

गाँव को सैनिटाइज कर रहे युवक को सैनिटाइजर पिलाकर मार डाला: 5 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के रामपुर के पेमपुर गाँव में सेनिटाइजेशन के लिए पहुॅंचे एक युवक की हत्या की खबर सामने आई है। असामाजिक तत्वों ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की। फिर जबरन सैनिटाइजर पिला दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 (गैरइरादतन हत्या), 147 और 323 के तहत केस दर्ज किया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पेमपुर गाँव में उक्त युवक अपने साथी के साथ सैनिटाइज करने गया था। घटना मंगलवार (अप्रैल 14, 2020) की है।

मृतक का नाम कुँवरपाल है, जिसकी गाँव के ही इंद्रपाल के साथ हाथापाई हुई थी। इंद्रपाल पर सैनिटाइजर की कुछ बूँदें गिर गई थी, जिसके बाद वो बौखला गया और उसने कुँवरपाल पर हमला कर दिया।

इंद्रपाल ने पहले कुँवरपाल का मुँह दबाया। उसके बाद उसके मुँह में सैनिटाइजर डालने लगा। उसके मुँह को सैनिटाइजर से भर दिया। उसकी मौत शुक्रवार को उपचार के दौरान हो गई। एएसपी अरुण कुमार ने बताया कि मृतक के भाई ने पुलिस को घटना से अवगत कराया।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित सहित कुल 5 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। एएसपी ने अधिक जानकारी देते हुए बताया:

“मृतक के भाई ने हमें घटना के बारे में सूचना दी। उसने आरोप लगाया है कि जब मृतक 14 अप्रैल को मोतीपुरा गाँव में सेनेटाइजेशन करने गया था, तो कुछ बदमाशों ने उसे पीटा था। स्थानीय लोगों ने युवक को रामपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहाँ से डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद उसे मुरादाबाद जिले के टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। 17 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गई।”

ये सब तब हुआ है, जब उत्तर प्रदेश के ही मुरादाबाद में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के बाद 17 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। ये घटना बुधवार (अप्रैल 15, 2020) की है, जब एक मेडिकल टीम हाजी नेब की मस्जिद के पास से मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने के लिए लेने गई थी। लोगों ने एम्बुलेंस को घेर कर डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद योगी सरकार ने एक्शन लेते हुए एनएसए के तहत मामला दर्ज कर के गिरफ़्तारी सुनिश्चित की।

अहमदाबाद: 23 वर्षीय स्मृति ठक्कर ने कोरोना को मात देने के बाद किया ब्लड प्लाज्मा दान करने का फैसला

गुजरात की 23 वर्षीय स्मृति ठक्कर ने मिसाल पेश करते हुए अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल (SVP) अस्पताल में अपना ब्लड प्लाज्मा दान करने का फैसला किया है। बता दें कि स्मृति इसी महीने की शुरुआत में कोरोना को मात देकर जिंदगी की जंग जीत कर लौटी है। अब वो अपना ब्लड प्लाज्मा दान करना चाहती है, ताकि अन्य मरीजों के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जा सके।

स्मृति ठक्कर 19 मार्च को पेरिस से लौटी थीं, जिसके बाद उन्हें कोरोना वायरस इलाज के लिए SVP अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 6 अप्रैल को पूरी तरह से ठीक हो गई।

स्मृति कहती हैं, “मैंने 14 दिन पूरे कर लिए थे और कोई लक्षण नहीं था। मुझे SVP अस्पताल से एक कॉल आया, जिसमें थेरेपी के लिए प्लाज्मा की सहमति माँगी गई। मेरे माता-पिता भी इस पर सहमति जताई, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि मैं इन डॉक्टरों की वजह से ही जिंदा हूँ।” वह शनिवार को अस्पताल गई और अपना प्लाज्मा दान किया। इस तरह वो गुजरात की पहली प्लाज्मा डोनर बन गई।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव, जयंती रवि ने कहा था, “हमें पता चला है कि ICMR ने केरल सरकार को ऐसे प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन ट्रीटमेंट के लिए मँजूरी प्रदान की है। गुजरात के अहमदाबाद सिविल अस्पताल और SVP अस्पताल ने भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए इस ट्रीटमेंट को शुरू करने के लिए ICMR की अनुमति माँगी है।”

शनिवार को इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण करने के लिए दोनों अस्पतालों को अपनी सहमति दी। राज्य में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन का उपयोग शरीर में एंटीबॉडी उत्पन्न करके क्रिटिकल कोरोना वायरस मरीजों की इम्युनिटी (प्रतिरक्षा) को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

अहमदाबाद के नगर आयुक्त विजय नेहरा ने इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का धन्यवाद किया। उनके हस्तक्षेप की वजह से SVP अस्पताल को ICMR की तरफ से इस परीक्षण को मँजूरी मिलने में मदद मिली। उन्होंने यह भी बताया कि डोनर की पहचान कर ली गई थी और डोनर की सहमति के बाद प्लाज्मा डोनेट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

जानकारी के मुताबिक 6 ऐसे डोनर्स की पहचान की गई थी, जिसमें से 3 ने कोरोना वायरस के ठीक होने के बाद आवश्यक 14 दिन की अवधि पूरी कर ली थी। जयंती रवि के अनुसार दान किए गए एक ब्लड प्लाजमा से 4 कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक दवाओं और टीकों की अनुपस्थिति में क्रिटिकल मरीजों के उपचार के लिए एक बेहतर विकल्प है।

उल्लेखनीय है कि गुजरात के सूरत और अहमदाबाद शहर प्रशासन ने अपने प्रतिदिन के कोरोना वायरस बुलेटिन में उन लोगों के बारे में जानकारी देना शुरू किया है, जो COVID-19 से संक्रमित पाए गए हैं। सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के रिहायशी पतों को गूगल मैप्स पर पिन करना भी शुरू कर दिया है, जिससे आस-पास रहने वाले लोग सतर्क रह सकें।

इसी तरह अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने भी कोरोना पॉजिटिव केस की जानकारी देनी शुरू कर दी है। कॉर्पोरेशन के पास कोई आधिकारिक मैप नहीं है, इसलिए अहमदाबाद में मौजूद तकनीकी विशेषज्ञों ने बतौर वॉलंटियर कोरोना संक्रमित लोगों की लोकेशंस को गूगल मैप पर पिन करना शुरू कर दिया है। बता दें कि जब राज्य में 58 मामले सामने आए थे, तभी केवल 6 दिनों में राज्य के 4 शहरों में 2200 बेड का कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया था।

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के 2 डॉक्टर और 6 नर्स कोरोना+, जहाँगीरपुरी में एक ही परिवार के 31 लोगों में संक्रमण

दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल के 2 डॉक्टरों और 6 नर्सों का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया है। अस्पताल के अधिकारियों ने सभी 8 स्वास्थ्य कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया है। साथ ही उनके सम्पर्क में आने वाले अन्य लोगों की भी तलाश जारी की जा रही है। अस्पताल के अधिकारी कंटेनमेंट प्लान के लिए बैठक कर रहे हैं।

इसके अलावा लेडी हार्डिंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में साँस की बीमारी के इलाज के लिए लाए गए एक 10 महीने के बच्चे का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। पिता का भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। माँ की टेस्ट रिपोर्ट का फिलहाल इंतजार है। बाल चिकित्सा ICU को सेनिटाइज किया जा रहा है।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी के C ब्लॉक में एक ही परिवार के 31 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। अधिकारियों ने सभी लोगों को नरेला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया है। बताया जा रहा है कि सभी पीड़ित एक कोरोना संक्रमित महिला के संपर्क में आए थे। जिसकी कुछ दिनों पहले इस महिला की मौत हुई थी। ये लोग मृतक महिला के परिवार से ही हैं। बता दें कि जहाँगीरपुरी का यह ब्लॉक पहले से ही कंटेनमेंट जोन (सील जोन) घोषित है।

संक्रमित महिला की मौत के बाद 10 अप्रैल को पूरे सी ब्लॉक को सील कर लोगों में कोरोना की जाँच के लिए सर्वे किया था। अधिकारियों ने बताया कि सी ब्लॉक और आस-पास के इलाकों से 82 लोगों के कोरोना जाँच के लिए नमूने लिए गए थे। इनमें सी ब्लॉक के 31 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अन्य लोगों के जाँच रिपोर्ट आने अभी बाकी है। इलाके को पहले से ही कंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरी तरह से सील किए जाने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का संक्रमित होना चिंता का विषय है।

राजधानी दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 186 नए मामले सामने आने के साथ यहाँ कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1900 के करीब पहुँच गई है।

भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15,712 हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1334 नए मामले सामने आए हैं और 27 लोगों की मौत हुई है। देश में अभी तक 507 लोगों की मौत हो चुकी है, हालाँकि 2231 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं।

मच्छी बाजार की आड़ में दवाओं का अवैध धंधा: 227 लाशों से पटा कब्रिस्तान, इंदौर में आखिर चल क्या रहा

मध्य प्रदेश स्थित इंदौर के मच्छी बाजार और बंबई बाजार में मछलियों की ख़रीद-बिक्री के बीच दवाओं का कारोबार चल रहा है। सिर्फ़ दवाएँ ही नहीं, ऑक्सीजन जनरेटर, मास्क, पीपीई किट और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (HCQ) जैसी चीजों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

बता दें कि भारत सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स ने कोरोना के मरीजों के लिए HCQ का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। हालाँकि, आमजनों को इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेने के लिए मना किया गया है। बावजूद इसके लोग इसे ख़रीदने के लिए लालायित हैं।

जिन इलाकों में ये सब हो रहा है, वो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है। वहाँ चोरी-छिपे इलाज भी चल रहा है। कई मौतें हो चुकी हैं। ‘दैनिक भास्कर’ के एक स्टिंग के मुताबिक, मेडिकल उपकरणों की ख़रीद-बिक्री और चोरी-छिपे कारोबार के बीच कई लाशों का गिरना संदिग्ध परिस्थितियों की ओर इशारा करता है।

इन चीजों की डिलीवरी के लिए गाड़ी आती है। लॉकडाउन में गाड़ी निकालना संभव नहीं है, इसीलिए उस गाड़ी ने खाद्य सामग्रियों के वितरण का कर्फ्यू पास ले रखा है और उसकी आड़ में ये सब किया जा रहा है।

मुंबई की एक कुरियर कम्पनी के खाते से इन दवाओं के सप्लायर को राशि का भुगतान किया जाता है। स्टिंग में ये भी खुलासा हुआ है कि अप्रैल से लेकर अब तक वहाँ 227 लोगों की मौत हो चुकी है। अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में ही यहाँ 127 लोग काल के गाल में समा गए थे। इन सभी की लाशों को वहीं के कब्रिस्तानों में दफनाया गया।

इंदौर पहले से ही कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित है, ऐसे में वहाँ ये सब होना चिंता का विषय है। स्टिंग के बाद माँग की जा रही है कि प्रशासन मेडिकल इक्विपमेंट सप्लायर से पिछले एक माह में सप्लाई किए गए मशीनों की सूची ले। इसमें ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर और बायपेप मशीनें शामिल हैं।

‘दैनिक भास्कर’ में स्टिंग को लेकर प्रकाशित ख़बर

ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई को लेकर भी नज़र रखने की माँग की जा रही है। ‘दैनिक भास्कर’ ने एक ख़रीददार वाजिद और सप्लायर के बीच के बातचीत को एक्सेस किया है, जिसमें सप्लायर कह रहा है कि मामला स्ट्रिक्ट होने के कारण डिलीवरी में दिक्कत है। इसमें ऑक्सीजन के लिए फिलिप्स के मशीनों के लेन-देन की बात चल रही है। एक पेशेंट के मरने की बात भी कही जा रही है। इससे पता चलता है कि लोगों की मौतें हो रही हैं।

एक सप्लायर को पहली बार 93 हज़ार रुपए और दूसरी बार 1.28 लाख रुपए भुगतान किए गए। इंडेक्स लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए भुगतान की बात पता चली है। इसी नाम से एक प्रतिष्ठित कम्पनी भी है। , इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि पुलिस के पास इस बात की सूचना है कि एक सामानांतर चिकित्सा व्यवस्था चलाई जा रही है। इसकी जाँच क्राइम ब्रांच से कराने का आश्वासन दिया गया है।

30 अप्रैल को राम मंदिर का भूमि-पूजन नहीं: कोरोना के कारण लिया गया फ़ैसला, जल्दी ही नई तारीख का ऐलान

अयोध्या में राम मंदिर के लिए प्रस्तावित भूमि-पूजन कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है। भूमि-पूजन 30 अप्रैल को होने की उम्मीद थी। अब इसके लिए नई तारीख का ऐलान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जल्द ही करेगा।

कोविड-19 से उपजे खतरों को देखते हुए ऐसा किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने के बाद 3 मई तक कोई भी धार्मिक आयोजन या जुटान नहीं हो सकता। जल्द ही नई तारीख का ऐलान होगा।

संत समुदाय ने कहा कि जब तक माहौल सामान्य नहीं हो जाता, तब तक भूमि-पूजन नहीं किया जाएगा। पिछली बार हुई सभी बैठकों और चर्चाओं में 30 अप्रैल की तारीख पर ही सहमति बनी थी। हालाँकि, आधिकारिक रूप से कुछ भी फाइनल नहीं किया गया था।

अब लॉकडाउन और कोरोना के खतरों के कारण इस तारीख पर भूमि-पूजन नहीं किया जाएगा। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की तैयारियाँ चालू हैं। इसके लिए गठित ट्रस्ट संत समुदाय के साथ मिल कर सारे कामकाज देख रहा है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कोरोना वायरस से संक्रमण से उपजी आपदा के बीच पीएम केयर्स फंड में भी दान दिया था। विहिप ने कहा था कि ये दान राम मंदिर की तरफ से देश को दिया गया है।

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा है कि अभी राम मंदिर बनने में कितने रुपए लगेंगे इसका कोई अंदाज़ा नहीं है, लेकिन मंदिर ने निर्माण से पहले ही देश के लिए दान देकर सनातन का महत्व दिखाया है।

ट्रस्ट ने हल ही में अपना लोगो भी जारी किया था। प्रतीक चिह्न की ऊपरी परिधि में ट्रस्ट का नाम लिखा है, जबकि नीचे ‘रामो विग्रहवान धर्म:’ अंकित किया गया है। इसके अर्थ है- भगवान श्रीराम धर्म के साक्षात् साकार रूप हैं। इस तस्वीर में भगवान अभयदान की मुद्रा में दिख रहे हैं

लोगो में लाल और पीले रंग के अलावा भगवा रंग का भी प्रयोग किया गया है। किसी भी तरह के पत्राचार या अन्य ज़रूरी चीजों के लिए ट्रस्ट अब इसी लोगो का प्रयोग करेगा। आधिकारिक कार्यों में इस लोगो का प्रयोग किया जाएगा।

अफगानिस्तान: राष्ट्रपति भवन के 20 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव, दहशत न फैले इसलिए दबाई जा रही खबर

कोरोना वायरस के संक्रमण में दुनियाभर में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस बीच कोरोना वायरस का संक्रमण अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन तक पहुँचने की खबर आ रही है। राष्ट्रपति भवन के करीब 20 कर्मचारी संक्रमित बताए जा रहे हैं।

हालाँकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि राष्ट्रपति अशरफ गनी संक्रमित हैं या नहीं। दो अधिकारियों ने शनिवार (अप्रैल 18, 2020) को इसकी जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया, “राष्ट्रपति के पैलेस में काम करने वाले करीब 20 लोग कोरोना से संक्रमित हैं। लेकिन इस बात को जाहिर नहीं किया जा रहा है ताकि लोगों में पैनिक न हो।” वहीं दूसरे अधिकारी ने भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या की पुष्टि की। साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रपति के प्रशासनिक कार्यालय के 12 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।

अशरफ गनी के प्रवक्ता सादिक सिद्दीकी ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से इस बाबत जानकारी लेने के लिए कहा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया कि वह रोगियों की पहचान को उजागर नहीं कर सकते।

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि दूसरे सरकारी विभाग की तरफ से एक संक्रमित फाइल राष्ट्रपति भवन के अंदर भेजा गया और इसी फाइल के संपर्क में आने से कर्मचारी संक्रमित हुए हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि रिजल्ट आने के बाद भी काफी कर्मचारी ऑफिस में काम कर रहे थे। लेकिन अब उन्हें और उनके परिवार को क्वारंटाइन कर दिया गया है। सादिक सिद्दीकी ने कहा कि सिविल सेवा आयोग ने पहले ही सरकारी कर्मचारियों को परीक्षण किए जाने तक घर पर रहने के लिए कहा है। इस आदेश को अगले तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है।

एक सरकारी सूत्र ने रायटर को बताया कि राष्ट्रपति, जो पहले पेट से संबंधित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित रह चुके हैं, उनका कर्मचारियों के साथ सीमित संपर्क है। वो वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए ही अधिकांश बैठकें करते हैं और अपने सर्किल में भी काफी कम लोगों से मिलते-जुलते हैं।

अफगानिस्तान में शनिवार तक कोरोना वायरस के 933 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं। बता दें कि अफगानिस्तान पहले से ही तालिबान के साथ हिंसक झड़पों की वजह से भोजन और दवा की कमी से जूझ रहा है। अभी तक देश में 30 लोग वायरस से मर चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इसकी संख्या अधिक हो सकती है। टेस्ट सीमित मात्रा में ही हुए हैं, इसलिए इसकी संख्या भी कम रिपोर्ट की गई।

मुझसे ₹5 लाख वसूले, उसे कड़ी सजा दो: डॉक्टर के सुसाइड नोट से फँसे AAP विधायक प्रकाश जारवाल

दिल्ली में एक डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना नेब सराय थाना क्षेत्र की है। सुसाइड नोट में डॉक्टर ने लिखा है कि वे आप विधायक की उगाही से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं।

पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। विधायक जारवाल और उनके साथी कपिल नागर के ख़िलाफ़ उगाही और जान से मारने की धमकी का मामला मृत डॉक्टर के बेटे ने दर्ज कराया है

दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपयुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। सुसाइड नोट को जाँच के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि 52 वर्षीय डॉक्टर राजेंद्र कुमार देवली के दुर्गा विहार में क्लीनिक चलाते थे। उनका घर भी वहीं पर है। शनिवार (अप्रैल 18, 2020) की सुबह उनका किराएदार जब छत पर गया तो उसने पाया कि डॉक्टर का शव कमरे में लटक रहा था। उसने तत्काल परिजनों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस वहाँ पहुँची।

शव के पास से ही सुसाइड नोट मिला। इसमें विधायक जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर पर आरोप लगाए गए थे। जारवाल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ बदसलूकी के मामले में वो गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन पर राजद की एक महिला के शोषण करने का भी आरोप लगा था। वो सीएम केजरीवाल के साथ ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ में भी जुड़े हुए थे।

आरोप है कि विधायक ने डॉक्टर से पिछले 5 सालों में 5 लाख रुपए लिए। डॉक्टर उन्हें रुपए देते रहे, ताकि उनके परिवार को परेशान न किया जाए। लेकिन, फिर भी विधायक व उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार रुपए की माँग की गई। डॉक्टर ने सुसाइड नोट में अपनी अंतिम इच्छा यही बताई है कि विधायक व उसके साथी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। इस पर सफाई देते हुए विधायक जारवाल ने कहा:

“मुझे मीडिया के माध्यम से डॉक्टर की आत्महत्या और सुसाइड नोट की बात पता चली है। मैं निर्दोष हूँ। पिछले 8-10 महीनों ने न तो मैं उनसे मिला हूँ और न ही हमारी कोई बातचीत हुई थी। 2017 में जब कुछ मीडिया चैनलों ने टैंकर माफिया के ख़िलाफ़ स्टिंग किया था, तो उसमें उनका नाम आया था। इसके बाद उनकी सभी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। मुझे पहले भी फँसाने की कोशिश की जाती रही है और अब ऐसा ही हो रहा है। मैं किसी भी जाँच के लिए तैयार हूँ। मैं पुलिस का सहयोग करूँगा।”

‘दैनिक जागरण’ के राष्ट्रीय संस्करण में प्रकाशित ख़बर

वहीं परिजनों का आरोप है कि उन्होंने गाँव की ज़मीन बेच कर विधायक के साथी कपिल नागर को मोटी रकम दी थी। इसके बावजूद उन्हें धमकियाँ मिलती रहीं। डॉक्टर राजेंद्र के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके 5 टैंकर दिल्ली जल बोर्ड में लगे थे, जिसे विधायक ने हटवा दिया। जल बोर्ड से उनकी लाखों रुपए की पेमेंट रुकवा देने की बात भी कही गई है। मृत डॉक्टर के बेटे ने बताया कि उनके पास जुलाई 2019 का एक ऑडियो क्लिप भी है, जिसमें विधायक धमकी देते हुए सुने जा सकते हैं।