Home Blog Page 5062

UP: गौ तस्करी में पकड़े गए आदिल, फिरोज और सलमान, मुठभेड़ में 2 घायल

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में सिंघावली अहीर थाना और बागपत कोतवाली पुलिस ने रविवार (फरवरी 23, 2020) की रात हुई एक मुठभेड़ के बाद 3 गौ तस्करों को धर दबोचा। इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से 2 तस्कर घायल हो गए। मगर, पुलिस इस दौरान तीनों तस्करों को पकड़ने में सफल रही।

पुलिस ने इन तस्करों के पास से बिना नंबर की मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, एक बछिया, एक सांड़ के अलावा इंजेक्शन, दो तमँचे, दो कारतूस बरामद किए। इसके बाद घायल तस्करों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनकी पहचान आदिल और मोहम्मद फिरोज के रूप में हुई है। जबकि पीछा कर पकड़े गए तीसरे तस्कर का नाम सलमान है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सिंघावली अहीर एसओ शिव प्रकश ने बताया कि रविवार की रात खिंदौड़ा तिराहे पर चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो कार सवार स्पीड बढ़ाते हुए पुलिस के सामने से भाग निकले।

इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा शुरू करते हुए इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इस पर कोतवाली बागपत पुलिस भी सामने से आ गई। बसोद और मीतली जाने वाले रास्ते पर कार सवारों ने खुद को घिरता हुआ देख दोनों थानों की पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में 2 कार सवार पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए जबकि तीसरा सलमान जब मौक़े से भागने लगा तो पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि पकड़े गए तीनों तस्कर सलमान, फिरोज, आदिल थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के कस्बा अमीनगर सराय के रहने वाले हैं। ये जंगलों में बेसहारा घूम रहे गोवंशों को पकड़कर उन्हें नशीला इंजेक्शन लगाकर काटते थे और उनके अवशेषों को जंगलो में फेंककर माँस को मेरठ में बेचते थे। इनकी पुलिस को पिछले काफी समय से तलाश थी। पुलिस तस्करों के अन्य साथियों की भी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

भारत के साथ 3 बिलियन से ज्यादा की होगी डिफेंस डील, इस्लामी आतंकवाद का करेंगे खात्मा: ट्रम्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (फरवरी 24, 2020) को अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम को संबोधित किया। अहमदाबाद आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप लंबे रोड शो के बाद मोटेरा स्टेडियम पहुँचे, जहाँ पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की तारीफ में कसीदे पढ़े। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान अमेरिका को भारत का सबसे अच्छा दोस्त बताया और कहा कि पीएम मोदी एक सच्चे चैम्पियन हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप, मेलानिया की तारीफ की और अमेरिका को सच्चा साथी बताया।

इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ डील करने की बात करते हुए कहा, “रक्षा क्षेत्र में हमारा सहयोग जारी है और हम भारत को इस धरती पर सबसे बेहतरी सैन्य साजो-सामान देने जा रहे हैं। हमने अब तक का सबसे बेहतरीन हथियार बनाया है। हमने सबसे बेहतर बनाया है और उसको लेकर हम भारत के साथ डील करने जा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस बात की घोषणा करते हुए खुशी है कि कल हमारे प्रतिनिधि 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा की डिफेंस डील करने जा रहे हैं, जिनमें मिलिट्री हेलीकॉप्टर और भारतीय सुरक्षाबलों के लिए अन्य चीजें शामिल होंगी।”

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप का ये पहला भारत दौरा है, ऐसे में इस कार्यक्रम से काफी उम्मीदें हैं। भारत और अमेरिका इस दौरे पर कई बड़े समझौते कर सकते हैं, जिनमें डिफेंस डील, ट्रेड डील पर चर्चा भी शामिल है। इस दौरान ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, डिफेंस, सुरक्षा, आतंकवाद, एनर्जी सुरक्षा, धार्मिक सुरक्षा, अफगानिस्तान के मसले पर दोनों नेता बात करेंगे। बताया जा रहा है कि इंटलैक्चुएल प्रॉपर्टी राइट्स, ट्रेड फैसिलेशन, होमलैंड सिक्युरिटी समेत कुल पाँच मसलों पर दोनों नेता बात करेंगे, जिसमें भारत-अमेरिका समझौता फाइनल कर सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसकी तरफ इशारा करते हुए कहा, “कल मैं पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करूँगा, जिसमें हम कई डील पर बात करेंगे। भारत और अमेरिका डिफेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, हम भारत को जल्द ही सबसे खतरनाक मिसाइल और हथियार देंगे। डोनाल्ड ट्रंप बोले कि अमेरिका-भारत दोनों एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे, इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका लड़ाई लड़ रहा है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के साथ डिफेंस डील की तो घोषणा भी कर दी है। अब बाकी अन्य डील भी होने की संभावना जताई जा रही है। ये पाँच डील दोनों ताकतवर देशों के रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करेंगे। इसके अलावा दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच धार्मिक स्वतंत्रता, अफगानिस्तान में तालिबान के साथ प्रस्तावित शांति समझौता और हिंद-प्रशांत की स्थिति सहित कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामी आतंकवाद पर बात करते हुए कहा, “हमारे देश इस्लामी आतंकवाद का शिकार रहे हैं, जिसके खिलाफ हमने लड़ाई लड़ी है। अमेरिका ने अपने एक्शन में ISIS को खत्म किया और अल बगदादी का खात्मा किया। हम आतंक के खिलाफ कड़े एक्शन ले रहे हैं, पाकिस्तान पर भी अमेरिका ने दबाव बनाया है। पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेना होगा, हर देश को अपने सुरक्षित करने का अधिकार है।”

कठुआ में जल्द तैयार होगा दिवंगत नेता अरुण जेटली के नाम से स्टेडियम, केंद्र ने जारी की पहली किश्त

जम्मू कश्मीर स्थित कठुआ के हीरानगर में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की याद में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनकर तैयार होगा। यह स्टेडियम लगभग 68 करोड़ रूपए की लागत से 170 कनाल भूमि पर बनेगा। केंद्र सरकार ने इस स्टेडियम के लिए 10 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू आगामी मार्च महीने में इस स्टेडियम का शिलान्यास करेंगे। इस स्टेडियम में खिलाड़ियों को क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, समेत अन्य खेल गतिविधियों की सुविधा मिलेगी। कठुआ के डीसी ओम प्रकाश भगत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्टेडियम को इस पूरे क्षेत्र का सबसे बेहतरीन स्टेडियम बनाने की योजना है।

इस स्टेडियम के बनने के बाद गोलाबारी से प्रभावित अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर सेक्टर में क्रिकेट सहित अन्य खेल मुकाबलों का आयोजन होगा। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को समर्पित अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के लिए कवायद शुरू हो गई है। कठुआ के डीसी ओम प्रकाश भगत ने कहा कि 68 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस स्टेडियम के लिए सरकार ने पहली किस्त 10 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है, जिससे अब स्टेडियम निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

कठुआ के डीसी ओम प्रकाश भगत ने कहा, “स्टेडियम को संभाग के बेहतरीन स्टेडियम में से एक बनाने की योजना है। जल्द ही शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियाँ शुरू हो जाएँगी। 68 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इस स्टेडियम के लिए दस करोड़ रुपए की राशि पहली किस्त में जारी हो चुकी है। इससे काम में भी तेजी लाई जाएगी।”

अरुण जेटली का जम्मू-कश्मीर से है खास नाता

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का जम्मू-कश्मीर से गहरा नाता रहा है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में उनका ससुराल था। उनकी पत्नी संगीता जम्मू-कश्मीर कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गिरधारी लाल डोगरा की बेटी हैं। गिरधारी लाल जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सदस्य थे। डोगरा ने दो बार संसद सदस्य के रूप में और छह बार विधानसभा के सदस्य के रूप में कार्यभार संभाला था। इसीलिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बीते सितंबर में खेल मंत्री किरन रिजिजू से मुलाकात करके हीरानगर स्टेडियम को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली समर्पित करते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया था।

गौरतलब है कि गत वर्ष अगस्त माह में पूर्व भाजपा नेता अरुण जेटली के देहांत के बाद दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने दिल्ली स्थित फिरोजशाह कोटला स्टेडियम का नाम अपने पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली के नाम पर रखने का फैसला लिया था। इस स्टेडियम को अब अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। फिरोजशाह कोटला मैदान का नया नामकरण 12 सितंबर को एक समारोह में किया गया था।

केंद्र सरकार कर रही है अपने दिवंगत लोकप्रिय नेताओं को सम्मानित

हाल ही में मोदी सरकार ने दिल्ली में ‘इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस’ (IDSA) का नाम बदलकर ‘मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस’ करने का फैसला लिया है।

दरअसल मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ना सिर्फ मनोहर पर्रिकर बल्कि सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने भी जनता के लिए अपनी सेवाभाव और कर्तव्यपरायणता के कारण जमकर लोकप्रियता बंटोरी थी। लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्वास्थ्य ने इनका साथ नहीं दिया और उन्होंने बड़े पदों से खुद को अलग कर लिया। दुर्भाग्य से भाजपा के इन लोकप्रिय नेताओं का खराब स्वास्थ्य के कारण देहांत हो गया। जिसके बाद अब केंद्रीय नेतृत्व ने इन्हीं लोकप्रिय नेताओं को सम्मान देने की शुरुआत की है।

पूर्व भाजपा नेता सुषमा स्वराज के नाम दो प्रमुख संस्थान

केंद्र में मोदी सरकार ने दुनियाभर में फैले भारतीय समुदाय से सम्पर्क के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र ‘प्रवासी भारतीय केंद्र’ का नामकरण ‘सुषमा स्वराज भवन’ करने का फैसला कुछ ही समय पहले लिया है। इसके अलावा विदेश सेवा संस्थान का नाम बदलकर ‘सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस’ कर दिया गया है।

ब्राह्मणों पर पहली बार जजिया कर लगाने वाले फिरोजशाह तुगलक ने बसाया था ‘कुश्के-फिरोज’

फिरोजशाह कोटला का नाम अब होगा अरुण जेटली स्टेडियम, लंबे समय तक रहे थे DDCA के अध्यक्ष

जाकिर नाइक को शरण दी, भारत के खिलाफ उगला जहर: मलेशियाई PM को देना पड़ा इस्तीफा

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने आज अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 94 वर्षीय महातिर ने सोमवार (फरवरी 24, 2020) को अपना त्यागपत्र देश के राजा को सौंप दिया। देश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने खुद इसकी सूचना दी। मलेशिया के पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की ओर से सरकार गिराने की कोशिशों के बीच प्रधानमंत्री ने अपना इस्तीफा किंग को सौंप दिया है।

विश्व के सबसे उम्रदराज नेता 94 वर्ष के महातिर ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा सरकार गिराने की कोशिशों के बाद यह फैसला लिया है। इस चौंकाने वाली खबर आने से 24 घंटे पहले तक मलेशिया की राजनीति में काफी नाटक देखने को मिला था, जिसमें ‘पैक्ट ऑफ होप’ गठबंधन के प्रतिद्वंद्वी और विपक्षी नेता नई सरकार बनाने का प्रयास करते नजर आए थे। इसके अलावा ये भी खबर थी कि गठबंधन महातिर के संभावित उत्तराधिकारी अनवर को बाहर करने की योजना बना रहा था और उनकी पार्टी के ज्यादातर सांसद किसी भी वक्त उनके प्रधानमंत्री बनने की राह में परेशानी खड़ी करने की फिराक में थे।

बता दें, कुछ समय पहले तक अनवर और महातिर के बीच संबंध अच्छे नहीं थे, लेकिन 2018 के चुनावों से पहले उनमें मित्रता हो गई थी। महातिर ने उनके पूर्व दुश्मन को सत्ता सौंपने की बात कई बार दोहराई थी। मगर, सोमवार की सुबह कोशिशें बेकार होती दिखीं जब उनके कार्यालय ने घोषणा की कि महातिर ने मलेशिया के प्रधानमंत्री के तौर पर दोपहर एक बजे राजा को अपना इस्तीफा भेज दिया है। अब आगे क्या होगा इस बारे में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

उल्लेखनीय है कि हिंदुओं के ख़िलाफ़ जहर उगलने वाले भगोड़े जाकिर नाइक को शरण देने वाले मलेशिया के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए महातिर पिछले कुछ समय से भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहे थे। मुस्लिमों का नया मसीहा बनने की कोशिश में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर पर गलतबयानी करते हुए भारत पर कई आरोप मढ़े थे। रोहिंग्याओं पर कथित अत्याचार का रोना रोया था। लेकिन, चीनी बर्बरता झेलने को मजबूर उइगरों को उनके ही हाल पर छोड़ दिया था।

महातिर ने अपने भाषण में कहा था कि जम्मू-कश्मीर पर आक्रमण कर क़ब्ज़ा किया गया। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव और कानूनों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत को शांतिपूर्ण तरीके से समस्या का समाधान करने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना चाहिए। इतना ही नहीं, मलेशिया ने पिछले दिनों ही पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक इस्लामी टीवी चैनल शुरू करने का भी फैसला किया था।

सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकारों ने शाहीन बाग़ पर सौंपी रिपोर्ट, सुनवाई 26 फरवरी तक टली

शाहीन बाग़ सड़क बंदी के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी तक टाल दी है। इस मामले में कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने अपनी रिपोर्ट आज सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंप दी।

रिपोर्ट्स के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकार, एडवोकेट साधना रामचंद्रन तथा संजय हेगड़े ने आज अपनी रिपोर्ट एसके कौल व केएम जोसेफ की बेंच को सौंपी। सुप्रीम कोर्ट नागरिकता कानून के नाम पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण लग रहे जाम वगैरह से जुड़ीं समस्यायों पर सुनवाई कर रहा है।

इसके पहले रविवार को पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त रहे वजाहत हबीबुल्लाह ने कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में कहा था कि शाहीन बाग़ प्रदर्शनकारियों को वहाँ से “जबरन” कहीं और शिफ्ट करने से प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। उसने अपने हलफनामे में यह भी जोड़ा था कि पुलिस ने जो बैरिकेडिंग लगा रखीं हैं ट्रैफिक जाम की समस्या उसके कारण है।

हबीबुल्ला के अनुसार कई सड़कें ऐसी हैं जिनका शाहीन बाग़ से कोई लेना देना नहीं है फिर भी उन्हें दिल्ली पुलिस ने बेमतलब ब्लॉक किया हुआ है जिसके कारण सारा ट्रैफिक अस्त व्यस्त है और दोष शाहीन बाग़ के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर डाला जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साफ़ किया है कि इस स्टेज पर वो वार्ताकारों द्वारा फाइल की गई रिपोर्ट को केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और याचिकाकर्ताओं के साथ साझा नहीं कर सकती।

इंडोनेशिया की इस्लामिक यूनिवर्सिटी में BJP पर होगी पढ़ाई

इंडोनेशिया की इस्लामिक यूनिवर्सिटी ने भारतीय जनता पार्टी इतिहास के बारे में जानकारी देने वाली एक किताब को पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि भारत के आम चुनाव में भाजपा की लगातार दो बार जीत ने सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले इस मुल्क के शिक्षाविदों में पार्टी को लेकर रुचि पैदा कर दी है। यही वजह है कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों को बीजेपी के इतिहास के बारे में पढ़ाने का निर्णय लिया है।

जानकारी के मुताबिक शांतनु गुप्ता की लिखी किताब ‘भारतीय जनता पार्टी- अतीत, वर्तमान एवं भविष्य, विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल की कहानी’ अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग में दक्षिण एशियाई अध्ययन के स्नातक के छात्रों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगी।

विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के संकाय सदस्य हदजा मिन फदली ने कहा कि आम चुनाव में भाजपा की दो बार जीत के कारण शिक्षाविदों में पार्टी को लेकर रुचि बढ़ रही है। हदजा ने बताया कि भारत की हालिया यात्रा के दौरान उन्हें किताब के बारे में पता चला। वह ‘इंडिया फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित कौटिल्य फेलोशिप कार्यक्रम के लिए भारत आए थे। उन्होंने कहा, “इंडोनेशिया के लोग भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं और इसलिए सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को समझना महत्वपूर्ण है। हमें उम्मीद है कि भाजपा भी ऐसा ही चाहती है।”

वहीं, जब शांतनु गुप्ता से इंडोनेशिया के विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए उनकी किताब को चुने जाने पर को लेकर सवाल किया गया तो अपने काम को वैश्विक पहचान मिलना लेखक के तौर पर उनके लिए बेहद संतोषजनक है। बता दें कि शांतनु गुप्ता ने योगी आदित्यनाथ की जीवनी और भारत में फुटबॉल का विकास समेत पाँच पुस्तकें लिखी हैं।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले इंडोनेशिया में पहली हिंदू यूनिवर्सिटी खोली गई थी। इस यूनिवर्सिटी का नाम आई गुस्ती बागस सुग्रीव स्टेट हिंदू यूनिवर्सिटी (UHN) रखा गया है। सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश होने के बावजूद इंडोनेशिया की संस्कृति में रामायण रची-बसी है। यहॉं की रामलीला दुनियाभर में प्रसिद्ध है।

मौजपुर में CAA विरोध में गोलीबारी, एक हेड कॉस्टेबल की मौत; दस जगहों पर धारा 144 लागू

इधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का भारत आगमन हुआ, तो दूसरी तरफ नागरिकता कानून के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। दिल्ली के जाफराबाद इलाके में नए नागरिकता कानून के खिलाफ धरने पर बैठे लोग रविवार के बाद सोमवार को फिर से हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पहले पुलिस पर पथराव किया फिर जाफराबाद में दस गाड़ियों में भी आग लगा दी। इस हिंसा में एक पुलिस कॉन्सटेबल के मरने की भी खबरें आ रहीं हैं। जाफराबाद के अलावा चाँद बाग में भी इन प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ वाहनों में आग लगाने की खबर है।

इसके पहले आज सुबह दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्रर ने मौके पर जा प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की थी लेकिन जब वो नहीं माने तो पुलिस ने हिंसक हो रहे प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले छोड़े। जाफराबाद में सुबह से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। साथ ही मौजपुर में भी इस प्रदर्शन के कारण ज्यादातर बाजार बंद है, हालाँकि, कुछ दुकानें खुली नजर आ रहीं हैं।

जाफराबाद में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी पिस्टल लेकर पहुँच गया। जानकारी के मुताबिक, उसने 8 राउंड फायरिंग भी की।

नागरिकता कानून के समर्थन और विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों के बीच अब रुक रुक कर हो रही है पत्थरबाजी। प्रदर्शनकारियों के पथराव के चलते आसपास के मकानों के काँच भी टूटे।

प्रदर्शनकारियों से बात करते दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर:

पुलिस कांस्टेबल हुआ घायल

रविवार को हुई जाफराबाद हिंसा के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सोमवार को जानकारी दी थी कि जाफराबाद और मौजपुर, बाबरपुर मेट्रो स्टेशन के प्रवेश व निकास द्वारा बंद कर दिए गए हैं। इन स्टेशनों पर मेट्रो नहीं रुकेगी। रविवार को प्रदशर्नकारियों ने दिल्ली के यमुनापार इलाके में भी चार सड़के बंद कर दी थी जिसके बाद पूर्वी दिल्ली की सड़कें पूरी तरह से जाम हो गई थीं। इसके पहले शनिवार रात को महिलाओं ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास वाली मुख्य सड़क बंद कर दी थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार जाफराबाद के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास रविवार को रुक-रुक कर करीब दो घंटे तक पथराव हुआ। इस बीच पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आँसू गैस के गोले भी छोड़े, लेकिन वो बेअसर साबित होता रहा। दंगे को बेकाबू होते देख को भारी संख्या में अर्ध सैनिक बल व पुलिस बल बुलाया गया। तब कहीं हालात को काबू में किया जा सका।

सद्दाम ने रिया को प्रेम जाल में फाँसा, शादी के लिए कहा तो माँ के साथ जिंदा जलाया

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के हल्दिया में हुगली नदी के किनारे 18 फरवरी को दो शव जली अवस्था में मिले थे। इन शवों की पहचान 40 वर्षीय रमा डे और 22 वर्षीय रिया डे के रूप में हुई है। दोनों मॉं-बेटी उत्तर 24 परगना जिले के न्यू बैरकपुर की रहने वाली थी।

पुलिस ने रविवार (फरवरी 23, 2020) को इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम शेख सद्दाम हुसैन और मंजूर आलम है। सद्दाम ठेकेदार है, जबकि मंजूर उसका कर्मचारी। दोनों दुर्गाचक के रहने वाले हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सोशल मीडिया और कॉल रिकॉर्ड की जॉंच के बाद पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में सफल रही। बताया जाता है कि सद्दाम के रिया के साथ प्रेम संबंध थे। जब उसने शादी का दबाव डाला तो उसने अपने साथी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

पूर्वी मिदनापुर की एसपी इंदिरा मुखर्जी ने कहा, “जिकुरखली घाट के आसपास के इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों ने 18 फरवरी को हुगली के किनारे से धुआँ निकलता देखा। जब ग्रामीणों ने मौके पर जाकर देखा तो दो शव जले हुए मिले। उन्हें दफनाने के लिए कब्र खोद दी गई थी। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने दो लोगों को भागते हुए देखा। जब तक ग्रामीण घटनास्थल पर पहुँचे तब तक शव लगभग 80 फीसदी जल चुके थे।”

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंदिरा मुखर्जी ने कहा, “ऑटोप्सी में पता चला कि दोनों शव महिला के हैं और दोनों को जिंदा जला दिया गया।” सद्दाम और मंजूर आलम के सक्रिय तृणमूल कार्यकर्ता होने की बात भी कही जा रही है। हालॉंकि टीएमसी ने इससे इनकार किया है।

स्लोवाकिया में इस्लाम पूर्ण रूप से प्रतिबंधित, मस्जिदें असंवैधानिक; श्रीलंका ने लगाया बुर्का पर बैन

आज के समय में इस्लाम तेजी से दुनिया में अपने पैर पसार रहा है। यह धर्म ना सिर्फ इस्लामिक देशों में, बल्कि भारत जैसे हिंदू प्रधान देश में भी मुस्लिमों की जनसंख्या तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है। ऐसे में, यूरोप में एक देश ऐसा भी है, जहाँ इस्लाम को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यूरोप में स्थित स्लोवाकिया (Slovak Republic) नामक देश में मुस्लिमों को कोई अधिकार नहीं दिया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस देश की पार्लियामेंट ने ही इस्लाम पर बैन लगा दिया है। ख़ास बात यह है कि स्लोवाक नेशनल पार्टी (एसएनएस) के इस विधेयक को पक्ष और विपक्ष ने मिलकर दो-तिहाई बहुमत से पारित किया था। यानी अब वहाँ कोई भी नागरिक खुद को मुस्लिम रजिस्टर नहीं करा सकता और स्लोवाकिया में धर्म की लिस्ट में अब इस्लाम का नाम नहीं आएगा।

उनका मानना था कि बढ़ते हुए इस्लामिक कट्टरपंथ और चरमपंथ के पीछे इस्लाम की वह शिक्षा है, जो मस्जिदों और मदरसों के जरिए लोगों के बीच पहुँचकर समाज में नफरत पैदा कर रही है।

2016 में इस्लाम धर्म को स्वीकार न करने वाला स्लोवाकिया दुनिया का पहला देश बन चुका था। यह देश मानता है कि इस्लाम असंवैधानिक है। उस समय स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फीको ने बयान दिया था कि वो इस्लाम को धर्म नहीं मानते और इसीलिए स्लोवाकिया में इस्लाम के लिए कोई जगह नहीं। इसी के साथ उन्होंने अपने देश में किसी भी मुस्लिम को शरण देने से भी इंकार कर दिया था।

इस प्रकार स्लोवाकिया देश सिर्फ अपनी बॉर्डर में सिर्फ ईसाई माइग्रेंट्स को ही आने की इजाजत देता है। यानी, अगर देश की सीमा पार करने की कोशिश कोई मुस्लिम करता है, तो उसे भगा दिया जाता है। इससे साफ़ है कि ये देश मुस्लिमों को सीमा में नहीं आने देना चाहता।

2016 के बाद से ही, स्लोवाक-कानून ने इस्लाम को राजकीय मान्यता प्राप्त धर्म बनना असंभव कर दिया था। जिससे यह देश यूरोप के सभी देशों में इस्लाम के खिलाफ सबसे कठोर कानूनों वाला देश बन गया है। हाल ही के कुछ समय में यूरोप भर में हुए सिलसिलेवार इस्लामी आतंकी हमलों के बाद इस महाद्वीप में मुस्लिम विरोधी भावना घर कर गई है, जिसके चलते वहाँ पर नए अप्रवासी विरोधी दलों का भी जन्म हो रहा है।

ज्ञात हो कि भारत जैसे देश में आज भी नागरिकता संशोधन (CAA) जैसे कानून बहस का विषय बने हुए हैं, जिसमें कि विदेशों से आने वाले हिन्दू शरणार्थियों को नागरिकता देने की बात कही गई है। बावजूद इसके इसे एक विशेष धर्म के खिलाफ बताने की पूरी योजनाएँ शाहीन बाग़ जैसे विरोध प्रदर्शनों के द्वारा बनाई जा रही हैं।

बता दें कि कुछ पिछले साल ही श्री लंका सरकार ने चेहरा ढँकने वाले बुर्क़ा का प्रयोग बैन कर दिया था। एक इमरजेंसी क़ानून के माध्यम से इस नियम को लागू करते हुए सरकार ने कहा कि किसी भी प्रकार से ऐसी चीजों का सार्वजनिक तौर पर उपयोग प्रतिबंधित रहेगा, जिससे व्यक्ति की पहचान छुपती हो। आपको बता दें कि श्री लंका के अलावा कैमरून, मोरक्को, चाड, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, गाबोन, फ़्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क और उत्तर पश्चिम चीन के मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में बुर्क़ा पहनने पर प्रतिबंध है।

इस्लामिक चरमपंथियों के बढ़ते भय और लगातार बढ़ते प्रवासी संकट के बीच इस देश के राजनेताओं और विधाई शक्तियों ने इस्लाम धर्म के प्रति रुख में बदलाव लाया है। वर्ष 2016 में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको की सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा था कि स्लोवाकिया में इस्लाम के लिए कोई जगह नहीं है।

वर्तमान में, स्लोवाकिया एकमात्र ऐसा यूरोपियन यूनियन (EU) सदस्य राज्य है, जहाँ कोई भी वैध आधिकारिक मस्जिद नहीं है। बताया जाता है कि इस देश में मुस्लिम समुदाय किराए के घरों या फिर अस्थायी प्रार्थना घरों में ही मिलते हैं।

हम बड़े मकसद से पैदा हुए हैं, मिलकर करेंगे इस्लामी आतंकवाद का सफाया: मोटेरा में ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दो दिवसीय दौरे भारत दौरे पर सोमवार (फरवरी 24, 2020) सुबह गुजरात के अहमदाबाद पहुँचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहाँ एयरपोर्ट पर उनका गले लगाकर स्वागत किया। इस दौरान अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी उनके साथ थीं। ट्रंप दंपती ने साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने स्वागत भाषण देकर अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम का आगाज करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि पाँच महीने पहले का इतिहास खुद को दोहरा रहा है। मैंने हाउडी मोदी से अमेरिकी यात्रा की शुरुआत की थी और आज मेरे दोस्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, नमस्ते ट्रंप के लिए अहमदाबाद आए हैं।

मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ का आगाज करते हुए जहाँ प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक मंच पर हैं। वहीं ट्रंप ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा, “हम आतंक के खिलाफ कड़े एक्शन ले रहे हैं, पाकिस्तान पर भी अमेरिका ने दबाव बनाया है। पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेना होगा, हर देश को अपने सुरक्षित करने का अधिकार है। अमेरिका और भारत आतंकवादियों को रोकने और उनकी विचारधारा से लड़ने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं।”

बता दें कि ट्रंप ने हाउडी मोदी कार्यक्रम के दौरान भी पाकिस्तान के इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। ट्रंप ने कहा, “भारत की पूरे विश्व में इस बात के लिए तारीफ की जाती है कि यहाँ लाखों हिन्दू, मुस्लिम, सिख, जैन, ईसाई और यहूदी साथ-साथ प्रार्थना करते हैं। भारत की एकता पूरे विश्व के लिए एक मिसाल है।” प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। ज्यादातर घरों में लोग गैस पर खाना बना रहे हैं।

ट्रंप ने कहा, “जैसा कि महान धार्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद ने एक बार कहा था कि जिस पल मुझे हर इंसान के सामने खड़े होकर उसमें भगवान के दर्शन होते हैं उस पल मैं मुक्त हो जाता हूँ। भारत और अमेरिका में हम ये जानते हैं कि हम किसी बड़े मकसद से पैदा हुए हैं। हम इस असाधारण आतिथ्य को हमेशा याद रखेंगे। भारत हमारे दिलों में एक विशेष स्थान रखेगा। PM मोदी ने ‘चाय वाले’ के रूप में शुरुआत की, उन्होंने चाय बेचने वाले के रूप में काम किया। हर कोई उनसे प्यार करता है लेकिन मैं आपको यह बताता हूँ, वह बहुत सख्त हैं।”

इस दौरान ट्रंप ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि कल हमारे प्रतिनिधि भारतीय सैन्य बलों के लिए अत्याधुनिक सैन्य हेलीकाप्टरों और अन्य उपकरणों के लिए 3 बिलियन डॉलर से अधिक के सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे।” ट्रंप ने गॉड ब्लेस इंडिया, गॉड ब्लेस अमेरिका और वी लव यू इंडिया बोलकर अपने भाषण को समाप्त किया।

पीएम मोदी ने कहा, “हम सिर्फ इंडो-पेसिफिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की शांति, प्रगति और सुरक्षा में एक प्रभावी योगदान दे सकते हैं। इसलिए मैं मानता हूँ कि राष्ट्रपति ट्रंप का इस दशक की शुरुआत में ही भारत आना एक बहुत बड़ा अवसर है।”