महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव भगवान की पूजा आराधना में शामिल होना कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को महँगा पड़ गया। देखते ही देखते इस्लामिक कट्टरपंथी उन्हें निशाना बनाने लगे और कुछ ही देर में उन्हें ‘कुफ्र’ घोषित कर दिया गया।
एक वायरल वीडियो में देखिए-सैयद इब्राहिम सिद्दकी नामक कट्टर मौलवी को कहते सुना जा सकता है कि कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने इस्लाम छोड़ दिया है और शिवरात्रि के पूजा समारोह में शामिल होने के बाद वो मुस्लिम नहीं रह गए।
मौलवी को कहते सुना जा सकता है कि अगर हकीम की मृत्यु होती है, तो इस्लामिक रिवाजों से संस्कार करना गुनाह माना जाएगा, क्योंकि शिवपूजा करके उन्होंने कुफ्र किया है।
गौरतलब है कि शिवरात्रि के दौरान आई वीडियो में देखा गया था कि हकीम शिवलिंग पर दूध और फूल अर्पित कर रहे थे। जिसे देखने के बाद मौलवी ने आरोप लगाया कि हकीम ने इस्लाम छोड़ दिया है और हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने के लिए, उनके रिवाजों में शामिल होने के लिए हर मुल्फी (इस्लामिक स्कॉलर) उन्हें काफिर बुलाएँ।
Firhad Hakim no longer a Momin, committed ‘Kuffar’ by doing Shiv Puja: Radical Mullah rants against Kolkata mayor in a viral videohttps://t.co/LdXJkURnrg
मौलवी के अनुसार, हकीम हज के बावजूद, मूर्तियों की पूजा करते रहे और साथ ही नमाज भी अता की, जिसका मतलब साफ है कि वो इस्लाम की इज्जत नहीं करते। इसलिए वे हर मुस्लिम भाई से अपील करते हैं कि हकीम का समाज से बहिष्कार किया जाए। वे दरख्वास्त करते हैं मुस्लिम साथियों से कि अपने मजहब के लिए काम करें और हकीम से दूर रहे।
हैरानी की बात है कि पूरी वीडियो में हिंदू धर्म के ख़िलाफ़ खुलकर जहर उगलने के बाद और हिंदू पूजा में शामिल होने के लिए कोलकाता मेयर के ख़िलाफ़ फतवा जारी करने के बाद मौलवी सिद्दकी को इस बात पर जोर देते सुना जा सकता हैं कि बंगाल धर्म और संस्कृतियों का मेलजोल था और यहाँ किसी को भी इशनिंदा करने से दूर रहना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों द्वारा फिर से बीजेपी समर्थकों को निशाना बनाने की खबर आई है। ताजा घटना जलपाईगुड़ी जिले की है। यहॉं टीएमसी के गुंडों ने सात भाजपा समर्थकों के घरों में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी। पुलिस ने सोमवार (फरवरी 24, 2020) को बताया कि सूचना मिलने के बाद आग पर काबू पाने के लिए तुरंत दमकल कर्मियों को मौके पर भेजा गया था।
पुलिस के मुताबिक रविवार (फरवरी 23, 2020) को मैनगुरी इलाके के हुसलूरदंगा गाँव में एक स्थानीय टीएमसी नेता का शव पहुँचने के बाद यह घटना हुई है। भाजपा ने इसके लिए टीएमसी को जिम्मेदार बताया है। हालाँकि राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने आरोपों को खारिज कर दिया है।
सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि टीएमसी के मल्लिक हाट बूथ के अध्यक्ष भोमबोल घोष पर 14 फरवरी को हुसलूरदंगा बाजार में धारदार हथियार से हमला किया गया था। शनिवार (फरवरी 22, 2020) को सिलीगुड़ी के एक प्राइवेट अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। स्थानीय टीएमसी नेता मनोज राय ने आरोप लगाया कि इस हमले में भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ था।
वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष बापी गोस्वामी ने कहा कि घोष का शव रविवार को हुसलूरदंगा लाया गया था। इसके बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सात भाजपा समर्थकों के घरों में तोड़फोड़ की और फिर उसमें आग लगा दी। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) धेनधूप शेरपा के नेतृत्व में एक बड़ी टुकड़ी को इलाके में तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में बीजेपी नेता नारायण विश्वास की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पहले उनके पैरों पर गोली चलाई और फिर जब वो जख्मी होकर नीचे गिर गए तो हमलावरों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए बीजेपी नेता को अस्पताल ले जाया गया, जहॉं उन्होंने दम तोड़ दिया। भाजपा ने हत्या का आरोप टीएमसी पर लगाया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार को भारत पहुॅंचे। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गले लगाकर उनका स्वागत किया। इसके साथ अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी साबरमती आश्रम पहुॅंचे। दोनों ने पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गॉंधी को श्रद्धांजलि दी। साबरमती आश्रम के विजिटर बुक में ट्रंप ने लिखा, “मेरे महान दोस्त मोदी, इस शानदार सफर के लिए शुक्रिया।” ट्रंप 36 घंटे भारत में रहेंगे। इस दौरान वे आगरा और दिल्ली भी जाएँगे। उनके इस दौरे में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौता होने की उम्मीद है।
Gujarat: US President Donald Trump writes a message in the visitors’ book at the Sabarmati Ashram, ‘To my great friend Prime Minister Modi…Thank You, Wonderful Visit!’ pic.twitter.com/mxpJbSMg4W
भारतीय जमीन पर लैंड करने से पहले ट्रंप ने हिंदी में ट्वीट कर संदेश भेजा था। अपनी इस यात्रा को लेकर वे पिछले कई दिनों से उत्सुकता जगा रहे थे। बावजूद इसके कॉन्ग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड ने उनकी यात्रा से पहले एक बार फिर अपनी नीचता प्रदर्शित की। उसने आकार पटेल का एक घटिया लेख छापा है। इसकी हेडलाइन है -India is the only poor and ‘shit-hole country’ that Donald Trump has ever visited
हेडलाइन से समझा जा सकता है कि लेख लिखने वाला शख्स न केवल डोनाल्ड ट्रंप को नपसंद करता है, बल्कि भारत के लिए घटिया सोच रखता है और ऐसे शख्स के विचारों को अपने मुखपत्र में जगह देना कॉन्ग्रेस की नीयत पर सवाल उठाता है।
अपने लेख की शुरुआत से ही पटेल यह समझाने में लग जाता है कि आखिर क्यों ट्रंप भारत को ‘शिट होल’ समझेंगे। लेखक अपने 30 दशक पुराने अनुभव के आधार पर बताता है कि जब वो 16 साल का था और अमेरिका के गाँव में रहता था, तो वहाँ एक डेस्क था, जिस पर एक्सचेंज स्टूडेंट प्रोग्राम चलता था, जिसके मुताबिक अमेरिकन छात्रों को विदेश जाने का मौक़ा मिलता और अन्य देशों के बच्चों को वहाँ आने का, लेकिन किसी अमेरिकन छात्र ने उस प्रोग्राम में अपना नाम नहीं लिखवाया, क्योंकि वे कहीं जाना ही नहीं चाहते थे।
हैरत की बात है कि पिछले 30 सालों में विश्व में बहुत कुछ बदला, विकासशील देशों में कई बदलाव आए। लेकिन फिर भी आकार पटेल अपने इस 30 साल पुराने अनुभव को आज के परिप्रेक्ष्य में ये समझाने के लिए गढ़ते हैं कि अमेरिकन लोगों को घूमना-फिरना पसंद ही नहीं है… इसके बाद आकार अपने लेख में ये भी समझाते हैं कि आखिर वो ट्रंप को लेकर ऐसा क्यों सोचते हैं कि वो भारत को ‘शिट होल’ समझेंगे।
आकार अपने लेख में लिखते हैं,” डोनाल्ड ट्रंप जबसे राष्ट्रपति बने हैं उन्होंने 20 देशों का भ्रमण किया। इनमें ज्यादातर यूरोप के देश शामिल हैं। वे फ्रांस 4 बार गए। दरअसल, उन्हें विकासशील देश पसंद नहीं हैं और वह वहाँ के प्रवासियों को भी नहीं चाहते, उन्हें वह शिट होल समझते हैं और अपनी इस शिट होल वाली लिस्ट में वो भारत को भी लेते हैं।”
आकार की कुंठा देखिए, वह कहते हैं कि भारत पहला गरीब देश है जिसका भ्रमण ट्रंप करने वाले हैं और भारत पहुँचकर वह पहले गरीब देश को देखेंगे। उनके लिए ये देखना दिलचस्प होगा कि भारत दौरे के बाद ट्रंप के अनुभव कैसे होंगे, ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रंप कड़वी चीजें कहने से कभी नहीं हिचकते।
इसके बाद आकार पटेल अपने लेख में जमकर कॉन्ग्रेस की तारीफों के पुलिंदे बाँधते हैं। उनके शब्द चयन और वाक्य संरचना से लेकर व्यक्ति विशेष के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेषणों तक से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश की छवि धूमिल करने के लिए कॉन्ग्रेस का मुखपत्र और उसमें लिखने वाले स्तंभकार किस प्रकार आतुर हैं।
आकार अपने लेख में ट्रंप से पहले भारत दौरे पर आए अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपतियों के बारे में बात करते हैं। उनकी यात्राओं के दौरान यादगार रहे बिंदुओं को उजागर करते हैं। लेकिन इसी बीच वो भाजपा नेता रामदास अठावले के संसद में दिखाए बर्ताव को इंगित करने से नहीं चूकते और न ही वाजपेयी सरकार को ‘हिंदुत्ववादी सरकार’ कहने से।
वे बताते हैं कि जब क्लिंटन भारत दौरे पर आए थे, उस समय में भारत में हिंदुत्व पार्टी का शासन था, लेकिन क्लिंटन के नेतृत्व में अमेरिका में लिबरल पार्टी का नेतृत्व था। मगर ये स्थिति बदल गई जब बुश भारत दौरे पर आए, क्योंकि उस समय भारत में लिबरल पार्टी थी और अमेरिका में कंजरवेटिव पार्टी। ध्यान देने वाली बात है कि जिस समय में बुश भारत आए थे, उस समय मनमोहन सरकार थी, जिसका मतलब साफ है कि आकार अपने पाठकों को साफ संदेश देना चाहते हैं कि कॉन्ग्रेस देश की लिबरल पार्टी है, लेकिन भाजपा (वाजपेयी जी के नेतृत्व में हो या फिर मोदी के नेतृत्व में) हिंदुत्ववादी पार्टी है।
अपने लेख में वे बराक ओबामा के दौरे का भी जिक्र करते हैं और कहते हैं कि ओबामा 2 बार भारत दौरे पर आए। एक बार तब जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और दूसरी बार तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें चाय सर्व की। बता दें, यहाँ नरेंद्र मोदी द्वारा चाय सर्व की बात किसी घटना को याद दिलाने के इरादे से उल्लेखित नहीं की गई, बल्कि यहाँ नरेंद्र मोदी की छवि पर तंज कसने के लिए इसका प्रयोग हुआ।
इसके बाद अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति को मिडिल क्लास मैन बताया गया और ये भी कहा गया कि ओबामा ने वो जूते पहने थे, जिसका तला तक दोबारा लगा था। आकार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहते हैं कि उन्हें हैरानी होती है कि ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों को सूटबूट में देखकर क्या सोचा होगा।
गौरतलब है कि नेशनल हेरॉल्ड के जरिए आकार पटेल जिस झूठ का आगे प्रचार-प्रसार करने में जुटे हैं और जिन बराक ओबामा को मध्यमवर्गीय बताकर नरेंद्र मोदी के सूट-बूट पहनने पर तंज कस रहे हैं, उन ओबामा की कुल संपत्ति 40 मिलियन डॉलर है। इसमें से 20 मिलियन डॉलर तो उन्होंने केवल अपनी सैलरी, बुक रॉयलटी और संबोधनों से एकत्रित की है।
लेख में ओबामा को एक पैराग्राफ में बुद्धिजीवी बताया जा रहा है और बताया जा रहा है कि वे मनमोहन सिंह को अपना गुरु कह चुके हैं। लेकिन ट्रंप और मोदी की बात करते हुए आकार कहते हैं कि दोनों नेता कई मामलों में एक जैसे हैं, मसलन दोनों सोशल मीडिया में एक्टिव रहते हैं और दोनों अभिमानी हैं। दोनों का रवैया घुसपैठियों के लिए आक्रामक है और दोनों मुस्लिमों को पसंद नहीं करते। एक ओर ट्रंप मुस्लिमों को अमेरिका आने से रोकना चाहते हैं और मोदी मुस्लिमों को देश से बाहर भेजना चाहते हैं।
आगे ट्रंप के भारत दौरे पर सवाल खड़ा करते हुए आकार कहते हैं कि क्लिंटन और बुश से उलट ट्रंप के भारत दौरे का कोई उद्देश्य नहीं हैं। वे यहाँ गणतंत्र दिवस के आमंत्रण पर भी नहीं आए। वे सिर्फ़ यहाँ अहमदाबाद में मोदी के लिए बोलने आ रहे हैं और ताजमहल देखकर वापस अमेरिका की उड़ान भर लेंगे। इस दौरे में व्यापार से जुड़े कोई करार नहीं होंगे।
गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस मुखपत्र में जगह पाकर अमेरीकी राष्ट्रपति ट्रंप से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के प्रति नफरत व्यक्त करने वाले आकार पटेल के लेख का अंत इस बात पर होता है कि पता नहीं ट्रंप अगले साल होने वाले चुनावों में राष्ट्रपति बने या न बनें। उन्हें आशा है कि अगले चुनावों में यूएसए में ‘लोकतांत्रिक शक्तियाँ’ वापस आएँगी।
दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर एक बार फिर से बवाल तेज हो गया है। रविवार (फरवरी 23, 2020) को सीएए समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए।
Delhi Police: A protest march against #CAA was organized in Hauz Rani area of Malviya Nagar today without permission.Protestors tried to block traffic at multiple locations.Some of them verbally&physically abused police personnel&pushed female police personnel towards barricades.
मालवीय नगर के हौजरानी एरिया में सीएए के विरोध में कुछ लोगों ने बिना पुलिस की अनुमति के मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रैफिक जाम करने की भी कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने एक हॉस्पिटल के सामने भी ट्रैफिक जाम करने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता भी की। इतना ही नहीं महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई। धक्का-मुक्की के दौरान कई महिला पुलिसकर्मी बैरिकेड पर ही गिर पड़ीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर भी पथराव किया है, जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। प्रदशर्नकारियों ने भी पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है।
Atul Thakur, DCP South on allegations that protestors were lathi-charged by Police: We will look into all the allegations. #Delhihttps://t.co/MnEkQHIFOZ
इससे पहले रविवार को जाफराबाद के मौजपुर इलाके में पथराव हुआ और फिर रात को करावल नगर में पत्थरबाजी देखने को मिली। पथराव की इन घटनाओं में कई लोग घायल हो गए हैं। कई वाहनों को भी फूँक दिया गया। करावलनगर में ही एक होटल को भी आग के हवाले कर दिया गया और जब फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाया गया तो शरारती तत्वों ने अग्निशमन दस्ते को वहाँ तक जाने ही नहीं दिया।
Delhi Traffic Police: Seelampur to Maujpur (both carriageways) is closed for traffic movement. pic.twitter.com/QBBpaK9r0N
Delhi Metro Rail Corporation: Entry and exit of Jaffrabad and Maujpur-Babarpur are closed. Trains will not be halting at these stations. pic.twitter.com/le2EaXcj4p
बताया जा रहा है कि रात करीब 1 बजे हालात पर काबू पाया गया। तनाव को देखते हुए जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। इन मेट्रो स्टेशनों से एंट्री और एग्जिट बंद कर दी गई है। सीलमपुर से मौजपुर सड़क को भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
जाफराबाद में सीएए के खिलाफ चल रहा विरोध-प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब सामने से सीएए के समर्थक आ गए। देखते ही देखते दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार (फरवरी 22, 2020) रात से ही प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में एकत्र होने लगे थे, जो कि लगातार सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।
इसके बाद रविवार की सुबह बड़ी संख्या में मौके पर पहुँची महिलाओं ने सड़क को जाम कर दिया। इसी बीच स्थित तब तनावपूर्ण हो गई कि जब मौजपुर में सीएए के समर्थन में सड़कों पर पहुँचकर लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कुछ ही देर में दोनों और से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले दागने पड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुछ देर के लिए सड़क से हट गए, लेकिन थोड़ी देर पर फिर वहाँ जाकर डट गए।
सीएए और एनआरसी की सख्ती के बाद रोहिंग्याओं का नया ठिकाना बनकर नेपाल उभरा है। भारत में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्याओं अब नेपाल में जाकर बस रहे हैं। अब तक लगभग 378 रोहिंग्या नेपाल में बस चुके हैं। इसके पीछे जेहादी संगठन इस्लामिक संघ नेपाल (आईएसएन) का हाथ बताया जा रहा है। जमीन खरीद कर इन्हें बसाने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक वे नेपाल की नागरिकता से संबंधित दस्तावेज हासिल करने के लिए रोहिंग्या हजारों रुपए रिश्वत भी दे रहे हैं। कुछ मामलों में बिचौलियों को नेपाल में बसने के लिए 4-50 हजार रुपए तक कमीशन दिए जा रहे हैं। नेपाल के ढाढिंग जिले में रोहिंग्याओं के करीब 35 अस्थायी घर भी देखे गए हैं, जो पिछले कुछ दिनों में बने हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर बीरगंज, बिरतमोड और बर्गनिया के रास्ते रुपए लेकर कुछ संगठन नेपाल में प्रवेश दिला रहे हैं। इसी तरह लासंतूर में 104 रोहिंग्या और इसी समुदाय के कुछ लोगों के पनौती जिले में भी बसने की खबर मिली है। रुपन्देही में ऐसे ही 20 परिवारों को काठमांडू से लाकर बसाया गया है। जानकारी के मुताबिक जिहादी संगठनों और बिचौलियों के मदद से ये रोहिंग्या भारतीय सीमा से सटे क्षेत्र में जमीन भी खरीद रहे हैं।
इसको लेकर भारतीय खुफिया सुरक्षा एजेंसियाँ काफी चौकन्नी हो गई हैं। एजेंसियाँ सीमावर्ती क्षेत्र में रोहिंग्या परिवारों की हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। फंडिंग की रिपोर्ट खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को भेजी है। गृह मंत्रालय का कहना है कि रोहिंग्या की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लंबे वक्त से भारत-नेपाल सीमा पर लश्कर और जैश जैसे आतंकी गुटों के बेस बनाने की साजिश में लगी हुई है। ऐसे में रोहिंग्या की सीमा पर बसने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यह भारत के खिलाफ साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी थी कि पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए रोहिंग्याओं का एक दस्ता तैयार किया है। बताया गया कि भारत पर हमले के लिए आईएसआई करीब 40 रोहिंग्याओं को बांग्लादेश में ट्रेनिंग दे रही है। इसमें बांग्लादेशी आंतकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) आईएसआई की मदद कर रहा है।
22 साल बाद बीते 8 जनवरी को गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला पटना से पकड़ा गया था। मुंबई पुलिस ने पटना पुलिस की मदद से उसे दरभंगा जाते वक्त पकड़ा था। फरारी के दौरान एजाज ने कई बार रूप-रंंग बदला। अपनी फर्जी पहचान के हिसाब से जीवनशैली भी बदली। असली पहचान छिपाने के लिए हिंदू नामों का इस्तेमाल किया। पूछताछ के दौरान एजाज ने मुंबई पुलिस को कई अहम जानकरियॉं दी हैं। इसमें से कई डी गैंग के सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ी हैं।
मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार एजाज ने पुलिस को बताया है कि साल 1998 में वह छोटा राजन के राइटहैंड विक्की मल्होत्रा की 10 लोगों की टीम का हिस्सा था। इस टीम में फरीद तनाशा, बालू डोकरे, विनोट मटकर, संजय घाटे और बाबा रेड्डी जैसे लोग शामिल थे। इस टीम ने दाऊद को मार गिराने के लिए कराची की एक दरगाह के बाहर कई दिनों तक इंतजार किया था।
एजाज ने बताया कि दाऊद की बेटी मारिया की मौत के बाद छोटा राजन ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। इसके लिए विक्की मल्होत्रा के नेतृत्व में शूटरों की एक टीम ने कराची की उस दरगाह के बाहर दाऊद का इंतजार किया। यहाँ दाऊद अपनी बेटी की कब्र पर आने वाला था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मिर्जा दिलशाद बेग ने आखिरी वक्त में इसकी जानकारी दाऊद को दे दी और यह प्लान फेल हो गया। मिर्जा नेपाल का सांसद और दाऊद का करीबी सहयोगी था। बकौल एजाज, इससे छोटा राजन इतना नाराज हुआ कि उसी साल मिर्जा को मार गिराया गया।
गौरतलब है कि कभी दाऊद गिरोह का सदस्य रहा एजाज बाद में छोटा राजन के गैंग में शामिल हो गया था। बाद में पैसे के बँटवारे को लेकर छोटा राजन से मतभेद होने के बाद उसने अपना अलग गिरोह बना लिया और नीदरलैंड में रहकर ड्रग तस्करी वगैरह का धंधा चला रहा था।
लकड़ावाला ने मुंबई पुलिस को यह भी बताया है कि दाऊद की थाइलैंड और बांग्लादेश में भी अच्छी पकड़ है। इन दोनों देशों के जरिए वह भारत, यूरोप और अन्य देशों में ड्रग भेजता है। बता दें, खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि एजाज़ की जेल में हत्या की दाऊद साजिश रच रहा है। इसके कारण डी गैंग से जुड़े खुलासे हैं।
एजाज़ ने मोस्टवांटेड दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान के कराची में दो घरों का पता भी बताया है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के शीर्ष अधिकारियों ने मुताबिक दाऊद के एक घर का पता 6ए, खायाबन तंजीम फेज-5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची और दूसरे घर का पता डी-13, ब्लॉक-4, क्लिफ्टॉन, कराची है। दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम और उसका खास छोटा शकील भी डिफेंस हाउसिंग एरिया में ही रहते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पहली भारत यात्रा पर सोमवार को (फरववरी 24, 2020) अहमदाबाद पहुँचे। साथ में पत्नी मेलानिया ट्रंप, बेटी इवांका ट्रंप और दामाद जेरेड कुशनेर भी हैं। जेरेड अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार भी हैं। ट्रंप परिवार 36 घंटे भारत में रहेगा। अहमदाबाद पहुॅंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर अमेरिकी राष्ट्रपति की आगवानी की।
Prime Minister Narendra Modi hugs US President Donald Trump upon his arrival in Ahmedabad. pic.twitter.com/MVeLHWt9jq
भारत पहुॅंचने से पहले ट्रंप ने हिंदी में ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, “हम भारत आने के लिए तत्पर हैं। हम रास्ते में हैं, कुछ ही घंटों में हम सब मिलेंगे।”
Ahead of his arrival in Gujarat’s Ahmedabad, US President Donald Trump tweets – “Hum Bharat aane ke liye tatpar hain. Hum raaste mein hain, kuch hi ghanton mein hum sabse milenge.” pic.twitter.com/Ao4BUQiZWh
उनके दौरे को लेकर अहमदाबाद से लेकर आगरा और दिल्ली तक सुरक्षा बेहद चाक-चौबंद है। ट्रम्प परिवार 5 टियर सुरक्षा घेरे में रहेंगे। उनकी अंदरूनी सुरक्षा का पूरा जिम्मा अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के हवाले रहेगा और इन तक पहुँच केवल भारतीय लायजनिंग अधिकारियों की ही होगी। दूसरे चक्र में एनएसजी, चेतक कमांडो, अर्ध सैनिक बल और अंत में बाहरी सुरक्षा व देखरेख की जिम्मेदारी गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस के 25 हजार जवानों की रहेगी।
Gujarat: Students of Sola Bhagwat school stand near Sabaramti Ashram in Ahmedabad, with the national flags of India and the US, to welcome US President Donald Trump, the First Lady Melania Trump and other dignitaries who will visit the Ashram today. pic.twitter.com/wYA4FaUoxp
अपनी इस यात्रा के दौरान ट्रंप अहमदाबाद में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के साबरमती आश्रम जाएँगे। मोटेरा स्टेडियम में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति और पीएम मोदी लगभग एक लाख लोगों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे।
Delhi: Hoardings of US President Donald Trump, First Lady Melania Trump and Prime Minister Narendra Modi put up in the national capital. The US President and the First Lady will arrive here later today after visiting Ahmedabad and Agra. pic.twitter.com/4dnA0QRrcU
अहमदाबाद शहर में ‘इंडिया रोड शो’ के 22 किलोमीटर के मार्ग के दोनों ओर बने मंचों पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए नृत्य समूह और गायक प्रस्तुति देंगे। रोड शो के मार्ग में सड़क के दोनों ओर राष्ट्रपति और अमेरिका की पहली महिला मेलानिया ट्रंप की विशाल होर्डिंग और गुजरात में ऐतिहासिक स्थानों की प्रतिकृतियाँ भी लगाई गई हैं। गुजरात दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को भारत की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप पत्नी मेलानिया के साथ ताजमहल देखने आगरा जाएँगे। वहाँ से दिल्ली आएँगे जहाँ द्विपक्षीय मुद्दों पर बात होगी। भारत यात्रा के लिए रवाना होने से ठीक पहले ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके ‘मित्र’ हैं और वह भारत की यात्रा के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि वह काफी समय पहले से भारत आने को लेकर प्रतिबद्ध थे और भारत के लोगों से मिलने के लिए तत्पर हैं।
#WATCH US President Trump ahead of his visit to India: I look forward to being with the people of India, we will be with millions&millions of people. I get along very well with PM,he is a friend of https://t.co/gdvh2zVfyu told me this will be the biggest event they have ever had. pic.twitter.com/2aG6jr1m9G
उन्होंने कहा, “मैं भारत के लोगों से मिलने के लिए उत्सुक हूँ, हम लाखों लोगों से मिलेंगे। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत अच्छा लगता है, पीएम मोदी मेरे मित्र हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा इवेंट होगा। मैं उम्मीद करता हूँ कि भारत का दौरा बहुत बड़ा इवेंट होगा, शायद सबसे बड़ा इवेंट होगा।”
पीएम मोदी ने भी रविवार (फरवरी 23, 2020) को ट्वीट करते हुए कहा, “भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत करने को लेकर उत्सुक है। यह एक सम्मान की बात है कि वह कल हमारे साथ होंगे और उनकी यात्रा की शुरुआत अहमदाबाद में ऐतिहासिक कार्यक्रम से होगी।”
ट्रंप की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों विशेषकर रक्षा और रणनीतिक सहयोग में और मजबूती आने की उम्मीद है। इनमें घरेलू सुरक्षा, बौद्धिक संपदा कानून, सिविल न्यूक्लियर डील के तहत रिएक्टर समझौता, रक्षा सौदा और सीमित ट्रेड डील शामिल है। ट्रंप के दौरे से ठीक पहले मोदी सरकार ने 24 MH-60 रोमियो हेलिकॉप्टर और 6 AH-64E APACHE हेलिकॉप्टर खरीदने की मंजूरी दे दी है। अब ट्रंप की यात्रा के दौरान इस पर मुहर लग जाएगी। इसके साथ ही डिफेंस डील का दायरा बढ़ाने के ऐलान के भी आसार हैं। पाँच बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
इसके अलावा द्विपक्षीय वार्ता के दौरान आतंकवाद, कश्मीर और भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप के रुख पर दुनिया की निगाहें हैं। दौरे से पूर्व व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर बात कर सकते हैं। भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप और पीएम मोदी के बीच मंगलवार को होने वाली वार्ता व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी, ऊर्जा सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, अफगानिस्तान में तालिबान के साथ प्रस्तावित शांति समझौता और हिंद-प्रशांत की स्थिति सहित कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।
बता दें कि ट्रम्प अमेरिका के तीसरी राष्ट्रपति होंगे, जो ताजमहल देखने जाएँगे। उनसे पहले 1959 में ड्वाइट आइजनहॉवर और 2000 में बिल क्लिंटन आगरा जा चुके हैं। वहीं पिछले 61 साल में ट्रंप भारत आने वाले 7वें अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। बराक ओबामा दो बार भारत दौरे पर आए थे।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भारत दौरे पर रवाना होने से पहले एक ट्वीट को रिट्वीट किया था, जिसमें वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल फिल्म ‘बाहुबली’ के मीम में नजर आ रहे हैं। इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए ट्रंप ने लिखा था, “भारत में अपने शानदार दोस्तों से मिलने के लिए उत्सुक हूँ।“
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बेगम बुशरा बीबी के लिए ‘जन्नत का दरवाजा’ न खोले जाने पर 175 अधिकारियों पर गाज गिरी है। जानकारी के अनुसार बुशरा बीबी की पंजाब प्रांत स्थित एक दरगाह की यात्रा के दौरान अधिकारियों द्वारा तय प्रोटोकॉल का पालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है। जिन अधिकारियों के तबादले हुए या जिन्हें उनके पद से हटाया गया, उनमें 35 पुलिस अधिकारी, पाकपट्टन डीपीओ, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, 7 ASI, 4 हेड कॉन्स्टेबल, 14 कॉन्स्टेबल और 8 महिला कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
हालाँकि, रविवार को प्रधानमंत्री इमरान खान की स्पेशल असिस्टेंट (इन्फोर्मेशन ऐंड ब्राडकॉस्ट) डॉ. फिरदौस आशिक अवान ने इन दावों को पूर्ण रूप से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि पंजाब में हुए प्रशासनिक बदलावों का बुशरा बीबी के दौरे से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि इनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है।
پنجاب میں مختلف انتظامی تبادلوں کو وزیراعظم کی اہلیہ سے منسوب کرنے کی خبریں قطعی بے بنیاد ہیں جن کا حقیقت سے دور دور تک کوئی واسطہ نہیں۔ان حکومتی فیصلوں کو خاتونِ اوّل کےدورۂ پاک پتن سےجوڑناافسوسناک اور قابل مذمت ہے۔@ImranKhanPTI@pid_gov@RadioPakistan@MoIB_Official
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते गुरुवार (20 फरवरी) को प्रशासन को सूचित किए बिना बुशरा बीबी पंजाब के पाकपट्टन जिले में बाबा फरीद की दरगाह पर गई थीं। वहाँ तैनात अधिकारियों ने उनके लिए ‘जन्नत का दरवाजा’ कहे जाने वाले गेट ‘बेहेश्ती दरवाजा’ को नहीं खोला, जिसे बीबी ने अपना अपमान समझा। उसके बाद ही अधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई और पाकपट्टन जिलों में तैनात कुछ कर्मचारियों को विभागीय प्रशासनिक मामलों में लापरवाही दिखाने के कारण स्थानांतरित कर दिया गया।
वैसे बुशरा बीबी सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर ही रहती हैं। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब वह मीडिया की सुर्खियों में हैं। वे तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करने वाली शख्सियत के रूप में जानी जाती हैं। दावा तो ये भी किया जाता है कि बुशरा ने दो जिन्न भी पाल रखे हैं और वह उन्हें पका हुआ गोश्त परोसती हैं।
उनके बारे में अभी बीते दिनों इमरान खान की पहली पत्नी ने भी ट्वीट किया था, जिसने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों बटोरी। इसमें इमरान के अलावा जेमिमा भी थीं। साथ ही एक और महिला बुर्के में नजर आ रही थी। पोस्टर पर उर्दू में लिखा हुआ था, तूने कैसा जादू किया? इस पोस्टर को ट्वीट कर जेमिमा ने तंज भरे अंदाज में लिखा था, “कौन लॉलीवुड (पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री) का ये पोस्टर पसंद नहीं करता है? आज एक मित्र ने लाहौर में यह पोस्टर देखा… कैप्शन है: तुमने कैसा जादू किया?”
बता दें इस पोस्टर में नजर आने वाली बुर्कानशी महिला को सोशल मीडिया पर लोगों ने बुशरा बताया जिन्हें लेकर ये बात भी प्रचलित है कि वो आइने में नजर नहीं आतीं। हालॉंकि बाद में जेमिमा ने यह ट्ववीट डिलीट कर दिया था। गौरतलब है कि बुशरा इमरान खान की तीसरी बीबी हैं। उनसे पहले इमरान ने जेमिमा और रेहम खान से निकाह किया था।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दक्षिण अफ्रीका में करीब 25 दिन पहले गिरफ्तार किए गए 15 वर्षों से फरार गैंगस्टर रवि पुजारी को पुलिस अधिकारियों की एक टीम भारत ला रही है। बताया जा रहा है कि रवि पुजारी को कर्नाटक पुलिस और पश्चिमी अफ्रीका के सेनेगल के अधिकारियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में वहाँ के एक गाँव से गिरफ्तार किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि वो सेनेगल से रवि पुजारी को अपने साथ भारत ला रहे हैं और वो अभी पेरिस में हैं। अधिकारियों ने कहा कि वो एयर फ़्रांस की उड़ान से आ रहे हैं और आधी रात तक भारत पहुँच जाएँगे।
रवि पुजारी किसी जमाने में छोटा राजन का खास हुआ करता था लेकिन जब राजन के गैंग में फूट पड़ी तो उसने भी अलग रास्ता अपना लिया। अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी की तालाश कर रही अहमदाबाद पुलिस ने पाँच महीने पहले दक्षिण अफ़्रीकी सरकार को पत्र भी लिखा था। दरअसल, पुजारी पर गुजरात के कई व्यापारियों और राजनेताओं ने करोड़ों रुपए की रंगदारी के लिए धमकाने का आरोप लगाया था, जिसके चलते अहमदाबाद पुलिस उसे गुजरात लाना चाहती थी।
रवि पुजारी लगभग 15 साल से भारत से फरार था। उस पर फिरौती, हत्या, ब्लैकमेल और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज थे, जिसमें कई बॉलीवुड की हस्तियों से भी फिरौती माँगने के मामले दर्ज हैं। जिस कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसके बाद उसे सेनेगल निर्वासित कर दिया गया था, जहाँ से पिछले साल जमानत मिलने के बाद वो फरार हो गया था। हाल ही में सेनेगल की सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ पुजारी की अर्जी रद्द कर दी थी। इसके बाद पुजारी के पास कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा था।
अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी को जनवरी में अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डकार के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों के इनपुट के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई थी। उस पर भारतीय एजेंसियां लगातार नजर रखे हुए थीं।
गैंगस्टर रवि पुजारी सबसे पहले 2000 के शुरुआती दशक में चर्चा में आया था, जब उसने बॉलीवुड की प्रसिद्ध हस्तियों और बिल्डरों से वसूली करना शुरू किया था। वह मुंबई के एक प्रतिष्ठित वकील की हत्या के प्रयास में भी शामिल था। पुजारी की पत्नी पद्मा और बच्चे भी भारत से भाग गए और उनमें से कुछ ने जाली दस्तावेजों से बुर्किना फासो का पासपोर्ट हासिल कर लिया। बताया जा रहा है कि रवि पुजारी के बेटे ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में शादी की है और उसके पास ऑस्ट्रेलिया का पासपोर्ट है।
कई बॉलीवुड हस्तियों की नाक में दम कर रखा था रवि पुजारी ने
रवि पुजारी के नाम से एक समय पूरा बॉलीवुड घबराता था। वह सिनेमा की कई हस्तियों को धमका चुका था जिसमें प्रीती जिंटा के बॉयफ्रेंड नेश वाडिया से लेकर सलमान खान, शाहरुख खान, यश चोपड़ा, बोनी कपूर, महेश भट्ट आदि के नाम शामिल हैं।
सीएए-एनआरसी (CAA-NRC) के विरोध में शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ आज दिल्ली के सरिता विहार और जसोला में लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। ये लोग उन सभी रास्तों को खोलने की माँग कर रहे हैं जो शाहीन बाग में करीब ढाई महीने से जारी विरोध प्रदर्शन के कारण बंद पड़े हैं। सरिता विहार, मदनपुर खादर और जसोला के स्थानीय लोगों ने फरीदाबाद सड़क के खुलने तक शाहीन बाग मेट्रो स्टेशन जाने वाली सड़क को बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है जब तक फरीदाबाद रोड नहीं खोली जाएगी वे शाहीन बाग़ जाने वाली सड़क को बंद रखेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरीदाबाद सड़क खोलने की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सरिता विहार, जसोला आदि इलाके के लोगों का कहना है कि जामिया मिलिया विश्वविद्यालय से शाहीन, ठोकर संख्या 9 के कालिंदी कुंज जाने वाला मार्ग खुला है और इसकी वजह से जामिया, बटला हाउस और शाहीन इलाके के लोगों को कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। जबकि, दूसरे मोहल्ले के निवासियों को इससे कोई खास राहत नहीं मिली है। उनका कहना है कि फरीदाबाद रोड भी खोला जाए ताकि उन्हें भी राहत मिल सके।
इन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जो रास्ता कल खोला गया था, उससे सिर्फ शाहीन बाग़ में प्रदर्शन कर लोगों को ही फायदा हुआ है, इसलिए उनकी भी परेशानी को समझते हुए प्रशासन फरीदाबाद रोड को खुलवाए। फरीदबाद की सड़क खोलने को लेकर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों में महिलाएँ भी शामिल हैं।
Delhi: Residents of Sarita Vihar and Jasola hold protest against the anti-CAA protests in #ShaheenBagh. The residents are demanding the opening of all the roads that have been closed due to protests in Shaheen Bagh. pic.twitter.com/FKS82J6Cs4
वहीं सीएए और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ दिल्ली के जाफराबाद में बीती रात से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच बीजेपी नेता और दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मॉडल टाउन से बीजेपी उम्मीदवार रहे कपिल मिश्रा ने कहा है कि दिल्ली में दूसरा शाहीन बाग नहीं बनने देंगे।
इससे पहले कल आधी रात से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन सड़क को जाम किये लोगों पर टिप्पणी करते हुए कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, “जाफराबाद में अब स्टेज बनाया जा रहा है। एक और इलाका जहाँ अब भारत का कानून चलना बंद। सही कहा था मोदी जी ने, शाहीन बाग एक प्रयोग था। एक-एक करके सड़कों, गलियों, बाजारों, मोहल्लों को खोने के लिए तैयार रहिए। चुप रहिए, जब तक आपके दरवाजे तक ना आ जाएँ, चुप रहिए।”