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33 सालों में नहीं देखा ऐसा भयानक मंजर, हमारा सब कुछ बर्बाद कर दिया: ‘श्याम चाय वाले’ की आपबीती

दंगा प्रभावित क्षेत्र चाँद बाग में हमने चौथे दिन जैसे ही प्रवेश किया ऐसे ही कोने वाली दुकान पर हमारी नज़र गई। दुकान के बाहर बड़ी मात्रा में संतरे बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। दरअसल, तथाकथित दंगाइयों ने दुकान को आग के हवाले कर दिया था, जिसमें दुकान पूरी तरह से राख हो चुकी थी। कुछ लोगों के साथ मीडिया वाले बिखरे हुए संतरों के फोटो और वीडियो बनाने में लगे हुए थे। दंगा प्रभावित क्षेत्र की यह पहली तस्वीर थी, लेकिन हमें इस वारदात के हर एक किरदार के बारे में पता करना था जो अलग-अलग रूप में सामने आए। हमें सच्चाई सामने लानी थी।

हम आगे तैनात फोर्स के बीच से गुजरते हुए करावल नगर स्थित उस मकान के सामने पहुँच गए, जिसे अंकित शर्मा का आरोपित और नगर पार्षद ताहिर हुसैन का बताया गया, जहाँ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ मीडिया कर्मीयों का जमावड़ा लगा हुआ था। इस बीच हमारी नज़र ताहिर हुसैन के मकान के सामने वाली लगी में गई, जहाँ हमने देखा गली के बंद गेट के पीछे से करीब 25-30 लोग मीडिया की कवरेज और पुलिस फोर्स की कदम ताल को अपनी डरी हुई आँखों से देख रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि इस तरफ किसी भी मीडिया के कैमरे की नज़र नहीं गई।

खैर, हमने हिम्मत की और पूछ लिया कि आप डरे हुए हैं या फ़िर कि इस दंगे के पीड़ित भी? हमने पूछा ही था कि एक के बाद एक पीड़ित अपनी दर्दनाक व्यथा को बताने लगे। हमें हर उस बात को जानना था जिसे बड़े बड़े मीडिया हाउस चार दिन की अपनी कवरेज में दिखा नहीं सके। हमने कड़ी मशक्कत के बाद गली में प्रवेश किया और उस पीड़ित से सबसे पहले बात की, जिनकी आँखों में हमें देखने ही आँसू आ गए। वह कोई और नहीं बल्कि करावलनगर में चाय बेचने वाले श्याम साहनी थे, जोकि ताहिर हुसैन के मकान के सामने ही ‘श्याम टी स्टॉल’ के नाम से पिछले कई वर्षों से चाय बेचने का काम करते हैं।

श्याम साहनी अपनी पत्नी और बड़े बेटे के साथ बदहवास अवस्था और पूरी तरह से डरे हुए जमीन पर पैर फैलाए लोगों के बीच बैठे हुए थे। जब हमने श्याम से बात की तो श्याम साहनी ने बताया,

“मैं बीते सोमवार को अपनी दुकान पर बैठे चाय बना रहा था, सुबह से ही क्षेत्र के मुस्लिमों का सीएए के ख़िलाफ विरोध जारी था। इसी बीच पता चला कि हजारों की इस्लामी भीड़ दुकानों में तोड़-फोड़ करती हुई चाँद बाग की ओर से करावल नगर की ओर बढ़ती हुई आ रही है। हमने तुरंत ही शटर को गिराया और पीछे के दरवाजे में निकल गए, लेकिन इसके बाद भी दंगाई भीड़ ने हमारी दुकान के शटर को सिलाई मशीन से तोड़ दिया और दुकान में पहले तो लूटपाट की फिर जमकर तोड़फोड़ मचाई। इसके बाद ताहिर की छत से आ रहे पट्रोल बम से दुकान के बाहरी हिस्से में आग लग गई।”

श्याम रोते हुए बताते हैं, “यह सब वह गली में छुपकर देख रहे थे, लेकिन बेबस थे चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच जानकारी मिली कि मुस्लिमों की भीड़ हिंदुओं के घरों को अपना निशाना बना रही है। हम यमुना विहार स्थित अपने घर की तरफ दौड़े और पत्नी को बोला जल्दी बच्चों को लेकर घर से निकलो हमने अपने-अपने चारों बच्चों को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से निकाला और दूसरी गली में एक परिचित के घर पहुँचा दिया। हम इतने डर गए कि सोमवार को पूरे दिन और पूरी रात भूखे प्यासे बच्चों के साथ घर में कैद रहे। बाहर निकलने तक की हिम्मत नहीं हुई। दूसरे दिन पुलिस फोर्स की तैनाती हुई तो दुकान की तरफ देखा तो उसे देखकर खूब रोना आया।”

वहीं आस पास के लोगों ने बताया कि श्याम ने तीन दिन से न तो कपड़े बदले हैं और न ही खाना खाया है। वहीं श्याम बताते हैं, “अब हमारा सब कुछ बर्बाद हो चुका है। कुछ समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें और कहाँ जाएँ।” श्याम के मुताबिक दुकान में करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ।

बिहार वैशाली के चंदपुरा पातेपुर गांव के रहने वाले श्याम साहनी पुत्र रामचन्द्र साहनी करीब 20 साल पहले दिल्ली में नौकरी करने के लिए आए थे। इसके बाद वह बच्चों को भी अपने साथ दिल्ली ले आए। श्याम के चार बेटे नीरज कुमार, धीरज कुमार, सन्नी और रोशन हैं, जोकि दिल्ली में हुई हिंसा से बेहद डरे हुए हैं।

उसकी चड्डी उतार खम्भे से बाँध कर चप्पल से मारूँगा: इम्तियाज ने कपिल मिश्रा पर रखा ₹5 लाख का इनाम

भाजपा नेता कपिल मिश्रा को जानबूझ कर विलेन बनाया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने उपद्रवियों द्वारा सड़क अवरुद्ध कर लोगों को परेशान किए जाने के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। घृणा का आलम ये है कि जबरदस्ती कपिल मिश्रा का नाम लिया जा रहा है ताकि वारिस पठान, शरजील इमाम और असदुद्दीन ओवैसी जैसों के बयानों पर पर्दा डाला जा सके। कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ घृणा अब सोशल मीडिया तक पहुँच गई है, जहाँ असामाजिक तत्व उनके ख़िलाफ़ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति ने पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा पर 5 लाख रुपए का इनाम रख दिया है।

मुंबई के रहने वाले इम्तियाज शेख (फेसबुक पर ‘आंबेडकर’) ने कहा कि अगर कोई कपिल मिश्रा को ज़िंदा पकड़ कर उसके पास ले जाएगा तो उसे 5 लाख रुपए दिए जाएँगे। इम्तियाज ने इस बारे में एक विडियो शूट किया और कहा कि वो कपिल मिश्रा को एक खम्भे से बाँध कर धुलाई करेगा, जिसका यूट्यब और फेसबुक पर लाइव प्रसारण होगा। उसने दावा किया कि कपिल मिश्रा के मुँह पर हल्के-हल्के से चप्पल मारे जाएँगे। उसने आरोप लगाया कि मिश्रा ने समुदाय विशेष को घुसपैठिया कहा है।

इम्तियाज ने ‘अस्सलाम वालेकुम’ और ‘जय भीम’ कहते हुए विडियो में अपनी बात शुरू की और कपिल मिश्रा और घुसपैठियों के ख़िलाफ़ बोलने वाले अन्य लोगों के बारे में कहा कि उनकी चड्डी उतार कर उनके पिछवाड़े पर लात मारी जाएगी। उसने कहा कि कोई भी नेता हो या बड़ा इंसान हो, मुस्लिमों को घुसपैठिया कहने वाला सबसे बड़ा घुसपैठिया है। इम्तियाज ने दावा किया कि आज मंच पर खड़े होकर चिल्लाने वाले कभी इतना चिल्लाएँगे कि उन्हें कोई बचाने भी नहीं आएगा।

इम्तियाज़ आंबेडकर का फेसबुक प्रोफ़ाइल

इम्तियाज ने कपिल मिश्रा को 18 लोगों की मौत का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि वो एक ‘घटिया आदमी’ है। इम्तियाज ने ये भी कहा कि अगर कपिल मिश्रा की जान भी चली जाती है तो कोई दिक्कत नहीं है। उसने ऐलान किया कि बांग्लादेशियों को कोई घुसपैठिया नहीं कह सकता है। उसने कहा:

“केजरीवाल जी, आप इनलोगों के आगे झुकने लगे हो। लगता है कि आप भी कहीं न कहीं डगमगा रहे हो। हम आपका आदर-सम्मान करते हैं अरविन्द जी। आप इन पुलिसकर्मियों को समझाइए। अगर आप विफल रहते हैं तो हम संविधान वाले इन्हें समझाएँगे। हमें पता है कि इनका क्या करना है। आपने दिल्ली में इतनी सुख-सुविधाएँ दे रखी हैं, इसके लिए धन्यवाद। लेकिन, इतने लोगों की जान की क़ीमत क्या है? भाषण देना आसान है लेकिन अगर आपका बेटा मर जाए तो आपको कैसा लगेगा? आप बहुत अच्छे इंसान हो लेकिन आप पर भाजपा का दबाव है। मैं ज़रूर मामूली दिखता हूँ लेकिन 5 लाख रुपए देने की मेरी औकात है। बस, कपिल मिश्रा को मेरे पास ज़िंदा लेकर आओ।”

इम्तियाज ने कपिल मिश्रा को जान से मारने की धमकी दी, देखें विडियो

इम्तियाज आंबेडकर के इस विडियो का कई लोगों ने विरोध किया लेकिन उसने विडियो नहीं हटाया। उसने कहा कि हिन्दू राष्ट्र वालों को अपने गाँव-मोहल्ले तक सीमित रहना चाहिए नहीं तो हमारे देश के तिरंगे पर हिन्दू राष्ट्र का लेबल चिपकाया तो तुम्हें नंगा दौड़ा कर मारेंगे, बीच सड़क पर मारेंगे। इम्तियाज ने कहा कि कपिल मिश्रा को दौड़ा-दौड़ा कर मारते हुए विडियो को सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: हिंदू ने टोपी पहन खुद को बताया इमरान, ताहिर हुसैन के गुंडों से बचाई जान

ग्राउंड रिपोर्ट: चुन-चुन कर जलाई हिन्दुओं की दुकानें, ताहिर हुसैन के तहखाने वाली इमारत में थे 3000 गुंडे

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ग्राउंड रिपोर्ट: मुस्लिम भीड़ ने शिव मंदिर पर किया था कब्जा, छत से हिन्दुओं पर हो रही थी पत्थरबाजी

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ भड़की हिंसा में कई लोगों के मारे जाने की ख़बर है। हिंसा का आलम ऐसा था कि मुस्लिम भीड़ ने आईबी अधिकारी से लेकर सामान्य जनों तक, किसी को नहीं बख्शा। ये हिंसा की पूरी वारदात हिन्दुओं के प्रति घृणा से उत्पन्न हुई थी। जिस तरह कई मंदिरों को निशाना बनाया गया है, उससे तो कम से कम यही जाहिर होता है। ऑपइंडिया ने ऐसे ही एक मंदिर का दौरा किया, जहाँ तोड़फोड़ की गई थी। उस मंदिर में हुई घटना के बारे में जनता को बताना ज़रूरी था, इसीलिए हमने वहाँ जाकर स्थानीय लोगों से बात की थी कि आखिर हुआ क्या था?

स्थानीय लोगों ने बताया कि मुस्तफाबाद से होते हुए मुस्लिम भीड़ आई, जिसमें अधिकतर युवा थे। वे सभी चाँदबाग़ की पुलिया पर इकट्ठे हो गए। वहाँ से वे लोग आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन की इमारत की छत पर पहुँच गए, जहाँ से उन्होंने पत्थरबाजी और बमबारी की। ताहिर के बारे में बता दें कि उसके गुंडों पर ही आईबी अधिकारी अंकित शर्मा और 3 अन्य लोगों की हत्या का आरोप है। अंकित को दंगाई घसीट कर ले गए और टॉर्चर कर मार डाला।

ऑपइंडिया को पता चला है कि स्थानीय शिव मंदिर की छत पर मुस्लिम भीड़ चढ़ गई। छत पर वे लोग पीछे से चढ़े। ‘शिव मंदिर’ के पीछे से सीढ़ी लगा कर उन्होंने मंदिर पर कब्ज़ा कर लिया। मंदिर पर कब्ज़ा करने के साथ-साथ आसपास के घरों पर भी मुस्लिम भीड़ ने कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद मंदिर की छत से हिन्दुओं पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। एक तरफ ताहिर हुसैन की इमारत की छत से पत्थरबाजी हो रही थी, दूसरी तरफ़ मंदिर से पत्थरबाजी हो रही थी।

लोगों ने बताया कि ताहिर हुसैन के घर में रिक्शे और बाइक से पत्थर ले जाया जा रहा था। मुस्लिम युवक लगातार पत्थर लाने के लिए आवाजाही कर रहे थे। ऊपर संलग्न किए गए विडियो और फोटो में आप देख सकते हैं कि किस तरह मंदिर में तबाही मचाई गई। मंदिर में जम कर तोड़फोड़ की और पेट्रोल बम भी फेंका गया।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चाँदबाग में दंगों के दौरान एक फर्नीचर के दुकान में भी आग लगा दी गई। ऑपइंडिया ने ‘अरोड़ा फर्नीचर’ के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों से संपर्क किया और वहाँ जाकर स्थिति का जायजा लिया। पता चला कि पूरे फ्लोर पर आग लगाई गई और समानों को लूट लिया गया। दुकान के मालिक ने बताया कि इस वारदात को कट्टरपंथियों ने अंजाम दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि मजहबी भीड़ ने ‘अरोड़ा फर्नीचर’ वाली इमारत के सभी फ्लोर पर आग लगा दी और वहाँ रखे कुछ समानों को भी फूँक डाला। बाकी समान वो अपने साथ लूट कर ले गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि उसी गली में एक समुदाय विशेष के व्यक्ति की भी दुकान थी, जिसे जरा सा भी नुकसान नहीं पहुँचाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक़, दंगाई भीड़ ने दुकानों का बोर्ड पढ़-पढ़ कर ये तय किया कि किसे जलाना है और किसे छोड़ना है। यानी, हिन्दुओं की दुकानों को जलाया गया और दूसरे मजहब की दुकानों का छूआ भी नहीं। एक ‘गोयल मेडिकल स्टोर’ है, उसे भी लूट लिया गया। वैश्य समाज के लोगों की दुकानें थीं, जिन्हें या तो आग के हवाले कर दिया गया, या फिर लूट लिया गया।

देखिए, अरोड़ा फर्नीचर का दंगाइयों ने क्या किया हाल

इसका मतलब है कि सारे हिन्दुओं की दुकानों के बारे में जानकारी इकट्ठी कर ली गई थी। हिन्दुओं की गाड़ियों को भारी संख्या में जलाया गया। लोगों ने स्थानीय निगम पार्षद ताहिर हुसैन के बारे में बताया कि उसकी इमारत का परिसर बहुत बड़ा है, जिसमें एक तहख़ाना भी है। हुसैन आम आदमी पार्टी का नेता है और पार्टी भी उसके बचाव में उतर आई है। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा सहित 4 लोगों की हत्या का आरोप भी उसके ही गुंडों पर है। चारों को मार कर उनकी लाशों को चाँदबाग़ की नाली में फेंक दिया गया था।

लोगों ने बताया कि ताहिर हुसैन के घर में क़रीब 3000 दंगाई जमा थे। कई संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा हुआ था, यानी काफ़ी पहले से इसकी साज़िश रची जा रही थी। अंकित शर्मा के बारे में लोगों ने बताया कि उन्हें घसीट कर ले जाया गया था। जब अंकित को पता चला कि ताहिर के गुंडे तीन लोगों को पकड़ के ले गए हैं, तब वो उन्हें छुड़ाने और लोगों को समझाने निकले थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि उसके थोड़ी देर बार ही अंकित की माँ अपने बेटे को ढूँढ़ते हुए चिंतित सी घूम रही थी। बाद में उनकी मौत की ख़बर आई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित के मृत शरीर पर पत्थर बाँध कर नाले में फेंक दिया गया था। चाँदबाग़ में एक पुल है, जिसके दूसरी तरफ़ मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। स्थानीय लोग इस पुलिया को ‘बॉर्डर’ भी कहते हैं। स्थानीय हिन्दू उस पुलिया को ‘बॉर्डर’ कह कर भी सम्बोधित करते हैं। दरअसल, ताहिर हुसैन का घर ही इस तरीके से बनाया गया है कि उससे चारों ओर का इलाक़ा कवर हो और अंदर जो भी लोग हों, वो एकदम सुरक्षित रहें। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनलोगों ने ही उसे जिताया और वो अब उनके साथ ही ऐसा व्यवहार कर रहा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए अपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए स्थानीय लोगों ने नाराज़गी जताई। लोगों ने कहा कि वो हमेशा मीडिया में बयान देते रहते हैं और सुर्ख़ियों में बने रहते हैं, लेकिन उनके पार्षद की दंगों में भागीदारी सामने आई है तो उन्होंने मुँह पर टेप चिपका लिया है। कई ऐसे लोग भी सीएम से नाराज़ दिखे, जिन्होंने हालिया चुनावों में आम आदमी पार्टी को वोट दिया था।

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केजरीवाल मेरे भाई को दंगाई साबित कर देंगे, उन्हें ताहिर हुसैन ने टॉर्चर कर मार डाला: अंकित शर्मा के भाई

IB के अंकित शर्मा की लाश को नाले में फेंक रहे AAP पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडे: सामने आया नया Video

भड़काऊ भाषण को लेकर सोनिया, राहुल और प्रियंका समेत 7 नेताओं पर FIR को लेकर दिल्ली HC में याचिका

कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में तीनों पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करने की माँग की गई है।

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। अब इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। कॉन्ग्रेस नेताओं के अलावा इस याचिका में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अमानतुल्ला खान, AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान का भी नाम शामिल है।

इस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट चेतन शर्मा ने दर्ज किया। इस याचिका में कहा गया है कि ‘नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के लिए सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी ने लोगों को भड़काया। भड़काऊ भाषण देकर उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए कहा। इस तरह के भड़काऊ भाषणों के चलते कई जगह हिंसा की घटनाएँ भी देखने को मिली।

गौरतलब है कि इस मामले में हाईकोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। बीजेपी नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। बीजेपी नेता ने याचिका में लॉ
कमीशन के अनुसार भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। साथ ही हेट स्पीच पर लॉ कमीशन की सिफारिशें लागू करने की माँग की गई है।

यहाँ बता दें कि एएनआई के ट्वीट के अनुसार वारिस पठान को उनके भड़काऊ बयान “15 करोड़ हैं मगर 100 करोड़ के ऊपर भारी हैं” पर नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में उन्हें 29 फरवरी से पहले जाँच अधिकारी पेश होकर अपना बयान देने को कहा गया है।

केजरीवाल मेरे भाई को दंगाई साबित कर देंगे, उन्हें ताहिर हुसैन ने टॉर्चर कर मार डाला: अंकित शर्मा के भाई

दिल्ली में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ हुए दंगों में कई लोगों के मारे जाने की ख़बर है। इनमें से एक अंकित शर्मा भी हैं। उन्हें आप के पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडे घसीट कर ले गए और मार डाला। उनके पिता रवींद्र शर्मा ने बेटे की मौत के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार बताया है। अंकित आईबी में कार्यरत थे। उनके पिता भी आईबी में ही बतौर हेड कॉन्स्टेबल कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के घर से लगातार बमबारी और पत्थरबाजी होती रही।

ताहिर हुसैन के घर के बाहर भी पत्थरों का जमावड़ा लगा हुआ है। हुसैन के घर के बाहर कई बोतलें और पेट्रोल बम पड़े हुए हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी इमारत की छतों पर भी पत्थर और बम देखे गए हैं। विदेशी मीडिया पोर्टल ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ)’ ने अपने लेख में लिखा है कि अंकित के भाई अंकुर ने बताया कि ‘जय श्री राम’ बोलते हुए आई मजहबी भीड़ ने अंकित की हत्या कर दी। अंकुर ने प्रोपेगेंडा पोर्टल की इस ख़बर को नकार दिया है। अंकुर ने ऑपइंडिया से बात करते हुए स्पष्ट कहा कि डब्ल्यूएसजे में उनके हवाले से जो बातें लिखी है वह उन्होंने कही ही नहीं है।

अंकुर ने बताया कि गुरुवार (फरवरी 25, 2020) को उनके भाई अंकित ड्यूटी से लौट कर बाइक पार्क करने के बाद मोहल्ले के लोगों से बातचीत करने निकल गए। उन्होंने कहा था कि वे इलाक़े के लोगों को जानते हैं और दंगा रोकने में कामयाब होंगे। परिवार के लाख मना करने के बावजूद अंकित हिन्दुओं और मुस्लिमों- दोनों से ही बातचीत करने और उन्हें समझाने निकल गए। हालाँकि, हिन्दुओं ने तो अंकित की बात मान ली लेकिन दूसरे समुदाय शांति के लिए राजी नहीं हुआ। तभी ताहिर हुसैन के इमारत से पत्थरबाजी शुरू हो गई और इस्लामी भीड़ ने अंकित को पकड़ कर घसीटना शुरू कर दिया। वे उन्हें पकड़ कर हुसैन की इमारत में ले गए।

अंकुर ने रतन लाल और अपने भाई की हत्या के बारे में बात करते हुए बताया कि अब ‘वो लोग’ पुलिस वालों को चुन-चुन कर मार रहे हैं। अंकित को भी इसीलिए मारा क्योंकि उन्होंने बताया कि वे एक आईबी ऑफिसर हैं। अंकित मोहल्ले में सबके पसंददीदा व्यक्ति थे और वो सभी से घुलमिल कर रहते थे। उनका शव नाले में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। अंकुर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंकुर ने कहा:

“मेरे भाई अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन ने मारा है। वो यहाँ दंगाइयों का सबसे बड़ा सरगना है। वही दंगे करवा रहा है। जब मेरे भाई को इस्लामी दंगाई घसीटते हुए ले जा रहे थे, तब वही उन्हें निर्देश दे रहा था कि क्या और कैसे करना है। अरविंद केजरीवाल मेरे भाई को दंगाई साबित कर देंगे। मेरा भाई दंगाई नहीं था। वो एक सरकारी अधिकारी था, जो लोगों को समझा रहा था कि झगड़ा मत करो। वो दोनों तरफ के लोगों को जानता था, इसलिए उन्हें समझाने गया था।”

अंकुर की माँग है कि उनके मृत भाई अंकित शर्मा को ‘शहीद’ का दर्जा मिले। अंकित के गर्दन और अन्य हिस्सों में कई जगह धारदार हथियार के वार से कटे हुए निशान मिले थे। अंकुर ने बताया कि मारने से पहले उन्हें काफ़ी टॉर्चर किया गया।

(इस लेख को अँग्रेजी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

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ताहिर हुसैन के घर की छत पर पेट्रोल बम, पत्थरों का मिला जखीरा: पार्षद के बचाव में उतरी AAP

दंगों को लेकर 48 FIR-106 गिरफ्तार, हेट स्पीच पर अभी एक्शन नहीं: HC में अब 13 अप्रैल को सुनवाई

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा को लेकर लगातार दूसरे दिन गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। पुलिस ने अदालत को बताया कि अब तक इस मामले में 48 एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं। 106 गिरफ्तारियॉं हुई है। साथ ही पुलिस ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भड़काऊ बयान को लेकर किसी पर केस नहीं दर्ज करने का फैसला लिया है।

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने केवल 3
भड़काऊ भाषणों का जिक्र किया है। ऐसे कई भाषण मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने कोर्ट से हालात सामान्य होने तक हस्तक्षेप नहीं करने और केंद्र सरकार को भी पार्टी बनाने की गुजारिश की।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायाधीश सी हरि शंकर की पीठ ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाते हुए जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।

इससे पहले बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भड़काऊ भाषण को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। अदालत में कपिल मिश्रा के बयान का विडियो भी चलाया गया था। याचिकाकर्ता ने भाजपा नेता मिश्रा, पार्टी सांसद प्रवेश वर्मा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयानों का अदालत के सामने हवाला दिया था।

हिंसा में अब तक 34 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। परिजनों को शव के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही बॉडी दी जाएगी। बोर्ड गठित नहीं होने से पोस्टमॉर्टम में देरी हो रही है। इस मामले में वकील महमूद पारचा की याचिका पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई होगी।

यहाँ बता दें, उत्तर-पूर्वी में दिल्ली हिंसा के मद्देनजर अबतक 106 स्थानीय लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ये गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई है।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: हिंदू ने टोपी पहन खुद को बताया इमरान, ताहिर हुसैन के गुंडों से बचाई जान

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान समुदाय विशेष की दंगाई भीड़ ने हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया। इस बात का सबूत वो अनेक आपबीती हैं, जिनमें हिंदुओं को न केवल इस्लामी भीड़ से बचने के लिए अपने हाथ का कलावा उतारकर एवं अन्य हिंदू चिह्नों को खुद से दूर करके सड़कों पर घूमना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें खुद को मुस्लिम तक बताना पड़ रहा है।

हिंसाग्रस्त इलाके चाँदबाग के एक विडियो में आप पार्षद ताहिर हुसैन के क्षेत्र में रहने वाला शख्स अपनी आपबीती सुना रहा है। ये विडियो 26 फरवरी का है। व्यक्ति की मानें तो ड्यूटी से लौटते वक्त ताहिर हुसैन के घर में मौजूद भीड़ ने उस पर हमला किया। उसके पकड़कर अंदर घसीटने लगी। लेकिन, हालातों को समझते हुए उसने समझदारी दिखाई। जान बचाने के लिए जल्दी से टोपी पहनी और भीड़ को अपना नाम इमरान बता जान बचाई।

व्यक्ति के मुताबिक इमरान नाम सुनते ही भीड़ ने उसे फौरन छोड़ दिया और वो भागकर अपनी गली में चला गया। सोचिए अगर, उस समय इस शख्स ने जान बचाने के लिए अपनी पहचान इमरान के रूप में नहीं बताई होती तो उसके साथ भी वही सब होता जो आईबी के अंकित शर्मा के साथ हुआ।

हिंदू व्यक्ति के मुताबिक, इस हमले में उसे चोटें आई। विडियो में वह अपने सूजे पैर और घुटने दिखा रहा है। व्यक्ति से जब पूछा गया कि क्या उस भीड़ ने जनेऊ वगैरह चेक करने की कोशिश नहीं की, तो व्यक्ति ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने शर्ट पकड़कर खींचा। लेकिन मैंने कहा, “अरे मैं तो इमरान हूँ यार, तुम्हारा भाई हूँ, मुझे क्यों खींच रहे हो” तो उन्हें तुरंत जाने दिया गया।

गौरतलब है कि इस विडियो वीडियो में हिंदू व्यक्ति के अलावा कुछ महिलाएँ भी हैं। जो अपनी पीड़ा व्यक्त कर रही हैं। महिलाओं को कहते सुना जा सकता है कि वे लोग 4-5 दिन से भूखे पड़े हुए हैं। खाने के लिए कुछ नहीं हैं।

वहीं दूसरी महिला के मुताबिक इलाके में मौजूद एक मंदिर में भीड़ ने बहुत तोड़फोड़ की है। मंदिर के पंडित और पंडिताइन उसमें फँसे हुए थे। उनकी दो बेटियॉं भी हैं जो दूसरों के घर में रह रही हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद कुछ हिंदू इकट्ठा हुए और उन्हें किसी तरह बचाया गया।

पोल खुली तो AAP पार्षद ताहिर हुसैन ने लॉक किया घर: यहीं से दंगाइयों ने फेंके थे पेट्रोल बम

आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन ने अपना घर बंद कर लिया है। उसने अपने घर के दरवाजे को लॉक कर दिया है। ऐसा इसीलिए, क्योंकि लगातार एक के बाद एक वायरल होते विडियो के बाद उसकी पोल खुल रही थी। वायरल हुए विडियो में उसके घर से लगातार बमबारी और पत्थरबाजी होते देखी जा सकती है। आरोप है कि हुसैन के घर से दंगाई पेट्रोल बम फ़ेंक रहे थे। पत्थरबाजी कर रहे थे। अंकित शर्मा सहित 4 लोगों की हत्या कर उनकी लाश नाली में फेंक देने का वीडियो भी वायरल हुआ। ये आरोप ताहिर हुसैन के गुंडों पर ही है।

ऑपइंडिया के रिपोर्टरों ने ताहिर हुसैन के घर के पास जाकर देखा, जहाँ पता चला कि उसने अपने घर को बंद कर रखा है। टीवी न्यूज़ से लेकर सोशल मीडिया तक लगातार चल रहा था कि ताहिर हुसैन के घर की छत पर पत्थर जमा कर के रखे गए हैं। उसके घर की छत पर पत्थरों के ढेर के कई वीडियो वायरल हुए थे। पोल खुलने के बाद मीडिया से ये सब छिपाने के लिए ही ताहिर हुसैन ने अपने घर का दरवाजा बोल्ट से लॉक कर दिया था।

पूरे मामले पर हुसैन की सफाई भी आई है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया कि उनके घर पर उपद्रवियों ने कब्ज़ा कर लिया है और उन्हें भगा दिया है। हालाँकि, वो उन्हीं कपड़ों में स्पष्टीकरण देने आ गए, जिन कपड़ों में उन्हें अपने छत पर डंडे लेकर घूमते हुए देखा गया था। अपना बचाव करते हुए ताहिर ने कहा:

मैंने पुलिस को बताया कि उपद्रवियों ने मेरे घर पर कब्जा कर लिया है। पुलिस फोर्स देर शाम करीब आठ 8:30 बजे ही पहुँच सकी। वहाँ पर सीनियर पुलिस अफसर डॉ. ए के सिंगला मौजूद थे। उनके साथ एक और वरिष्ठ अधिकारी थे, जिनका नाम उन्होंने ज्वाइंट सीपी आलोक जी बताया। पुलिस अधिकारियों ने मुझे सुरक्षा का आश्वासन दिया और कहा कि मैं अपने परिवार को निकालकर किसी सुरक्षित स्थान पर ले जा सकता हूँ। पूरी तलाशी के बाद पुलिस ने परिसर को कब्जे में ले लिया और बिल्डिंग की छत पर पुलिस तैनात हो गई।

ताहिर हुसैन लगातार कई तरह की बातें कर अपना बचाव कर रहा है। कभी वो कह रहा है कि वो घर पर था ही नहीं तो कभी वो कह रहा है कि वह दोबारा अपने घर की स्थिति देखने आया था।

IB के अंकित शर्मा की लाश को नाले में फेंक रहे AAP पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडे: सामने आया नया Video

आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडों पर 4 लोगों को मार डालने के आरोप लगे हैं। हुसैन पर आरोप है कि उसके गुंडे आईबी के अंकित शर्मा सहित 4 युवकों को घसीट कर ले गए और उन्हें मार कर उनके शवों को नाले में फेंक दिया। पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने एक विडियो ट्वीट कर इसका खुलासा किया है। दवा किया जा रहा है कि इस विडियो में देखा जा सकता है कि ताहिर हुसैन के घर में ले जाकर मारे गए लोगों के शवों को उसके गुंडे नाली में फेंक रहे हैं।

केजरीवाल की पार्टी अपने पार्षद के बचाव में उतर आई है। हुसैन ने भी एक विडियो जारी कर अपना बचाव किया है। लेकिन, वो उसी कपड़े में अपना बचाव करने विडियो आ गया जिन कपड़ों में वह हाथ में डंडा लेकर छत पर घुमते दिखा था। नीचे संलग्न किए गए विडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह नाली में शवों को फेंका जा रहा है, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया:

कपिल मिश्रा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर दंगों के दिनों की ताहिर हुसैन के फोन के कॉल डिटेल्स खुल गई तो अंकित शर्मा की हत्या में संजय सिंह और केजरीवाल दोनों की भूमिका सामने आ जाएगी। ये बहुत बड़ा आरोप है क्योंकि मिश्रा ने सीधा दिल्ली के मुखिया पर दंगों में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। अंकित शर्मा के परिवार ने भी बताया है ताहिर हुसैन के गुंडे अंकित को घसीट कर ले गए थे। उसकी माँ ने रोते हुए मीडिया को अपना दुःखड़ा सुनाया था। ताहिर हुसैन की बहुमंजिला इमारत से भी पेट्रोल बम और पत्थर फेंके जाने के कई विडियो सामने आए हैं।

नोट: सोशल मीडिया में कई तरह के विडियो और तस्वीरें पोस्ट हो रहे हैं। ऑपइंडिया इनकी पुष्टि नहीं करता। इस मुश्किल वक्त में धैर्य बनाएँ रखें और प्रशासन को हालात पर काबू पाने में सहयोग करें।