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इस ‘बाल पत्रकार’ की राजनीतिक समझ से हैरान रह जाते हैं नेता, ले चुका है कई दिग्गजों का इंटरव्यू

हरियाणा में सोमवार (अक्टूबर 21, 2019) को विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के लिए प्रचार का शोर भी थम चुका है। गुरुवार को मतगणना पूरी होने के साथ ही चुनाव परिणाम भी जारी हो जाएँगे। लेकिन, इस बीच मीडिया कवरेज के दौरान एक छोटे बच्चे ने सबका ध्यान खींचा। गोल्डी गोयल नामक 14 वर्ष का यह बच्चा हरियाणा की राजनीति की अच्छी समझ रखता है और नेताओं से सवाल-जवाब भी करता है। नेतागण अक्सर उसके सवालों को सुन कर अचंभित भी हो जाते हैं। उसने अपना यूट्यब चैनल भी बना रखा है। वह अपने फेसबुक पेज पर भी अपने वीडियो डालता है। आइए आपको बताते हैं कि ये बालक है कौन?

गोल्डी गोयल हरियाणा के जींद के रहने वाले हैं। इस छोटे से बच्चे ने अब तक हरियाणा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के अलावा दुष्यंत चौटाला और नैना चौटाला जैसे दिग्गजों का भी इंटरव्यू लिया है। तेजतर्रार गोल्डी का कहना है कि वह अपनी जानकारी के लिए यह सब कर रहे हैं ताकि उन्हें जनता की परेशानियों के साथ-साथ इसका भी पता चले कि जनप्रतिनिधि विधानसभा और लोकसभा में किस प्रकार से समस्याओं का समाधान लेकर आते हैं? वह अनुच्छेद 370 को लेकर भी बाते करते हैं और बताते हैं कि कैसे सालों से चली आ रही अनुच्छेद 370 को अमित शाह ने ‘कड़ा निर्णय’ लेते हुए ख़त्म कर दिया।

9वीं कक्षा में पढ़ने वाले गोल्डी गोयल का कहना है कि वो आगे जाकर भारत के संविधान का अध्ययन करना चाहते हैं ताकि अपनी जानकारी को और बढ़ा सकें। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की बहू और डबवाली से विधायक नैना चौटाला से जब गोल्डी गोयल ने उनकी रैली को लेकर और बसपा से उनकी जेजेपी का गठबंधन टूटने को लेकर सवाल पूछे तो वो अचंभित हो उठीं। उन्होंने गोल्डी की जानकारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने को कहा। नैना चौटाला गोल्डी के सवालों से हतप्रभ थीं और लगातार मुस्कुरा रही थीं।

नीना चौटाला गोल्डी के सवालों से हतप्रभ रह गईं

जिंद उपचुनाव के दौरान जेजेपी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने गोल्डी से मजाकिया अंदाज़ में पूछा कि उसकी गर्मी की छुट्टियाँ चल रही हैं या उसने पढ़ाई ही छोड़ दी है? इसके जवाब में गोल्डी ने बताया कि उसकी छुट्टियाँ चल रही हैं। जेजेपी के चुनाव चिह्न चाभी छाप को लेकर हरियाणा के मंत्री अनिल विज की टिप्पणी को लेकर गोल्डी ने दुष्यंत से सवाल पूछे। सबसे बड़ी बात तो यह कि चौटाला परिवार की अंदरूनी राजनीति को लेकर भी इस बच्चे ने दुष्यंत से बेबाकी से सवाल पूछे। अरविन्द केजरीवाल से भी गोल्डी ने एक से एक सवाल पूछे और जेजेपी से उनके गठबंधन को लेकर बात की। उसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की तरह हरियाणा के अस्पतालों को भी ठीक किया जाएगा।

गोल्डी गोयल ने लिया अरविन्द केजरीवाल का इंटरव्यू

गोल्डी गोयल के यूट्यब चैनल पर लाखों व्यूज आते हैं। सोशल मीडिया पर भी वह चर्चा का विषय बने रहते हैं। 14 साल के इस छोटे से बच्चे को हरियाणा की राजनीति की इतनी समझ है कि वो नेताओं की बयानबाजी पर भी नज़र रखता है और उनके विरोधियों से उन बयानों को लेकर सवाल पूछना नहीं भूलता। हालाँकि, उसकी यूट्यब और फेसबुक फीड में अधिकतर जेजेपी नेताओं के ही इंटरव्यू हैं। बता दें कि चौटाला परिवार पूर्व उप-प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल की विरासत को बचाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहा है।

कमलेश तिवारी से दोस्ती के लिए अशफ़ाक़ ने बनाया था फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट, चाकू से किए थे 15 वार

कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। जहाँ एक तरफ़ सूरत और नागपुर से आरोपितों की गिरफ़्तारी हुई है, हत्यारों की अंतिम लोकेशन पुलिस को बरेली और गाजियाबाद में मिल रही है। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की हत्या में शामिल दोनों शूटरों की पहचान अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन के रूप में हुई है। एसटीएफ इस मामले की जाँच कर रही है और इसके लिए गुजरात एटीएस के साथ ही महाराष्ट्र पुलिस से भी तालमेल बिठा कर काम किया जा रहा है। इस पूरी साज़िश में कुछ और लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगी हुई है।

वहीं अब पता चला है कि अशफ़ाक़ ने कमलेश तिवारी से परिचय बनाने के लिए पहले उनसे दोस्ती की। ‘आजतक’ ने सूत्रों के हवाले से खुलासा किया है कि अशफ़ाक़ ने कमलेश तिवारी से दोस्ती बनाने के लिए एक फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट बनाया था। ख़ास बात यह है कि उसने ये फेसबुक अकाउंट अपने नाम से नहीं बल्कि एक रोहित सोलंकी के नाम से बनाया था। जब हमने उस संभावित फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला तो पाया कि उसके प्रोफाइल पिक्चर में ‘हिन्दू राज’ और भगवा ध्वज लगा हुआ था।

फेक फेसबुक आईडी के जरिए उसने कमलेश तिवारी से बातचीत की, दोस्ती की और फिर मिलने का समय माँगा। फेसबुक पर बातचीत करते हुए अशफ़ाक़ ने रोहित सोलंकी के छद्म नाम का प्रयोग करते हुए कमलेश तिवारी से बातचीत में कहा कि वो हिन्दू समाज पार्टी का सदस्य बनना चाहता है और इसके लिए उनसे मिलना चाहता है। कमलेश तिवारी के नौकर ने भी अपने बयान में बताया था कि आने से पहले हत्यारोपितों ने क़रीब 10 मिनट तक कमलेश तिवारी से बातचीत की थी। घर पहुँचने के बाद भी दोनों ने कमलेश तिवारी के साथ क़रीब आधे घंटे तक बातचीत की।

यह भी पता चला है कि कमलेश तिवारी के शरीर पर चाकू से 15 बार वार किया गया था। मिठाई के डब्बे में हथियार रख कर ले जाया गया था। सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपित भगवा वस्त्र में दिखे। पुलिस को पता चला कि दोनों लखनऊ के खालसा होटल में रुके थे, जिसके कमरे से भगवा वस्त्र और खून लगे कपड़े बरामद किए गए हैं। अब पुलिस को इन दोनों की तलाश है।

इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतक तिवारी के परिजनों से भी मुलाक़ात की है। कमलेश तिवारी द्वारा स्थापित संगठन हिन्दू समाज पार्टी के प्रवक्ता राजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आरोपितों को दबोचने के मामले में यूपी पुलिस ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा।

अवैध संबंध के शक में महिला को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया, पश्चिम बंगाल में किसी की गिरफ्तारी नहीं

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक शादीशुदा महिला को मारने-पीटने और निर्वस्त्र कर दिन के उजाले में पूरे गाँव में घुमाने की शर्मनाक घटना सामने आई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस पीड़िता को भीड़ के चंगुल से बचाकर थाने ले गई। घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से पूरी तरह से टूट गई है। पीड़िता द्वारा घर लौटने से इनकार करने पर उसे पुलिस कैंप में ही रखा गया है। ग्राम सभा और समाज के कथित ठेकेदारों की गैर-कानूनी कार्रवाई की यह घटना नानूर इलाके की है।

जानकारी के मुताबिक महिला का गाँव के 28 वर्षीय एक शादीशुदा युवक के साथ अवैध संबंध था। कुछ दिन पहले महिला ने युवक के साथ अपना संबंध तोड़ लिया था। इससे मायूस होकर उस युवक ने 17 अक्टूबर को जहर खा लिया। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहाँ इलाज के दौरान युवक की अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने इसके लिए पीड़िता को जिम्मेदार ठहराया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 18 अक्टूबर को जब युवक का शव गाँव में आया, तो सारी महिलाओं ने पीड़ित महिला के ऊपर हमला बोल दिया। मृत युवक की विधवा पत्नी ने दावा किया कि उसके पति ने उसी महिला की वजह से आत्महत्या कर ली। उन लोगों ने पीड़िता की पिटाई की और साथ ही निर्वस्त्र कर पूरे गाँव में घुमाया। हालाँकि, उसे पुलिस ने बचा लिया है और सुरक्षा के मद्देनजर थाने में ही रखा है।

बता दें कि मृत युवक के दो बेटे हैं और पीड़ित महिला भी शादीशुदा है। उसके भी दो बेटे हैं। पुलिस के मुताबिक कथित तौर पर पीड़िता 2011 में घर से भाग गई थी, लेकिन कुछ समय बाद लौट आई। इससे ग्रामीणों को उसके अवैध संबंधों के बारे में संदेह हुआ। पुलिस ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। घटना की जाँच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

‘वो ज़ालिम, वो कुत्ता… अल्लाह की शान में गुस्ताखी किया, उसको तो’ – कमलेश तिवारी को ओवैसी की धमकी

लखनऊ में हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की शुक्रवार (18 अक्टूबर) को निर्मम हत्या कर दी गई। इसके बाद कई लोगों के नाम सामने आने लगे, जिन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे लोगों की लिस्ट लम्बी होती चली जा रही है। बता दें कि इसमें सारे नाम उन लोगों के ही सामने आ रहे हैं जो इस्लाम से ताल्लुक रखते हैं।

इसी लिस्ट में एक नाम और जुड़ गया है हालाँकि इस नाम के जुड़ने से किसी को भी हैरानी नहीं होगी। यह नाम हैदराबाद के सांसद और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी का है, जिन्होंने साल 2015 में कमलेश तिवारी को जान से मारने की धमकी दी थी। ओवैसी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ासा वायरल हो रहा है। वीडियो में ओवैसी को कहते सुना जा सकता है कि रसलुल्लाह के खिलाफ कुछ भी बोलने की हिम्मत जो कोई भी कोई करता है वह हराम है।

ओवैसी की ज़बान यहीं नहीं रुकी बल्कि वो यहाँ तक कह गए, “वो ज़ालिम, वो कुत्ता जो उत्तर प्रदेश में अल्लाह की शान में गुस्ताखी किया, याद रख आज तू जेल में है मगर दुनिया तेरे लिए चूहे के बिल की तरह बन जाएगी।”

हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की लखनऊ स्थित उनके दफ़्तर पर दो अपराधियों ने गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद से ही दोनों हत्यारे अशफाक और मोइनुद्दीन फरार हैं। यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस ने साझा ऑपरेशन से हत्या की साजिश रचने वाले मास्टर-माइंड आतंकवादी संगठन का भी पर्दाफाश कर दिया है।

बता दें कि पुलिस ने मामले को सुलझाते हुए हत्या के आरोपितों के नाम भी उजागर कर दिए हैं। इनमें पूरी घटना का असली मास्टरमाइंड मौलाना मोहसिन शेख है। वहीं घटना को अंजाम देने वालों में राशिद पठान और फैजान की गिरफ़्तारी की हुई है। मामले में संलिप्त जो अन्य अपराधी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं उन पर यूपी पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है।

कमलेश तिवारी का परिवार जॉंच से संतुष्ट: बेटों ने छुए CM योगी के पाँव, पत्नी ने कहा- हत्यारों को दो मृत्युदंड

मृत कमलेश तिवारी के परिजनों ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान परिवार ने सीएम योगी को 11 माँगों का एक ज्ञापन सौंपा। कमलेश तिवारी के दोनों बेटों ने मुख्यमंत्री योगी के पाँव छू आशीर्वाद लिया। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की हत्या के बाद उपजे जनाक्रोश के बीच लगातार यह माँग की जा रही थी कि सीएम योगी पीड़ित परिवार से मिलें और उनकी माँगों को ख़ुद सुनें। कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी ने हत्यारों को मृत्युदंड देने की माँग की है। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सीएम ने न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। उनसे हुई मुलाकात से हम संतुष्ट हैं।

पीड़ित परिजनों ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की माँग की है। साथ ही खुर्शीद बाग़ इलाक़े का नाम बदल कर कमलेश नगर करने की माँग की गई है। परिजनों ने दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग की। कमलेश तिवारी के परिजनों ने प्रशासन के साथ एक समझौता तय किया, जिसके अनुसार परिवार को रहने के लिए आवास और बेटे को लाइसेंसी हथियार मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा एनआईए से जाँच की सिफारिश करने की बात भी कही गई है।

कमलेश तिवारी के परिवार और सरकार के बीच समझौता

समझौते में कहा गया है कि उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में एसटीएफ द्वारा जाँच की जा रही है। कमलेश तिवारी के सबसे बड़े पुत्र को सरकारी नौकरी के लिए अनुशंसा करने की बात भी कही गई है। समझौता पत्र में कमलेश तिवारी की ‘गरिमा’ का ख्याल रखते हुए परिजनों को अतिरक्त सहायता देने की बात भी कही गई है।

कमलेश तिवारी के परिजनों की सरकार से माँग

मृतक कमलेश तिवारी की पत्नी ने कहा कि सीएम योगी ने इस मामले में न्याय करने का आश्वासन दिया है। किरण तिवारी ने कहा कि वो हत्यारों के लिए मृत्युदंड की माँग करती हैं। सीएम योगी ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को सज़ा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अब तक के जाँच से संतुष्टि जताई।

वहीं, कमलेश तिवारी द्वारा स्थापित संगठन हिन्दू समाज पार्टी के प्रवक्ता राजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आरोपितों को दबोचने के मामले में यूपी पुलिस ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। सीएम योगी ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि दहशत और भय फैलाने वाले तत्वों के मंसूबों को कुचल कर रख दिया जाएगा। कमलेश तिवारी का परिवार सीएम योगी से मिलने के लिए पहले से ही जिद कर रहा था, लेकिन प्रशासन की पहली प्राथमिकता कमलेश तिवारी का दाह संस्कार सुचारु रूप से कराने की थी।

अब साल में 100 दिन परिवार के साथ गुजार सकेंगे सशस्त्र बलों के जवान: गृहमंत्री के निर्देश के बाद कवायद शुरू

देश के गृहमंत्री अमित शाह ने सभी केन्दीय सशस्त्र बलों को परिवार के साथ समय व्यतीत करने के लिए प्रतिवर्ष 100 दिन देने की बात कही है। शाह ने कहा है कि केंद्रीय सशस्त्र बलों के सभी जवानों की तैनाती का विवरण डिजिटल किया जाए और इसके लिए एक ऐप का सहारा लिया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय गृहमंत्री के इस मानवीय ऐलान के बाद लाखों सशस्त्र बलों के जवानों को फ़ायदा मिलेगा। असम राइफल्स के जवान भी इसमें शामिल हैं। सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों के डायरेक्टर जनरलों को शाह ने ऐसा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय के एक प्रेजेंटेशन के दौरान अमित शाह ने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने जवानों द्वारा सामना किए जाने वाली कठिन चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी तैनाती घर से काफ़ी दूर होने की वजह से उन्हें अपने परिजनों के साथ समय व्यतीत करने का मौक़ा नहीं मिल पाता। शाह ने इस दौरान सुझाव दिया कि एक वेब एप्लीकेशन की मदद से सभी जवानों की तैनाती का विवरण डिजिटल किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें प्रतिवर्ष 100 दिन मिल रहे हैं। इन तैनातियों के दौरान वे अपने परिवार के साथ समय बीता सकते हैं।

अमित शाह ने सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों के डायरेक्टर जेनेरेल्स को कहा है कि इस कार्य के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की ज़रूरतों का खाका खींचा जाए और गृह मंत्रालय को इससे अवगत कराया जाए। उन्होंने आज के पेपर फॉर्मेट की जगह डिजिटल पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा होने से मुख्यालय को यह देखने में आसानी रहेगी कि जवानों की तैनाती का रोटेशन इस प्रकार से हो रहा है या नहीं, जिससे वे प्रतिवर्ष 100 दिन अपने परिवार के साथ व्यतीत कर सकें। इस सम्बन्ध में गृह मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को सभी सशस्त्र बलों के उच्चाधिकारियों को पत्र लिख कर निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय ने बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनएसजी, एसएसबी, सीआईएसएफ और असम राइफल्स के डीजी को इस सम्बन्ध में पत्र लिख कर इसकी रूपरेखा बनाने का निर्देश दिया है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की ख़बर के अनुसार, एक सीआरपीएफ के जवान ने बताया कि फिलहाल उन्हें प्रतिवर्ष मुश्किल से 75 दिन अपने परिवार के साथ व्यतीत करने के लिए मिलते हैं। अगर वीकेंड की छुट्टियों को हटा दें तो उन्हें 60 दिन का ‘Earned Leave’ व और 15 दिनों का ‘Casual Leave’ मिलता है।

इसके अलावा जवानों को उनके बच्चे का जन्म होने पर 15 दिन का पैटरनल लीव दिया जाता है। दूसरे बच्चे के जन्म होने पर भी इन छुट्टियों का लाभ उठाया जाता है। अगर अमित शाह के निर्देशों का पालन किया जाता है तो जवानों को अभी के मुक़ाबले अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करने के लिए 25% ज्यादा समय मिलेगा। इससे जवानों को होने वाले तनाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

NCP नेता धनंजय मुंडे ने बहन पंकजा पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, मामला दर्ज

भाजपा नेता और महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एनसीपी नेता धनंजय मुंडे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पंकजा पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं। धनंजय उनके चचेरे भाई हैं।

आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद बीड जिले के परली से ताल्लुक रखने वाले एक भाजपा नेता ने धनंजय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालॉंकि धनंजय ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है कि जो वीडियो वायरल हुआ है वह फर्जी है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि परली भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर लोहिया की शिक़ायत पर शनिवार देर रात धनंजय मुंडे के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 500 (मानहानि), 509 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के लिए शब्द, हावभाव का इस्तेमाल) और 294 (सार्वजनिक स्थल पर अश्लील कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया। लोहिया ने आरोप लगाया कि धनंजय ने पंकजा के ख़िलाफ़ 17 अक्टूबर को केज तहसील के विडा गाँव में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान अश्लील टिप्पणियॉं की।

इस मामले में भाजपा ने निर्वाचन आयोग और महिला आयोग से भी शिक़ायत की है। वहीं, NCP नेता धनंजय मुंडे ने शनिवार देर रात फेसबुक पर एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने लिखा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, उससे छेड़छाड़ की गई है, वो फ़र्ज़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, इसलिए वीडियो की फॉरेंसिक जाँच होनी चाहिए।

पंकजा इस समय में महाराष्ट्र सरकार में ग्राम, महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं और मराठवाड़ा की परली सीट से चुनाव लड़ रही हैं। 2009 में वो पहली बार विधायक चुनीं गईं और 2014 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। उनका मुकाबला धनंजय मुंडे से ही है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे और नतीजे 24 अक्टूबर को आएँगे।

पाकिस्तान में एक और हिन्दू लड़की अगवा, इस्लाम कबूल करवा अल्लाह दीनो से जबरन निकाह करवाया

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की लड़कियों को अगवा कर जबरन उनके धर्मांतरण का सिलसिला थम नहीं रहा है। चांदरी कोलही नाम की युवती को सिंध प्रांत के मीरपुरखास के नोकोट से अगवा कर उससे जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया। फिर अल्लाह दीनो के साथ उनका निकाह करवा दिया गया।

टाइम्स नाउ के मुताबिक पीड़ित लड़की के परिजनों ने अगवा कर उसका जबरन धर्मांतरध करने की शिकायत दर्ज कराई है। हाल के समय में पाकिस्तान में ऐसी कई घटनाएँ सामने आई है। खासकर, हिंदू और सिख लड़कियों को अगवा कर उनके धर्मांतरण की।

चांदरी कोलही के जबरन धर्मांतरण की खबर हिन्दू लड़की नमृता चंदानी की हत्या के ठीक एक महीने बाद आई है। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने कहा था कि लड़की ने आत्महत्या की थी, मगर नमृता के परिजनों का दावा है कि उसकी हत्या की गई है।

इससे पहले इसी साल सितंबर महज़ एक दिन के भीतर 13 और 15 साल की दो बच्चियों को मजहब विशेष वालों द्वारा जबरन उठा ले जाने के मामले सामने आए थे। वहीं, एक सिख लड़की को अगवा कर मोहम्मद हसन नाम के युवक से उसका जबरन निकाह करवाया गया। वह हाफ़िज़ सईद के आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा का सदस्य है। 29 अगस्त को रेणुका कुमारी को सिंध प्रांत के सुक्कुर स्थित उसके कॉलेज से अगवा कर जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया था। उसे सियालकोट में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ता मिर्जा दिलावर बेग के घर पर बंधक बना कर रखा गया था।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के एक स्वतंत्र मानवाधिकार संगठन ने देश में हिन्दू एवं ईसाई लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और निकाह पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि पिछले साल अकेले सिंध प्रांत में ऐसे तकरीबन 1000 मामले सामने आए थे। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने कहा, “सरकार ने ऐसी जबरन शादियों को रोकने के लिए अतीत में बहुत कम कोशिशें की हैं।” इस कारण से एचआरसीपी ने सांसदों से इस चलन को खत्म करने के लिए प्रभावी कानून बनाने की गुजारिश की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने 335 पन्नों की 2018 में मानवाधिकार की स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि 2018 में सिर्फ सिंध प्रांत में ही हिन्दू एवं ईसाई लड़कियों से संबंधित अनुमानित 1,000 मामले सामने आए। जिन शहरों में बार-बार ऐसे मामले हुए हैं, उनमें उमरकोट, थरपारकर, मीरपुरखास, बदीन, कराची, टंडो अल्लाहयार, कश्मोर और घोटकी शामिल हैं।

मुझे नहीं पता था कि इक़बाल मेमन ही इक़बाल मिर्ची है: प्रफुल्ल पटेल से ED ने 12 घंटे तक की पूछताछ

एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने प्रवर्तन निदेशालय से पूछताछ के दौरान बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इक़बाल मेमन ही इक़बाल मिर्ची है। ईडी ने 12 घंटे से भी अधिक समय तक उनसे पूछताछ की। पटेल ने कहा कि मिर्ची के साथ डील उनके एक रिश्तेदार द्वारा की गई थी, जिनकी कुछ वर्षों पहले मृत्यु हो चुकी है।आतंकी दाऊद इब्राहिम के क़रीबी इक़बाल मिर्ची और उसकी पत्नी से वित्तीय डील करने के मामले में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है और ईडी इसकी जाँच कर रही है।

पटेल परिवार से जुड़े मिलेनियम डेवेलपर्स और इक़बाल मिर्ची के बीच हुई उस डील को लेकर नए खुलासे के बाद इस मामले की जाँच तेज़ हो गई है। ईडी को अब एक फ़ारूक़ पटेल की तलाश है, जिसने इक़बाल मिर्ची और प्रफुल्ल पटेल के बीच डील में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इक़बाल मिर्ची के साले मुक्तार पटका से पूछताछ के दौरान ईडी को फ़ारूक़ के बारे में पता चला। फ़ारूक़ ही वो व्यक्ति था, जो भारत में इक़बाल मिर्ची के सारे ज़मीनी कामकाज को देखता था। प्रफुल्ल पटेल ने स्वीकार किया है कि वो फ़ारूक़ से परिचित हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इक़बाल मिर्ची ने 1985 में मुंबई के वर्ली में स्थित एक ज़मीन पर अतिक्रमण कर लिया था। वो ज़मीन पटेल परिवार से जुड़ी ज़मीन का हिस्सा थी। मिर्ची यहीं से अपने ड्रग्स के कारोबार चलाने लगा था। इसके बाद वह गिरफ़्तारी से बचने के लिए भारत से भाग निकला। इसके बाद 1999 में इक़बाल मिर्ची की बीवी हाजरा के साथ मिलेनियम डेवेलपर्स की डील हुई। मिलेनियम डेवेलपर्स ने यहाँ 15 मंजिला ईमारत बनाई, जिसे सीजे हाउस नाम दिया गया। इसमें 2 फ्लोर्स इक़बाल मिर्ची और उसके दोनों बेटों को दे दिए गए। इक़बाल मिर्ची की 2013 में लंदन में मृत्यु हो गई थी।

इक़बाल मिर्ची की पत्नी हाजरा ने मिलेनियम डेवेलपर्स को 5 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। ईडी ने प्रफुल्ल पटेल से इस सम्बन्ध में पूछताछ की। हालाँकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने इसका कोई स्पष्ट उत्तर न देते हुए अनुमान लगाया कि ये मेंटेनेंस से जुड़ा कोई पेमेंट हो सकता है। इक़बाल मिर्ची और प्रफुल्ल पटेल की फोन पर बातचीत भी हुई थी, इसके डिटेल्स निकालने का प्रयास ईडी कर रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू के दौरान पटेल और मिर्ची की डील को देशद्रोह करार देते हुए शरद पवार और राहुल गाँधी को ख़ुद को पाक-साफ़ साबित करने की चुनौती दी थी।

ईसाई स्कूल में जबरन धर्म परिवर्तन, विरोध करने पर वार्डन ने 9वीं के लड़के को इतना मारा कि वो मर गया

त्रिपुरा में पबियाछारा के कुम्हारघाट होली क्रॉस स्कूल में जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने से नौवीं कक्षा का एक छात्र परेशान था। इस बात को लेकर स्कूल मैनेजमेंट का उसने विरोध भी किया था। लेकिन उसका विरोध उस पर भारी पड़ा। उसे हॉस्टल में प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण जीबीपी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान हैप्पी देबबर्मा के रूप में हुई है।

15 वर्षीय छात्र देबबर्मा की मौत ने त्रिपुरा सरकार को इस मामले में न्यायिक जांच की ओर कदम बढ़ाने को लेकर विवश कर दिया है। बता दें कि छात्र की मौत का कारण भयंकर तरीके से किए गए वार के चलते आई अंदरूनी चोट बताई गई है।

इस मामले में होली क्रॉस स्कूल के वार्डन बुलचुंग हलम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। बता दें कि वार्डन बुलचुंग छात्र देबबर्मा को हमेशा परेशान किया करता था। 25 सितम्बर को वार्डन ने हैप्पी के कमरे में घुसकर उसे इतनी लात मारी कि उसे गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत भी हो गई।

इस मामले में पुलिस ने ईसाई स्कूल के पादरियों और स्कूल में हॉस्टल के वार्डन को मृतक छात्र की माँ की तहरीर पर गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि पादरी जो पॉल और फादर अल्फ्रेड को बेल दे दी गई मगर बुलचुंग और फादर लेंसी डी सूज़ा को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक छात्र हैप्पी तमाम गरीब बच्चों का जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के खिलाफ था। बुल्चुंग द्वारा जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने का हैप्पी ने विरोध किया। नाराज़ बुलचुंग ने इस पर हैप्पी को बुलाया और एक ऐसे कोने में लेकर गया जो किसी भी CCTV की नज़र में नहीं है। मौके का फायदा उठाते हुए बुलचुंग ने छात्र देबबर्मा को पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान हैप्पी के सीने में बुलचुंग ने इतनी ज़ोर से मुक्का मारा कि वह वहीं गिर गया। इसके बाद उसने हैप्पी के ऊपर चढ़कर उसको मारना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की शिकायत जब फादर लेंसी डी सूज़ा तक पहुंची तो उसने मारपीट की इस घटना को देखते हुए हैप्पी को प्राथमिक इलाज दिलाकर यह बात किसी को नहीं बताने की भी चेतवानी दी।

मामले को संभालने के लिए स्कूल प्रशासन ने हैप्पी को उसका आखिरी एग्जाम होते ही छुट्टियों के लिए उसकी माँ के पास घर भेज दिया। घर पहुँचे हैप्पी को तेज़ बुखार और सीने में दर्द की शिकायत हुई। इस पर जब घर वालों ने 29 सितम्बर को एक प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया मगर उसके बावजूद कोई आराम मिलता नहीं दिखा तो हैप्पी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल की बजाय छात्र के परिजनों से उसे अगरतला के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जाँच में सामने आया कि हैप्पी के श्वास प्रणाली यानी रेस्पिरेटरी सिस्टम में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उसके फेफड़े और दिल दोनों की हालत बेहद नाज़ुक है।

अपने आखिरी क्षणों में हैप्पी ने खुद पर बीते ज़ुल्म की पूरी कहानी अपने घर वालों को सुनाई। उसने बताया कि कैसे स्कूल में पादरी और वार्डन के चलते उसे कितनी परेशानी और दिक्कत का सामना करना पड़ा। हैप्पी की माँ ने बाद में बताया कि अगर उसे वहाँ फिर भेजा जाता तो वह उन परिस्थितियों में जी भी नहीं पाता।

आईसीडीएस में काम करने वाली हैप्पी की माँ ने पुलिस को बताया, “धर्मान्तरण के लिए दबाव बनाए जाने से नाखुश रहने वाले बच्चों के संबंध में बात करते हुए हॉस्टल का वार्डन स्कूल के फादर से झूठ बोलता था। पिछले साल भी एक लड़की ने इसी मामले को लेकर आत्महत्या की थी।”

एक जाँच अधिकारी ने बताया- “हैप्पी की मौत प्राइवेट स्कूलों के चरित्र पर कई तरह के सवाल उठाती है ख़ास कर वह जो मिशनरी इंस्टीट्यूशनों द्वारा संचालित हैं। पिछले साल लाहरी देबबर्मा नाम की एक लड़की ने आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद राज्य सरकार ने सीआईडी जाँच के भी आदेश दिए थे मगर कुछ भी सामने नहीं आया।”

राज्य के शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ सिलसिलेवार शिकायतें आ रही हैं। सरकार एक ऐसी शिक्षा नीति तैयार कर रही है, जिससे इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम की जा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लाब कुमार देब ने जबरन धर्मंतारण जैसी घटनाओं के मामलों के चलते इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। राज्य सरकार ने इस मामले में न्यायिक जाँच कराने का फैसला किया है।