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MLA नाहिद हसन फ़रार, कोई भी उसके बारे में सूचना दे सकता है: भगोड़ा घोषित कर की गई मुनादी

उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले की कैराना विधानसभा से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक नाहिद हसन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कोर्ट से कुर्की का नोटिस पारित होने के बाद तीन अलग-अलग मामलों में फ़रार चल रहे नाहिद हसन को शामली की विशेष अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। हसन के ख़िलाफ़ 13 मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने फास्ट ट्रैक कोर्ट शामली से NBW और धारा-82 के तहत आदेश प्राप्त कर विधायक नाहिद हसन के आवास पर नोटिस चिपका दिया है। साथ ही हसन के चबूतरे के गेट पर भी उन्होंने नोटिस चिपकाया। ख़बर के अनुसार, नोटिस चिपकाने से पहले पुलिस ने चौक बाज़ार से विधायक नाहिद हसन के आवास पर मुनादी (ढोल बजाते हुए) करवाते हुए माइक से अनाउंसमेंट भी करवाई। 

अनाउंसमेंट में कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा ने कहा कि अभियुक्त नाहिद मुक़दमे में फ़रार चल रहा है। उसके बारे में कोई भी व्यक्ति कभी भी सूचना दे सकता है और सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

पुलिस के अनुसार, जनवरी 2018 को मोहम्मद अली ने कैराना कोतवाली में सपा विधायक चौधरी नहाद हसन, उनकी माँ पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम और आठ अन्य पर 87 लाख 80 हज़ार रुपए लेने के बाद ज़मीन का बैमाना किसी दूसरे के नाम करने का मामला दर्ज कराया था।

पिछले दिनोंं इस मामले में हसन के ख़िलाफ़ कोर्ट से वारंट प्राप्त कर पुलिस विधायक की गिरफ़्तारी में प्रयासरत थी, लेकिन हसन अभी भी पुलिस की पहुँच से दूर है। वहीं, हसन की माँ को शुक्रवार (4 अक्टूबर) को अंतरिम ज़मानत मिल गई थी। एसपी अजय कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में विशेष न्यायाधीश कोर्ट ने शनिवार (5 अक्टूबर) को सुनवाई के दौरान पुलिस को धारा-82 के तहत कार्रवाई करने की इजाज़त दे दी। उन्होंने बताया कि नाहिद की गिरफ़्तारी के लिए 11 टीमों का गठन किया गया है।   

बता दें कि धारा-82 के तहत एक तरह का नोटिस दिया जाता है कि आरोपित या तो सरेंडर कर दे अन्यथा उसके ख़िलाफ़ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। धारा-82 की समय-सीमा समाप्त होने के बाद पुलिस न्यायालय के समक्ष धारा-83 यानी कुर्की की अपील करेगी। धारा-83 के आदेश मिलने के बाद पुलिस कुर्की की कार्रवाई करती है।

एक मामला 9 सितंबर 2019 का भी है, जब विधायक अपनी कार से जा रहे थे। इस दौरान उनकी नोकझोंक एसडीएम कैराना डॉ अमित पाल शर्मा और तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी से हो गई। सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया था। वीडियो सामने आने के बाद कैराना कोतवाली में सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई गंभीर दाराओं में मामला दर्ज हुआ था।

ख़बर के अनुसार, हसन के ख़िलाफ़ धारा-419, 420, 465, 153, 353, 504, 505, 188 और 7 CLA एक्ट के चहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद नाहिद की माँ तबस्सुम बेगम ने शामली में धरने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में छा गया।

देशद्रोही और गद्दार ओवैसी भाइयों को RSS में शामिल होकर देखनी चाहिए राष्ट्रभक्ति: राजा सिंह

तेलंगाना के गोशामहल सीट से विधायक राजा सिंह ने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी को एक तरह की राजनीतिक चुनौती दी है। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के साथ-साथ उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी को भी खरी-खरी सुनाई। हिन्दुओं के ख़िलाफ़ विवादित और भड़काऊ बयान देने के लिए चर्चा में रहने वाले अकबरुद्दीन फ़िलहाल हैदराबाद के चंद्रयनगुट्टा से विधायक हैं। राजा सिंह तेलंगाना में भाजपा के एकलौते विधायक हैं और हिंदूवादी छवि होने के कारण वह अक्सर अपने बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। राजा सिंह ने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को ‘गद्दार’ और अकबरुद्दीन को ‘देशद्रोही’ करार दिया।

राजा सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कही। संघ के ‘पथ संचालन’ कार्यक्रम के दौरान विधायक राजा सिंह गणवेश में हाथ में लाठी लेकर पहुँचे। उन्होंने कहा कि युवाओं में धार्मिक भावना पैदा करने और समाज को दिशा देने के लिए संघ पूरे देश में कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई में भेदभाव किए बिना देश को एक रखने का काम करती है। राजा सिंह ने कहा:

“एक तरफ देश की एकता की बात करनी वाली आरएसएस है। दूसरी तरफ ओवैसी जैसे देश के गद्दार हैं, जो संघ को प्रतिबंधित करने की बात करते हैं और इसके ख़िलाफ़ ग़लत टिप्पणी करते हैं। मैं असदुद्दीन ओवैसी और उनके छोटे भाई ‘दशद्रोही’ अकबरुद्दीन ओवैसी को कहना चाहूँगा कि तुम लोगों को भी आरएसएस की शाखा में सम्मिलित होने की ज़रूरत है। तुम शाखा में सम्मिलित होकर ही समझ पाओगे कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किस तरह देश के लिए काम करता है।”

विधायक राजा सिंह ने ओवैसी भाइयों से अपील करते हुए कहा कि वे दोनों तुरंत आरएसएस की शाखा ज्वाइन करें। उन्होंने कहा कि अगर दोनों ओवैसी संघ में सम्मिलित होंगे, तभी उनके मन के भीतर देश के प्रति अच्छी भावना जागेगी। उन्होंने ‘देश के विरुद्ध बात करने’, ‘वन्दे मातरम् नहीं गाने वाले’ और ‘भारत माता की जय नहीं बोलने वाले’ ओवैसी भाइयों पर जम कर निशाना साधा।

गोशामहल विधायक ने कहा कि एआईएमआईएम के ओवैसी भाइयों को ‘भारत माता की जय’ और ‘वन्दे मातरम्’ का महत्त्व भी तभी पता चलेगा, जब वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाएँगे। उन्होंने कहा कि संघ ऐसी संस्था है जो प्रणाम भी करती है और देशविरोधी ताक़तों को लाठी लेकर देश से बाहर खदेड़ना भी जानती है। राजा सिंह ने कहा, “मैं देशद्रोहियों को बता दूँ कि आज का भारत ‘भारत माता की जय’ बोलने वाला भारत होना चाहिए।“

हाल ही में भाजपा विधायक राजा सिंह ने एक सेना के गठन की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि देशद्रोहियों को सबक सिखाने और उन्हें नरक पहुँचाने के लिए एक सेना का गठन किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी थी कि वे इस सेना के गठन के लिए तैयारियाँ कर रहे हैं। उन्होंने बताया था कि 6 महीने पहले इसके लिए एक कैम्प का आयोजन किया गया था और ‘हिंदुत्ववादी बहादुरों’ को उस कैम्प में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था।

‘छुट्टी चाहिए तो अंग्रेजी में लिखें आवेदन’ – SP साहेब के फरमान के बाद पुलिसकर्मी खरीद रहे डिक्शनरी

उत्तर प्रदेश की पुलिस को अंग्रेजी सीखनी होगी! बलरामपुर के एसपी देन रंजन वर्मा का तो यही ख्याल है। उन्होंने पुलिस विभाग (अपने जिले में) में एक नई कवायद शुरू की है। दरअसल देन रंजन वर्मा ने पुलिसकर्मियों को अंग्रेजी अखबार पढ़ने और छुट्टियों के लिए आवेदन अंग्रेजी भाषा में ही करने के लिए कहा है।

एसपी वर्मा ने पिछले सप्ताह कई पुलिस स्टेशनों, जिला मुख्यालय और पुलिस लाइन में कक्षाएँ और कार्यशालाएँ आयोजित करने के बाद यह आदेश जारी किया है। निर्देश जारी होने के बाद जिले के पुलिस कर्मियों ने अंग्रेजी सीखने के लिए पुस्तकें व डिक्शनरी खरीदना शुरू कर दिया है।

हालाँकि, राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने इस आदेश के बारे में पूरी तरह से अनभिज्ञता व्यक्त की है। जानकारी के मुताबिक, अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि उन्हें इस आदेश के बारे में कोई जानकारी नहीं है और यह निर्णय जिला स्तर पर लिया गया है।

वहीं, देवीपाटन मंडल के डीआईजी (DIG) राकेश सिंह ने कहा कि उन्हें भी फैसले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “उच्च स्तर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है। अंग्रेजी का उपयोग महत्वपूर्ण है या नहीं, यह एक नीतिगत निर्णय है। पुलिस भर्ती बोर्ड, डीजीपी और अन्य यह आकलन करते हैं कि हमारे कर्मियों को किन कौशल की आवश्यकता है। मैं इसके बारे में और कुछ नहीं कह सकता।”

एसपी वर्मा ने अपने इस निर्णय को सही ठहराते हुए कहा, “इस पहल के पीछे का कारण यह है कि सभी साइबर-अपराध और निगरानी की जानकारी अंग्रेजी में मिलती है और हमारे पुलिस को भाषा का बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक है। मैंने पुलिसकर्मियों को अंग्रेजी में कोर्ट के फैसलों को समझने में बड़ी गलतियाँ करते हुए देखा है। इसके बाद मैंने पुलिसकर्मियों को कम से कम बुनियादी अंग्रेजी सीखने के लिए पहल करने का फैसला किया।”

उनका कहना है कि पुलिस कॉन्स्टेबलों ने अब छुट्टी के आवेदन लिखने के लिए गूगल से मदद लेनी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “मैं आवेदनों की जाँच करता हूँ और वर्तनी की गलतियों को सुधारता हूँ। मैं चाहता हूँ कि वे अंग्रेजी अखबार पढ़ें और डिक्शनरी खरीदें। मैं इसे सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पुलिस स्टेशनों में जाऊँगा।”

लखनऊ के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वो इस फैसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “एसपी ने अपने दम पर ऐसा किया है और जब तक हमें मुख्यमंत्री की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, हम न तो इस पहल को मंजूरी देंगे और न ही इसे अस्वीकार करेंगे।”

दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान बजाई गई अजान: शिकायत दर्ज लेकिन चुप है कोलकाता पुलिस

कोलकाता के दक्षिण-मध्य में स्थित है बेलियाघाट। पूरे बंगाल की भाँति यहाँ के 33 पाली (Beliaghata 33 Pally) में भी दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन पूजा के नाम पर इनका (आयोजक का) मकसद कुछ और है। यहाँ के पूजा पंडाल से शांति-सद्भाव फैलाने के नाम पर अजान बजाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार घटना के संबंध में शांतनु सिंघ नामक एक वकील ने पुलिस को ईमेल भेजकर शिकायत भी की है। शांतनु ने अपनी शिकायत को धारा 295, 295 ए और 298 के तहत दर्ज कर जरूरी कार्रवाई करने की माँग उठाई है।

अपनी शिकायत में शांतनु ने पूजा पंडाल के क्लब सेक्रेट्री समेत 10 पर शिकायत दर्ज करवाई है। इनमें टीएमसी विधायक परेश पॉल का भी नाम शामिल हैं, क्योंकि यहाँ की पूजा के मुख्य आयोजक वही हैं। शांतनु का आरोप है कि पंडाल के आयोजक जानबूझकर ऐसी चीजें करके शहर की शांति को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।

कोलकाता हाईकोर्ट के वकील शांतनु का कहना है कि उन्हें इस आयोजन का वीडियो विश्व हिंदू परिषद द्वारा भेजी गई है। उनको मिले वीडियो के अनुसार दु्र्गा पूजा पंडाल में अजान बजाया जा रहा है, जो कि हिंदू धर्म की भावनाओं के विरुद्ध है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने अभी तक इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन साइबर सेल पंडाल द्वारा शेयर किए जा रहे हर पोस्ट पर अपनी नजर बनाए हुए है।

पूजा आयोजकों का दावा है कि “आम्रा एक, एका नोय” उनके इस साल की थीम है। जिसका अर्थ “हम सब एक हैं, अकेले नहीं” है। इसका उद्देश्य हर धर्म में शांति फैलाना है।

पंडाल में लगा एक बैनर, फोटो साभार: swarajyamag

बेलियाघाटा के 33 पाली के क्लब सेक्रेटरी परिमल डे का पूरे मामले पर कहना है कि मामले का बेवजह राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम सब जानते हैं कि कोलकाता में दुर्गा पंडाल इस प्रकार बनाए जाते हैं कि वो समाज को एक अच्छा संदेश दें। हमारी थीम – ‘आम्रा एक, एका नोय’ है। इसे दर्शाने के लिए हमने चर्च, मंदिर, मस्जिद के प्रतीकों वाले मॉडल्स का इस्तेमाल किया। हमारा मकसद सिर्फ़ ये दिखाना है कि इंसानियनत सभी धर्मों से सर्वोपरि है।”

परिमल ने बताया कि इस थीम में तीनों धर्मों के बारे में बताने के लिए आयोजकों द्वारा ऑडियो-वीडियो का प्रयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ लोग कार्यक्रम में हिंदू और ईसाई धर्म से जुड़े संदेशों को नजरअंदाज करके सिर्फ़ ऊर्दू में दिए संदेश पर बवाल बना रहे हैं। उनके मुताबिक ये बिलकुल फर्जी बात है कि माँ दुर्गा की पूजा के दौरान अजान बजाई गई हो।

ये दिवाली पटाखों वाली… केंद्र सरकार ने लॉन्च किए पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन क्रैकर्स, SC ने लगाई थी रोक

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने शनिवार (6 अक्टूबर) को कहा कि इस बार दीपावली पर देशभर में कम प्रदूषण करने वाले ग्रीन क्रैकर्स उपलब्ध रहेंगे, जो पर्यावारण के अनूकल होंगे। डॉ हर्षवर्धन ने अनुसंधान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंन्स में कहा कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद इस तरह के पटाखों को बनाने के बारे में सोचा गया और इसी दिशा में काम करते हुए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने ग्रीन क्रैकर्स के विकास में अहम भूमिका निभाई। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में CSIR की आठ सहयोगी प्रयोगशालाओं ने भी सहयोग दिया।

इस अवसर पर डॉ हर्षवर्धन ने कहा,

“मुझे बहुत ख़ुशी है कि एक तरफ, हम इस दिवाली पर पर्यावरण के अनुकूल पटाखे का इस्तेमाल करेंगे और दूसरी तरफ, रोशनी और पटाखों के साथ हमारे पारंपरिक त्योहार का उत्सव बरकरार रहेगा। लाखों घर जो आतिशबाज़ी की बिक्री और निर्माण पर निर्भर हैं, वे भी इस त्योहार का आनंद लेंगे। हमारे वैज्ञानिकों को धन्यवाद!”

उन्होंने कहा कि CSIR के पटाखों के बारे में फॉर्मूलेशन के बाद पटाखा उत्पादकों ने इसी आधार पर पटाखे बनाए हैं और पटाखा उत्पादकों के साथ लगभग 230 आपसी सहमति पत्रों और 165 नॉन डिसक्लोजर एग्रीमेंट्स (NDA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने पटाखा उत्पादकों से CSIR की तरफ से सुझाए गए फॉर्मुलेशन के आधार पर पटाखे बनाने और बाजार में उतारे जाने से पहले इनकी जाँच तथा उत्सर्जन का आग्रह भी किया। CSIR द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय इंजीनियरिंग एवं पर्यावरण शोध संस्थान (NEERI) तथा राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की प्रयोगशालाओं में इनकी जाँच की जा सकेगी। इन पटाखों में अनार, पेंसिल, चकरी, फुलझड़ी और सुतली बम आदि शामिल हैं। 

इस अवसर पर CSIR के महानिदेशक डॉ शेखर सी मांदे ने बताया कि CSIR के लिए ग्रीन क्रैकर्स के बारे में फॉर्मूलेशन तैयार करना और इस तरह के पटाखों की परिभाषा को तैयार करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा है ताकि ऐसे पटाखों से कम से कम उत्सर्जक तत्व वातावरण में छूटें। CSIR ने ग्रीन क्रैकर्स के लिए बेंचमार्क के लिए तकनीकी कानूनी और नीतिगत हस्तक्षेप में अपनी तरफ से योगदान दिया और पारंपरिक पटाखों तथा ग्रीन क्रैकर्स में बेरियम के स्तर की जाँच की।

इस मौके पर NEERI के निदेशक डॉ राकेश कुमार ने बताया कि ग्रीन क्रैकर्स के विकास में द्विस्तरीय प्रकिया अपनाई गई और CSIR के साथ मिलकर उनके संस्थान ने पांरपारिक पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बेरियम नाईट्रेट के स्तर की जाँच कर ग्रीन क्रैकर्स के लिए एक नया मानक अपनाया। इस विधि से ग्रीन क्रैकर्स में 30 से लेकर 90 प्रतिशत बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कम किया गया और कईं पटाखों में यह बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया। इन पटाखों में ऑक्सीडेंट के तौर पर पोटेशियम नाईट्रेट का इस्तेमाल किया गया। 

उन्होंने बताया कि ग्रीन क्रैकर्स बनाने वाली इकाइयों को नई एवं संशोधित विधियों को पूरा कर एक निश्चित बेंचमार्क तक पटाखे बनाने के लिए 530 उत्सर्जन प्रमाणपत्र दिए गए हैं। 

ग्रीन क्रैकर्स के बारे में CSIR की मुख्य वैज्ञानिक डॉ साधना रायालु और उनकी टीम का कहना है कि इन पर NEERI का ग्रीन ‘Logo’ और एक QR कोड है जो इनकी पहचान हैं। इस कोड की जाँच करके इनकी असलियत का पता लगाया जा सकता है।

ग्रीन क्रैकर्स के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसकी इमेल आईडी [email protected] और हेल्पलाइन नंबर +918617770964 और +919049598046 है।

दशहरे पर फ्रांस में शस्त्र पूजा करेंगे राजनाथ सिंह, 8 अक्टूबर को भारत को मिलेगा पहला राफेल

दशहरे के शुभ अवसर पर इस बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय मूल्यों को बरकरार रखते हुए पेरिस में शस्त्र पूजन करेंगे। 8 अक्टूबर को वह पेरिस में पहले राफेल फाइटर जेट को प्राप्त करके शस्त्र पूजन करेंगे और फिर उसी दिन वे उसमें उड़ान भी भरेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गृह मंत्री अपनी फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा के लिए 7 अक्टूबर को रवाना होंगे। यहाँ उन्हें 8 तारीख को भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस पर पहला लड़ाकू विमान राफेल सौंपा जाएगा। उसी दिन राजनाथ सिंह बोर्डिओक्स के पास मेरिनैक में राफेल जेट रिसीव करेंगे।

यहाँ बता दें कि शस्त्र पूजन हिंदुओं की एक बहुत पुरानी परंपरा हैं। इसमें योद्धा अपने हथियारों और शस्त्रों की पूजा करते हैं। अमर उजाला की खबर के अनुसार रक्षा अधिकारियों ने इस संबंध में बताया, “अपने गृह मंत्री कार्यकाल के दौरान से ही राजनाथ सिंह हर दशहरे पर शस्त्र पूजन करते रहे हैं। अब रक्षा मंत्री होने के नाते भी वह अपनी इसी परंपरा को जारी रखेंगे।“

उल्लेखनीय है कि इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान फ्रांस में होने वाले कार्यक्रम में शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ राफेल के निर्माण कंपनी दसॉ एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद होंगे। गृह मंत्री 9 अक्टूबर को फ्रांस के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर व्यापक चर्चा करेंगे। उनके साथ वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शन एचएस अरोड़ा भी होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राफेल फाइटर जेट को भारतीय जरूरतों के अनुसार बदला गया है। इस विमान को उड़ाने के लिए भारतीय वायुसेना के कुछ पायलटों की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अब ये सभी प्रशिक्षित पायलट वायुसेना के 24 और पायलटों को 3 अलग अलग हिस्सों में भारतीय राफेल फाइटर जेट की ट्रेनिंग देंगे। इन पायलटों की ट्रेनिंग 2020 मई तक चलेगी।

बताते चलें कि जिस राफेल को लेने रक्षामंत्री फ्रांस जा रहे हैं, उसके लिए नए एयर चीफ मार्शन आरकेएस भदौरिया ने कहा कि राफेल का शामिल होना देश और वायुसेना के लिए बहुत महत्तवपूर्ण है। इसकी तकनीक हमारे लिए गेमचेंजर साबित होगी।

1 दिन में 3 बार ट्रांसफर: राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का फैसला, क्योंकि तहसीलदार ने नेताओं पर…

राजस्थान के बारां जिला में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक तहसीलदार का एक ही तारीख में 3 बार ट्रांसफर कर दिया गया। उसका गुनाह बस इतना था कि उसने अवैध अतिक्रमण में लिप्त नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी। अवैध अतिक्रमण हटाने के एवज में एक ही तारीख में उसका 3 बार तबादला किया गया। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार चल रही है। हाल ही में बसपा के सभी विधायक कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे, जिससे अशोक गहलोत सरकार की स्थिति और मजबूत हो गई है।

अगर बारां की घटना की बात करें तो यहाँ तहसीलदार फूलचंद कश्यप नाहरगढ़ उप-तहसील में भूअभिलेख निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनका तबदला कार्यवाहक नायब तहसीलदार के रूप में रविवार (सितम्बर 29, 2019) की तारीख में अटरू तहसील मुख्यालय में कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार (अक्टूबर 3, 2019) को एक नया संशोधित आदेश आया। इसमें उनका ट्रांसफर 29 सितम्बर की ही तारीख में उपतहसील केलवाड़ा में कर दिया गया। शनिवार (अक्टूबर 5, 2019) को फूलचंद का तबादला वापस अटरू तहसील में करने का आदेश आया। इस आदेश में भी तारीख 29 सितम्बर ही बताई गई।

‘दैनिक भास्कर’ के बारां संस्करण में छपी ख़बर

एक ही तारीख में 3 ट्रांसफर ऑर्डर की वजह से जिला कलेक्ट्रट लोगों के निशाने पर है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फूलचंद ने बताया है कि भँवरगढ़ में अतिक्रमण हटाने के कारण वे नेताओं के निशाने पर आ गए हैं।

लोग इस बात को लेकर सवाल खड़ा कर रहे हैं कि जब तहसीलदार ने कुछ ग़लत किया ही नहीं तो कार्रवाई किस बात के लिए की गई? उसने तो बस क़ानून के तहत अवैध अतिक्रमण करने वालों के ख़िलाफ़ एक्शन लिया था। अभी तक जिला प्रशासन ने इस सम्बन्ध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

दुर्गा पूजा पंडाल गईं TMC सांसद नुसरत जहां को पड़ रही गालियाँ

बांग्ला एक्ट्रेस से तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) सांसद बनीं नुसरत जहां अपने राजनीतिक और फिल्मी करियर से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। शादी के बाद नुसरत जहां पहली बार नवरात्र के आठवें दिन दुर्गा पूजा में पहुँचीं। नुसरत कोलकाता के सुरुचि संघ पंडाल में पति के साथ माँ दुर्गा के दर्शन के लिए पहुँची थी। सामने आई तस्वीरों में नसुरत और उनके पति निखिल माँ दुर्गा की हाथ जोड़कर आराधना करते नजर आए। हालाँकि नुसरत की ये तस्वीरें कुछ ट्रोलर्स को पसंद नहीं आई और उन्होंने धर्म पर बहस शुरू कर दी।

दरअसल नुसरत दुर्गा पंडाल में भारतीय परिधान में पहुँचीं। तस्वीरों में नुसरत लाल और पीले रंग की साड़ी में नजर आ रही हैं। साथ ही गोल्डन ज्वेलरी के साथ सिंदूर लगाया हुआ है। नुसरत की इस तस्वीर पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ आनी शुरू हो गई हैं। कई लोगों ने इस तस्वीर पर कमेंट किया कि जल्द ही कट्टरपंथियों की तरफ से नुसरत के खिलाफ फतवा जारी हो सकता है।

एक यूजर ने लिखा, “अच्छा हो अगर इन्होंने अपना धर्म बदल लिया हो।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “सावधान रहिए। जल्द ही आपको फतवा जारी हो जाएगा। वैसे नवरात्रि की शुभकामनाएँ। माता महागौरी आप पर अपना आर्शीवाद बनाए रखें।”

मेमून अहमद नाम के एक यूजर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ये न तो हिंदू का सम्मान करती है और न ही मु###न का। ये सिर्फ दोनों धर्मों का अनादर कर रही है। जब आप अपने धर्म में विश्वास रखती हैं तो आप किसी अन्य धर्म का पालन नहीं कर सकते।”

वहीं कुछ यूजर्स ने इसे पॉलीटिकल स्टंट बताया है। हालाँकि सासंद बनने के बाद से ही नुसरत को कभी उनके कपड़ों के लिए तो कभी दूसरे मजहब के लड़के से शादी करने के लिए लगातार ट्रोल किया जा रहा है। खैर नुसरत को इन ट्रोलर्स को हैंडल करना आता है। उन्हें किसी की बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। नुसरत कई मौकों पर कह भी चुकी हैं कि वो सोशल मीडिया पर आए कमेंट्स को इग्नोर करती हैं। 

वैसे ये पहला मामला नहीं है जब उन्हें किसी वजह से ट्रोल किया जा रहा हो। अपनी शादी के बाद 25 जून को नुसरत पहली बार संसद पहुँचीं और शपथ ली। इस दौरान उनके गले का मंगलसूत्र और माँग का सिंदूर चर्चा का विषय बना। इसी के चलते नुसरत जहां के खिलाफ देवबंद के धर्मगुरुओं ने फतवा जारी कर दिया। उनका कहना है कि मजहब लड़कियों को सिर्फ मजहब लड़कों से ही निकाह करना चाहिए। उनका कहना था कि नुसरत सिंदूर कैसे लगा सकती हैं। माँग में सिंदूर देख नुसरत से ये सवाल किया जा रहा था कि क्या उन्होंने अपना धर्म बदल लिया है।

बंदर को गोली मारने पर साम्प्रदायिक तनाव; आसिफ़, हाफ़िज़ और अनीस के ख़िलाफ़ FIR

उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले में तीन लोगों द्वारा एक बंदर की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद से इलाक़े में साम्प्रदायिक तनाव का माहौल बन गया है। इसकी जानकारी ख़ुद पुलिस ने दी। दरअसल, हिंदू मान्यता के अनुसार बंदर को भगवान हनुमान का रूप माना जाता है और इसे चोट पहुँचाना पाप माना जाता है। 

कैराना के क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रदीप कुमार ने बताया,

“तीन भाइयों- आसिफ़, हाफिज़ और अनीस के ख़िलाफ़ एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जो शनिवार को कथित रूप से बंदर के इर्द- गिर्द घूम रहे थे और उनमें से एक ने परिवार के चार लाइसेंसी हथियारों में से एक से बंदर को गोली मार दी।”

पुलिस के अनुसार, बंदर की पीठ पर गोली लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और बंदर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद उसे दफ़ना दिया गया। वन विभाग ने वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम-1972 की धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिसके अंतर्गत छ: महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हालाँकि, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है।

घटना के बाद बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया और ख़बर फैलते ही उनके साथ ग्रामीण भी जुड़ गए। बजरंग दल की युवा इकाई के जिला अध्यक्ष सन्नी सरोहा ने कहा, “अल्पसंख्यक समुदाय के तीन युवकों ने बंदर को गोली मार दी। उन्होंने कुछ आपत्तिजनक बयान भी दिए हैं। हम उन्हें तत्काल गिरफ़्तार किए जाने और उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की माँग करते हैं।” स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।

ख़बर के अनुसार, आरोपित का कहना है कि इलाक़े में बंदरों ने काफी परेशान किया हुआ है। यह काफ़ी नुकसान कर चुके हैं और परिवार के सदस्यों को भी चोट पहुँचा चुके हैं। फ़िलहाल, पुलिस ने आरोपित युवक और उसके भाई के नाम जारी लाइसेंसी हथियार समेत कारतूस ज़ब्त कर लिए हैं।

इमरान खान के UN में दिए भाषण की यूरोपियन थिंक टैंक ने की आलोचना, कहा- बीते जमाने की बात

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक बार फिर से झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान के रवैये और उनके भाषण को लेकर आलोचनाएँ हो रही हैं। यूपोरियन थिंक टैंक ने पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दिए गए भाषण को लेकर कहा कि पाकिस्तान के पिछले रवैये की तरह ही पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि वह जम्मू-कश्मीर के लोगों के सच्चे दोस्त नहीं हैं। वे बस उनके लिए धोखा करते हुए विरोध और गुस्से का दिखावा कर रहे हैं।

एम्सटर्डम स्थित यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशिया स्टडीज ने कहा है कि यूएनजीसी के भाषण में इमरान खान ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर, आतंकवाद, कश्मीरी जैसे शब्दों का सबसे ज्यादा बार इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने बड़़ी ही चालाकी से अपने भाषण के जरिए कश्मीरी युवाओं को भड़काने का काम किया है। इतना ही नहीं उन्होंने बड़ी चालाकी से परमाणु युद्ध की धमकी भी दे दी।

आगे उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण पक्ष जो कि इमरान खान ने फिर भी नहीं खोला, वह यह है कि आखिर किसने उन्हें कश्मीरियों को खून बहने के लिए डराने और उनकी जिंदगियों को खत्म किए जाने का डर दिखाने का अधिकार दिया?

थिंक टैंक ने कहा अगर इस सवाल को लेकर इमरान खान का जवाब पाकिस्तानी सेना है, तो इस मामले में लगभग-लगभग सच्चाई है। यह उनके लिए मान लेने का वक्त है कि पाकिस्तानी जनता की आँखों पर कश्मीर का पर्दा डालकर उन्हें मजबूती का दिखावा करने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि ये बीते जमाने की बात है। 

गौरतलब है कि 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली के 74वें अधिवेशन में अपने भाषण के दौरान इमरान खान ने 15 मिनट के बजाए करीब 50 मिनट तक भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण में भारत के खिलाफ काफी जहर उगला, परमाणु हमले की बात कही। कश्मीरी युवाओं को भड़काने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने दुनिया के दूसरे बोलने वाले वक्ताओं का भी ख्याल नहीं रखा।

थिंक टैंक ने कहा कि खान ने अपने भाषण के दौरान अच्छा खासा समय इस्लामोफोबिया के लिए पश्चिमी देशों पर आरोप लगाने में खर्च किया था। और लोगों को इस्लाम और उसके मानने वालों के बारे में समझाने की बात कही थी।