Home Blog Page 5511

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने किसानों की क़र्ज़माफ़ी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान से कॉन्ग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती है, क्योंकि पार्टी ने क़र्ज़माफ़ी को ही मुद्दा बना कर 2018 में हुआ विधानसभा चुनाव लड़ा था और राज्य में सरकार बनाई थी।

5 बार सांसद और 2 बार विधायक रहे लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। उन्होंने कहा है कि इस वर्ष किसानों की क़र्ज़माफ़ी नहीं हो पाएगी, क्योंकि सरकार इसका आकलन करने में विफल साबित हुई है।

बता दें कि राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। अब लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी को 10 दिनों के भीतर क़र्ज़माफ़ी का वादा नहीं करना चाहिए था। आँकड़े गिनाते हुए कॉन्ग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि 45 हज़ार करोड़ की क़र्ज़माफ़ी आसान काम नहीं है। लक्ष्मण सिंह के अनुसार, इस वर्ष किसानों की क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर नहीं हो सकती।

लक्ष्मण सिंह का यह बयान अहम है, क्योंकि मध्य प्रदेश के एक मंत्री ने ही उनके भाई दिग्विजय सिंह पर परदे के पीछे से सरकार में दखल देने का आरोप लगाया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को कॉन्ग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के लिए उनके समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल कमलनाथ मध्य प्रदेश में सरकार और संगठन, दोनों के मुखिया बने हुए हैं। दिग्विजय, सिंधिया और कमलनाथ के त्रिकोण में उलझी मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस की सियासत में लक्ष्मण सिंह का बयान मायने रखता है।

इस दौरान लक्ष्मण सिंह ने संगठन को लेकर भी बात की। बता दें कि लक्ष्मण 1990 में ही पहली बार विधायक बने थे और लगातार सक्रिय रहने के बावजूद उन्हें कमलनाथ मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। जब मीडिया ने उनसे इस सम्बन्ध में सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वे पार्टी से ऐसी अपेक्षा रखते हैं कि उनका कहीं भी उपयोग किया जाना चाहिए। अपनी पीठ थपथपाते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि उन पर न तो भ्रष्टाचार के कोई आरोप हैं और न ही उनके पास अनुभव की कोई कमी है।

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर गुटबाजी चरम पर है और इस सम्बन्ध में कई नेता अपनी पसंद-नापसंद ज़ाहिर कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष और राज्य में कॉन्ग्रेस सरकार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह के भाई ने कहा:

“ज्योतिरादित्य सिंधिया एक अनुभवी नेता हैं और वे अध्यक्ष पद के लायक भी हैं। कमलनाथ सरकार पूरे 5 वर्षों तक चलेगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी काफ़ी अनुभवी नेता हैं। इस सरकार को परदे के पीछे से कोई भी नहीं चला रहा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ही यह सरकार चला रहे हैं।”

बता दें कि मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमर सिंघार ने कहा था कि दिग्विजय सिंह परदे के पीछे से सरकार चला रहे हैं और यह बात कार्यकर्ताओं से लेकर सभी नेताओं को पता है। उन्होंने कहा था कि अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर मंत्रियों को दिग्विजय के पत्र आते हैं। लक्ष्मण सिंह ने उनके इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके बड़े भाई दिग्विजय और मंत्री उमर सिंघार को आपस में मिल-बैठ कर बात कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विवादों का लाभ भाजपा को मिलता है।

आबिद, दानिश, कैश ने 15 साल की हिन्दू लड़की को किया अगवा, पथराव और आगजनी से बढ़ा तनाव

आगरा के खंदौली क्षेत्र में मंगलवार (17 सितंबर) को एक नाबालिग हिन्दू लड़की की अपहरण की ख़बर सामने आई। घटना सैमरा गाँव की है, जहाँ आबिद ने अपने दो दोस्तों दानिश और कैश की मदद से 15 वर्षीय हिन्दू लड़की का अपहरण कर लिया।

ख़बर के अनुसार, कक्षा 9 की 15 वर्षीय छात्रा का मंगलवार दोपहर क़रीब 12 बजे अपहरण कर लिया गया। लड़की के माता-पिता एटा में रहते हैं, जबकि वो पढ़ाई के लिए अपने मामा के घर पर रह रही थी। लड़की के मामा को दोपहर में आबिद नाम के एक युवक का फोन आया। आबिद ने कथित तौर पर मामा को धमकी दी कि उसने उसकी भांजी का अपहरण कर लिया है और इस बात की सूचना वो पुलिस को बिल्कुल न दे।

फ़ोन कॉल के बाद, लड़की के मामा ने कथित तौर पर पुलिस स्टेशन में शिक़ायत दर्ज कराई। दानिश और कैश, जो आबिद के दो दोस्त हैं, जिन्हें पिछले कुछ दिनों से लड़की के घर के आसपास घूमते हुए देखा गया था, उनके भी शामिल होने का संदेह था। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने लिखित शिक़ायत दर्ज नहीं की और लड़की के परिवार को वापस भेज दिया।

जैसे ही अपहरण की ख़बर फैली क्षेत्र में अशांति फैल गई। मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, अपहरण की ऐसी घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का एक समूह मुख्य आरोपी आबिद के परिवार से बातचीत करने गया, जहाँ दोनों समुदाय के बीच बवाल मच गया। कथित रूप से घरों को जला दिया गया और धीरे-धीरे इलाक़े में अशांति फैल गई। देर शाम एक गली में लगभग 15 दुकानों को भीड़ ने आग लगा दी। दूसरे पक्ष के लोगों ने घरों और परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया।

ख़बरों के अनुसार जब दुकानों को आग लगाई जा रही थी, तो वहाँ कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे जो UP-100 की गाड़ी से आए थे, वो हालात पर क़ाबू पाने में असहाय थे। बाद में शाम को, अतिरिक्त बल के पहुँचने पर स्थिति पर क़ाबू पाया जा सका। कथित तौर पर एक मरम्मत की दुकान में सिलेंडर विस्फोट के कारण आग से कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई थीं।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आगरा रेंज आईजी ए सतीश गणेश और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। तनावपूर्ण स्थिति को ध्यान में रखते हुए, क्षेत्र में कई स्थानीय पुलिस स्टेशनों से अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। अमर उजाला की ख़बर के अनुसार, लड़की को देर रात उस वक़्त बरामद किया गया जब मुख्य आरोपी आबिद उसे लेकर दिल्ली भागने की फ़िराक में था।

PM मोदी से पहले जशोदाबेन से मिलने को दौड़ीं ममता बनर्जी, भेंट की साड़ी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बुधवार शाम दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होनी है। उससे पहले मंगलवार (सितंबर 17, 2019) को कोलकाता हवाईअड्डे पर ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन से मुलाकात की। मुलाकात महज संयोग था।

इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जशोदाबेन को एक साड़ी उपहार में दी।

जानकारी के मुताबिक ममता बनर्जी दिल्ली जाने लिए एयरपोर्ट पहुँचीं थी। वहीं, जशोदाबेन भी झारखंड के धनबाद से अपनी 2 दिन की यात्रा के बाद लौट रहीं थीं। इसी दौरान एयरपोर्ट पर दोनों के बीच अचानक मुलाकात हो गई।

खबरों की मानें तो जशोदाबेन को देखते ही ममता बनर्जी उनकी ओर दौड़ पड़ीं और कुछ देर बातचीत के बाद उन्हें साड़ी भेंट की।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनावों के दौरान अक्षय कुमार को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने जिक्र किया था ममता बनर्जी उन्हें हर साल कुर्ते और मिठाइयॉं भेजा करती हैं। जिस पर बाद में ममता की प्रतिक्रिया आई थी और उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया था कि वो ऐसा करती हैं।

गौरतलब है कि सीएम ममता बनर्जी बुधवार को यानी आज प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने वाली हैं। इस मुलाकात को उन्होंने ‘शिष्टाचार भेंट’ बताते हुए कहा है कि वो पीएम के समक्ष राज्य से संबंधित कई मुद्दे उठाएँगी, जिसमें राज्य को मिलने वाला कोष अहम मुद्दा होगा।

उन्होंने कलकत्ता से रवाना होने से पहले पहले मीडिया से बातचीत में बताया कि वह राज्य के नाम में परिवर्तन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय जैसे मुद्दों को उठाएँगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की उनकी यात्रा ‘नियमित कामकाज’ का हिस्सा है।

अगले महीने राम मंदिर पर आ सकता है फैसला, 18 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में जिरह पूरी होने की उम्मीद

अयोध्या मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीदें बुधवार को और मजबूत हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने 18 अक्टूबर तक इस मामले की सुनवाई पूरी होने की उम्मीद जताई है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने मामले के सभी पक्षकारों से पूछा था कि वे दलील पूरा करने में कितना वक्त लेंगे।

दोनों पक्षों का जवाब मिलने के बाद मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुआई वाली पॉंच सदस्यीय पीठ ने इस मामले में 18 अक्टूबर तक दलीलें पूरी करने की समय सीमा तय कर दी है। सीजेआई गोगोई ने कहा कि यदि दलीलें पूरी करने के लिए समय कम रहेगा तो वह शनिवार को भी सुनवाई करने के लिए तैयार हैं।

साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या मामले की सुनवाई बहुत आगे पहुॅंच गई है। रोजाना के आधार पर कार्यवाही जारी रहेगी। यदि पक्ष मध्यस्थता के जरिए अयोध्या मामला सुलझाने के इच्छुक हैं, तो वे ऐसा कर सकते हैं। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एफएमआई कलीफुल्ला की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल के समक्ष हो रही सुनवाई गोपनीय रहेगी।

इस बीच, सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने मामले में सुब्रह्मण्यम स्वामी के हस्तक्षेप को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे कई अन्य लोगों को भी इस मामले में दखल देने का मौक़ा मिल जाएगा और याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को ब्रेक देने का आग्रह किया था। इसके जवाब में अदालत ने उनसे पूछा था कि क्या ये नहीं हो सकता कि आप शुक्रवार को ब्रेक लें और आपकी जगह कोई और अपनी दलील पेश करे। आपको पता है कि कितना वक्त बचा है। जवाब में धवन ने कहा, “जिस स्पीड से सुनवाई चल रही है उसका अंदाजा हमें है। मैं नहीं चाहता कि मेरी दलील का लय टूटे।” इसके बाद मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सभी वकीलों से पूछा था कि वे जिरह पूरा करने में कितना वक्त लेंगे।

इससे पहले राजीव धवन ने अदालत को बताया था कि उन्हें जिरह के लिए कम से कम 20 दिन चाहिए। उन्होंने जन्मस्थान को कानूनी व्यक्ति मानने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि ऐसा मुस्लिम पक्ष के दावे को कमजोर करने के लिए किया गया है।

गौरतलब है कि अयोध्या विवाद की हर सप्ताह पॉंच दिन सुनवाई हो रही है। यह पहला मामला है जब संविधान बेंच किसी एक मामले की रोजाना सुनवाई तीन के बजाए 5 दिन कर रही है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का कार्यकाल भी 17 नवंबर को ख़त्म हो रहा है। ऐसे में रोजाना सुनवाई शुरू होने के बाद से ही क़यास लगाए जा रहे हैं कि राम मंदिर मामले में फ़ैसला उनके रिटायर होने से पहले आ जाएगा। माना जा रहा है कि अदालत ने जिरह पूरी होने में लगने वाले समय को लेकर सभी पक्षों से जवाब भी इसी बात को ध्यान में रखकर मॉंगा था।

अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई छह सितंबर से शुरू हुई थी। पहले निर्मोही अखाड़ा की तरफ से दलीलें दी गई। उसके बाद राम लाल और राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने दलीलें रखी। हिंदू पक्षकारों की दलीलें पूरी हो जाने क बाद मुस्लिम पक्षों की तरफ से दलीलें शुरू हुई हैं।

Video Viral: भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ‘BAT’ की घुसपैठ को किया नाकाम

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के निरस्त किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उसकी यह बौखलाहट आए दिन उजागर भी होती रहती है। ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है जिसमें भारतीय सेना ने 12 और 13 सितंबर को बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) की घुसपैठ को मुँहतोड़ जवाब दिया है।

पाकिस्तान की BAT टीम ने पीओके के हाजीपुर सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश की थी। बार-बार इनकार के बावजूद पाकिस्तान, भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ को अंजाम देने में लगा हुआ है। अगस्त में, भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर पाक द्वारा घुसपैठ की 15 कोशिशों को नाकाम कर दिया था। 

इस वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि BAT की तरफ़ से घुसपैठ की कोशिश के दौरान पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) कमांडो और आतंकवादियों पर भारतीय सेना ने ग्रेनेड से हमला किया और उनकी नापाक कोशिशों को नाकाम कर दिया। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी फौज की बड़ी साज़िश को नाकाम करते हुए BAT के 4-5 घुसपैठियों को मार गिराया था। भारतीय सेना द्वारा घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों का वीडियो भी जारी किया गया था।

ख़बर के अनुसार, नियंत्रण रेखा से घुसपैठ के सफल और असफल प्रयासों के बारे में जानने के लिए हाल में हुई एक बैठक में सेना के प्रतिनिधि को कश्मीर क्षेत्र के गुरेज, माछिल और गुलमर्ग सेक्टरों के ऊंचाई वाले इलाकों तथा जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी इलाक़ों में आतंकी घुसपैठ के संबंध में विभिन्न एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्य सौंपे गए।

ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया था कि नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के कई प्रयास हुए, जिनमें से अधिकतर को विफल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कुछ आतंकी घुसपैठ करने में सफल हो गए हों, लेकिन ऐसे आतंकियों को पकड़ने के लिए कश्मीर में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। बता दें कि गुलमर्ग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को 1990 के दशक में मध्य कश्मीर में घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

महिला से दोस्ती कर अमजद ने माँगी न्यूड तस्वीरें, नूर शेख के साथ मिलकर किया गैंगरेप

मुंबई में कुछ दिन पहले एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी। जिसके मद्देनजर पुलिस ने मंगलवार (17 सितंबर) को जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी पहचान 30 वर्षीय अमजद अली खान और 42 वर्षीय नूर शेख के रूप में हुई है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक महिला सतारा की निवासी है, जिसकी एक बेटी भी है। महिला का पिछले वर्ष ही अपने पति से तलाक हुआ था, तब से ही वो अपनी बहन से मिलने के लिए मुंबई आती रहती थी। इसी दौरान उसकी जान पहचान अमजद अली खान से हुई, जो उसकी बहन का पड़ोसी था। कुछ ही मुलाकातों में दोनों के बीच नज़दीकियाँ बढ़ गईं और उनके बीच घंटों बात करने का सिलसिला शुरू हो गया।

पुलिस ने बताया कि जब भी महिला मुंबई आती तो दोनों मिलते और घूमने भी जाते। इसी दोस्ती का फायदा उठाते हुए खान ने महिला से उसकी नग्न तस्वीरें माँगी, जिसके लिए महिला मान भी गई। लेकिन जैसे ही उसे ये तस्वीरें मिलीं, उसने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अमजद कहने लगा या तो महिला उससे मिले या फिर वो सारी तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट कर देगा।

अमजद की धमकियों से डरकर महिला मुंबई के ट्रॉम्बे पहुँची और एक टैक्सी में खान से मिली। खान इस दौरान अपने दोस्त नूर शेख के साथ था। दोनों दोस्त महिला को एक खाली कमरे में लेकर गए और वहाँ उसके साथ रेप किया। बाद में दोनों आरोपित महिला को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।

महिला ने पूरी घटना के बारे में अपनी बहन को बताया और दोनों ने पुलिस थाने पहुँचकर आरोपितों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करवाई। अगले ही दिन पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

ट्रॉम्बे के सीनियर इंस्पेक्टर सिद्धेश्वर ने बताया कि दोनों आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। फ़िलहाल, दोनों आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं और पीड़िता की मेडिकल जाँच रिपोर्ट का इंतजार है।

अय्याश था नेहरू और उसका खानदान, अंग्रेजों के चक्कर में देश का बँटवारा कर दिया: BJP विधायक

भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। सैनी ने न सिर्फ़ नेहरू को अय्याश बताया बल्कि उन्हें देश के बँटवारे के लिए भी ज़िम्मेदार ठहरा दिया। विक्रम सिंह सैनी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली से विधायक हैं। उन्होंने सपा प्रत्याशी चन्दन सिंह चौहान को 31,000 से भी अधिक वोटों से मात दी थी। सैनी ने अपने फेसबुक पोस्ट को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में नेहरू पर टिप्पणी की।

विक्रम सिंह सैनी ने नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री की निगाह केवल इसी पर है कि भारत को कैसे और शक्तिशाली बनाया जाए। वहीं, उन्होंने नेहरू और उनके पूरे परिवार को अय्याश बताया। भाजपा विधायक ने कहा कि अंग्रेजों के चक्कर में पड़ नेहरू ने देश का बँटवारा करा दिया था। उन्होंने कहा कि नेहरू का पूरा खानदान ही अय्याश था। उन्होंने इटली की लड़की से शादी करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी पर भी निशाना साधा।

भाजपा विधायक ने नेहरू और उनके परिवार पर टिप्पणी करते हुए कहा, “इनका तो काम-धंधा ही ऐसा रहा है।” विक्रम सिंह सैनी अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वालों की पिटाई की जानी चाहिए। फ़रवरी 2018 में उन्होंने कहा था कि हिन्दुओं को अधिक से अधिक बच्चे पैदा करते रहना चाहिए, जब तक कि इस सम्बन्ध में कोई क़ानून न बन जाए। उन्होंने ‘भारत को असुरक्षित बताने वालों’ को देशद्रोही करार दिया था।

तीसरी कक्षा की बच्ची से गंदी हरक़त, 55 साल का प्रिंसिपल कदीर खां गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में एक स्कूल के 55 साल के प्रिंसिपल को बच्चियों के साथ अश्लील हरक़त करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। शहर के नाज़िम सिटी मांटेसरी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली नौ साल की बच्ची ने स्कूल के प्रिंसिपल कदीर खां पर अश्लील हरक़त करने का आरोप लगाया। इसके अलावा बच्ची के परिजनों ने पुलिस को एक वीडियो क्लिप भी दिखाई जिसमें स्कूल की अन्य छात्राओं ने भी प्रिंसिपल पर अश्लील हरक़तें करने का आरोप लगाया है।

दैनिक जागरण के बदायूँ संस्करण में छपी ख़बर

दरअसल, मंगलवार (17 सितंबर) को तीसरी कक्षा की मासूम छात्रा को उसके पिता स्कूल छोड़कर अपनी दुकान पर वापस आ गए। इसके बाद सुबह क़रीब 10 बजे बच्ची की माँ ने उसके पिता को फ़ोन कर बताया कि स्कूल में उसकी बच्ची के साथ किसी ने ग़लत हरक़त की है। इसके बाद बच्ची के पिता घर पहुँचे और अपनी पत्नी समेत कुछ अन्य परिजनों के साथ स्कूल पहुँचे। वहाँ बच्ची ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल कदीर खां ने उसके साथ शर्मनाक हरक़त की है, इसके बाद वहाँ मौजूद सभी लोग गुस्से से आग-बबूला हो उठे और प्रिंसिपल से इस संदर्भ में बात करने पहुँचे।

प्रिंसिपल ने परिजनों की शिक़ायत पर ग़ौर फ़रमाने की बजाए उन्हें धक्के देकर कार्यालय से बाहर निकलवा दिया। इस बीच परिजनों ने प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ जमकर हंगामा किया, लेकिन उन्हें घर वापस आना पड़ा। थोड़े समय के बाद परिजन एक बार फिर से स्कूल पहुँचे और स्कूल में अन्य छात्राओं से कदीर खां के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि वो अन्य मासूम बच्चियों के साथ भी अश्लील हरक़त करता था। 

इसके बाद उस वीडियो क्लिप को लेकर परिजन कोतवाली पहुँचे। शिक़ायत के आधार पर पुलिस ने कदीर खां के ख़िलाफ़ धारा-376 एबी और लैंगिक अराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 (पॉक्सो) के तीन और चार के तहत FIR दर्ज कर ली। इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस कदीर खां को गिरफ़्तार कर कोतवाली ले आई। फ़िलहाल, इस मामले पर स्कूल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। जानकारी के अनुसार, कदीर खां उस स्कूल का प्रिंसिपल और मैनेजर दोनों है।

इस बात का भी पता चला है कि कदीर खां न सिर्फ़ स्कूल की छात्राओं को अपना निशाना बनाता था बल्कि छात्रों के साथ भी अश्लील हरक़त करता था। अपनी गंदी हरक़तों को छिपाने के लिए वो बच्चों को डराता-धमकाता था और कहता था कि अगर उसकी हरक़तों के बारे में किसी ने भी अपने घर में बताया तो उसकी पिटाई होगी और उसे फेल कर दिया जाएगा।

स्कूल के छात्र-छात्राओं के बीच कदीर खां का इतना ख़ौफ़ था कि उन्होंने ख़ुद के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार के बारे में कभी किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन, अब जब मामला सामने आ गया तो कुछ बच्चों ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कदीर खां के अश्लील बर्ताव के बारे में बताना शुरू कर दिया है। एक छात्र ने बताया कि कदीर खां उसके कपड़े उतारकर उसके शरीर पर हाथ फेरता था।

सावरकर होते PM तो नहीं होता पाकिस्तान, मणिशंकर अय्यर को चप्पल से मारता: उद्धव ठाकरे

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यदि वीर सावरकर देश के प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान पैदा ही नहीं होता। साथ ही सावरकर पर कॉन्ग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर की एक पुरानी टिप्पणी को लेकर कहा कि यदि अय्यर सामने होते तो उन्हें चप्पल से मारता। ठाकरे ने मंगलवार (सितंबर 17, 2019) को ‘सावरकर: इकोज फ्राम अ फॉरगाटेन पास्ट” के विमोचन के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कही।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार हिंदुत्व सरकार है और आज मैं उनसे वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की भी माँग करता हूँ।” ठाकरे ने कहा, “सावरकर को भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। हम गांधी और नेहरू द्वारा किए गए काम से इनकार नहीं करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी और ने राष्ट्र के विकास में योगदान नहीं दिया।”

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, “मुझे नेहरू को वीर कहने में गुरेज नहीं होता यदि वह 14 मिनट भी जेल के भीतर सावरकर की तरह रहे होते। सावरकर 14 वर्षों तक जेल में रहे थे।” ठाकरे ने दुख व्यक्त करते हुए ये भी कहा कि सावरकर को जिस जेल में रखा गया था, उसे ‘पिकनिक स्पॉट’ में बदल दिया गया है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “जेल लोगों के लिए एक पिकनिक स्थल बन गया है। लेकिन, लोगों को यह नहीं पता है कि सावरकर को जेल में अपने दिनों के दौरान क्या दर्द हुआ था।”

इस दौरान शिवसेना प्रमुख राहुल गाँधी पर भी कटाक्ष करने से नहीं चूँके। उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान जब राहुल गाँधी ने सावरकर के खिलाफ बयान दिया, तो मैं पहला व्यक्ति था, जो यह कहता था कि राहुल गाँधी बेकार हैं। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गाँधी को इस किताब की प्रति दी जानी चाहिए और उन्हें इसे पढ़ने के लिए कहा जाना चाहिए।”

कॉन्ग्रेस नेता अय्यर पर भी इस दौरान ठाकरे ने तीखे हमले किए। असल में, 2018 में अय्यर ने आरोप लगाया था कि सावरकर ने हिंदुत्व शब्द को उछालकर समाज को धर्म के आधार पर बॉंटने का काम किया था। अय्यर ने कहा था कि देश का बॅंटवारा मोहम्मद अली जिन्ना ने नहीं बल्कि सावरकर की वजह से हुआ था, उन्होंने टू स्टेट थ्योरी दी थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहल शिवसेना प्रमुख राम मंदिर के मद्देनजर भी बड़ा बयान दे चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा था कि जैसे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया है, उसी प्रकार अयोध्या में राम मंदिर को बनाने का भी साहस दिखाएँ, क्योंकि राम मंदिर के लिए इंतजार करने का अब कोई मतलब नहीं बनता।

शिवकुमार के ख़िलाफ़ 200 शिकायतें, कर्नाटक महिला कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष को भी ED का समन

कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय गड़बड़ियों में फँसे शिवकुमार के ख़िलाफ़ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अब तक 200 से भी अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं। ये शिकायतें पैसों के अवैध लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं से सम्बंधित है। अलग-अलग लोगों ने उनके ख़िलाफ़ कई शिकायतें भेजी हैं और ईडी उन मामलों की जाँच में जुट गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि शिकायतों की जाँच कर उनकी वैधता की पुष्टि की जा रही है।

इनमें से कई शिकायतकर्ता एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के निवेशक हैं, जिन्होंने कहा है कि उनका सारा रुपया डूब गया। इसके अलावा कई अन्य किस्म के आरोप भी हैं। इनकम टैक्स द्वारा दायर की गई चार्जशीट के आधार पर ईडी शिवकुमार के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चला रही है। ये मामले टैक्स चोरी और हवाला लेनदेन से सम्बंधित है। कई करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं के इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक कॉन्ग्रेस के एक अन्य विधायक को भी समन जारी किया है।

विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर को इससे पहले भी ईडी ने समन जारी किया था, लेकिन वह एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुईं। वह कर्नाटक प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्हें अब तक कई समन भेजे जा चुके हैं, जिनमें ईडी ने उन्हें जाँच में सहयोग करने के लिए कहा है। विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर को कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार का क़रीबी माना जाता है। इसी मामले में शिवकुमार की बेटी से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है। उनसे 7 घंटे तक पूछताछ की गई है।

डीके शिवकुमार के एक अन्य क़रीबी सहयोगी सचिन नारायण से भी पूछताछ की गई। ईडी का कहना है कि शिवकुमार के विभिन्न देशों में 317 बैंक खाते हैं, जिनका इस्तेमाल 200 करोड़ से भी अधिक रुपयों की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। ईडी का आरोप है कि शिवकुमार और उनके परिवार ने ये सब कर के 800 करोड़ रुपए से भी अधिक की संपत्ति बनाई। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।