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‘करियर बनाने के लिए कॉन्ग्रेस में नहीं आया, चंद वोटों के लिए मूल विचार न त्यागे कॉन्ग्रेस’

कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि वे अपना करियर बनाने के लिए पार्टी में नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि वह कॉन्ग्रेस में इसीलिए नहीं आए हैं क्योंकि उन्हें यहाँ आजीवन करियर बनाना था। उन्होंने कहा कि वे कॉन्ग्रेस में इसीलिए आए क्योंकि उन्हें लगता था कि एक समावेशी और प्रगतिशील भारत के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए यह एक उचित माध्यम है।

शशि थरूर ने कहा कि समावेशी और प्रगतिशील भारत के विचारों को महज चंद वोटों और सीटों के लिए त्यागना सही नहीं है। अभी हाल ही में थरूर ने कहा था कि कॉन्ग्रेस जनता का विश्वास जीतने के लिए हिंदी बेल्ट में बहुसंख्यकों को रिझाने के उपाय करना सही नहीं है। थरूर इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा कर चुके हैं।

शशि थरूर ने इस दौरान पाकिस्तान को लेकर भी बात की। थरूर ने कहा कि पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति में बदलाव किया था। थरूर ने पूछा कि पाकिस्तान को यह अधिकार किसने दिया कि वह हम पर ऊँगली उठाए? उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मुद्दों को लेकर पाकिस्तान को कुछ कहने का कोई हक़ नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग भले ही भारत के अंदर सरकार की आलोचना करते हों लेकिन बाहर सब एक हैं। थरूर ने अकहा कि एक इंच ज़मीन भी पाकिस्तान को नहीं दी जाएगी।

इसके बाद कई कॉन्ग्रेस नेताओं ने थरूर को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि भारत के सेक्युलर स्पेस की रक्षा करना कॉन्ग्रेस पार्टी का मूल कर्तव्य है। थरूर पिछले कुछ दिनों से लगातार कॉन्ग्रेस पार्टी को सलाह पर सलाह दे रहे हैं। उन्होंने अपनी पार्टी को नसीहत दी कि भाजपा की सफलता से डरने की बजाय पार्टी अपने मूल विचारों पर ध्यान दे।

दक्षिणी भारत में हो सकता है आतंकी हमला, सेना को मिली खुफिया जानकारी, अलर्ट

भारतीय सेना को सूचना मिली है कि दक्षिण भारत में आतंकी हमला हो सकता है। सेना के दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एस के सैनी ने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि भारत के दक्षिणी हिस्से में आतंकी हमला हो सकता है। सर क्रीक से कुछ लावारिस बोट बरामद की गई हैं। हम आतंकी और विरोधी तत्वों की हर नापाक कोशिशों को नाकाम करने के लिए सावधानी बरत रहे हैं।”

भारत से हर मोर्चे पर मुँह की खाने वाला पाकिस्तान अब आतंकियों के सहारे भारत को निशाना बनाने के कोशिश कर रहा है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के भारत सरकार के फैसले ने तो पाकिस्तान को पूरी तरह से हिलाकर ही रख दिया दिया है। इसके बाद से वह लगातार आतंकियों के सहारे भारत को नुकसान पहुँचाने की कोशिश में है।

कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले से बौखलाया पाकिस्तान ‘एक बड़े हमले’ की साजिश रच रहा है। उसने साजिश को अंजाम देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर को गुपचुप तरीके से जेल से रिहा कर दिया है।

हाल ही भारत सरकार ने नए आतंकवाद रोधी कानून के तहत जैश के सरगना मसूद अजहर, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद, मुंबई आतंकी हमले के आरोपित जकी-उर-रहमान-लखवी और भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को आतंकवादी घोषित किया था। 

‘शिवकुमार के बढ़ते कद को देख, सिद्धरमैया ने करवाई गिरफ्तारी’

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फँसे कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार को लेकर कर्नाटक के भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार ने बड़ा बयान दिया है। नलिन कुमार ने उनकी गिरफ्तारी पर संदेह जताते हुए कहा है, “मुझे शंका है कि डीके शिवकुमार मामले की वजह पूर्व सीएम सिद्धारमैया है।”

उनका कहना है कि 2017 में आईटी विभाग और ईडी ने शिवकुमार के घर पर रेड मारी थी तब सिद्धारमैया मुख्यमंत्री थे। वो चाहते तो वो ये सब रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा किया नहीं।

भाजपा अध्यक्ष की मानें तो उन्हें लगता है सिद्धारमैया ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि कॉन्ग्रेस में डीके शिवकुमार का कद तेजी से बढ़ रहा था। उनके मुताबिक यही कारण है कि डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के पीछे सिद्धारमैया हो सकते हैं।

इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा भी शिवकुमार की गिरफ्तारी पर कह चुके हैं, “मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि वे इन सब चीजों से जल्दी से जल्दी बाहर आएँ, मैंने अपनी जिंदगी में किसी से नफरत नहीं की है, न ही मैंने किसी के लिए बुरा चाहा है। कानून अपना काम करेगा, यदि वे निर्दोष साबित होकर बाहर आते हैं तो सबसे ज्यादा खुशी मुझे होगी।”

लेकिन उल्लेखनीय है कि डीके शिवकुमार ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दी थी और भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, “मैं अपने बीजेपी के मित्रों को बधाई देता हूँ कि उन्होंने मुझे गिरफ्तार करने के मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। मेरे खिलाफ आईटी और ईडी केस राजनीतिक रूप से प्रेरित है। मैं बीजेपी की बदले की कार्रवाई का शिकार हूँ।”

जानकारी के लिए बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिवकुमार 13 सितंबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं। वह इस मामले में पूछताछ के लिए तीसरी बार इस हफ्ते सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए थे। लेकिन ईडी ने उनपर काफी पहले से ही शिकंजा कसा हुआ था। उनसे पूछताछ पिछले चार दिन से चल रही है।

कमलनाथ राज में पुराने चालान पर भड़का कॉन्ग्रेसी, सब इंस्पेक्टर बोली- मैं भी मंत्री की भतीजी

कॉन्ग्रेस की सरकार को बने अभी 8 महीने का वक्त ही हुआ है, लेकिन मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस नेता अपने 15 साल के वनवास की पूरी कसर एक ही बार में निकाल लेना चाहते हैं। इंदौर की सड़कों पर कॉन्ग्रेसी नेताओं की दबंगई की आजमाइश लगातार जारी है। इंदौर समेत प्रदेश के अन्य इलाकों में भी कॉन्ग्रेस के नेताओं द्वारा ट्रैफिक नियमों का पालन न करने और रोके जाने पर ट्रैफिक कर्मियों से बदतमीजी के वीडियो लगातार आ रहे हैं।

इंदौर में एक बार फिर कॉन्ग्रेस नेता की दादागिरी सड़कों पर देखने को मिली। जहाँ युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव और सब- इंस्पेक्टर उज्मा खान के बीच चालान को लेकर जमकर विवाद हुआ। इस दौरान देवेंद्र सिंह यादव ने उज्मा खान को अपनी पहुँच और रसूख बताने की कोशिश की। मगर सब-इंस्पेक्टर उज्मा खान ने भी बता दिया कि वह कॉन्ग्रेस के मंत्री आरिफ अकील की भतीजी हैं। इस पर देवेंद्र सिंह यादव और भी ज्यादा भड़क गए।

हालाँकि, मध्य प्रदेश में नया मोटर व्हीकल नियम लागू नहीं हुआ है, मगर पुराने नियम के अनुसार इंदौर एयरपोर्ट के सामने वाहन चेकिंग के दौरान हेलमेट न पहनने की वजह से एक बाइक चालक का चालान काटा गया। जिसके बाद उसने कॉन्ग्रेस नेता देवेंद्र सिंह यादव को बुला लिया। देवेंद्र सिंह ने भी पुलिसकर्मियों पर जमकर रौब झाड़ा और सस्पेंड कराने की धमकी दी। देवेंद्र सिंह ने पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। वहीं, उज्मा खान ने अवैध वसूली की बात को नकारते हुए कहा कि वो भी मंत्री आरिफ अकील की भतीजी हैं, सस्पेंड करके दिखाए।

बता दें कि, ऐसा ही एक वीडियो मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी से वायरल हुआ था। जहाँ मंदसौर कॉन्ग्रेसी पार्षद विजय गुर्जर ने अपनी गाड़ी को रुकवाना तौहीन मान लिया और रोकने वाले पुलिसकर्मियों को जमकर गालियाँ दीं। चेकिंग के लिए गाड़ी रुकवाना कॉन्ग्रेसी पार्षद को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने खुद को जनप्रतिनिधि कहकर उन्हें गाली दी। साथ ही वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली।

लैंडर विक्रम का नाम होता टीपू सुल्तान तो अपने तलवार से भेजता सिग्नल: वामपंथी मीडिया गिरोह

नई खबरों के अनुसार चंद्रयान द्वितीय ऑर्बिटर ने चंद्रमा की कक्षा से खबर भेजी है कि विक्रम लैंडर चाँद की सतह पर ही है, और थोड़ा झुका हुआ है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने बताया कि उनके पास जानकारी आई है कि विक्रम लैंडर टूटा-फूटा तो नहीं है, लेकिन कुछ संदेश नहीं भेज पा रहा।

वामपंथी मीडिया ने मजाक उड़ाते हुए कहा है कि विक्रम का नाम टीपू सुल्तान रखते तो एंटेना की जगह वह अपने तलवार से सिग्नल भेज सकता था। साथ ही, ‘लायर’, ‘डू नॉट प्रिंट’ और ‘स्प्रिंट’ नामक मीडिया पोर्टलों के पत्रकारों ने यह पूछा है कि मोदी जी के राज में क्या विक्रम के पास एक अदद स्मार्टफोन भी नहीं? रेनडीटीवी के विज्ञान बीट को कवर करने वाले पत्रकार नल्ला बगुला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा कि उसे सीधा अम्बानी से बात करनी है कि जियो का सिग्नल इतना खराब क्यों है कि विक्रम का फोन नहीं लग रहा!

इसी पर किसी ट्विटर यूजर ने पत्रकार बगुला से कहा कि विक्रम आदमी नहीं, मशीन है इसलिए उसके पास जियो का सिम नहीं है। रेनडीटीवी के नल्ला बगुला ने काउंटर क्वेश्चन पूछा कि क्या चंद्रयान में कोई एस्ट्रॉनॉट नहीं था? जब जवाब आया कि ये पूरा मिशन ‘अन-मैन्ड’ था, तो पत्रकार ने, जिसकी कसमें धनय रॉय और धिनि दानराज खाते नहीं थकते, डाँटते हुए बवाल काटा और पूछा, “यहाँ धरती पर एक मोटर सायकिल अपने आप नहीं चल सकती और आप लोगों ने करोड़ों का चंद्रयान बिना किसी आदमी के ही भेज दिया?”

वहाँ मौजूद ऑपइंडिया के तीखी मिर्ची बीट के पत्रकार आशीष नौटियाल ने बताया कि बाकी पत्रकारों ने आँखों ही आँखों में इशारा किया और बगुला को खूब कूटने के बाद, वहीं अपने समुदाय से बर्खास्त कर दिया।

आखिर क्यों नहीं संदेश भेज रहा है लैंडर?

यूँ तो चंद्रयान द्वितीय जो अपने कंधे पर लैंडर ले कर चाँद की कक्षा तक गया था, और कक्षा तक पहुँचने तक लैंडर को हेलमेट भी पहना कर रखा था, वो पूरी बात इसरो के ग्राउंड स्टेशन तक नहीं भेज रहा है, लेकिन इसरो के वैज्ञानिकों ने बताया कि विक्रम और चंद्रयान आपस में बात करते पाए गए हैं।

इसरो की टीम ने चंद्रयान में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला उपकरण लगा रखा था जो कि चंद्रयान के मुख्य कम्प्यूटर को बिना बताए उसके द्वारा इकट्ठा की गई सारी जानकारी इसरो तक एक कूट भाषा में भेजता है। हालाँकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले उपकरण ने अपने इंटेलिजेंस का फायदा उठाया और संदेश ऐसी भाषा में भेजा जिसे तोड़ने में हमें तीन दिन लग गए। इसरो ने ऑपइंडिया से खास बातचीत करते हुए हमें पूरा संदेश भेजा।

क्या है पूरा मामला?

विक्रम से जब चंद्रयान ने पूछा कि सारे उपकरण सही होने के बाद भी वो बात क्यों नहीं करना चाहता? क्या वो हीलियम थ्री देख कर लालची हो गया है? इस पर विक्रम ने ‘भारत माता की जय’ बोल कर कसम खाते हुए कहा कि उसका एक-एक पुर्जा राष्ट्रहित में लगा हुआ है, और वो हीलियम थ्री जैसी चीजों का मोह नहीं रखता।

आगे बातचीत में खुलासा हुआ कि जब चंद्रयान ऑर्बिटर से विक्रम लैंडर अलग हो कर चाँद की तरफ तेजी से नीचे आ रहा था, तभी उसका हेलमेट रास्ते में गिर गया। हेलमेट में उसने इयरफोन लगा रखा था, जो कि नीचे गिर गया इससे उसे गिरते वक्त सही स्पीड का अंदाजा नहीं रहा और फिर लगभग दो किलोमीटर रहने पर उसकी गति धीमी नहीं हो पाई और वो धम्म से नीचे गिर गया।

इस पर चंद्रयान ने पूछा कि इसमें क्या समस्या है? विक्रम ने बताया कि हाल ही में उसने कुछ खबरें पढ़ी हैं जिसमें बाइक की कीमत से ज्यादा चालान काटा जा रहा है। इसी कारण उसे डर है कि संदेश भेजते ही ट्रैफिक पुलिस उसे ओवरस्पीडिंग, हेलमेट न पहनने, चलते वक्त पर बात करने और एक छोटे बच्चे (प्रज्ञान) को डिक्की में बिठाने के लिए चालान काट देगी।

चंद्रयान ने उसे समझाया कि नागपुर पुलिस ने कहा है कि वो सिग्नल तोड़ने का चालान नहीं काटेंगे। इसके साथ ही चंद्रयान ने उसे ट्वीट भी दिखाया पुलिस का। इस पर विक्रम का कहना था कि वो नागपुर के एरिया में नहीं आता, नेल्लोर पुलिस ने नागपुर वालों को ऐसा लिखने को कहा होगा। साथ ही उसने चंद्रयान को बताया कि पुलिस वालों की न तो दोस्ती अच्छी, न दुश्मनी!

इसरो टीम की समझ में नहीं आ रहा कि ये हो क्या रहा है!

वहीं, इसरो की टीम परेशान है कि आखिर विक्रम अपने आप को आदमी क्यों मान रहा है और ट्रैफिक पुलिस की बातें क्यों कर रहा है! एक युवा वैज्ञानिक ने कहा कि विक्रम के भीतर भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला उपकरण लगा हुआ है जो इस कारण लगाया गया था कि अगर कुछ खराबी आ जाए तो उसे वो स्वयं ठीक कर ले, लेकिन उसकी तैयारी के लिए उसे सड़कों पर चलने की जानकारी, खास कर गड्ढे वाले सड़कों की जानकारी दी गई थी, ताकि उसके पास ज्यादा से ज्यादा आँकड़े हों। उसने बताया कि शायद ऐसी खबरें ज्यादा पढ़ने के कारण वो खुद को ट्रैफिक तोड़ने वाला समझ बैठा है।

इस पर एक बुजुर्ग वैज्ञानिक ने युवा वैज्ञानिक को मुर्गा बना दिया और पूछा कि ये सब करने की क्या जरूरत थी? जहाँ बुजुर्ग वैज्ञानिक अपनी जगह सही हैं कि मशीन को उतना ही दिमाग देना चाहिए कि वो पूर्वनिर्धारित काम करता रहे, न कि अपना दिमाग लगा कर खुद को मोटरसायकिल चालक समझ बैठे, वहीं युवा वैज्ञानिक ने हमें बताया कि उसने आने वाली चुनौतियों के मद्देनजर ऐसे इंतजाम किए थे।

इस बात का राजनीतिकरण होना शुरु हो गया है

इस बात की खबर जब राहुल गाँधी जी को मिली तो उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि अगर संभव हो सके तो विक्रम को बताया जाए कि उसकी ‘बात’ ट्रैफिक पुलिस से करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आपस में बातचीत से ट्रैफिक पुलिस और मोटरसायकिल वाले हर दिन सैकड़ों चालान निपटा लेते हैं। साथ ही, राष्ट्र की बात करते हुए श्री गाँधी ने कहा कि डिमोनेटाइजेशन के समय जो चार हजार रुपए उन्होंने एटीएम से निकाले थे, उनमें से दो हजार अभी भी उनके पास हैं।

आगे राहुल जी ने कहा कि अगर नेल्लोर पुलिस दो हजार में मान जाती है, तो राष्ट्रहित में वो अपने दो साल का खर्चा, दो हजार का नोट, चालान ‘निपटाने’ के लिए दे सकते हैं। राजनैतिक, सामाजिक और मजहबी मामलों की जानकार ज़ोया मंसूरी ने बताया कि राहुल गाँधी के इस मकसद के पीछे वाड्रा है जो चाँद पर मॉल बनाने के लिए दो हजार रुपए में दो हजार एकड़ जमीन हथियाना चाहता है।

मोदी जी यह सुनते ही गुस्सा हो गए कि कॉन्ग्रेस ये दो हजार दे कर सारा क्रेडिट खुद ले लेगी कि उन्होंने बात आगे बढ़ाई और विक्रम से संपर्क संभव हो पाया। फिलहाल इस विकट स्थिति में कॉन्ग्रेस को देश की बर्बादी के अलावा किसी भी तरह का क्रेडिट न देने की कसम खा चुके अमित शाह ने मोदी जी से कहा कि वो कुछ लोगों से संपर्क में हैं और जल्द ही चाँद से मिस्ड कॉल आएगा और विक्रम भी माननीय मोदी जी को ही वोट देगा। मोदी जी की समझ में नहीं आया कि विक्रम उन्हें वोट कैसे देगा लेकिन फिर उन्हें याद आया कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’।

रकाबगंज गुरुद्वारे पर हमले में घिरे कमलनाथ, 1984 सिख दंगे के दो चश्मदीद SIT को बयान देने के लिए तैयार

1984 सिख नरसंहार मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम फिर से उछला है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया है कि गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पर हुए हमले के सम्बन्ध में दो गवाह बयान देने को तैयार हैं। सिरसा ने उन दोनों गवाहों से बात की और उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी बुलाया जाएगा, वे एसआईटी के समक्ष बयान देने को तैयार हैं।

मनजिंदर सिंह सिरसा दिल्ली के राजौरी गार्डन क्षेत्र से विधायक हैं। शिरोमणि अकाली दल के नेता सिरसा ने कहा कि एसआईटी भी उन गवाहों का बयान लेने के लिए तैयार हो गई है। एसआईटी ने कहा है कि इसके लिए तारीख मुक़र्रर की जाएगी। सिरसा ने कॉन्ग्रेस से कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से तुरंत हटाने की माँग की है ताकि सिखों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

सिरसा ने दोनों गवाहों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि यह एक नरसंहार का मामला है और चूँकि वे एक मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ बयान देने जा रहे हैं, उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। सिरसा ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि कमलनाथ 1984 सिख नरसंहार मामले में गिरफ़्तार होने वाले पहले पदस्थ मुख्यमंत्री होंगे।

वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने अपनी पुस्तक में रकाबगंज गुरुद्वारा पर हमले का जिक्र किया है। फुल्का ने लिखा है कि भीड़ द्वारा गुरुद्वारा को नुक़सान पहुँचाया गया था और 2 सिखों को ज़िंदा जला डाला गया था। फुल्का लिखते हैं कि हत्यारों द्वारा 5 घंटे तक उत्पात मचाया गया और कहा जाता है कि कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ पूरे 2 घंटे तक भीड़ के साथ रहे। ततकालीन कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर ने भी मौके पर कमलनाथ की मौजूदगी की पुष्टि की थी। अगले दिन इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर छपी थी कि कमलनाथ ने ही भीड़ का नेतृत्व किया था।

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद सिखों का नरसंहार चालू हो गया था। इसमें जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार जैसे कई कॉन्ग्रेस नेताओं का हाथ सामने आया था। अभी हाल ही में ख़बर आई थी कि गृह मंत्रालय ने स्पेशल जाँच टीम (SIT) को सिख नरसंहार से जुड़े ऐसे सभी मामलों की फाइल्स फिर से खोलने की अनुमति दे दी है, जिनमें आरोपितों को या तो क्लीनचिट दे दी गई थी या फिर जाँच पूरी हो चुकी थी।

बड़ा नेता बनना है तो पकड़ो एसपी-कलेक्टर का कॉलर: कॉन्ग्रेसी मंत्री कवासी लखमा ने बच्चों को दी नसीहत

कॉन्ग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार में मंत्री कवासी लखमा ने एक बार फिर से अजीबोगरीब बयान दिया है। इस बार उन्होंने बच्चों को बड़ा नेता बनने के लिए एसपी और कलेक्टर की कॉलर पकड़ने की नसीहत दी है।

कवासी लखमा का ये वीडियो वायरल हो गया है। दरअसल, शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के आबकारी मंत्री कवासी लखमा सुकमा के पावारास शासकीय स्कूल के कार्यक्रम में बतौर मुख्यमंत्री पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने बच्चों को एक कहानी सुनाते हुए कहते हैं कि एक कार्यक्रम के दौरान उनसे एक बच्चा कहता है कि उसे नेता बनना है और फिर वो उनसे पूछता है कि एक बड़ा नेता कैसे बन सकते हैं? वो इतने बड़े नेता कैसे बने? तो लखमा ने उस बच्चे को बड़ा नेता बनने के लिए सीख देते हुए कहते हैं कि अगर बड़ा नेता बनना है तो एसपी और कलेक्टर का कॉलर पकड़ो, तभी बड़े नेता बनोगे। और फिर वो इशारे से एसपी-कलेक्टर की पिटाई करने की बात कहते हैं।

बच्चे ने तो आबकारी मंत्री से सीधा सवाल पूछा था, लेकिन कवासी लखमा ने इसका उल्टा जवाब दिया। बेहद ही शर्म की बात है कि कवासी लखमा महत्वपूर्ण पद पर होते हुए भी शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच बकायदा मजे लेकर ये बता रहे हैं कि किस तरह से गुंडागर्दी करके बड़ा नेता बना जा सकता है। इस दौरान वो बच्चों को भविष्य के लिए अच्छी सीख दे सकते थे। लेकिन उन्होंने एक बार फिर से वही पुराना रूख अपनाते हुए विवादित बयान दिया है। बता दें कि, कवासी लखमा हमेशा ही अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। मगर, इस बार जो उन्होंने बच्चों को विवादित नसीहत दी है, वो बेहद ही शर्मनाक है।

प्रणब मुखर्जी की बेटी और जगजीवन राम के नाती का कॉन्ग्रेस में प्रमोशन, सोनिया ने बनाया राष्ट्रीय प्रवक्ता

कॉन्ग्रेस पार्टी पर अक्सर वंशवाद के आरोप लगते रहे हैं। आजादी के बाद से अधिकतर अवधि में नेहरू-गाँधी परिवार के लोग ही पार्टी अध्यक्ष का पद संभालते रहे हैं। अब कॉन्ग्रेस ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के बेटे को पार्टी में प्रमोशन दिया है। प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी और मीरा कुमार के बेटे अंशुल मीरा कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने पर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज रणदीप सिंह सुरजेवाला को धन्यवाद किया। इससे पहले शर्मिष्ठा दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस में प्रवक्ता बनाई गई थीं। इसी तरह अंशुल मीरा कुमार का भी प्रमोशन हुआ है। वह मीरा कुमार के बेटे हैं। मीरा कुमार पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं।

कॉन्ग्रेस ने नोटिफिकेशन जारी कर इन दोनों के राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए जाने की जानकारी दी। हालाँकि, इन दोनों के अलावा फिलहाल किसी अन्य पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। बता दें कि सोनिया गाँधी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में कुछ अहम बदलाव हुए हैं। हरियाणा में कॉन्ग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

हेडलाइन में सिख को मुस्लिम बताकर NDTV ने फिर किया पाठकों को गुमराह

सौहार्द के नाम पर अपने पाठकों को अक्सर एक पक्ष दिखाकर गुमराह करने वाले NDTV ने इस बार सिख भावना को ठेस पहुँचाया है। दरअसल, गणेश चतुर्थी के अवसर पर एनडीटीवी ने अपने पोर्टल पर आज एक खबर प्रकाशित की। जिसमें हेडलाइन दी गई, “लुधियाना में मुस्लिम कलाकार ने बल्जियन चॉक्लेट से 106 किलो की गणेश प्रतिमा बनाई।” लेकिन इस खबर की फीचर इमेज में उन्होंने दो सिखों की तस्वीरें लगाई जो गणपति की प्रतिमा के साथ खड़े थे।

हालाँकि, इस खबर की बॉडी में इस बात का विशेष रूप से जिक्र किया गया कि ये प्रतिमा एक मुस्लिम ने सिख बेकरी के मालिक की देखरेख में बनाई हैं। लेकिन हेडलाइन में इसका कोई उल्लेख नहीं था और न ही तस्वीर में किसी मुस्लिम का चेहरा था। तो फिर हेडलाइन और तस्वीर में क्या ताल-मेल?

अब इससे पहले एनडीटीवी पर आप, हम या कोई अन्य पाठक सवाल उठाता, खुद उस शख्स ने जिसकी तस्वीर NDTV ने छापी थी, इस मामले पर संज्ञान ले लिया। हरजिंदर सिंह कुकरेजा नाम के व्यक्ति ने अपने ट्वीटर पर इस खबर को शेयर करते हुए बड़े ही सम्मान से लिखा, “प्रिय NDTV, ये शीर्षक गुमराह करने वाला है और तस्वीर से मेल नहीं खाता। हमें मुस्लिमों से प्यार है लेकिन जो नीचे तस्वीर में पगड़ी पहनकर आदमी खड़ा है वो मैं हूँ और मैं एक सिख हूँ। तुमने बहुत बड़े स्तर पर सिखों और उनकी पगड़ी की जहालत की हैं। कृपा करके अब इस तस्वीर को हटाएँ और इस खबर का भी शीर्षक ठीक करें। “

अब किसी की शिकायत के बाद अपनी भूल को सुधारना एक आम प्रक्रिया है, लेकिन एनडीटीवी अपने प्रोपगेंडा को फैलाने में इतना व्यक्त है कि उसने इस ट्वीट पर नजर तो डाली लेकिन जो सुधार किया, वो इनकी गलती से भी ज्यादा शर्मसार करने वाला था।

दरअसल, हरजिंदर की शिकायत के बाद एनडीटीवी ने इस खबर से उन दो सिखों की तस्वीर को ही क्रॉप कर दिया, जो पहले तस्वीर में दिखाई दे रहे थे, लेकिन इन्होंने अपनी हेडलाइन में कोई सुधार नहीं किया, क्योंकि उसमें संदेश जा रहा था कि एक मुस्लिम शख्स ने गणपति की मूर्ति बनाई।

अब सवाल उठता है कि क्या एक पक्ष को दिखाने वाला ये मीडिया संस्थान इतना भी नहीं जानता कि देश में सिखों का पहनावा केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व उनका परिचय हैं या फिर इस संस्थान ने अपनी पॉलिसी बना ली है कि खबर कुछ भी हो, लेकिन एँगल सिर्फ़ समुदाय विशेष से संबंधित ही जाएगा।

ट्विटर पर इस हरकत पर लोग एनडीटीवी की थू-थू कर रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि पल्लव बागला की ओछी हरकत से भटकाने के लिए ये तरीका संस्थान ने अपनाया है तो किसी का मानना है कि इस संस्थान की मंशा में ही खोट हैं, इसे भारत में बंद कर दिया जाना चाहिए। लोग इस संस्थान के बहिष्कार की बात करने के साथ खुलकर इल्जाम लगा रहे हैं कि इन्होंने इस स्टोरी को घुमा फिराकर पेश किया है। ये जोर देकर बता रहे हैं कि सिख बेकरी का मालिक है जबकि जिसने प्रतिमा बनाई वो एक मुस्लिम है।

आजम खान परिवार मुश्किल में, पत्नी तंजीन, दोनों बेटों को नोटिस जारी, 3 दिन में उपस्थित होने के आदेश

किसानों की जमीन हड़पकर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की चारदीवारी के अंदर मिलाने के मामले में सपा सांसद भू-माफिया आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। अब आजम खान की पत्नी और राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा के अलावा उनके दोनों बेटों अब्दुल्ला आजम खान और अदीब आजम खान के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। रामपुर जिला प्रशासन ने तीनों के खिलाफ कुल 4 नोटिस जारी किए हैं। 3 नोटिस धारा 160 के अंतर्गत और एक नोटिस धारा 91 के तहत जारी हुआ है।

सभी नोटिस को रामपुर पुलिस ने आजम खान के घर पर चस्पा कर दिया है। उन्हें 3 दिन में थाने में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। साथ ही आजम खान की पत्नी से जौहर यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड भी माँगे गए हैं। आजम खान की पत्नी और दोनों बेटों से जौहर यूनिवर्सिटी में किसानों की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पूछताछ होगी। 

इससे पहले आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। रामपुर की थाना कोतवाली पुलिस ने विद्युत अधिनियम (2003) की धारा 135 के अंतर्गत यह मुकदमा दर्ज किया था। दरअसल, हमसफर रिसॉर्ट पर बिजली विभाग ने छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान रिसॉर्ट में बिजली चोरी पकड़ी गई। जिसके बाद रिसॉर्ट का बिजली कनेक्शन काट दिया गया।

बता दें कि, रामपुर से सपा सांसद आजम खान के खिलाफ सरकारी और किसानों की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही बिजली चोरी, अतिक्रमण, भैंस चोरी तथा अभ्रद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लगभग 80 मामले दर्ज हैं।