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“मुझे अफसोस है कि मेरा शरीर एक लड़के का था, लेकिन मेरा व्यवहार एक लड़की की तरह था”

पिछले साल सितंबर में आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिक यौन संबंध के सम्बन्ध में) को हटाने के बावजूद भारत में एलजीबीटीक्यूआई (LGBTQI) लोगों का उत्पीड़न जारी है। सामाजिक उत्पीड़न से निराश अविंशु की फेसबुक पोस्ट से पता चलता है कि भले ही कानून बदल जाए, लेकिन समाज खुद को बदलने में हमेशा देर कर देता है।

समलैंगिक होने के कारण कथित भेदभाव से दुखी मुंबई के 20 साल के अविंशु पटेल की आत्महत्या और उसके खुदकुशी नोट ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अविंशु ने समुद्र में कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मंगलवार (जुलाई 09, 2019) को यह जानकारी दी। उसका शव पिछले सप्ताह (बुधवार) तमिलनाडु की राजधानी चेन्नै के नीलंकरई बीच पर मिला। उसने कथित तौर पर समलैंगिक होने के कारण अपनी जान दी। मौत को गले लगाने से पहले उसके द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट को जिसने भी पढ़ा, वह सतब्ध रह गया। अविंशु पटेल ने फेसबुक पर हिन्दी और अंग्रेजी में किए दो पोस्ट में कहा है कि उसकी खुदकुशी के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

अविंशु ने दो जुलाई को हिन्दी में किए पोस्ट में लिखा, ”मैं एक लड़का हूँ, सभी यह जानते हैं। लेकिन मैं जिस तरह से चलता हूँ, सोचता हूँ, भाव व्यक्त करता हूँ, बात करता हूँ, वह लड़की की तरह है। भारत के लोगों को यह पसंद नहीं आता है।”

“लोग मेरे हाव-भाव से नफ़रत करते हैं”

अविंशु को प्यार से लोग अवी कहते थे। वह मूलरूप से मुंबई का रहने वाला था और पिछले महीने ही चेन्नै के एक स्पा में काम करने गया था। फेसबुक पर 1750 शब्दों के सुसाइड नोट में उसने कहा कि वह गे है, इसलिए उसे परेशान किया जा रहा। उसने लिखा, “लोग मेरे शारीरिक हाव-भाव से नफरत करते हैं। मैं अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करता हूँ, लेकिन यह स्वाभाविक रूप से मेरे शरीर की गतिविधियों में दिखाई देती है। वे (लोग) मुझसे नफरत करते हैं, वे मेरे पीठ पीछे मेरा मजाक उड़ाते हैं…वे मुझे हिजड़ा, छक्का और बैलया कहते हैं…मुझे बहुत अफसोस है कि मेरा शरीर एक लड़के का था, लेकिन मेरा व्यवहार एक लड़की की तरह था।”

“मेरी गलती नहीं है कि मैं समलैंगिक हूँ, यह भगवान की गलती है”

अंग्रेजी पोस्ट में अवि ने लिखा, “मुझे उन देशों पर गर्व है जो समलैंगिक लोगों और ट्रांसजेंडरों को सम्मान देते हैं। मुझे अपने सहयोगी भारतीयों पर भी गर्व है। यह मेरी गलती नहीं है कि मैं समलैंगिक हूँ, यह भगवान की गलती है। मुझे अपनी जिंदगी से नफरत है।”

अविंशु अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। वह नंदुरबार जिले के शाहदा में रहता था। उनके पिता रवींद्र सब्जी विक्रेता थे, लेकिन दिल की बीमारी से पीड़ित होने के कारण काम नहीं कर पाते। अवि के बचपन का नाम अमोल था। आत्महत्या करने से पहले दो जुलाई की शाम 5 बजे के आसपास उसने अपने रूममेट सहित कुछ अन्य लोगों से इस बात का जिक्र किया था कि वह मरने जा रहा है। अवि के चाचा दीपक ने बताया कि लगभग पाँच महीने पहले अवि की माँ ने उसके ऊपर शादी करने का दबाव बनाया था तब वह उनके पास आया था। घर में तनाव था, लेकिन बाद में वह चेन्नै काम करने चला गया।

कर्नाटक: बेंगलुरु से मुंबई तक शह-मात का खेल जारी, सुप्रीम कोर्ट पहुँचे बागी MLA

कर्नाटक में चल रहे हाई-वोल्टेज सियासी नाटक में नए-नए मोड़ सामने आ रहे हैं। एक तरफ़ कॉन्ग्रेस-जद (एस) गठबंधन में पड़ी फूट बढ़ने के संकेत आ रहे हैं तो दूसरी ओर राज्यसभा के नेता विपक्ष और कॉन्ग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने जेडीएस नेता और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के पिता एचडी देवेगौड़ा को गले भी लगाया। देवेगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

आज़ाद, डीके शिवकुमार हिरासत में

प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु में राजभवन के निकट प्रदर्शन करने के दौरान आज़ाद सहित कई कॉन्ग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें केंद्र में सत्तासीन भाजपा के इशारे पर काम करने वाला बताया। आज़ाद कॉन्ग्रेस नेताओं की बैठक में भी शामिल हुए।

वहीं, बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुँचे कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह बागी विधायकों के ‘कैम्प’ में तब्दील होटल रेनेसां के बाहर से न हटने पर अड़ गए थे।

येदियुरप्पा ने माँगा इस्तीफा, राज्यसभा में कॉन्ग्रेस का हंगामा

पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की माँग की है। उनके मुताबिक संख्या बल अब भाजपा के पास है और कुमारस्वामी को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष को उचित कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है।

इस बीच, इस मुद्दे पर राज्य सभा में कॉन्ग्रेस ने जमकर हंगामा किया। इसके कारण सदन को दोपहर तीन बजे के लिए स्थगित करना पड़ा था।

बागी सुप्रीम कोर्ट में, जेडीएस विधायक कर रहे योग

जहाँ एक ओर बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, वहीं बेंगलुरु के प्रेस्टीज गोल्फशायर क्लब में रुके जेडीएस विधायक योग कर रहे हैं।

बागी विधायकों की शिकायत है कि उनके स्वैच्छिक इस्तीफ़े के बाद भी विधानसभा स्पीकर केआर कृष्ण कुमार तत्काल निर्णय नहीं ले रहे और मामले को लटका रहे हैं।

खलिस्तानी संगठन SFJ पर भारत ने लगाया बैन, पंजाब के CM व सिख संगठनों ने किया स्वागत

केन्द्र सरकार ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) नामक संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा संगठन के अलगाववादी एजेंडे को देखते हुए किया गया है। ‘सिख जनमत संग्रह 2020’ इसके एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पंजाब व अन्य राज्य सरकारों से सलाह-मशविरे के बाद केन्द्र सरकार ने एसएफजे पर प्रतिबंध लगाया है। उसकी अलगाववादी गतिविधियों को लेकर कई सिख संगठनों ने भी चिंता जताई थी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है।

सूत्रों के हवाले से एएनआई ने बताया है कि एसएफजे की गतिविधियों को पाकिस्तान का समर्थन हासिल है। हालॉंकि पाकिस्तान ने इसी साल अप्रैल में एसएफजे को प्रतिबंधित करने का दावा किया था। लेकिन, सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान में प्रतिबंध लगाए जाने के ठोस साक्ष्य नहीं हैं। अपने अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए एसएफजे करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल करने की फिराक में भी था।

पंजाब पुलिस ने एसएफजे के खिलाफ भारत में आतंकी गतिविधियों को लेकर डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज कर रखे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी इस संगठन के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। एसएफजे के लीगल हेड और प्रवक्ता गुरपतवंत पन्नू ने हाल में पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता को एक वीडियो मैसेज के जरिए धमकी दी थी। भारत द्वारा आग्रह करने के बाद पन्नू के ट्विटर हैंडल को हटा दिया गया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि एसएफजे को प्रतिबंधित करना पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई की छत्रछाया में पल रहे भारत-विरोधी संगठनों से देश को बचाने की दिशा में उठाया गया क़दम है।

गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लेने से पहले सभी सिख संगठनों से विचार-विमर्श किया, जिन्होंने इस क़दम का स्वागत किया है। यह कार्रवाई ‘ग़ैरक़ानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA)’ के तहत की गई है।

मैनचेस्टर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मैच के दौरान भी कुछ लोगों ने खलिस्तानी नारे लगाए थे, जिन्हें स्टेडियम से निकाल बाहर किया गया था। सूत्रों के अनुसार, वांछित खलिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा भारत-इंग्लैंड मैच के दौरान दिखा था। वह भी एसएफजे से जुड़ा है।

राहुल गाँधी अमेठी में, वायनाड में एक और किसान ने की आत्महत्या

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वायनाड में एक और किसान ने आत्महत्या कर ली है। केरल के वायनाड से किसान के खुदकुशी करने की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब राहुल अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र अमेठी के एक दिन के दौरे पर हैं।

पीढ़ियों से गाँधी-नेहरू परिवार के गढ़ रहे अमेठी में इस बार लोकसभा चुनाव में राहुल को भाजपा की स्मृति ईरानी ने 55 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी थी। हालॉंकि, वायनाड से जीतकर वे लोकसभा पहुँचने में कामयाब रहे। हार के बाद पहली बार अमेठी पहुँचे राहुल ने पार्टी के स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की।

इसी दौरान, पुल्लापल्ली में 55 वर्षीय एक किसान के जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की खबर सामने आई। पीटीआई के मुताबिक, मृतक की पहचान अंकितन के तौर पर हुई है। बताया जाता है कि उसने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में दाखिल कराया, जहाँ बुधवार सुबह अंकितन ने दम तोड़ दिया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बीते छह महीने में वायनाड में 5 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इससे पहले मई में वायनाड के कर्ज में डूबे 53 वर्षीय किसान दिनेश कुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। दिनेश ने तीन बैंकों से 10 लाख रुपए का कर्ज लिया था और कथित तौर पर बैंक वसूली के लिए उस पर दबाव बना रहे थे। इससे आजिज आकर उसने आत्महत्या कर ली थी।

यह मामला सामने आने के बाद राहुल ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पत्र लिखकर मृतक के परिवार को सहायता देने की माँग की थी। 28 मई को लिखे अपने पत्र में राहुल ने कहा था कि आत्महत्या की इस घटना से वह ‘‘बेहद दुखी’’ हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ मामले की जाँच कराने का भी अनुरोध किया था। इसके जवाब में विजयन ने कहा था कि इस मुद्दे को संसद में उठाए जाने की आवश्यकता है।

2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गॉंधी ने भाजपा पर किसानों की दुर्दशा की अनदेखी का आरोप लगाया था। हालॉंकि, उन राज्यों में जहॉं भाजपा की सरकार नहीं है, वहाँ किसानों की हालत पर वे चुप ही रहते हैं। यहॉं तक कि 2018 में तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भी कॉन्ग्रेस सरकारों ने किसानों की हालत में सुधार लाने के लिए कुछ खास नहीं किया। कर्ज माफी के राहुल के वादे के बावजूद काफी कम किसानों को लाभ मिला है और इन राज्यों में भी किसान आत्महत्या को मजबूर हैं।

अब ठुमके लगाने वाली BJP के लिए वोट लाएगी: दिग्विजय की टिप्पणी से महिला आयोग नाराज़

जननायक जनता पार्टी के नेता दिग्विजय चौटाला ने सपना चौधरी के भाजपा में शामिल होने को लेकर तंज कसा है। हरियाणा की मशहूर गायिका और नृत्यांगना सपना चौधरी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में रविवार (जुलाई 7, 2019) को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सपना चौधरी दिल्ली में भाजपा के ताज़ा सदस्यता अभियान के तहत पार्टी में शामिल होने वाली पहली सदस्य थीं। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान ख़बर आई थी कि सपना कॉंग्रेस में शामिल होने वाली हैं लेकिन बाद में उन्होंने इसका खंडन किया। जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने सपना पर तंज कसते हुए कहा:

“अब ठुमके लगाने वाली भाजपा के लिए वोट लाएगी।”

दिग्विजय चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला के पौत्र हैं और उनके पिता अजय सिंह चौटाला भी सांसद रह चुके हैं। उनके भाई दुष्यंत चौटाला भी सांसद रह चुके हैं। राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद महिलाओं के प्रति बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा जताया। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनकी टिप्पणी को महिलाओं के लिए अपमानजनक बताया।

दिग्विजय ने सपना चौधरी के गानों व नृत्य को अश्लील बताते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। हालाँकि, हरियाणा भाजपा के प्रमुख सुभाष बराला ने सपना का बचाव करते हुए चौटाला की टिप्पणी को ग़लत बताया और कहा कि किसी भी कलाकार को राजनीति में आने का हक़ है।

पार्सल में RDX भेजा जा रहा था पंजाब, वडोदरा में एयरपोर्ट पर आतंकियों की साजिश नाकाम

गुजरात के वडोदरा एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक संभावित आतंकी हमले की साजिश को विफल कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरक्राफ्ट कार्गो में एक पार्सल में RDX बरामद किया गया। यह पार्सल पंजाब के किसी पते पर भेजा जा रहा था।

सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक संदेहास्पद पार्सल मिला, जिसे अलग कर लिया गया। जाँच के बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने देखा कि पार्सल में विस्फोटक की संभावना है। इसके बाद बम निरोधक दस्ता (BDDS) एयरपोर्ट पहुँचा।

सुरक्षा एजेंसी का मानना है कि पार्सल में मौजूद RDX को पंजाब भेजा जा रहा था और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना का सम्बन्ध खालिस्तान आंदोलन के साथ जोड़ा जा रहा है। दिसम्बर, 2018 में खालिस्तान गदर फोर्स के शबनमदीप सिंह से पूछताछ में भी पंजाब में फिर से खालिस्तानी आतंकवाद को सक्रीय करने की बात स्वीकार की थी। खालिस्तान गदर फ़ोर्स के तार पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई से जुड़े हुए हैं।

CBI ने की लालू यादव की सज़ा बढ़ाने की माँग, हाईकोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

सीबीआई ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की सज़ा बढ़ाने के लिए अदालत में याचिका दाखिल की लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। झारखण्ड हाईकोर्ट की एक बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए ख़ुद को इससे अलग कर लिया। मंगलवार (जुलाई 9, 2019) को इस याचिका के आने के बाद जस्टिस केपी देव ने कहा कि वह काउंसल के तौर पर चारा घोटाला मामले में सीबीआई की तरफ से पैरवी कर चुके हैं, इसलिए वह ख़ुद को इस सुनवाई से अलग करते हैं।

इसके बाद जस्टिस केपी देव व जस्टिस अपरेश कुमार की खंडपीठ ने इस याचिका को किसी अन्य पीठ के पास भेजने का निर्देश दिया। सीबीआई की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद सहित अन्य पर उच्च-स्तरीय षडयंत्र रचने का आरोप है, ऐसे में सजा भी बड़ी होनी चाहिए। सीबीआई लालू सहित 6 अन्य आरोपितों के लिए 7 वर्ष सश्रम कारावास की माँग कर रही है। लालू यादव पहले से ही चारा घोटाला के अन्य मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद राँची में जेल की हवा खा रहे हैं।

फिलहाल, स्वास्थ्य कारणों से लालू राँची स्थित रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन पर जेल से ही हस्तक्षेप करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उनके वार्ड की गहन तलाशी ली गई थी। चुनाव से पहले उनसे मिलने के लिए विपक्षी नेताओं व राजद से टिकट के दावेदारों की लम्बी लाइन लगी रहती थी। वैसे अभी मीडिया में ऐसी ख़बरें भी चल रही हैं कि लालू की तबियत ज्यादा ख़राब हो गई है।

‘तस्वीरों में ही दिखा हौज काजी के कट्टरपंथियों का सद्भाव, मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं किया सहयोग’

दिल्ली के चॉंदनी चौक इलाके के हौज काजी में 30 जून को मंदिर में तोड़-फोड़ की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। कट्टरपंथियों की हिंसक भीड़ ने यहाँ के एक दुर्गा मंदिर में घुसकर न केवल मूर्तियों को तोड़ा, बल्कि स्थानीय हिन्दुओं के मुताबिक मंदिर में पेशाब भी किया। 9 जुलाई यानी मंगलवार को इस मंदिर में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए विहिप ने अनुष्ठान और स्थानीय लोगों के लिए भंडारा रखा था।

प्राण-प्रतिष्ठा के इस कार्यक्रम से आई एक तस्वीर जिसमें कुछ मुस्लिम हिन्दुओं को खाना परोसते नजर आ रहे थे, को मीडिया ने हाथोंहाथ लिया। इस तस्वीर के बहाने लुटियंस मीडिया ने मुस्लिमों के सद्भाव को दिखाने और हिन्दुओं के दर्द को दबाने की कोशिश की। लेकिन, इस कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े हिन्दू एक्टिविस्टों का कहना है कि अनुष्ठान में हौज काजी के कट्टरपंथियों ने कोई सहयोग नहीं किया और उनका साम्प्रदायिक सद्भाव केवल तस्वीरें खींचवाने तक ही सीमित था।

अनुष्ठान की कई तस्वीरें सामने आई थी। इसमें से वायरल हुई तस्वीर में दो-तीन मुस्लिम हिन्दुओं को खाना बाँट रहे थे। मीडिया इस तस्वीर पर मंत्रमुग्ध हो गया। सीएनएन न्यूज 18 ने कहा कि अनुष्ठान के दौरान भोजन परोस हौज काजी के मुस्लिमों ने साम्प्रदायिक सद्भाव प्रदर्शित किया। हिन्दुस्तान टाइम्स ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अपनी रिपोर्ट में यह भी दावा किया कि मुस्लिमों ने मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा में भी योगदान दिया।

लेकिन, हौज काजी में अनुष्ठान के दौरान मौजूद हिन्दू एक्टिविस्ट से जब ऑपइंडिया ने बात की तो एक अलग ही तस्वीर सामने आई। दुर्गा मंदिर में हुए अनुष्ठान में शामिल अविरल शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम विहिप ने आयोजित किया था और इसके लिए मंदिर में तोड़-फोड़ से आहत पूरी दिल्ली के हिन्दुओं ने दान दिया था। लेकिन, हौज काजी के कट्टरपंथियों ने फूटी कौड़ी नहीं दी। शर्मा के मुताबिक प्राण-प्रतिष्ठा में कट्टरपंथियों द्वारा सहयोग किए जाने की खबरें झूठी हैं।

वायरल हुई तस्वीर को लेकर उन्होंने बताया कि फतेहपुरी मस्जिद के इमाम एक टेबल पर पानी बाँट रहे थे। इलाके के ज्यादातर हिन्दुओं ने इसे तवज्जो नहीं दी। यहाँ तक कि जिस टेबल पर खाना बाँटते हुए मुस्लिमों की तस्वीर सामने आई है, वह टेबल भी दुर्गा मंदिर के सामने विहिप की ओर से ही लगाया गया था।

अनुष्ठान में मौजूद एक अन्य एक्टिविस्ट आयुष गुप्ता ने भी अविरल की बातों का समर्थन करते हुए बताया कि अनुष्ठान में इलाके के कट्टरपंथियों ने कोई सहयोग नहीं किया। एक अन्य एक्टिविस्ट विशाल शर्मा ने बताया,“प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान वे मौजूद भी नहीं थे। तस्वीर केवल मीडिया में अपना पक्ष उभारने और हिन्दुओं के दर्द को दबाने की कोशिश है।” अविरल के अनुसार अमन समिति के सदस्य केवल तस्वीर खींचवाने पहुँचे थे और फोटो सेशन पूरा होते ही वहाँ से निकल गए।

‘हिन्दू क्रूरता’ का सामना करने के लिए एक हों: अलकायदा का कश्मीर में जिहाद का ऐलान

अलकायदा की नज़र अब भारत पर टिकी हुई है। ओसामा बिन लादेन के उत्तराधिकारी अल जवाहिरी ने जम्मू कश्मीर में जिहाद के लिए एकता बनाने की अपील की है। दुनिया के सबसे खूँखार आतंकवादियों में से एक माने जाने वाले जवाहिरी ने कहा कि कश्मीर की आज़ादी के लिए अब पाकिस्तान की फौज पर भरोसा नहीं किया सकता, इसीलिए ‘हिन्दू क्रूरता’ का सामना करने के लिए आतंकियों को एक होकर कश्मीर के लिए लड़ना पड़ेगा। इसके साथ ही यह साफ़ हो गया है कि अलकायदा अब भारतीय सेना से सीधे उलझने के मूड में है।

अपने वीडियो मैसेज ‘कश्मीर को न भूलें’ में जवाहिरी ने कहा कि कश्मीर में मुजाहिदीन की ज़रूरत है। उसने सेना व सरकार के ख़िलाफ़ ज़ंग छेड़ने की बात कही है। उसने भारत की सेना को निशाना बनाते हुए अर्थव्यवस्था को तबाह करने की धमकी दी है। जवाहिरी की इस वीडियो में कश्मीर में आतंकी सगठन का सरगना रहे ज़ाकिर मूसा की तस्वीर भी दिखती है। ज़वाहिरी ने पाकिस्तानी सेना को अमेरिका का पिट्ठू बताया।

जवाहिरी ने कहा कि कश्मीर में चल रहे संघर्ष को अलग कर के नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह पूरे विश्व में मुस्लिमों के द्वारा ‘बड़ी ताक़तों’ के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे जिहाद के अंतर्गत ही आता है। साथ ही जवाहिरी ने आतंकियों को यह हिदायत भी दी कि मस्जिदों व मुस्लिम बहुल स्थलों को निशाना न बनाएँ। ज़वाहिरी ने कहा कि पाकिस्तान जिहादियों का इस्तेमाल अपना राजनीतिक हित साधने के लिए करता है और बाद में धोखा दे देता है।

बता दें कि 2017 में अल कायदा ने ‘उपमहाद्वीप के मुजाहिदीनों के लिए आचार संहिता’ नाम से एक विस्तृत दस्तावेज जारी किया था, जिसमें यह बताया गया था कि आतंकी संगठन किन-किन लोगों को निशाना बनाएगा? इस दस्तावेज में लक्ष्य से लेकर प्रक्रिया तक, सबकुछ समझाया गया था। अलकायदा ने सेना के अधिकारियों पर जानलेवा हमले करने की बात कही थी। आतंकी संगठन ने कहा था कि सेना में जिस अधिकारी का रैंक जितना ऊपर होगा, वो उनके उतने ही ज्यादा निशाने पर होगा।

अलकायदा ने वॉर जोन से लेकर सेना के अधिकारियों के घरों तक, हर जगह उन्हें निशाना बनाने की बात कही थी। आतंकी संगठन ने कहा था कि सेना के जवान अगर छुट्टियों पर गए हों तब भी उन्हें नहीं बख्शा जाएगा, क्योंकि वे शरिया क़ानून को लागू करने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहे हैं। साथ ही सेना के हाथ कश्मीरियों के ख़ून से रंगे होने की बात भी कही गई थी। इस दस्तावेज में कश्मीर का जिक्र कई बार आया था, तभी से यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि कश्मीर पर अल जवाहिरी की नज़र है।

बुलंशहर के DM समेत यूपी के 3 जिलों में CBI रेड, मँगानी पड़ी नोट गिनने की मशीन

CBI ने एक जिलाधिकारी (DM) के सरकारी आवास पर जब छापा मारा तो इतनी नगदी बरामद हुई कि गिनने के लिए जाँच एजेंसी को मशीन मँगानी पड़ गई। मामला बुलन्दशहर का है, जिसके DM अभय सिंह के घर से मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने भारी मात्रा में नगदी बरामद की है। हालाँकि मामला बुलन्दशहर नहीं, फतेहपुर का है जहाँ तैनाती के दौरान अभय सिंह पर अवैध खनन में भागीदारी का आरोप लगा था और जिसके सिलसिले में उपरोक्त कार्रवाई जाँच एजेंसी ने की है।

DM महोदय घर पर मौजूद

न्यूज़ स्टेट की खबर के मुताबिक सीबीआई ने पहले अभय सिंह के घर की सघन तलाशी ली। एक घंटे तक चली इस तलाशी के दौरान जिलाधिकारी खुद आवास पर मौजूद बताए जा रहे हैं। दो गाड़ियों में भरकर पहुँची सीबीआई की टीम ने जानकारी के अनुसार मुरादाबाद के प्रथमा यूपी ग्रामीण बाइक के महाप्रबंधक (जनरल मैनेजर) शैलेश रंजन के घर भी छापेमारी की।

आरोप है कि हाई कोर्ट द्वारा किसी भी नए खनन पट्टे के आवंटन पर 2013 में ही रोक लगा दिए जाने और पुराने पट्टों के नवीनीकरण पर रोक होने के बावजूद खनन जारी रहा। अभय सिंह इस दौरान लगभग 10 महीनों तक फतेहपुर के जिलाधिकारी थे। अंततः जुलाई 2016 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने सात जिलों- कौशाम्बी, सहारनपुर, हमीरपुर, फतेहपुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, शामली में अवैध खनन की सीबीआई जाँच के आदेश जारी किए। वही जाँच जारी है, और अभय सिंह जाँच के घेरे में हैं

जाँच में यह भी पता चला कि अवैध खनन की काली कमाई खाने में कई सफेदपोश नेता और अधिकारी भी शामिल हैं। अब जाँच के आधार पर लगातार सीबीआई छापेमारी कर रही है। जिसमें भारी मात्रा में नगदी पाए जाने की सूचना है।

कई नेता-अफसर शामिल

सीबीआई ने अपनी जाँच में पाया कि मामले में कई अफसरों और सफेदपोश नेताओं की भी मिलीभगत है। इसी जाँच के आधार पर सीबीआई की छापेमारी जारी है। इस मामले के हाई-प्रोफाइल संदिग्धों में चर्चित आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला भी शामिल हैं, जिन पर बुलंदशहर की डीएम रहने के दौरान अवैध खनन मामले में संलिप्तता का आरोप है। एक बार पहले केंद्र सरकार के कैडर का रुख कर चुकीं चन्द्रकला आजकल शैक्षिक अवकाश (स्टडी लीव) पर हैं।