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‘मैं टूट गया हूँ’: अहमद और खान के परिवार को ₹1-1 करोड़, अंकित के पिता को दिया वादा तोड़ा केजरीवाल ने!

दिल्ली के एक फ़ोटोग्राफर थे – अंकित सक्सेना। पिछले साल फरवरी में उनकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के परिवार द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी। दरअसल, अंकित जिस लड़की से विवाह करना चाहते थे वो मुस्लिम सम्प्रदाय से थीं और उनकी प्रेमिका के घरवाले इस विवाह के ख़िलाफ़ थे। इसके चलते अंकित की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तब यह मामला बहुत जोर-शोर से उछला था, राजनीतिक रोटियाँ भी सेंकी गई थी। इस मामले में ताज़ा समाचार यह है कि अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ अपनी निराशा व्यक्त की है, क्योंकि वो अपने वादे पर खरी नहीं उतरी।

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, अंकित के पिता ने कहा कि उन्हें दिल्ली सरकार से कोई भी मुआवज़ा नहीं मिला। अंकित की हत्या हो जाने के बाद उन्हें बताया गया था कि उन्हें क़ानूनी और वित्तीय सहायता मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सबसे पहले दिल्ली सरकार द्वारा उन्हें 5 लाख रुपए मुआवज़ा देने का वादा किया गया था। बाद में, दिल्ली के सीएम ने मुआवज़ा बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अरविंद केजरीवाल कहीं नज़र नहीं आ रहे हैं। इस पर अंकित के पिता ने कहा, “मैं टूट गया हूँ।”

यशपाल सक्सेना ने कहा कि दिल्ली सरकार को कई रिमाइंडर भेजने के बावजूद केजरीवाल सरकार ने अब तक अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने सवालिया होते हुए पूछा, “मुझे मुआवज़ा नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि मैंने घटना को सांप्रदायिक नहीं होने दिया? मैं दो समुदायों के बीच प्रेम और सद्भाव क़ायम करना चाहता था। क्या मुझे इसके लिए दंडित किया जा रहा है?”

दिल्ली के एक फ़ोटोग्राफर अंकित सक्सेना की उनकी मुस्लिम प्रेमिका के परिवार द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी क्योंकि मुस्लिम परिवार ने उनके अंतर-धार्मिक प्रेम संबंध को अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद, लड़की की माँ, मामा और नाबालिग भाई को इस क्रूर अपराध के लिए गिरफ़्तार कर लिया गया था।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दायर चार्जशीट में यह स्पष्ट किया कि हत्या पूर्व नियोजित थी। इस बात का भी पता चला कि लड़की का परिवार हिंदू लड़के से प्रेम करने के कारण उसके साथ सख़्ती से पेश आ रहा था। ग्राउंड रिपोर्ट में भी लड़की के परिवार की धार्मिक कट्टरता को उजागर किया गया है, जिसमें लड़की की माँ एक कट्टर मुस्लिम महिला है, जो अंतर-धार्मिक संबंध के ख़िलाफ़ थी।

यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 303 (हत्या), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाने) और 34 (आम इरादे) के तहत अंकित की प्रेमिका के पिता अकबर अली, छोटे भाई, मामा मोहम्मद सलीम और अकबर अली की पत्नी शहनाज़ के ख़िलाफ़ यह मामला दर्ज किया गया था।

इस घटना ने देश को झकझोर दिया था। अंकित और उसके परिवार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से संवेदनाएँ भेजी गई थीं। दिल्ली में एक शोक समारोह आयोजित की गई थी, जिसमें एक प्रार्थना सभा भी शामिल थी। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाग लिया था। हालाँकि, जब परिवार ने अपने घर के एकमात्र कमाऊ इंसान को खो देने की भरपाई करने के लिए उनसे मुआवज़े की माँग की, तो केजरीवाल प्रार्थना सभा को बीच में ही छोड़ कर चल दिए थे।

ऊपर कपिल मिश्रा के वीडियो में आप देख सकते हैं कि केजरीवाल ने पूर्व में मृत एनआईए अधिकारी तंजील अहमद और एनडीएमसी के कानूनी सलाहकार एमएम खान के परिवार के सदस्यों को 1 करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। ऐसे में उनके लिए अंकित के परिवार को मुआवजा देना कोई नई बात नहीं होती। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे यह सवाल उठता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अंकित सक्सेना के परिवार से अपना वादा निभाने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं?

अंकित की मुस्लिम प्रेमिका के परिवार वालों को इन दोंनों के अंतर-धार्मिक संबंध स्वीकार नहीं था। लेकिन अंकित सक्सेना के पिता, यशपाल सक्सेना तब सांप्रदायिक सौहार्द्र का चेहरा बन गए थे, जब उन्होंने सभी से अपील की थी कि उनके बेटे की मुस्लिम प्रेमिका के परिवार द्वारा हत्या को सांप्रदायिक रंग न दिया जाए। इतना ही नहीं, उन्होंने पिछले साल रमजान के दौरान एक अंतर-धार्मिक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था, जिसमें कई सारे ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं’ ने भाग लिया था। हालाँकि, इतना सब कुछ सहने के डेढ़ साल बाद, वह अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

14 करोड़ घरों में पहुँचेगा ‘नल से जल’: मोदी सरकार का नया मिशन लॉन्च

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में वो हर कार्य पूरा करने की मुमकिन कोशिश में जुटी है जिसे वह पिछले 5 सालों में पूरा नहीं कर पाए। इस दिशा में मोदी सरकार हर घर पेयजल उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है।

आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी 80 प्रतिशत घर ऐसे हैं जहाँ पानी की सप्लाई नल के जरिए नहीं होती। ऐसे में मोदी सरकार ने मंगलवार को इस बात की घोषणा की है कि वो नए मिशन ‘नल से जल’ के जरिए ये सुनिश्चित करेगी कि आने वाले पाँच सालों में हर घर में पानी पहुँचे।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सभी राज्यों (बंगाल को छोड़कर) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद कहा कि जल जीवन मिशन 14 करोड़ घरों में पानी की आपूर्ति के लिए लॉंच किया गया है। इस मिशन का लक्ष्य 2024 तक 100 फीसद घरों में सप्लाई जल पहुँचाना है, जो अभी सिर्फ़ 18 फीसद घरों में पहुँचता है।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक अभी सिर्फ़ सिक्किम ही ऐसा राज्य है जहाँ पर 99 प्रतिशत घरों में सप्लाई का पानी भेजा जाता है। जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और झारखंड ऐसे राज्य हैं जहाँ ये आंकड़े 5 प्रतिशत से भी कम है।

उनका कहना है कि आने वाले कुछ सालों में जल की उपलब्धता और उसकी जरूरत के बीच हमें 43% घाटा हो सकता है। ऐसे में जल जीवन मिशन की लक्ष्य प्राप्ति के लिए भूमि और उसकी सतह पर मौजूद पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्रीय पेयजल सचिव परमेश्वरन अय्यर के मुताबिक जिन गाँवों में पानी की गुणवत्ता अच्छी है वहाँ नल के जरिए पानी को मुहैया करवाया जाएगा, लेकिन जहाँ पानी की गुणवत्ता खराब है वहाँ पर ट्रंक वाटर की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

स्वच्छ भारत अभियान में मुख्य भूमिका निभाने वाले अय्यर के मुताबिक इस मिशन पर काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस मिशन पर काम करते हुए उनका ध्यान केवल परिणामों पर रहेगा। उनकी कोशिश रहेगी कि इस कार्य में सरकार का अधिक पैसा खर्च न हो।

देश के अधिकांश क्षेत्रों में सूखे जैसी समस्या से निबटने के लिए की जाने वाली तैयारियों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए राज्यों को अपना-अपना प्लान बनाकर तैयार रखने को कहा गया है, इन परिस्थितियों में केंद्र सरकार उनकी (राज्य की) हर मुमकिन सहायता करेगी।

150+ जवानों की मौत का जिम्मेदार नक्सली गिरफ़्तार: गढ़चिरौली से लेकर दंतेवाड़ा, हर कांड में था इसका हाथ

माओवादियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में महाराष्ट्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कुख्यात नक्सली किरण कुमार उर्फ़ किरण दादा को गिरफ़्तार कर लिया है। साथ में उसकी पत्नी अल्लूरी कृष्णा कुमारी उर्फ़ नर्मदाकक्को को भी धर दबोचा गया है। दोनों ही पति-पत्नी लम्बे समय से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थे और कई नागरिकों व पुलिस बलों की मृत्यु के पीछे इनका हाथ था। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों ही पिछले 20 वर्षों में 150 पुलिस वालों की मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं। इन पर 20 लाख रुपए का इनाम था। इन्हें गिरफ़्तार करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा और सुनियोजित ऑपरेशन चलाया।

मुख्य रूप से 1994 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय यह दम्पति काफ़ी घातक माना जाता था और दोनों को ही गुरिल्ला युद्ध से लेकर अन्य हथकंडों में महारत हासिल है। इन्हें बारूदी सुरंग विष्फोट का भी मास्टरमाइंड कहा जाता है, जिसके कारण न जाने कितने ही पुलिस बल के जवान वीरगति को प्राप्त हुए। 1 मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हुए बम विस्फोट में इसी दम्पति का हाथ था, जिसमें 15 पुलिस कमांडों के अलावा एक नागरिक की भी मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा 9 अप्रैल को छतीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक की हत्या में भी इस दम्पति का हाथ था।

ज्ञात हो कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में 15 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में क्विक रिस्पॉन्स टीम को ले जा रहा वाहन चपेट में आ गया था। इस हमले में निजी बस का ड्राइवर भी मारा गया था। इस घटना को अंजाम देने के लिए नक्सलियों ने 36 वाहनों को आग लगा दी थी, उसके बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम के कमांडो घटनास्थल के लिए रवाना हुए थे। ये कमांडो नक्सलियों का पीछा करते हुए जंबुखेड़ा गाँव की एक पुलिया पर पहुंचे, जहाँ नक्सलियों ने विस्फोट किया।

ये भी याद दिलाते चलें कि दंतेवाड़ा जिले के कुआंकोडा इलाके में उस वक्त हमला हुआ था, जब भाजपा विधायक भीमा मंडावी का काफिला वहाँ से गुजर रहा था। आईईडी ब्लास्ट करके नक्सलियों ने विधायक के काफिले में शामिल सुरक्षाबलों के एक वाहन को निशाना बनाया था। हमले में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई थी। वहीं हमले में शामिल एस्कॉर्ट वाहन के ब्लास्ट की चपेट में आने से 1 ड्राइवर और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात 3 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

माओवादी कैडर किरण की पत्नी कृष्णा कुमारी की उम्र 60 वर्ष के करीब है। वह आंध्र प्रदेश स्थित गुडिवाडा से है। उच्च शिक्षा प्राप्त कृष्णा लगभग एक दशक से सीपीआई (माओवादी) के गढ़चिरौली डिवीजन में ऑपरेशन की प्रमुख के तौर पर काम करती आ रही थी। जब उसकी स्वास्थ्य बिगड़ने लगी तो प्रतिबंधित संगठन ने उसे कार्य से मुक्त कर दिया था। वहीं किरण कुमार CPI (माओवादी) के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZI) का सदस्य है। विजयवाड़ा का रहने वाला 57 वर्षीय किरण नक्सली मुखपत्र प्रभात मासिक पत्रिका भी चलाया करता था।

बेगूसराय: महादलित परिवार की महिलाओं के साथ Gang Rape का प्रयास, लड्डू मियाँ गिरफ़्तार

बिहार के बेगूसराय से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके राष्ट्रीय मीडिया में न आने के कारण वहाँ रह रहे एक हिन्दू परिवार को लगातार अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। ‘स्वराज्य’ में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार, पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि 10 जून की रात अचानक से उसके घर में भीड़ घुस आई और घर की दो औरतों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। आरोपितों ने पिस्तौल के दम पर बलात्कार करने की भी कोशिश की। यह घटना रिफाइनरी थाना क्षेत्र के नूरपुर की है। पीड़ित महादलित परिवार को न्याय दिलाने की माँग के साथ भाजपा व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

‘स्वराज्य’ से बात करते हुए पीड़ित महादलित परिवार ने बताया कि इन घटनाओं के पीछे कुछ स्थानीय मुस्लिम हैं, जो उन्हें उनका घर बेचने को विवश कर रहे हैं। आरोपित धमकी देते हुए कहते हैं कि यहाँ काफ़ी कम हिन्दू हैं और इसीलिए वो लोग कुछ भी नहीं कर सकते। इसके अलावा आरोपित यह भी कहते हैं- “बजरंग दल भी तुम्हें नहीं बचा पाएगा।” महादलित परिवार ने अपनी शिकायत में कहा है कि रात के 1 बजे अचानक से कुछ लोग घर में घुस आए, जिनमें से एक व्यक्ति ने कपड़े नहीं पहन रखे थे। नंगे व्यक्ति ने घर की एक महिला के साथ बलात्कार करने की कोशिश की, वहीं दूसरे मास्क पहने हुए व्यक्ति ने महिला के वस्त्र फाड़ डाले।

जब घर में मौजूद एकलौते पुरुष सदस्य ने इसका विरोध किया, तो उसकी जम कर पिटाई कर दी गई। घर में घुस आए आरोपितों में से एक की पहचान पीड़ितों ने लड्डू आलम (लड्डू मियाँ) के रूप में की है। पुलिस ने लड्डू मियाँ को गिरफ़्तार कर लिया है। उसके पिता का नाम फ़िरोज़ आलम है। लड्डू मियाँ अक्सर पीड़ित परिवार को ज़मीन बेचने की धमकी देता था क्योंकि बगल में उसकी ही ज़मीन है। वह बार-बार धमकी देते हुए 16 लाख रुपयों में ज़मीन बेचने की धमकी दिया करता था। लड्डू मियाँ ने कई बार पीड़ित परिवार को जान से भी मारने की धमकी दी थी।

बजरंग दल के स्थानीय संगठन ने बताया कि एक माह पूर्व भी उक्त महादलित महिला की पिटाई की गई थी लेकिन पुलिस इस मामले में सुस्ती बरतती रही। जब पीड़िता इस बात की सूचना देने थाना पहुँची तो उसे गाली देकर भगा दिया गया था। पीड़िता लगातार कई दिनों से सुरक्षा की माँग कर रही है। बजरंग दल ने कहा कि नूरपुर को कश्मीर एवं कैराना बनाने की कोशिश हो रही है, जिससे हिन्दू यहाँ से पलायन कर जाएँ। संगठन का आरोप है कि अगर एक महीने पहले पुलिस ने सख्ती की होती तो बलात्कार का प्रयास वाली घटना नहीं होती। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने प्रशासन पर हिन्दुओं एवं दूसरे समुदाय को अलग-अलग चश्मे से देखने का आरोप लगाया।

क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पीड़ित महादलित परिवार के मुन्ना ने दावा किया कि जब उसके साथ पिटाई की गई थी, तब पुलिस ने मामले में समझौता करने की सलाह दी थी। इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

कठुआ: ‘Crime Branch ने यातनाएँ दे कर जुर्म कबूलने को कहा, दी परिवार को बर्बाद करने की धमकी’

कठुआ रेप केस मामले में करीब एक साल जेल में रहने के बाद बरी हुए विशाल जंगोत्रा ने क्राइम ब्रांच पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विशाल ने कहा कि उससे हत्या की बात कबुल करवाने के लिए पुलिस ने सभी प्रयास किए। उसे यातनाएँ दी गईं। विशाल के अनुसार, उसने मेरठ में बीएससी (एग्रीकल्चर) के पेपर दिए थे और गिरफ़्तारी के समय उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित मीरांपुर में मौजूद था। तभी घर पर क्राइम ब्रांच पहुँची और पीटना शुरू कर दिया।

विशाल ने आगे बताया कि फिर उसे मारपीट करते हुए ही मीरांपुर थाना ले जाया गया और वहाँ से गाड़ी में डाल कर कठुआ तक लाया गया। बकौल विशाल, उसे रास्ते में भी पीटा गया और कठुआ पहुँचने के बाद रात भर यातनाएँ दी गईं। विशाल ने और अधिक जानकारी देते हुए एक इंटरव्यू के दौरान बताया:

“क्राइम ब्रांच ने पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी और लगातार दबाव बनाया कि बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कबूल कर लो। क्राइम ब्रांच ने यातनाएँ देकर यह स्वीकार करने को कहा कि मैंने मेरठ में पेपर नहीं दिए, पेपर किसी और ने दिए थे।”

जब विशाल से यह पूछा गया कि आखिर पुलिस उसे ही क्यों फँसाना चाहती थी, इस पर उसने कहा कि क्राइम ब्रांच पूरे परिवार को तबाह करना चाहती थी और उसके भाई को भी फँसाने की साजिश रची जा रही थी। बरी होने के बाद विशाल अब मेरठ लौटने की तैयारी में लगा है, जहाँ वह अपनी पढ़ाई पूरी करेगा। विशाल ने बताया कि उसके दोस्तों को पीट कर कबूल करवाने की कोशिश की गई कि उसकी जगह उन्होंने परीक्षाएँ दीं और उसका सेलफोन भी उन्हीं लोगों के पास था। विशाल ने क्राइम ब्रांच पर वीडियो सबूत डिलीट करने के भी आरोप लगाए।

दरअसल, आरोपों से बरी किए गए विशाल जंगोत्रा ने दावा किया था कि जिस दिन जम्मू के कठुआ में बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना हुई, उस दिन वह मेरठ में एग्जाम दे रहा था। हालाँकि, क्राइम ब्रांच का कहना था कि जंगोत्रा मेरठ में 15 जनवरी को परीक्षा देने नहीं गया था। आरोप-पत्र के मुताबिक घटना के दिन वह कठुआ के रासना गाँव में मौजूद था। ज्ञात हो कि कठुआ गैंगरेप एवं मर्डर केस में पठानकोट अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए 6 आरोपितों को तो दोषी करार दिया, लेकिन एक अन्य आरोपित विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया। विशाल ने इस मामले में कोर्ट के सामने कहा था कि वो घटना के दिन वहाँ मौजूद ही नहीं था।

‘वायु’ से डरकर चीन की हवा टाइट, 10 समुद्री जहाजों ने ली भारत में शरण

चक्रवाती तूफान ‘वायु’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार तूफान ‘वायु’ 13 जून को तड़के वारावल, दीव क्षेत्र में पोरबंदर और महुआ के बीच गुजरात तट पर टकरा सकता है। वहीं, ‘वायु’ तूफान से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने भारत में शरण ली है। इन्हें रत्नागिरी बंदरगाह में ठहराया गया है।

भारतीय तटरक्षक महानिरीक्षक केआर सुरेश ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “चक्रवाती तूफान से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी बंदरगाह में शरण ले रखा है। मानवीय दृष्टिकोण के तहत सभी चीनी जहाजों को भारतीय तटरक्षक बल के सुरक्षा घेरा में रहने की इजाजत दे दी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (जून 11, 2019) को चक्रवाती तूफान ‘वायु’ की वजह से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया।

अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान ‘वायु’ महाराष्ट्र से उत्तर में गुजरात की ओर बढ़ रहा है। गुजरात के मुख्य सचिव ने ये भी बताया कि लोगों को वहाँ से हटाने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। विभाग ने अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसकी गति 115 से 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। 

ऑस्ट्रेलिया में दौड़ेगी भारत में बनी मेट्रो, मेक इन इंडिया की एक और सफलता

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ लगातार सफलता के नए आयाम छूता जा रहा है। पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक वीडियो ट्वीट कर लिखा, “मेक इन इंडिया की एक और सफलता। गोयल ट्वीट में लिखा है कि अब ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भारत में बनी अत्याधुनिक मेट्रो दौड़ेगी। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से देश तकनीक की दुनिया में उभरता हुआ सितारा बन रहा है।

बता दें कि देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत की गई। वीडियो में बताया गया है कि भारत में बने मेट्रो रेलवे कोच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी मेट्रो लाइन पर चलेंगे। सिडनी में पहली बार ड्राइवर लेस मेट्रो लाइन खुली है, जिसमें 6 कोच वाली 22 एल्सटॉम ट्रेनों के द्वारा सेवा दी जाएगी। यह मेट्रो नॉर्थ वेस्ट रेल लिंक में तल्लावांग स्टेशन से चैट्सवुड स्टेशन के बीच कुल 13 स्टेशनों में चलेगी।

इन ट्रेनों के आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में असेंबल किया गया है। ये ट्रेनें पूरी तरह से स्वचालित हैं और इसमें एलईडी लाइट, आपातकालीन इंटरकॉम, सीसीटीवी कैमरे जैसी सभी अत्याधुनिक सुविधाएँ हैं। कंपनी ने 15 सालों के लिए डिपो चलाने और सिग्नलिंग सिस्टम की देख-रेख के लिए सिडनी मेट्रो के साथ संधि की है। भारत में निर्मित ये मेट्रो दुनिया भर में ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का प्रमाण हैं।

पाकिस्तान का कर्ज 6 हज़ार अरब से बढ़कर 30 हज़ार अरब रुपए के पार, 30 जून है डेडलाइन

आतंक और आतंकियों की शरणस्थली पाकिस्तान की हालत बेहद खस्ता है। पाकिस्तान में मंगलवार (जून 11, 2019) को बजट-2019 पेश किया गया। चिंता की बात यह है कि पाकिस्तान में बजट पेश होने से एक दिन पहले यानी सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक की चरमराई आर्थिक स्थिति जनता के सामने रखते हुए इमरान ने कहा, “आप सभी से मेरी अपील है कि संपत्ति घोषित स्कीम में हिस्सा लें।

इमरान खान ने कहा कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज 6 हजार अरब रुपए से बढ़कर 30 हजार अरब रुपए तक पहुँच गया है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान की हालत बेहद पतली हो गई है। देश की स्थिति में थोड़ी सी सुधार की आस में इमरान खान को कहना पड़ा कि अगर आप टैक्स नहीं देते तो हम देश को आगे नहीं ले जा सकेंगे।”

इमरान खान ने चरमराई पाक की अर्थव्यवस्था को कुछ यूँ समझाया, उन्होंने कहा कि जो आप सालाना टैक्स जमा करते हैं, तक़रीबन 4 हजार अरब रुपया, उसमें से आधा टैक्स इन कर्ज की किस्तें अदा करने में चली जाती है। जो बाकी पैसा बचता है उसमें यह मुल्क अपने खर्चे पूरा नहीं कर सकता है।

बता दें पाकिस्तान को पश्त हालात से निकालने के लिए लोगों से अधिक से अधिक टैक्स देने। साथ ही 30 जून 2019 तक का अपनी आवाम को वक़्त दिया है, जिसके अंदर उन्हें अपनी बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट को घोषित करने की अपील की है। इमरान ने यहाँ तक कहा है कि उनके अधिकारियों को सब पता है। इमरान खान को ऐसा इसलिए करना पद रहा है कि इस समय पाकिस्तान के पास अपनी रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं।

इस समय पाकिस्तान की स्थिति बहुत ही ख़राब है, उस पर से आतंकी छवि होने और चरमराई अर्थव्यस्था के कारण इस समय पाकिस्तान को कोई भी देश क़र्ज़ भी देने को तैयार नहीं है। इमरान खान ने खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हुए कहा था कि अपने समूचे इतिहास में देश इतना ऋणग्रस्त कभी नहीं रहा, जितना पिछले 10 साल में हो गया है।

इमरान ने सरकार के खर्चे काट कर किसी तरह देश चलाने की भी तरकीब निकालने की कोशिश की, इसके लिए लक्जरी कारों से लेकर भैंस तक की नीलामी की थी। बता दें कि इमरान खान ने किसी तरह देश की डूबती अर्थव्यवस्था को हल्का सा सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास की 102 लग्जरी कारों में से 70 कारें बेंच दी थीं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बता दें कि पाकिस्‍तान में 11 जून, 2019 को आम बजट पेश किया गया है। यह इमरान खान सरकार का पहला बजट है। इस बार का बजट 7.022 लाख करोड़ पाकिस्‍तानी रुपए का है।

अलीगढ़ में बच्ची को कचरे से निकालने वाली महिला को मिल रही हैं समुदाय विशेष से धमकियाँ

एक ओर जहाँ अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अब इस मामले को नया रूप देने पर उतर आए हैं। अब तक इस मामले में आरोपित जाहिद की पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची का शव जिस कपड़े में लिपटा हुआ था, वो जाहिद की पत्नी का दुपट्टा था।

दरअसल, बच्ची का शव कचरे के ढेर में बरामद हुआ था। अब इसे ढूँढने वाली महिला को कुछ लोग धमकियाँ दे रहे हैं। ट्विटर पर आज एक वीडियो सामने आया है जिसमें कचरा साफ़ करने वाली उस महिला को यह कहते हुए देखा जा सकता है कि उन्हें समुदाय विशेष के लोग धमकियाँ दे रहे हैं।

वीडियो में महिला कह रही हैं कि इलाके में समुदाय विशेष के द्वारा उन पर पर रिश्वत लेकर मृतक बच्ची को खुद वहाँ फेंकने के आरोप तक लगाए जा रहे हैं। उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही महिला को अपने परिवार की सुरक्षा का भी डर सता रहा है। कुछ ट्विटर यूज़र्स का कहना है कि यह महिला एक हिन्दू है जो कि SC है। सम्भावनाएं जताई जा रही हैं कि महिला को इस प्रकरण को उजागर करने के कारण डराया-धमकाया जा रहा है।

Video: हार की समीक्षा के लिए इकट्ठा हुए थे कॉन्ग्रेसी, आपस में ही भिड़ पड़े

कॉन्ग्रेस के अंदर उठा-पटक थमने का नाम नहीं ले रही है। बाहर चाहे कुछ भी खबरें हों, लेकिन मीडिया में सामने आ रही कुछ निंदनीय घटनाएँ ये बताती हैं कि अंदरूनी मनमुटाव तो जारी है। दरअसल, लोकसभा चुनावों में यूपी में कॉन्ग्रेस की हार की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई। इस बैठक में कॉन्ग्रेस के कई नेता इकट्ठा हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में पश्चिम यूपी के कॉन्ग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।

बैठक दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में हो रही थी। लेकिन पहले कॉन्ग्रेस नेता परिसर के अंदर आपस में भिड़े और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भी वहीं उनकी तू-तू मै-मैं हो गई। हालाँकि, जब कॉन्ग्रेस नेताओं से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये उनका आंतरिक मामला है। कॉन्ग्रेस नेता सिर्फ बैठक में ही नहीं बल्कि परिसर के बाहर भी एक दूसरे से बहस करते दिखाई दिए। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है

कॉन्ग्रेस नेता सिर्फ परिसर के अंदर ही नहीं भिड़े बल्कि परिसर के बाहर भी एक दूसरे से भिड़ते दिखे और बैठक के बाद कैम्पस में जमकर हंगामा हुआ। इस वीडियो में लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद लोकसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा के पिता और शहर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज पार्टी के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष हरेंद्र कसाना के साथ उलझते देखे गए।

आज की समीक्षा बैठक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 जिले की थी। सिंधिया और राजबब्बर ने 10 जिले के प्रत्याशियों, पूर्व विधायक, पूर्व सांसदों और पदाधिकारियो की समीक्षा बैठक बुलाई थी। अगली बैठक 14 जून को लखनऊ में होगी।