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Mumbai Mirror ने मोदी को बताया गोधरा का कसाई, बाद में माँगी माफ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टीका-टिप्पणी अब आम बात हो चली है, क्योंकि आए दिन उन पर निजी हमले होते ही रहते हैं। विपक्ष तो उन्हें कुछ भी कह देने से नहीं चूकता चाहे उसके लिए कोर्ट में माफ़ीनामा तक दाखिल क्यों न करना पड़ जाए। लेकिन अचंभा तब होता है जब पत्रकारिता के नाम पर मुख्यधारा की मीडिया अपने पाठकों को ऐसी विषय-सामग्री परोस दे, जिसमें देश के प्रधानमंत्री को छवि बिगाड़ कर प्रस्तुत की गई हो जिससे विपक्षी दलों की मंशा पूरी होती हो।

ऐसा ही ओछी हरक़त मुंबई मिरर ने अपने एक ‘कार्टून’ के ज़रिए की, जिसे बाद में हटा दिया गया और साथ ही अपने इस अपमानजनित कृत्य के लिए माफ़ी भी माँगी। इस कार्टून में पीएम मोदी को ‘गोधरा का कसाई’ इंगित कर छापा गया था।

आशीष अस्थाना द्वारा बनाया गया अपमानजनक कार्टून ‘पत्रकार’ पटेल के कॉलम ‘पोल डांस’ के तहत प्रकाशित किया गया था। कार्टून में पीएम मोदी को एक संभावित ‘सम्राट’ अकिनमो (AkiNaMo) के रूप में प्रोजेक्ट किया गया था, जो अगले 50 वर्षों के लिए शासन करने का इरादा रखते हैं, उन्हें गोधरा से पेशे से कसाई के रूप में चित्रित किया गया।

इस कार्टून में राहुल गाँधी को दिल्ली के एक प्रशिक्षु यानी ट्रेनी के रूप में चित्रित किया गया, जो पहले अपने ‘क्रिसैन्थमम’ से पूछना चाहता था। ‘AkiNaMo और क्रिसैन्थमम’ की शर्तों के पीछे का विचार जापान के नए सम्राट नारूहितो के हाल के राज्याभिषेक से है, जहाँ पूर्व सम्राट अकिहितो ने अपने बेटे और वारिस के लिए अपना सिंहासन छोड़ दिया था। जापान की शाही सीट को गुलदाउदी (क्रिसैन्थमम) सिंहासन के रूप में जाना जाता है।

सोशल मीडिया पर भारत के पीएम के अपमानजनक कार्टून ने मुंबई मिरर के पाठकों को बहुत आहत किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपना ग़ुस्सा ट्वीट्स के ज़रिए दिखाया। एक यूज़र ने लिखा कि नरेंद्र मोदी को गोधरा का कसाई लिखना समाचार पत्र द्वारा मॉडल कोड का उल्लंघन है। किसी भी सभ्य समाज में इस तरह की वाहियात हरक़त को अनुमति कैसे दी जा सकती है? यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।

ख़बर के अनुसार, मुंबई मिरर ने अपने ई-पेपर से कार्टून को हटा लिया है और माफ़ी भी माँगी है। संपादक की ओर से ई-पेपर संस्करण में एक माफ़ीनामा भी शेयर किया गया है। इसमें लिखा किया गया कि पोल ​​डांस के कॉलम में, जिसका उद्देश्य चुनावों पर व्यंग्य करना है, उसमें एक कार्टून था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपमानजनक अंदाज़ में दिखाया गया, उसके लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं। साथ ही इस माफ़ीनामे में इस बात की भी जानकारी दी गई कि ऑनलाइन संस्करणों और ई-पेपर दोनों से इस कार्टून को हटा लिया गया है।

मीनल बघेल मुंबई मिरर की वर्तमान संपादक हैं।

पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक कार्टून के बाद मुंबई मिरर ने छापा माफ़ीनामा

हालाँकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब जब मुंबई मिरर ने एक नेता के ख़िलाफ़ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी प्रकाशित की हो। पिछले साल, उन्होंने एक ‘फ़ैशन ब्लॉगर’ द्वारा एक कॉलम प्रकाशित किया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ बेहद ग़लत और अपमानजनक टिप्पणी लिखी थी। इस लेख के माध्यम से स्मृति ईरानी के वज़न पर भी टिप्पणी की गई थी।

14 AAP विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी: BJP नेता विजय गोयल से केजरीवाल की नोकझोंक

भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के 14 विधायक पार्टी का साथ छोड़ना चाहते हैं। इन विधायकों का कहना है कि पार्टी अपने लक्ष्य से भटक गई है, लिहाजा वो पार्टी को छोड़ना चाहते हैं। दरअसल, हाल ही में आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल के इसी आरोप का जवाब देते हुए विजय गोयल ने यह दावा किया है कि आप के 7 नहीं, बल्कि 14 विधायक उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि AAP पार्टी के भीतर घुटन का माहौल है, जिसकी वजह से पार्टी के नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं।

इसको लेकर अरविंद केजरीवाल और विजय गोयल के बीच ट्विटर पर ही जंग छिड़ गई। केजरीवाल ने विजय गोयल पर तंज कसते हुए ट्वीट किया और पूछा कि विधायकों की खरीदने की बात कहाँ पर फँसी हुई है? वो विधायकों को कितना ऑफर कर रहे हैं और विधायक उनसे कितना डिमांड कर रहे हैं? केजरीवाल के इस ट्वीट का जवाब देते हुए विजय गोयल ने लिखा, “केजरीवाल जी लेने-देने की बात मत करो। एक बार फिर माफी माँगनी पड़ जाएगी। दिल्ली में विकास नहीं कर पाए, तो झूठे आरोप लगा रहे हो। अपने ही विधायकों को बिकाऊ बता रहे हो। उद्देश्य से भटकने और आपकी पार्टी में अपमानित होने के कारण ये विधायक हमसे संपर्क करते हैं।”

केजरीवाल का कहना है कि उनके विधायकों ने उन्हें बताया कि भाजपा ने उनसे संपर्क किया और उन्हें खरीदने के लिए ₹10 करोड़ का ऑफर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग हमारे विधायकों को तोड़ना चाहते हैं, और ये सब कुछ करना पीएम मोदी को बिल्कुल भी शोभा नहीं देता है।

विजय गोयल ने कहा कि भाजपा को AAP विधायकों को खरीदने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि भाजपा पर AAP विधायकों को खरीदने का आरोप पूरी तरह से निराधार है और यदि AAP के पास इस बात का सबूत है तो, उसे सामने लाकर सार्वजनिक करना चाहिए और इस तरह के बेतुके आरोप लगाकर भागने की राजनीति से बचना चाहिए।

PM को ‘जानवर’ बोलने वाले वीडियो पर NCPCR ने प्रियंका गाँधी से माँगा जवाब

चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से छोटे बच्चों का गलत इस्तेमाल करने पर प्रियंका गाँधी को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने नोटिस जारी करते हुए उनसे तीन दिन के अंदर जवाब माँगा है। आयोग ने पूछा है कि वीडियो में बच्चों द्वारा नारेबाजी कहाँ हो रही है और घटनास्थल पर बच्चे कैसे पहुँचे थे।

गौरतलब है कि गुरुवार (मई 1, 2019) को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें प्रियंका गाँधी के सामने नारे लगाने के बाद कुछ बच्चे प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते दिखे। इस वीडियो पर भाजपा ने प्रियंका पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बच्चों से प्रधानमंत्री के लिए ऐसे अपशब्द बुलवाए हैं।

उल्लेखनीय है कि मुंबई उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2014 को दिए एक आदेश में कहा था कि बच्चों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। जिसके मद्देनजर ही आयोग ने चुनाव प्रचार में बच्चों के प्रयोग को लेकर आपत्ति जताई है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा लगातार प्रियंका गाँधी की आलोचना कर रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है। उन्होंने अपने एक ट्वीट पर प्रियंका पर निशाना साधते हुए लिखा, “हर दिन अपने संस्कार का परिचय देती श्रीमती वाड्रा। गालियाँ कम थी जो अब समर्थकों से जानवर तक बुलवा रही हैं प्रधानमंत्री जी को।”

छत्तीसगढ़ में BJP विधायक की हत्या में शामिल इनामी नक्सली मारा गया

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में सोमवार (29 अप्रैल) को हुई एक मुठभेड़ में दूरदर्शन न्यूज चैनल के कैमरामैन अच्युतानंद साहू और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक भीमा मंडावी की हत्याओं में भूमिका निभाने वाले नक्सली आतंकवादी माड़वी मुइया को मार गिराया गया।

ख़बर के अनुसार, यह सूचना दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव ने जारी की। मारे गए आतंकवादी से एक राइफल और छह राउंड कारतूस बरामद किया गया। छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेटिव की मौत सुरक्षा अधिकारियों के लिए एक बड़ी जीत है क्योंकि मुइया अपनी कई आतंकी गतिविधियों के लिए जाना जाता था।

30 अक्टूबर को, मुइया ने नक्सलियों के एक समूह के साथ मिलकर दंतेवाड़ा ज़िले के नीलावे गाँव में एक हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में कैमरामैन अच्युतानंद साहू की मौत हो गई थी और साथ ही दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।

मुइया उस हमले का भी मास्टरमाइंड था जिसमें भाजपा विधायक मांडवी और उनके साथ पाँच पुलिस अधिकारियों का जीवन समाप्त हो गया था। विधायक के वाहन में उस समय IED विस्फोट हुआ था, जब वो दंतेवाड़ा ज़िले से गुजर रहे थे। हमले के बाद अधिकारियों ने मुइया पर 8 लाख रुपए के इनाम की घोषणा कर दी थी।

ओडिशा के तट पर पहुँचा प्रचंड चक्रवात Fani, यूपी बिहार के लिए भी अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान फोनी ओडिशा के पुरी से टकरा चुका है। इस तूफान के अगले 3 घंटे तक रहने की आशंका है। तकरीबन 10,000 गाँव और 52 शहरों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। इस विनाशकारी तूफान से बचाव के लिए लगभग 11 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है और साथ ही समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

बंगाल की खाड़ी के गर्म होने की वजह से फोनी तूफान की स्थिति बनी है। मौसम अधिकारी इस पर नज़र बनाए हुए हैं और इसकी पल पल की जानकारी प्रधानमंत्री को दी जा रही है। फिलहाल इस प्रचंड तूफान की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन इसके बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसा बताया जा रहा ये तूफान बंगाल के पूर्वी मिदनापुर से भी टकरा सकता है।

भुवनेश्वर में काफी तेज हवा चल रही है और बारिश भी लगातार हो रही है, जिसकी वजह से हालात बेहद मुश्किल बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की रफ्तार बढ़कर 205 किमी प्रति घंटा तक हो सकतती है।

बता दें कि इस तूफान का असर ओडिशा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, सिक्किम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी देखने को मिल सकता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों को नुकसान से बचाने के लिए अनाज को ऐसी जगह पर रखें, जहाँ पर आँधी-पानी का असर कम पड़े। वहीं, ओडिशा को लेकर संभावना जताई जा रही है कि राज्य के कम से कम 14 जिले इस तूफानी चक्रवात की चपेट में आ सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में भाजपा के सर्वाधिक सवर्ण उम्मीदवार, बाकी पार्टियों ने काटे टिकट

2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियों ने सबसे कम सवर्णों को टिकट दिए हैं। सवर्णों के सबसे अधिक टिकट समाजवादी पार्टी ने काटे हैं। कॉन्ग्रेस ने भी पिछले चुनावों के मुकाबले अपने उम्मीदवारों में सवर्णों की संख्या घटा दी है।

नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पिछले चुनावों में 36 सवर्णों को टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाया था और इस बार भी भाजपा ने इतने ही सवर्णों को टिकट दिया है। जबकि 2014 में सपा ने अपने 20 सवर्ण उम्मीदवार मैदान में उतारे थे लेकिन इस बार यह संख्या 6 रह गई है। इसका एक कारण बसपा के साथ हुए गठबंधन को भी बताया जा रहा है क्योंकि सपा को गठबंधन में 37 सीटें मिली हैं।

दूसरी ओर दलितों की पार्टी कही जाने वाली बसपा ने जातिगत समीकरणों को देखते हुए एक चौथाई सीट पर सवर्णों को टिकट देकर बड़ा दाव खेलने का प्रयास किया है। हालाँकि 2014 में 26 सवर्णों को टिकट देने वाली मायावती ने गठबंधन में 38 सीटों पर 10 सवर्णों को टिकट दिया है।

कॉन्ग्रेस की बात करें तो 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 34 टिकट सवर्ण कैंडिडेट को दिए थे लेकिन नतीजे उनके पक्ष में नहीं थे। साल 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी ने पुराने नतीजों को ध्यान में रखा और केवल 26 सवर्णों को ही टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाया।

‘PM मोदी की ताकत उनकी इमेज है, और मैं उसे खराब करके रहूँगा’: राहुल गाँधी

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री मोदी की छवि को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ताकत उनकी इमेज है और वो इसे खराब कर देंगे। उन्होंने कहा कि वो हकीकत सामने लाकर रहेंगे और पीएम मोदी की छवि को खराब करने का काम शुरू भी कर चुके हैं।

इसके साथ ही उन्होंने चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह चुनाव भाजपा या फिर मोदी नहीं जीत रहे, बल्कि कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार बनाने जा रही है। राहुल गाँधी ने कहा कि यह जनता तय करेगी कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा और 23 मई को जनता अपना फैसला सुना देगी। मगर साथ ही उन्होंने विश्वास भी जताया कि यूपीए सरकार का बनना तय है। इस साक्षात्कार के दौरान न्याय योजना पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि वो पीएम मोदी की तरह झूठे वादे नहीं करते। उन्होंने कहा कि इस न्याय योजना का लाभ हर परिवार को मिलेगा। इस योजना से हर परिवार को मदद मिलेगी और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना का बोझ मिडिल क्लास पर नहीं पड़ने वाला है।

वहीं, राफेल डील के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी नियमों को अनदेखा कर अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी शुरू से ही इसकी जाँच की माँग कर रही है। इसके साथ ही राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी पीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार में तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने कभी इसका कभी ढिढोरा नहीं पीटा।

चुनाव परिणाम के तुरंत बाद 24 मई को रिलीज होगी नरेंद्र मोदी की बायोपिक

लोकसभा चुनाव परिणाम 23 मई को घोषित होंगे। इसके तुरंत बाद 24 मई 2019 को प्रधानमंत्री मोदी पर बनी बायोपिक रिलीज होगी। एएनआई ने इस बात की जानकारी अपने ट्वीट के जरिए दी है। इससे पहले माननीय उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 15, 2019 को निर्वाचन आयोग से कहा था कि वह पहले नरेंद्र मोदी पर बनी बायोपिक देख लें उसके बाद निर्णय करे कि इस फिल्म को चुनाव के समय रिलीज़ करना है या नहीं।

सर्वोच्च न्यायालय ने आयोग को निर्देश दिया था कि वह फिल्म को देखें और 22 अप्रैल तक अपना मत एक सीलबंद लिफाफे में प्रदान करे। इस दौरान फिल्म के निर्माताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि निर्वाचन आयोग ने बिना फिल्म को देखे ही उसकी रिलीज़ पर बैन लगा दिया था। इसलिए न्यायालय ने आयोग से कहा था कि पहले वह फिल्म को देखे फिर उसकी रिलीज़ पर निर्णय ले। तब तक के लिए न्यायालय की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।

बता दें इसके पहले निर्वाचन आयोग ने यह कहकर फिल्म को रिलीज़ होने से रुकवा दिया था कि इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना है। निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि फिल्म में दिखाए गए राजनैतिक दृश्य सोशल मीडिया में प्रचारित हो रही चीज़ों को सच मानने का भ्रम उत्पन्न कर सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने फिल्म को देखने के बाद अपने विचार न्यायालय के सामने रखे थे जिसके बाद न्यायालय ने आयोग के निर्णय को बरक़रार रखा था। अब फिल्म के प्रोडूसर संदीप सिंह ने जानकारी दी है कि 24 मई को फिल्म रिलीज़ की जाएगी।

राहुल ने गोद लेकर यतीम बना दिया अमेठी का गाँव: ग्रामीणों ने कहा अब नहीं देंगे वोट

संसदीय क्षेत्र अमेठी में पड़ने वाले जगदीशपुर गाँव के निवासियों ने राहुल गाँधी के दावों की पोल खोल दी है। गाँव के एक निवासी के अनुसार साल 2014 में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने उनके गाँव को गोद लिया था। लेकिन बीते 5 सालों में राहुल गाँधी ने उनके गाँव में कोई विकास नहीं किया है।

स्वराज्य मैगज़ीन के सीनियर एडिटर अरिहंत पवारिया द्वारा जारी किए गए वीडियो में एक ग्रामीण को राहुल की नाकामियों को गिनाते हुए सुना जा सकता है। इस वीडियो में ग्रामीण बता रहे हैं कि साल 2014 के बाद राहुल ने दोबारा गाँव की तरफ मुड़कर नहीं देखा। ग्रामीण की शिकायत है कि राहुल गाँधी ने उनके गाँव में कोई विकास कार्य नहीं किया है।

हालाँकि इतनी निराशा के बाद भी ग्रामीणों ने ठान रखी है कि वो हर बार कॉन्ग्रेस को वोट देते हैं इसलिए इस बार भी कॉन्ग्रेस को ही वोट देंगे। लेकिन उस इलाके के अन्य लोग जिन्होंने आजीवन कॉन्ग्रेस के पक्ष में मतदान दिया है वो खुलकर कहते हैं कि इस बार वह नरेंद्र मोदी को ही वोट देंगे। इस सूची में एक दलित सब्जी विक्रेता भी शामिल है।

सब्जी बेचने वाले की मानें तो उन्होंने भी कभी मोदी को वोट नहीं दिया था लेकिन इन चुनावों में वो मोदी को ही वोट देंगे। कारण पूछने पर इस सब्जी वाले ने मोदी सरकार के अनेकों कार्यों को गिना दिया। जिसमें घर बनवाने से लेकर, गैस सिलिंडर देने का जिक्र हुआ। इतने पर जब वीडियो बनाने वाले ने पूछा कि क्या उन्हें इतना सब के लिए किसी तरह की घूस देनी पड़ी तो सब्जी विक्रेता ने नकारते हुए कहा कि ये सारा काम बिना एक रुपया दिए हुआ है।

प्रियंका ने लिया यू-टर्न, पर राहुल ने फिर कहा, ‘हाँ, हैं हम वोट-कटवा’

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपनी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा के ‘वोट-कटवा’ पर यू-टर्न का खंडन करते हुए दोहराया कि भाजपा को हराने के लिए उनकी पार्टी वोट-कटवा की भूमिका निबाहने के लिए भी प्रस्तुत है। एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में राहुल गाँधी ने प्रियंका वाड्रा के पहले स्टैंड को दोहराते हुए देश को ‘आश्वस्त’ किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने लोगों को निर्वाचित कराने नहीं, महज भाजपा के वोट काटकर महागठबंधन को जिताने के लिए प्रत्याशी उतार रही है। इससे पहले प्रियंका ने भी ऐसे ही आशय का बयान दिया था, मगर बाद में उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि कॉन्ग्रेस अपनी जीत के लिए लड़ रही है।

‘हमारे कैंडिडेट सेक्युलर जीत सुनिश्चित करेंगे’

राहुल गाँधी ने एनडीटीवी के पत्रकार से बात करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य भाजपा को हराना है। भाजपा और पीएम मोदी सत्ता में वापिस नहीं आ रहे हैं। जहाँ यूपी में हमारा प्रत्याशी मजबूत है, हम अपनी जगह के लिए लड़ेंगे। जहाँ हमारे अपने प्रत्याशी मजबूत हैं, हम सुनिश्चित करेंगे कि भाजपा का प्रत्याशी हारे और एक सेक्युलर कैंडिडेट विजयी हो।”

इसके अलावा राहुल ने इसकी भी ‘गारंटी’ दी कि मोदी दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बनने वाले। पर यहाँ भी वह खुद के प्रधानमंत्री बनने का भी आश्वासन नहीं दे पाए। सब जनता की मर्जी पर छोड़ने की बात कहकर वह इस सवाल का जवाब देने से बचते दिखे।