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उमर एजाज ने महिलाओं के 13000 अश्लील वीडियो बनाए, 2 साल की बच्ची को भी नहीं छोड़ा: अमेरिका में भारतीय मूल का डॉक्टर गिरफ्तार

अमेरिका में पुलिस ने उमर एजाज नाम के भारतीय डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 40 साल के उमर एजाज महिलाओं का अचेत अवस्था में यौन शोषण करता था और हिडेन कैमरे लगाकर उनकी न्यूड तस्वीरें व वीडियोज भी लेता था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को उमर एजाज के पास से जाँच के दौरान एक ही हार्ड ड्राइव से 13000 से ज्यादा वीडियोज मिले हैं जबकि 15 बाहरी डिवाइस भी जब्त हुए हैं। पुलिस इनकी जाँच कर रही है। अभी तक यही पता चला है कि उमर ने 2 साल तक की बच्चियों के वीडियो रिकॉर्ड किए हुए थे।

बताया जा रहा है कि ये मामला उस समय प्रकाश में आया जब एजाज की बीवी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उमर एजाज द्वारा रिकॉर्डेड चिंताजनक सामग्री उपलब्ध कराई। इन्हें देखने के बाद ही पुलिस ने वारंट जारी कर उमर एजाज को गिरफ्तार किया। अब मामले में आगे की जाँच चल रही है। अमेरिका पुलिस शेरीफ माइक बुचार्ड का कहना है कि 40 वर्षीय उमर एजाज किन-किन अपराधों में शामिल है, इसका पता लगाने के लिए तो महीना लग जाएँगे, लेकिन पुलिस पड़ताल कर रही है।

गौरतलब है कि उमर एजाज साल 2011 में वर्किंग वीजा पर बेंगलुरु से अमेरिका आया था। उसके बाद उसने अमेरिका में कई जगह काम किया। एजाज ने एक स्विमिंग क्लब यू चेंजिंग रूम में उसने बच्चों और उनकी माँ के कई वीडियो रिकॉर्ड किए। इतना ही नहीं उसने एक अस्पताल के कमरे में मरीजों के साथ मारपीट भी की थी।अब वह एक फिजिशियन के तौर पर एक कंपनी के साथ पार्टनरशिप में काम कर रहा था और इलाज करने के नाम पर अलग-अलग अस्पतालों में जाता था।

‘महंत ने चाकू दिखाकर मुझे हिन्दू बना दिया’: जो हिना लगा रही थी ये आरोप उसके पति ने बताया- इस्लाम कबूल करवाया, मेरा जबरन खतना कराना चाहती थी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 11 जुलाई 2024 को हिना बी नाम की मुस्लिम लड़की ने विधि-विधान से घर वापसी करने के बाद पलटी मार दी है। हिना ने हिंदू धर्म में घर वापसी कराकर प्रेमी के साथ उसकी शादी कराने वाले पंडित पर उसने जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया है। उधर, लड़की के अब पति बन चुके प्रेमी ने आरोप लगाया है कि हिना और उसके घरवालों ने उसे जबरन मुस्लिम बना दिया है।

दरअसल, 09 जुलाई 2024 को हिना ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म में घर वापसी की थी और अपना नाम बदलकर प्रियंका गुप्ता रख लिया था। इस संबंध में उसने बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम के महंत पंडित केके शंखधर को अपना शपथ पत्र भी दिखाया था। इस शपथ पत्र के आधार पर पंडित शंखधर ने प्रियंका बनी हिना की शादी प्रेम शंकर गुप्ता नाम के उसके प्रेमी के साथ शादी कराई थी।

दोनों की शादी के लगभग डेढ़ महीने बाद हिना ने पंडित शंखधर पर जबरन घर वापसी कराने का आरोप लगाते हुए बरेली पुलिस को शिकायत दी है। इतना ही नहीं, हिनाने अपने पति प्रेम शंकर गुप्ता और अपने जेठ पर भी धोखे में रखकर शादी कराने का आरोप लगाया है। बता दें कि हिना मूलतः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की रहने वाली है। वहीं, प्रेम शंकर बरेली का निवासी है।

हिना बी द्वारा दिए गए शपथ पत्र का हिस्सा

हिना के आरोपों पर कई इस्लामी और वामपंथी सोशल मीडिया हैंडलों ने हवा दी। हालाँकि, अब इस घटना में नया मोड़ आ गया है। प्रेम शंकर गुप्ता ने अपनी पत्नी हिना बी पर खुद को हिन्दू से मुस्लिम बनाने का आरोप लगाया है। प्रेम शंकर की तरफ से भी बरेली पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया है। इस बावत प्रेम शंकर ने पुलिस को सबूत भी मुहैया कराए हैं।

अगत्स्य मुनि आश्रम में हुआ था विवाह

ऑपइंडिया ने इस पूरे मामले की पड़ताल की है। दरअसल, पीलीभीत की रहने वाली हिना बी ने 11 जुलाई 2024 को बरेली के रहने वाले प्रेम शंकर गुप्ता के साथ अगत्स्य मुनि आश्रम में शादी की थी। तब हिना ने स्टाम्प पेपर पर बना शपथ पत्र देकर बताया था कि उन पर कोई दबाव नहीं है। साथ ही हिना ने खुद को बालिग बताया था और बाकायदा विधि-विधान से हवन-पूजन भी किया था।

पंडित केके शंखधर ने इस पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई थी। इन तमाम वीडियो फुटेज में हिना बी ने खुशहाल और अपने पति प्रेम शंकर गुप्ता को मिठाई आदि खिलाते देखाई दे रही है। उस कार्यक्रम में UP पुलिस का एक जवान भी मौजूद था, जो पंडित शंखधर की सुरक्षा में तैनात है। ऑपइंडिया के पास इस शादी से संबंधित फोटो एवं वीडियो की कॉपी उपलब्ध है।

शादी के डेढ़ माह बाद पलटी हिना, इस्लामी-वामपंथी हैंडलों ने बनाया माहौल

डेढ़ माह पहले खुद को ख़ुशी-ख़ुशी प्रियंका बताने वाली हिना बी 15 अगस्त के बाद अचानक ही अपनी तमाम बातों और यहाँ तक कि दिए गए शपथ पत्र से पलट गईं। हिना ने बरेली पुलिस में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि प्रेम शंकर गुप्ता और उनके भाई ने खुद को मुस्लिम बताकर अपने जाल में फँसाया था। इसके बाद उसने पंडित केके शंखधर को भी निशाने पर लिया।

शिकायत में हिना का आरोप है कि पंडित केके शंखधर ने उसकी गर्दन पर चाकू रखकर जबरन घर वापसी करवाई थी। हिना की शिकायत का संज्ञान लेकर बरेली पुलिस ने गहराई से जाँच शुरू कर दी है। पुलिस की कोई भी रिपोर्ट आने से पहले ही त्यागी उपनाम लगाने वाले ज़ाकिर अली और वसीम अकरम जैसे हैंडलों ने पंडित केके शंखधर और प्रेम शंकर गुप्ता को दोषी ठहरा दिया।

प्रेम शंकर का जबरन निकाह और जबरन खतना

हिना बी की शिकायत पर अभी पुलिस जाँच कर ही रही थी कि पति प्रेम शंकर गुप्ता ने बरेली के एसएसपी को तहरीर दे दी। तहरीर में उसने कहा है कि शादी के सप्ताह भर बाद हिना ने अपने अब्बा के जहर खा लेने की झूठी कहानी गढ़कर उसे अपने साथ घर ले गई। वहाँ हिना के परिजनों ने बदनामी की बात कहकर प्रेम शंकर को इमोशनल किया।

हिना ने प्रेम शंकर पर इस्लामी तौर तरीकों से फिर से निकाह करने का दबाव बनाया। प्रेम शंकर ने इनकार किया तो 18 जुलाई को उसकी कनपटी पर तमंचा सटाकर हत्या की धमकी दी गई और आखिरकार उसे डराकर शाहजी की मजार पर ले जाया गया। वहाँ पर हिना के साथ उसका जबरन निकाह करवाया गया।

प्रेम शंकर ने बताया कि वहाँ पर पहले से कागजात तैयार करके रखे गए थे। उस पर उसके हस्ताक्षर ले लिया गया उस कागजात पर उसका नाम निहाल खान और धर्म मुस्लिम बताया गया था। इसके बाद वह हिना को लेकर अपने घर आया। हिना ने प्रेम शंकर के घर में इतना क्लेश किया कि उसे अपना परिवार छोड़ना पड़ा।

खतना कराने की कोशिश और आत्महत्या का ख्याल

इसी बीच हिना ने एक मौलवी बुलवाया और अपने पति का जबरन खतना करवाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, प्रेम शंकर के आधार कार्ड बदलवाने की तैयारी कर ली गई थी। खुद को चारों तरफ से घिरता देखकर आखिरकार 12 अगस्त 2024 को प्रेम शंकर गुप्ता जैसे-तैसे करके हिना के घर से भागने में कामयाब रहा। इस दौरान वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया।

भागने के दौरान प्रेम शंकर ने अपने और हिना को एक ऑडियो संदेश भेजा और आत्महत्या कर लेने की बात कही। प्रेम शंकर के परिजन इससे परेशान हो गए और उन्होंने थाना सितारगंज में इसकी शिकायत दे दी। सितारगंज पुलिस हिना के घर पहुँची और प्रेम शंकर के बारे में पूछताछ की। हालाँकि वहाँ से भाग कर तब तक प्रेम शंकर अपने घर बरेली पहुँच चुके थे।

एक्सीडेंट में हत्या की तैयारी का आरोप

अपनी शिकायत में प्रेम शंकर ने आशंका जताई है कि हिना के घर वाले उसे किसी वाहन से कुचल कर हत्या करने की साजिश रच रहे हैं। प्रेम शंकर ने बताया कि यह सब किसी मुस्लिम नेता के इशारे पर किया जा रहा है। पीड़ित ने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है। इसके साथ ही धर्मान्तरण की कोशिश कराने में लगे मौलवियों पर भी कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

प्रेम शंकर ने एसएसपी को जो शिकायत पत्र दिया है, उसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। हिना के बाद अब उसके पति प्रेम शंकर द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बरेली पुलिस इस मामले की भी गहनता से जाँच कर रही है। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों की सत्यता की जाँच कर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

ईश्वर पर पूरा विश्वास और कानून का पूरा सम्मान

ऑपइंडिया ने हिना की शिकायत में आरोपित किए गए अगत्स्य मुनि आश्रम के महंत केके शंखधर से भी बात की। उन्होंने कहा कि बरेली के कुछ कट्टरपंथी हिना को बरगला कर अपना उल्लू सीधा करने और सामाजिक माहौल खराब करने की फ़िराक में हैं। महंत का दावा है कि उनके पास ऐसे तमाम सबूत हैं, जिससे साबित हो जाएगा कि हिना की शिकायत में लगाए गए आरोप झूठे और निराधार हैं।

पंडित शंखधर ने बताया कि उन्होंने वो तमाम वीडियो फुटेज पुलिस को भेज दिए हैं, जिसमें शादी के दौरान हिना बेहद खुश थी। इसी से उसके गले पर चाकू रखने जैसे आरोप निराधार साबित हो रहे हैं। महंत शंखधर ने ऑपइंडिया को भी हिना की शादी के कई फुटेज भेजे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे कार्यक्रम के दौरान उन्हें सुरक्षाकर्मी के तौर पर मिला पुलिस का सरकारी गनर मौके पर मौजूद रहा।

पंडित शंखधर ने पूछा कि क्या पुलिसकर्मी के आगे ही वो किसी की गर्दन पर चाकू रख कर धमकी दे सकते हैं और वह लड़की फोटो एवं वीडियो में खुश नजर आ सकती है? महंत ने खुद को ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखने वाला और कानून का सम्मान करने वाला व्यक्तित्व बताया। हालाँकि, वो अपने खिलाफ झूठी अफवाह उड़ाने वालों के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

टूटेगी झामुमो, झारखंड के पूर्व CM चंपई सोरेन ने किया नई पार्टी बनाने का ऐलान: बोले – नहीं लूँगा संन्यास, अच्छा दोस्त मिले तो साथ बढ़ेंगे आगे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री खुलकर मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि वो नई राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं, साथ ही किसी सहयोगी का भी साथ लेंगे। चंपई सोरेन ने बुधवार (21 अगस्त 2024) को हाता क्षेत्र में समर्थकों से मुलाकात के बाद अलग संगठन खड़ा करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने ने कहा है कि सात दिन के भीतर पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

चंपई सोरेन ने कहा कि मैंने तीन विकल्प बताए थे, रिटायरमेंट, संगठन या दोस्त। मैं रिटायर नहीं होऊँगा। मैं पार्टी को मजबूत करूँगा, नई पार्टी बनाऊँगा। पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने कहा, “अगर रास्ते में कोई अच्छा दोस्त मिलता है, तो उसके साथ आगे बढ़ूँगा।”

इस दौरान, चुनाव नजदीक होने और नई पार्टी को खड़ा करने के लिए समय कम होने के सवाल पर चंपई सोरेन थोड़ा भड़क उठे। उन्होंने रिपोर्टर से कहा कि उससे आपको क्या परेशानी है? इस बात को उन्होंने दो बार रिपीट भी किया है और कहा कि जब हमारे एक दिन कहने पर यहाँ पर 30-40 हजार कार्यकर्ता आ गए तो आपको क्या परेशानी है?

बता दें कि चंपाई सोरेन अलग-अलग जगहों पर जाकर समर्थकों से मिल रहे हैं। चुनाव नजदीक होने और नई पार्टी को खड़ा करने के लिए समय कम होने के सवाल पर चंपई सोरेन ने कहा कि अगर लोग उनके लिए यहाँ पहुँचे हैं, तो संगठन भी खड़ा हो जाएगा। चंपई सोरेन ने कहा, “मंगलवार से रोड पर हजार-हजार कार्यकर्ता हैं और आज भी 30-40 हजार कार्यकर्ता हैं। ऐसे में नया बनाने में हमको क्या तकलीफ है? इसलिए हम नया भी बना सकते हैं और अच्छा दोस्त मिला तो उसके साथ आगे भी बढ़ सकते हैं।”

चंपई सोरेन से जब यह पूछा गया कि नई पार्टी के बारे में सबकुछ कब तक साफ हो जाएगा? मीडिया के इस सवाल पर चंपई सोरेन ने कहा 15 दिन में। चंपई की इस घोषणा से भाजपा में शामिल होने के कयासों पर अब विराम लग गया है। हालाँकि उन्होंने अभी तक नहीं बताया है कि उनकी पार्टी का क्या नाम होगा।

बता दें कि चंपई सोरेन ने अलग झारखंड राज्य आंदोलन में लंबी लड़ाई लड़ी थी। झारखंड मुक्ति मोर्चा में कई बार विभाजन के बाद भी वो शिबू सोरेन के साथ डटे रहे थे। पहली बार साल 1991 में वो विधायक बने थे। साल 1991 में उन्होंने निर्दलीय जीत दर्ज की थी बाद में वो जेएमएम में शामिल हो गए। साल 2000 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन 2005 के बाद से वो लगातार जीतते रहे हैं।

गौरतलब है कि चंपई सोरेन ने दो फरवरी को झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था, उनके पूर्ववर्ती हेमंत सोरेन ने धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए जाने से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया था।

हेमंत सोरेन को 28 जून को हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया था। तीन जुलाई को हेमंत सोरेन झामुमो विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद चंपई सोरेन ने राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया, जिससे हेमंत सोरेन के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। हालाँकि इसके बाद चंपई सोरेन ने खुद के साथ गलत व्यवहार का आरोप लगाते हुए जेएमएम छोड़ने की घोषणा कर दी थी।

जानते हैं ‘स्त्री 2’ का ‘सरकटा’ कौन है? जम्मू कश्मीर के 7.6 फुट लंबे कॉन्स्टेबल ने निभाया ऐसा रोल, देख कर सिनेमा हॉल में सिहर उठे लोग

बॉक्स ऑफिस पर ‘स्त्री 2’ फिल्म सफलता के झंडे गाड़ रही है। इस फिल्म में श्रद्धा कपूर, राजकुमार राव, अपारशक्ति खुराना, पंकज त्रिपाठी जैसे एक्टर दमदार भूमिका हैं। स्त्री-2 फिल्म स्त्री सीरीज की दूसरी फिल्म है, और मैडोक सुपरनेचुरल यूनिवर्स की पाँचवीं फिल्म। इस फिल्म के पहले हिस्से में जहाँ स्त्री का आतंक दिखाया गया था, तो दूसरे हिस्से में ‘सिरकटे का आतंक’ छाया है। ये फिल्म लोगों में डर के साथ गुदगुदी भी पैदा कर रही है।

ये फिल्म देखने के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि फिल्म के केंद्र में जो भारी-भरकम कैरेक्टर सिरकटा दिखता है, उसका किरदार आखिर निभाया किसने है? क्यों ये कैरेक्टर न केवल डरावना है, बल्कि बेहद भीमकाय भी है। ऐसे में लोगों के मन में जो सवाल उठ रहा है, उसका जवाब जानना भी जरूरी है। लीजिए, जान लीजिए कि आखिर ‘सिरकटा’ किरदार निभाने वाला एक्टर है कौन?

स्त्री 2 में अपने भीमकाय शरीर से लोगों में सिहरन पैदा करने वाले एक्टर का नाम है सुनील कुमार, जो द ग्रेट खली से भी लंबे हैं। जी हाँ, सुनील कुमार की लंबाई पूरे 7 फुट 6 इंच है। वो जम्मू-कश्मीर पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल काम करते हैं। सुनील कुमार WWE भी जा चुके हैं और स्पोर्ट्स कोटे से जम्मू-कश्मीर पुलिस में नौकरी कर रहे हैं। दरअसल, सुनील कुमार का चेहरा इस फिल्म में इस्तेमाल ही नहीं किया गया, जिसकी वजह से इनके चेहरे को वो चर्चा नहीं मिली, जो इनके भीमकाय शरीर की वजह से इन्हें मिल रही है।

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनील कुमार जम्मू से आते हैं। अपनी लंबाई की वजह से सुनील ‘द ग्रेट खली ऑफ जम्मू’ के नाम से भी जाने जाते हैं। सुनील कुमार को वॉलीबॉल और हैंडबॉल के खिलाड़ी हैं, जिसके दम पर उन्हें स्पोर्ट्स कोटा के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस में नौकरी मिली है। वो साल 2019 में सुनील WWE ट्राईआउट का हिस्सा रह चुके हैं।

फिल्म के डायरेक्टर अमर कौशिक ने बताया कि कास्टिंग टीम ने सुनील को खोजा था। उन्होंने कहा कि हमें उन्हीं की हाइट जैसा कोई शख्स चाहिए था। कौशिक ने कहा कि हमने उनके बॉडी शॉट्स इस्तेमाल किए हैं। वहीं, सरकटा के चेहरे को सीजीआई यानी ग्राफिक की मदद से बनाया गया है।

‘…तो ज़ाकिर नाइक पर करेंगे कार्रवाई’: मलेशिया के प्रधानमंत्री बोले – आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा देश

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भगोड़े प्रचारक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर अपना मत साफ किया है। उन्होंने इस मामले में कहा अगर इस मामले में सबूत मिलने पर आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा है कि अगर भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक से जुड़े मामले में पर्याप्त सबूत पेश किए जाते हैं तो देश ‘आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देगा’।

मंगलवार (20 अगस्त 2024) को 50वें सप्रू हाउस व्याख्यान को संबोधित करते हुए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के मामले में कहा, “प्रधानमंत्री ने इस मामले को पहले उठाया था। अब मुद्दा यह है कि मैं किसी एक व्यक्ति के बारे में बात नहीं कर रहा हूँ, मैं उग्रवाद की भावना, ऐसे सबूतों के बारे में बात कर रहा हूं जो बताते हैं कि किसी व्यक्ति, समूह या गुट या पार्टियों की तरफ से अत्याचार किए गए हैं। ये हमारे लिए चिंता का विषय हैं।” अनवर इब्राहिम ने कहा कि किसी एक मामले की वजह से भारत-मलेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत होने से नही रोका जा सकेगा।

गौरतलब है कि जुलाई 2016 में बांग्लादेश के ढाका में बम धमाके के बाद जाकिर नाइक भारत से भाग गया था। इस धमाके में 29 लोगों की मौत हुई थी। हमले में शामिल आतंकियों ने कहा था कि वो नाइक के भाषणों से प्रभावित थे। भारत में भगोड़ा घोषित होने के बाद से उसने मलेशिया में शरण ली हुई है। भारत सरकार मलेशिया की सरकार से उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार बातचीत कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई परिणाम नहीं आया है। 

जाकिर नाइक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, धर्मांतरण से जुड़ाव, समाज में नफरत फैलाने, हेट स्पीच सहित कई गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2019 में जाकिर को हिंदुओं और चीनी मलेशियाई लोगों के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणी करने के बाद मलेशिया में भाषण देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस सिलसिले में उनसे घंटों पूछताछ भी की गई थी।

पिछले साल ऑपइंडिया ने अपने एक रिपोर्ट में बताया कि कैसे उसने पहले इंग्लैंड के मिडलैंड्स क्षेत्र में लीसेस्टर में हिंसा भड़काने वालों के साथ हाथ मिलाया था। फीफा वर्ल्ड कप 2022 के दौरान कतर ने जाकिर नाइक को निमंत्रण भेजा था। भारत द्वारा इस पर कड़ी आपत्ति जताने के बाद कतर ने सफाई दी थी। कतर ने कहा था कि जाकिर नाइक को दोहा में आयोजित फीफा विश्व कप के कार्यक्रम में आधिकारिक निमंत्रण नहीं दिया गया था।

चलती ऑटो में प्राइवेट पार्ट निकालकर दिखा रहा था ड्राइवर बदरूजमाँ फारूक: गंदी नियत भाँपकर गाड़ी से कूदी PhD की छात्रा, यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आरोपित को दबोचा

असम के सिलचर जिले में ऑटो रिक्शा में बैठकर यूनिवर्सिटी से घर लौट रही एक लड़की को ऑटो ड्राइवर बदरूजमाँ फारूक ने अपना प्राइवेट पार्ट दिखाया। आरोपित की हरकतों से डरकर पीड़िता चलती ऑटो से कूद गई। घटना सोमवार (19 अगस्त 2024) की है। पीड़िता ने इस मामले में पुलिस में दर्ज करवाई गई है। आरोपित ऑटो ड्राइवर को कॉलेज के छात्रों ने खोजकर पुलिस के हवाले कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना रक्षाबंधन के दिन की है। असम यूनिवर्सिटी में PhD की छात्रा ने क्लास खत्म होने के बाद अपने घर इरोनगमारा जाने के लिए निकली। यूनिवर्सिटी के गेट बाहर खड़े एक ऑटो में वह बैठ गई। इस ऑटो को बदरूजमाँ फारूक चला रहा था। ऑटो ड्राइवर बदरूजमाँ ने पीछे की सीट खाली होने के बाद छात्रा को अपने ठीक पीछे बैठने को कहा।

उसकी नियत से अनजान छात्रा वहाँ बैठ गई। जब ऑटो चलने लगी तो रास्ते में बदरूजमाँ ने छात्रा को कई बार गलत तरीके से छूने की कोशिश की। कुछ देर बाद आरोपित ने अपनी पैंट की चेन खोल ली और अपना प्राइवेट पार्ट निकालकर छात्रा को दिखाने लगा। ऑटो ड्राइवर की इस हरकत से छात्रा डर गई और खुद को बचाने के लिए वह चलती हुई ऑटो से बाहर कूद गई।

हालाँकि, ऑटो की रफ्तार कम थी। इसलिए छात्रा को कोई गंभीर चोट नहीं आई। ऑटो से कूदने के बाद पीड़िता सीधे अपने कॉलेज पहुँची और इसके बारे में उन्हें बताया। इसके साथ उसके साथी छात्र-छात्राओं ने इस मामले की जानकरी कॉलेज प्रशासन को दी। इस घटना की जानकारी कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं को मिली तो वे भड़क गए। उन्होंने एक ग्रुप बनाकर ऑटो ड्राइवर को खोजना शुरू कर दिया।

मंगलवार (20 अगस्त 2024) को छात्रों ने ड्राइवर बदरुजमाँ फारूक को खोज निकाला और उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपित काचर इलाके के बक़िमनगर का रहने वाला है। इस घटना के बाद से कॉलेज के छात्र-छात्राओं में गुस्सा है। उन्होंने पुलिस से छात्राओं की सुरक्षा पुख्ता करने की माँग की है। पुलिस ने आरोपित ड्राइवर को गिरफ्तार करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुस्लिम सहपाठी ने चाकू घोंप कर मार डाला, लेकिन हत्या को ‘जख्म’ बता रहा ‘The Wire’: न्याय माँग रहे हिन्दू संगठनों पर ही मढ़ा दोष, चलाया DM का पुराना बयान

राजस्थान के उदयपुर में एक मुस्लिम छात्र ने अपने हिन्दू सहपाठी को चाकू मार दिया, 4 दिन तक अस्पताल में जूझने के बाद उसकी मौत हो गई। लेकिन, प्रपंची मीडिया संस्थान ‘The Wire’ इसे ‘जख्म’ कह कर प्रचारित कर रहा है, हत्या वाली बात छिपा रहा है। उदयपुर में उक्त छात्र का कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कराया गया। हजारों लोग इसमें शामिल हुए। लेकिन, ‘The Wire’ के लिए ये घटना सिर्फ ‘Injury’ वाली है। इतना ही नहीं, वो हमलावर छात्र के परिवार का ‘दुःख-दर्द’ भी दिखा रहा है।

बता दें कि प्रशासन ने पाया था कि उस घर का एक हिस्सा वन विभाग की जमीन को कब्ज़ा कर बनाया गया है, जिसके बाद बुलडोजर से उसे ध्वस्त कर दिया गया। ‘The Wire’ की खबर की हेडिंग देखिए – ‘क्या ये न्याय है? किराएदार के नाबालिग बेटे ने सहपाठी को घायल कर दिया तो ऑटो ड्राइवर के घर पर बुलडोजर चला दिया गया’। सोचिए, हत्या को ‘घायल कर दिया’ लिख कर चलाया जा रहा है। उसका कहना है कि इस घटना को हिन्दू संगठन ‘सांप्रदायिक रंग’ दे रहे हैं।

उसका कहना है कि कक्षा 10 के 2 छात्रों के बीच झगड़ा हिन्दू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद ‘सांप्रदायिक’ बन गया। सबसे बड़ी बात, ‘The Wire’ ने डीएम का 16 अगस्त का बयान 19 अगस्त शेयर कर के कहा कि दावा किया कि छात्र की स्थिति स्थिर है और ये बच्चों का झगड़ा था। इसके कुछ ही घंटे बाद बच्चे की मौत हो गई, लेकिन रिपोर्ट को अपडेट नहीं किया गया। साथ ही बुलडोजर एक्शन के लिए भी इसने हिन्दू संगठनों को ही जिम्मेदार ठहराया।

इसका लॉजिक ये है कि कार्रवाई के लिए हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया, इसीलिए बुलडोजर चला। बता दें कि सूरजपोल पुलिस थाना अंतर्गत स्कूल में साढ़े 10 बजे लंच टाइम के समय मुस्लिम छात्र ने कई बार चाकू से अपने हिन्दू सहपाठी को चाकू मारा। कई क्षेत्रों में इस कारण दुकानें बंद रहीं। 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़। इस घटना के बाद स्कूलों में चाकू व अन्य नुकीली चीजों को लेकर बैन लगाया गया। साथ ही बच्चों के थैले की तलाशी लेने का आदेश शिक्षा विभाग ने जारी किया।

‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ के डायरेक्टर गायब, कंगना रनौत ने ने ममता बनर्जी से माँगी मदद, आखिरी पोस्ट हुई वायरल, लिखा था – ‘बहुत दबाव में हूँ’

बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा 14 अगस्त से लापता हैं। उनकी फिल्म ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ रिलीज होने वाली है। उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने बुलाया था, जहाँ वो 14 अगस्त को गए थे। उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। उनके दोनों फोन भी बंद आ रहे हैं। डायरेक्टर की पत्नी ने किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर लखनऊ के गोमती नगर पुलिस थाने F.I.R दर्ज कराई है। सनोज मिश्रा की पत्नी मदद के कई लिए कई लोगों से गुहार लगा चुकी हैं। इस मामले में उन्होंने कंगना रनौत से भी मदद की अपील की, जिसके बाद कंगना रनौत ने ममता बनर्जी से मदद माँगी है।

कंगना रनौत ने सनोज मिश्रा की फोटो शेयर करते हुए बताया कि बंगाल सरकार ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ के ट्रेलर रिलीज के बाद सनोज के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन्होंने आगे बताया कि 14 अगस्त को इस मामले की सुनवाई के लिए सनोज कोलकाता गए थे, जिसके बाद से वे लापता हैं।

सनोज की पत्नी ने कंगना से मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद कंगना ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और सनोज मिश्रा को सुरक्षित खोजा जाए। बताया जा रहा है कि कंगना रनौत ने इस मामले में गृह मंत्रालय से भी बात की है।

कंगना रनौत की इंस्टाग्राम स्टोरी

‘राम की जन्मभूमि’ और ‘गांधीगिरी’ जैसी फिल्मों के निर्देशन से इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले डायरेक्टर के गायब होने के बाद अब उनका आखिर इंस्टाग्राम पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने अपने साथ कुछ गलत होने के डर जाहिर किया था। आखिरी पोस्ट में एक वीडियो के साथ नोट भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने लिखा, “मित्रों आप सबसे क्षमा प्रार्थी हूं , आज मेरा जन्मदिन था इस अवसर पर पर अपनी ३० अगस्त को रिलीज होने वाली फिल्म के लिए आशीर्वाद लेने अपनी टीम के साथ चित्रकूट आया था जगत गुरु स्वामी राम भद्राचार्य जी ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया और जब उनको पता चला कि आज मेरा जन्मदिन हैं उन्होंने सभा के बाद विशेष पूजा अपने कक्ष में रखी।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं इस फिल्म को लेकर सरकार के दबाव और दमनकारी नीति का शिकार होकर टूट चुका हूँ, मैने आपसे कभी भी नकारात्मक बाते नहीं की होंगी लेकिन मैं बहुत प्रोब्लम में हूँ, मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता … मैं आपके बधाई संदेशों के जवाब नहीं दे पाया यही कारण है की मैं हर तरफ से दबाव में हूँ।”

जानकारी के मुताबिक, फिल्म ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ बनाने के बाद डायरेक्टर सनोज मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गईं। ‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद विवाद शुरू हुआ था। पश्चिम बंगाल में हिंसा को दर्शाने वाली इस फिल्म की खूब आलोचना हुई थी। जिसकी वजह से पिछले डेढ़ साल से उन्हें लगातार धमकियाँ मिलने लगी थी। इस बीच जब डायरेक्टर अपनी इस फिल्म के प्रमोशन और रीलीजिंग की तैयारियों में देशभर में घूम रहे थे और इस प्रोजेक्ट में काफी व्यस्त थे। तब उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से इसी केस के सिलसिले में मिलने के लिए कोलकाता बुलाया गया। जिसके बाद 14 अगस्त को सनोज मिश्रा पुलिस से मिलने के लिए कोलकाता गए थे और फिर गायब हो गए।

OBC समाज की नाबालिग लड़की पर इस्लाम अपनाने का दबाव डाल रहा था फिरोज, खेतों में गई तो पकड़ कर रेप की कोशिश: कौशांबी पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में 19 अगस्त को फिरोज खान नाम के एक शख्स ने इस्लाम कबूल नहीं करने पर OBC समाज की एक नाबालिग हिन्दू लड़की से रेप किया। पीड़िता के परिजन जब इसकी शिकायत लेकर आरोपित के घर गए तो उसके अम्मी और अब्बा ने उन्हें गंदी-गंदी गालियाँ दीं और हत्या की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज करके आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना कौशाम्बी के थाना क्षेत्र मंझनपुर की है। ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि सोमवार की सुबह 6 बजे उनकी 16 वर्षीया बेटी शौच के लिए खेतों में गई थी। गाँव का रहने वाला फ़िरोज़ वहाँ घात लगाकर बैठा था। उसने पीड़िता को दबोच लिया और रेप करने का प्रयास किया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपित ने उसे धमकी दी।

फिरोज ने नाबालिग पीड़िता के गुप्तांग में उंगली डाल दी। इसके बाद पीड़िता चिल्लाई तो आसपास के लोग वहाँ जुटने लगे। लोगों को आता देखकर फ़िरोज़ वहाँ से भाग निकला। पीड़िता रोते हुए अपने घर पहुँची और परिजनों को सारी बात बताई। शिकायत में आगे कहा गया है कि फ़िरोज़ लम्बे समय से पीड़िता को प्रताड़ित कर रहा था। वह पीड़िता पर इस्लाम कबूल करके मुस्लिम बन जाने का दबाव बनाता रहा है।

पीड़िता के पिता ने आगे बताया कि उन्होंने फ़िरोज़ की करतूतों की शिकायत पहले भी उसके घर पर की है। हालाँकि, इस उलाहना का फ़िरोज़ पर कोई असर नहीं पड़ा। उलटे फ़िरोज़ की अम्मी नाज़मा बेगम और उसके अब्बा मोहम्मद रज़ा ने पीड़ितों से कहा, “साले भाग जाओ नहीं तो जान से मार देंगे।” पीड़िता के पिता ने तहरीर के अंत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस ने इस शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65 (1), 352 और 351 (2) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट एवं उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने सोमवार (19 अक्टूबर 2024) को फ़िरोज़ को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इस मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

SFI से जुड़े वामपंथी संगठन पर TISS ने लगाया बैन, कहा – ये पैदा कर रहा विभाजन: राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के कारण निकाला गया था छात्र

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) मुंबई ने 19 अगस्त को छात्र संगठन प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फोरम (PSF) पर बैन लगा दिया। यह संगठन वामपंथी विचारधारा वाले स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़ा हुआ है। PSF पर बैन लगाने के लिए जारी किए गए अपने नोटिस में TISS ने कहा कि यह छात्रों को गुमराह कर रहा है और संस्थान को बदनाम कर रहा है। इससे पहले, अप्रैल में TISS ने पीएचडी छात्र और PSF सदस्य रामदास प्रीति शिवनंदन को बार-बार गलत आचरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए बैन कर दिया था।

प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फोरम पर बैन लगाने वाले नोटिस पर रजिस्ट्रार प्रोफेसर अनिल सुतार ने हस्ताक्षर किए हैं। TISS ने PSF को अपने परिसर में एक “अनधिकृत और अवैध मंच” कहते हुए उस पर छात्रों को गुमराह करने, संस्थान के कामकाज में बाधा डालने, छात्रों और शिक्षकों के बीच विभाजन पैदा करने और संस्थान को बदनाम करने का आरोप लगाया।

नोटिस में लिखा है, “यह समूह ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है, जो संस्थान के कामों में बाधा डालती हैं, संस्थान को बदनाम करती हैं, हमारे समुदाय के सदस्यों को नीचा दिखाती हैं और छात्रों और शिक्षकों के बीच विभाजन पैदा करती हैं। यह देखा गया है कि यह समूह छात्रों को उनकी शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर में सामंजस्यपूर्ण जीवन से गुमराह, विचलित और गुमराह कर रहा है।”

टीआईएसएस द्वारा जारी नोटिस

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने PSF सदस्यों को परिसर में किसी भी कार्यक्रम का आयोजन करने या उसमें भाग लेने पर बैन लगा दिया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर वो ऐसा करते हैं, तो संस्थान इसमें तुरंत हस्तक्षेप करेगा और फिर उसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। TISS ने छात्रों से PSF सदस्यों के साथ किसी भी तरह के संपर्क की सूचना कैंपस सिक्योरिटी को देने के लिए कहा है, जो इस मामले को गोपनीयता के साथ संभालेगी।

TISS ने कहा है कि संस्थान सुरक्षित और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। TISS ने कहा, “कोई भी छात्र या संकाय सदस्य समूह की बाँटने वाली विचारधाराओं का समर्थन, सहयोग या प्रचार करते हुए पाया गया तो संस्थान की नीतियों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

देश विरोधी गतिविधियों के लिए PSF सदस्य हुआ था बैन

टीआईएसएस में पीएचडी कैंडिडेट रामदास प्रीनी शिवनंदन को 18 अप्रैल को “बार-बार गलत आचरण और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों” के लिए दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। ये निलंबन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक विरोध मार्च में उनकी भागीदारी के बाद किया गया, जिसे संस्थान ने अनुशासन का उल्लंघन माना। रामदास पर टीआईएसएस परिसरों में जाने से भी बैन लगा दिया गया।

रामदास के खिलाफ विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग और बिना अनमुति के लिए कार्यक्रमों के आयोजन जैसे कार्यों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्य रामदास पर संस्थान के संसाधनों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करने का आरोप है, जिसके बारे में प्रशासन का दावा है कि इससे संस्थान की प्रतिष्ठा धूमिल होती है।

पीएसएफ का विवादास्पद इतिहास

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, PSF के सदस्यों ने बैन के समय पर आशर्य जताया, क्योंकि वो टीआईएसएस चांसलर को हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपने वाले थे। वो बैन के खिलाफ अपील करने के लिए प्लानिंग कर ही रहे थे कि उन पर बैन लगाने की घोषणा कर दी गई। बता दें कि पीएसएफ कई बार विवादों में पहले भी रहा है। जनवरी 2023 में पीएसएफ ने भारत सरकार द्वारा डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाए जाने के बावजूद TISS परिसर में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री “भारत: मोदी प्रश्न” की स्क्रीनिंग की थी।

मार्च 2023 में PSF ने निदेशक के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और दावा किया कि प्रशासन ने उन्हें हर्ष मंदर और JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष द्वारा भगत सिंह मेमोरियल लेक्चर (BSML) आयोजित करने की अनुमति नहीं दी। नवंबर 2023 में पीएसएफ ने TISS एंट्रेस प्रोसेस में लाए गए बदलावों का विरोध किया, जहाँ TISS ने अपना एंट्रेस टेस्ट बंद कर दिया और कहा कि यहाँ एडमिशन CUET के आधार पर होंगे।

ऑपइंडिया ने सोशल मीडिया पर PSF के इतिहास को खंगाला और पाया कि संगठन ने लगातार “फिलिस्तीनी मुद्दे” का समर्थन किया है और इजरायल विरोधी सामग्री पोस्ट की। एक पोस्ट में उन्होंने बेहद आपत्तिजनक और विवादास्पद नारे का इस्तेमाल किया “नदी से समुद्र तक, फिलिस्तीन आज़ाद होगा” जो नक्शे से इजरायल को मिटाने की बात करता है। यह पोस्ट हमास द्वारा इजरायल पर किए गए क्रूर आतंकवादी हमले के ठीक पाँच दिन बाद आया था जिसमें 1,300 इजरायली और विदेशी मारे गए थे।

एक अन्य पोस्ट में पीएसएफ ने न्यूज़क्लिक के प्रबीर पुरकायस्थ के साथ एकजुटता जताई, जिस पर भारत विरोधी गतिविधियों के लिए चीन से कथित रूप से धन लेने के आरोप में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक और संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती को 3 अक्टूबर 2023 को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने उसी दिन न्यूज़क्लिक के दफ़्तर पर छापा मारा और उसे सील कर दिया, जिसमें भारत की आलोचना करने वाले नैरेटिव फैलाने के लिए चीन से विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले शामिल थे।

फोटो साभार: Insta/PSF

अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर छात्रों और कर्मचारियों के लिए आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) पर टीआईएसएस प्रशासन द्वारा जारी परिपत्र के खिलाफ छह छात्र संगठनों द्वारा जारी किए गए बयान में पीएसएफ भी शामिल था। पीएसएफ एक दशक से अधिक समय से कैंपस में सक्रिय था। पीएसएफ के सदस्य स्टूडेंट यूनियन के उपाध्यक्ष सहित कई छात्र संघ पदों पर कार्य कर चुके हैं।

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