कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कई पब पर सीमा से अधिक समय तक चलने के कारण FIR दर्ज की गई है। इन पब में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के सह सवामित्व वाला वन8 कम्यून पब एंड रेस्टोरेंट भी है। इसके खिलाफ भी बेंगलुरु पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु के कब्बन पार्क पुलिस थाने में विराट कोहली के सह स्वामित्व वाले इस पब एंड रेस्टोरेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वन8 पब एंड रेस्टोरेंट बेंगलुरु के मल्लेस्वरम इलाके में रत्नम टॉवर नाम की एक इमारत में स्थित है। इस इलाके में स्थित सभी पब को रात 1 बजे तक ही चालू रखने की इजाजत है।
हालाँकि, पुलिस को 6 जुलाई की रात गश्त के दौरान इस पर शक हुआ। पुलिस ने जब अंदर जाकर देखा तो यह पब एंड रेस्टोरेंट रात 1 बजे के बाद खुला था और ग्राहकों के आर्डर ले रहा था। पुलिस ने इसे बंद करवा दिया और इसके खिलाफ कार्रवाई की। इस पब एंड रेस्टोरेंट के खिलाफ एक FIR दर्ज कर ली गई है। इलाके के तीन अन्य पब के विरुद्ध भी FIR दर्ज हुई है।
पुलिस ने बताया कि यह बार 1:30 बजे के बाद भी खुले हुए थे। इनके खिलाफ तेज आवाज में संगीत बजाने की शिकायत मिली थी, इसके बाद यह कार्रवाई की गई। विराट कोहली के ब्रांड वाला यह पब एंड रेस्टोरेंट दिसम्बर, 2023 में खोला गया था।
इस ब्रांड की अन्य शाखाएँ अन्य पब एंड रेस्टोरेंट दिल्ली, मुंबई, पुणे और कोलकाता में हैं। वन8 ब्रांड नाम से विराट कोहली रेस्टोरेंट के अलावा जूते, कपड़े समेत तमाम सामान भी बेचते हैं। उनके इस ब्रांड का पूर्व में प्यूमा कम्पनी से भी टाई अप था।
विराट कोहली वर्तमान में लंदन में हैं। वह यहाँ अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा से मिलने गए हुए हैं। इससे पहले वह T20 विश्वकप विजेता टीम के साथ बार्बाडोस से भारत वापस आए थे। वह भारत में अपने परिवार और प्रशंसकों से मिले थे और फिर लंदन चले गए थे।
बिग बॉस OTT में पिछले दिनों खूब हलचल रही। विशाल पांडे ने कृतिका मलिक को ‘भाभी सुंदर लगती हैं‘ कहा तो उनके पति अरमान मलिक इतना भड़क गए कि उन्होंने विशाल को झापड़ मार दिया। इसके बाद बिगबॉस में हर कंटेस्टेंट ने अलग-अलग इसकी चर्चा की। अनिल कपूर ने भी अरमान के हाथ उठाने की निंदा की। अब इतने ड्रामे के बाद एक नया ट्विस्ट शो में देखने को मिला जब कृतिका दोबारा जाकर विशाल के पास बैठीं और अरमान भड़क उठे।
दरअसल, ये नया विवाद तब हुआ जब बिग बॉस नॉमिनेशन अनाउंस कर रहे थे और सभी घरवाले लिविंग एरिया में एकत्रित हुए। इस दौरा कृतिका को वहाँ आने में लेट हो गई तो उन्हें सिर्फ विशाल के बगल में जगह मिली। ऐसे में अरमान ये देख नाराज हो गए और सबके सामने कृतिका को डाँटने लगे।
Armaan Malik Gets Angry on Kritika Bhabhi Because she sit with Luv Kataria and Vishal side ??
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अरमान जब कृतिका को विशाल के बगल में बैठा देखते हैं तो कहते हैं, “इधर आ जा, अभी भी आँखें नहीं खुलीं क्या अब।” इस पर कृतिका कहती हैं “आंखे खुल गई हैं।” इस पर अरमान फिर कहते हैं, “मुझे अभी भी लगता है आंखों पर पट्टी पड़ी हुई है। तेरे लिए ना एक चश्मा बनवाना पड़ेगा लेंस वाला।” कृतिका अपनी सफाई देते हुए कहती हैं कि वो वहाँ इसलिए बैठीं क्योंकि शिवानी के बगल में जगह थी और कुछ नहीं।
वहीं अरमान इतने पर भी शांत नहीं होते। वह कहते हैं,”तुम हमेशा ही ये कहती रहती हो कि कोई दिख गया तो मैंने ये कर दिया। मुझे पता नहीं था तो मैंने ये कर लिया।” कृतिका फिर सफाई देते हुए कहती हैं, “मैं आपके बगल में बैठना चाहती थी लेकिन जगह नहीं थी इसलिए मैं शिवानी के पास आकर बैठ गई।” इस पर अरमान कहते हैं- “मुझे ऐसा लगता है मैं तेरे साथ ही नहीं आया।”
बता दें कि कृतिका और अरमान के बीच हुई इस नोंक-झोंक की वीडियो वायरल होने के बाद लोग कह रहे हैं कि ये लोग कहकर आए थे कि ये अकेले आए हैं, लेकिन वीडियोज देखकर ऐसा बिलकुल नहीं लग रहा है। अरमान को कृतिका को कंट्रोल करते देखा जा सकता है। इसके अलावा लोग ये भी कह रहे हैं कि अब अरमान हर बात में कृतिका पर शक करेंगे क्योंकि इनसिक्योर इंसान की आदत यही होती है।
मध्य प्रदेश के खंडवा से एटीएस की गिरफ्त में आया इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी फैजान शेख बेहद खतरनाक निकला है। वो लंबे समय से आतंकवाद से जुड़े कामों को न सिर्फ अंजाम देने की कोशिश कर रहा था, बल्कि बम बनाने की तरकीब भी निकाल रहा था। वो बच्चों को कट्टरपंथ की तरफ ढकेल रहा था, तो मुठभेड़ में मारे गए सिमी के आतंकियों के परिवारों को आर्थिक मदद भी दे रहा था। यही नहीं, वो यासीन भटकल जैसे कुख्यात आतंकियों के घर भी जाता था, तो जेल में बंद आतंकी से भी मुलाकात करता था। आतंकी फैजान को एमपी एटीएस ने 4 जुलाई की सुबह खंडवा से गिरफ्तार किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैजान शेख की गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा एजेंसियों को लगातार बड़ी जानकारियाँ मिल रही हैं। एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि फैजान पाकिस्तानी आतंकियों के कॉन्टैक्ट में था और वो वीडियो के जरिए भी बम बनाने की ट्रेनिंग ले रहा था। इसके अलावा संदिग्ध आतंकी फैजान ने बताया था कि वह 2016 में भोपाल जेल ब्रेक में मारे गए 8 सिमी आतंकियों की मौत का बदला लेना चाहता था, और वो मारे गए आतंकियों के परिवारों को आर्थिक मदद भी देता था। यही नहीं, वो लोन वुल्फ अटैक के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार कर रहा था, इसके लिए वो बीते 2 साल में कम से कम 14 शहरों की रेकी कर चुका था। वो कर्नाटक के भटकल से लेकर कश्मीर, पठानकोट और दिल्ली तक में रेकी कर चुका है। वो जवानों की हत्या करना चाहता था, और टॉप अधिकारियों को भी निशाना बनाना चाहता था।
सूत्रों के अनुसार, फैजान शेख के फोन में वरिष्ठ सुरक्षा कर्मियों की तस्वीरें मिली हैं। गिरफ्तार आतंकी के मंसूबे बेहद खतरनाक थे। वह आसपास के बच्चों को भी उग्रवाद के लिए उकसा रहा था। एटीएस ने गिरफ्तार आतंकी के पास से चार फोन जब्त किए हैं। उन फोन को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। उसके चार जब्त किए गए फोन में आतंकियों के ट्रेनिंग से जुड़े वीडियो पाए गए हैं। फैजान आतंकी संगठन के लिए युवाओं का ब्रेन वॉश भी कर रहा था। वो कुछ बच्चों को कुरान की शिक्षा भी देता था, लेकिन उसके तरीके से स्थानीय लोग खुश नहीं थे। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि वो बच्चों का ब्रेनवॉश कर रहा था। उसके पास से इंडियन मुजाहिद्दीन, आईएसआई, सिमी और अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े साहित्य भी मिले हैं। यही नहीं, आतंकी संगठन सिमी के लिए भर्ती करने वाले मेंबरशिप फॉर्म भी उसके पास से मिले हैं। फैजान के पास से एक पिस्टल और 5 कारतूस भी मिले हैं।
सिमी से जुड़े आतंकी रकीब कुरैशी का भी खास था और उससे मिलने कोलकाता की जेल भी जा चुका था। दरअसल, वो कोलकाता की जेल में रकीब से जब मिला, तभी से वो सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर आ गया था, तभी से उस पर एमपी पुलिस नजर रख रही थी। एनआईए की टीम जब मई 2023 में खंडवा में आतंकी नेटवर्क की छानबीन करने पहुँची थी, तब भी फैजान से पूछताछ की गई थी।
बता दें कि 31 अक्टूबर, 2016 को जेल से भागने के बाद भोपाल के बाहरी इलाके में एनकाउंटर में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मारे गए 8 सिमी आतंकवादियों में से पाँच खंडवा के रहने वाले थे। फैजान इस एनकाउंटर का बदला लेना चाहता था। वह लोन वुल्फ अटैक करके खुद को इंडियन मुजाहिदीन के यासीन भटकल एवं सिमी सरगना अबू फैजल की तरह बड़ा मुजाहिद साबित करना चाहता था।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने हाल ही में एक युवक की आत्महत्या को लेकर झूठ फैलाया। उन्होंने वाराणसी में फांसी लगा आत्महत्या करने वाला हरीश और इसी kii सूचना पर आत्महत्या करने वाली उनकी पत्नी संचिता शरण को लेकर यह झूठे दावे किए।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 28 वर्षीय हरीश बागेश ने अपनी नौकरी जाने और दूसरी नौकरी ना मिलने के दबाव के कारण आत्महत्या की है। यादव ने भाजपा को इसमें घसीटते हुए दावा किया कि पति-पत्नी की आत्महत्या उत्तर प्रदेश में भाजपा की विफलता का प्रमाण है।
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “नौकरी छूटने और फिर न लग पाने के दबाव में पति की आत्महत्या की सूचना मिलने पर पत्नी द्वारा भी आत्महत्या करने का दुःखद समाचार मिला। भाजपा सरकार की नाकामी का इससे बड़ा कोई और हलफ़नामा चाहिए क्या। भाजपा को सिर्फ़ सत्ता की राजनीति से मतलब है, जनता के दुख-दर्द, बेरोज़गारी या महंगाई से नहीं। भाजपा राज में हताश जनता से विनम्र आग्रह है कि ऐसा कोई भी क़दम न उठाएं क्योंकि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, समाधान है भाजपा सरकार का बदलना।”
नौकरी छूटने और फिर न लग पाने के दबाव में पति की आत्महत्या की सूचना मिलने पर पत्नी द्वारा भी आत्महत्या करने का दुःखद समाचार मिला।
भाजपा सरकार की नाकामी का इससे बड़ा कोई और हलफ़नामा चाहिए क्या। भाजपा को सिर्फ़ सत्ता की राजनीति से मतलब है, जनता के दुख-दर्द, बेरोज़गारी या महंगाई से… pic.twitter.com/YIWtIAPdvI
इसी तरह के दावे कई सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्ष समर्थक ‘पत्रकारों ने भी किए, जिनमें रणविजय सिंह भी शामिल हैं। रणविजय सिंह ने लिखा, ”ये संचिता और हरीश हैं। इनकी शादी 2 साल पहले हुई थी। हरीश ने एमबीए किया था, फिर उसकी नौकरी चली गई। काफी तलाश करने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली। अब खबर है- बेरोजगारी से तंग आकर हरीश ने बनारस में आत्महत्या कर ली। यह खबर सुनकर पत्नी संचिता ने गोरखपुर स्थित अपने घर पर आत्महत्या कर ली। साल 2022 में देश में 15,783 लोगों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की।”
ये संचिता और हरीश हैं
2 साल पहले इनकी शादी हुई. हरीश ने MBA किया था, फिर नौकरी छूट गई. बहुत खोजने पर भी काम न मिला.
अब खबर है- हरीश ने बेरोजगारी से तंग आकर बनारस में आत्महत्या कर ली.
ये खबर जानकर पत्नी संचिता ने अपने घर गोरखपुर में आत्महत्या कर ली.
सोमवार 8 जुलाई को मीडिया से बात करते हुए संचिता शरण के पिता डॉ. राम शरण ने अखिलेश यादव के दावों का खंडन कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा नेता दंपत्ति की आत्महत्या पर राजनीति कर रहे हैं। शरण ने कहा कि हरीश मुंबई में नौकरी करते थे और उनकी सैलरी करीब ₹1 लाख/महीना थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं हरीश को गोरखपुर वापस बुलाया था, क्योंकि राम शरण और उनकी पत्नी (संचिता के माता-पिता) यहाँ अकेले थे और उनका बेटा इंग्लैंड में रहते हैं।
उन्होंने मीडिया से कहा, “यह अखिलेश यादव की राजनीति है। इस घटना का बेरोजगारी से कोई लेना-देना नहीं है। हरीश मुंबई में नौकरी करता था और उसकी सैलरी ₹1 लाख/महीना से अधिक थी। मैं उसे यहाँ वापस लाया, क्योंकि यहाँ दो बुजुर्ग लोग अकेले थे। मेरा बेटा यूके में रहता है। इसलिए मैंने हरीश को यहाँ आकर काम करने के लिए कहा। इसलिए अखिलेश यादव का दावा एकदम निराधार है।”
हरीश की कथित आत्महत्या से पहले की घटनाओं के बारे में बात करते हुए राम शरण ने बताया कि हरीश बागेश ने शुक्रवार (5 जुलाई, 2024) को संचिता को बताया था कि वह पटना जा रहा है। संचिता ने उसे रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि दंपति ने आखिरी बार शनिवार शाम को बात की थी। रविवार सुबह पुलिस को परिवार से पता चला कि हरीश वाराणसी के सारनाथ के अटल नगर कॉलोनी में एक होटल के कमरे में लटका हुआ पाया गया।
आगे उन्होंने बताया कि जब संचिता को हरीश के आत्महत्या करने की सूचना मिली, तो उन्होंने फोन लगाया। डॉ शरण ने पुलिस को बताया कि जब वह वाराणसी जा रहे थे तब संचिता ने अपने पिता से बताया कि वह बागेश के बिना नहीं रह सकती और इमारत की दूसरी मंजिल से कूद गई। एसपी सिटी (शहर) केके विश्नोई ने सोमवार को कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
गौरतलब है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि हरीश ने बेरोजगारी से हताश होकर आत्महत्या की है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि मृतक दंपति मुंबई से लौटने के बाद नई नौकरी नहीं पा सके थे। बताया गया था कि जहाँ हरीश HDFC बैंक में काम करते थे, जबकि संचिता पिछले बारह सालों से यहीं रहती थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि संचिता के परिवार को दोनों के शादी करने से कोई समस्या नहीं थी लेकिन हरीश के पिता इससे खुश नहीं थे।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि हरीश किसी कारण से डिप्रेशन में चले गए थे और नशे के आदी हो गए थे। यह भी बताया गया कि संचिता भी बीमार थी और कथित तौर पर उसे नशे की लत लग गई थी। इस कारण से उनके जीवन में आर्थिक तंगी के अलावा आपसी तनाव भी बढ़ गया था। पुलिस को उनके कमरे से नशीला पदार्थ , सिगरेट, एक लाइटर, एक मोबाइल, एक पर्स और फांसी लगाने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी मिली थी।
हरीश और संचिता की शादी 2022 में हुई थी। बताया गया कि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और 11वीं में पढ़ते समय ही दोनों में प्यार हो गया था। जहाँ एक ओर इस मामले में जाँच जारी है, वहीं आत्महत्या के लिए बेरोजगारी को ढाल बनाते हुए अखिलेश यादव इस घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं। जहाँ उन्हें इस शोक की घड़ी में परिवार प्रति संवेदना प्रकट करनी चाहिए थी, वहीं वह इस मामले से अपना राजनीतिक एजेंडा साधने में जुट गए।
समाचार एजेंसी ANI ने विकिपीडिया के ऊपर 2 करोड़ रुपए का मानहानि मुकदमा दायर किया है। एएनआई का आरोप है कि विकिपीडिया अपने प्लेटफॉर्म पर उनके लिए अपमानजनक एडिटिंग करने की लोगों को अनुमति दे रहा है। इसी मामले में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में केस दायर किया और कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आज विकिपीडिया को समन जारी किया है। अब मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त 2024 को होगी।
लाइव लॉ के मुताबिक, ANI ने आरोप लगाया कि विकिपीडिया अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद समाचार एजेंसी के पेज पर कथित रूप से अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करवा रहा है और उन्होंने कोर्ट से इसी सामग्री को हटाने व रोकने की माँग की है। इसके साथ ही अभी तक जो एडिटिंग करके अपमान किया गया उसपर 2 करोड़ रुपए का हर्जाना देने को कहा।
समाचार एजेंसी एएनआई को लेकर विकिपीडिया पर प्रकाशित जानकारी
बता दें कि विकिपीडिया के ऊपर समाचार एजेंसी एएनआई इसलिए इतना भड़का हुआ है क्योंकि जो जानकारी उनके प्लेटफॉर्म पर ANI के लिए है उसमें उन्हें समाचार पोर्टल की जगह सरकार का प्रचार उपकरण कहा गया है।
विकिपीडिया पर लिखा है- ये साइट (ANI) वर्तमान में केंद्र सरकार के लिए प्रचार उपकरण के रूप में काम करने, फर्जी समाचार वेबसाइटों के विशाल नेटवर्क से सामग्री वितरित करने और घटनाओं की गलत रिपोर्टिंग के लिए आलोचना की गई है। इसके अलावा विकिपीडिया पर ये भी लिखा है कि एएनआई के नए प्रबंधन में पत्रकारिता का आक्रमक मॉडल इस्तेमाल किया जा रहा है जहाँ सिर्फ और सिर्फ फोकस अधिक रेवेन्यू पर हैं। कई पूर्व कर्मचारियों ने यहाँ के मैनेजमेंट पर गलत अमानवीय बर्ताव का आरोप लगाया है।
ऐसे ही टेक्स्ट देखने के बाद एएनआई की ओर से शिकायत लेकर वकील सिद्धांत कुमार पेश हुए और उन्होंने याचिका में कहा कि विकिपीडिया पर उल्लेखित सामग्री मानहानिकारक है। ये प्लेटफॉर्म ऐसा मंच है कि जिसका उपयोग सार्वजनिक उपयोगिता के रूप में किया जाता है, लेकिन इस प्लेटफॉर्म ने एएनआई के पेज को समाचार एजेंसी द्वारा संपादन करने से रोक दिया है। ये सब सिर्फ समाचार एजेंसी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और इसकी साख को बदनाम करने लिए हुआ है।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की अवैध सम्पत्तियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आज़म खान के ‘हमसफ़र रिजॉर्ट’ पर बुलडोजर चलाया गया है। मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को की जा रही इस कार्रवाई में भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स मौजूद है। आज़म की बीवी इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट गई थीं लेकिन उनको कोई राहत नहीं मिली। यह रिजॉर्ट सरकारी भूमि पर बनाया गया है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को रामपुर जिले का प्रशासन अपनी टीम के साथ आज़म खान के हमसफर रिजॉर्ट पहुँचा। इस टीम में राजस्व अधिकारी सहित पुलिस बल भी मौजूद है। इस टीम के साथ 3 बुलडोजर भी थे। सुबह शुरू की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अब तक जारी है। स्थानीय लोगों को कार्रवाई से दूर रखा गया है। कुल 380 स्क्वायर मीटर में हो रही इस कार्रवाई की जद में बॉउंड्री वॉल, लॉन और एक बिल्डिंग आ रही है। हमसफर रिसॉर्ट आजम खान की बीवी तंजीम फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला के नाम पर दर्ज है।
प्रशासन ने ‘हमसफ़र रिजॉर्ट’ पर होने वाली कार्रवाई का नोटिस आजम खान के परिजनों को पहले ही तामील करवा दिया था। जिला प्रशासन का दावा है कि हमसफर रिजॉर्ट बनवाने के दौरान आज़म खान ने ग्राम समाज की जमीन कब्ज़ा ली थी। इस अतिक्रमण के खिलाफ साल 2019 में जिला प्रशासन ने रामपुर के नायब तहसीलदार की अदालत में केस भी दाखिल किया था। राजस्व विभाग की पैमाइश में ये दावे सही साबित हुए थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर एक राजस्व अधिकारी ने आजम खान के कई परिजनों पर FIR दर्ज करवाई थी।
तब नयाब तहसीलदार के जी मिश्रा की तहरीर पर तंजीन फातिमा और दोनों बेटों अबदुल्ला आजम और अदीब आजम को नामजद किया गया था। जाँच के बाद पुलिस ने इन तीनों आरोपितों के खिलाफ लोक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी जमीन कब्जाने की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस बीच रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने आज़म खान द्वारा किए गए इस कब्ज़े के खिलाफ आवाज उठाई। आखिरकार उनकी माँग पर मंगलवार को आज़म के हमसफर रिजॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया गया।
कर्नाटक हाई कोर्ट में मोहम्मद खलीउल्ला ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की और कोर्ट ने माँग की कि वो बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई करे। ये कार्रवाई इसलिए होनी चाहिए, क्योंकि बीजेपी के नेता भड़काऊँ भाषण देकर माहौल खराब करते हैं। हालाँकि हाई कोर्ट ने इस पीआईएल को खारिज कर दिया और पीआईएल को राजनीति से प्रेरित बताया।
ठेकेदार मोहम्मद खलीउल्ला ने एमपी रेणुकाचार्य, सीटी रवि, तेजस्वी सूर्या और प्रताप सिम्हा समेत राज्य के कई बीजेपी नेताओं के खिलाफ कथित रूप से नफरत भरे भाषण देने के लिए कार्रवाई की माँग की थी। पीआईएल दाखिल करने वाले ने दावा किया सोशल मीडिया पर उसने इन नेताओं के भाषणों को देखा है, जो समाज में नफरत फैलाते हैं।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी अंजारिया की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि आरोप बहुत सामान्य हैं और प्रामाणिक भी नहीं हैं। ये पीआईएल ‘राजनीति से प्रेरित’ प्रतीत होती है। हाई कोर्ट ने कहा, “आप ऐसी याचिकाएँ दायर करके हाई कोर्ट के मंच का दुरुपयोग कर रहे हैं।”
याचिकाकर्ता ने ‘तहसीन पूनावाला’ मामले में नफरत फैलाने वाले भाषणों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों के रेफरेंस के आधार पर पीआईएल दाखिल की थी। लेकिन हाई कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया और कहा कि इस PIL का उद्देश्य जनहित तो नहीं दिखता, बल्कि राजनीति दिखती है। ऐसे में ये पीआईएल सुनवाई योग्य नहीं है।
The Karnataka High Court today dismissed a PIL filed by a civil contractor, seeking action against several state BJP leaders for allegedly making Hate speeches.
Petitioner claimed he came across the alleged speeches through social media platforms.
पीआईएल दाखिल करने वाले मोहम्मद खलीउल्ला ने हाई कोर्ट से माँग की थी कि वो सरकार को टीवी, रेडियो और अन्य मीडिया प्लेटफार्मों के साथ ही राज्य गृह विभाग और पुलिस की आधिकारिक वेबसाइटों पर यह संदेश प्रसारित करने के लिए कहे कि घृणा फैलाने वाले भाषणों से लिंचिंग जैसी घटनाएँ हो सकती है, ऐसे में हत्या जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। यही नहीं, ऐसे मामलों में सरकार खुद ही मामला दर्ज कराए।
याचिका में हरेक जिले में विशेष कोर्ट का भी प्रावधान किए जाने की माँग की गई थी, जो नफरत फैलाने वाले भाषणों और लिंचिंग के मामलों की रोजाना सुनवाई करे और 6 महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी कर के फैसला सुनाए। ऐसे ही दिशा निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं।
कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के अपने ही संसदीय क्षेत्र में उनके खिलाफ पोस्टर लग गए हैं, वो भी तब तब वहाँ से उनकी जीत हुए अभी डेढ़ महीने भी नहीं बीते हैं। राहुल गाँधी ने केरल के वायनाड और उत्तर प्रदेश के रायबरेली से जीत दर्ज की थी, हालाँकि, उन्होंने वायनाड की सीट बहन प्रियंका गाँधी के लिए खाली कर दी थी और रायबरेली अपने पास रखी। अब रायबरेली में उनके दौरे के दौरान ‘राहुल गाँधी जवाब दो’ के पोस्टर दिखाई दे रहे हैं।
इस पोस्टर में राहुल गाँधी से पूछा गया है कि क्या आपको अपना अमूल्य मत देने वाला रायबरेली का हिन्दू मतदाता हिंसक है? साथ ही सवाल दागा गया है कि आप हिन्दू धर्म को मानते हैं या नहीं। राहुल गाँधी को ये स्पष्ट करने को कहा गया है कि वो किस धर्म के हैं। लोगों ने सांसद से सवाल पूछा है कि क्या भविष्य में सायबरेली का हिन्दू मतदाता उन्हें गाली खाने के लिए वोट दे? राहुल गाँधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने हैं, पहली बार वो किसी संवैधानिक पद पर बैठे हैं।
उन्होंने बतौर नेता प्रतिपक्ष अपने पहले ही भाषण में न सिर्फ हिन्दुओं को हिंसक बता दिया, बल्कि भगवान शिव को लेकर भी गलतबयानी की। उधर राहुल गाँधी लगातार डैमेज कंट्रोल में लगे हैं और उन्होंने रायबरेली के चुरुवा हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की है। इस दौरान उन्होंने गले में भगवा साफा लगा रखा था और तिलक भी लगाया हुआ था। बलिदानी अंशुमान सिंह की माँ से भी उन्होंने मुलाकात की। बताया जा रहा है कि लोकसभा में हुई फजीहत के बाद वो ये सब डैमेज कंट्रोल के लिए कर रहे हैं।
रायबरेली के हिंदुओं ने लगाए पोस्टर “राहुल गांधी जवाब दो… क्या अपना अमूल्य वोट देने वाला हिन्दू हिंसक है? pic.twitter.com/RRQQnnIQ9H
— Arvind Mohan Singh (@ArvindSinghUp) July 9, 2024
राहुल गाँधी को लोकसभा चुनाव 2024 में 6.87 लाख वोट मिले थे। यहाँ से पिछली बार उनकी माँ सोनिया गाँधी ने जीत दर्ज की थी, जो अब राज्यसभा संसद हैं। राहुल गाँधी ने भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह को 3.90 लाख मतों से मात दी है। रायबरेली से सोनिया गाँधी 5 बार और इंदिरा गाँधी 3 बार सांसद रही हैं। वहीं राहुल गाँधी के पिता फिरोज गाँधी भी यहाँ से 2 बार सांसद बने थे। मात्र 3 बार ही यहाँ विरोधी दलों को कामयाबी मिली है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस दौरे के दौरान मॉस्को में भारतीय प्रवासियों से बातचीत की है। पीएम मोदी को सुनने यहाँ बड़ा प्रवासी समूह आया हुआ था। उन्होंने इस दौरान भारत-रूस संबंध और देश के कई मुद्दों पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि भारत और रूस के संबंध हमेशा ही आगे बढ़े हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि उनके तीसरे बार पीएम बनने के बाद पहली बार किसी प्रवासी समूह से बात कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और नई सरकार के लक्ष्यों को भी सामने रखा। उन्होंने इस दौरान हालिया विश्वकप विजय और खेलों में लगातार अच्छे होते प्रदर्शन पर भी बात की।
#WATCH | Moscow, Russia: Prime Minister Narendra Modi says "The song was once sung in every household here, 'Sir pe lal topi Russi, phir bhi dil hai Hindustani.' This song may have become old, but the sentiments are ever-green. Artists like Raj Kapoor, Mithoon Da have… pic.twitter.com/0xkaly61sR
उन्होंने रूस-भारत सम्बन्धों पर कहा, “वैश्विक समृद्धि को नई ऊर्जा देने के लिए भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यहाँ मौजूद सभी लोग दोनों देशों के सम्बन्धों को ऊँचाई दे रहे हैं। रूस का नाम सुनने पर हर भारतीय के मन में अच्छे बुरे दिनों का दोस्त याद आता है। रूस में सर्दियों में कितना भी तापमान नीचे क्यों ना चला जाए, दोनों देशों के संबंध हमेशा ऊँचाई पर गए हैं। यह रिश्ता आपसी साझेदारी और विश्वास पर टिका है।”
पीएम मोदी ने बताया कि 2014 के बाद से वह अब तक 6 बार रूस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह राष्ट्रपति पुतिन से भी 17 बार मिले हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए काफी काम किया है। पीएम मोदी ने यूकेन से भारतीयों छात्रों को निकालने में राष्ट्रपति पुतिन द्वारा की गई मदद की प्रशंसा भी की। उन्होंने इस दौरान राज कपूर और मिथुन चक्रबर्ती का भी जिक्र किया और कहा कि फिल्मों के माध्यम इन दोनों कलाकारों रिश्तों को आगे बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने ऐलान किया कि भारत रूस में दो और नए वाणिज्यिक दूतावास खोले जाएँगे। यह दोनों रूस के कजान और येकातेरिनबर्ग में खोले जाएँगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों के रिश्तों के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच एक और नए ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है।
पीएम मोदी वर्तमान में दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं। यहाँ वह रूस-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। यह इस शिखर सम्मेलन का 22वां संस्करण है। पीएम मोदी इससे पहले राष्ट्रपति पुतिन के घर भी गए थे। यहाँ राष्ट्रपति पुतिन से उन्होंने भारत रूस सबंधों के कई मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद वह ऑस्ट्रिया जाने वाले हैं।
पाकिस्तानी भिखारियों की विदेशों में जाकर भीख माँगने वाली आदत से परेशान होकर पाकिस्तान सरकार ने 2,000 से ज्यादा भिखारियों के पासपोर्ट निलंबित करने का फैसला किया है।। ऐसा करने के पीछे पाकिस्तानी अधिकारियों ने वजह बताई है कि ये भिखारी पासपोर्ट लेकर विदेशों में जाकर भीख माँगते हैं, इससे न केवल पाकिस्तान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है, बल्कि इससे नागरिकों का सम्मान भी उस देश में कम होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि ये भिखारी विदेश यात्रा करके मुल्क की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं इसलिए दुनिया भर के पाकिस्तानी दूतावासों को उन लोगों की लिस्ट बनाने को कहा गया है जो विदेश जाकर ऐसा कर रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि अगर किसी को मुल्क से जाकर पाकिस्तान में भीख माँगते पकड़ा गया तो उसका पासपोर्ट 7 साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। इसके अलावा जो एजेंट इन भिखारियों की मदद करेगा उसका पासपोर्ट रद्द करने पर भी सरकार विचार कर रही है।
बता दें कि पिछले दिनों ऐसे मामले आए थे जब पाकिस्तान के कई भिखारी तीर्थयात्रा या उमराह के लिए सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे देशों की यात्रा करने गए लेकिन वहाँ भीख माँगने की आदत नहीं छोड़ पाए। इसी मसले से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार नए नियम बनाने के लिए विचार कर रही हैं।
पिछले साल भी अक्तूबर में पाकिस्तान से 24 लोग तीर्थयात्री बनकर सऊदी अरब जाने वाली फ्लाइट में चढ़ रहे थे। हालाँकि उनके भिखारी होने का शक होने पर उन्हें हिरासत में लेकर उतारा गया। इसी घटना से दो दिन पहले मुल्तान हवाई पर भी भी भीख माँगने के संदेह वाली बात जानकार फ्लाइट से 16 लोगों को उतारा गया था।
मालूम हो कि पाकिस्तान ने भले ही भिखारियों पर बैन लगा दिया हो, लेकिन उनकी सरकार द्वारा दूसरे देशों से कर्ज माँगने की आदत की वजह से दुनियाभर में उनकी थू-थू होती है। कई वीडियोज सोशल मीडिया पर है जिसमें पाकिस्तानी ही इस बात पर पाकिस्तान की सरकार से नाराज हैं कि वो अपना कुछ करने की बजाय दूसरे देशों से मिले कर्जे पर गुजर-बसर करते हैं।