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भारत का सदाबहार दोस्त है रूस, प्रवासी भारतीय दोनों देशों के रिश्तों के ब्रांड एम्बेसडर: मॉस्को में बोले PM मोदी, राजकपूर-मिथुन चकवर्ती का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस दौरे के दौरान मॉस्को में भारतीय प्रवासियों से बातचीत की है। पीएम मोदी को सुनने यहाँ बड़ा प्रवासी समूह आया हुआ था। उन्होंने इस दौरान भारत-रूस संबंध और देश के कई मुद्दों पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि भारत और रूस के संबंध हमेशा ही आगे बढ़े हैं।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि उनके तीसरे बार पीएम बनने के बाद पहली बार किसी प्रवासी समूह से बात कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और नई सरकार के लक्ष्यों को भी सामने रखा। उन्होंने इस दौरान हालिया विश्वकप विजय और खेलों में लगातार अच्छे होते प्रदर्शन पर भी बात की।

उन्होंने रूस-भारत सम्बन्धों पर कहा, “वैश्विक समृद्धि को नई ऊर्जा देने के लिए भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यहाँ मौजूद सभी लोग दोनों देशों के सम्बन्धों को ऊँचाई दे रहे हैं। रूस का नाम सुनने पर हर भारतीय के मन में अच्छे बुरे दिनों का दोस्त याद आता है। रूस में सर्दियों में कितना भी तापमान नीचे क्यों ना चला जाए, दोनों देशों के संबंध हमेशा ऊँचाई पर गए हैं। यह रिश्ता आपसी साझेदारी और विश्वास पर टिका है।”

पीएम मोदी ने बताया कि 2014 के बाद से वह अब तक 6 बार रूस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह राष्ट्रपति पुतिन से भी 17 बार मिले हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए काफी काम किया है। पीएम मोदी ने यूकेन से भारतीयों छात्रों को निकालने में राष्ट्रपति पुतिन द्वारा की गई मदद की प्रशंसा भी की। उन्होंने इस दौरान राज कपूर और मिथुन चक्रबर्ती का भी जिक्र किया और कहा कि फिल्मों के माध्यम इन दोनों कलाकारों रिश्तों को आगे बढ़ाया है।

पीएम मोदी ने ऐलान किया कि भारत रूस में दो और नए वाणिज्यिक दूतावास खोले जाएँगे। यह दोनों रूस के कजान और येकातेरिनबर्ग में खोले जाएँगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों के रिश्तों के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच एक और नए ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है।

पीएम मोदी वर्तमान में दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं। यहाँ वह रूस-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। यह इस शिखर सम्मेलन का 22वां संस्करण है। पीएम मोदी इससे पहले राष्ट्रपति पुतिन के घर भी गए थे। यहाँ राष्ट्रपति पुतिन से उन्होंने भारत रूस सबंधों के कई मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद वह ऑस्ट्रिया जाने वाले हैं।

कटोरा लेकर खुद दुनिया घूम रहा पाकिस्तान, पर 2000 भिखारियों का पासपोर्ट कर दिया निलंबित: अधिकारी बोले- विदेश जाकर भीख माँगने से बिगड़ती है मुल्क की इमेज

पाकिस्तानी भिखारियों की विदेशों में जाकर भीख माँगने वाली आदत से परेशान होकर पाकिस्तान सरकार ने 2,000 से ज्यादा भिखारियों के पासपोर्ट निलंबित करने का फैसला किया है।। ऐसा करने के पीछे पाकिस्तानी अधिकारियों ने वजह बताई है कि ये भिखारी पासपोर्ट लेकर विदेशों में जाकर भीख माँगते हैं, इससे न केवल पाकिस्तान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है, बल्कि इससे नागरिकों का सम्मान भी उस देश में कम होता है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि ये भिखारी विदेश यात्रा करके मुल्क की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं इसलिए दुनिया भर के पाकिस्तानी दूतावासों को उन लोगों की लिस्ट बनाने को कहा गया है जो विदेश जाकर ऐसा कर रहे हैं।

सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि अगर किसी को मुल्क से जाकर पाकिस्तान में भीख माँगते पकड़ा गया तो उसका पासपोर्ट 7 साल के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। इसके अलावा जो एजेंट इन भिखारियों की मदद करेगा उसका पासपोर्ट रद्द करने पर भी सरकार विचार कर रही है।

बता दें कि पिछले दिनों ऐसे मामले आए थे जब पाकिस्तान के कई भिखारी तीर्थयात्रा या उमराह के लिए सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे देशों की यात्रा करने गए लेकिन वहाँ भीख माँगने की आदत नहीं छोड़ पाए। इसी मसले से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार नए नियम बनाने के लिए विचार कर रही हैं।

पिछले साल भी अक्तूबर में पाकिस्तान से 24 लोग तीर्थयात्री बनकर सऊदी अरब जाने वाली फ्लाइट में चढ़ रहे थे। हालाँकि उनके भिखारी होने का शक होने पर उन्हें हिरासत में लेकर उतारा गया। इसी घटना से दो दिन पहले मुल्तान हवाई पर भी भी भीख माँगने के संदेह वाली बात जानकार फ्लाइट से 16 लोगों को उतारा गया था।

मालूम हो कि पाकिस्तान ने भले ही भिखारियों पर बैन लगा दिया हो, लेकिन उनकी सरकार द्वारा दूसरे देशों से कर्ज माँगने की आदत की वजह से दुनियाभर में उनकी थू-थू होती है। कई वीडियोज सोशल मीडिया पर है जिसमें पाकिस्तानी ही इस बात पर पाकिस्तान की सरकार से नाराज हैं कि वो अपना कुछ करने की बजाय दूसरे देशों से मिले कर्जे पर गुजर-बसर करते हैं।

किसी औरत का दूध पिया तो… : पाकिस्तान में इस्लामी कानून मानवता पर भारी, मुल्लों के कारण ब्रेस्ट मिल्क बैंक बंद

कराची से कुछ दिन पहले खबर आई थी कि वहाँ नवजातों के लिए एक मिल्क बैंक खुल रहा है जिसमें बच्चों के लिए स्तन वाला दूध उपलब्ध होगा। जब लोगों ने इस खबर को सुना तो काफी राहत की सांस की ली। हालाँकि बाद में उनकी यह खुशी ज्यादा समय नहीं रुकी। एक महीने बाद ही इस बैंक को बंद करना पड़ा।

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, सिंध इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड नियोनेटोलॉजी (एसआईसीएचएन) के कार्यकारी निदेशक डॉ. जमाल रजा ने इस संबंध में बताया, “हम एक साल से इस बैंक पर काम कर रहे थे और पिछले आठ महीनों से जामिया दारुल उलूम कराची के मौलवियों के साथ गहन चर्चा कर रहे थे। इस दौरान विद्वानों ने कई चिंताएँ उठाई थीं, जिनका समाधान किया गया और अंततः मदरसा से मंजूरी मिलने के बाद 12 जून को बैंक का उद्घाटन किया गया।”

आगे डॉक्टर जमाल राजा बताते हैं, “अब मदरसा ने अपनी सहमति का फतवा वापस ले लिया और कहा है कि उसे नई राय मिली है जिसके अनुसार उन्हें लगता है कि उन्होंने जो कड़ी शर्ते बनाई हैं अस्पताल के लिए उनका पालन करना ना केवल कठिन होगा बल्कि असंभव होगा।”

इस मामले में पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष हाफिज मुहम्मद ताहिर महमूद अशरफी ने कहा, “ब्रेस्ट मिल्क बैंक स्थापित करने की इच्छा रखने वाले डॉक्टरों का उद्देश्य भले ही अच्छा हो, लेकिन हम जामिया दारुल उलूम कराची से सहमत हैं और हमें नहीं लगता कि इसे प्रोत्साहित करने की जरूरत है।”

बता दें कि ऐसा निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि इस्लाम में माना जाता है कि अगर कोई बच्चा किसी का दूध पीता तो उस बच्चे के बीच और उस महिला के बच्चे के बीच कभी भविष्य में कैसे भी निकाह नहीं हो सकेगा। संभवत: इसी कारण से मजहबी उलेमाओं ने इस बैंक को लेकर जारी फतवे को वापस किया हो।

पाकिस्तान में मजहबी उलेमाओं के फतवे वापस लेने के कारण बंद हुआ मिल्क बैंक एक चिंताजनक विषय हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ तो आर्टिफिशियल दूध महंगा होता है और जो लोग ये सुनिश्चित नहीं करते कि बोतल कितनी साफ है, उसे स्टरलाइज किया गया है या नहीं उनके लिए ये विकल्प घातक होता है। दूसरी तरफ डॉक्टर सबसे ज्यादा बच्चों के लिए माँ के दूध को फायदेमंद बताते हैं। ऐसे में कई माँ ऐसी होती हैं जिन्हें दूध की समस्या हो जाती है तब उनके बच्चों को दिक्कत झेलनी पड़ती है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएस अकरम ने कहा कि स्तन का दूध शिशुओं की उस तरह से रक्षा करता है जिस तरह से फॉर्मूला दूध नहीं कर सकता। समय से पहले जन्मे शिशुओं की आंतों में बैक्टीरिया से बचने के लिए इम्युनिटी बहुत कम विकसित होती है। अगर उन्हें फॉर्मूला दूध पिलाया जाता है, तो उन्हें नेक्रोटाइज़िंग एंटरोकोलाइटिस नामक गंभीर आंत संक्रमण होने का बहुत जोखिम होता है, जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है।”

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान जनसांख्यिकी और स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2018 के अनुसार , मुल्क में नवजात मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 42 है, जो दुनिया में सबसे अधिक है। एसआईसीएचएन में नवजात शिशुओं की गहन देखभाल इकाई के डॉ. सैयद रेहान अली मिल्क बैंक बंद होने पर निराशा जताते हैं। उन्होंने कहा, “समय से पहले जन्मा बच्चा न तो चूस सकता है, न ही निगल सकता है, उसे नली के माध्यम से दूध पिलाना पड़ता है। ऐसे में मिल्क बैंक हमारी निराशाजनक नवजात मृत्यु दर को कम करने का एक तरीका था।”

साल भर में 4.7 करोड़ नौकरियाँ बढ़ी, रोजगार वृद्धि दर हुआ डबल: RBI ने जारी किए आँकड़े, विदेशी बैंक की शोध रिपोर्ट का खोट भी आया सामने

भारत की अर्थव्यवस्था में वर्ष 2023-24 में 4.7 करोड़ रोजगार के नए अवसर बने हैं। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट से सामने आई है। देश में काम करने वालों की संख्या अब 64 करोड़ को पार कर गई है। भारत बीते कुछ वर्षों में 2 करोड़ रोजगार औसतन पैदा करने में सफल रहा है। इस जानकारी से सिटीबैंक की उस हालिया रिपोर्ट पर प्रश्नचिन्ह लगे हैं जिसमें कहा गया था कि भारत अपनी 7% की वृद्धि दर से भी जरूरत भर रोजगार नहीं पैदा कर पाएगा।

RBI की रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 2023-24 के बीच भारत में 4,66,59,221 रोजगार पैदा हुए। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान देश में रोजगार बढ़ कर 64.33 करोड़ हो गए। यह 2022-23 के दौरान 59.66 करोड़ थीं। यानी इनमें 2023-24 के बीच लगभग 6% की वृद्धि हुई।

RBI द्वारा दिया गया यह आँकड़ा अनंतिम है। यह जानकारी RBI की KLEMS डाटा रिपोर्ट में सामने आई है। इस रिपोर्ट में 2023-24 के अलावा पिछले वर्षों में पैदा हुए रोजगार का आँकड़ा भी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2017-18 के बाद रोजगार जारी होने में तेजी आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2017-18 से लेकर 2021-22 के बीच देश में लगभग 8 करोड़ से अधिक रोजगार पैदा हुए हैं। यानी इस दौरान देश में औसतन हर साल 2 करोड़ से रोजगार लोगों को मिले हैं। यह इसलिए बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इस दौरान कोविड महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को भी बड़ा झटका लगा था।

सिटीबैंक रिपोर्ट का दावा फेल आई सामने

भारत में रोजगार के संबंध में आई यह जानकारी हाल ही में आई सिटीबैंक समूह की एक रिपोर्ट के दावों को नकारती है। सिटीबैंक समूह ने हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत आने वाले वर्षों में अपनी जनसंख्या के लिए जरूरी रोजगार पैदा नहीं कर सकेगा। सिटीबैंक की इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में 7% वृद्धि दर होने के बाद भी जरूरी रोजगार के अवसर पैदा नहीं होंगे।

सिटीबैंक का कहना है कि भारत को औसतन हर वर्ष 1.2 करोड़ रोजगार पैदा करने होंगे ताकि हर वर्ष रोजगार के बाजार में उतने वाले नए लोग रोजगार पा सकें। सिटीबैंक का अनुमान है कि भारत यदि 7% से बढ़ता है तो हर वर्ष 80-90 लाख रोजगार ही पैदा कर पाएगा। सिटीबैंक ने इसके अलावा भारत में रोजगार के तरीके पर भी प्रश्न खड़े किए थे।

अब RBI द्वारा सामने रखे गए आँकड़ों से साफ़ हो गया है कि भारत लगातार हर साल औसतन 2 करोड़ रोजगार पैदा करने में सक्षम है। उसने ऐसा लगातार कई वर्षों तक वैश्विक महामारी और मंदी के समय में भी कर दिखाया है। ऐसे में सिटीबैंक का अनुमान सही नहीं दिखता है।

VIP नंबर, बत्ती वाली गाड़ी, पर्याप्त स्टाफ… ट्रेनी महिला IAS की डिमांड से परेशान हुए पुणे के DM, मुख्य सचिव को भेजी शिकायत में कहा- देती है धमकी, चैंबर पर किया कब्जा

पुणे में 32 वर्षीय ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा दिलीपराव खेडकर, प्रशासन से इन दिनों अनुचित माँग करने के कारण सुर्खियों में हैं। पता चला है कि उन्होंने अपनी गलत माँगों के चलते अधिकारियों को इतना दुखी कर दिया है कि पुणे कलेक्टर डॉ. सुहास दिवसे को मुख्य सचिव सुजाता सैनिक को पत्र लिखकर मदद माँगनी पड़ी।

पुणे मिरर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में ये दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आईएएस ट्रेनी पूजा खेडकर वीआईपी नंबर प्लेट वाली आधिकारिक कार, लाल-नीली बत्ती और अपने लिए पर्याप्त स्टाफ के साथ आधिकारिक चैंबर की माँग कर रही हैं, जबकि प्रशासनिक नियमों के अनुसार, ये सुविधाएँ किसी भी प्रोबेशनर (काम सीखने वाले नियुक्त व्यक्ति) को उपलब्ध नहीं हैं।

बताया गया है कि खेडकर के पिता दिलीपराव, जो खुद एक सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी हैं, कथित तौर पर अपनी बेटी की माँगों को पूरा करने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह कहते हुए धमकी भी दी है कि अगर उनकी बेटी की माँगें पूरी नहीं की गईं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि आईएस ट्रेनी पूजा खेडकर इन दिनों अपने निजी वाहन का इस्तेमाल कर रही हैं और उन्होंने उस पर वीआईपी नंबर प्लेट लगा रखी है। ये भी बताया गया है कि पूजा खेडकर ने अतिरिक्त कलेक्टर अजय मोरे की अनुपस्थिति में उनके कार्यालय में भी कब्जा किया। पूजा ने अजय मोरे की अनुपस्थिति में उनके चैंबर के दरवाजे पर अपना चिन्ह लगाया और उस जगह को अपना ऑफिस बता दिया।

रिपोर्ट की मानें तो महिला पिछले तीन महीने से अधिकारियों को परेशान कर रही हैं और धमकी भी दी जा रही है कि मामले में और अधिकारियों को घसीटा जाएगा। इन्हीं सबके चलते पुणे कलेक्टर डॉ सुहास दिवासे को मुख्य सचिव सुजाता सैनिक को पत्र लिखकर मदद माँगनी पड़ी। अब मामले में आगे सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि खेडकर पहली बार सुर्खियों में नहीं आई हैं। उनके आईएएस बनने की कहानी भी कुख्यात है। यूपीएससी कम्युनिकेशन में 2 फरवरी, 2022 में छपी जानकारी के अनुसार, पूजा खेडकर को नियुक्ति देने से मना कर दिया गया था। हालाँकि, उन्होंने अदालत में एक हलफनामा दायर कर खुद को दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया। इस आधार पर उन्होंने मुकदमे में यूपीएससी के निर्णय के खिलाफ आदेश की माँग की थी। 2023 की सुनवाई में न्यायाधीश एमजी शेवलीकर की पीठ ने विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 के तहत वो हलफनामा पेश किया और इसके बाद खेडकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं। एक साल बाद अब उनकी ये नई कहानी सामने आई है।

जैन कॉलेज के बाहर खड़ा होकर छात्राओं को लिंग दिखाता था अयूब उर रहमान, Video वायरल होने के बाद गिरफ्तार: पहचान छिपाने के लिए पहनता था मास्क, कर्नाटक का मामला

बेंगलुरु में महिला कॉलेज के बाहर अश्लीलता करने वाले अयूब उर रहमान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह कई कॉलेज के बाहर लगातार कई दिनों से गुप्तांग दिखा अश्लीलता करता आ रहा था। उसकी वीडियो भी हाल ही में सोशल मीडिया में वायरल हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अयूब उर रहमान बेंगलुरु के वीवी पुरम इलाके में जैन कॉलेज के बाहर पहुँच कर छात्राओं को अपना लिंग दिखाता था। वह यहाँ स्कूटी पर आता था और चेहरे पर मास्क पहने रहता था ताकि उसकी पहचान ना हो सके। वह लगातार यह हरकत कर रहा था।

उसके उत्पीड़न से परेशान छात्राओं ने एक दिन उसका गुप्तांग दिखाते हुए वीडियो बना लिया, इसमें वह गन्दी हरकत करते हुए नजर आता है। वीडियो बनाने वालों ने इसे पुलिस को भेजा और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उसकी गिरफ्तारी की माँग उठी। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई।

पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए CCTV वीडियो निकाले और उसकी पहचान कर ली। जाँच करने के बाद अयूब उर रहमान को सोमवार (8 जुलाई, 2024) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया गया है कि वह लगातार अलग-अलग महिलाओं के कॉलेज के सामने यह हरकत करता था।

अयूब उर रहमान बेंगलुरु में एक चाय की दुकान चलाता है। वह 48 साल का है। पुलिस अब उससे उसकी हरकत के संबंध में पूछताछ कर रही है। उससे जब पूछा गया कि वह महिलाओं के सामने यह अश्लीलता क्यों करता था, तो उसने इस संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

पुलिस ने इस संबंध में बताया, “आरोपी, अयूब उर रहमान, एक स्कूटर पर सवार था और एक कॉलेज के पास चल रहे लड़कियों के एक समूह से अश्लीलता कर रहा था। उनमें से एक लड़की ने उसकी तस्वीर खींची और एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर दिया। अयूब ने अपना चेहरा कपड़े से ढंका हुआ था लेकिन उसके स्कूटर की नम्बर प्लेट दिखाई दे रही थी, जिससे उसे गिरफ्तार किया गया।”

रूस की ओर से लड़ रहे भारतीयों की होगी वापसी: मीडिया रिपोर्टों में सहमति बनने का दावा, राष्ट्रपति पुतिन ने PM मोदी को कराई अपने घर की सैर; कहा- आप बेहद ऊर्जावान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार (8 जुलाई, 2024) को रूस की राजधानी पहुँचे और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेता 2 वर्षों के बाद मिले। राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को अपने आवास पर बुलाया था। यहाँ दोनों ने अनौपचारिक वार्ता की। राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को 2024 लोकसभा चुनाव में जीत की बधाई दी। दोनों नेताओं की बाक्ट्हेत से

राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को देख कर ख़ुशी जताई। पीएम मोदी से अनौपचारिक बातचीत में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “मैं आपको प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देना चाहता हूँ। मुझे लगता है कि यह संयोगवश नहीं हुआ है, बल्कि यह भारत सरकार के प्रमुख के रूप में आपके कई वर्षों के कामों का परिणाम है। आपके अपने विचार हैं। आप बहुत ऊर्जावान व्यक्ति हैं, आप जानते हैं कि भारत और भारतीय लोगों के हितों में अच्छे परिणाम कैसे प्राप्त किए जाएँ।”

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उन्हें अपने आवास पर बुलाया। पीएम मोदी ने कहा, “किसी मित्र के घर जाना, बहुत खुशी की बात है। आपने मुझे अपने घर आमंत्रित किया। मैं आपको इतना दिलचस्प कार्यक्रम बनाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद।”

पीएम मोदी ने भारत के लोकसभा चुनावों पर कहा, ”भारत में चुनाव बहुत महत्वपूर्ण और काफी बड़े पैमाने पर हुए हैं। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इसे ‘लोकतंत्र की जननी’ माना जाता है, और इस चुनाव में लगभग 65 करोड़ लोगों ने मतदान किया। 60 वर्षों में पहली बार, कोई सरकार तीसरे वर्ष अपना कार्यकाल जीत कर आई है।”

राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की यह मुलाक़ात मॉस्को के निकट नोवो ओगरयोवो स्थित आवास पर हुई। यहाँ बातचीत के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को अपने पालतू घोड़े दिखाए। दोनों नेताओं ने घोड़ों को गाजरें खिलाई। राष्ट्रपति पुतिन ने इसके बाद खुद एक इलेक्ट्रिक गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठ पीएम मोदी को घुमाया।

बताया जा रहा है कि इस अनौपचारिक बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ भारतीयों के रूस की सेना में काम करने का मुद्दा उठाया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अब रूसी पक्ष सेना में काम कर रहे सभी भारतीयों को मुक्त करने और उनकी स्वदेश वापसी के प्रबंध करने को लेकर राजी हो गया है। गौरतलब है कि कई भारतीय रूसी सेना में यूक्रेन से लड़ने को भर्ती किए गए थे। कई युवकों को झूठ के आधार पर यहाँ भर्ती करवाया गया था।

पीएम मोदी मंगलवार (9 जुलाई, 2024) को राष्ट्रपति पुतिन के साथ आधिकारिक बातचीत में शामिल होंगे। यह बातचीत रूस-भारत शिखर सम्मेलन के तहत आयोजित की जाएगी। यह इसका 22वां संस्करण है। इस बातचीत के दौरान यूक्रेन-रूस संघर्ष, भारत-रूस व्यापार और आपसी रणनीतिक साझेदारी समेत कई मुद्दों पर बातचीत के कयास हैं। अमेरिका समेत विश्व के कई देश इस बातचीत और इसके परिणामों पर नजर गड़ाए हुए हैं।

पीएम मोदी इस बातचीत के बाद यूरोपियन देश ऑस्ट्रिया जाएँगे। यह 4 दशकों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रिया यात्रा होगी। यहाँ वह ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति एलेग्जेंडर वान डेर बेल्लें और ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमार से भी मिलेंगे। यहाँ वह ऑस्ट्रिया में रहने वाले भारतीयों से भी मुलाकात करेंगे। ऑस्ट्रिया की इस यात्रा में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी। इसी के साथ ऑस्ट्रिया से व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

कैप्टन अंशुमान सिंह देश के लिए हो गए बलिदान, उनकी पत्नी की तस्वीर पर अमजद कर रहा अश्लील टिप्प्णी: NCW ने कहा- कार्रवाई कर रिपोर्ट दे दिल्ली पुलिस

सियाचिन में बलिदान हुए कैप्टन अंशुमान सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी स्मृति सिंह और माँ मंजू सिंह यह सम्मान लेने राष्ट्रपति भवन पहुँची। इस दौरान इनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। लोगों ने स्मृति के साहस और पीड़ा दोनों पर बात की, लेकिन इसी बीच एक कमेंट इतना भद्दा आया कि कोई सोच भी नहीं सकता था। ये कमेंट अमजद नाम के यूजर ने किया था। अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसी पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को एक्शन के निर्देश दिए और मामले में एफआईआर करने को कहा।

सोमवार (8 जुलाई 2024) को जारी किए गए पत्र में राष्ट्रीय महिला आयोग ने अमजद की टिप्पणी को विशिष्ट कानूनी प्रावधानों का संदर्भ देते हुए उल्लंघन बताया। एनसीडब्लू ने आईपीसी की धारा 79 और आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 के उल्लंघन में कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग ने दिल्ली पुलिस से उस व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर जदर्ज करके उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा। वहीं आयोग ने मामले की निष्पक्ष एव समय पर जाँच की माँग भी की और एक्शन लिए जाने के बाद तीन दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट आयोग को देने को कहा।

बता दें कि कीर्ति चक्र से सम्मानित बलिदानी अंशुमान की पत्नी पर किए गए अभद्र टिप्पणी के बाद अमजद का ट्वीट हर जगह वायरल हो गया। अब लोग अमजद के सोशल मीडिया हैंडल को खोजकर उसपर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इंस्टाग्राम पर डाली प्रोफ्राइल के अनुसार अमजद ने खुद का प्रोफेशन मेडिकल लाइन से जुड़ा बताया है और साथ ही खुद को मानवता की सेवा में तत्पर लिखा दिखाया है। हालाँकि उसकी स्मृति पर की गई टिप्पणी और वो दोनों मैच नहीं करते। लोग अमजद की सोच पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही अन्य कमेंट भी शेयर कर रहे हैं जो अमजद जैसी मानसिकता वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर किए।

गौरतलब है कि सियाचिन ग्लेशियर में 19 जुलाई 2023 की सुबह भारतीय सेना के कई टेंट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इस पर काबू पाने की कोशिश में रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर कैप्टन अंशुमान सिंह बलिदान हो गए थे। वह यूपी में देवरिया के रहने वाले थे। उनकी शादी हादसे से 5 महीने पहले यानी 10 फरवरी 2023 को शादी हुई थी। अंशुमान इस घटना से 15 दिन पहले ही सियाचिन गए थे जिसके कुछ दिन बाद ही उनकी शहादत की खबर आई।

पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार-अल-इस्लाम का ‘शहादत मॉड्यूल’, ट्रेस न हो पाने वाले एप के जरिए बातचीत: ‘जिहादी सोच’ वाले युवाओं की कर रहे थे भर्ती

बांग्लादेश के आतंकी संगठन ‘अंसार-अल-इस्लाम’ के पश्चिम बंगाल में सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। इस विदेशी आतंकी संगठन ने यहाँ पर ‘शहादत मॉड्यूल’ बना रखा है। आपस में बातचीत के लिए आतंकी ऐसे एप का प्रयोग करते हैं जो जल्दी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर नहीं आ पाता। इस मॉड्यूल में ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की भर्ती भी करवाई जा रही है। ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि इसका खुलासा कोलकाता पुलिस की STF (स्पेशल टास्क फ़ोर्स) ने किया है। STF ने अंसार-अल-इस्लाम के 3 आतंकी गिरफ्तार किए है जिन्होंने पूछताछ में अपने खतरनाक मंसूबों का खुलासा किया है।

‘दैनिक जागरण’ के मुताबिक मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस की कोलकाता STF ने 22 जून, 2024 को मोहम्मद हबीबुल्लाह नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया था। हबीबुल्लाह को वर्द्धमान जिले से पकड़ा गया था। हबीबुल्लाह ही ‘शहादत मॉड्यूल’ का चीफ बताया जा रहा है। इस पर काफी पहले से कोलकाता STF नजर रखे हुए थी। पूछताछ में हबीबुल्लाह ने खतरनाक मंसूबों के अलावा अपने गिरोह में जुड़े साथियों के नाम भी बताए। हबीबुल्लाह के बयान के आधार पर STF ने 25 जून को हरेज शेख और 28 जून को अनवर शेख को दबोच लिया था।

हरेज शेख की गिरफ्तारी हावड़ा जंक्शन से जबकि अनवर शेख को चेन्नई से पकड़ा गया था। इन तीनों से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसार-अल-इस्लाम का नेटवर्क पश्चिम बंगाल में खड़ा करने की कोशिश में जुटे हुए थे। यहाँ ये इसका ‘शहादत मॉड्यूल’ तैयार कर रहे थे, जिसके लिए अड़े पैमाने पर युवाओं की भर्ती करवाई जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए ये सभी आरोपित बातचीत के लिए टेलीग्राम सहित कुछ अन्य ऐसे एप का प्रयोग करते थे जिनको आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता।

बताया जा रहा है कि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए इन आतंकियों ने अपने फर्जी नाम भी रख रखे थे। बातचीत में ये आतंकी कई कोडवर्ड का भी प्रयोग करते थे जिसे पुलिस डिकोड करने के प्रयास में लगी हुई है। इंटरनेट के जरिए ये आतंकी जिहादी सोच के युवाओं को चिह्नित करते थे फिर उनसे बातचीत की जाती थी। भारत में यह संगठन हबीबुल्लाह ही ऑपरेट करता था। उसका निर्देश सभी मानते थे। फ़िलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि गिरफ्तार आतंकियों ने अपने नेटवर्क की जड़ें भारत में कितनी गहरी कर रखी हैं।

बताते चलें कि अंसार अल इस्लाम बांग्लादेश में भी एक प्रतिबंधित आतंकी समूह है। इस संगठन से जुड़े लोगों पर बांग्लादेश में भी अल्पसंख्यकों और सैन्य बलों पर हमले सहित कई अन्य आतंकी और आपराधिक आरोप लगे हैं। हाल में ही जून 2024 में बांग्लादेश की पुलिस ने कॉक्स बाजार से इस आतंकी संगठन के 3 सदस्य गिरफ्तार किए थे। इनकी पहचान मोहम्मद ज़करिया, मोहम्मद नियामत उल्लाह और मोहम्मद ओजायर के तौर पर हुई थी। इन सभी की उम्र 20 वर्ष के आसपास है। माना जाता है कि इस गिरोह के लोग अफगानिस्तान में सक्रिय तालिबानियों को अपना आदर्श मानते हैं।

चीनी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए रूस ने जिसे भेजा, उससे सीनियर राजनेता ने किया PM मोदी का स्वागत: तिरंगे के रंग में रंगा यूरोप का सबसे बड़ा टॉवर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस की राजधानी मॉस्को पहुँच गए हैं। वहाँ ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर उन्हें सम्मानित किया गया। उन्होंने वहाँ भारतीय समुदाय के लोगों के साथ भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भविष्य के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीति साझेदारी को और गहरा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय दौरे पर रूस पहुँचे हैं। रूस के फर्स्ट उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने उनका स्वागत किया। रूस ने चीन का के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत के लिए अपने डिप्टी प्राइम मिनिस्टर को भेजा था।

ऐसे में उसने पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए उनसे वरिष्ठ पद पर बैठे राजनेता को भेजा है, जो दिखाता है कि रूस अपन संबंधों में भारत को चीन से अधिक प्राथमिकता देता है। मंटुरोव ने न सिर्फ पीएम मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत किया, बल्कि उनके साथ एक ही कार में बैठ कर होटल तक भी उन्हें छोड़ने गए। शीत युद्ध के समय से ही भारत-रूस के संबंध अच्छे हैं, साथ ही रूस भारत को सबसे अधिक हथियार सप्लाई करने वाले देशों में भी शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक समिट के लिए वहाँ पहुँचे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके लिए एक निजी रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। पीएम मोदी रस्तोम पवेलियन में एक्सहिबिशन को देखने भी जाएँगे। साथ ही वो ‘टॉम्ब ऑफ द अननॉन सोल्जर्स’ पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान मॉस्को के लोकप्रिय ओस्टैंकिनो टॉवर को तिरंगे झंडे के रंग में रंगे हुए देखा गया। ये 540 मीटर ऊँचा है। रूस के प्रसार विभाग का ये सबसे महत्वपूर्ण स्थल है।

ये पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की पिछले एक दशक में 17वीं बैठक होगी। भारत ने इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अपना ये स्टैंड कायम रखा है कि केवल सैन्य माध्यमों से समाधान नहीं निकाला जा सकता। बकौल भारत, ‘ग्लोबल साउथ’ का भी मानना है कि कूटनीति व बातचीत से ही समस्या का समाधान निकलेगा, युद्धक्षेत्र में नहीं। रूस में भारतीय मूल के विधायक अभय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी के इस दौरे का प्रभाव वैश्विक होगा।