Home Blog Page 812

‘अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है’: महाराष्ट्र के सतारा में लगे पोस्टर, जो जंग शिया-सुन्नी में हुई अब उससे ‘काफिरों’ के खिलाफ भड़काते हैं इस्लामी कट्टरपंथी

महाराष्ट्र के सतारा शहर में खुलेआम किसी ने बड़ा-बड़ा पोस्टर लगाकर ‘कर्बला की जंग’ की बात की है। ये पोस्टर मुस्लिमों को ‘कर्बला की जंग’ के लिए उकसाने जैसा है। इसकी तस्वीर एक्स के पॉपुलर एक्स अकॉउंट लीगल राइट्स ऑब्सरवेट्री ने साझा की है।

पोस्ट में LSO ने सतारा में दिखे पोस्टर को साझा किया है। इसमें नए इस्लामी साल की मुबारकबाद देने के साथ कर्बला बड़ा-बड़ा लिखा गया है। इसके साथ ही इसमें कहा गया है- न घबराओ मुसलमानो अभी खुदा की शान बाकी है, अभी इस्लाम जिंदा अभी कुरआन बाकी है, ये जालीम लोग क्या समझते हैं जो रोज हमसे उलझते हैं, अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है।”

इस पोस्ट को साझ करते हुए एलएसओ ने अपने ट्वीट में लिखा- “सतारा के कराड़ में बड़ा बैनर देखा गया जिसमें मुस्लिमों को कर्बला की जंग के लिए तैयार होने को कहा गया है साथ ही हिंदुओं को जालिम लिखा गया है। अब सबकी निगाहें एसपी समीर शेख पर हैं वो इन्हें पकड़ेंगे या काफिर हिंदुओं के सफाए के लिए दंगे होने देंगे। पिछली बार इसी एसपी ने उन लोगों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया था जिन्होंने पाकिस्तानी कट्टरपंथियों को लोकल हिंदू कार्यकर्ताओं के नंबर दिए थे और बाद में उन्हें धमकियाँ मिली थी। उम्मीद है कि इस मामले को देंवेंद्र फडणवीस, डीजीपी महाराष्ट्र, सतारा सांसद गंभीरता से लेंगे और फौरन कार्रवाई की जाएगी।” अपने ट्वीट में LSO ने देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह, पीएम मोदी और पुलिस अधिकारियों को टैग करके कार्रवाई की माँग की है।

बता दें कि मौजूदा जानकारी के अनुसार कर्बला की जंग शिया और सुन्नी के बीच के संघर्ष से संबंधित है लेकिन आज के समय में इस्लामवादी इसका प्रयोग हिंदुओं को काफिर बताकर उनके खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। इसी साल 31 जनवरी 2024 की बात है गुजरात के जूनागढ शहर में अपने 56 मिनट के भाषण के दौरान मुफ्ती सलमान अजहरी ने विवादित बयान देते हुए ऐसी टिप्पणी की थी। अजहरी ने उस भाषण में यही शब्द इस्तेमाल किए थे जिसमें कहा गया था कि अभी कर्बला की अंतिम लड़ाई बाकी है… एक पल की खामोशी फिर शोर मचेगा। आज कुत्तों का समय है कल हमारा आएगा।”

अजहरी ने यह टिप्पणी राम मंदिर के उद्घाटन के बाद की थी। उसने बार-बार हिंदुओं के लिए कुत्ते शब्द का प्रयोग करते हुए कहा था “हमारे यहाँ एक कहावत है – जब ज़मीन खुली छोड़ दी जाती है, तो कुत्ते उस जगह पर कब्ज़ा कर लेते हैं। लेकिन अगर आप ज़मीन का इस्तेमाल करते रहेंगे, तो वह कुत्तों के लिए आश्रय स्थल नहीं बनेगी।” इसी तरह जनवरी 2023 में जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी गुलाम रसूल बलयावी ने कसम खाते हुए कहा था पैगंबर मोहम्मद पर कोई उंगली उठाई गई तो इस्लामवादी युद्ध छेड़ देंगे और हर शहर को ‘कर्बला’ में बदल देंगे।

फेसबुक के एडल्ट ग्रुप्स में डालता था कॉलेज छात्राओं की फोटो, करता था गंदे कमेंट: केरल में शिकायत के बाद गिरफ्तार हुए SFI के पूर्व नेता को मिली जमानत

केरल में पुलिस ने वामपंथी छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने कई लड़कियों की फोटो चोरी करके अश्लील फेसबुक ग्रुप में डालीं। वह यह काम कई लड़कियों की फोटो के साथ कर चुका था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोच्चि के कलादी से एस रोहित नाम के एक युवक को पकड़ा गया है। वह लड़कियों की फोटो को उनके सोशल मीडिया से चुराता था और फिर उन्हें ऐसे फेसबुक ग्रुप में डालता था जहाँ अश्लील सामग्री परोसी जाती थी। वह इन फोटो को साझा करते हुए उन पर अश्लील टिप्पणियाँ भी लिखता था।

पुलिस की जाँच में पता चला है कि वह अब तक कम से कम 19 लड़कियों की फोटो का ऐसे ही इस्तेमाल कर चुका है। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं और उन्हें जाँच के लिए भेज दिया है। उसकी यह करतूत एक लड़की की शिकायत के बाद खुली है।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि रोहित ने उसके दोस्तों द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई फोटो को चुरा लिया और उसे फिर एक अश्लील सामग्री परोसने वाले ग्रुप में साझा किया। इसके बाद लड़की की फोटो को अश्लील कंटेंट के साथ साझा किया गया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि रोहित भी पूर्व में छात्र था। वह कॉलेज से निकलने के बाद भी यहाँ आया करता था और छात्राओं की फोटो, वीडियो लिया करता था। इसके बाद वह इन फोटो गलत इस्तेमाल करता था। पुलिस ने महिला की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने उसके विरुद्ध केरल पुलिस एक्ट के तहत मामला भी दर्ज कर लिया है। रोहित ने गिरफ्तारी बाद पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह लड़कियों की फोटो का गलत इस्तेमाल करता था । उसे जमानत भी मिल गई है।

बांग्लादेशी महिला मल्लिका साकिन सरदार ने फर्जी तरीके से बनवाया आधार कार्ड, सूरत में मिली 14 महीने की सजा: जेल काटने के तुरंत बाद बांग्लादेश किया जाएगा डिपोर्ट

गुजरात के सूरत में फर्जी आधार कार्ड बनाकर भारत की नागरिकता हासिल करने की कोशिश करने वाली बांग्लादेशी महिला मल्लिका साकिन सरदार को दोषी ठहराया गया है और 14 महीने जेल की सजा सुनाई गई है। मल्लिका साकिन सरदार को फर्जी आधार कार्ड बनवाकर धोखाधड़ी करने की कोशिश का दोषी पाया गया है। मल्लिका साकिन सरदार को कुल 14 माह की सजा गई है, और उसे 14 महीने की सजा पूरी करते ही बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया जाएगा। हालाँकि सरकारी वकील ने कहा है कि वो सजा को बढ़वाने के लिए उच्च अदालत का रुख करेंगे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (8 जुलाई 2024) को सूरत जिला कोर्ट ने अपने फैसले में मल्लिका साकिन सरदार को दोषी पाया। मल्लिका साकिन सरकार की उम्र 63 साल है। वो मूल रूप से बांग्लादेश के गोपालगंज जिले की सलाबतपुर इलाके के मंदरवाजा टेनेमेंट की निवासी है। उसके पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट, भारत का आधार कार्ड, कोरोना-टीका प्रमाणपत्र भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि वो साल 2020 से सूरत में रह रही थी।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजयकुमार बारोट की अदालत के समक्ष अपनी दलीलों में सरकारी वकील पवन शाह ने कहा कि सरदार ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड बनवाया था। सरकारी वकील ने इस मामले को भारत में बढ़ते घुसपैठ से जोड़ा और कहा कि अगर आरोपितों के प्रति नरमी बरती गई, तो इससे अन्य लोग भी अवैध तरीके से भारत में घुसने की कोशिश करेंगे। हालाँकि अदालत ने महिला को धारा 465 के तहत 7 माह और आईपीसी की धारा 471 के तहत 7 माह की सजा सुनाई।

सरदार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 465 (जालसाजी), 470 (जाली दस्तावेज), 471 (जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 467 (मूल्यवान सुरक्षा के लिए जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। वो मौजूदा समय में सूरत सेंट्रल जेल में बंद है। इस मामले में कोर्ट ने कहा कि दोषी महिला को 14 माह की सजा पूरी होते ही बांग्लादेश भेज दिया जाए और इस बात की रिपोर्ट अदालत में जमा कराई जाए। हालाँकि सरकारी वकील पवन शाह ने कहा कि हम अदालत के आदेश को पढ़ने के बाद आगे कदम उठाएँगे।

‘ईसाई युवक ने फुसला कर शादी किया, अब बना रहा धर्मांतरण का दबाव’: कानपुर में न्याय के लिए पुलिस के पास पहुँची दलित महिला, कहा – होती है पिटाई

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से ईसाई धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित लड़की ने पुलिस में ईसाई युवक निखिल कुरील के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने निखिल कुरील पर पहले खुद को बहला-फुसला कर शादी करने और अब धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता और आरोपित पड़ोसी हैं। ईसाई न बनने पर लड़की की पिटाई भी की गई है। सोमवार (8 जुलाई 2024) को पुलिस ने बताया कि मामले में जाँच की जा रही है।

हालाँकि, निखिल के परिवार ने खुद को दलित बताते हुए उसका प्रमाण पत्र सार्वजानिक किया है और उलटे पीड़िता पर ही खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना कानपुर नगर के थाना क्षेत्र पनकी की है। यहाँ सोमवार को एक दलित पीड़िता अपनी माँ के साथ DCP कार्यालय पहुँची। उन्होंने शिकायत देते हुए बताया कि 2 साल से ईसाई मत का निखिल कुरील पीड़िता के पड़ोस में रह रहा था। आते-जाते उसका पीड़िता से परिचय हुआ और बातचीत होने लगी। यही बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। आखिरकार अलग-अगल मत होने के बावजूद दोनों ने अप्रैल 2024 में शादी कर ली। शादी कुछ दिनों तक तो सही चली लेकिन बाद में पति-पत्नी में विवाद शुरू हो गया।

लड़की का कहना है कि शादी के बाद उनका पति उन्हें ले कर लखनऊ गया। लखनऊ में निखिल के अन्य पारिवारिक सदस्य रहते हैं। आरोप है कि यहाँ पीड़िता को उसके ससुराल वालों ने अपनाने से इनकार कर दिया। पीड़िता को अपनाने के लिए ईसाई बनने की शर्त रखी गई। जब लड़की ने धर्म-परिवर्तन के लिए मना कर दिया तो उसकी ससुराल वालों ने पिटाई की और वापस भेज दिया। इस प्रताड़ना में निखिल द्वारा भी अपने ही परिवार की तरफ से खड़ा रहने की बात कही गई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

वहीं इस मामले में पुलिस का बयान भी आया है। पनकी की ACP श्वेता कुमारी ने बताया कि 18 जून 2024 को पीड़िता और आरोपित आपसी विवाद ले कर पुलिस के पास गए थे। तब पुलिस की मौजूदगी में दोनों ने अपना विवाद खत्म किया था और आगे से साथ रहने का भरोसा दिया था। पुलिस का ये भी कहना है कि पूर्व में दी गई शिकायत में पीड़िता ने इस प्रकार के गंभीर आरोप नहीं लगाए थे। हालाँकि ACP पनकी का कहना है कि पीड़िता द्वारा दी गई नई शिकायत पर जाँच करवाई जा रही है। जाँच के बाद जो भी जरूरी तथ्य निकल कर आएँगे उन पर नियमानुसार कार्रवाई की आएगी।

अपने खिलाफ पुलिस में शिकायत होने एक बाद अब निखिल का भी परिवार मीडिया के सामने आया है। निखिल की माँ ने पीड़िता पर ही खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनको आए दिन फँसा देने की धमकियाँ दी जा रही थीं। निखिल की माँ का दावा है कि वो दलित (SC) समुदाय से हैं। उन्होंने अपनी जाति का प्रमाण पत्र भी सार्वजानिक किया है।

CM बदलने के बाद लोकसभा में मुकाबला टाई, विधानसभा चुनाव सर पर: जानिए कौन हैं मोहन लाल बडौली, जिन्हें हरियाणा में BJP ने चुना प्रदेश अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने हरियाणा में मोहन लाल बडौली को हरियाणा बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाया है। इस समय वो राई विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं। उन्होंने 2019 में पहली बार राई विधानसभा सीट पर बीजेपी का झंडा लहराया था। राई विधानसभा सीट सोनीपत जिले में है।

बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से मोहन लाल के नाम की घोषणा की गई।

कौन हैं मोहन लाल बडौली?

मोहन लाल बडौली को पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी का करीबी माना जाता है। वे मौजूदा समय में पार्टी के प्रदेश महामंत्री के पद पर थे। हालाँकि वो हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में हार गए थे। मोहन लाल बडौली अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की शुरुआत से ही साल 1989 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं। संघ के करीबी नेता के तौर पर उनकी पहचान रही है। इस बार उनके नेतृत्व में पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ने वाली है।

मोहन लाल बडौली का जन्म 1963 में हरियाणा के सोनीपत जिले की राई तहसील के बडौली गाँव में हुआ था। मोहन लाल ने हाई स्कूल की पढ़ाई जीएसएसएस, खेवड़ा, सोनीपत से पूरी की। इसके बाद उन्होंने सोनीपत के बहालगढ़ चौक के पास कपड़ा मार्केट में एक दुकान भी चलाई। साल 2021 में उन्हें प्रदेश महामंत्री के पद के साथ हरियाणा भाजपा की कोर टीम में शामिल किया गया था। बडौली ने 2019 में राई विधानसभा से चुनाव लड़ा था और 2,663 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। वह इस विधानसभा सीट पर चुनाव जीतने वाले बीजेपी के पहले नेता हैं।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

हरियाणा के मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाए जाने पर मोहन लाल बडौली को बधाई दी है। सीएम सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी हरियाणा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर राई विधायक मोहन लाल बडौली जी को ढेर सारी बधाई एवँ शुभकामनाएँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में हरियाणा में संगठनात्मक कार्यों को एक नई दिशा मिलेगी और फिर से तीसरी बार भाजपा की सरकार बनेगी।”

नायाब सिंह सैनी से की मुलाकात

हरियाणा के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद बडौली ने अभी तक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी से मुलाकात की। नायाब सिंह सैनी ने इस मुलाकात के बारे में एक्स पर भी पोस्ट किया और लिखा, “भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राई विधायक मोहन लाल बडौली जी को मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर पहुंचने पर शुभकामनाएं एवं सफल कार्यकाल के लिए अग्रिम बधाई दी।”

बता दें कि हरियाणा में जाट समाज की राजनीति हमेशा से मुखर रही है। अधिकतर दलों की कमान जाट समाज के लोगों के ही हाथों में है। चूँकि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जाट वोटर का लाभ नहीं मिला, ऐसे में बीजेपी ने भी अपने मजबूत काडर वोट की तरफ नजर बढ़ाया है। इस समय हरियाणा में नॉन-जाट सीएम के तौर पर नायाब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री हैं, जो अभी तक प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान भी संभाल रहे थे और अब प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान ब्राह्मण चेहरे को देकर ये संदेश देने की कोशिश दी गई है कि बीजेपी में जाट लीडरशिप के अलावा अन्य समाज से भी लीडरशिप है।

गौतम गंभीर बने भारतीय क्रिकेट टीम के कोच, राहुल द्रविड़ की ली जगह: बतौर खिलाड़ी 2 बार के विश्व कप विजेता, IPL की 2 ट्रॉफी भी जीती

टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज रहे गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनाया गया है। काफी समय से उनका नाम इस पद के लिए चल रहा था। उन्होंने राहुल द्रविड़ की जगह ली है, जिनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने हाल ही में टी-20 क्रिकेट विश्वकप जीता है। गौतम गंभीर का काम श्रीलंका जाने वाली भारतीय टीम के साथ शुरू हो जाएगा, उसके बाद उनके सामने इस साल के आखिर में चैंपियंस ट्रॉफी और फिर अगले साल 50 ओवरों का विश्वकप है। वहीं, उनकी कोचिंग में टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इस फॉर्मेट का भी सरताज बनना चाहेगी।

गौतम गंभीर 2 बार बतौर खिलाड़ी विश्वकप जीत चुके हैं। उन्होंने 2007 के टी-20 विश्वकप में यादगार पारियाँ खेली थी, तो साल 2011 के फाइनल में भी मैच जिताऊँ पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। वो बतौर कप्तान 2 बार आईपीएल की ट्रॉफी भी जीत चुके हैं, तो उनकी मेंटरशिप में हाल ही में केकेआर आईपीएल की चैंपियन बनी है।

राहुल द्रविड़ का कार्यकाल पूरा होने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका नाम पहले से मुख्य कोच के तौर पर लिया जा रहा था, अब इस पर मुहर भी लग चुकी है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। शाह ने ट्वीट किया, “मुझे भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच के तौर पर गौतम गंभीर का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही हैै। आधुनिक क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और गौतम ने इस बदलते परिदृश्य को करीब से देखा है। अपने पूरे करियर में कठिनाइयों को सहने और विभिन्न भूमिकाओं में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, मुझे विश्वास है कि गौतम भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए आदर्श व्यक्ति हैं।”

गौतम गंभीर ने टीम इंडिया का कोच बनने के बाद एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “भारत मेरी पहचान है और अपने देश की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। मैं वापस आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, हालाँकि एक अलग टोपी पहनकर। लेकिन मेरा लक्ष्य वही है जो हमेशा से रहा है, हर भारतीय को गौरवान्वित करना। मेन इन ब्लू 1.4 बिलियन भारतीयों के सपनों को अपने कंधों पर उठाते हैं और मैं इन सपनों को साकार करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दूँगा!”

बता दें कि गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप 2011 जिताया है। इस खिलाड़ी ने टीम इंडिया के लिए 58 टेस्ट मैच खेले हैं। साथ ही 147 वनडे और 37 टी20 भी उन्होंने खेले हैं। गंभीर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 20 शतक जमाए हैं।

रूस के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए PM मोदी, व्यापार से लेकर तकनीक तक पर पुतिन से बातचीत: रो रहे जेलेंस्की का भी हो गया मुँह बंद

रूस की यात्रा पर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस ने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को एक बार फिर से शांति का पाठ पढ़ाया, तो दौरे के पहले दिन को लेकर जेलेन्स्की की नाराजगी भी खत्म कर दी। दरअसल, जेलेन्स्की ने पीएम मोदी के दौरे के पहले दिन पर तंज कसा था, लेकिन दूसरे दिन पीएम मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाकर पूरी दुनिया का मुँह बंद कर दिया।

रूस ने पीएम मोदी को दिया देश का सर्वोच्च सम्मान

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। पीएम मोदी को पुतिन ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया। जिस पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा, “यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और रूस के बीच सदियों पुरानी दोस्ती का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी का सम्मान है। उन्होंने कहा कि पुतिन के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों में भारत और रूस के बीच संबंध मजबूत हुए हैं।”

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के दौरे के दूसरे दिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से चर्चा की। पीएम ने पुतिन से वार्ता के दौरान आतंकवाद का मुद्दा उठाया। पीएम ने कहा कि आतंकवाद हर देश के लिए खतरा बना हुआ है।

पीएम मोदी ने पुत‍िन के सामने बच्‍चों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने कहा, “युद्ध हो, क‍िसी तरह का संघर्ष हो या फ‍िर आतंकी हमला। इसमें जनहान‍ि होती है। मानवता में विश्वास करनेवाला हर व्यक्ति, जब जनहानि होती है तो पीड़ित होता है। उसमें भी जब मासूम बच्चों का कत्ल होता है, तो हृदय छलनी हो जाता है। यह दर्द भयानक होता है। इस मामले में आपसे चर्चा भी हुई है।” पीएम मोदी ने मॉस्को कंसर्ट हमले और दागेस्तान आतंकी हमले की बात भी उठाई।

दरअसल, पीएम मोदी ने अपने दौरे के पहले दिन जब पुतिन से मुलाकात की थी, तो ठीक उसी समय रूस ने उक्रेन में एक अस्पताल को मिसाइल हमले का शिकार बनाया था। ऐसे में पीएम मोदी की पुतिन से मुलाकात को लेकर जेलेन्स्की ने निशाना साथा था। उन्होंने एक्स पर लिखा, “रूस के क्रूर मिसाइल हमले में यूक्रेन में आज 37 लोग मारे गए और 170 घायल हो गए। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को मॉस्को में ऐसे दिन दुनिया के सबसे खूनी अपराधी को गले लगाते देखना बहुत बड़ी निराशा और शांति प्रयासों के लिए विनाशकारी झटका है।”

हालाँकि तब भारत ने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन जब पीएम मोदी और पुतिन दूसरे दिन मिले, तो पीएम मोदी ने पुतिन के सामने सारे मुद्दे उठाए। पीएम मोदी ने जेलेन्स्की और यूक्रेन का नाम लिए बिना भी बड़ी बात कह डाली, जिसके बाद जेलेन्स्की ने भी अप्रत्यक्ष रूप से पीएम मोदी को धन्यवाद कहा है। उन्होंने एक्स पर बताया कि अस्पताल पर हमले में मरने वालों की संख्या 38 हो गई है, लेकिन जिन देशों ने यूक्रेन की बात उठाई है, वो उन्हें धन्यवाद अदा करते हैं।

बता दें कि भारत-और रूस के संबंध बहुत पुराने और मजबूत रहे हैं। रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार भी है। दोनों देश एक-दूसरे के लिए खड़े होते हैं। हालाँकि भारत ने रूस को लगातार यूक्रेन हमले को लेकर सीख दी है। ऐसे में पश्चिमी देश भी भारत की मुखालफत नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, भारत और रूस का रिश्ता लगाकार मजबूत होता है। इस बीच, रूस दौरे पर व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है। ये शिखर सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर को रूस में आयोजित किया जाएगा।

बार में बैठ खर्च किए थे ₹20000, डेढ़ किलोमीटर तक पीड़िता को घसीटा… 72 घंटे बाद धराया BMW से स्कूटी सवार महिला को कुचने वाला मिहिर, नेता पिता को जमानत

महाराष्ट्र के मुम्बई में रविवार (7 जुलाई, 2024) को हिट एन्ड रन की घटना में एक महिला की मौत हो गई थी। पीड़िता का नाम कावेरी था जो अपने पति के साथ स्कूटी से कहीं जा रही थी। घटना शिवसेना शिंदे गुट के नेता राजेश शाह की BMW कार से हुई थी जिसका ड्राइवर मंलगवार (9 जुलाई) को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित राजेश का बेटा मिहिर शाह है। मृतका के पति ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरते जाने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित के पिता राजेश शाह को रविवार (7 जुलाई) को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उन्हें 24 घंटों के अंदर 15 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत मिल गई थी। एक्सीडेंट के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित मिहिर शाह की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बना कर एक बड़ा अभियान छेड़ा था। लगभग 1 दर्जन लोगों से पूछताछ भी की गई थी। घटना के बाद से मिहिर शाह के अपने ही किसी रिश्तेदारी में छिपे होने की आशंका जताई जा रही थी। न सिर्फ मिहिर शाह बल्कि उसके कई रिश्तेदारों ने अपने फोन ऑफ़ कर लिए थे।

आखिरकार मिहिर शाह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मिहिर के अलावा घटना के समय उनके साथ कार में मौजूद ड्राइवर राजऋषि को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने ही मिहिर को घटना वाले दिन कार चलाने का दबाव दिया था। सामने यह भी आया है कि महिला को कुचलने से पहले मिहिर ने जुहू के एक बार में 20 हजार रुपए खर्च किए थे। आरोप यह भी है कि महिला को ठोकर मारने के बाद ड्राइवर राजऋषि ने ही मिहिर को भाग जाने के लिए कहा था।

अब तक की जाँच में यह भी सामने आया है कि 45 वर्षीया कावेरी को ठोकर मारने के बाद मिहिर ने उनके शरीर को लगभग डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा था। मृतका के पति प्रदीप का कहना है कि उन्होंने कई बार मिहिर को रुकने के लिए कहा लेकिन उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा। पुलिस ने घटनास्थल से CCTV फुटेज भी उठाए हैं। इन फुटेज में आरोपित के गाडी की स्पीड तय मानकों से कहीं ज्यादा दिख रही है। राजेश शाह की BMW कार को भी पुलिस ने सीज कर दिया है।

पता यह भी चला है कि घटना के बाद राजेश शाह ने अपने बेटे को बचाने की काफी कोशिश की। उन्होंने गाडी को कहीं रास्ते में छोड़ कर ऑटोरिक्शा से कहीं फरार हो जाने की भी सलाह दी थी। इस बीच घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का भी बयान सामने आया है। एकनाथ शिंदे ने पुलिस को निष्पक्षता से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नजर में सबके लिए कानून बराबर है और किसी को भी रियायत नहीं मिलने वाली।

रियासी, डोडा, पुँछ, कठुआ… जम्मू कश्मीर में फिर से सर उठा रहा है आतंकवाद, इस साल हुए ये 9 बड़े हमले

साल 2024 आधा बीत चुका है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में काफी तेजी देखी गई है। खास बात ये है कि पहले जहाँ जम्मू क्षेत्र में आतंकी हमले न के बराबर होते थे, वहाँ आतंकी हमलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। बीते कुछ माह में जम्मू क्षेत्र में हुए आतंकी हमलों में काफी संख्या में आम लोगों ने अपनी जान गवाँई है, तो जवानों को भी वीरगति प्राप्त हुई है। ऐसे ही आतंकी हमलों पर एक नजर..

कठुआ में 8 जुलाई को आतंकवादी हमला

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 जुलाई को सेना के ट्रक पर हुए आतंकवादी हमले में 4 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, तो छह घायल हो गए। घायल जवानों में से एक ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह घटना बिलावर तहसील के लोई मल्हार क्षेत्र के बदनोटा गाँव में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुई। यह कठुआ जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर है और डोडा जिले की सीमा से सटा हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया, “सोमवार दोपहर बिलावर के लोई मल्हार क्षेत्र के बदनोटा गाँव में हथियारबंद आतंकवादियों ने सेना के ट्रक पर घात लगाकर हमला किया। माना जा रहा है कि दो से तीन की संख्या में आए आतंकवादियों ने पहले ग्रेनेड फेंका और फिर ऑटोमेटिक गनों से गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में 4 जवानों ने मौके पर दम तोड़ दिया, तो 6 घायल हो गए। बाद में एक अन्य जवान की अस्पताल में साँस थम गई।”

कठुआ में 12 जून को आतंकवादी हमला

कठुआ में 12 जून को दो आतंकियों ने गोलीबारी की। दोनों आतंकियों को सेना ने मार गिराया। इस दौरान गोलीबारी में एक अर्धसैनिक बल का एक जवान भी वीरगति को प्राप्त हुआ। इसके साथ ही डोडा में सेना के बेस पर भी हमला हुआ, जिसमें 5 जवान और एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर घायल हो गए। ये मुठभेड़ दूसरे दिन सुबह तक जारी रही।

कठुआ के हीरानगर में 11 जून को आतंकवादी हमला

कठुआ के हीरानगर इलाके में 11 जून को ग्रामीणों ने गोलियों की आवाज सुनी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। हीरानगर सेक्टर के सेडा सोहल गाँव में संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया और एक आतंकवादी को मार गिराया गया।

डोडा में 11 जून को हमला

डोडा के हीरानगर इलाके में 11 जून को सेना के अस्थाई कैंप पर हमला किया, जिसमें एक आतंकवादी ढेर हो गया। इस दौरान एक आम नागरिक भी घायल हो गया।

रियासी में 9 जून को तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला

जम्मू-कश्मीर में 9 जून को तीर्थयात्रियों से भरी एक बस आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी के बाद गहरी खाई में गिर गई, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। यह घटना रियासी जिले में हुई, जहाँ शिव खोरी मंदिर से तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी की। बस शिव खोरी से कटरा जा रही थी। पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और घटनास्थल पर पहुँचे। रिपोर्टों के अनुसार, सड़क से नीचे गिरने से पहले आतंकवादियों ने बस पर कम से कम 50 राउंड फायरिंग की। पीड़ितों में से एक ने एक बयान में कहा कि बस के खाई में गिरने के बाद भी आतंकवादी गोलीबारी करते रहे।

सुरक्षा बलों ने 22 मई को कुपवाड़ा के जंगल से गोला-बारूद बरामद किया

22 मई को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त तलाशी अभियान में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के एक जंगल से हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे भंडार बरामद किए । तलाशी अभियान के दौरान रॉकेट प्रोजेक्टाइल गन (आरपीजी) राउंड, हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल के साथ गोला-बारूद और युद्ध जैसे भंडार बरामद किए गए हैं। इससे पहले 16 मई को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के तंगधार इलाके में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की एक बड़ी आतंकी कोशिश को नाकाम कर दिया था। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त दस्ते ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार आतंकवादियों को सशस्त्र बलों ने मार गिराया।

भारतीय वायुसेना के काफिले पर 4 मई को आतंकवादी हमला

पुंछ में 4 मई को भारतीय वायुसेना के काफिले पर आतंकियों ने गोलीबारी की, जिसमें एक जवान को वीरगति प्राप्त हुई। इस हमले में चार जवान घायल भी घायल हुए।

पुंछ में 12 जनवरी को सेना के काफिले पर हमला

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में 12 जनवरी को गोलीबारी की घटना हुई , जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार, पुंछ के लोअर कृष्णा घाटी सेक्टर के धारा धुलियान इलाके में गोलीबारी की घटना दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार, गोलीबारी सुरक्षा बलों के वाहनों के काफिले को निशाना बनाकर की गई थी, और यह सुझाव दिया गया है कि हमलावर शुरुआती गोलीबारी के बाद भाग गए होंगे। हालाँकि इस पूरे अभियान में कोई घायल नहीं हुआ।

सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच 5 जनवरी को मुठभेड़

शोपियाँ में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच 5 मई को मुठभेड़ हुई। शोपियाँ जिले के चोटिगाम इलाके में तड़के सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में आतंकी हताहत हुआ।

अभी तक माना जाता था कि कश्मीर का घाटी वाला इलाका आतंकवाद से ज्यादा प्रभावित है, लेकिन अब लगता है कि आतंकवादियों ने अपने गोलपोस्ट में बदलाव कर लिया है। अब वो दक्षिणी हिस्से यानी जम्मू-जोन में हमले कर रहे हैं। इस साल अधिकतर हमले जम्मू जोन में हुए हैं। जो ये इशारा करते हैं कि सेना को अब घाटी क्षेत्र के अलावा जम्मू क्षेत्र पर भी ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा।

चीनी जालसाजों की कैद में 3000 भारतीय, महिलाओं से करवाते हैं न्यूड वीडियो कॉल: चंगुल से छूट कर आए युवक ने बताया – नौकरी के नाम पर फँसाते हैं

खुद को भुक्तभोगी बताते हुए तेलंगाना के एक युवक ने दावा किया है कि चीन के साइबर अपराधियों के चक्कर में कई भारतीय कम्बोडिया में गुलाम बना कर रखे गए हैं। इन पीड़ितों की तादाद लगभग 3000 के आसपास बताई गई है जिसमें कई महिलाएँ शामिल हैं। इन महिलाओं का प्रयोग हनीट्रैप जैसी घटनाओं में न्यूड कॉल तक के लिए किया जा रहा है। गुलाम बनाए गए लोगों में ज्यादातर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बताए जा रहे हैं। अधिकतर लोगों को नौकरी दिलाने का झाँसा दे कर बुलाया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना का रहने वाला मुंशी प्रकाश नाम का मीडिया के युवक सामने आया है। मुंशी प्रकाश ने आपबीती का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech तक पढ़ाई की है। JT हैदराबाद में नौकरी करते हुए मुंशी प्रकाश ने अपना बायोडाटा इंटरनेट पर अपलोड किया था। इसी बायोडाटा को देख कर कम्बोडिया से विजय नाम के व्यक्ति ने प्रकाश को कॉल कर के ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का ऑफर दिया। ट्रेवल हिस्ट्री बनाने के लिए मुंशी प्रकाश को पहले मलेशिया का टिकट दिया गया।

12 मार्च, 2024 को को मुंशी प्रकाश मलेशिया की राजधानी क्वालालम्पुर पहुँचे। यहाँ से उन्हें विजय का एक स्थानीय प्रतिनिधि मिला जिसने मुंशी प्रकाश से 85,000 डॉलर ले लिए। इसी दौरान एक चीनी व्यक्ति ने मुंशी प्रकाश का पासपोर्ट ले लिया और उन्हें अपने साथ ले कर कम्बोडिया के क्रांग बावेत ले गया। यहाँ मुंशी प्रकाश को एक टॉवर में ले जाया गया जहाँ कई अन्य भारतीय पहले से मौजूद थे। इस टॉवर में मुंशी प्रकाश को 10 दिनों तक फेसबुक पर लड़कियों की फर्जी ID बनाने की ट्रेनिंग दिलाई गई।

मुंशी प्रकाश ने बताया कि फेसबुक की ये ID तमिल और तेलगु सहित कई अन्य भाषाओं में बनवाई जा रही थी। काम के बाद पीड़ित को एक अँधेरे कमरे में बंद रखा जाता था। इनकार करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती थी और खाना-पीना भी ठीक से नहीं दिया जाता था। फोटो आदि खींचने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। एक दिन मौका पाकर मुंशी प्रकाश ने अपनी बहन को ईमल कर के सारी समस्या बताई। तब मुंशी प्रकाश की बहन से तेलंगाना के प्रशासन को इस मामले से अवगत करवाया था।

स्थानीय स्तर पर समस्या का हल न निकलने पर मुंशी प्रकाश के परिजनों ने भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई। दूतावास की पहल पर कम्बोडिया की पुलिस एक्टिव हुई और मुंशी प्रकाश को बरामद कर लिया। इस बीच चीनी गिरोह ने मुंशी प्रकाश के खिलाफ तहरीर दे कर उन्हें गिरफ्तार करवा दिया। इस वजह पीड़ित को 12 दिनों तक जेल काटनी पड़ी थी। अंत में 9 अन्य भारतीयों के साथ मुंशी प्रकाश 5 जुलाई, 2024 को कम्बोडिया से भारत वापस भेज दिए गए। भारत आ कर मुंशी प्रकाश ने बताया कि उनकी ही तरह लगभग 3000 भारतीय कम्बोडिया में चीनी जालसाजों की वजह से फँसे हुए हैं।

मुंशी प्रकाश का दावा है कि 3000 बंधकों में कई महिलाएँ भी शामिल हैं। इन महिलाओं से हनीट्रैप का काम करवाया जा रहा है। लड़कियों को नग्न होकर वीडियो कॉल करने पर मजबूर किया जाता है। मुंशी ने बताया कि उन्हें कम्बोडिया में चीनी जालसाजों के जाल में फँसे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, मुंबई और दिल्ली के लोग मिले। इन सभी को विदेश में नौकरी का झाँसा दे कर कम्बोडिया बुलाया गया था। जालसाजी के जुटाया गया ये पैसा पहले क्रिप्टो करेंसी में बदला जाता है। बाद में इसे अमेरिकी डॉलर और अंत में चीनी मुद्रा युवान में बदलवा ली जाती है।