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13 लोग ऐसे भी जो घर में सोने आए, लेकिन फिर कभी जगे नहीं: तमिलनाडु में जहरीली शराब से अब तक 56 मौतें, चुप्पी पर कॉन्ग्रेस को नड्डा ने घेरा

तमिलनाडु के कल्लाकुरुची जिले में जहरीली शराब से हुई 56 मौतों के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र लिखा है। नड्डा ने इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस पार्टी की चुप्पी को लेकर हैरानी जताई है और माँग की है है खरगे DMK सरकार पर CBI जाँच के लिए दबाव बनाएँ।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने अपने पत्र में लिखा है, “तमिलनाडु के कल्लाकुरिची के करुणापुरम गाँव से जलती हुई चिताओं की भयानक तस्वीरें, जिसमें अब तक 56 लोगों की मौत हो गई
है और लगभग 159 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, ने सभी की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है।”

जेपी नड्डा ने कहा है कि कल्लाकुरुची में घटी यह घटना पूरी तरीके से मानव निर्मित त्रासदी है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में कच्ची शराब का यह धंधा लगातार फल फूल रहा था और इस मामले के घटित होने से पहले भी एक आदमी को पकड़ा गया था, जिसके पास कच्ची शराब थी। उसको बाद में छोड़ दिया गया था, इस मामले में वह फिर गिरफ्तार हुआ है।

नड्डा ने कहा कि यह धंधा पुलिस-प्रशासन की जानकारी में चल रहा था और जब त्रासदी हो गई तो राज्य की DMK-INDI गठबंधन की सरकार इस मामले पर लीपापोती में जुटी हुई है। नड्डा ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हत्या’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि घटना के बाद भी राज्य सरकार इस मामले की निष्पक्ष जाँच रोक रही है।

नड्डा ने कहा कि इस मामले में पुलिस पर पहले ही आरोप हैं और अब जाँच CB-CID कर रही है, ऐसे में निष्पक्ष जाँच की आशा कैसे की जा सकती है। उन्होंने खरगे से माँग की कि वह राज्य सरकार पर दबाव बनाकर आबकारी मंत्री मुथुस्वामी को हटाया जाए औए मामले की जाँच CBI करे, इसके लिए दबाव बनाएँ।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने यह भी कहा कि जहाँ यह घटना हुई है, वहाँ बड़ी संख्या में SC आबादी रहती है। ऐसे में उनको न्याय दिलाने के लिए अब केवल शब्दों से काम नहीं चलेगा बल्कि कॉन्ग्रेस को अब काम करना पड़ेगा। उन्होंने खरगे से यह भी कहा है कि वह मुख्यमंत्री स्टालिन से भी घटना स्थल पर जाने को कहें और साथ ही राहुल-प्रियंका गाँधी को इसके लिए तैयार करें।

अपने पत्र में नड्डा ने लिखा है कि इस त्रासदी के बाद भी कॉन्ग्रेस पार्टी ने चुप्पी साध रखी है जिसको लेकर वह स्तब्ध हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस से इसके अलावा दिल्ली शराब घोटाला मामले को लेकर एक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस को इस मामले को उठाने की जरूरत है न कि चुप्पी साधने की।

वहीं दूसरी तरफ इस कल्लाकुरुची जहरीली शराब त्रासदी में नए खुलासे भी हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सरकारी मौतों के आँकड़े 56 के अलावा 13 लोग अपने घर में सोते समय ही काल के गाल में समा गए। इनके घरवालों को बाहर मौतों की खबर देखर शक हुआ और जब यह उन्हें अस्पताल लेकर पहुँचे तब तक देर हो चुकी थी।

गौरतलब है कि बुधवार (19 जून, 2024) को जहरीली शराब पीने के बाद लोग बीमार पड़ना चालू हुए। बताया गया कि इस जहरीली शराब का सेवन करने वाले अधिकांश लोग मजदूर थे और उन्होंने करुनापुरम इलाके से यह कच्ची शराब खरीदी थी। इन्होने यह शराब मंगलवार (18 जून, 2024) को पी थी। इसके बाद इन्हें सांस लेने में तकलीफ, दिखाई ना देना और डायरिया जैसी समस्याएँ होने लगीं। इसके बाद मौतों का आँकड़ा लगातार बढ़ता गया। इस मामले में अभी तक की सूचना के अनुसार 56 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिहार में EOU ने राख से खोजे NEET के सवाल, परीक्षा से पहले ही मोबाइल पर आ गया था उत्तर: पटना के एक स्कूल को बनाया था ‘सेफ हाउस’, गिरोह के 5 गिरफ्तार

मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए आजकल अच्छी खबरें आ नहीं रही हैं। पहले तो NEET UG की परीक्षा का पेपर लीक हो गया और इसकी जाँच CBI को सौंपने के अलावा NTA अध्यक्ष को हटाना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ NEET PG की परीक्षा रद्द होने के कारण कई डॉक्टर नाराज़ हैं। अब बिहार पुलिस की ‘आर्थिक अपराध इकाई (EOU)’ ने रविवार (23 जून, 2024) को पेपर लीक गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। बलदेव कुमार उर्फ़ चिंटू को झारखंड के देवघर से दबोचा गया है।

परीक्षा वाले दिन यानी 5 मई को सुबह-सुबह ही उसके मोबाइल फोन पर NEET की परीक्षा का पेपर उत्तर के साथ ही PDF फॉर्मेट में आ गया था। रविवार को ऐसे 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इन सभी को पटना की अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसका सरगना संजीव कुमार फरार चल रहा है, बलदेव उसी का साथी है। बलदेव नालंदा के बिहारशरीफ का रहने वाला है। अन्य गिरफ्तार आरोपितों में मुकेश, राजीव और परमजीत सिंह उर्फ़ बिट्टू शामिल हैं।

मुकेश अगमकुआँ का रहने वाला है, जबकि परमजीत नालंदा के छबीलापुर का निवासी है। पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र स्थित नंदलाल छपरा स्थित लर्न बॉयज हॉस्टल एन्ड प्ले स्कूल में आंशिक रूप से जले हुए कागज़ात भी मिले हैं। इसी स्कूल में लीक हुए प्रश्नपत्र की कॉपी जलाई गई थी, FSL को नमूने जाँच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 68 सावल असली प्रश्न-पत्र से मैच करते हुए मिले हैं। बलदेव ने उम्मीदवारों को उत्तर रटाए और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुँचाने की भी व्यवस्था की। इसके लिए टैक्सी का इस्तेमाल किया गया। अब ये मामला CBI को सौंपा जाएगा।

‘मुखिया गैंग’ ने झारखंड के हजारीबाग स्थित एक स्कूल से प्रश्न-पत्र हासिल किया था। इसका नाम Oasis प्ले स्कूल है। जले हुए प्रश्नपत्र के कुछ हिस्सों को NTA के प्रश्न-पत्र से मैच कर के इसकी पुष्टि की गई। 15 अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की जा रही है। CBI का 2 सदस्यीय दल जाँच के लिए बिहार पहुँच भी चुका है। पुलिस ने हजारीबाग स्थित SBI और ब्लू डार्ट कुरियर सर्विस वालों से भी पूछताछ की है। एक संगठित गिरोह ये काम कर रहा था, जो बिहार के बाहर से काम करता है।

हर परीक्षा केंद्र का एक यूनिक कोड होता है, जले हुए प्रश्न-पत्रों में मिले कोड से ही पता चला कि ये हजारीबाग के स्कूल का है। EOU की सिफारिश पर ही बिहार पुलिस ने CBI जाँच की अनुशंसा की थी। न सिवफ सवाल, बल्कि सवालों के सीरियल नंबर भी ओरिजिनल प्रश्न-पत्र से मैच कर रहे हैं। NTA अब तक प्रश्न-पत्र साझा करने से बच रही थी, इसी कारण EOU को मैच करने में देरी हुई। Oasis स्कूल का प्रधानाध्यापक एहसानुक हक़ है। उनका कहना है कि छात्रों के सामने ही सीलबंद लिफाफा खोला गया था।

14 साल की लड़की से 9 घुसपैठियों ने रेप किया, लेकिन सजा 20 साल की उस लड़की को मिली जिसने बलात्कारियों को ‘सुअर’ बताया: जर्मनी के ‘इंसाफ’ से दुनिया हैरान

जर्मनी में 14 साल की लड़की का रेप करने वाले बलात्कारियों को सजा नहीं दी गई जबकि उनकी आलोचना करने वाली एक लड़की को जेल भेज दिया गया। 14 वर्षीय लड़की का रेप करने वाले अधिकांश बलात्कारी जर्मनी में इस्लामी देशों से आए हुए घुसपैठिए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी के हैम्बर्ग की रहने वाले एक 20 वर्षीय लड़की ने इन बलात्कारियों पर कुछ टिप्पणियाँ की थी। लड़की ने लिखा था, “क्या तुम लोगों को शीशे में देख कर शर्म नहीं आती है।” लड़की ने उन्हें सुअर और धरती पर बोझ बताया था। बलात्कारियों ने लड़की की इन टिप्पणियों को पुलिस को बता दिया था।

इसके बाद उस पर मुकदमा चलाया गया और बलात्कारियों की बेइज्जती करने के आरोप में उसे 2 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। यह इन बलात्कारियों को दी गई सजा से अधिक थी क्योंकि उन्हें तो बिना सजा दिए ही छोड़ दिया गया था। इस मामले को लेकर प्रशासन की आलोचना हो रही थी।

क्या था पूरा मामला?

14 वर्ष की लड़की से बलात्कार का यह मामला 2020 में हुआ था। यह लड़की हैम्बर्ग के एक पार्क में अपने दोस्तों के साथ बैठी हुई थी। कोविड को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों के आधार पर पुलिस ने जब यहाँ छापा मारा तो उसके सभी दोस्त भाग गए। लड़की इसके बाद अकेली पर पड़ गई और रास्ता खोजने लगी।

इसी दौरान यहाँ घूम 4 रहे 4 बलात्कारियों ने उसके साथ बारी बारी से रेप किया। इन लोगों ने लड़की का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया और बाकी लोगों को भी रेप के लिए बुलाया। इसके बाद उसका दो और लोगों ने उसका बलात्कार किया। इसके बाद एक अन्य आदमी आया और उसका बलात्कार किया।

इसके बाद तीन और लड़के आए और उन्होंने भी लड़की का बलात्कार किया। इन बलात्कारियों ने लड़की का फोन और पर्स भी छीन लिया। इसके बाद वह किसी तरह यहाँ से भाग पाई। उसने पुलिस को यह पूरा मामला बताया।

इस मामले में जाँच के बाद 11 लोगों को आरोपित बनाया गया था। इनमें से पाँच के पास जर्मनी के पासपोर्ट थे, बाकी के सभी जर्मनी के नागरिक नहीं थे और यहाँ अवैध रूप से घुसे थे। इन 11 में से 2 लोग सबूतों के ना होने के कारण छूट गए। बाकी के 9 बलात्कारी अलग-अलग देशों से आए थे।

इनमें से 1 बलात्कारी पोलैंड, 1 सीरिया, 1 अफगान, 1 कुवैती, 1 ईरानी, 1 लीबियाई, 1 आर्मेनियाई, 1 मिस्र का और 1 मोंटेनेग्रो का रहने वाला था। इन लोगो ने बलात्कार कि वीडियो भी बनाई थी और बाद में डिलीट कर दी थी। कोर्ट में सभी सबूत होने के बाद के बाद इन 9 बलात्कारियों में से 8 को बिना किसी सजा के छोड़ दिया गया था।

लड़की को इस पूरी घटना के बाद डिप्रेशन हो गया है। वहीं कोर्ट के इस फैसले के बाद इन बलात्कारियों पर टिप्पणी करने वाली महिला को कोर्ट ने सजा दे दी। अकेली इस महिला के खिलाफ यही यह कार्रवाई नहीं की जा रही बल्कि हैम्बर्ग में 140 लोगों की जाँच पुलिस ऐसे ही मामले में कर रही है।

‘बोलो मियाँ साहेब ज़िंदाबाद, अल्लाह-हू-अकबर’… बिहार में किशोर को पैर पर थूक कर चाटने को मजबूर किया, छड़ी और थप्पड़ से ताबड़तोड़ पिटाई का वीडियो

बिहार के मुजफ्फरपुर से एक वीडियो सामने आया है, जो हैरान कर देने वाला है। मामला मोतीपुर के बतरौल गाँव का है। एक 15 साल के लड़के को पकड़ कर न सिर्फ कमरे में बंधक बनाया गया, बल्कि बेरहमी से उसकी पिटाई भी की गई। पीटने वाले शख्स ने उसे अपने पैरों पर थूक कर उसे चाटने के लिए कहा, जब तक उसने ऐसा नहीं किया तब तक उसकी पिटाई की जाती रही। क्षेत्र में इस वीडियो के सामने आने के बाद तनाव का माहौल बना हुआ ह

बुरी तरह पिटाई होने के कारण पीड़ित किशोर का एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है। बिहार पुलिस भी इस घटना की सूचना मिलने के बाद हरकत में आई और 3 युवकों को गिरफ्तार किया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बंद कमरे में एक लड़का बोरे पर बैठा हुआ है, वहीं हाथ में छड़ी लेकर एक युवक उसके सामने खड़ा है। उसने छड़ी और थप्पड़ से कई बार बोरे पर बैठे लड़के की पिटाई की। साथ ही उस से इस्लाम के मजहबी नारे लगाने के लिए भी कहा।

वहीं वीडियो में एक अन्य लड़के की आवाज़ भी आ रही होती है। वीडियो में आरोपित कह रहा है कि ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगाने पर ही वो पीड़ित को जाने देगा। वहीं आरोपितों ने ही इस पूरी घटना का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला है। फ़िलहाल गाँव में मोतीपुर थाने की पुलिस कैम्प कर रही है। दोनों पक्षों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बात की जा रही है। आरोपित कह रहे हैं कि ये मामला क्रिकेट के विवाद का है, इसी को लेकर मारपीट हुई है।

आरोपितों की पहचान मोहम्मद मुन्ना और साहिल के रूप में हुई है। फ़िलहाल इलाके में तनाव को लेकर धारा-144 लागू कर दी गई है। मोतीपुर थानाध्यक्ष राजन कुमार पांडेय ने कहा कि पीड़ित किशोर के पिता के बयान पर 4 नामजद और 2 अज्ञात आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी अपना-अपना घर छोड़ कर फरार हैं। बिहार में हाल के दिनों में कई आपराधिक घटनाएँ सामने आई हैं।

CM केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, हाई कोर्ट की रोक रहेगी बरकरार: तिहाड़ में ही रहेंगे AAP मुखिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविन्द केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मामले में राहत देने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने CM केजरीवाल को निचली अदालत से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक बरकरार रखी है।

सोमवार (24 जून, 2024) को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मनोज मिश्रा और SVN भाटी ने इस मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हाई कोर्ट का निर्णय नहीं पलटेगा और जमानत पर रोक बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को अब 26 जून, 2024 को सुनेगा और तब तक हाई कोर्ट का अंतिम निर्णय आने की भी उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सामान्यतः जमानत पर रोक लगाए जाने के संबंध में आदेश तुरंत ही दे दिए जाते हैं लेकिन हाई कोर्ट ने इस निर्णय को सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम वही काम दोबारा नहीं करेंगे और इस मामले में हाई कोर्ट के निर्णय का इन्तजार करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को गुरुवार (20 जून, 2024) को दिल्ली शराब घोटाला मामले में राउज अवेन्यु कोर्ट की एक विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी। उन्हें यह जमानत नियमित दी गई थी। इस दौरान ED ने माँग की थी इस फैसले पर 48 घंटे तक रोक लगाई जाए। हालाँकि, उसकी यह माँग नहीं मानी गई थी।

ED ने इस निर्णय के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दी थी। ED ने केजरीवाल को जमानत देने का विरोध किया था। इसी याचिका के आधार पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाई। CM केजरीवाल हाई कोर्ट की इस रोक विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट चले गए थे और यह रोक हटाने की माँग की थी।

इससे पहले निचली अदालत में ED ने साफ़ किया था कि उसके पास अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ पक्के सबूत हैं। एजेंसी ने कहा था कि उसके पास इस मामले में पैसे के लेनदेन तक की फोटो हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि CM केजरीवाल ने अपने फ़ोन का पिन बताने से भी मना किया, जो इस मामले में शंका पैदा करता है।

गौरतलब है कि दिल्ली शराब घोटाला मामले में CM केजरीवाल को ED ने 21 मार्च, 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ही इस पूरे मामले के सरगना हैं। एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली में शराब नीति बदल कर निजी विक्रेताओं को फायदा पहुँचाया और उनसे बदले में लाभ प्राप्त किए।

‘…इसीलिए UCC है जरूरी’ : बिग बॉस OTT 3 में दो बीवी वाले अरमान मलिक को देख भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी, बोलीं- ‘ये मनोरंजन नहीं, घिनौनापन है’

बिग बॉस ओटीटी-3 की शुरुआत हो चुकी है। इस बार ज्यादातर कंटेस्टेंट सोशल मीडिया इन्फ्लुंसर दिखाई दे रहे हैं। इनमें एक चर्चित नाम अरमान मलिक का भी है। अरमान अपनी दोनों पत्नियों के साथ इस बार शो में आए हैं। उनकी एंट्री पर शो के होस्ट अनिल कपूर ने उनसे कुछ सवाल किए, जहाँ कृतिका-पायल ने अपनी अरमान के साथ की लव स्टोरी बताई। उन्होंने बताया कि कैसे दोनों ही अरमान के साथ 6 दिन तक प्यार में पड़ने के बाद सातवें दिन शादी को तैयार हो गई थीं। इनकी एंट्री की यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। ऐसे में बिग बॉस 13 की कंटेस्टेंट रही देवोलीना भट्टाचार्जी ने इस पर बयान दिया है।

उन्होंने अपने एक्स पर ट्वीट करते हुए इस तरह के कंटेंट को गंदगी बताया। उन्होंने कहा, “क्या आपको लगता है कि ये मनोरंजन है? ये मनोरंजन नहीं, गंदगी है। इसे हल्के में लेने की गलती मत करिए क्योंकि ये सिर्फ रील नहीं है, ये रियल (हकीकत) है। मतलब, मुझे समझ में ही नहीं आता कि कोई इस बेशर्मी को मनोरंजन कैसे कह सकता है? मुझे तो ये सुनकर ही घिन आती है। यह एकदम घटियापन है। मतलब, सिर्फ 6/7 दिन में प्यार हुआ, शादी हुई और फिर पत्नी की बेस्ट फ्रेंड के साथ भी यही हुआ। ये मेरी कल्पना से भी परे है।”

एक्ट्रेस ने बिग बॉस कंटेंट पर भी सवाल उठाए। साथ ही समान नागरिक संहिता कानून आने को भी अनिवार्य कहा। उन्होंने लिखा- “और बिग बॉस, आपको क्या हो गया है? क्या इतने बुरे दिन चल रहे हैं आपके कि आपको बहुविवाह एंटरटेनिंग लगता है? जब आपने ऐसे कंटेस्टेंट्स को पेश किया तो आप क्या सोच रहे थे? इस शो को बच्चे से लेकर बूढ़े तक देखते हैं। आप नई पीढ़ी को क्या सिखाना चाहते हैं? कि वो 2-3-4 शादियाँ कर सकते हैं? सब लोग एक साथ खुशी-खुशी रह सकते हैं? जाकर उनसे पूछिए जो हर दिन ऐसी घटनाओं से पीड़ित हैं, दुख में अपना जीवन जी रहे हैं। इसलिए स्पेशल मैरिज एक्ट और UCC (समान नागरिक संहिता) अनिवार्य होना चाहिए। ताकि कानून सबके लिए एक जैसा हो और समाज ऐसी गंदगी से मुक्त हो सके। पहली पत्नी के होते हुए दूसरी पत्नी।”

देवोलीना परिस्थितियों के बारे में कल्पना करने को कहती हैं ताकि ऐसे कंटेंट दिखाने के दुष्परिणाम पता चल सकें। वो कहती हैं- “सोचिए अगर समानता के नाम पर पत्नियाँ 2-2 पति रखने लगें, तो क्या तब भी आपका मनोरंजन होगा? और मुझे समझ नहीं आता कि उनके फॉलोवर्स कौन हैं। और किस कारण से वो उनको फॉलो करते हैं? आपका दिमाग सही जगह पर है या नहीं, प्लीज पहले उसका इलाज करवाइए। अगर आपको यह बेशर्मी सही लगती है तो आपका जीवन बर्बाद है। आप इसके आगे कुछ नहीं सोच सकते और न ही इसके बारे में कुछ कर सकते हैं। आप नई पीढ़ी को क्या सिखाना चाहते हैं कि उन्हें कई शादियाँ करनी चाहिए? घिन आती है। यह सोचना ही इतना घिनौना है। और अगर 2-3 शादियां करना इतना ही जरूरी है तो करो और घर पर रहो। इस गंदी मानसिकता को दुनिया में मत फैलाओ। एक समाज के तौर पर हम सिर्फ विनाश की ओर बढ़ रहे हैं। सच में लोग पागल हो गए हैं। और बिग बॉस, मुझे नहीं पता कि आपको क्या हो गया है।”

देवोलीना के इस ट्वीट के बाद लोग उनकी मुखरता की तारीफ कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि आज के समय में फॉलोवर इकट्ठा कर लेना बिग बॉस में आने का क्राइटेरिया बन गया है, लेकिन ये सोचना चाहिए कि टीवी पर कैसा कंटेंट दिखाया जाए। लोगों का कहना है कि देवोलीना ने एकदम सही मुद्दा उठाया है। देश में यूसीसी की बहुत ज्यादा जरूरत हो गई है। इसके अलावा लोग ये भी पूछ रहे हैं कि ये दोनों संदेश क्या देना चाहते हैं कि 6-7 दिन में प्यार होता है और फिर भागकर शादी हो जाती है।

बता दें कि अरमान मलिक एक यूट्यूबर हैं। आजकल वह व्लॉग्स आदि बनाते हैं। उनके मेन चैनल पर 7.69 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। इसके अलावा पायल, कृतिका के भी अलग-अलग अपने चैनल हैं। इसके अलावा इन तीनों ने अपने बच्चों के भी चैनल बनाए हुए है और अलग-अलग वीडियोज उनपर डाली जाती है।

चोर औरंगजेब की पिटाई पर चीत्कार, दलित नकुल को चाकू घोंपने की चर्चा तक नहीं: अलीगढ़ में एक ही दिन हुई दोनों घटना, पर हमला करने वाला शहजाद इसलिए लिबरल गिरोह चुप

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में मंगलवार (18 जून 2024) को चोरी के शक में मोहम्मद फरीद उर्फ़ औरंगज़ेब की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में कुल 10 नामजदों सहित कई अन्य अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज हुई है जिसमें से आधे दर्जन आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। समाजवादी पार्टी सहित कई अन्य दलों ने औरंगज़ेब के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी तक देने की माँग उठाई है। इसी दिन अलीगढ़ शहर में ही एक दलित युवक को भी मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति ने चाकू घोंपा था जिसका गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। अब दलित युवक के परिजन सामने आए हैं और कथित धर्मनिरपेक्ष नेताओं द्वारा सिर्फ औरंगज़ेब के लिए सक्रियता और अपने लिए ख़ामोशी पर सवाल खड़े किए हैं।

पीड़ित दलित युवक का नाम नकुल जाटव है। नकुल के पिता दिनेश ने 18 जून को ही थाना सासनी गेट में तहरीर दी थी। इसी थानाक्षेत्र में मृतक औरंगजेब का भी घर है। दिनेश भारती ने अपनी तहरीर में बताया है कि मंगलवार की शाम लगभग 7 बजे उनका बेटा किसी काम से शहर के ही पठान मोहल्ले में गया था। रास्ते में नौशाद का बेटा शहजाद नकुल को रोक कर गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा। नकुल ने विरोध किया तो शहजाद भड़क कर बोला, “तेरी इतनी हिम्मत। तू हमसे जुबान लड़ाएगा?”

आरोप है कि इसके बाद शहजाद ने अपने पास छिपा एक चाकू निकाला। उसने ताबड़तोड़ नकुल पर कई वार कर दिए। काफी खून बहने की वजह से नकुल जमीन में गिर कर बेहोश हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही नकुल के पिता दिनेश जाटव पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने पुलिस की मदद से नकुल को अस्पताल में भर्ती करवाया। होश आने पर नकुल ने सारी आपबीती पुलिस को बताई। हालात गंभीर देखते हुए नकुल को जे एन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।

दिनेश जाटव ने पुलिस से आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस तहरीर पर पुलिस ने शहजाद को नामजद करते हुए FIR कर ली है। शहजाद के खिलाफ IPC की धारा 504, 506 और 307 के अलावा SC/ST एक्ट के सेक्शन 3(2)(va) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। घायल नकुल का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उसकी सर्जरी कराई गई है।

अस्पताल में कराहते हुए सामने आया वीडियो

ऑपइंडिया को नकुल का एक वीडियो मिला है। वीडियो में पीड़ित अस्पताल के बेड पर लेट कर जोर-जोर से रो रहा है। उनके एक हाथ में पट्टियाँ बंधी हैं जबकि दूसरे में ग्लूकोज आदि चढ़ाया जाना है। नकुल की माँ अपने बेटे को चुप करवाने की कोशिश कर रही हैं। दर्द से नकुल अपने पैरों को बिस्तर पर पटक रहा है।

‘चोर के लिए बोल रही मीडिया मेरे लिए चुप क्यों’

नकुल के भाई पंकज ने ऑपइंडिया को बताया कि जिस दिन चोर की पिटाई हुई थी उसी दिन उनके भाई को भी चाकू लगी थी। उन्होंने बताया कि घाव की वजह से नकुल के हाथों की कई नसें कट गई हैं और काफी खून बह चुका है। नकुल के भाई ने मीडिया से सवाल किया कि वो औरंगज़ेब की आवाज तो इतने जोर-शोर से उठा रहे हैं लेकिन उनके भाई के लिए चुप क्यों हैं जबकि घटना एक ही दिन और एक ही शहर की है ?

‘मैं हिन्दू होना ही मेरा दोष है?’

पंकज जाटव ने ऑपइंडिया को भेजे अपने वीडियो में आगे कहा, “क्या मैं हिन्दू हूँ यही मेरा दोष है?” पंकज ने नेताओं को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि उनके घर कोई झाँकने तक नहीं आया। खुद को पंकज जाटव ने न्याय की लड़ाई में अकेला बताया। उन्होंने कहा, “वर्ग विशेष समुदाय के साथ सब नेता वहाँ चले गए। मेरे साथ कोई नहीं आया। उसके लिए तो सब नेता कर रहे हैं। उन्होंने पथराव भी किया लेकिन हमने नहीं। सारा दुःख उन्हीं को है क्या? हमें कोई दुःख और परेशानी नहीं है क्या?”

‘उनके लिए मुआवजा, हम इलाज करा कर कर्जदार’

कथित चोर औरंगज़ेब के लिए उठ रही मुआवजे की माँग को भी घायल नकुल के भाई ने एकतरफा बताया है। उन्होंने दावा किया कि वो अपने भाई के इलाज में लगभग 40-50 हजार रुपए लगा चुके हैं। पंकज 3 भाई है जिसमें से 2 ही कमा कर घर का खर्च चला रहे हैं। नकुल के पिता दिनेश जाटव पैरों से दिव्यांग हैं। इन पर माँ और एक बहन के भी भरण-पोषण की जिम्मेदारी है। एक बेहद से छोटे से घर में यह पूरा परिवार जैसे-तैसे रहता है। बकौल पंकज शहजाद के परिवार घायल नकुल का इलाज करवाते हुए कर्जदार हो गया है। पीड़ित परिवार को इस कर्ज को चुकाने का रास्ता भी नहीं सूझ रहा है।

‘काश निर्भया की जगह तुम होती, एहसान मानो अभी तक जिंदा हो…’: स्वर्ण मंदिर में योग करने वाली लड़की को मिल रही रेप-हत्या की धमकी, गुजरात पुलिस ने सुरक्षा दी

योग दिवस (21 जून) के मौके पर श्री हरमिंदर साहिब गुरुद्वारे (स्वर्ण मंदिर) के भीतर जाकर ‘शीर्षासन’ करने वाली इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना के विरुद्ध अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने शिकायत दर्ज की है। संगठन ने अर्चना पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

इसके अलावा उनकी तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें रेप और जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। इस सबंध में इन्फ्लुंसर ने खुद अपने सोशल मीडिया पर आकर बताया। साथ ही जानकारी दी कि इन धमकियों के मद्देनजर उन्हें गुजरात की वडोदरा पुलिस ने बिन माँगे सुरक्षा मुहैया कराई है जिसके लिए वह उनकी आभारी है। अपने पोस्ट में उन्होंने वडोदरा पुलिस के साथ गुजरात सरकार का भी धन्यवाद किया है। साथ ही अपने फॉलोवर्स को बताया है कि वो अभी सुरक्षित हैं।

बता दें कि 23 जून को अर्चना मकवाना की वीडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा था कि इस मामले में पुलिस आयुक्त को शिकायत भेजी गई है। उन्होंने एक बयान में कहा था कि किसी को भी स्वर्ण मंदिर में सिखों के आचरण के खिलाफ काम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती, मगर कुछ लोग जानबूझकर इस पवित्र स्थान की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व को नजरअंदाज करते हैं और आपत्तिजनक कार्य करते हैं।

वहीं मकवाना का कहना था कि उन्होंने इस मंशा के साथ स्वर्ण मंदिर में योग नहीं किया जैसा लोगों ने समझ लिया । उन्होंने सिर्फ पंजाब में योग को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए ऐसा किया था, मगर उनकी बात को गलत ले लिया गया। अपनी एक वीडियो में उन्होंने हाथ जोड़कर माफी तक माँगी थी। बावजूद इसके उन्हें धमकियाँ आने लगीं।

अर्चना ने कुछ स्क्रीनशॉट भी अपनी स्टोरी पर लगाए हैं जिसमें उन्हें मैसेज किया गया है- “काश निर्भया की जगह तुम होतीं”, “ये तो एहसान मानो अभी तक जिंदा हो वरना किसी ने अभी तक मार देना था तुमको।”

उल्लेखनीय है कि इस मामले में सिर्फ अर्चना मकवाना के खिलाफ कार्रवाई की बात नहीं हो रही बल्कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी), सर्वोच्च गुरुद्वारा निकाय ने भी अपने तीन कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करने के लिए निलंबित कर दिए जाने की भी खबर है।

चर्च में फायरिंग, यहूदियों के धर्मस्थल को जलाया, पादरी का काटा गला: आतंकी हमले में रूस के 15 पुलिसकर्मियों की मौत, 6 आतंकवादी भी ढेर

रूस में रविवार (23 जून 2024) को दक्षिणी प्रांत दागेस्तान के दो शहरों (माखचकाला और डर्बेंट) में आतंकी हमला हुए। घटना में 15 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, पादरी का सिर कलम कर दिया गया और 25 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। जवाबी कार्रवाई में रूस के सुरक्षाबलों ने भी 6 बंदूकधारियों को मार गिराया है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार को आतंकियों ने दो ऑर्थोडॉक्स चर्चों, एक यहूदी प्रार्थना घर और एक पुलिस चौकी पर हथियारों से लैस होकर हमला किया। अटैक में मरने वालों में ऑर्थोडॉक्स चर्च के पादरी भी थे। आतंकियों ने उन्हें अलग से गला काटकर मारा है। उनकी उम्र 66 साल थी। वह 40 साल से चर्च में सेवा दे रहे थे। इसके अलावा चर्च के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड को भी मौत के घाट उतार दिया गया।

वहीं रूसी यहूदी कॉन्ग्रेस ने इस संबंध में बताया है कि डर्बेंट और माखचकाला में एक-एक सिनेगॉग पर हमला किया गया है। डर्बेंट के सिनेगॉग में जब हमला किया गया, उसके 40 मिनट पहले प्रार्थना हो चुकी थी और वहाँ कोई मौजूद नहीं था। हमलावरों ने मोलोटोव कॉकटेल बम से सिनेगॉग (यहूदियों का धर्मस्थल) की बिल्डिंग में आग लगा दी। इस दौरान बाहर खड़े पुलिसकर्मी और सुरक्षा गार्ड हमले में मारे गए।

बता दें कि इस पूरे हमले पर अभी किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन TASS ने बताया कि हमलावर एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन के सदस्य थे। वहीं रूस ने हमलों के पीछे पीछे यूक्रेन और NATO देशों को जिम्मेदार ठहराया है। दागिस्तान के नेता अब्दुलखाकिम गडजियेव ने टेलीग्राम पर लिखा, “इसमें कोई शक नहीं है कि ये आतंकी हमले किसी न किसी तरह से यूक्रेन और NATO देशों की खुफिया सेवाओं से जुड़े हैं।”

मालूम हो कि इससे पहले रूस में मार्च में आतंकी हमला हुआ था। उस हमले में 143 लोगों की मौत हो गई थी। हमले की जिम्मेदारी ISIS-K ने ली थी। हालाँकि, रूस ने इसमें यूक्रेन की मिलीभगत होने के आरोप लगाए थे। इस बार अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ये सामने आया है कि दागेस्तान रूस का एक बड़ी मुस्लिम आबादी वाला प्रांत है, जो चेचन्या के पड़ोस में है। क्षेत्र में 14, 25, 26 जून को तीन दिनों के लिए शोक रखा गया है।

किसानों के आंदोलन से तंग आ गए स्थानीय लोग: शंभू बॉर्डर खुलवाने पहुँची भीड़, अब गीदड़-भभकी दे रहे प्रदर्शनकारी

पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर महीनों से जारी किसानों के कथित धरना-प्रदर्शन की जगह पर उस समय माहौल बिगड़ गया, जब आसपास के गाँवों के व्यापारी और किसान मौके पर पहुँच गए। उन्होंने किसान नेताओं से मुलाकात कराने और रोड को आँशिक तौर पर खोलने की बात कही। इस दौरान करीब 100 की संख्या में लोग पहुँचे। वहीं, धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर पहुँचे लोगों ने मंच को कब्जाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि अंबाला से भी कुछ व्यापारी इस दौरान पहुँचे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यापारियों ने करीब एक सप्ताह पहले किसान नेताओं को एक माँग पत्र सौंपा था, जिसका वो जवाब चाहते थे। इस माँग पत्र के जवाब को लेकर वो धरना प्रदर्शन की जगह यानी शंभू बॉर्डर पर पहुँचे, जिसके बाद माहौल तनाव पूर्ण माहौल हो गया। व्यापारियों ने शंभू बॉर्डर खुलवाने की माँग की और मंच तक पहुँच गए। इसके बाद किसान भड़क गए और उन पर मंच पर कब्जा जमाने का आरोप लगा दिया। किसानों ने इसकी शिकायत शंभू पुलिस चौकी में की। उसके बाद अंबाला शहर अनाज मंडी में मीडिया बुलाई, जिसमें साफ शब्दों में कहा कि आंदोलन खराब नहीं होना चाहिए। आंदोलन खराब करने वाला खुद भुगतेगा।

आपको बता दें कि किसानों का आंदोलन 13 फरवरी से चल रहा है। वह एमएसपी की माँग को लेकर दिल्ली कूच कर रहे थे, लेकिन शंभू बॉर्डर पर ही उनका रुकना पड़ा। दरअसल, उनको रोकने के लिए बॉर्डर पर कंकरीट की दीवार बना दी गई थी। किसान वहां से आगे ही नहीं बढ़ पाए, तो शंभू बॉर्डर पर मंच बना लिया। किसानों का आरोप है कि इसी मंच पर कब्जा जमाने के लिए रविवार को सौ व्यापारी वहाँ पहुँचे थे। उनकी किसानों से जमकर बहस हो गई थी।

तेपला रोड के गाँव निवासी मिंटू गिल, सोनू व अन्य ने बताया कि पिछले चार महीनों से ज्यादा समय से किसान जत्थेबंदियों की ओर शंभू बॉर्डर पर धरना दिया जा रहा है। धरने की वजह से नेशनल हाईवे बंद है। इस वजह से आसपास के तीन चार दर्जन गाँवों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। अगर कोई बीमार पड़ हो जाता है तो उसे अस्पताल ले जाने के लिए अंबाला हमें सबसे नजदीक है, लेकिन धरने की वजह से अंबाला नहीं जा सकते। ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन पहले एक गर्भवती महिला की मौत हो गई है। लोगों का रोजगार खत्म हो गया है। बच्चे स्कूल नहीं जा सकते। अपनी परेशानियों को लेकर 16 जून को लोगों ने किसान नेता सवरन सिंह पंधेर से मिलकर उन्हे माँगपत्र सौंपा था। पत्र में कम से कम दोपहिया वाहन के लिए रास्ता खोलने में की माँग की थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी रास्ता नहीं दिया गया।

लोगों ने आरोप लगाया कि दो किसान नेताओं ने पूरे पंजाब को सरकार के पास बेच दिया है। अब गाँव के लोगों की बात तक नहीं सुनी जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर इस सप्ताह रास्ता नहीं खोला तो वे हजारों की संख्या इकट्ठा होकर तेपला व शंभू रोड को पूरी तरह बंद कर देंगे। किसान नेता मान सिंह व सुरिंदर सिंह ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर रास्ते केंद्र की भाजपा सरकार ने रोक रखा है, हमने नहीं। हम अपनी माँगों को लेकर सिर्फ दिल्ली जाना चाहते हैं। सरकार हमें जाने नहीं देती।