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अब कानून करेगा काम, अदालत में हिसाब देना… कॉन्ग्रेस के आरोपों पर रजत शर्मा ने दिया करारा जवाब, लाइव वीडियो दिखाकर पूछा- बताओ कहाँ गाली दी?

4 जून को मतगणना वाले दिन इंडिया टीवी पर कॉन्ग्रेस नेता रागिनी नायक और एंकर रजत शर्मा के बीच हुई बातचीत अब बहुत आगे बढ़ गई है। इंडिया टीवी अपने चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ के समर्थन में पहले ही कॉन्ग्रेस नेता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की बात कह चुका है, जबकि रागिनी नायक इस बात को साबित करने पर तुली हैं कि रजत शर्मा ने अभद्र भाषा बोली। अब इस मामले में रागिनी नायक ने केस को दर्ज कराया है। वहीं रजत शर्मा ने भी सामने आकर अपना पक्ष रखा है।

रजत शर्मा ने रागिनी नायक के आरोपों के बारे में मंगलवार को ‘आज की बात’ में अपनी बात रखी और बताया कि आज जो आरोप उन पर कॉन्ग्रेस नेता लगा रहे हैं, हकीकत तो ये है कि उन्होंने उस मतगणना वाले दिन क्या अपने पूरे जीवन में किसी को गाली नहीं दी।

उन्होंने कहा, “मैं 44 साल से पत्रकारिता के पेशे में हूँ और 31 साल से लोग मुझे टीवी पर देख रहे हैं। सबको पता है कि मैंने कभी किसी से अभद्र तो क्या ऊँची आवाज में भी बात नहीं की। मुश्किल से मुश्किल सवाल भी हँसकर, मुस्कुराकर पूछे। हमेशा अपनी बात शालीनता से कही, इसीलिए मुझे आपका इतना प्यार मिला। लेकिन आज सुबह मुझे जब पता चला कि कॉन्ग्रेस पार्टी के मीडिया सेल ने कल रात सोशल मीडिया पर एक झूठा कैंपेन चलाया कि इलेक्शन की काउंटिंग वाले दिन एक लाइव शो में मैंने गाली दी, ये सुनकर मुझे बहुत तकलीफ हुई।”

उन्होंने आगे बताया कि इस झूठे इल्जाम के लगने के बाद इंडिया टीवी की तरफ से कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट देखने वालों को चेतावनी दी गई। उन्हें एक पत्र भेजकर आगाह किया गया कि वो झूठ न फैलाएँ वरना मानहानि का केस होगा। पूरा शो लाइव था उसे सबने देखा था। अगर कुछ कहा गया होता तो इस बारे में सबको पता चलता।

रजत शर्मा कहते हैं कि कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता ने जानबूझकर उन्हें मिसकोट किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा भी कि उन्होंने वो बात नहीं कही जो बार बार उनके द्वारा कही जा रही है। हालाँकि कॉन्ग्रेस प्रवक्ता ने नहीं सुनी। रजत शर्मा को कॉन्ग्रेस का रवैया देख लग रहा है कि ये सब उन्हें फँसाने के लिए हो रहा है, उन्हें टारगेट करने के लिए हो रहा है। वो 4 जून की बातचीत की पूरी क्लिप दिखाकर पूछते हैं आखिर गाली कहाँ बोली गई है। वो ये सवाल भी करते हैं कि 4 जून को अगर उन्होंने कुछ बोला होता तो क्या कॉन्ग्रेस 10 जून तक चुप रहती। उन्होंने 6 दिन बाद जाकर इल्जाम लगाया है।

रजत शर्मा अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को झूठ बताते हुए कहते हैं कि पूरी वीडियो की क्लिप मौजूद है। कोई भी देख ले। कुछ छिपने वाली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि चेतावनी देने के बाद भी कॉन्ग्रेस के मीडिया सेल ने अपने इल्जाम को दोहराया है। इसलिए अब ये मामला लीगल टीम को दे दिया है। अब कानून ही अपना काम करेगा।

अपने दर्शकों से रजत शर्मा ने कहा- “आप मुझे अच्छी तरह जानते हैं। मैं ऐसी किसी साजिश से डरने वाला नहीं हूँ क्योंकि सच मेरे साथ है, फैक्ट्स मेरे हक में हैं। इसीलिए जिन्होंने जानबूझकर मुझे बदनाम किया, वो सब लोग जिन्होंने, सोच समझकर मेरे खिलाफ साजिश की, उन सबको अब अदालत में हिसाब देना पड़ेगा।”

बता दें कि इंडिया टीवी से चेतावनी पाने के बाद रागिनी नायक मीडिया से मुखातिब हुईं। उन्होंने इस दौरान फिर अपना इल्जाम दोहराया और कहती रहीं कि रजत शर्मा ने उन्हें गाली दी है। वो ये कहकर रोते हुए भी नजर आईं कि वो वीडियो, माँ-बाप, सास-ससुर और बच्चों तक ने देखा था। इसके अलावा उन्होंने ट्वीट करके कहा कि उन्हें सच बोलने पर धमकाया जा रहा है। लेकिन उन्होंने आईपीसी की दारा 294 और 509 आईपीसी के तहत केस दर्ज करवा दिया है।

जम्मू-कश्मीर में 3 दिन में तीसरा आतंकी हमला… इस बार डोडा में सेना के चेकपोस्ट पर हुई गोलीबारी: 6 सुरक्षाकर्मी घायल; कठुआ में एक आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में पिछले 72 घंटों के अंदर तीसरा आतंकी हमला हुआ है। इस बार डोडा में आतंकियों ने सुरक्षा बलों के एक अस्थाई कैम्प पर गोलियाँ बरसाईं हैं। जवाबी कार्रवाई के वक्त आतंकी भाग निकले हैं जिनको तलाशने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हमला बुधवार (12 जून 2024) की सुबह हुआ है। वहीं एक दिन पहले 11 जून (मंगलवार) को आतंकियों ने कठुआ क्षेत्र के एक गाँव में घुस कर कुछ ग्रामीणों को निशाना बनाना चाहा था, तब सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 1 आतंकी ढेर कर दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने डोडा जिले के चत्तरगला में एक अस्थाई बेस बनाया है। यहाँ राष्ट्रीय रायफल्स ने पुलिस के साथ मिल कर चेकपोस्ट भी बना रखा है। इस बेस पर 11-12 जून की रात कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। सेना की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई तो आतंकी भाग निकले। आतंकियों को पकड़ने के लिए इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। फायरिंग में सेना के 5 जवान और एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर घायल बताए जा रहे हैं। इन सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। हमले में कितने आतंकी शामिल थे इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

इससे पहले मंगलवार (11 जून) की रात जम्मू के कठुआ में आतंकी हमला हुआ था। यहाँ के हीरानगर इलाके में आने वाले सैदा सुखल गाँव में रात को 3 आतंकी घुसे। इन्होंने एक घर को खटखटा कर पानी माँगा। लोगों ने घर नहीं खोला और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोरगुल सुन कर सुरक्षा बल वहाँ पहुँच गए। इसी दौरान आतंकियों के गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। एक आतंकी ने तो ग्रेनेड फेंकने का भी प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी ढेर हो गया। वहीं CRPF की 121वीं बटालियन के एक जवान के गंभीर रूप से घायल होने की खबर आ रही है।

2 आतंकी अभी तक छिपे बताए गए हैं जिसकी तलाशी के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। सोशल मीडिया में इस मुठभेड़ को लेकर तमाम भ्रामक खबरें वायरल हो रहीं हैं। इन भ्रामक खबरों में आतंकी हमले के दौरान कुछ ग्रामीणों की मौत जैसे बातें प्रमुख हैं। पुलिस ने इन वायरल संदेशों को बेबुनियाद बताया है। जम्मू पुलिस के ADGP ने दावा किया है कि सभी ग्रामीण सुरक्षित हैं। फिलहाल मुठभेड़ अभी तक जारी है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि वो हालातों पर बराबर नजर रखे हुए है और सभी जरूरी लोगों के सम्पर्क में हैं।

गौरतलब है कि इस से पहले 9 जून (रविवार) को जम्मू में मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की बस पर गोलियाँ बरसाईं गईं थीं। इस आतंकी हमले में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। यह हमला रियासी जिले में हुआ था। बस पर गोलियाँ चलने की वजह से यह दुर्घटना का शिकार हो कर खाई में गिर गई थी।

जिस आतंकी ने रियासी में चलाई श्रद्धालुओं पर गोलियाँ, उसका स्केच हुआ जारी: सूचना देने वाले को ₹20 लाख इनाम, 11 टीमें जाँच में जुटी

जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए आतंकी हमले के खिलाफ राज्य पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने इस अटैक में शामिल एक आंतकी का स्केच को जारी किया है। साथ ही ऐलान किया है कि जो कोई भी इस आतंकी की सूचना उन्हें देगा उसे 20 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।

बता दें कि आतंकी हमले के बाद से लगातार पुलिस, सेना और सीआरपीएफ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपितों को पकड़ने की कोशिश में लगी है। पुलिस व सुरक्षाबलों के 11 दल आपसी तालमेल बनाकर जंगलों को खंगाल रहे हैं।

अभी तक की जाँच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से अमेरिका निर्मित एम4 कार्बाइन राइफल की गोलियों के खाली खोखे मिलें हैं। इसके अलावा अभी तक पुलिस का संदेह इस घटना में पाकिस्तानी आतंकवादी अब्बू हमजा, हदून और फौजी की तरफ जा रहा है। बाकी सुरक्षाकर्मी लगातार आतंकियो को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। NIA ने भी सोमवार को इलाके का दौरा किया है।

गौरतलब है कि 9 जून 2024 को शिवखोड़ी से कटरा लौटते समय आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर बस पर अंधाधुंद फायरिंग की थी। उनका मकसद था कि वो बस में बैठे हर यात्री को जान से मार दें। लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से वो ऐसा नहीं कर पाए।

दरअसल, जैसे ही बस ड्राइवर को संदेह हुआ कि सामने खड़े लोग सेना वाले नहीं हैं। उन्होंने फौरन बस को तेज भगाया। इस दौरान आतंकी ने उन्हें जैसे ही गोली मारी बस जाकर खाई में गिर गई। सारे श्रद्धालु वहाँ तब तक लाश बनकर लेटे रहे जब तक आतंकी चले नहीं गए। बाद में स्थानीयों और सुरक्षाकर्मियों ने आकर घायल लोगों की जान बचाई। घटना में 10 लोगों को अपनी जान भी गँवानी पड़ी। वहीं 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

राज बनकर शाहिद ने हिंदू लड़की को फाँसा, भेद खुला तो कहा ‘मुस्लिम नहीं बनना’: शादी के बाद दोस्तों से कराया गैंगरेप, धर्मांतरण का भी डाला दबाव

मध्यप्रदेश के इंदौर में एक हिंदू लड़की के साथ लव जिहाद की वारदात सामने आई है, जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने सोमवार (10 जून 2024) को कनाड़िया थाने पर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद ये मामला मीडिया की नजर में आया। जानकारी के मुताबिक, शाहिद नाम के मुस्लिम युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर एक हिंदू लड़की को अपनी जाल में फँसाया, फिर उसे ‘मुस्लिम जैसा नहीं बनना’ के जाल में उलझाकर शादी भी कर ली। बच्चा पैदा कर लिया। फिर 1 साल गायब रहा और लौटा तो अपने दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप किया। यही नहीं, हिंदू लड़की पर लगातार धर्म-परिवर्तन का भी दबाव डाला गया। अब पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

भास्कर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 साल की लड़की ने आरोप लगाया कि शाहिद से उसकी दोस्ती कॉल सेंटर के माध्यम से हुई। शाहिद ने उसे अपना नाम राज बताया और उसके साथ प्रेम संबंध बनाया। जब वो राज के साथ उसके घर गई, तो पता चला कि वो शाहिद है। इसके बाद शाहिद ने कहा कि ‘उसे मुस्लिम बनने की जरूरत नहीं’ है। वो हिंदू रहकर भी उसके साथ अपनी जिंदगी बिता सकती है। वो उसकी बातों में आ गई।

कनाड़िया थाना पुलिस को दिए अपने बयान में पीड़ित लड़की ने बताया कि शाहिद से उसे एक बेटा हुआ, जिसका शाहिद ने मुस्लिम नाम रखा। शाहिद अहमद उर्फ राज, सास शबनम, ननद सानिया अहमद उसके साथ अक्सर मारपीट करते थे। इस दौरान शाहिद एक साल के लिए बाहर चला गया था। जब वो लौटा, तो अपने दोस्तों नौमान खान, फैसल खान और वसीम अख्तर के साथ घर आया, उसने उसे नशा दिया और सभी लोगों ने उसके साथ मिलकर गैंगरेप किया।

पीड़ित युवती ने बताया कि शाहिद और उसके परिवार के लोगों ने उसका धर्म बदलने की भी कोशिश की। वो सबकुछ सहती रही, लेकिन गैंगरेप के बाद उसने परिजनों और हिंदू संगठनों के सदस्यों के साथ मिलकर पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। अब इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

‘मैं बताती हूँ हस्तमैथुन क्यों-कैसे करना चाहिए…’: ‘कुँवारी बेगम’ ने YouTube पर बताया बच्चों के यौन शोषण का तरीका, वीडियो वायरल

शिखा मैत्रेय नामक एक यूट्यूबर का वीडियो सोमवार (10 जून) को वायरल हो गया, जिसमें वह अपने फॉलोअर्स को शिशुओं का यौन शोषण करना सिखा रही थी। आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल ‘कुँवारी बेगम’ पर यह वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में वह कह रही है, “अगर मेरे पास लिंग होता तो मैं हस्तमैथुन पर एक ट्यूटोरियल बनाती और हस्तमैथुन को बेहतर तरीके से करने का सुझाव देती।”

शिखा ने हस्तमैथुन और बच्चों के यौन शोषण को लेकर अपने वीडियो में कहा, “मैं यह भी बताती हूँ कि आपको हस्तमैथुन क्यों करनी है। एक छोटा बच्चा ढूँढो। छोटा बच्चा, जिसके दाँत ना हों। पहले देखो कि तुम्हारे आसपास कौन-सा नवजात बच्चा है। जो नवजात है उसकी मम्मी से बोलो कि मैं इसे खिलाने ले जा रहा हूँ। उसकी मम्मी से परमिशन ले लो कि इसको खिलाने लेकर जाता हूँ मैं।”

शिखा नाम यह यूट्यबर अपनी गंदी सोचकर को शेयर करते हुए आगे कहती है, उसके बाद उसे बच्चे को ले जाओ और उसके साथ कुछ करो। मैं इसके लिए माफी नहीं माँगती। अगर मेरे लिंग होता तो मैं ऐसा जरूर करती। सो बिना दाँत का…ओहो। यह एक अद्भुत अनुभव होगा।”

यह खुलासा गगन चौधरी (@Gagan_772) नामक एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने किया है। यूजर द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि शिखा मैत्रेय के YouTube पर 2000 फ़ॉलोअर्स थे और उसने लगभग 115 वीडियो अपलोड किए थे। इनमें से अधिकांश यौन सामग्री वाले कंटेंट हैं।

गगन ने उसका वोग प्रोफाइल और एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के बारे में भी बताया है। ऑपइंडिया को उसके YouTube और Instagram चैनलों के कैश्ड वर्शन मिले, जिन्हें एक्स यूजर द्वारा उजागर किए जाने के बाद से निष्क्रिय कर दिया गया है।

जानी-मानी पुरुष अधिकार कार्यकर्ता दीपिका नारायण भारद्वाज ने बताया कि आरोपित उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली है और उसने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) से स्नातक किया है। इसको लेकर भारद्वाज ने गाजियाबाद पुलिस को टैग किया है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के प्रमुख प्रियांक कानूनगो से भी कार्रवाई की माँग की है।

चंद्रबाबू नायडू 12 जून को आंध्र प्रदेश के CM पद की लेंगे शपथ: राज्यपाल ने किया सरकार बनाने के लिए आमंत्रित: विधानसभा चुनाव में NDA को मिला है प्रचंड बहुमत

आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में एनडीए की सरकार प्रचंड बहुमत के साथ बनने जा रही है। चंद्रबाबू नायडू बुधवार (12 जून 2024) को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले, उन्होंने राज्यपाल से राजभवन जाकर मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था।

राज्यपाल ने चंद्रबाबू नायडू को सरकार बनाने और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। चंद्रबाबू नायडू एनडीए की ओर से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ गन्नावरम में लेंगे।

अमरावती ही रहेगी राजधानी

इससे पहले, तेलुगु देशम पार्टी के सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार (11 जून, 2024) को घोषणा की कि अमरावती ही आंध्र प्रदेश की राजधानी होगी। राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शपथ ग्रहण से एक दिन पहले उन्होंने यह घोषणा की कि अमरावती राज्य की एकमात्र राजधानी होगी। चंद्रबाबू नायडू ने टीडीपी, भारतीय जनता पार्टी और जनसेना पार्टी के विधायकों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह यह ऐलान किया। इसी बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से आंध्र प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेता चुना गया।

मंत्रालयों का बँटवारा हुआ

इस दौरान विजयवाड़ा के कन्वेंशन सेंटर में चंद्र बाबू नायडू की अगुवाई में एनडीए की जो बैठक हुई, उसमें मंत्रियों की संख्या भी तय हो गई है। आंध्र प्रदेश सरकार में कुल 25 मंत्री बनेंगे, जिसमें से तेलुगू देशम पार्टी के 19 सदस्य होंगे, तो जनसेना पार्टी से भी 4 विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा। वहीं, बीजेपी के पास भले ही महज 11 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 2 को मंत्री पद दिया जाएगा। इस तरह से आंध्र प्रदेश की नई सरकार में कुल 25 मंत्री होंगे। माना जा रहा है कि कुछ मंत्रियों को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ ही शपथ दिलाई जा सकती है।

नाराजगी की खबरें निकली हवा-हवाई

बता दें कि केंद्र में पर्याप्त मंत्रीपद न मिलने को लेकर चंद्रबाबू नायडू की नाराजगी की खबरें मीडिया में आ रही थी, जो पूरी तरह से बकवास और फर्जी निकली हैं। चंद्रबाबू नायडू ने साफ कर दिया है कि वो ही आंध्र प्रदेश में एनडीए के नेता हैं और अब उनके नेतृत्व में सरकार बन रही है। इस दौरान, मीडिया के एक तबके ने खबरें चलाई कि चंद्रबाबू नायडू सक्रिय राजनीति से संन्यास लेकर अपने बेटे को राज्य की सत्ता सौंप सकते हैं, ये भी महज अटकलों का ही हिस्सा निकला।

मुंबई में चोरों ने दिन-दहाड़े खोद डाला फुटपाथ, चुरा लिए लाखों रुपए के ताँबे के तार: पुलिस ने 5 को दबोचा, अन्य इलाकों में भी चोरी की आशंका

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई जैसे महानगर में निर्माण कार्य कहीं ना कहीं चलते रहता है। सड़कों का काम भी कभी नहीं रूकता। भारत की वित्तीय राजधानी में खोदी हुई सड़कें आम बात हैं। जब कोई सड़क या फुटपाथ खोदा जाता है तो उसकी तरफ शायद ही किसी का ध्यान जाता होगा, लेकिन लुटेरों का इन पर पैनी नजर होती है।

कुछ इसी तरह का मुंबई के दादर इलाके से चोरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ लुटेरों ने फुटपाथ खोदकर उसके नीचे दबे केबल से 6 से 7 लाख रुपए की कीमत के ताँबा के तार (कॉपर वायर) चुरा लिए। यह घटना डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर रोड के दादर-माटुंगा खंड का है।

यहाँ फुटपाथ पर उखड़े हुए पेवर ब्लॉकों की नियमित जाँच के दौरान फुटपाथ के नीचे बिछाई गई यूटिलिटी केबल से ताँबे के तार चोरी होने का पता चला। लोगों ने सोचा कि यह मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा किया जा रहा नियमित काम है, लेकिन यह चोरी का मामला निकला।

चोरों ने सड़क के किनारे फुटपाथ खोदकर उसके नीचे दबी एमटीएनएल की केबल से कई लाख रुपए का कॉपर चुरा लिया। दिलचस्प बात यह है कि मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने लगभग एक पखवाड़े तक उसी फुटपाथ पर काम किया था और फिर से उसे समतल कर दिया था। इस चोरी का पता तब चला जब एक स्थानीय व्यक्ति ने कुछ गड़बड़ देखी।

स्थानीय निवासियों ने इसके बारे में नगर निगम को जानकारी दी। इसकी सूचना मिलने के बाद नागरिक निकाय ने अपने कर्मचारियों को यह जाँच करने के लिए भेजा कि क्या हो रहा है। तभी उन्हें पता चला कि चोर फुटपाथ के नीचे यूटिलिटी केबल से ताँबे के तार चुरा रहे थे।

बाद में एमटीएनएल ने भी शिकायत की कि दादर-माटुंगा क्षेत्र में 400 से अधिक फ़ोन लाइनें ट्रिप हो गईं। जाहिर तौर पर तारों की चोरी के कारण ऐसा हुआ। माटुंगा पुलिस ने ताँबे की इस चोरी के लिए पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। तारों की कीमत बाज़ार में ₹845 प्रति किलोग्राम है। अब संदेह है कि मुंबई के दूसरे इलाकों में भी ऐसी ही चोरियाँ हो सकती हैं, जहाँ सड़कें खोदी गई हैं।

ओडिशा के नए सीएम होंगे मोहन चरण माझी, राजनाथ सिंह ने किया नाम का ऐलान : राज्यपाल रघुबर दास ने सरकार बनाने के लिए किया आमंत्रित

ओडिशा के नए मुख्यमंत्री के तौर पर मोहन चरण माझी के नाम पर सहमति बनी है। बीजेपी की नई सरकार के मुखिया मोहन चरण माझी के नाम का ऐलान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भुवनेश्वर में किया। ओडिशा की बीजेपी सरकार में 2 उप-मुख्यमंत्री भी होंगे। उप-मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार विधायक बनीं प्रवती परिदा और 6 बार के विधायक केवी सिंह देव के नाम पर मुहर लगाई गई है।

ये निर्णय भाजपा विधायक दल की बैठक में लिया गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए। माझी के चयन के लिए बैठक विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा के एक सप्ताह बाद आयोजित की गई।

ओडिशा के नए मुख्यमंत्री बने चार बार के विधायक मोहन माझी आदिवासी समुदाय से आते हैं और हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में क्योंझर सीट से चुने गए हैं। उन्होंने बीजेडी की मीना माझी को 11,577 वोटों के अंतर से हराया है। एक मजबूत आदिवासी चेहरा माझी अपनी सार्वजनिक सेवा और संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर घोषणा की, ‘यह घोषणा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मोहन चरण माझी को सर्वसम्मति से ओडिशा बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। वे एक युवा और गतिशील पार्टी कार्यकर्ता हैं जो ओडिशा के नए मुख्यमंत्री के रूप में राज्य को प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे ले जाएँगे। उन्हें बहुत-बहुत बधाई। साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया है कि नई राज्य सरकार का नेतृत्व करने के लिए दो उप-मुख्यमंत्री नामित किए जाएँगे। केवी सिंह देव और श्रीमती प्रवती परिदा उप-मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की सेवा करेंगे। उन्हें बधाई!’

राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार बनाने के लिए आमंत्रित

इस बीच, ओडिशा के मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद मोहन चरण माझी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ओडिशा के राजभवन गए और राज्यपाल रघुबर दास से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने मोहन चरण माझी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है।

गौरतलब है कि ओडिशा में हुए विधानसभा चुनाव में बीजू जनता दल (बीजेडी) की हार हुई है, जिसके बाद नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। नवीन पटनायक 24 साल से मुख्यमंत्री थे। बीजेपी ने 147 सदस्यीय विधानसभा में 78 सीट जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि बीजेडी को 51 और कॉन्ग्रेस को महज 14 सीटों पर जीत मिली।

ABC की ‘पत्रकार’ अवनी डायस ने फिर बोला झूठ: पहले मोदी सरकार द्वारा वीजा रद्द करने का लगाया आरोप, अब भारतीय संविधान के बारे में फैला रही अफवाह

पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन एनडीए ने लोकसभा चुनाव 2024 में शानदार जीत दर्ज की। एक तरफ पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे थे, तो दूसरी तरफ भारत विरोधी शक्तियाँ भारत सरकार और खासकर मोदी सरकार को बदनाम करने के प्रयास में लगातार जुटे हुए थे। इन्हीं प्रयासों में एक है ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) की कथित ‘पत्रकार’ अवनि डायस द्वारा झूठ फैलाने का प्रयास, जिसमें अवनि ने 5 जून 2024 को भारत के संविधान के बारे में फर्जी बातें प्रसारित की।

अवनि डायस ने कुछ समय पहले ही ये फर्जी खबर फैलाई थी कि ‘निगेटिव रिपोर्टिंग’ की वजह से भारत सरकार ने उनका वीजा रद्द कर दिया है, जबकि वो दावा फर्जी निकला था। इस बार अवनि ने दावा किया है कि ‘धर्मनिरपेक्षता’ भारतीय संविधान का अहम हिस्सा है, वो भी अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद यानी 1947 से। अवनि ने ‘नरेंद्र मोदी से पहले के भारत की कहानी’ हेडलाइन के साथ एक वीडियो बनाकर ये बताने की कोशिश की कि भारत में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की धर्मनिरपेक्षता किस तरह के खतरे में है।

अपने वीडियो के 9.19 मिनट पर अवनि डायस ने कहा, “आपको बता दें कि जब 1947 में अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद भारत की स्थापना हुई थी, तो इसके संविधान में लिखा गया था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जिसका मतलब है कि धर्म के आधार पर देश में सभी को आजादी होनी चाहिए।” अवनि ने दावा किया कि भारत के संविधान में सेक्युलर शब्द पेज नंबर 33 पर बड़े अक्षरों में लिखा है।

हालाँकि अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही ‘पत्रकार’ अवनि ये भूल गई कि भारत का संविधान 1947 में लागू नहीं हुआ और जब भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, तब सेक्युलर शब्द उस संविधान का हिस्सा ही नहीं था। बता दें कि भारत का संविधान 1947 में नहीं, बल्कि तीन साल बाद 1950 में लागू हुआ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा 1976 में (आपातकाल के काले दिनों के दौरान) बनाया गया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने संसद को दरकिनार कर संविधान में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द शामिल करने के लिए 42वाँ संविधान संशोधन पारित किया था। अवनि डायस के दावों के विपरीत, संविधान यह बताने के लिए नहीं लिखा गया था कि भारत एक ‘धर्मनिरपेक्ष देश’ है। पूरे वीडियो में एबीसी न्यूज के ‘पत्रकार’ ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को धूमिल करने के लिए अटकलों, अनुमानों और मान्यताओं पर भरोसा किया।

पहले भी विवादों में रही हैं अवनि डायस

बता दें कि इसी साल अप्रैल में अवनि डायस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया था कि मोदी सरकार ने उनका वीजा नहीं बढ़ाया, जिसकी वजह से उन्हें भारत छोड़ना पड़ा। अवनि ने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि उनकी रिपोर्टिंग सरकार को पसंद नहीं आ रही थी। हालाँकि ये पूरी तरह से झूठ था, क्योंकि उन्होंने जैसे ही वीजा के लिए अप्लाई किया, उनका वीजा 2 माह के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बावजूद एबीसी न्यूज ने एक आर्टिकल प्रकाशित किया और दावा किया कि भारत के विदेश मंत्रालय ने फोन करके अवनि को सूचित किया था कि उनका वीजा नहीं बढ़ाया जा रहा।

खैर, इस प्रोपेगेंडा से इतर अवनि डायस से जुड़ा एक और मामला भी है। उसने कनाडा में हरदीप निज्जर की हत्या को भारत से जोड़ने की कोशिश करते हुए एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिस पर भारत सरकार रोक लगा चुकी है और यू-ट्यूब पर पर भी उसके मामले में नोटिस दिख रहा है। दरअसल, यो डॉक्यूमेंट्री न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत थी, बल्कि भारत के संवेदनशील सीमाई इलाकों में गलत तरीके से फिल्माई गई थी। उन लोकेशन पर शूट करने के लिए गलत तरीके से अनुमति हासिल की गई थी, जिसका बीएसएफ ने भी विरोध किया था।

पहले भी भारत को लेकर प्रोपेगेंडा फैलाती रही हैं अवनि डायस

अवनि डायस भारत विरोधी, सनातन विरोधी लेखों के लिए जानी जाती है। उसने कई बार प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार एक्सपोज होती रही। इसी साल मार्च में अवनि डायस ने ब्रिसबेस में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पर खालिस्तानी कट्टरपंथियों के हमले को नकारते हुए कट्टरपंथियों को क्लीनचिट देने की कोशिश की थी। उन्हें इसे हिंदू समूहों का ही हमला करार दे दिया था। उनके दावों को खुद ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया ने एक्सपोज कर दिया था। एक फेसबुक पोस्ट में ऑस्ट्रेलियन हिंदू मीडिया ने अवनि डायस और उनकी साथी नाओमी सेल्वारत्नम को ‘ब्राउन सिपाही’ की संज्ञा दी थी।

सरकारी जमीन पर जबरन नमाज, फिर बनवा दी दिवार: रोकने पर मुस्लिम भीड़ का हमला, एक हिंदू की निजी जमीन पर भी ठोका दावा, वामपंथी पार्टी के दबाव में पुलिस बेबस

नेपाल के जनकपुर में मुस्लिम समुदाय द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने की साजिश के बाद दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। मुस्लिम पक्ष द्वारा पुलिस की मौजूदगी में पत्थरबाजी की गई, जिसमें हिन्दू पक्ष के कई लोग घायल हो गए। घायलों में स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं।

मुस्लिम पक्ष के दबाव में एक योग शिविर का भी काम रोक दिया गया है। हालात को देखते हुए इलाके में फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। घटना सोमवार (10 जून 2024) की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए हिन्दू संगठन के सदस्यों ने इसे लैंड जिहाद बताया और वामपंथी पार्टियों द्वारा मुस्लिम पक्ष को समर्थन देने का आरोप लगाया है।

माँगी थी नमाज़ पढ़ने के लिए थोड़ी सी जगह

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, शिवपुर में एक सरकारी स्कूल है। भवन के आसपास काफी जमीन है, जो कि स्कूल की ही है। इस जमीन पर लगभग 16 साल पहले मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने नमाज पढ़नी शुरू कर दी थी। तब इस इलाके में मुस्लिम आबादी न के बराबर थी। 2-4 परिवार ही इस इलाके में हुआ करते थे। उन्होंने इबादत के लिए पहले स्कूल की बिल्डिंग चुनी।

लगभग 10 साल पहले स्कूल कम्पाउंड में किसी बात को लेकर हिन्दू और मुस्लिम पक्ष में विवाद हो गया था। तब से कुछ समय के लिए स्कूल के अंदर नमाज़ पढ़नी बंद हो गई थी। इस बीच जनकपुर में मुस्लिमों की तादाद लगातार बढ़ती रही। 10 साल पहले का विवाद शांत होने के बाद मुस्लिम पक्ष ने स्कूल के भवन के बजाय उसकी खाली पड़ी जमीन पर नमाज़ पढ़नी शुरू कर दी।

इसमें नमाज़ियों की तादाद बढ़ती चली गई। अब जनकपुर के शिवपुर इलाके में लगभग 70 से 80 घर मुस्लिमों के हो चुके हैं। इन्होंने अपनी खुद की मस्जिद भी बनवा डाली है। इसके बावजूद मुस्लिम पक्ष ने स्कूल की सरकारी जमीन पर नमाज़ पढ़ना बंद नहीं किया। कुछ साल पहले से मुस्लिमों ने इस सरकारी जगह को अपनी इबादतगाह वाली जगह बताना शुरू कर दिया है।

स्कूल के नाम पर है जमीन

हाईकोर्ट के आदेश को भी रख दिया ठेंगे पर

साल 2013 में स्कूल की जमीन को अपना बताते हुए मुस्लिम पक्ष के लोग जनकपुर हाईकोर्ट गए थे। यहाँ चली सुनवाई में हाईकोर्ट ने जमीन पर मुस्लिम पक्ष का दावा ख़ारिज कर दिया। न्यायाधीश ने यह जमीन सरकार की बताई और वहाँ किसी भी प्रकार के निजी निर्माण पर रोक लगा दी।

ऑपइंडिया के पास हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी मौजूद है। जमीन सरकार की घोषित होने के बावजूद मुस्लिम पक्ष ने वहाँ नमाज़ पढ़नी बंद नहीं की। नमाज़ियों की पूरी टोली को मोहम्मद कैश और इब्राहिम राईन लीड करते रहे। रमज़ान आदि के महीनों में तो यहाँ इतनी भीड़ हो जाती थी कि बच्चों की पढ़ाई में बाधा आने लगी थी।

जो दिखा उसी पर बोला हमला

इस बीच सोमवार (10 जून 2024) को स्कूल वाली खाली जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ में 70 से 80 लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें बच्चे, बूढ़े और जवान के अलावा औरतें भी शामिल थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वहाँ 2-3 दिन से चुपके-चुपके ट्रैक्टर-ट्रॉली से ईंटें और सीमेंट आदि गिरवा दिए गए थे और कारीगर बुलाकर सरकारी जमीन पर दीवार उठाया जा रहा था।

निर्माण अवैध बता कर स्कूल द्वारा रोकने की गुहार

स्कूल की जमीन पर मुस्लिम पक्ष द्वारा दीवार बनाते देखकर वहाँ के टीचर, छात्र-छात्राओं और आसपास के ग्रामीणों ने इसे अवैध निर्माण बताकर विरोध शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस के 2 जवान भी पहुँच गए। इस रुकावट की वजह से मुस्लिम पक्ष नाराज हो गया। उन्होंने स्कूल के पास जुटे ग्रामीणों और छात्रों पर हमला कर दिया।

हमले के दौरान लाठी-डंडे भांजे गए। हिन्दुओं के अलावा पुलिस पर भी पत्थरबाजी की गई। इस हमले में आधे दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में स्कूल के अंदर पढ़ रहे कुछ नाबालिग छात्र भी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल पहुँचा। आरोप है कि पुलिस ने पत्थरबाजी कर रहे मुस्लिमों पर कोई कार्रवाई नहीं की और उनको समझाती-बुझती रही।

स्कूल की जमीन पर खड़ा हुआ अवैध निर्माण

रुकवा दिया योग शिविर का भी निर्माण

घायल हिन्दुओं का अस्पताल में इलाज करवाया गया है। अभी तक किसी भी पत्थरबाज अथवा हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऑपइंडिया ने इस मामले में हिन्दू सम्राट सेना के कुछ पदाधिकारियों से बात की। नाम नहीं छपने की शर्त पर उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष के लोगों को वामपंथी पार्टी (एमाले) का समर्थन हासिल है।

उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष से जब काम रोकने के लिए कहा गया तो उन्होंने स्कूल से थोड़ी दूर पर बन रहे योग शिविर पर आपत्ति दर्ज करवा दी। यह योग शिविर डॉक्टर प्रमोद यादव अपनी निजी जमीन पर बनवा रहे थे। प्रमोद ने अपनी तरफ से तमाम सफाई और जमीन निजी होने के कागजात भी दिखाए। इसके बावजूद प्रशासन ने प्रमोद के योग शिविर पर अस्थाई तौर पर पाबंदी लगा दी है।

हिन्दू सम्राट सेना के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मुस्लिमों को खुश करने के लिए रोके गए योग शिविर का काम फिर से शुरू नहीं हुआ तो वो आंदोलन करेंगे। फ़िलहाल प्रशासन ने योग शिविर के कागजात मँगवाए हैं। मुस्लिम पक्ष द्वारा जो छोटी सी दीवार स्कूल की जमीन पर खड़ी की है, वो अभी भी बरकरार है। हिन्दू संगठनों ने इस निर्माण को अवैध बताते हुए तत्काल ध्वस्त करने की माँग की है।