Home Blog Page 879

अमृतपाल को छुड़ाने के लिए अमेरिका में मुहिम, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मीटिंग: पुलिस वालों पर जिसने किया जानलेवा हमला, उसके लिए मानवाधिकार की बात

पंजाब से निर्दलीय सांसद और जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को रिहा करवाने के लिए अमेरिका में मुहिम की शुरुआत हो गई है। यह शुरुआत अमेरिका में रहने वाले वकील सरदार जसप्रीत सिंह ने की है। इस मुहिम के तहत उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान अमृतपाल की रिहाई के लिए भारत की कार्रवाई में अमेरिकी हस्तक्षेप की माँग की गई। इस मीटिंग का दावा खुद जसप्रीत सिंह ने सोमवार (10 जून 2024) को किया है।

एडवोकेट जसप्रीत सिंह ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट में वो अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ नजर आ रहे हैं। कैप्शन के तौर पर उन्होंने अपनी इस मुलाकात का मकसद अमृतपाल सिंह की रिहाई बताया है। जसप्रीत ने अपनी पोस्ट में अमृतपाल को ‘भाई’ शब्द से सम्बोधित किया है।

इस मुलाकात के बाद जसप्रीत सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने बताया कि अमृतपाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की है, जिसकी रिहाई का मुद्दा अमेरिकी सरकार के आगे रखा गया है। जसप्रीत के मुताबिक उन्हें अमेरिका के तमाम गुरुद्वारों के प्रतिनिधि, अमेरिका में मौजूद सिख समुदाय के लोगों और उनके तमाम क्लाइंट ने अमृतपाल की रिहाई के मुद्दे को उठाने के लिए कहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से अपने अच्छे ताल्लुकात बताते हुए जसप्रीत सिंह ने दावा किया कि वो 2 बार उनसे मिल चुके हैं।

जसप्रीत सिंह ने आगे बताया कि उनको अमृतपाल सिंह के मुद्दे पर बात करने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति से मंगलवार (11 जून) का समय मिला। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी सरकार इस मामले में हस्तक्षेप जरूर करेगी। इस बीच वकील जसप्रीत सिंह 7 जून को न्यूजर्सी में कोरी ब्रूकर से भी अमृतपाल के ही मुद्दे पर मुलाकत कर चुके हैं। जसप्रीत सिंह ने कई अमेरिकी सीनेटरों और नेताओं से भी मुलाकात का दावा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी ने अमृतपाल की रिहाई में उनकी मदद का भरोसा दिया है।

जसप्रीत सिंह ने अपनी कानूनी जानकारी के हिसाब से दावा किया है कि अमृतपाल पर की गई कार्रवाई मानवाधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने अमृतपाल पर लगे NSA एक्ट को भी नियम के हिसाब से गलत बताया। जसप्रीत ने अमृतपाल के साथियों पर भी की गई कार्रवाई को कायदे के खिलाफ माना है। उन्होंने अमेरिकी सरकार से माँग की है कि वो भारत सरकार पर दबाव बनाए कि अमृतपाल को तत्काल रिहा किया जाए। वकील जसप्रीत ने अमेरिका की शान में कसीदे गढ़े और उसे मानवाधिकार का रक्षक घोषित कर डाला।

वीडियो के बीच में सरदार जसप्रीत सिंह ने अमृतपाल पर की जा रही कार्रवाई को तमाम सिखों पर हो रहा अत्याचार बता डाला। उनका दावा है कि अमेरिका के तमाम सिख अमृतपाल पर हुई कानूनी कार्रवाई से आहत हैं। आगे उन्होंने शांति व्यवस्था भी कायम रखने की दुहाई दी है। जसप्रीत ने अमृतपाल को पंजाब से काफी दूर असम की जेल में रखने पर भी आपत्ति जताई है। वकील जसप्रीत ने अपने वीडियो में तमाम अमेरिकी सीनेटरों के साथ खिंचवाए गए फोटो भी दिखाए हैं।

अमृतपाल सिंह, थाने पर हमला और खालिस्तान

‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया खालिस्तानी अमृतपाल सिंह अजानला पुलिस थाने पर हमला करने के बाद मीडिया की सुर्खियाँ बना था। 23 फरवरी 2023 को अमृतपाल के एक करीबी की गिरफ्तारी के बाद खालिस्तान समर्थकों ने अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। अमृतपाल ने मीडिया के सामने आकर पंजाब पुलिस को अल्टीमेटम दिया था, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर उसके साथी लवप्रीत को पुलिस ने छोड़ दिया था।

अजनाला थाने पर हमले में पंजाब पुलिस के कई कर्मचारी घायल हुए थे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस करीबन एक महीने बाद उसे पकड़ने में सफल हुई थी। इसके बाद उसे असम के डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया था। उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) भी लगाया गया था।

12 बज गए हैं… Pak के पूर्व क्रिकेटर कामरान अकमल ने पहले उड़ाया सिखों का मजाक, हरभजन से लताड़ लगते ही बोले- माफ कर दो, मैं आपका सम्मान करता हूँ

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर कामरान अकमल ने हाल में टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान सिख समुदाय पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उनकी टिप्पणी के बाद भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने उन्हें X (पूर्व में ट्विटर) पर खूब लताड़ लगाई और उन्हें याद दिलाया कि कैसे सिखों ने वक्त आने पर महिलाओं की रक्षा की है। हरभजन के ट्वीट के बाद कामरान को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने हरभजन सिंह व पूरे सिख समुदाय से अपनी घटिया बयानबाजी के लिए माफी माँगी।

उन्होंने एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर अपनी विवादित टिप्पणी उस समय दी थी जिस समय पाकिस्तानी टीम को आखिरी ओवर में जीतने के लिए 18 रनों की जरूरत थी, तब गेंदबाजी की जिम्मेदारी अर्शदीप सिंह को दी गई थी। ऐसे में कामरान अकमल ने यह देखते हुए एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर अर्शदीप सिंह और सिख समाज के बारे में आपत्तिजनक कमेंट किया था। वह वीडियो में कह रहे थे- “देखिए लास्ट ओवर करना है अर्शदीप सिंह ने। कुछ भी हो सकता है। फिर…. 12 बज गए हैं।” इसके बाद वह जोर से हँसते हुए नजर आते थे और अन्य लोग भी उनकी इस घटिया बात पर हँसते दिखे थे।

मैच के बाद जब ये वीडियो वायरल हुई तो पूर्व भारतीय गेंदबाज हरभजन सिंह की नजर भी इस पर पड़ी। हरभजन ने अपने एक्स पर उन्हें लताड़ते हुए कहा था, “लख दी लानत कामरान अकमल… मुँह खोलने से पहले तुम्हें सिख का इतिहास पता होना चाहिए। हम सिखों ने तुम्हारी माँ-बहनों को घुसपैठियों से बचाया, उस वक़्त 12 बज रहे थे। तुम्हें शर्म आनी चाहिए। थोड़ा आभार करो कामरान अकमल।”

उनके इसी ट्वीट के बाद कामरान अकमल ने जिस तरह बेशर्मी से न्यूज चैनल पर सिखों का मखौल उड़ाया था, उससे ज्यादा शर्मिंदगीं के साथ माफी माँगी। कामरान अकमल ने अपने ट्वीट में लिखा है- “मैं अपने हालिया कमेंट गहरा अफसोस करता हूँ और ईमानदारी से हरभजन सिंह और सिख कम्यूनिटी से माफी माँगता हूँ। मेरे शब्द अनुचित और अपमानजनक थे। मैं दुनिया भर के सिखों का अत्यंत सम्मान करता हूँ और मेरा इरादा कभी किसी को ठेस पहुँचाने का नहीं था। मैं वाकई माफी चाहता हूँ।”

उल्लेखनीय है कि 9 जून, रविवार को भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में 20वाँ ओवर अर्शदीप सिंह ने फेंका था जिसमें पाकिस्तान को 18 रन चाहिए थे। इस ओवर में अर्शदीप ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को केवल 11 रन दिए और भारत के खाते में जीत आ गई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों की खूब तारीफ हुई थी।

6 साल के बच्चे को बहलाकर ले गया नदी के पास, चीखों पर नहीं खाया तरस और किया कुकर्म: पिता को भी धमकाया, रामपुर पुलिस को आरोपित अरमान की तलाश

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में 6 साल के एक बच्चे के साथ कुकर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम अरमान पुत्र शाहिद है, जिसके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। FIR दर्ज होने के अरमान फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पीड़ित बच्चे का मेडिकल परीक्षण करवाकर काउंसिलिंग की जा रही है। घटना शनिवार (8 जून 2024) की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रामपुर जिले के थाना क्षेत्र स्वार की है। 8 जून (शनिवार) को 6 साल के एक बच्चे के पिता ने थाने में तहरीर देकर बताया कि घटना वाले दिन उनका बच्चा घर के बाहर पड़ोसी लड़कों के साथ खेल रहा था। तभी वहाँ गाँव का ही अरमान पहुँच गया। अरमान ने पीड़ित को बहलाया-फुसलाया अपने साथ नदी के किनारे ले गया। वहाँ सुनसान में उसने बच्चे से कुकर्म किया।

इस दौरान बच्चा रोने लगा, लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ा। कुकर्म करने के बाद अरमान ने बच्चे को छोड़ दिया। पीड़ित बच्चा रोता हुआ अपने घर पहुँचा और परिजनों को सारी बात बताई। जब लड़के के पिता अरमान के घर शिकायत लेकर गए तो आरोपित ने उनसे गाली-गलौज की और जान से मार मारने की धमकी देते हुए। यहाँ से लड़के के पिता सीधे थाने पहुँचे और रिपोर्ट दर्ज करवाई।

पुलिस ने अरमान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के साथ पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 5(m)/6 के तहत FIR दर्ज कर ली है। केस दर्ज होने की जानकारी मिलते ही आरोपित अरमान फरार हो गया। ऑपइंडिया के पास बच्चे के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की कॉपी मौजूद है।

स्वार थाने के SHO इंस्पेक्टर संदीप त्यागी ने मीडिया से बताया है कि फरार अरमान की तलाश में दबिश दी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिया है कि जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा। पीड़ित बच्चे का मेडिकल परीक्षा और इलाज करवाया गया है। उसकी काउंसिलिंग भी करवाई जा रही है। मामले में जाँच और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

ट्रेन छूटने पर गेस्ट हाउस में रुकी थी सिक्किम की लड़की: अख्तर और अमजद ने कमरे में घुस कर किया गैंगरेप… विरोध करने पर पीड़िता के साथी को भी बाँधकर पीटा

बिहार के किशनगंज जिले में एक लड़की से गैंगरेप की घटना सामने आई है। पीड़िता मूल रूप से सिक्किम की रहने वाली है। घटना एक गेस्ट हाउस में हुई है, जहाँ पीड़िता अपनी ट्रेन छूट जाने के बाद ठहरी हुई थी। लड़की को बचाने की कोशिश करने वाले एक युवक को भी बाँध कर पीटा गया है। आरोपितों की पहचान अरहान अख्तर और अमजद हुसैन के तौर पर हुई है।

पुलिस ने केस दर्ज करके दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया है। इसके बाद उसे उसके घर भेज दिया। यह घटना बुधवार (5 जून 2024) की है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना किशनगंज रेलवे स्टेशन के पास की है। यहाँ बुधवार की रात सिक्किम की रहने वाली एक लड़की अपनी एक सहेली के साथ ट्रेन पकड़ने किशनगंज जंक्शन गई थी।

थोड़ा लेट होने की वजह से पीड़िता की ट्रेन छूट गई। इसके बाद लड़की ने अपने एक परिचित मित्र से कोई गेस्ट हाउस बुक करने में मदद माँगी। परिचित ने एक गेस्ट हाउस बुक भी करवा दिया और खुद पहुँचकर उसमें लड़की को उसकी सहेली के साथ शिफ्ट भी कर दिया। इसी दौरान गेस्ट हाउस बुक करवाने वाले युवक के परिचित अरहान और उसका लड़िकियों के कमरे में घुसकर बदतमीजी करने लगा।

इनमें से पहला युवक बहादुरगंज का रहने वाला अरहान अख्तर और दूसरा अररिया जिले का रहने वाला अमजद हुसैन था। आरोप है कि अख्तर और अमजद, दोनों ने शराब पी रखी थी और नशे में धुत थे। इन दोनों ने सिक्किम की लड़की से अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी। लड़कियों के साथ मौजूद पुरुष मित्र ने अमजद और अख्तर की इस हरकत का विरोध किया तो दोनों भड़क गए।

उन्होंने युवक को बुरी तरह पीट दिया और फिर रस्सी से बाँध दिया। बताया जा रहा है कि यह युवक अरहान का परिचित था। इसके बाद अरहान अख्तर और अमजद हुसैन ने सिक्किम निवासी पीड़िता से बारी-बारी से रेप किया। पीड़िता की सहेली जैसे-तैसे आरोपितों के चंगुल से छूटकर गेस्ट हाउस के कमरे से निकल पाई। उसने नजदीकी पुलिस से सम्पर्क किया।

सूचना मिलते ही पुलिस फ़ौरन गेस्ट हाउस पहुँची और पीड़िता को आरोपितों के चंगुल से मुक्त करवाया। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, लड़की को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस मामले में FIR दर्ज करके आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सबूत जुटाने के लिए भागलपुर से फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी घटनास्थल पर पहुँची।

आंध्र प्रदेश : जगन मोहन रेड्डी की जीत पर लगाया ₹30 करोड़ का दाँव, बुरी हार के बाद YSRCP के नेता ने जहर खाकर दे दी जान

आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP के नेता ने आत्महत्या कर ली। YSRCP के नेता जग्गावरपु वेणुगोपालारेड्डी ने जगन मोहन रेड्डी की पार्टी की जीत पर 30 करोड़ रुपए का दाँव लगाया था, लेकिन पार्टी की बुरी तरह से हार की वजह से सारे पैसे चले गए, जिसके बाद जग्गावरपु ने आत्महत्या कर ली। YSRCP नेता जग्गावरपु वेणुगोपालारेड्डी जो पैसे हार गए, उसके लिए उनके घर पर लोगों ने पथराव भी किया था, जिसके बाद उन्होंने ये कदम उठा लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला आंध्र प्रदेश एलुरु जिले के तुरपुदीगावल्ली गाँव की है। जहाँ 52 साल के जग्गावरपु वेणुगोपालारेड्डी ने नुजिवेदु मंडल निर्वाचन क्षेत्र में वाईएसआरसीपी की जीत पर पैसे लगाए थे। उन्होंने कई गाँवों में शर्त लगाई थी, लेकिन जगन मोहन रेड्डी की पार्टी हार गई, जिसकी वजह से उन पर काफी देनदारी बढ़ गई थी।

बताया जा रहा है कि जब 4 जून 2024 को वोटों की गिनती चल रही थी, और YSRCP की हार होने लगी, तो वेणुगोपालारेड्डी अपने गाँव से फरार हो गए थे। इसके बाद 7 जून को वेणुगोपालारेड्डी के घर पर कर्ज देने वालों ने हमला कर दिया और एयर कंडीशनर के साथ ही सोफा और बेड समेत उनकी संपत्तियों को लूट लिया गया। दूसरे दिन जब वो घर लौटा, तो पता चला कि उसके घर पर लोगों ने तोड़फोड़ की है। वो लोग पैसों की माँग कर रहे थे, जिसके बाद उसने कीटनाशक पी लिया। इस मामले में पुलिस के एसआई प्रसाद रेड्डी ने कहा कि पुलिस अभी मामले की जाँच कर रही है।

बता दें कि 4 जून 2024 को आए लोकसभा चुनाव के नतीजों में वाईएसआरसीपी नुजिवीडू मंडल निर्वाचन क्षेत्र की सीट तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से हार गई। ऐसा कहा जाता है कि वेणुगोपालारेड्डी को 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, कुछ मीडिया रिपोर्टों ने यह राशि 10 करोड़ रुपये बताई।

‘पूर्णिया में अगले 5 साल रहना है, तो ₹1 करोड़ देने ही पड़ेंगे’: रंगदारी माँगने के आरोप में नवनर्वाचित सांसद पप्पू यादव और उनके सहयोगी पर FIR

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और उनके सहयोगी अमित यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उनके खिलाफ फोन पर रंगदारी माँगने के आरोप में मुफस्सिल थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव के सहयोगी अमित यादव ने एक कारोबारी से फोन पर 1 करोड़ रुपए की डिमाँड की थी, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 4 जून 2024 को फर्नीचर व्यवसाई के मोबाइल पर पप्पू यादव के करीबी अमित यादव ने धमकी दी कि 5 साल पूर्णिया में रहना है तो एक करोड़ रूपए देने होंगे। अगर 1 करोड़ नहीं दिए गए, तो उन्हें पूर्णिया छोड़कर जाना पड़ेगा। यही नहीं, उन्हें जान से भी मारने की धमकी दी गई है। इस शिकायत के आधार पर सांसद पप्पू यादव और अमित यादव के खिलाफ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 93/2024 दिनांक 10.06.2024 धारा-385/504/506/34 भादवि में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।

पूर्णिया के एसपी ने दी जानकारी

पूर्णिया के एसपी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पूर्णिया के नए सांसद के खिलाफ यह प्राथमिकी एक फर्नीचर व्यवसाई की शिकायत पर दर्ज की गई है। आरोप है कि तीन साल पहले 02.04.2021 को माननीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के द्वारा 10 लाख रूपए रंगदारी टैक्स की माँगी की गई थी। वर्ष 2023 के दुर्गा पूजा के दौरान मोबाईल एवं वाटसएप काल पर 15 लाख रुपए, दो सोफा सेट माँगने के साथ-साथ धमकी और गाली-गलौच की गई।

पुलिस ने आगे बताया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी माननीय सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव के खास अमित यादव के द्वारा दिनांक-05.04.2024 को मोबाइल पर करीब 10 से 15 कॉल करके अर्जुन भवन पूर्णिया, माननीय सांसद पप्पु यादव के आवास पर बुलाने एवं 25 लाख रुपए रंगदारी की बात फर्नीचर व्यवसाई द्वारा आवेदन में उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त दिनांक-04.06.2024 को दुबारा फर्नीचर व्यवसायी के मोबाइल पर अमित यादव द्वारा धमकी दिया गया कि 05 साल पूर्णिया में ही रहना है और एक करोड़ रूपया नहीं देने पर पूर्णिया छोड़कर जाने की धमकी के साथ जान से मारने की भी धमकी दी गई।

बता दें कि बाहुबली और दबंग की छवि वाले पप्पू यादव के खिलाफ अलग-अलग थाने में 41 केस लंबित हैं। पप्पू यादव को दो मामलों में सजा भी हो चुकी है। इन दोनों केसों में पप्पू यादव जमानत पर हैं।

जेल में बंद सपा के हिस्ट्रीशीटर MLA रफीक अंसारी की जमानत याचिका खारिज: 101 गैर-जमानती वारंट और कुर्की के बावजूद कोर्ट में नहीं हुए थे पेश

मेरठ की जिला अदालत ने समाजवादी पार्टी के हिस्ट्रीशीटर विधायक रफीक अंसारी की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी है। सोमवार (10 जून) को उनकी 2 जमानत अर्जियों पर सुनवाई के बाद मेरठ की जिला अदालत के एडीजे 9 ने यह फैसला सुनाया। 101 गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद रफीक अंसारी अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। यह वारंट 32 साल पुराने के एक केस में जारी हुए थे, जिसमें मुस्लिम समुदाय की 2 जातियाँ आपस में भिड़ गईं थीं। रफीक 27 मई 2024 से जेल में बंद हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलाहबाद हाईकोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद 27 मई को समाजवादी पार्टी के विधायक रफीक अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी लखनऊ से हुई थी। उसके बाद उन्हें मेरठ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। न्यायिक हिरासत के 14 दिन पूरे होने के बाद रफ़ीक अंसारी के वकीलों ने मेरठ जिला सत्र न्यायालय में 2 अलग-अलग जमानत अर्जियाँ दाखिल की थीं। इन दोनों अर्जियों की सुनवाई अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश 9 बृजेशमणि त्रिपाठी की अदालत में हुई।

अदालत रफीक अंसारी के वकीलों द्वारा पेश की गई दलीलों से संतुष्ट नहीं हुई। दोनों जमानत अर्जियाँ ख़ारिज कर दी गईं। जिला अदालत के फैसले के बाद अब सपा विधायक को जेल में ही रहना होगा। रफीक अंसारी के वकील अब जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। हालाँकि, उच्च न्यायलय में फिलहाल गर्मी की छुट्टियाँ चल रही हैं, जिसकी वजह से सुनवाई में देरी हो सकती है। इस बीच समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जेल में रफीक अंसारी से मिलकर उनका हालचाल जाना।

बताते चलें कि सपा विधायक रफीक अंसारी जिस मामले में जेल में बंद हैं, वह साल 1992 का है। तब हापुड़ रोड पर माँस की दुकानों को लेकर मुस्लिम पक्ष के अंसारी और कुरैशी जातियों के लोग आपस में भिड़ गए थे। इस दौरान हिंसक हो गई भीड़ ने आगजनी के साथ तोड़फोड़ भी की थी। इस हिंसा की 2 अलग-अलग FIR मेरठ के लिसाड़ी गेट और नौचंदी थानों में दर्ज हुई थी। तब पुलिस ने रफीक अंसारी के साथ हाजी बुंडू को भी नामजद आरोपित बनाया था।

रफीक और हाजी बुंडू सहित कुल 22 लोगों के खिलाफ पुलिस ने साल 1995 में अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इन सभी पर IPC की धारा 147, 427 और 436 के तहत कार्रवाई की गई थी। इस केस में रफीक अंसारी अदालत में हाजिर नहीं हो रहे थे। रफीक के खिलाफ साल 1997 में पहला गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। तब से अब तक उनके खिलाफ अलग-अलग मौकों पर 101 गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके थे। इस दौरान रफीक के खिलाफ CRPC की धारा 82 के तहत कुर्की की भी कार्रवाई की गई थी।

कुर्की के बावजूद रफीक अंसारी कोर्ट में पेश नहीं हुए। इसके बाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को रफीक अंसारी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। इस मामले से पहले भी रफीक अंसारी के खिलाफ वारंट जारी हुए हैं। 30 जनवरी 2020 को रफीक अंसारी के खिलाफ मेरठ की एक अदालत ने 13 पुराने एक मामले में गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। दरअसल, साल 2007 में नगर निगम के एक ठेकेदार ने आरोप लगाया था कि रफीक अंसारी ने उनके ऊपर चाकू से हमला किया है। इस मामले में चार साल बाद 2011 में चार्जशीट दाखिल हुई थी। हालांकि, रफीक की गिरफ्तारी नहीं हुई।

साल 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने रफीक अंसारी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने नामांकन के दौरान दिए गए अपने शपथ पत्र में खुद पर दर्ज मुकदमे की बात छिपाई थी। आखिरकार 27 मई 2024 को मेरठ की नौचंदी पुलिस ने मेरठ शहर से वर्तमान विधायक रफीक अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

अनिल बन खलील ने हिंदू लड़की को फँसाया, वर्षों तक रेप के दौरान 3 बार कराया गर्भपात: भेद खुला तो इस्लाम कबूलने का बनाया दबाव, हमीरपुर पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक ने हिन्दू लड़की का रेप करके इस्लाम कबूल करवाने का प्रयास किया है। आरोपित लड़की को हिन्दू नाम से मिला था। वह शादीशुदा था, लेकिन खुद को कुँवारा बताया था। उसने पीड़िता को 2 वर्षों तक बंधक बनाए रखा और कई बार गर्भपात भी करवाया गया। इस दौरान उसने लड़की की कई बार पिटाई की। पुलिस ने केस दर्ज कर के शनिवार (8 जून 2024) को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला हमीरपुर जिले के थाना क्षेत्र बिम्वार का है। यहाँ मूल रूप से गोरखपुर जिले की रहने वाली एक लड़की ने जिलाधिकारी (DM) से मिलकर 1 जून 2024 को आवेदन दिया। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह हरियाणा में फ्लिपकार्ट कम्पनी में जॉब कर रही थी। इसी कम्पनी में उसकी मुलाकात एक लड़के से हुई, जिसने खुद को अनिल यादव बताया। अनिल यादव ने पीड़िता को कुछ ही दिनों में अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। इसके बाद शादी का झाँसा देकर वह साल 2022 से पीड़िता से लगातार रेप करने लगा।

कुछ दिनों बाद लड़की को पता चला कि जिसे वह अनिल यादव समझ रही है, वह असल में खलील खान है। जानकारी होने पर लड़की ने खुद को खलील से दूर करने की कोशिश की। इस पर खलील नाराज हो गया। उसने लड़की को बंधक बना लिया। इस दौरान उसने पीड़िता को शारीरिक और मानसिक तौर पर बुरी तरह प्रताड़ित किया। बंधक बनाए जाने के दौरान लड़की के साथ वह रेप करता रहा। जब वह मना करती तो खलील उसे बुरी तरह पिटाता। लगभग 2 साल तक बंधक रहने के दौरान पीड़िता 3 बार प्रेग्नेंट हुई। तीनों बार खलील ने दवा खिलाकर उसका गर्भपात करवा दिया।

लगातार 3 बार गर्भपात की वजह से लड़की बेहद कमजोर हो गई। 8 मार्च 2024 को जैसे-तैसे पीड़िता खलील के गाँव गई और वहाँ उसके अम्मी-अब्बा मिले। खलील के अम्मी-अब्बा ने बताया कि उनका बेटा पहले से शादीशुदा है। उसका अपनी बीवी से कोर्ट में केस भी चल रहा है। जब खलील को पता चला कि उसकी पूरी पोल पीड़िता के आगे खुल चुकी है, तब उसने लड़की पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने पुलिस से खलील पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस ने खलील के खिलाफ 1 जून 2024 को FIR दर्ज कर ली। खलील पर IPC की धारा 376 (2)(n), 342, 313, 323 और 506 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के सेक्शन 3/5(1) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। शनिवार (8 जून) को पुलिस को खलील की लोकेशन हमीरपुर के बिरहना तिराहा के पास मिली। दबिश देकर पुलिस ने खलील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मोदी कैबिनेट की बैठक में मंत्रालयों का बँटवारा: राजनाथ सिंह को रक्षा, अमित शाह को गृह, जयशंकर विदेश; गडकरी सड़क परिवहन और वैष्णव रेलवे को सँभालेंगे, देखिए सूची

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की तीसरी सरकार के कार्यकाल में पहली कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। इस कैबिनेट बैठक में बीजेपी और सहयोगी दलों के वो तमाम नेता शामिल हुए, जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इस बैठक में पीएम मोदी के साथ ही राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, मनोहर लाल खट्टर और ललन सिंह, शिवराज सिंह चौहान आदि भी मौजूद रहे। इस बैठक में सबसे अहम काम मंत्रालयों के बँटवारे का रहा, जो अब पूरा हो चुका है और मोदी मंत्रिमंडल की पूरी तस्वीर सामने आ चुकी है।

अमित शाह पहले की तरह ही गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री के तौर पर काम संभालेंगे, तो मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भी नितिन गडकरी को सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया है। उनके साथ इस मंत्रालय के लिए दो राज्य मंत्री अजय टमटा और हर्ष मल्होत्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोदी सरकार 3.0 में मनोहर लाल खट्टर को ऊर्जा मंत्रालय दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें शहरी विकास मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनोहर लाल खट्टर हरियाण के पूर्व सीएम हैं और उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़कर जीता है। श्रीपद नाईक को इन विभागों का राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है। चिराग पासवान को खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। चिराग पासवान को खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग विभाग का भी जिम्मा दिया गया है।

लखनऊ से लगातार सांसद बनते आ रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह को एक बार फिर रक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। निर्मला सीतारमण को फिर वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण और पंचायत एवं ग्रामिण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के इकलौते सांसद और मोदी कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ सदस्य (79) जीतन राम मांझी को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। उनके इस विभाग में शोभा करंदलाजे को राज्य मंत्री बनाया गया है।

जेपी नड्डा के पास स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अलावा केमिकल और फर्टिलाइजर विभा की भी जिम्मेदारी होगी। एचडी कुमारस्वामी को भारी उद्योग के साथ स्टील मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। ललन सिंह को पंचायती राज और फिशरीज, एनीमल हस्बैंड्री और डेयरी विभाग दिया गया है, तो डॉ. वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय मंत्रालय दी गई है। सीआर पाटिल को जल शक्ति विभाग दिया गया है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। प्रह्लाद जोशी का इस बार विभाग बदला गया है। उन्हें इस बार खाद्य, उपभोक्ता और रिन्यूएबल एनर्जी विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

एनडीए सरकार में सहयोगी दल टीडीपी के नेता राम मोहन नायडू को नागरिक उड्डयन मंत्रालय मिला है। अन्नपूर्णा देवी को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। इनके अलावा रवनीत सिंह बिट्टू को अल्पसंख्यक मामलों के विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है। गजेंद्र सिंह शेखावत को संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय को जिम्मेदारी मिली है। सुरेश गोपी और राव इंद्रजीत सिंह को संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को भी मंत्रालयों का बँटवारा

राव इंद्रजीत सिंह- सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। डॉ. जितेन्द्र सिंह को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है।

अर्जुन राम मेघवाल को कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री भी बनाया गया है, तो जाधव प्रतापराव गणपतराव को आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही जयंत चौधरी को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपनी पूरी कैबिनेट के साथ लगातार तीसरी बार पद की शपथ ली थी। प्रधानमंत्री पद की शपथ के लगभग 16 घंटे बाद उन्होंने इस कार्यकाल की अपनी पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए। पीएम मोदी ने सोमवार को विधिवत तरीके से प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला। इसके बाद अब कैबिनेट की पहली बैठक हुई, जिसमें मंत्रालयों का बँटवारा भी किया गया। मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में जो फैसला सामने आया है, उसके अनुसार पीएम आवास योजना को और बढ़ाया गया है। सामने आया है कि पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ नए घर बनवाए जाएँगे। इसके पहले 4.21 करोड़ घर बन चुके हैं।

BJP के IT सेल हेड अमित मालवीय ने शांतनु सिन्हा पर किया ₹10 करोड़ का मानहानि केस: यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले को भेजा नोटिस

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल के शांतनु सिन्हा नामक एक व्यक्ति को 8 जून 2024 को उनके खिलाफ यौन दुराचार के आरोप लगाने के लिए कानूनी नोटिस भेजा है और 10 करोड़ की मानहानि का दावा किया है। हालाँकि, यह नोटिस सोशल मीडिया पर तब आया, जब कॉन्ग्रेस नेता और आईटी सेल प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मालवीय के खिलाफ आरोपों के बारे में बात की।

कानूनी नोटिस के मुताबिक, मालवीय के खिलाफ पोस्ट 7 जून 2024 को फेसबुक पर प्रकाशित की गई थी। मालवीय की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिजीत ने शांतनु को यह नोटिस भेजा था, जिसमें पोस्ट हटाने और बिना शर्त माफी माँगने को कहा गया था। नोटिस में बताया गया है कि शांतनु द्वारा फेसबुक पर पोस्ट में मालवीय के खिलाफ़ “झूठे और अपमानजनक” आरोप लगाए गए थे, जिसका उद्देश्य “उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना” था।

नोटिस में लिखा है, “आरोपों की प्रकृति बेहद आपत्तिजनक है क्योंकि वे मेरे मुवक्किल द्वारा कथित तौर पर किए गए यौन दुराचार का झूठा आरोप लगाते हैं। यह मेरे मुवक्किल की गरिमा और प्रतिष्ठा के लिए घातक है, जो अपने पेशेवर प्रोफ़ाइल के अनुसार एक सार्वजनिक व्यक्ति हैं। उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए जानबूझकर इस तरह के दुर्भावनापूर्ण बयान दिए गए हैं।”

शांतनु को तीन दिन के भीतर पोस्ट हटाने के लिए कहा गया है। हालाँकि, नोटिस का समय खत्म होने से पहले ही श्रीनेत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाया। मालवीय के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने लिखा, “चूँकि कॉन्ग्रेस और उससे पहले पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने अपमानजनक पोस्ट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। तीन दिन का नोटिस का समय 11 जून 2024 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”

सुप्रिया श्रीनेत ने मालवीय पर यौन उत्पीड़न के लगाए आरोप

इस बीच, 10 जून 2024 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉन्ग्रेस की आईटी सेल की हेड सुप्रिया श्रीनेत ने फेसबुक पर आरएसएस के शांतनु सिन्हा के सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर बीजेपी के अमित मालवीय पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। अपने बयान में श्रीनेत ने कहा, “बीजेपी नेता राहुल सिन्हा से जुड़े आरएसएस सदस्य शांतनु सिन्हा ने कहा है कि बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय गलत गतिविधियों में शामिल हैं। वह महिलाओं के यौन शोषण में लिप्त हैं। सिर्फ 5 स्टार होटलों में ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के बीजेपी कार्यालयों में भी। हम बीजेपी से केवल एक ही चीज चाहते हैं, महिलाओं के लिए न्याय… सच्चाई यह है कि पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के 24 घंटे से भी कम समय में बीजेपी के एक बहुत ही प्रमुख पदाधिकारी, इसके आईटी सेल के प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं… आज हम अमित मालवीय को उनके पद से तत्काल हटाने की माँग करते हैं। जब तक उन्हें उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक न्याय नहीं हो सकता।”

शांतनु सिन्हा ने अमित मालवीय पर लगाए गंभीर आरोप

कानूनी नोटिस के बावजूद शांतनु सिन्हा ने फेसबुक से पोस्ट नहीं हटाई है। बंगाली में लिखे पोस्ट में शांतनु ने अमित मालवीय और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेतृत्व पर पश्चिम बंगाल के नेताओं से यौन संबंध बनाने और बदले में उन्हें पार्टी में पद दिलाने का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए मालवीय और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को 5 स्टार होटलों में महिलाओं को भेजते हैं। उन्होंने लिखा, “क्या अमित मालवीय अभी भी कोलकाता के किसी 5 स्टार होटल में बंगाल नेतृत्व द्वारा सुंदर महिलाएँ मुहैया कराए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं? क्या बंगाल नेतृत्व के बीच यह प्रतिस्पर्धा बंद हो गई है कि अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए कौन सबसे सुंदर महिलाएँ मुहैया करा सकता है? कृपया, अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ खड़े होने में प्रतिस्पर्धा करें। अमित मालवीय या दिल्ली से अध्यक्ष या सचिव पद हासिल करने के लिए भेजे गए पर्यवेक्षकों को सुंदर महिलाएँ मुहैया कराने में नहीं। आखिरकार, उन्होंने आपके आश्वासनों और आपके शब्दों के आधार पर अपने जीवन में जोखिम उठाया है। बंगाल नेतृत्व, कृपया एक नाममात्र के व्यक्ति की तरह निष्क्रिय न बैठें।”

सांतनु सिन्हा की फेसबुक पोस्ट

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में संदेशखाली में टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ और उनके सहयोगियों के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आए थे। शेख शाहजहाँ और उसके गुँडों पर इलाके में सालों से महिलाओं का शोषण करने का आरोप है।

ये खबर मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित की गई है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें