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जहाँ इजरायली महिला को बंधक बना कर रखा, वो निकला ‘अल जज़ीरा’ पत्रकार का घर: कहने को ‘मीडियाकर्मी’ लेकिन हमास ने बना रखा था प्रवक्ता

यूरोप में रहने वाले फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के एक कार्यकर्ता रामी अब्दु ने अनजाने में खुलासा कर दिया है कि इजरायली बंधकों को रखने वाला एक व्यक्ति अमेरिका स्थित कर-मुक्त संगठन के लिए काम कर चुका है। इतना ही नहीं, 26 साल की इजरायली महिला बंधक नोआ अरगामनी को अल जजीरा के पत्रकार के घर बंधक बनाकर रखा गया था।

यूरो-मेड मानवाधिकार निगरानी संस्था के प्रमुख रामी अब्दु ने अपने व्यक्तिगत एक्स अकाउंट पर दो पोस्ट किए। उनमें से एक में रामी ने 36 वर्षीय ‘पत्रकार’ अब्दुल्ला अलजमाल और उसकी बीवी फातिमा का नाम उन लोगों में लिया, जिन्हें इजरायल की सुरक्षा एजेंसी आईडीएफ के जवानों ने नुसेरात में कार्रवाई के दौरान मार डाला था। यहीं इजरायली बंधकों को रखा गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की एक बंधक नोआ अरगामनी को कतर की मीडिया हाउस अल जजीरा के पत्रकार अब्दुल्ला अलजमाल के घर में रखा गया था। गाजा स्थित अब्दुल्ला अलजामल अल जजीरा और फिलिस्तीन क्रॉनिकल के लिए जर्नलिस्ट के तौर पर काम करता था। बता दें कि अल जजीरा पर इस्लामी आतंकी संगठनों के प्रति नरम रूख अपने और उन्हें मदद पहुँचाने के आरोप लगते रहे हैं।

आगे के शोध से पता चला है कि अलजमाल ने फिलिस्तीन क्रॉनिकल के लिए काम किया था। इसे अल-जजीरा के पूर्व अधिकारी रमजी बरौद के नेतृत्व में चलाया जा रहा था और यह आतंकी संगठन हमास का समर्थक था। यह पीपल मीडिया प्रोजेक्ट के तत्वावधान में काम करता था, जो कि 2012 से ओलंपिया, वाशिंगटन राज्य में पंजीकृत एक 501 (सी) 3 संगठन है।

अलजमाल कतर के मुखपत्र और हमास आतंकियों के समर्थक अलजजीरा के लिए भी लिखता था। इसके साथ ही वह हमास के श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता के रूप में भी काम कर रहा था। रविवार (9 जून 2024) की सुबह अल जजीरा ने इस बात से इनकार किया कि अलजमाल को संगठन द्वारा नियोजित किया गया था। इसने कहा कि अफवाहें असत्य और निराधार हैं।

यह पहली बार नहीं है जब गाजा के नागरिक आतंकवादी संगठनों की ओर से अपने घरों में बंधकों को रख रहे थे। हमास के हमले के बाद IDF द्वारा रिहा कराकर लाए बंधकों ने भी कहा था कि गाजा पट्टी के आसपास नागरिक घरों में उन्हें बंदी बनाकर रखा गया था।

‘Boob Job करवाने को कहा’: अभिनेत्री ने बताया जब करियर में टॉप पर थी तब क्या हुआ, इंस्टाग्राम पर डाला वीडियो

बॉलीवुड के साथ ही दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी अदाकारी के जलवे दिखा चुकी एक्ट्रेस समीरा रेड्डी ने खुलासा किया है कि जब वो बॉलीवुड में अपने करियर के पीक पर थी, तो बॉलीवुड के कुछ लोगों ने उन पर ‘बूब जॉब’ कराने का दबाव डाला था। यही नहीं, उनसे यहाँ तक कहा गया कि सभी लोग ‘एक्ट्रेस’ ऐसा करा रही हैं, तो उन्हें भी कराना चाहिए। हालाँकि समीरा रेड्डी किसी दबाव में नहीं आई और आज भी वो खुद को ओरिजनल ही दिखाती हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में समीरा रेड्डी ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे करियर के टॉप पर रहने को दौरान काम करते हुए मुझ पर कितना दबाव डाला गया था। इतने सारे लोग कहते रहे, ‘समीरा, सब लोग कर रहे हैं, आप क्यों नहीं’। लेकिन मैं अपने अंदर ऐसा कुछ नहीं चाहती थी। ऐसा लगता है कि आप कुछ छिपा रहे हैं, लेकिन यह कोई दोष नहीं है, जिंदगी ऐसी ही है। मैं किसी ऐसे को जज नहीं करूँगी जो प्लास्टिक सर्जरी और बोटोक्स लेना चाहता है, लेकिन मुझे ये नहीं करना है।’

समीरा रेड्डी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर डाली जिसमें वह एक तरफ 45 साल की उम्र में हैं और दूसरी तरफ 28 साल की। लोग उनकी फोटो पर खूब रिएक्ट कर रहे हैं। उन्होंने इसके साथ लिखा है, ‘लोगों ने कहा कि अब मैं अपनी स्किन के साथ अधिक खुश दिखती हूँ। मैं 28 साल की उम्र में पतली दिखती थी, लेकिन 45 साल की उम्र में लगभग वैसी ही हूँ। जब मैं 40 साल की थी, तब मेरी उम्र 38 साल बताई गई थी। लेकिन मैंने तुरंत इसे बदलवा लिया क्योंकि मुझे 40 साल की होने पर गर्व था। इंटरव्यू में इतना फेंक फेंक के, गूगल ने गलत उम्र चुन ली। हालाँकि मैंने उसे तुरंत ठीक करा दिया।’

बढ़ती उम्र को स्वीकार करने के लिए समीरा रेड्डी की इंस्टाग्राम पर सराहना की जा रही है। लेकिन जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना शुरु किया था, तो लोगों ने कहा था कि वो फिल्टर इस्तेमाल करें, लेकिन मैंने खुद को ओरिजनल ही दिखाना पसंद किया। बता दें कि समीरा रेड्डी बॉलीवुड की कई अहम फिल्मों में अच्छे किरदार निभा चुकी हैं और उन्होंने कभी अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले किरदार नहीं चुने।

‘माफ़ी माँगता हूँ’: तमिलनाडु के जिस पूर्व अधिकारी को बताया जा रहा था नवीन पटनायक का उत्तराधिकारी, उसने राजनीति से लिया संन्यास

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी एवं पूर्व IAS अधिकारी वीके पांडियन ने रविवार (9 जून 2024) को सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली शर्मनाक हार का जिम्मेदार पांडियन को ठहराया जा रहा था। हार के बाद से वे लापता हो गए थे और सार्वजनिक तौर पर नहीं दिख रहे थे।

कुछ दिन हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बीजद को करारी हार का सामना करना पड़ा और 24 सालों से राज्य के मुख्यमंत्री पद पर काबिज नवीन पटनायक को पद छोड़ना पड़ा है। ओडिशा विधानसभा में 147 सीटें हैं, जिनमें बीजद को सिर्फ 51 सीटों पर जीत मिली। वहीं, लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली।

एक वीडियो संदेश में पांडियन ने कहा, “राजनीति में शामिल होने का मेरा इरादा केवल नवीन बाबू की सहायता करना था और अब जानबूझकर मैंने सक्रिय राजनीति से खुद को अलग करने का फैसला किया है।” हार के लिए उन्होंने बीजद नेताओं और कार्यकर्ताओं हाथ जोड़कर माफ़ी माँगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई संपत्ति अर्जित नहीं की है और सिविल सेवा की शुरुआत से लेकर आज तक उनकी संपत्ति एक समान है।

पांडियन का मूल रूप से तमिल होना विधानसभा चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बना था और इसे भाजपा ने खूब हवा दी थी। पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि भाजपा का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो ओडिशा में पैदा हुआ हो और ओडिया बोलता हो। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया था कि अगर बीजद फिर से जीतती है तो पांडियन ओडिशा के मुख्यमंत्री बनेंगे और इसका कारण नवीन पटनायक का स्वास्थ्य है।

इससे पहले शनिवार (8 जून 2024) को बीजद सुप्रीमो और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद पांडियन का बचाव किया और अपने सहयोगी की आलोचना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। पटनायक ने कहा कि पांडियन ने बिना किसी पद पर रहते हुए भी शानदार काम।

पूर्व सीएम पटनायक ने राज्य में चक्रवात और कोविड-19 महामारी जैसे संकटों के दौरान पांडियन द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में बात की। नवीन पटनायक ने कहा, “पांडियन की कुछ आलोचना हुई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वह पार्टी में शामिल हुए और उन्होंने कोई पद नहीं संभाला। उन्होंने किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ा।”

उनके उत्तराधिकारी के रूप में वीके पांडियन के चल रहे नामों को लेकर नवीन पटनायक ने कहा, “जब भी मुझसे मेरे उत्तराधिकारी के बारे में पूछा जाता है तो मैं हमेशा स्पष्ट रूप से कहता हूँ कि यह पांडियन नहीं हैं। मैं दोहराता हूँ कि ओडिशा के लोग मेरे उत्तराधिकारी का फैसला करेंगे।”

चुनाव का परिणाम आने के बाद TOI ने एक सूत्र के हवाले से कहा था कि उम्मीदवार चयन में भारी चूक, निर्णय लेने की प्रक्रिया में पार्टी के दिग्गजों को शामिल नहीं करना और वीके पांडियन पर अत्यधिक निर्भरता ही पार्टी की हार की मुख्य वजह बनी। वहीं, बीजेडी के पूर्व विधायक सौम्य रंजन पटनायक ने कहा था कि हार ठीकरा पांडियन पर फोड़ने से नवीन पटनायक को बचना चाहिए और उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

‘हिंदुस्तान’ की खबर के अनुसार, ओडिशा में बीजेडी की करारी हार के लिए वीके पांडियन की भूमिका के सवाल पर पूर्व विधायक सौम्य रंजन पटनायक ने कहा था, “वीके पांडियन कौन हैं और हेलीकॉप्टर से वे राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरान कैसे कर रहे थे? उन्हें पूरी शक्ति किसने दी? वह मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ही थे, जिन्होंने उन्हेें ऐसा करने की अनुमति दी थी।”

‘वीडियो दिखाओ तब मानूँगी’: जिसने कंगना रनौत को मारा थप्पड़ उसकी माँ ने माँगे सबूत, किसान नेताओं ने पूरे मामले को ही बता दिया झूठा

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भाजपा की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली CISF सुरक्षाकर्मी कुलविंदर कौर के समर्थन में पंजाब के मोहाली में एक मार्च निकाला गया। इस मार्च में कई किसान नेता भी शामिल हुए हैं। मार्च को किसान संगठनों ने आयोजित किया था। इसमें कुलविंदर का भाई शेर सिंह भी शामिल हुआ।

अनुशासनहीनता करने वाली कुलविंदर कौर के समर्थन में यह मार्च रबिवर (9 जून, 2024) को मोहाली में निकाला गया। इस मार्च में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए, इसे SSP दफ्तर मोहाली तक निकाला गया। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा जैसे संगठन शामिल थे। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कुलविंदर के खिलाफ दर्ज मामले को ही झूठा बताने की कोशिश की है।

इन संगठनों ने अनुशासनहीन अफसर कुलविंदर कौर के साथ न्याय किए जाने और मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की। मोहाली के अलावा भी पंजाब में कुछ जगह ऐसे ही मार्च और प्रदर्शन हुए। पंजाब के जालंधर के गोराया में ही एक और किसान संगठन ने प्रदर्शन करने कुलविंदर कौर के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की माँग की।

माँ ने बताया- वीडियो दिखाओ, तब मानूँगी

कुलविंदर कौर की माँ ने अपनी बेटी के अपराध का पूरी तरह से समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि जो भी उनकी बेटी ने एयरपोर्ट पर किया, वह एकदम ठीक है। कुलविंदर कौर की माँ वीर कौर ने इसी के साथ इस घटना पर विश्वास करने से भी इनकार दिया है।

वीर कौर ने कहा है कि उनको इस बात पर विश्वास नहीं है कि उनकी बेटी को किसी को थप्पड़ मारेगी। उनकी माँग है कि उन्हें इस बाबत में वीडियो दिखाया जाए तो वह मानेंगी कि यह घटना हुई। वीर कौर के ने कहा कि कुलविंदर का परिवार और जत्थेबंदी (सिख संगठन) कुलविंदर के साथ खड़े हैं।

वीर कौर का कहना है कि उनकी बेटी से कुछ ना कुछ कहा जरूर गया होगा, इसीलिए यह घटना हुई है। वीर कौर ने कहा,”ऐसी ही मुश्किल परिस्थितियों के लिए मैंने अपनी बेटी को जन्म दिया। और उनके लिए, क्या माँ की एक पैसे की भी कीमत है? हम वहाँ किसानों के विरोध प्रदर्शन में अपनी ज़मीन, अपने बच्चों, अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपना हक लेने गए थे।”

इससे पहले कुलिवंदर की माँ और बाकि परिजनों को कई सिख संगठनों ने सम्मानित किया था और समर्थन दिया था। गौरतलब है कि CISF सुरक्षाकर्मी कुलविंदर कौर ने गुरुवार (6 जून, 2024) को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर दिल्ली जा रहीं सांसद कंगना रनौत को सुरक्षा जाँच के दौरान थप्पड़ मार दिया था। उसने इसके बाद एयरपोर्ट पर हंगामा भी मचाया था, इसकी कुछ वीडियो भी सामने आईं थी। इसमें वह कहते सुनी जा सकती है, ‘इसने ₹100-₹100 में महिलाओं बैठने को कहा था, ये बैठेगी वहाँ पर, मेरी माँ बैठी थी।”

कुलविंदर कौर का कहना था कि उसने कंगना रनौत को इसलिए थप्पड़ मारा क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन में बैठी महिलाओं को लेकर बयान दिया था। उसने बताया था कि इस किसान आंदोलन में उसकी माँ भी शामिल थी और उसे कंगना का बयान अखर रहा था।

कंगना रनौत ने इस मुद्दे के बाद एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बताया, “मैं बताना चाहती हूँ कि मैं पूरी तरीके से ठीक हूँ, सुरक्षित हूँ। आज जो चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर जो हादसा सुरक्षा जाँच के दौरान हुआ। मैं सुरक्षा जाँच के बाद जैसे ही निकली, इसके बाद दूसरे केबिन में बैठी एक सुरक्षाकर्मी ने आकर मेरे मुँह पर मारा। वह गालियाँ देने लगी, उन्होंने पूछने पर बताया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करती हैं। मैं सुरक्षित हूँ लेकिन मैं पंजाब में उग्रवाद और आतंकवाद के बढ़ने को लेकर चिंतित हूँ।”

‘दोबारा भाजपा-भाजपा किया तो जमीन में गाड़ देंगे’: माँ-बहन की गाली देते हुए मुस्लिम भीड़ ने दलित परिवार पर तलवार से बोला हमला, कहा – मोदी-योगी नहीं आएँगे बचाने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद जौनपुर जिले में बवाल हो गया है। यहाँ मुस्लिम और दलित पक्ष में हुए विवाद के बाद लगभग 1 दर्जन लोग घायल हो गए हैं। घायलों में लगभग 6 लोगों की हालत गंभीर है जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। तनाव के चलते गाँव में फ़ोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों पर FIR दर्ज की है। अब तक कुल 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। घटना शुक्रवार (7 जून, 2024) की है।

यह घटना जौनपुर जिले के थाना क्षेत्र शाहगंज की है। यहाँ शनिवार (8 जून, 2024) को यहाँ के गाँव भादी के विपिन कन्नौजिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। विपिन के मुताबिक, 7 जून की रात लगभग 9:15 पर वो खाना खा कर बाहर टहल रहे थे। तभी भावी छिडवा गाँव के शाहबाज और करीम वहाँ पहुँच गए। इन दोनों ने विपिन को देखते हुए कहा, “भो$डी वाले भाजपा-भाजपा बोलते हैं। मोदी-योगी क्या उखाड़ लेंगे ? भाजपा की माँ का भो$डा।” इतना बोल कर शाहबाज़ और करीम ने विपिन पर हमला कर दिया।

हमले में लोहे की रॉड और लाठियों का प्रयोग किया गया। सिर पर चोट लगने की वजह से विपिन पर बेहोशी छाने लगी। अपने परिजन को पिटता देख कर अमन ने शोर मचाया। तभी घात लगा कर बैठे मोबीन, जमील, सगीर, फारुख और अफसर वहाँ पहुँच गए। इन सभी ने पीड़ित परिवार के उन सदस्यों पर भी हमला कर दिया जो सो रहे थे। हमले के दौरान पीड़ितों को जातिसूचक शब्द बोले गए और गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं। इस दौरान विनोद, संतोष, पवन, सूरज, भोला और मंजू देवी को गंभीर चोटें आईं।

इसी दौरान शाहबाज, मोबीन और करीम के हाथों में तलवारें दिखने लगीं। इन्होंने कहा, “$ले धोबी, माद$चो#, तुम लोगों में इतनी हिम्मत हो गई? अब भाजपा-भाजपा करोगे तो जान से मार कर गाड़ देंगे। मोदी और योगी बचाने नहीं आएँगे।” पीड़ित ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 147, 148, 323, 307, 504, 505 (2), 506 और 153- बी के अलावा SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। शाहबाज, करीम, मोबीन, जमील, सगीर, शकील, फारुख और अफसर को नामजद किया गया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

मुस्लिम पक्ष ने भी दर्ज करवाई FIR

इस मामले में पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की है। दलित पक्ष द्वारा दर्ज करवाई गई FIR के लगभग 4 घंटे बाद शाहबाज खान ने भी थाने में तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि आपसी कहासुनी के बाद विपिन ने शाहबाज़ को सिर में डंडा मारा। शाहबाज़ को बचाने के लिए करीम, सगीर, मोबीन, अफसर और शबाना आईं तो उन पर विपिन के पक्ष वालों ने हमला कर दिया। हमले का आरोप विपिन, संतोष, राजेश, विनोद, अमन, अरविन्द और बाबूराम पर लगा कर नामजद किया गया है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 323, 308, 504 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है।

चित्र: जौनपुर पुलिस ‘X’ हैंडल

इन सभी पर जान से मार डालने की धमकी और गंदी-गंदी गालियाँ देने का भी आरोप लगा है। जौनपुर पुलिस ने अब तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के नाम शहबाज, मोबीन, जमील, शकील, फारूख और अफसर हैं। मामले की जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात नियंत्रण में बताए गए हैं।

भारत की ‘साइक्लोन’ पूजा तोमर, जिसने UFC जीतकर रच दिया इतिहास: लड़कों की हरकतों ने बनाया फाइटर, पिता की हो चुकी है मौत

उत्तर प्रदेश की पूजा तोमर ने अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) में फाइट जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया है। पूजा ने UFC लुइसविले 2024 में ब्राज़ील की रेयान डॉस सैंटोस को हराकर यह खिताब जीता लहै। पूजा तोमर ने पिछले साल UFC कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनकर नई कीर्तिमान स्थापित किया था।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली पूजा तोमर ने महिलाओं के स्ट्रॉवेट डिवीजन में अपनी पहली फाइट में 30-27, 27-30 और 29-28 के स्कोर के साथ विभाजित निर्णय से जीत हासिल की। यह मुकाबला काँटे का था, जिसमें दोनों फाइटर्स ने अपनी-अपनी ताकत दिखाई। पूजा ने पहले राउंड में शक्तिशाली बॉडी किक्स के साथ दबदबा बनाया और आखिरकार जीत में तब्दील हो गई।

‘साइक्लोन’ के नाम से मशहूर 28 वर्षीया पूजा तोमर को भारतीय सर्किट की सबसे बेहतरीन महिला फाइटर्स में से एक माना जाता है। पूजा ने इस पल को भारतीय फाइटर्स और MMA प्रशंसकों को समर्पित किया। पूजा की जीत से पहले हर कोई सोचता था कि भारतीय फाइटर्स को UFC जैसे मंच पर होने का अधिकार नहीं है। पूजा ने कहा कि वह दुनिया को दिखाना चाहती थीं।

भारत बेहतरीन मिक्स्ड मार्शल आर्ट (MMA) फाइटर पूजा ने कहा, “मैं दुनिया को दिखाना चाहती हूँ कि भारतीय फाइटर्स हारे हुए नहीं हैं। हम पूरी तरह से आगे बढ़ रहे हैं! हम रुकने वाले नहीं हैं! हम जल्द ही UFC चैंपियन बनेंगे! यह जीत मेरी नहीं है, यह सभी भारतीय प्रशंसकों और सभी भारतीय फाइटर्स की जीत है। मैं भारतीय ध्वज के साथ भारतीय गीत पर बाहर निकली और मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ।”

पूजा ने आगे कहा, “मेरे रोंगटे खड़े हो गए। अंदर (ऑक्टागन) कोई दबाव नहीं था, मैंने बस यही सोचा कि मुझे जीतना है। मैंने दो या तीन मुक्के खाए, लेकिन मैं ठीक हूँ। मैं खुद को बेहतर बनाने जा रही हूँ और मैं पूरी तरह से आगे बढ़ रही हूँ।” पूजा भारत कंडारे और अंशुल जुबली के पदचिन्हों पर चलती हैं, जिन्होंने यूएफसी में मुकाबला किया था, लेकिन वे अपना पहला मैच जीत नहीं पाए थे।

कौन हैं पूजा तोमर?

पूजा तोमर का जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुढाना गाँव में हुआ है। वह 28 साल की हैं। घर में उनकी दो बहन और माँ हैं। जब वह सिर्फ छह साल की थीं तो उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें कठोर बना दिया। पूजा मानती हैं कि कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण उन्होंने मैट्रिक्स फाइट नाइट (MFN) को चुना, न कि खेल के प्रति जिज्ञासा, रुचि या प्यार के कारण।

उनका मानना था कि MFN में टॉप फाइटर में से एक बनने के लिए उनकी मानसिक दृढ़ता काम आई। उन्होंने इसके लिए न केवल खेल की प्रकृति को जिम्मेदार ठहराया, बल्कि जीवन में होने वाले झगड़ों को भी जिम्मेदार ठहराया। मीडिया से बात करते हुए पिछले साल पूजा ने कहा था, “हम तीन बहनें हैं। मेरी एक बहन के पैर में समस्या थी और जब कोई उसे इसके लिए परेशान करता था या चिढ़ाता था, तो मुझे बहुत गुस्सा आता था।”

उन्होंने कहा, “मैंने इसके लिए लड़कों को पीटना शुरू कर दिया था। बड़े होकर मैं जैकी चेन अभिनीत फिल्में देखती थी और मुझे लगता था कि मैं उनके स्टंट से कुछ चीजें सीख सकता हूँ और उन्हें इन लड़कों के खिलाफ इस्तेमाल कर सकती हूँ। धीरे-धीरे मैं मार्शल आर्ट की ओर बढ़ गई।” उन्होंने बताया कि आगे बढ़ने के लिए उनकी माँ हमेशा प्रेरित करती रहती थीं।

पिछले साल पूजा तोमर UFC के साथ अनुबंध हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनीं। पूर्व राष्ट्रीय वुशु चैंपियन पूजा तोमर ने मैट्रिक्स फाइट नाइट और वन चैंपियनशिप सहित अन्य चैंपियनशिप में भी शामिल हो चुकी हैं। लगातार चार हार के बाद उन्होंने वन चैम्पियनशिप छोड़ दी और 2021 में मैट्रिक्स फाइट नाइट में शामिल हो गई थीं।

उन्होंने एमएफएन में चार मुकाबले जीते थे। आखिरी बार जुलाई 2023 में स्ट्रावेट चैंपियन पूजा तोमर ने MFN में रूस की अनास्तासिया फेफेनोवा को हराते हुए अपना टाइटल डिफेंड किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह इंडोनेशिया के बाली में सोमा फाइट क्लब में ट्रेनिंग करती हैं, जहाँ अंशुल जुबली ने यूएफसी फाइट्स के लिए ट्रेनिंग ली थी।

JDU और TDP से 2-2 मंत्री, दक्षिण से अन्नामलाई और सुरेश गोपी: ‘मोदी 3.0’ में हर वर्ग-क्षेत्र का संतुलन, चाय पर बुला कर PM ने दिया ‘मंत्र’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने चल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने उन सांसदों के साथ चाय पी, जो मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं। इस बैठक में जिन लोगों को बुलाया गया, माना जा रहा है कि उन्हें मंत्रिमंडल में भी शामिल किया जाएगा। सबसे ज्यादा मंत्री बिहार राज्य से होने जा रहे हैं। बीजेपी के साथ ही जेडीयू, हम और एलजेपी (राम विलास) को भी मंत्रालय मिलने जा रहा है। वहीं, बिना चुनाव लड़े भी रामदास आठवले एक बार फिर से मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं, जबकि चुनाव हारने वाले कई नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। पिछली सरकार के कई अहम चेहरे इस बार मंत्रिमंडल में नहीं दिखने वाले हैं, उनमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर जैसे बड़े नाम भी हैं। अनुराग ठाकुर को संगठन के साथ ही हिमाचल प्रदेश पर फोकस करने के लिए कहा जाने वाला है।

मोदी 3.0 मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे बीजेपी के ये चेहरे

पीएम मोदी ने जिन सांसदों को मंत्री बनने के लिए आवास पर चाय बैठक में बुलाया, उनमें पिछली मोदी सरकार के मंत्रियों की संख्या अच्छी खासी है। इस बैठक में शामिल हुए सांसदों में बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, अर्जुन राम मेघवाल, सर्वानंद सोलोवाल, प्रह्लाद जोशी, अमित शाह, के. अन्नामलाई, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मनोहर लाल खट्टर, मनसुख मंडाविया, अश्विनी वैष्णव, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, रक्षा खडसे, कमलजीत सेहरावत, राव इंद्रजीत सिंह, एस जयशंकर, गिरिराज सिंह, बंदी संजय, सुरेश गोपी, जी किशन रेड्डी, शोभा करांदलाजे, हर्ष मल्होत्रा के नाम हैं।

सहयोगी दलों से मंत्री बनेंगे ये सांसद

एनडीए की अहम सहयोगी पार्टियों से एलजेपी के चिराग पासवान, जेडीएस से एचडी कुमारास्वामी, टीडीपी के चंद्रशेखर पेमासनी और राम मोहन नायडू, जेडीयू के रामनाथ ठाकुर, ललन सिंह, शिवसेना के प्रताप राव जाधव, आजसू के चंद्रशेखर चौधरी, आरएलडी के जयंत चौधरी, आरपीआई के रामदाव आठवले और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी मंत्रिमंडल में शामिल हो रहे हैं। हालाँकि किसे क्या मंत्रालय मिलेगा, इसका खुलासा आने वाले समय में ही हो पाएगा।

कुछ मंत्रालय पहले से तय

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो कुछ मंत्रालय पहले से ही तय हैं। उसमें नितिन गडकरी का मंत्रालय, एस जयशंकर का विदेश मंत्रालय, किरेन रिजिजू का विज्ञान मंत्रालय प्रमुख है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान और राजनाथ सिंह को बड़े मंत्रालय मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि अमित शाह के पास पहले की तरह ही गृह मंत्रालय रहने वाला है। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।

देश के हर कोने से चेहरों को किया गया शामिल

मोदी 3.0 का मंत्रिमंडल पूरी तरह से समावेशी दिख रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम से लेकर ओडिशा, आँध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु को भी मंत्री मिलने वाले हैं। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों का भी मंत्रिमंडल में हिस्सा रहने वाला है। इस बार दक्षिण के तकरीबन सभी बड़े राज्यों से सांसदों को मंत्री पद दिया जा रहा है। के अन्नामलाई ने जिस तरह से तमिलनाडु में बीजेपी को आगे ले जाने का प्रयास किया, उन्हें भी उसका संभावित ईनाम मिलता दिख रहा है, तो केरल में पहली बार कमल खिलाने वाले सुरेश गोपी को भी मोदी सरकार में मंत्री पद दिया जा रहा है।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून 2024) को तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। इसकी सारी तैयारियाँ हो चुकी हैं। कई राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्ष भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहे हैं।

PM मोदी के शपथग्रहण से पहले जम्मू कश्मीर के ज्वैलर ने तैयार किया चाँदी से बना कमल, रेत के कलाकार ने भी उकेरा ‘विकसित भारत’: सब कह रहे – आया बदलाव, हुआ विकास

रविवार (9 जून, 2024) को भाजपा संसदीय दल के नेता नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेने से पहले देश भर में भाजपा समर्थकों में उत्सव का माहौल है। जम्मू में एक भाजपा समर्थक ने इसके लिए भारी भरकम चाँदी का कमल तैयार किया है।

जम्मू के ज्वैलर रिंकू चौहान ने शपथग्रहण कार्यक्रम से पहले भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल चाँदी से तैयार किया है। यह कमल का निशान 3 किलोग्राम चाँदी से बनाया गया है। वह भाजपा की जम्मू कश्मीर और देश को लेकर नीतियों से काफी प्रसन्न हैं, इसलिए उन्होंने यह कमल बनाया है।

रिंकू चौहान का कहना है कि मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया है और राज्य में शान्ति लाए हैं। इसके अलावा देश में भी उन्होंने काफी विकास कार्य करवाए हैं, इसलिए उन्होंने यह 3 किलो का चाँदी का कमल बनाया है। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर इसे भेंट करना चाहते हैं।

उनके अलावा रेट पर कलाकारी दिखाने वाले सुदर्शन पटनायक ने भी पुरी के तट पर मोदी सरकार 3.0 को लेकर एक रेत कलाकारी उकेरी। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री निर्वाचित नरेन्द्र मोदी का अभिनन्दन किया है और इसे विकसित भारत का कार्यकाल बताया है।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर की जम्मू क्षेत्र की दोनों सीटें – उधमपुर और जम्मू में भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 में जीत हासिल की है। उधमपुर से डॉ जीतेंद्र सिंह तो वहीं जम्मू से जुगल किशोर सांसद बने हैं। भाजपा ने कश्मीर क्षेत्र में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे।

2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 जबकि NDA गठबंधन को 290 से अधिक सीटें हासिल हुई हैं। NDA सरकार का शपथग्रहण रविवार (9 जून, 2024) को राष्ट्रपति भवन में होगा। यहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएँगी। उनके अलावा कई मंत्री भी यहाँ शपथ लेंगे। शपथ लेने वाली मंत्रियों में भाजपा के अलावा सहयोगी पार्टियों के भी कुछ सांसद होंगे। उन्हें भी नई सरकार में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी।

3 दिन पहले घर से निकली थीं 4 बच्चों की अम्मी फरीदा, बरामद हुईं अजगर के पेट से: साँप को चीर कर निकालनी पड़ी लाश

इस्लामी मुल्क इंडोनेशिया से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ 3 दिन पहले लापता हुई एक महिला अजगर के पेट से मृत अवस्था में बरामद हुई है। मृतका का नाम फरीदा है। अजमेर को मार कर फरीदा की लाश पेट फाड़ कर बाहर निकाली गई है। 3 दिनों में अजगर मृतका को पचा नहीं पाया था। शनिवार (8 जून, 2024) को इंडोनिशिया के प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला मध्य इंडोनेशिया के दक्षिण सुलावेसी इलाके का है। यहाँ के कलेमपाँग गाँव की रहने वाली 45 वर्षीया फरीदा गुरुवार (6 जून, 2024) को अचानक लापता हो गईं थीं। वह 4 बच्चों की माँ थीं। घर वालों ने खोजने की बहुत कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। फरीदा की तलाश में गाँव के लोग भी मुखिया के साथ जुट गए। इसी खोजबीन के दौरान उन्हें जंगली क्षेत्र में एक अजगर दिखाई दिया जिसकी लम्बाई लगभग 16 फ़ीट थी।

अजगर का बीच से पेट फूला हुआ तो जिस से लोगों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। फ़ौरन ही ग्रामीणों ने अजगर को मार कर उसका पेट चीर दिया। अंदर से फरीदा का शव बरामद हुआ। यह शव तब तक अजगर पचा नहीं पाया था। शव पर कपड़े भी ज्यों के त्यों मौजूद थे। फरीदा का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। इस घटना का वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में अजगर को जिन्दा हालत में रेंगते जबकि दूसरे में अजगर के पेट से बाहर निकला फरीदा का शव देखा जा सकता है।

भारत से मैच में बुरी तरह हारेगी पाक क्रिकेट टीम, नहीं झेल पाएगी दबाव: बोला पाकिस्तानी दिग्गज – ‘सबसे पहले बाबर आजम को टीम से निकालो’

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने कहा है कि टी-20 विश्वकप के मैच में पाकिस्तानी टीम भारतीय क्रिकेट टीम से बुरी तरह हार जाएगी। पाकिस्तान के पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी बासित अली ने ARY न्यूज के कार्यक्रम में ये बात कही, उस समय उनके साथ पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल भी मौजूद थे। बासित अली ने कहा कि पाकिस्तानी टीम रविवार (09 जून 2024) को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ बुरी तरह से हार जाएगी।

बासित अली ने कहा कि भारत-पाकिस्तान का मुकाबला दुनिया के किसी भी हिस्से में हो, उस पर सबकी नजर रहती है। अब जब अमेरिका में मैच हो रहा, तो मैच के दौरान स्टेडियम वाले इलाके को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है। कोई जहाज भी नहीं गुजर सकता। वहीं, पाकिस्तानी टीम के बारे में बोलने हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तानी टीम ये मैच हार रही है, क्योंकि वो बेहद दबाव में है। हरेक खिलाड़ी ‘भारत से जीतना है’ के चक्कर में प्रेशर में रहेगा, और ये एक सच्चाई है।

इससे पहले, बासित अली ने अमेरिकी क्रिकेट टीम से हार के बाद कप्तान बाबर आजम पर गंभीर आरोप लगाए थे। बासित अली ने बाबर आजम पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मौका देने और पक्षपात के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विश्वकप से ठीक पहले शाहीन अफरीदी को हटाना गलत निर्णय रहा। उन्होंने माँग की कि बाबर आजम को पहले टीम से हटाओ, फिर टीम को बदलो। बता दें कि अमेरिकी टीम ने पाकिस्तानी टीम को सुपर ओवर तक खिंचे मैच में 5 रनों से हरा कर क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया था। उस मैच में बाबर आजम ने 40 से ज्यादा रनों की पारी खेली थी, लेकिन उनकी धीमी पारी की वजह से पाकिस्तान को हार का मुँह देखना पड़ा था।

बता दें कि बासित अली ने पाकिस्तान के लिए 19 टेस्ट और 50 वनडे मैच खेले हैं। दोनों ही संस्करणों में उनके नाम 1-1 शतक दर्ज हैं। अपने समय में बासित अली ऑफ साइड के बहुत अच्छे खिलाड़ी माने जाते थे। मगर महज 26 साल की उम्र में जब वो टीम से बाहर हुए, तो कभी वापसी नहीं कर पाए। बासित अली अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने भारत को लेकर भी कोई टिप्पणी की थी, जिसके बाद फैन्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया था।