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दिग्विजय सिंह की हार के बाद पूर्व सरपंच को होना पड़ा टकला: भारी पड़ा कॉन्ग्रेस नेता की जीत को लेकर शर्त लगाना, पूरे गाँव के सामने मुँडवाने पड़े बाल

लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की दुर्गति हुई है। भाजपा ने यहाँ क्लीन स्वीप किया और 29 में से 29 सीटें अपने नाम की। यहाँ तक कि जो छिंदवाड़ा पिछले 5 दशक से कमलनाथ का गढ़ बना हुआ था, वहाँ भी कॉन्ग्रेस को हार मिली। वहीं राजगढ़ से कॉन्ग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह भी हार गए। दिग्विजय सिंह 10 वर्षों तक राज्य के CM रहे हैं। रोचक खबर ये है कि दिग्विजय सिंह की हार के कारण एक सरपंच को मुंडन कराना पड़ा।

राजगढ़ से दिग्विजय सिंह को 6.12 लाख वोट मिले, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रोडमल नागर को 7.58 लाख मत प्राप्त हुए। इस तरह से दिग्विजय सिंह को 1.46 लाख वोटों के अंतर से हार मिली। रोडमल नागर लगातार तीसरी बार सांसद बने हैं, उन्होंने जीत की हैट्रिक लगाई है। दिग्विजय सिंह को लेकर उनके समर्थक एकदम आश्वस्त नज़र आ रहे थे कि उनकी जीत होनी है। बैलास पंचायत के पूर्व सरपंच करण सिंह पँवार ने तो शर्त तक लगा ली थी।

पँवार ने शर्त लगाई थी कि दिग्विजय सिंह सिंह अगर चुनाव है गए तो वो अपने सिर का मुंडन करा लेंगे। वहीं जिससे उन्होंने शर्त लगाई थी, उस ग्रामीण ने कहा था कि अगर रोडमल नागर की हार हो जाती है तो वो हमेशा के लिए गाँव छोड़ कर चला जाएगा। सब पूर्व सरपंच को हार के बाद पूरे गाँव के सामने अपना सिर मुँड़वाना पड़ा। माता मंदिर पर उनके मुंडन करने का वीडियो सोशल मीडिया में भी मजाकिया चर्चा का विषय बन रहा है।

जहाँ एक तरफ उत्तर प्रदेश में भाजपा 62 से सीधे 33 पर आ गई, वहीं मध्य प्रदेश ने उसकी लाज रखते हुए पूरी सीटें भगवा पार्टी की झोली में डाल दी। वहीं मध्य प्रदेश में एकमात्र सीट छिंदवाड़ा 2019 के लोकसभा सीट में कॉन्ग्रेस के खाते में गई थी, अबकी उनका गढ़ भी ढह गया। ग्वालियर से ज्योतिरादित्य सिंधिया और विदिशा से शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री भी बनने जा रहे हैं। वहीं इंदौर से शंकर लालवानी ने ने 10 लाख से भी अधिक वोटों से जीत दर्ज की।

खालिद, बिलाल, नवाज, रमजान करते थे ‘बच्चाबाजी’, पुलिस ने दबोचा: 2023 में 4200 से अधिक के साथ यौन शोषण, इस्लामी मुल्क का बुरा हाल

पाकिस्तान के लाहौर में पुलिस ने बच्चों का यौन शोषण करने वाले एक गैंग को ध्वस्त किया है। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह यौन शोषण के लिए पूरे पाकिस्तान में बच्चों की तस्करी भी करते थे। पाकिस्तान में यह समस्या काफी विकराल हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर पुलिस ने शनिवार (8 जून, 2024) को यह गैंग ध्वस्त किया। पुलिस ने इसके चार सदस्यों- खालिद, बिलाल, नवाज और रमजान को गिरफ्तार किया है। इन चारों ने इस गंभीर अपराध में अपना रोल कबूल कर लिया है।

बताया गया है कि यह पूरे पाकिस्तान से बच्चों की तस्करी करके लाते थे और फिर उनसे यौन शोषण करते थे। यह दूसरों से भी यौन शोषण करवाते थे। इसके लिए लोगों से ₹500-₹1000 लिए जाते थे। इनके निशाने पर पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में घरों से भागे हुए बच्चे होते थे।

पहले यह उन बच्चों से सम्पर्क साध कर उन्हें खाना और रहने की व्यवस्था देते थे और बाद में उन्हें लाहौर के दाता दरबार इलाके में लाया जाता था। यहाँ उनसे जिस्मफरोशी का धंधा करवाया जाता था। इनके पास से 8 बच्चे भी बरामद हुए हैं। पाकिस्तान में बच्चों, विशेषकर लड़कों के साथ यौन शोषण और इसके लिए तस्करी काफी बड़ी समस्या है।

पाकिस्तानी समाचार वेबसाइट द डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, मात्र 2023 में ही पाकिस्तान में 4200 से अधिक बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। इन बच्चों के साथ यौन शोषण करने वाले अधिकांश दुराचारी रिश्तेदार ही थे। रिपोर्ट में सामने आया था कि पाकिस्तान में रोज कम से कम 11 बच्चों के साथ यौन शोषण होता है।

यह भी सामने आया था कि पाकिस्तान में यौन शोषण का शिकार बनने वाले 6-15 साल की उम्र वाले बच्चों में लड़कियों से अधिक लड़कों की संख्या है। पाकिस्तान में 2023 में 6-15 साल की उम्र वाले 1143 बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए जबकि इसी दौरान 874 बच्चियों के साथ यौन शोषण हुआ।

अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2023 में पाकिस्तान 2800 से अधिक बच्चों की तस्करी हुई। पाकिस्तान में बच्चों के यौन शोषण को ‘बच्चाबाजी’ भी कहा जाता है, इसके अंतर्गत बालकों से यौन शोषण होता है।

कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली CISF सिपाही के समर्थन में 3 ‘किसान’ संगठन: मोहाली में निकाले मार्च, माँ और भाई भी कुलविंदर कौर के साथ

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भाजपा सांसद कंगना रनौत को थप्पड़ मर कर सस्पेंड हुई महिला CISF कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर के समर्थन में कथित किसान यूनियनों ने मार्च निकाली है। किसानी के नाम पर बने कई संगठनों ने 9 जून (रविवार) को मोहाली में ‘इंसाफ मार्च’ में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन कुलविंदर कौर पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रस्तावित है। सुबह 10 बजे मोहाली के फेज 8 में अंब साहिब गुरुद्वारा से शुरू होकर यह मार्च सेक्टर 76 स्थित एसएसपी कार्यालय की तरफ बढ़ा। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रदर्शन में भारतीय किसान नौजवान यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष समिति आदि संगठन शामिल हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपनी रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि महिला सिपाही के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दल्लेवाल के अलावा किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने भी कहा कि वो मामले की उचित जाँच के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव से मिलेंगे।

कुलविंदर कौर की करतूत का भाई-माँ से समर्थन

बताते चलें कि यह घटना गुरुवार (6 जून) की है। तब भाजपा सांसद कंगना रनौत चंडीगढ़ के शहीद भगत सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्लाइट पकड़ने गईं थीं। इंट्री के दौरान होने वाली सुरक्षा जाँच में कुलविंदर कौर ने कंगना को थप्पड़ मारा था। बाद में उन्होंने अपने कृत्य को जायज भी ठहराया था। कुलविंदर ने बताया कि वो कंगना के उस बयान से नाराज थीं, जिसमें महिलाओं को पैसे लेकर धरना देने की बात कही गई थी। कुलविंदर कौर ने अपनी माँ को भी उस धरने में शामिल बताया था।

इस घटना के तुरंत बाद कुलविंदर को सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर IPC की धारा 323 व 341 के तहत FIR भी दर्ज की गई है। महिला कॉन्स्टेबल के पति भी CISF में तैनात हैं। फ़िलहाल उनकी पोस्टिंग जम्मू में है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक कुलविंदर के पति को भी छुट्टी पर भेज दिया गया है।

अब कुलविंदर कौर का भाई शेर सिंह भी अपनी बहन के समर्थन में खुल कर आ गया है। शेर सिंह महिलावल किसानों के एक गुट का नेतृत्व करते हैं। वो किसान मजदूर संघर्ष समिति के संगठनात्मक सचिव के रूप में भी काम कर रहे हैं।

कुलविंदर के समर्थन में मोहाली में प्रदर्शन कर रहे 3 संगठनों में शेर सिंह का भी गुट शामिल है। कुलविंदर की माँ भी अपनी बेटी के समर्थन में आ गई है। उन्होंने अपनी बेटी की करतूत को सही ठहराया है। कुलविंदर की माँ का मानना है कि किसानों के लिए कंगना के बयान से उनकी बेटी भड़क गई होगी।

इस बीच CISF के उत्तरी क्षेत्र एयरपोर्ट के DIG विनय काजला का भी इस मामले में बयान आया है। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कंगना रनौत के बयान से कुलविंदर नाराज थीं।

DIG ने दावा किया कि कुलविंदर ने माफी माँगी है और अपनी हरकत से CISF की छवि पर बट्टा लगने की बात भी स्वीकारी है। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार DIG काजला ने कुलविंदर को दयालू साबित करने के लिए उनके द्वारा 15 दिनों पहले एक लड़की को चॉकलेट खिलाने जैसे बातों का भी जिक्र किया है।

DIG काजला ने यह स्वीकार किया कि जिस जगह की घटना है, वहाँ कुलविंदर की तैनाती नहीं थी। घटना के समय कुलविंदर कंगना के बगल से गुजर रही थी। उन्हें कंगना के आने की सूचना पंजाब पुलिस के एक स्टाफ से मिली थी। CISF के पास पूरी घटना का CCTV फुटेज है। फ़िलहाल मामले की गहराई से जाँच करवाई जा रही है।

‘यह गैर-इस्लामी और अनैतिक है’: डल झील के शिकारा में बैठकर शराब पीते पर्यटक का वीडियो वायरल, भड़के कश्मीर के राजनीतिक और मजहबी दल

कश्मीर का डल झील पर्यटकों के बीच आकर्षण का एक बड़ा कारण है। ऐसे ही एक पर्यटक का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें डल झील की शिकारा में बैठकर वह शराब पी रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद कश्मीर में इसका विरोध शुरू। हो गया है। इस्लामी नेताओं ने इसे गैर-इस्लामी बताया है। वहाँ के राजनीतिक दलों ने भी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा, “डल झील में शिकारे में शराब पीने वाले पर्यटकों की अश्लील हरकतों की कड़ी निंदा की जाती है। ‘कश्मीर बदल रहा है’ की आड़ में सरकार को याद रखना चाहिए कि इस तरह का व्यवहार यहाँ स्वीकार्य नहीं है। एक आधुनिक समाज सड़कों पर अश्लील तरीके से नाचना या सार्वजनिक रूप से शराब पीना पसंद नहीं करता। ऐसी हरकतें बंद होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “जम्मू-कश्मीर प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू करना चाहिए। हमारे मेहमाननवाज़ लोग पर्यटकों का सम्मान करते हैं, लेकिन गैर-इस्लामिक और अनैतिक कार्य स्वीकार्य नहीं होंगे।” वहीं, गुलाम नबी आज़ाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सलमान निज़ामी ने भी इसके खिलाफ़ कार्रवाई की माँग की है।

सलमान नियाजी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “सूफ़ीवाद की धरती कश्मीर में शिकारे में खुलेआम शराब पीना अस्वीकार्य है। इस तरह का व्यवहार हमारी संस्कृति और समाज को खराब करता है। मैंने यह क्लिप संबंधित एसडीपीओ (सब-डिवीज़नल पुलिस अधिकारी) नेहरू पार्क को भेज दी है। इन पर्यटकों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

वहीं, मीरवाइज उमर फारूक की अध्यक्षता वाली मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (विद्वानों की संयुक्त परिषद) ने एक बयान में कहा, “कानून के तहत शराब का सार्वजनिक सेवन सख्त वर्जित है, लेकिन इसकी अनुमति क्यों और कैसे दी गई, यह चिंता का विषय है। कश्मीर के लोग मेहमाननवाज़ हैं और घाटी में आने वाले पर्यटकों का मेहमान की तरह सम्मान करते हैं।”

घाटी में इस्लाम विभिन्न तबके और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख व्यक्तियों वाली इस संस्था ने आगे कहा, “संतों और सूफियों वाली मुस्लिम बहुल घाटी में इस तरह की गैर-इस्लामिक और अनैतिक प्रथाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” संस्था ने होटल मालिकों और हाउसबोट एवं शिकारा मालिकों से इन हरकतों पर नज़र रखने और पर्यटकों से कश्मीर के नैतिक और धार्मिक लोकाचार का सम्मान करने का आग्रह किया।

इंस्टाग्राम पर हिन्दू लड़की के रील लाइक कर दोस्ती, फिर रेप, इस्लाम कबूल और निकाह: पीड़िता ने बताई पूरी बात, FIR के बाद एक्शन में राजस्थान पुलिस

राजस्थान के जोधपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के एक युवक द्वारा हिन्दू लड़की से पहले रेप किया गया, फिर उसे इस्लाम कबूल करवा के निकाह कर लिया गया। बुधवार (5 जून 2024) को हुए इस धर्मान्तरण को करवाने में एक मौलवी भी शामिल बताया जा रहा है। बाद में पीड़िता को प्रताड़ित किया जाने लगा। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस जाँच में जुट गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना जोधपुर के थानाक्षेत्र प्रताप नगर सदर की है। यहाँ पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में लड़की ने बताया कि लगभग 5 महीने पहले इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात एक मुस्लिम लड़के से हुई थी। लड़की और लड़का दोनों रील बनाते थे। ये दोनों एक दूसरे की रील लाइक करने लगे। बाद में दोनों में बातचीत होनी शुरू हो गई। थोड़े समय बाद दोनों के नंबर बंट गए और एक दूसरे से मुलाकात भी होने लगी।

आरोप है कि इस बीच युवक ने पीड़िता का रेप किया। जब लड़की ने विरोध किया तो उसे शादी का झाँसा देकर चुप करवाया दिया गया। 5 जून को आरोपित ने लड़की को निकाह के लिए बुलवाया। यहाँ एक मौलवी भी मौजूद था।

इसके बाद निकाह से पहले पीड़िता को इस्लाम कबूल करने की शर्त रखी गई। इसके बाद लड़की को दबाव देकर इस्लाम कबूल करवाया गया। निकाह के बाद पीड़िता का नाम भी बदल दिया गया। लड़की ने घर पहुँच कर अपने परिजनों को पूरी बात बताई।

मामले की जानकारी होते ही पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया। वो लड़की को लेकर जोधपुर के प्रताप विहार सदर पुलिस स्टेशन पहुँचे। यहाँ आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी गई, जिस पर केस दर्ज कर लिया गया है। थानेदार सतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि लड़की द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच करवाई जा रही है।

चंद्रबाबू नायडू की TDP को मिला एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री का पद: राममोहन हैं MBA डिग्रीधारी और चंद्रशेखर हैं डॉक्टर उद्योगपति

नरेंद्र मोदी आज रविवार (9 जून 2024) की शाम राष्ट्रपति भवन में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रचने जा रहे है। लगभग एक दशक बाद देश में बनने वाली गठबंधन सरकार में चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख घटक दल हैं। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें और एनडीए को 293 सीटें मिली हैं।

सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट में नरेंद्र मोदी के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। हालाँकि, इन सब नामों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, TDP के दो सदस्य मंत्री पद की शपथ लेंगे। ये नाम हैं- एमबीए डिग्रीधारी किंजरापु राममोहन नायडू और एनआरआई मेडिकल डॉक्टर चंद्रशेखर पेम्मासानी। टीडीपी ने इसकी घोषणा की है।

लगभग 36 वर्षीय किंजरापु राममोहन नायडू श्रीकाकुला लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद बने हैं और वे कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वहीं, पहली बार सांसद बने 48 वर्षीय डॉक्टर चंद्रशेखर पेम्मासानी राज्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। राज्य के सबसे युवा सांसदों में से एक राममोहन नायडू वाईएसआरसीपी के तिलक पेराडा को 3.20 लाख वोटों से हराया है। वे टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में इसके सदन के नेता हैं।

उनके पिता दिवंगत येरन नायडू पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक और सांसद थे। वे 1996 और 1998 के बीच संयुक्त मोर्चा सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। उनके चाचा के. अच्चेन्नायडू तेक्काली से विधायक और टीडीपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरकेपुरम में पढ़ाई के बाद राममोहन नायडू ने अमेरिका के इंडियाना राज्य के पर्ड्यू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की।

इसके बाद उन्होंने लॉन्ग आइलैंड से एमबीए किया। पिता की मौत से पहले तक वे सिंगापुर में नौकरी कर रहे थे। 26 साल की उम्र में उन्होंने 2014 में श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की और 16वीं लोकसभा में दूसरे सबसे कम उम्र के सांसद बन गए। वे चंद्रबाबू नायडू के सबसे वफादार लोगों में से एक हैं।

वहीं, चंद्रशेखर ने वाईएसआरसीपी के किलारी वेंकट रोसैया को 3.4 लाख वोटों से हराया है। चंद्रशेखर के परिवार के पास 5,785 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। उनका परिवार दशकों से टीडीपी के लिए काम कर रहा है। डॉक्टर चंद्रशेखर सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक हैं। उनके परिवार के पास 5,785 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।

साल 1999 में डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से एमबीबीएस करने वाले मेडिकल डॉक्टर डॉ. चंद्रशेखर ने 2005 में अमेरिका के पेनसिल्वेनिया के गीसिंजर मेडिकल सेंटर से इंटरनल मेडिसिन में एमडी किया। तेनाली के बुर्रीपालेम गाँव से आने वाले उनके परिवार ने लंबे समय से टीडीपी का समर्थन किया है और उन्होंने इस बार चुनाव लड़ने के लिए टिकट माँगा था।

टीडीपी नेता जयदेव गल्ला ने X पर एक पोस्ट में राममोहन नायडू को बधाई देते हुए लिखा, “नई एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में नाम की पुष्टि होने पर मेरे युवा मित्र राममोहन को बधाई। आपकी ईमानदारी और विनम्र स्वभाव निश्चित रूप से देश के विकास में सहायक सिद्ध होगा। नई भूमिका के लिए आपको शुभकामनाएँ।”

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन-जिन नेताओं को मंत्री का शपथ दिलवाना है उन्हें फोन जाने लगे हैं। जिन-जिन नेताओं को खबर लिखे जाने से फोन गया है उनके नाम हैं- राजनाथ सिंह, अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, एस जयशंकर, राजीव प्रताप रूडी, अर्जुन राम मेघवाल, हरदीप सिंह पुरी, जी किशन रेड्डी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी, ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर, मनसुख मांडविया, प्रताप राव जाधव, अश्विनी वैष्णव, राव इंद्रजीत सिंह, जयंत चौधरी, अनुप्रिया पटेल, जीतनराम मांझी, प्रफुल्ल पटेल, जयंत चौधरी आदि के नाम प्रमुख हैं।

दलित लड़की से छेड़छाड़, विरोध करने वाले भाई के सिर में मारी गोली: मस्जिद के पास से नूरजहाँ गिरफ्तार; अशफाक, इकबाल, सलामत, रुस्तम भी धराए

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक दलित युवक की हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम विकास है। हत्या का आरोप अशफाक, इकबाल, सलामत, रुस्तम और नूरजहाँ पर लगा है। गुरुवार (6 जून 2024) को विकास की लाश गाँव के पास एक पुल के नीचे पड़ी मिली। उनके सिर में गोली मारी गई थी। एक दिन पहले 5 जून को अशफाक, इक़बाल और सलामत ने विकास की बहन से छेड़खानी की थी। तब विकास ने इसका विरोध किया था। पुलिस ने अशफाक, इक़बाल, सलामत और नूरजहाँ को गिरफ्तार कर लिया है। रुस्तम की तलाश में दबिश दी जा रही है।

यह घटना प्रतापगढ़ जिले के थानाक्षेत्र अंतू की है। यहाँ दलित समुदाय से आने वाले कमलेश कुमार ने 6 जून (गुरुवार) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को उनकी बेटी शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान अशफाक, इक़बाल और सलामत ने लड़की को रोका और उसके साथ छेड़खानी करने लगे। लड़की ने विरोध किया तो तीनों आरोपित पीड़िता को जातिसूचक गालियाँ देने लगे। तभी वहाँ लड़की का भाई विकास पहुँच गया। विकास ने भी अपनी बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया तो अशफाक, इक़बाल और सलामत ने उसे भी मार डालने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक उसी दिन से उनका बेटा विकास लापता हो गया था। घर वालों ने काफी खोजबीन की पर कुछ पता नहीं चल पाया। अगले दिन गाँव वालों के माध्यम से कमलेश को बाईपास के पास पुल के नीचे एक लाश पड़ी होने का पता चला। कमलेश ने वहाँ जाकर देखा तो शव विकास का था। विकास के सिर में गोली मारी गई थी। विकास के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या अशफाक, इक़बाल, सलामत और रुस्तम ने मिल कर की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

इन सभी आरोपितों पर IPC की धारा 302, 201, 34, 354 (क) और 506 के साथ SC/ST एक्ट के विभिन्न सेक्शनों में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दबिश देकर अशफाक, इकबाल और सलामत को गिरफ्तार कर लिया। जाँच के दौरान 22 वर्षीया नूरजहाँ नाम भी नाम प्रकाश में आया। नूरजहाँ मुख्य आरोपित अशफाक की बहन है।

इस केस का दूसरा पहलू यह है कि 5 जून 2024 को नूरजहां की बहन अफ़साना ने विकास के खिलाफ अपनी बहन से छेड़खानी और मना करने पर गोली मारने की FIR दर्ज करवाई थी। आरोप था कि गोली नूरजहां को छू कर निकल गई थी। अब विकास हत्याकांड की जाँच कर रही पुलिस को नूरजहाँ की भी संलिप्तता दिखी। इसके बाद नूरजहाँ की गिरफ्तारी अंतू इलाके की सेतापुर मस्जिद के पास से की गई।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस केस में फरार चल रहे 5वें आरोपित रुस्तम की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। रानीगंज और मान्धाता इलाके में उसके रिश्तेदारों के घरों को खंगाला गया, पर अभी तक वह पकड़ से बाहर है।

गाँव में कम फिर भी मुस्लिमों का दबदबा

ऑपइंडिया ने मृतक विकास के पिता कमलेश से बात की। कमलेश ने हमें बताया कि उनके गाँव में मुस्लिम आबादी कम है लेकिन फिर भी दबदबा उन लोगों का ही है। गाँव में लगभग 150 घर हैं, जिसमें से मुस्लिम परिवार की तादाद महज आधे दर्जन के ही आसपास है। दावा किया गया कि पूरा गाँव आरोपितों की हरकतों से परेशान हैं। आरोपितों का मूल काम उन्होंने ड्राइवरी करके जीवन यापन बताया। मृतक के परिजनों का भी मानना है कि नूरजहाँ ही पूरी घटना की कर्ताधर्ता है। उन्होंने खुद को UP पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट भी बताया।

रुस्तम पुराना क्रिमिनल

मृतक के पिता दिव्यांग हैं। उनके पैरों में समस्या है, जिसकी वजह से वो ठीक से चल नहीं पाते। विकास की उम्र लगभग 24 वर्ष थी। वह फ़िलहाल कम्प्यूटर कोर्स करके नौकरी की तलाश में थे। विकास के चाचा ने आरोपितों में फरार चल रहे रुस्तम को सबसे बड़ा अपराधी बताया। उन्होंने दावा किया कि रुस्तम इससे पहले भी आपराधिक मामलों में जेल काट चुका है। हमें यह भी बताया गया कि गाँव में मुस्लिमों को बाहर से सपोर्ट मिलता है।

मुस्लिम के साथ लिव इन में रहने लगी लड़की, फिर वीडियो भेजा- ‘मुझे बेच दिया, मार देंगे’: लव जिहाद के आरोप पर कोर्ट ने कार्रवाई का दिया आदेश

पंजाब के जालंधर स्थित फिल्लौर में एक मुस्लिम लड़का एक गैर-मुस्लिम लड़की के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था। कुछ समय बाद लड़की बहरीन चली गई और वहाँ से उसने अपने माँ-बाप को एक वीडियो भेजा। इस वीडियो के आधार पर लड़की के माँ-बाप ने लड़की को कतर के बहरीन में उसे बेचने का आरोप लगाते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।

इस मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बहरीन में मौजूद लड़की की सलामती की पुष्टि करने के लिए केंद्र सरकार को कतर में मौजूद भारतीय दूतावास के माध्यम से करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही लड़की के परिजनों की वीडियो कॉल पर लड़की से बातचीत सुनिश्चित करने का केंद्र और पंजाब सरकार को आदेश दिया है।

अपनी याचिका में लड़की के परिजनों ने कहा था कि उनकी बेटी एक 19 साल के लड़के के साथ लिव इन में रह रही थी। 9 मार्च 2024 को वह बहरीन चली गई। वहाँ से उसका एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने कहा था कि उसे वहाँ बेच दिया गया है। उसने अपनी हत्या की आशंका जाहिर की थी। इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करके लड़की को वापस लाने की माँग की थी।

हाई कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब माँगा था। अपने जवाब में पंजाब सरकार ने बताया कि उस वीडियो को बाद में डिलीट कर दिया गया था और लड़की ने कहा था कि उसके परिजन उसे बार-बार फोन करके वापस भारत बुला रहे हैं। पंजाब पुलिस ने बताया कि लड़की का साथी 10 मार्च 2024 को बहरीन चला गया था।

हाई कोर्ट के न्यायाधीश आलोक जैन ने कहा कि इस मामले में लड़की की कुशलता अदालत की प्राथमिकता है। न्यायमूर्ति जैन ने संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ को भी निर्देश दिया है कि वे पीड़िता के परिवार के साथ मिलकर ऑडियो या वीडियो संचार के माध्यम से उसकी वर्तमान स्थिति का पता लगाएँ। यह जानकारी बहरीन में भारतीय दूतावास को भेजी जाएगी, ताकि बचाव प्रक्रिया हो सके।

लड़की के वीडियो से पूरा विवाद पैदा हुआ था और ऐसे में यह जरूरी है कि याचिकाकर्ताओं की उनकी बेटी से बात करवाई जाए। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि लड़की का पता उपलब्ध न होने के चलते यह कार्य मुश्किल है। अब हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से इस संबंध में किए गए कार्यों की एक विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देने के लिए कहा है।

शेख के यहाँ काम करने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

वहीं, जिला संगरूर के गाँव टिब्बा के दर्शन सिंह की बेटी हरजिंदर कौर की बहरीन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वह बहरीन के एक शेख के घर में काम करती थी। पिछले दिनों बहरीन से फोन पर खबर दी गई कि हरजिंदर ने बहरीन में आत्महत्या कर ली है। दरअसल, गाँव में पंक्चर की दुकान चलाने वाले दर्शन सिंह की बेटी हरजिंदर 2 साल पहले एक एजेंट के माध्यम से बहरीन गई थी।

‘होप फॉर महल क्लान’ के संयोजक कुलवंत सिंह टिब्बा की मौजूदगी में मृतका के भाई मनजिंदर सिंह ने कहा कि उनकी बहन 6 सप्ताह की छुट्टी के बाद 24 मार्च 2024 को वापस बहरीन गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहन आत्महत्या नहीं कर सकती है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराने और शव को भारत लाने में केंद्र सरकार से मदद माँगी है।

चीन तीन सिद्धांतों का पालन करे: नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर भेजा बधाई संदेश तो भारत ने याद दिलाए 3 वचन

नरेंद्र मोदी आज रविवार (9 जून 2024) की शाम को प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेंगे। नरेंद्र मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए चीन ने बधाई संदेश भेजा है। इस बधाई संदेश पर भारत ने बीजिंग को तीन परस्पर मूल्यों- परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हित की याद दिला, जिसका हवाला द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए बार-बार दिया गया है।

बता दें कि भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ऐतिहासिक जीत पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोई भी संदेश अभी तक नहीं आया है। हालाँकि, चीनी विदेश मंत्रालय और भारत में चीन के नवनियुक्त राजदूत जू फेइहोंग ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी।

चीन के बधाई संदेश पर भारतीय विदेश मंत्री के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के आधार पर भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।” दरअसल, चीन ने अपने बधाई संदेश में दोनों देशों के बीच स्वस्थ और स्थिर संबंधों की बात कही थी।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में चीन के दुस्साहस के कारण सैन्य गतिरोध बना हुआ है और दोनों देशों के संबंध बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पश्चिमी क्षेत्र में चार बिंदुओं पर सैन्य वापसी हासिल कर ली गई है, लेकिन 21 दौर की सैन्य और 15 दौर की कूटनीतिक वार्ता के बाद भी देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में यह हासिल नहीं हो पाया है। गतिरोध के बाद से पीएम मोदी और शी जिनपिंग की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है।

हालाँकि पिछले साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और साल 2022 में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान उनके बीच ‘अनौपचारिक बातचीत’ हुई थी। मोदी और शी अगले महीने कजाकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन में फिर से आमने-सामने होंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं है।

चीन के साथ संबंधों को देखते हुए नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में भी चीन से स्वच्छंद कारनामों पर अंकुश लगाने की दिशा में काम करेंगे। ऐसा माना जा रहा है। इसकी झलक उनके शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किए गए पड़ोसी देशों के प्रमुखों से भी लगता है। नरेंद्र मोदी इस कार्यकाल में भी चीन को रोकने की दिशा में अपने पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को प्रगाढ़ करेंगे।

इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत के पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र के नेताओं को विशिष्ट अतिथि के रूप में सादर आमंत्रित किया गया है। इसे पड़ोसी देशों के प्रति भारत की प्राथमिकता के तौर पर देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान को प्राथमिकता दी गई है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति डॉक्टर मोहम्मद मुइज्जु, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। 

श्रीलंका, मालदीव, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश दरअसल भारत ऐसे पड़ोसी देश हैं, जिन्हें भारत के खिलाफ लंबे समय से इस्तेमाल करने की रणनीति पर चीन काम करता रहा है। माना जा रहा है कि भारत इन देशों से संबंधों को और प्रगाढ़ बनाकर चीन की चाल को नाकामयाब करता रहेगा।

पैसों के विवाद में हुई मौलाना की मौत: पुलिस पर पत्थरबाजी करने लगी मुस्लिम भीड़, दूसरे पक्ष के घर में भी जबरन घुसने का प्रयास

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शनिवार (7 जून, 2024) को एक मदरसा संचालक की हत्या कर दी गई थी। 60 वर्षीय मृतक का नाम फारुख है जिसे आसपास के लोग मौलाना भी कहते थे। हत्या के पीछे मौलाना द्वारा लिए गए पैसे वापस न देने से उठा गुस्सा बताया जा रहा है। मामला 2 समुदायों से जुड़ा बताया जा रहा है। हत्या के बाद मृतक मौलाना के समर्थन में एक भीड़ ने पुलिस पर हमला किया है। गाँव में पत्थरबाजी हुई। यह भीड़ आरोपित के घर में भी घुसने पर आमादा थी। पुलिस ने बड़ी मेहनत से हिंसक भीड़ को काबू किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना प्रतापगढ़ के थानाक्षेत्र जेठवारा की है। यहाँ के गाँव सोनपुर में मौलाना फारूख रहते थे। वो थोड़ी दूर मउहर नाम के गाँव में मदरसा चलाते थे। उनका अपने ही गाँव के कुछ लोगों से पैसे को ले कर विवाद चल रहा था। शनिवार को मौलाना फिर गाँव में आए थे। इस दौरान आरोपित ने उनसे पैसों की माँग की। फारुख की तरफ से संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आरोपितों का उनसे झगड़ा शुरू हो गया। इस दौरान हुए विवाद में मौलाना घायल हो गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

हमले के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच पड़ताल शुरू कर दी। कुल 4 आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी गई है जिसमें एक महिला भी शामिल है। सभी आरोपित फरार हो गए जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। मौलाना के परिजनों की तमाम मांगों में शस्त्र लाइसेंस भी शामिल है। पुलिस अपना काम कर ही रही थी कि अचानक मौलाना के समर्थन में भीड़ जमा होने लगी। इन सभी ने पुलिस के समझाने के बावजूद सड़क पर जाम लगाना शुरू कर दिया।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पुलिस ने जाम हटवाने की कोशिश की तो भीड़ पुलिसकर्मियों से ही भिड़ गई। घटनास्थल पर नारेबाजी की गई और पुलिस वालों पर पत्थर भी फेंके गए। भीड़ की एक टुकड़ी अलग हो कर आरोपितों के घर में घुसने की कोशिश करने लगी। प्रशासन ने हालात संभालने के लिए अतिरिक्त थानों और जिलों से पुलिस टीमें बुलवाईं। गाँव में तनाव को देखते हुए मौके पर PAC की 5 कम्पनियाँ तैनात कर दी गईं हैं।