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चंद्रबाबू नायडू की TDP को मिला एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री का पद: राममोहन हैं MBA डिग्रीधारी और चंद्रशेखर हैं डॉक्टर उद्योगपति

नरेंद्र मोदी आज रविवार (9 जून 2024) की शाम राष्ट्रपति भवन में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रचने जा रहे है। लगभग एक दशक बाद देश में बनने वाली गठबंधन सरकार में चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख घटक दल हैं। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें और एनडीए को 293 सीटें मिली हैं।

सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट में नरेंद्र मोदी के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। हालाँकि, इन सब नामों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, TDP के दो सदस्य मंत्री पद की शपथ लेंगे। ये नाम हैं- एमबीए डिग्रीधारी किंजरापु राममोहन नायडू और एनआरआई मेडिकल डॉक्टर चंद्रशेखर पेम्मासानी। टीडीपी ने इसकी घोषणा की है।

लगभग 36 वर्षीय किंजरापु राममोहन नायडू श्रीकाकुला लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार सांसद बने हैं और वे कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वहीं, पहली बार सांसद बने 48 वर्षीय डॉक्टर चंद्रशेखर पेम्मासानी राज्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। राज्य के सबसे युवा सांसदों में से एक राममोहन नायडू वाईएसआरसीपी के तिलक पेराडा को 3.20 लाख वोटों से हराया है। वे टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में इसके सदन के नेता हैं।

उनके पिता दिवंगत येरन नायडू पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक और सांसद थे। वे 1996 और 1998 के बीच संयुक्त मोर्चा सरकार में केंद्रीय मंत्री थे। उनके चाचा के. अच्चेन्नायडू तेक्काली से विधायक और टीडीपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरकेपुरम में पढ़ाई के बाद राममोहन नायडू ने अमेरिका के इंडियाना राज्य के पर्ड्यू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की।

इसके बाद उन्होंने लॉन्ग आइलैंड से एमबीए किया। पिता की मौत से पहले तक वे सिंगापुर में नौकरी कर रहे थे। 26 साल की उम्र में उन्होंने 2014 में श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की और 16वीं लोकसभा में दूसरे सबसे कम उम्र के सांसद बन गए। वे चंद्रबाबू नायडू के सबसे वफादार लोगों में से एक हैं।

वहीं, चंद्रशेखर ने वाईएसआरसीपी के किलारी वेंकट रोसैया को 3.4 लाख वोटों से हराया है। चंद्रशेखर के परिवार के पास 5,785 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। उनका परिवार दशकों से टीडीपी के लिए काम कर रहा है। डॉक्टर चंद्रशेखर सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक हैं। उनके परिवार के पास 5,785 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।

साल 1999 में डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से एमबीबीएस करने वाले मेडिकल डॉक्टर डॉ. चंद्रशेखर ने 2005 में अमेरिका के पेनसिल्वेनिया के गीसिंजर मेडिकल सेंटर से इंटरनल मेडिसिन में एमडी किया। तेनाली के बुर्रीपालेम गाँव से आने वाले उनके परिवार ने लंबे समय से टीडीपी का समर्थन किया है और उन्होंने इस बार चुनाव लड़ने के लिए टिकट माँगा था।

टीडीपी नेता जयदेव गल्ला ने X पर एक पोस्ट में राममोहन नायडू को बधाई देते हुए लिखा, “नई एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में नाम की पुष्टि होने पर मेरे युवा मित्र राममोहन को बधाई। आपकी ईमानदारी और विनम्र स्वभाव निश्चित रूप से देश के विकास में सहायक सिद्ध होगा। नई भूमिका के लिए आपको शुभकामनाएँ।”

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन-जिन नेताओं को मंत्री का शपथ दिलवाना है उन्हें फोन जाने लगे हैं। जिन-जिन नेताओं को खबर लिखे जाने से फोन गया है उनके नाम हैं- राजनाथ सिंह, अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, एस जयशंकर, राजीव प्रताप रूडी, अर्जुन राम मेघवाल, हरदीप सिंह पुरी, जी किशन रेड्डी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, चिराग पासवान, एचडी कुमारस्वामी, ललन सिंह, रामनाथ ठाकुर, मनसुख मांडविया, प्रताप राव जाधव, अश्विनी वैष्णव, राव इंद्रजीत सिंह, जयंत चौधरी, अनुप्रिया पटेल, जीतनराम मांझी, प्रफुल्ल पटेल, जयंत चौधरी आदि के नाम प्रमुख हैं।

दलित लड़की से छेड़छाड़, विरोध करने वाले भाई के सिर में मारी गोली: मस्जिद के पास से नूरजहाँ गिरफ्तार; अशफाक, इकबाल, सलामत, रुस्तम भी धराए

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक दलित युवक की हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम विकास है। हत्या का आरोप अशफाक, इकबाल, सलामत, रुस्तम और नूरजहाँ पर लगा है। गुरुवार (6 जून 2024) को विकास की लाश गाँव के पास एक पुल के नीचे पड़ी मिली। उनके सिर में गोली मारी गई थी। एक दिन पहले 5 जून को अशफाक, इक़बाल और सलामत ने विकास की बहन से छेड़खानी की थी। तब विकास ने इसका विरोध किया था। पुलिस ने अशफाक, इक़बाल, सलामत और नूरजहाँ को गिरफ्तार कर लिया है। रुस्तम की तलाश में दबिश दी जा रही है।

यह घटना प्रतापगढ़ जिले के थानाक्षेत्र अंतू की है। यहाँ दलित समुदाय से आने वाले कमलेश कुमार ने 6 जून (गुरुवार) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को उनकी बेटी शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान अशफाक, इक़बाल और सलामत ने लड़की को रोका और उसके साथ छेड़खानी करने लगे। लड़की ने विरोध किया तो तीनों आरोपित पीड़िता को जातिसूचक गालियाँ देने लगे। तभी वहाँ लड़की का भाई विकास पहुँच गया। विकास ने भी अपनी बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया तो अशफाक, इक़बाल और सलामत ने उसे भी मार डालने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक उसी दिन से उनका बेटा विकास लापता हो गया था। घर वालों ने काफी खोजबीन की पर कुछ पता नहीं चल पाया। अगले दिन गाँव वालों के माध्यम से कमलेश को बाईपास के पास पुल के नीचे एक लाश पड़ी होने का पता चला। कमलेश ने वहाँ जाकर देखा तो शव विकास का था। विकास के सिर में गोली मारी गई थी। विकास के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या अशफाक, इक़बाल, सलामत और रुस्तम ने मिल कर की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

इन सभी आरोपितों पर IPC की धारा 302, 201, 34, 354 (क) और 506 के साथ SC/ST एक्ट के विभिन्न सेक्शनों में कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दबिश देकर अशफाक, इकबाल और सलामत को गिरफ्तार कर लिया। जाँच के दौरान 22 वर्षीया नूरजहाँ नाम भी नाम प्रकाश में आया। नूरजहाँ मुख्य आरोपित अशफाक की बहन है।

इस केस का दूसरा पहलू यह है कि 5 जून 2024 को नूरजहां की बहन अफ़साना ने विकास के खिलाफ अपनी बहन से छेड़खानी और मना करने पर गोली मारने की FIR दर्ज करवाई थी। आरोप था कि गोली नूरजहां को छू कर निकल गई थी। अब विकास हत्याकांड की जाँच कर रही पुलिस को नूरजहाँ की भी संलिप्तता दिखी। इसके बाद नूरजहाँ की गिरफ्तारी अंतू इलाके की सेतापुर मस्जिद के पास से की गई।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस केस में फरार चल रहे 5वें आरोपित रुस्तम की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। रानीगंज और मान्धाता इलाके में उसके रिश्तेदारों के घरों को खंगाला गया, पर अभी तक वह पकड़ से बाहर है।

गाँव में कम फिर भी मुस्लिमों का दबदबा

ऑपइंडिया ने मृतक विकास के पिता कमलेश से बात की। कमलेश ने हमें बताया कि उनके गाँव में मुस्लिम आबादी कम है लेकिन फिर भी दबदबा उन लोगों का ही है। गाँव में लगभग 150 घर हैं, जिसमें से मुस्लिम परिवार की तादाद महज आधे दर्जन के ही आसपास है। दावा किया गया कि पूरा गाँव आरोपितों की हरकतों से परेशान हैं। आरोपितों का मूल काम उन्होंने ड्राइवरी करके जीवन यापन बताया। मृतक के परिजनों का भी मानना है कि नूरजहाँ ही पूरी घटना की कर्ताधर्ता है। उन्होंने खुद को UP पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट भी बताया।

रुस्तम पुराना क्रिमिनल

मृतक के पिता दिव्यांग हैं। उनके पैरों में समस्या है, जिसकी वजह से वो ठीक से चल नहीं पाते। विकास की उम्र लगभग 24 वर्ष थी। वह फ़िलहाल कम्प्यूटर कोर्स करके नौकरी की तलाश में थे। विकास के चाचा ने आरोपितों में फरार चल रहे रुस्तम को सबसे बड़ा अपराधी बताया। उन्होंने दावा किया कि रुस्तम इससे पहले भी आपराधिक मामलों में जेल काट चुका है। हमें यह भी बताया गया कि गाँव में मुस्लिमों को बाहर से सपोर्ट मिलता है।

मुस्लिम के साथ लिव इन में रहने लगी लड़की, फिर वीडियो भेजा- ‘मुझे बेच दिया, मार देंगे’: लव जिहाद के आरोप पर कोर्ट ने कार्रवाई का दिया आदेश

पंजाब के जालंधर स्थित फिल्लौर में एक मुस्लिम लड़का एक गैर-मुस्लिम लड़की के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था। कुछ समय बाद लड़की बहरीन चली गई और वहाँ से उसने अपने माँ-बाप को एक वीडियो भेजा। इस वीडियो के आधार पर लड़की के माँ-बाप ने लड़की को कतर के बहरीन में उसे बेचने का आरोप लगाते हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।

इस मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बहरीन में मौजूद लड़की की सलामती की पुष्टि करने के लिए केंद्र सरकार को कतर में मौजूद भारतीय दूतावास के माध्यम से करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही लड़की के परिजनों की वीडियो कॉल पर लड़की से बातचीत सुनिश्चित करने का केंद्र और पंजाब सरकार को आदेश दिया है।

अपनी याचिका में लड़की के परिजनों ने कहा था कि उनकी बेटी एक 19 साल के लड़के के साथ लिव इन में रह रही थी। 9 मार्च 2024 को वह बहरीन चली गई। वहाँ से उसका एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने कहा था कि उसे वहाँ बेच दिया गया है। उसने अपनी हत्या की आशंका जाहिर की थी। इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करके लड़की को वापस लाने की माँग की थी।

हाई कोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब माँगा था। अपने जवाब में पंजाब सरकार ने बताया कि उस वीडियो को बाद में डिलीट कर दिया गया था और लड़की ने कहा था कि उसके परिजन उसे बार-बार फोन करके वापस भारत बुला रहे हैं। पंजाब पुलिस ने बताया कि लड़की का साथी 10 मार्च 2024 को बहरीन चला गया था।

हाई कोर्ट के न्यायाधीश आलोक जैन ने कहा कि इस मामले में लड़की की कुशलता अदालत की प्राथमिकता है। न्यायमूर्ति जैन ने संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ को भी निर्देश दिया है कि वे पीड़िता के परिवार के साथ मिलकर ऑडियो या वीडियो संचार के माध्यम से उसकी वर्तमान स्थिति का पता लगाएँ। यह जानकारी बहरीन में भारतीय दूतावास को भेजी जाएगी, ताकि बचाव प्रक्रिया हो सके।

लड़की के वीडियो से पूरा विवाद पैदा हुआ था और ऐसे में यह जरूरी है कि याचिकाकर्ताओं की उनकी बेटी से बात करवाई जाए। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि लड़की का पता उपलब्ध न होने के चलते यह कार्य मुश्किल है। अब हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से इस संबंध में किए गए कार्यों की एक विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देने के लिए कहा है।

शेख के यहाँ काम करने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

वहीं, जिला संगरूर के गाँव टिब्बा के दर्शन सिंह की बेटी हरजिंदर कौर की बहरीन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वह बहरीन के एक शेख के घर में काम करती थी। पिछले दिनों बहरीन से फोन पर खबर दी गई कि हरजिंदर ने बहरीन में आत्महत्या कर ली है। दरअसल, गाँव में पंक्चर की दुकान चलाने वाले दर्शन सिंह की बेटी हरजिंदर 2 साल पहले एक एजेंट के माध्यम से बहरीन गई थी।

‘होप फॉर महल क्लान’ के संयोजक कुलवंत सिंह टिब्बा की मौजूदगी में मृतका के भाई मनजिंदर सिंह ने कहा कि उनकी बहन 6 सप्ताह की छुट्टी के बाद 24 मार्च 2024 को वापस बहरीन गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहन आत्महत्या नहीं कर सकती है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराने और शव को भारत लाने में केंद्र सरकार से मदद माँगी है।

चीन तीन सिद्धांतों का पालन करे: नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर भेजा बधाई संदेश तो भारत ने याद दिलाए 3 वचन

नरेंद्र मोदी आज रविवार (9 जून 2024) की शाम को प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेंगे। नरेंद्र मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए चीन ने बधाई संदेश भेजा है। इस बधाई संदेश पर भारत ने बीजिंग को तीन परस्पर मूल्यों- परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हित की याद दिला, जिसका हवाला द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए बार-बार दिया गया है।

बता दें कि भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ऐतिहासिक जीत पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोई भी संदेश अभी तक नहीं आया है। हालाँकि, चीनी विदेश मंत्रालय और भारत में चीन के नवनियुक्त राजदूत जू फेइहोंग ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी।

चीन के बधाई संदेश पर भारतीय विदेश मंत्री के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के आधार पर भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।” दरअसल, चीन ने अपने बधाई संदेश में दोनों देशों के बीच स्वस्थ और स्थिर संबंधों की बात कही थी।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में चीन के दुस्साहस के कारण सैन्य गतिरोध बना हुआ है और दोनों देशों के संबंध बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पश्चिमी क्षेत्र में चार बिंदुओं पर सैन्य वापसी हासिल कर ली गई है, लेकिन 21 दौर की सैन्य और 15 दौर की कूटनीतिक वार्ता के बाद भी देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में यह हासिल नहीं हो पाया है। गतिरोध के बाद से पीएम मोदी और शी जिनपिंग की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है।

हालाँकि पिछले साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और साल 2022 में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान उनके बीच ‘अनौपचारिक बातचीत’ हुई थी। मोदी और शी अगले महीने कजाकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन में फिर से आमने-सामने होंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक का अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं है।

चीन के साथ संबंधों को देखते हुए नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में भी चीन से स्वच्छंद कारनामों पर अंकुश लगाने की दिशा में काम करेंगे। ऐसा माना जा रहा है। इसकी झलक उनके शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किए गए पड़ोसी देशों के प्रमुखों से भी लगता है। नरेंद्र मोदी इस कार्यकाल में भी चीन को रोकने की दिशा में अपने पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को प्रगाढ़ करेंगे।

इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत के पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र के नेताओं को विशिष्ट अतिथि के रूप में सादर आमंत्रित किया गया है। इसे पड़ोसी देशों के प्रति भारत की प्राथमिकता के तौर पर देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान को प्राथमिकता दी गई है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति डॉक्टर मोहम्मद मुइज्जु, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। 

श्रीलंका, मालदीव, भूटान, नेपाल और बांग्लादेश दरअसल भारत ऐसे पड़ोसी देश हैं, जिन्हें भारत के खिलाफ लंबे समय से इस्तेमाल करने की रणनीति पर चीन काम करता रहा है। माना जा रहा है कि भारत इन देशों से संबंधों को और प्रगाढ़ बनाकर चीन की चाल को नाकामयाब करता रहेगा।

पैसों के विवाद में हुई मौलाना की मौत: पुलिस पर पत्थरबाजी करने लगी मुस्लिम भीड़, दूसरे पक्ष के घर में भी जबरन घुसने का प्रयास

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शनिवार (7 जून, 2024) को एक मदरसा संचालक की हत्या कर दी गई थी। 60 वर्षीय मृतक का नाम फारुख है जिसे आसपास के लोग मौलाना भी कहते थे। हत्या के पीछे मौलाना द्वारा लिए गए पैसे वापस न देने से उठा गुस्सा बताया जा रहा है। मामला 2 समुदायों से जुड़ा बताया जा रहा है। हत्या के बाद मृतक मौलाना के समर्थन में एक भीड़ ने पुलिस पर हमला किया है। गाँव में पत्थरबाजी हुई। यह भीड़ आरोपित के घर में भी घुसने पर आमादा थी। पुलिस ने बड़ी मेहनत से हिंसक भीड़ को काबू किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना प्रतापगढ़ के थानाक्षेत्र जेठवारा की है। यहाँ के गाँव सोनपुर में मौलाना फारूख रहते थे। वो थोड़ी दूर मउहर नाम के गाँव में मदरसा चलाते थे। उनका अपने ही गाँव के कुछ लोगों से पैसे को ले कर विवाद चल रहा था। शनिवार को मौलाना फिर गाँव में आए थे। इस दौरान आरोपित ने उनसे पैसों की माँग की। फारुख की तरफ से संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आरोपितों का उनसे झगड़ा शुरू हो गया। इस दौरान हुए विवाद में मौलाना घायल हो गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

हमले के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच पड़ताल शुरू कर दी। कुल 4 आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी गई है जिसमें एक महिला भी शामिल है। सभी आरोपित फरार हो गए जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। मौलाना के परिजनों की तमाम मांगों में शस्त्र लाइसेंस भी शामिल है। पुलिस अपना काम कर ही रही थी कि अचानक मौलाना के समर्थन में भीड़ जमा होने लगी। इन सभी ने पुलिस के समझाने के बावजूद सड़क पर जाम लगाना शुरू कर दिया।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पुलिस ने जाम हटवाने की कोशिश की तो भीड़ पुलिसकर्मियों से ही भिड़ गई। घटनास्थल पर नारेबाजी की गई और पुलिस वालों पर पत्थर भी फेंके गए। भीड़ की एक टुकड़ी अलग हो कर आरोपितों के घर में घुसने की कोशिश करने लगी। प्रशासन ने हालात संभालने के लिए अतिरिक्त थानों और जिलों से पुलिस टीमें बुलवाईं। गाँव में तनाव को देखते हुए मौके पर PAC की 5 कम्पनियाँ तैनात कर दी गईं हैं।

‘PM मोदी के शपथग्रहण समारोह में जाना सम्मान का विषय, ये ऐतिहासिक क्षण’: लाइन पर आ गए मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जु

मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जु भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे, उन्होंने भारत का न्योता स्वीकार कर लिया है। ये इसीलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इस साल की शुरुआत में लक्षद्वीप गए थे तो मालदीव नाराज़ हो गया था क्योंकि भारतीय पर्यटकों को पता चला कि मालदीव जितना सुंदर स्थल उनके अपने ही देश में है। अब एक बार फिर से दोनों देशों के संबंध सामान्य हुए हैं और ‘मोदी 3.0’ में ये हो रहा है।

नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार शपथ लेने को मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जु ने ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने शनिवार (8 जून, 2024) को कहा कि ये दिखाता है कि द्विपक्षीय संबंध सही दिशा में जा रहे हैं। बता दें कि रविवार को शाम सवा 7 बजे नरेंद्र मोदी नई मंत्रिमंडल के साथ शपथ लेने वाले हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें शपथ दिलाएँगी। मालदीव में भारत के हाई कमिश्नर मनु माहवार ने मुहम्मद मुइज्जु से मिल कर उन्हें आमंत्रण-पत्र सौंपा।

हाई कमिश्नर ने इस दौरान मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जु को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएँ दी और उनसे कहा कि पीएम मोदी इस अत्यंत महत्वपूर्ण समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें आमंत्रित किया। इस पर मुहम्मद मुइज्जु ने कहा कि ये उनके लिए सम्मान की बात है कि वो इस समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि वो भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत कर के भारत-मालदीवर रिश्ते को और सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रयास करेंगे।

इस दौरान राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जु ने ने भारत का हाई कमिश्नर को इसके लिए धन्यवाद दिया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आकर उन्हें आमंत्रण दिया है। इससे पहले मुहम्मद मुइज्जु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी जीत पर शुभकामनाएँ भी दी थी। 17 नवंबर, 2023 को दोबारा सत्ता सँभालने के बाद ये पहला मौका होगा जब वो भारत दौरे पर आएँगे। लक्षद्वीप विवाद के दौरान पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए निलंबित कर दिया गया था।

मस्जिद में पढ़ाने के बहाने घर से ले गया छोटी बहन को, फिर गला घोंट कर मार डाला: होमगर्ड जवान के नाबालिग बेटे की करतूत का UP पुलिस ने किया खुलासा

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक भाई ने अपनी बहन की हत्या कर दी। आरोपित और मृतका दोनों ही नाबालिग हैं। इनके अब्बा उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में ड्यूटी करते हैं। हत्या के लिए आरोपित अपनी बहन को मस्जिद में पढ़ाने का बहाना बना कर साथ ले गया था। बाद में लड़की की लावारिश लाश बरामद हुई थी। आरोपित भाई अपनी बहन से अम्मी-अब्बू से अपने बारे में शिकायत करने से नाराज रहता था। घटना मंगलवार (4 जून, 2024) की है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

यह घटना बागपत जिले के थाना क्षेत्र बिनौली की है। यहाँ के रहने वाले एक व्यक्ति ने 4 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि उनकी 7 वर्षीया बेटी अपने भाई के साथ बड़ी मस्जिद में गई थी। थोड़े समय बाद वह भाई को बताया कि वो अकेले घर जा रहा रही। काफी देर तब पीड़िता घर नहीं पहुँची तो परिजनों को चिंता हुई। उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में काम करने वाले लड़की के अब्बा ने पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने IPC की धारा 363 के तहत FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

पुलिस लड़की की तलाश में अभी जुटी थी थी कि 5 जून (बुधवार) को एक नाबालिग लड़की का लावारिश शव पड़े होने की सूचना मिली। जब इस शव की शिनाख्त करवाई गई तो यह 1 दिन पहले मस्जिद से वापसी में लापता हुई लड़की का निकला। फ़ौरन ही केस में हत्या की धारा IPC 302 लगाई गई। कातिलों को पकड़ने के लिए पुलिस ने प्रयास भी शुरू कर दिए। लड़की के नाबालिग भाई से भी पूछताछ की गई तो उसके जवाब संदिग्ध लगे। एक CCTV फुटेज में आरोपित अपनी बहन को सुनसान रास्ते पर ले जाता दिखा। इस से पुलिस का शक मृतका के भाई पर बढ़ गया।

कुछ ही समय की पूछताछ में नाबालिग आरोपित टूट गया और उसने अपनी बहन की हत्या करना कबूल कर लिया। आरोपित भाई ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन आए दिन अम्मी-अब्बा से उसकी शिकायत किया करती थीं। इस वजह से आरोपित को कई बार घर में डाँट पड़ती थी। 4 जून को लड़के के अब्बा भी घर पर नहीं थे और उसकी अम्मी भी कहीं बाहर चली गईं। जब लड़के की अम्मी लौटीं तब लड़की ने एक बार फिर अपने भाई की शिकायत की। शिकायत में मृतका ने बताया कि उनके भाई ने उन्हें मारा है।

इस शिकायत पर एक बार फिर से आरोपित को बहुत डांट पड़ी। उसने अपनी बहन को मार डालने का मन बना डाला। 4 जून को आरोपित अपनी बहन को मस्जिद में पढ़ाने के बहाने घर से बाहर ले गया। यहाँ उसने अपनी बहन के दुपट्टे को हथियार बनाया और इसी से उसका गला घोंट दिया। लाश फेंक कर वह अनजान बन कर घर आ गया। आखिरकार पुलिस ने सच्चाई का पता लगा लिया और आरोपित भाई को हिरासत में ले लिया। आरोपित को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। जाँच में यह भी पता चला कि मृतका और उसका भाई अपने अम्मी-अब्बू द्वारा अलग-अलग मौकों अलग-अलग जगहों से गोद लिए गए थे।

सपा की इकरा हसन की जीत के बाद सैकड़ों समर्थकों का उपद्रव, सड़क भी कर दिया जाम: अब यूपी पुलिस ने 110 के खिलाफ दर्ज की FIR, शोर मचा कर बाइक से स्टंट

लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश के शामली जिले की कैराना सीट से समाजवादी पार्टी की इकरा हसन ने जीत दर्ज की है। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के प्रदीप चौधरी को हराया है। इकरा हसन की जीत के बाद उनके सैकड़ों समर्थकों ने गुरुवार (4 जून, 2024) को विजय जुलूस निकाल कर सड़कों पर उपद्रव किया था। इस उपद्रव के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जो पुलिस तक पहुँच गए। अब शामली पुलिस ने शनिवार (8 जून) को 110 उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज कर के उनकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

यह मामला शामली के थानाक्षेत्र आदर्श मंडी का है। यहाँ तैनात सब इंस्पेक्टर विनय कुमार ने अपने ही थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि 8 जून को उनके मोबाइल में व्हाट्सएप के जरिए एक वीडियो आई। यह वीडियो मतगणना के दिन यानी 4 मई का निकला। वीडियो में एक सड़क पर जा रहे कुछ लोगों को शोर मचाते और मार्ग में रुकावट डालते देखा गया। आरोप है कि वाहनों से स्टंट किए गए। पुलिस ने इसे आचार संहित का उल्लंघन माना है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

स्टंट के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इसमें बिना वजह कई लोगों को हॉर्न बजाते सुना जा सकता है। बाइक सवार जोर-जोर से शोर मचा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक भीड़ में 110 के आसपास लोग मौजूद थे। अभी तक इनकी पहचान नहीं हो पाई है। CCTV फुटेज व गाड़ियों के नंबर इत्यादि से पुलिस आरोपितों तक पहुँचने के प्रयास में जुटी है। अब तक 110 अज्ञात व्यक्तियों पर IPC की धारा 188, 143 और 341 के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 ख के तहत FIR दर्ज की गई है। फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

गौरतलब है कि शामली के पड़ोसी जिले सहारनपुर में भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था। तब कॉन्ग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद की जीत का जश्न मनाने वाली एक भीड़ ने सड़कों पर हुड़दंग किया था। महिलाओं को अश्लील इशारे तक हुड़दंगियों ने किए थे। पुलिस ने इस मामले में भी FIR दर्ज कर की है। आरोपितों को चिह्नित कर के आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

छत्रपति शिवाजी महाराज और BR आंबेडकर के नाम पर झूठ, मराठा आरक्षण की आग, एक फिल्म और केंद्र सरकार को लेकर भ्रम: चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस का खतरनाक खेल

महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में विधानसभा चुनाव होना है। भाजपा लोकसभा चुनाव में राज्य में झटका मिलने के कारण ज़रूर तनाव में होगी, लेकिन उधर झूठ को हथियार बना कर I.N.D.I. गठबंधन वालों ने सत्ता हथियाने के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए न सिर्फ छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे युगपुरुष, बल्कि दलितों में पैठ बनाने के लिए बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के नाम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही मनोज जरांगे के नेतृत्व वाले मराठा आरक्षण आंदोलन को भी इसके लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

महाराष्ट्र में क्षेत्रवाद की आग बालासाहब ठाकरे के ज़माने से ही भड़कती रही है, जब यूपी-बिहार वालों के खिलाफ शिवसेना-मनसे घृणा फैलाती थी। राज्य में जब भाजपा की सरकार बनी, तब इसमें कमी आई। हालाँकि, अब साजिश है कि फिर से राज्य को आंदोलनों में झोंक दिया जाए और केंद्र व प्रदेश सरकारों के खिलाफ जनता को सड़क पर लाकर अशांति व अराजकता का माहौल बना दिया जाए। I.N.D.I. गठबंधन वालों ने देख लिया है – दुष्प्रचार और अराजकता उनकी सफलता की गारंटी बन रही है।

महाराष्ट्र: 2019 और 2024 के चुनावी आँकड़ों का विश्लेषण

हम बात करेंगे कि कैसे कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपना दुष्प्रचार अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन उससे पहले डेटा देखना ज़रूरी है। ताज़ा लोकसभा चुनावों की बात करें तो महाराष्ट्र की 48 में से 30 सीटें जीत कर I.N.D.I. गठबंधन उत्साह में है। चुनाव में एक निर्दलीय की जीत हुई है, लेकिन सांगली से चुने गए विकास प्रकाशबापू पाटिल कॉन्ग्रेस के ही बागी हैं। अगर वो लौटते हैं तो महाराष्ट्र में I.N.D.I. गठबंधन की सीटें 31 तक पहुँच जाएगी और देश में कॉन्ग्रेस तिहाई आँकड़े को छुएगी।

महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस को 13, शिवसेना (UBT) को 9 और NCP (SP) को 8 सीटें आई हैं। वहीं NDA की बात करें तो भाजपा को मात्र 9 सीटें ही मिली, वहीं उसके सहयोगी दलों बालसाहेबांची शिवसेना ने 7 और NCP (अजीत पवार गुट) मात्र 1 सीट ही जीत सकी। शिवसेना और NCP टूट चुकी है और इसका एक-एक धड़ा सत्तापक्ष और विपक्ष के साथ है। कुल मिला कर राज्य में I.N.D.I. गठबंधन 30 और NDA ने 17 सीटें अपने नाम की। अब देखते हैं 2019 में क्या हुआ था।

2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने अकेले 23 सीटें अपने नाम की थी, जबकि अखंडित शिवसेना ने तब 18 सीटें जीती थीं। इस तरह NDA का आँकड़ा तब 41 का था, जो अब 17 हो गया है। वहीं कॉन्ग्रेस को सिर्फ 1 सीट ही मिल सकी थी, जबकि अखंडित NCP ने 4 सीटें अपने नाम की थीं। इस तरह I.N.D.I. गठबंधन सीधा 5 से 31 तक पहुँच गया। यानी, महाराष्ट्र में पासा पलट गया है। लेकिन, हमें इससे पहले ये भी देखना होगा कि वोट शेयर क्या कहते हैं।

अगर हम वोट शेयर पर नज़र डालें तो 10 सीटें ऐसी हैं जहाँ NDA को 5% या उससे कम अंतर से हार मिली है। अमरावत, बीड, धुले और मुंबई नॉर्थ-सेन्ट्रल में हार का आँकड़ा 2% से भी कम रहा। 26.18% वोट शेयर के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि कॉन्ग्रेस 16.92% के साथ दूसरे स्थान पर है। कुल वोट शेयर की बात करें तो I.N.D.I. गठबंधन और NDA के वोट शेयर का अंतर मात्र 1.18% ही है। सतारा और रत्नागिरी, इन दोनों सीटों पर भाजपा पहली बार जीती। शिवसेना के गढ़ रहे कोंकण में भाजपा ने 6 में से 5 सीटें अपने नाम की।

दुष्प्रचार और अराजकता के सहारे कॉन्ग्रेस का विधानसभा अभियान

कॉन्ग्रेस पार्टी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। कॉन्ग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने दावा किया कि भाजपा ने महाराष्ट्र में हार की खीझ में संसद भवन परिसर से छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबासाहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को हटा दिया है। क्या कोई भी पार्टी इतनी मूर्ख हो सकती है कि इन दोनों हस्तियों की मूर्तियाँ हटा दें, वो भी चुनाव से पहले? लेकिन नहीं, कॉन्ग्रेस ने भाजपा को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने के लिए ऐसा दावा किया।

जबकि सच्चाई यह थी कि इन मूर्तियों को पुराने संसद भवन से नए संसद भवन परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा था। सितंबर 2023 में ही नए संसद भवन की इमारत का उद्घाटन हुआ है, ऐसे में वर्षों से चल रही पुरानी संसद भवन परिसर से चीजों को नए संसद भवन में लेकर रखा जा रहा है। न सिर्फ छत्रपति शिवाजी महाराज, बल्कि महाराणा प्रताप और बिरसा मुंडा की मूर्तियाँ भी नए संसद भवन में लाई गईं। कॉन्ग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने इसे अत्याचार करार दिया।

लोकसभा सेक्रेटेरिएट ने भी बयान दिया कि इन महान हस्तियों की मूर्तियों को सम्मानपूर्वक नए संसद भवन में लाया जा रहा है। सोचिए, जब तक सच्चाई सामने आती है झूठ मीलों का सफर तय कर चुका होता है। छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म पुणे के जुन्नर में हुआ था, जबकि BR आंबेडकर का परिवार मूल रूप से रत्नागिरी के आंबडवे से था। बॉम्बे नॉर्थ और भंडारा से उन्होंने चुनाव भी लड़ा था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने मराठा साम्राज्य की नींव रखी। ऐसे में महाराष्ट्र में ये दोनों बहुत ही सम्मानित हस्ती हैं।

अब कॉन्ग्रेस अपनी ये सच्चाई तो लोगों को बता नहीं सकती कि 1952 में बॉम्बे नॉर्थ से उसी ने बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के निजी सचिव रहे नारायण सदोबा काजरोलकर को उतार कर उन्हें लोकसभा पहुँचने से रोक दिया था। जबकि 1957 में भंडारा से कॉन्ग्रेस के ही भाऊराव बोरकर ने उन्हें हराया था। वहीं जनसंघ (अब भाजपा) ने दोनों ही चुनावों में भीमराव आंबेडकर का समर्थन किया था। इस सच्चाई को छिपाने के लिए कॉन्ग्रेस को झूठ बोलना ही पड़ेगा कि भाजपा ने बाबासाहब की मूर्ति हटवा दी।

बार-बार उखाड़ा जाता है मराठा आरक्षण का मुद्दा

मराठा आरक्षण एक ऐसा मुद्दा है, जिसे लेकर कई बार आंदोलन हो चुके हैं। अभी नई सरकार का गठन हुआ नहीं कि एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर दिया गया है। इस बार आंदोलन का नेतृत्व मनोज जरांगे पाटिल कर रहे हैं, जो पिछली बार भी धरने पर बैठे थे। अप्रैल के बाद अब जून में उन्होंने पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है।

ऐसा नहीं है कि इस माँग को लेकर भाजपा हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी 2024 में ही एक विशेष सत्र बुला कर 10% मराठा आरक्षण की व्यवस्था की थी, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट में इसे चुनौती दे दी गई। फरवरी में भी मनोज जरांगे पाटिल ने 17 दिनों का अनशन किया था। अब उनका कहना है कि OBC कोटा के अंतर्गत आरक्षण दिया जाए। मराठा आरक्षण के नाम पर हुई हिंसा की जाँच के लिए महाराष्ट्र सरकार SIT का गठन भी कर चुकी है।

इसे संयोग कहें या कुछ और, ‘संघर्ष योद्धा मनोज जरांगे पाटिल’ नामक फिल्म भी 14 जून को आने वाली है। इसे महाराष्ट्र में जगह-जगह दिखाए जाने की योजना है। महाराष्ट्र के बड़े थिएटर कलाकार मकरंद देशपांडे को इसमें लिया गया है। फिल्म का एक गाना भी आ चुका है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज पर है। फिल्म के क्रू ने सेंसर बोर्ड पर फिल्म की रिलीज रोकने का भी आरोप लगाया था, जबकि राजनीतिक कंटेंट होने के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इसे रोका गया।

अक्टूबर 2018 में भी जब महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी, तब औरंगाबाद में मराठा आरक्षण के लिए बड़ा मार्च निकाला गया था। उससे पहले जब कॉन्ग्रेस-NCP की सरकार थी तब 16% रिजर्वेशन की व्यवस्था की गई, लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे रोक दिया। देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने भी विधानसभा में बिल पारित कराया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय पीठ ने इस पर स्टे लगा दिया। महाराष्ट्र में इसके लागू होने से आरक्षण 68% हो जाएगा, जो 50% की सीमा से अधिक है और संविधान के खिलाफ बताया जाता है।

अब विधानसभा चुनाव से ऐन पहले फिर से ये मुद्दा उखाड़ा गया है। क्या मराठा आंदोलन के नाम पर एक बार फिर से हिंसा की तैयारी है? इसके लिए फंडिंग कहाँ से आ रही है? कॉन्ग्रेस पार्टी को अराजकता से कोई गुरेज नहीं, इसमें उसे अपना फायदा ही दिखता है। अगर हम दिल्ली में हुए किसान आंदोलन और शाहीन बाग़ को देखें तो स्पष्ट हो जाता है कि इन्हीं अराजक आन्दोलनों के सहारे पार्टी सत्ता में अपनी वापसी की राह देख रही है। क्या जनता इतना समझ पाएगी, या इनकी साजिश सफल होगी?

महाराष्ट्र: जनता को भ्रम में रखने की साजिश में कॉन्ग्रेस

अब देखिए, कॉन्ग्रेस की योजना क्या है। केंद्र में 300 से भी अधिक सीटों के साथ NDA की सरकार है। नीतीश कुमार की JDU और चंद्रबाबू नायडू की TDP ने साफ़ कर दिया है कि उनका नरेंद्र मोदी को पूर्ण समर्थन है। 7 सीटों वाली शिवसेना (शिंदे गुट) और 5 सीटों वाली RLJP है ही। लेकिन, महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने नेताओं को जनता में ये भ्रम फैलाने का आदेश दिया है कि केंद्र में एक अस्थिर सरकार है और वो कभी भी गिर सकती है।

ये उस पार्टी का नेता कह रहा है, जिसने 2004 में 145 और 2009 में 206 सीटों के साथ सरकार चलाई थी। कॉन्ग्रेस के नव-निर्वाचित सांसदों को महाराष्ट्र में ये अनिश्चितता फैलाने के लिए लगा दिया गया है कि केंद्र सरकार कितने दिन चल पाएगी इस पर संशय है। भ्रम, संशय, अशांति, अराजकता, झूठ – अब यही महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि पूरे देश में कॉन्ग्रेस के हथियार बन गए हैं। भाजपा को इससे निपटना होगा। महाराष्ट्र में वैसे भी राजनीति खिचड़ी हो गई है – 2 दल टूटे हैं जिनके एक का परिवार भी टूटा है, सत्ताधारियों को मात मिली है, विपक्ष जीता है।

जाट कॉलोनी में हिन्दू लड़कियों के नितंब पर हाथ मारता था सलमान, UP पुलिस ने दबोचा: अब अपने पाँव पर नहीं हो पा रहा खड़ा

उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर पुलिस ने शुक्रवार (7 जून 2024) को एक नाबालिग हिंदू लड़की से छेड़खानी करने के आरोपित सलमान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित जिले में हिन्दू लड़कियों को छेड़ने और उनके साथ अश्लील हरकत करने के लिए कुख्यात है। सलमान की गिरफ्तारी और उसके द्वारा की गई छेड़खानी की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में दिख रहा है कि बाइक से जा रहा सलमान सुनसान जगह पर अकेली जा रही एक लड़की के नितम्ब पर हाथ मारता है। यह घटना मुज़फ्फरनगर के थाना क्षेत्र सिविल लाइंस की है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सलमान अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा है और पुलिस वालों के कंधे पर झूलता नजर आ रहा है।

घटना का वीडियो गुरुवार (6 जून) को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें हीरो होंडा की स्प्लेंडर बाइक पर सवार एक व्यक्ति को जाट कॉलोनी में अकेली जा रही एक हिन्दू लड़की के नितम्ब पर हाथ मार कर भागते देखा गया। 16 वर्षीया पीड़िता मुज़फ्फरनगर में ही जूडो-कराटे का प्रशिक्षण ले रही है। पीड़िता के पिता ने बताया कि घटना के बाद उनकी बेटी काफी डरी हुई है।

पुलिस ने वीडियो की पड़ताल की तो आरोपित सलमान निकला। सलमान की तलाश में पुलिस कई टीमों का गठन किया गया। वह 7 जून (शुक्रवार) को कहीं भागने की फिराक में रुड़की चुंगी पर खड़ा दिखा। मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत दबिश दी। पुलिस को देखकर सलमान भागने लगा, लेकिन जवानों ने दौड़कर उसे दबोच लिया। यहाँ से उसे थाने लाकर पूछताछ की गई।

पुलिस प्रेसनोट

सलमान मुज़फ्फरनगर शहर के मुस्लिम बहुल इलाके खालापार का रहने वाला है। कहा जाता है कि वह लम्बे समय से शहर में लड़कियों को परेशान करता था। सलमान न सिर्फ लड़कियों के नितम्बों पर हाथ मारकर भाग जाता था, बल्कि कई बार तो वो अपना प्राइवेट पार्ट खोलकर सार्वजनिक रूप से दिखाने भी लगता था। इस दौरान वह अपनी बाइक के आगे-पीछे वाली नंबर प्लेट पर टेप चिपका लेता था।

सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़कियों को डराने के लिए सलमान अपने पास तेजाब की बोतल भी रखता था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की हिरासत में सलमान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाइक पर फर्राटे मारने वाला सलमान वायरल वीडियो में 2 पुलिस वालों के कंधे पर लटक कर चलता नजर जा रहा है।

सलमान पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (क) के अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत भी कार्रवाई की गई है। मुज़फ्फरनगर के एडिशनल एसपी ने सलमान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। आरोपित सलमान का अब्बू का नाम गुलजार है।