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हिन्दू नेताओं की हत्या के लिए PFI ने बनाया ‘मौत का दस्ता’, मस्जिद-मदरसों में ट्रेनिंग: RSS नेता रुद्रेश-BJYM के प्रवीण नेट्टारू की हत्या ‘मिशन 2047’ का हिस्सा

NIA ने RSS नेता रुद्रेश की हत्या के मामले में 2 मार्च, 2024 को एक बड़ी सफलता मिली। ये हत्याकांड 2016 में हुआ था। PFI के प्रतिबंधित आतंकी मोहम्मद गौस नियाज़ी को दक्षिण अफ्रीका से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसका प्रत्यर्पण किया गया। उसने बेंगलुरु में इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। उस पर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। 35 वर्षीय रुद्रेश का हत्यारा मोहम्मद गौस नियाज़ी PFI का बड़ा चेहरा था। हत्या के बाद वो भारत से बाहर अपने ठिकाने बदल रहा था।

गुजरात ATS को उसके दक्षिण अफ्रीका में होने का पता चला, जिसके बाद NIA को सूचित किया गया। दक्षिण अफ़्रीकी पुलिस ने सहयोग किया और उसे धर-दबोचने में कामयाबी मिली। रुद्रेश को बेंगलुरु के शिवाजी नगर में मार डाला गया था। वो RSS के एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। आतंकी घात लगा कर छिपे हुए थे। अब 2016 के इस हत्याकांड और 2022 के प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में कनेक्शन मिला है। 26 जुलाई, 2022 को BJYM नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या हुई थी।

दक्षिण कन्नड़ के बेल्लारी में आतंकियों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया था। वो पॉल्ट्री का कारोबार करते थे। जनवरी 2023 में NIA ने खुलासा किया कि PFI ने ‘सर्विस टीम’ और ‘किलर स्क्वाड’ बना रखा है, ताकि वो अपने ‘दुश्मनों’ की हत्या कर सके और भारत को 2047 तक इस्लामी मुल्क बनाने का उसका सपना पूरा हो। आतंक, सांप्रदायिक घृणा और समाज में अराजकता के जरिए ये अपनी मंशा पूरी करना चाहते थे। इन टीमों को हथियार दिया गया था, प्रशिक्षण भी।

इन्हें सिखाया गया था कि कैसे हिन्दू नेताओं की रेकी करें, फिर उन्हें निशाना बनाएँ। रुद्रेश की हत्या के बाद ये टीमें बनाई गई थीं, PFI के जिलाध्यक्ष असीम शरीफ की गिरफ़्तारी भी हुई थी। PFI ने मुस्लिमों की भर्ती की, मस्जिदों-मदरसों में उन्हें हथियार देकर प्रशिक्षित किया गया। रुद्रेश की हत्या सफल होने के बाद ये साजिश उनके दिमाग में आई थी। 2019 में असीम शरीफ की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दी, वो चाहता था कि रुद्रेश की हत्या में उसके ऊपर आरोप न तय किए जाएँ।

उसने दावा किया था कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चार्जेज फ्रेम करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि वही इस हत्याकांड के पीछे का मास्टरमाइंड था और उसके निर्देश पर ही हत्या हुई थी। अक्टूबर 2016 में बेंगलुरु पुलिस ने रुद्रेश हत्याकांड में प्रत्यक्ष रूप से शामिल आतंकियों JC नगर के मोहम्मद मज़हर (35) और ऑस्टिन टाउन के वसीम अहमद (30) को गिरफ्तार किया था।

इन्होंने ही बाइक से आकर नाला जंक्शन के पास रुद्रेश की हत्या की थी। उनके साथ एक अन्य बाइक पर मुजीब और इरफ़ान थे, इनके साथ वो दोनों भी धराए। इन सबको असीम शरीफ निर्देश दे रहा था। ज्ञात हो कि PFI 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क में परिवर्तित करना चाहता था। उसका मानना था कि अंग्रेजों ने अन्यायपूर्ण तरीके से मुस्लिमों से सत्ता झपट ली। PFI के दस्तावेज का कहना था कि मुस्लिम हमेशा से अल्पसंख्यक रहे हैं और उन्हें जीत के लिए बहुसंख्यक होने की आवश्यकता नहीं है।

इस्लाम के इतिहास की बात करते हुए प्रतिबंधित संगठन का मानना था कि अगर 10% मुस्लिम भी उसका साथ दे दें तो वो ‘कायर’ बहुसंख्यकों का दमन कर के उन्हें घुटनों पर ले आएगा और इस्लाम का पुराना परचम फिर लहराएगा। उसने लिखा था कि मुस्लिमों को याद रखना चाहिए कि अल्लाह की बनाई कायनात में उन्हें दीन का काम करने के लिए भेजा गया है, उनका लक्ष्य होना चाहिए अल्लाह के कानून की स्थापना। इसी में हिन्दू नेताओं के बारे में डिटेल जुटाने के लिए कहा गया था।

‘अंतिम शो’ की बात करते हुए RSS/हिन्दू नेताओं की सूची और उनके विवरण जुटाने के लिए कहा गया था। साथ ही उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने का निर्देश भी दिया गया था। PFI का कहना था कि हिन्दुओं का नरसंहार करने के लिए यही सही समय है। प्रतिबंधित संगठन के दस्तावेज में लिखा था कि जब उसके पास पर्याप्त मात्रा में लड़ाका और हथियार होंगे, तब भारतीय संविधान की जगह शरिया लागू कराया जाएगा। इसके रास्ते में आने वालों के नरसंहार की बात की गई थी।

इसके लिए तुर्की जैसे इस्लामी मुल्कों से मदद तक माँगी गई थी। साफ़ है, ये डेथ स्क्वाड्स हिन्दुओं की हत्या के लिए बनाए गए थे। प्रवीण नेट्टारू या रुद्रेश की PFI से कोई दुश्मनी भी नहीं थी, ऐसे में ये टार्गेटेड किलिंग था इससे इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों हत्याओं में कनेक्शन का अर्थ है PFI की साजिश गहरी थी हिन्दुओं को निशाना बनाने की। ये सब PFI के ‘विजन 2047’ विजन डॉक्यूमेंट के हिसाब से किया गया। सिर्फ ये दोनों ही नहीं, कई हिन्दू नेता इनके निशाने पर थे।

मुस्लिम महिला को ऑटो में बिठाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने बुजुर्ग हिन्दू ड्राइवर को पीटा, बुर्के वाली से बोले- नाम खराब कर रखा है: कर्नाटक में बिलाल, तौसीफ, इब्राहिम गिरफ्तार

कर्नाटक के बीदर जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर रविवार (12 मई 2024) से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बुर्का पहने मुस्लिम महिला सवारी को बिठाने पर एक हिन्दू ड्राइवर की पिटाई की जा रही है। हमलावर मुस्लिम समुदाय के लोग बताए जा रहे हैं जिन्होंने बुर्काधारी महिला पर भी हाथ उठाया और उसे अपशब्द कहे।

यह घटना 17 अप्रैल 2024 की बताई जा रही है जिस पर पुलिस ने FIR दर्ज करके 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार हुए इन हमलावरों की पहचान सैयद बिलाल, तौसीफ अयूब और सैयद इब्राहिम के तौर पर हुई है। कादिर कुरैशी और मकदूम नाम के 2 अन्य आरोपित फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना बीदर जिले के बसवकल्याण इलाके की है। 17 अप्रैल को 72 वर्षीय ऑटो ड्राइवर अशोक पांडुरंगा रेड्डी बसवकल्याण से कौडियाला सवारी ले जा रहे थे, तभी उनकी ऑटो में बुर्का पहने एक महिला बैठती है जिसका नाम हजरतबी हनुमिया बताया जा रहा है।

थोड़े आगे चलने के बाद लगभग 5 लोगों ने इस ऑटो को थिमक्का गार्डन के पास दोपहर लगभग 1 बजे रोक लिया। इन लोगों के नाम सैयद बिलाल, तौसीफ अयूब चावुस, सैयद इब्राहिम, कादिर कुरेशी और मगदूम बताए जा रहे हैं।

इन सभी ने ऑटो रोक कर ड्राइवर अशोक रेड्डी की बुरी तरह से थप्पड़ों और घूंसों से पिटाई कर दी। पिटाई के दौरान इन सभी ने पीड़ित को जान से मार डालने की भी धमकी दी और दोबारा किसी मुस्लिम लड़की के साथ न दिखने की चेतावनी दी। इसके बाद ये सभी आरोपित मुस्लिम महिला की तरफ मुड़े।

उन्होंने बुर्कानशीं महिला को भला-बुरा कहा। वायरल वीडियो में एक आरोपित ने कहा, “तुमको शर्म नहीं आ रही मुसलमानों का नाम खराब करने में?” बुर्का वाली महिला ने हमलावरों के आगे हाथ भी जोड़े लेकिन उन पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

बाद में अशोक रेड्डी ने इस घटना की FIR बसवकल्याण नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई। बीदर जिले के पुलिस अधीक्षक चन्नाबसवन्ना एसएल ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे 17 अप्रैल का बताया है। उन्होंने कहा कि मॉरल पुलिसिंग के आरोप में पहले ही सैयद बिलाल, तौसीफ अयूब चावुस और सैयद इब्राहिम को गिरफ्तार किया जा चुका है। केस दर्ज होने के बाद कादिर कुरैशी और मगदूम फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

डमरू की डमडम, मंत्रों की गूँज, शंखनाद, कलाकारों की प्रस्तुतियाँ, साथ में ‘शिवगण’… वाराणसी की गलियों में PM के रोडशो में उमड़ा जनसैलाब, लोग बोले – हमार काशी, हमार मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से नामांकन के 1 दिन पहले सोमवार (13 मई, 2024) को वहाँ भव्य रोडशो किया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। रोडशो के दौरान उन्होंने BHU के संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर उन्हें पुष्पांजलि भी अर्पित की। वाराणसी से नरेंद्र मोदी ने 2014 में 3.71 लाख और 2019 में 4.79 लाख वोटों से जीत दर्ज की थी।

उन्हें 2014 में कुल मतों का 56.37% तो 2019 में 63.62% प्राप्त हुआ था। इस बार भी उनके रोडशो में उमड़े जनसैलाब के बाद चर्चा है कि न सिर्फ वाराणसी, बल्कि आसपास की कई सीटों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान डमरू की डमडम और मन्त्रों की गूँज भी सुनाई दे रही थी। पूरा वाराणसी भगवामय हो गया था। वाराणसी में नरेंद्र मोदी ने बतौर सांसद कई कार्य किए हैं, वहाँ कैंसर अस्पताल भी खुला। काशी में गंगा नदी की साफ़-सफाई को लेकर भी कार्य हुए हैं।

उनके ही कार्यकाल में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर भी बना। साथ ही ज्ञानवापी में पूजा शुरू हुई। 2014 के बाद से ही BHU के अस्पताल और जिला अस्पताल में भी कई कार्य किए गए हैं। वाराणसी की गलियों से भी पीएम मोदी का कारवाँ गुजरा। इस रोडशो में कई लोग भगवान शिव की वेशभूषा में थे। वाराणसी में स्वच्छता अभियान के तहत 1.38 लाख लोगों को शौचालय, 12 शमशान घाटों का पुनर्निर्माण हुआ और 14 पंचायत भवनों का भी निर्माण हुआ।

रोडशो के दौरान शंखनाद भी होता रहा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी कलाकार देते रहे। ये रोडशो लगभग 6 किलोमीटर चला। लंका गेट से लेकर संत रविदास दरवाजे के पास रोडशो का पहला पड़ाव रहा, उसके बाद अस्सी घाट वाले रोड में गोदौलिया चौराहा होते हुए पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला गुजरा। बच्चों से लेकर महिलाओं तक की हिस्सेदारी इस रोडशो में रही। इस दौरान ‘विकास भी, विरासत भी’ के पोस्टर भी लोग लिए हुए थे।

RJD का मंच, RJD के ही वर्कर को तेजप्रताप ने धक्का देकर फेंका: माँ राबड़ी-बहन मीसा भी थीं मौजूद, Video वायरल होने पर कहा- असहाय दर्द हो रहा था…

लोकसभा चुनावों के बीच सोशल मीडिया पर राजद नेता तेज प्रताप यादव की एक वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में तेज प्रताप एक व्यक्ति को गुस्से में धक्का देते दिख रहे हैं। वीडियो में उनके आगे उनकी माँ राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती भी जनता के आगे हाथ हिलाते हुए दिख रही हैं। झगड़े की शुरुआत में दोनों में से कोई उन्हें रोकने की कोशिश नहीं करतीं, लेकिन जब तेज प्रताप लड़ते ही रहते हैं तब मीसा भारती बीच में जाकर उन्हें छुड़ाती हैं और आगे लेकर आती हैं। इस वीडियो को देखने के बाद हर कोई अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। वहीं तेज प्रताप यादव ने भी मामले में सफाई दी है।

जानकारी के मुताबिक, मीसा भारती आज अपना नामांकन दाखिल कराने के बाद श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल के मंच से वोट माँग रही थीं। इस दौरान उनके साथ उनका परिवार भी पाटलिपुत्र की जनता से मीसा के लिए समर्थन माँग रहा था।

इसी बीच अचानक तेज प्रताप यादव सामने खड़े व्यक्ति पर नाराज हो गए। उनके धक्का-मुक्की करने से स्टेज पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। दावा किया जा रहा है कि जिस व्यक्ति को तेज प्रताप यादव ने झापड़ मारा है वो राजद के प्रदेश महासचिव हैं।

इस वीडियो को देखने के बाद लोग कह रहे हैं कि ये पिछड़ों/दलित-गरीबों की लड़ाई लड़ते-लड़ते खुद राजा-महाराजा हो गए…अब इन शहजादों को गरीबों, दलितों के पास खड़े होने पर बदबू आती है और इनका पोजीशन डाउन होने लगता है…।

वहीं तेज प्रताप यादव ने इस बीच सफाई दी है। उन्होंने कहा, “ये जो कुछ लोग मेरा एक वीडियो वायरल कर रहे है उनको मैं बताना चाहता हूँ, कि सिक्के के दो पहलू होते है एक तरफ तो देख लिया आप सभी, दूसरी ओर हुआ ये था कि प्रत्याशी डॉ. मीसा भारती और मेरी माँ साथ में थे दोनों के बीच में आ के धक्का दे रहा था, मेरा हाथ पहले से जख्मी है और इनके द्वारा धक्का देकर आगे जाने के क्रम में असहाय दर्द महसूस होने पर मुझे खुद को बचाने के लिए अचानक से मजबूरन में इनको साइड करना पड़ा। मेरा मंशा कहीं से भी किन्हीं को आहत करने का नहीं रहा है। जनता मालिक मेरे लिए सर्वोपरि है, जनता का मान सम्मान ही हमारा कर्म है।”

‘प्रज्वल ने पिता के साथ मिलकर मेरी माँ का किया रेप, मुझे वीडियो कॉल पर नंगा किया’: रिपोर्ट में दावा- कर्नाटक सेक्स स्कैंडल की पीड़िता ने SIT के सामने दी गवाही

कर्नाटक के निलंबित जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना के सेक्स स्कैंडल में एक और महिला सामने आई है। महिला ने प्रज्वल रेवन्ना और उनके पिता एचडी रेवन्ना पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ ही उसकी माँ का भी रेप हुआ है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने यह आरोप इस मामले की जाँच कर रही SIT के सामने लगाए हैं। महिला ने बताया कि चार-पाँच वर्ष पहले सांसद प्रज्वल रेवन्ना और उनके पिता विधायक एचडी रेवन्ना ने उसकी माँ का रेप किया। महिला ने बताया कि उसकी माँ का रेप बेंगलुरु में हुआ। उसने यह भी आरोप लगाया कि प्रज्वल रेवन्ना ने उसे भी कपड़े उतारने पर मजबूर किया।

महिला ने आरोप लगाया कि प्रज्वल रेवन्ना उसे वीडियो कॉल करके कपड़े उतारने को कहता था और ऐसा ना करने पर उसकी माँ के साथ गलत करने की धमकी देता था। महिला ने बताया कि प्रज्वल उसे और उसकी माँ के फ़ोन पर वीडियो कॉल करता था। वह उसे और उसकी माँ को लगातार धमकाता था।

प्रज्वल रेवन्ना पर महिला ने आरोप लगाया कि उसकी माँ को लगातार उसके पति की नौकरी छीने जाने की धमकी दी जाती थी। उसके पति को बेरोजगार करने के अलावा महिला को रेप की धमकी भी दी जाती थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस विषय में शिकायत दर्ज करवाई तब उसके पिता को नौकरी को निकाल दिया गया।

महिला ने अपने और अपनी माँ के साथ यौन शोषण के अलावा अन्य कई महिलाओं के साथ ऐसा ही होने की बात कही है। महिला ने बताया, “हाँ, यह बात सच है कि एचडी रेवन्ना इनाम देने के बहाने नौकरानियों का यौन शोषण करता था, जबकि प्रज्वल मेरी माँ के साथ बलात्कार करता था। अब तक, केवल तीन लोगों ने सामने आकर इन घटनाओं के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है। तीन और नौकरानियों ने इन अत्याचारों के विषय में कुछ नहीं कहा, उनके साथ भी यौन शोषण किया गया।”

महिला ने कहा कि वह प्रज्वल रेवन्ना मामले में इंसाफ चाहती है। उसने कहा है कि उसका परिवार इस मामले में उसका साथ दे रहा है। गौरतलब है कि कर्नाटक के हासन से जेडीएस के सांसद और 2024 लोकसभा चुनावों के लिए प्रत्याशी प्रज्वल रेवन्ना के आपत्तिजनक वीडियो कथित तौर पर सामने आए हैं। इन वीडियो में उनके महिलाओं से दुराचार करने का आरोप है। उन पर महिलाओं को धमकाने और प्रताड़ित करने का भी आरोप है। उनके खिलाफ इस मामले में एक शिकायत भी दर्ज करवाई गई है।

प्रज्वल रेवन्ना मामले में कॉन्ग्रेस पर ढिलाई बरतने के आरोप भी लगे हैं। प्रज्वल के पूर्व ड्राइवर ने एक मीडिया संस्थान को बताया था कि उसने प्रज्वल की यह वीडियो कई महीने पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को दी थी लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की गई। प्रज्वल इस पूरे मामले के बाद विदेश चले गए थे, उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।

जगन रेड्डी के विधायक ने मतदाता को जड़ा थप्पड़, फिर समर्थकों ने भी मिल कर पीटा: वीडियो वायरल होने के बाद बोली TDP – ये आने वाली हार की हताशा

आंध्र प्रदेश के गुंटूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में YSRCP के विधायक ए शिवकुमार एक वोटर को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। विधायक मतदाता द्वारा लाइन तोड़े जाने से नाराज थे। घटना सोमवार (13 मई, 2024) की है। पुलिस ने MLA ए शिवकुमार के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर विधायक की इस हरकत का काफी विरोध हो रहा है। YSRCP की विरोधी TDP ने भी इस घटना में विधायक की आलोचना की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना गुंटूर में तेनाली क्षेत्र के एक मतदान केंद्र की है। वायरल वीडियो में YSRCP विधायक अपने समर्थकों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इसी बीच एक वोटर को देख कर MLA ए शिवकुमार भड़क गए। उन्होंने मतदाता पर लाइन में कूदने का आरोप लगाया और उसे थप्पड़ मार दिया। हालाँकि, मतदाता ने भी पलट कर विधायक को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद विधायक के तमाम समर्थक एकजुट हो गए। उन्होंने मिल कर वोटर को पीट डाला। इस घटना से मतदान केंद्र पर अफरातफरी और शोरगुल का माहौल हो गया।

मतदान केंद्र पर खड़े कुछ अन्य वोटरों ने मामले में बीच-बचाव करने की कोशिश की। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपित MLA के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है। तेलगू देशम पार्टी के नेता नारा लोकेश ने इस घटना के वीडियो को शेयर किया है। उन्होंने YSRCP पार्टी के विधायक की हरकत की आलोचना की है। उन्होंने वोटर के साहस की सराहना की है। वहीं NDTV से बात करते हुए TDP की प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनागी ने इसे YSRCP की हताशा बताते हुए दावा किया कि MLA ए शिवकुमार जानते हैं कि उनकी पार्टी हार रही है।

बताते चलें कि आंध्र प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हैं। यहाँ की सभी 175 विधानसभा और 25 लोकसभा सीटों पर 13 मई (सोमवार) को सुबह 7 बजे से वोट डाले जा रहे हैं। YSRCP फ़िलहाल यहाँ सत्ता में है। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी का मुकाबला भारतीय जनता और उसके साथ गठबंधन में मौजूद तेलुगु देशम पार्टी व पवन कल्याण से है। साल 2019 के विधानसभा में वाईएसआरसीपी ने 151 सीटें जीत कर सरकार बनाई थी। तब इसी पार्टी ने लोकसभा में 23 सीटों पर जीत हासिल की थी।

हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, सारण… बिहार में PM मोदी ने जलाया रैलियों का ‘चिराग’: कहा- पाकिस्तान को पहना देंगे चूड़ियाँ, जंगलराज पर RJD को घेरा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार (13 मई, 2024) को बिहार में तीन रैली की। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और सारण में लोकसभा चुनावों के लिए वोट की अपील की। पीएम मोदी ने इस दौरान लालू प्रसाद यादव, राजद और कॉन्ग्रेस पर जम कर हमला बोला।

पीएम मोदी ने बिहार की इन चुनावी रैली में हाजीपुर में NDA सहयोगी और LJP प्रमुख चिराग पासवान, मुजफ्फरपुर में राजभूषण चौधरी निषाद और सारण से उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी के लिए वोट माँगे। इन तीनों रैलियों से पहले वह पटना साहिब में मत्था टेकने के लिए भी गए थे।

पीएम मोदी ने बिहार में कहा कि INDI गठबंधन वाले इतना डरे हुए हैं कि इन्हें रात में भी पाकिस्तान का परमाणु बन दिखाई देता है। पीएम मोदी ने कहा कि यह लोग बोलते हैं कि पाकिस्तान ने चूड़ियाँ नहीं पहनी, अरे भाई, अगर नहीं पहनी है तो पहना देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर नक्सलवाद को पालने के आरोप लगाए।

उन्होंने यहाँ राजद और कॉन्ग्रेस पर भी जंगलराज को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय के नाम पर लालटेन वालों ने बिहार में कितनी अंधेरगर्दी फैलाई। इन लोगों ने बिहार के लोगों को गरीबी और अभाव में धकेल दिया, जंगलराज दिया, इन लोगों ने सबको बर्बाद किया और खुद अपने आलीशान महल खड़े कर दिए।”

पीएम मोदी ने कहा कि NDA को दिया आपका वोट केंद्र में मोदी की मजबूत सरकार बनाएगा जबकि RJD, कॉन्ग्रेस या इंडी अलायंस को दिया गया वोट बेकार हो जाएगा। पीएम मोदी ने दोनों पार्टियों ने तुष्टिकरण को अपना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि INDI गठबंधन के नेता राम मंदिर को लेकर भद्दी बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये राम मंदिर को गाली देकर, उसका बहिष्कार करके चिढ़ा रहे हैं। पीएम मोदी ने यहाँ मुस्लिम आरक्षण का भी मुद्दा उठाया।

उन्होंने इसको लेकर लालू यादव पर हमला बोला। पीएम मोदी ने कह़ा, ”बिहार में जंगलराज लाने वाले जो व्यक्ति हैं, जिनको चारा घोटाले में कोर्ट ने गुनहगार माना है और सजा दी है, उन्होंने एक बयान दिया कि मुसलमानों को आरक्षण दिया जाना चाहिए, वो भी पूरा का पूरा। यानी दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को मिलने वाला पूरा आरक्षण अब ये मुसलमानों को देना चाहते हैं। मैं आपको गारंटी देता हूं, जब तब मोदी जिंदा है, ये आपके ​अधिकारों पर डाका नहीं डाल सकते, ये आपके आरक्षण को छीन नहीं सकते।”

पीएम मोदी ने कहा, “RJD-कॉन्ग्रेस ने बिहार को सिर्फ पलायन दिया, सिर्फ तबाही दी, जबकि मोदी ‘विकसित बिहार, विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर निकला है। कॉन्ग्रेस सरकारों ने इतने दशकों तक गरीब का पेट नहीं भरने दिया। गरीब और गरीब होता जा रहा था, देश की अर्थव्यवस्था बदहाल होती जा रही थी और सरकार में बैठे लोग बिना शर्म कहते थे कि हमारे पास जादू की छड़ी है क्या। ये घोटाले करके अपनी तिजोरियाँ भर रहे थे, लेकिन गरीब का पेट भरने की चिंता उन्हें नहीं थी।”

‘हैदराबाद में 90% बूथों पर गड़बड़ी, मरे हुए लोगों के भी डले वोट’: माधवी लता ने बताया क्यों बुर्का वालियों की उन्हें खुद करनी पड़ी पहचान, बवाल के बाद FIR

लोकसभा90% चुनाव 2024 के चौथे चरण के लिए सोमवार (13 मई, 2024) को जिन 96 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें एक हाईप्रोफाइल सीट हैदराबाद भी है। तेलंगाना के हैदराबाद में मुख्य मुकाबला AIMIM के बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा की कोम्पेल्ला माधवी लता के बीच है। माधवी लता उस क्षेत्र में लंबे समय से समाजसेवा का कार्य करती आ रही हैं, वहीं ये सीट पिछले 40 वर्षों से ओवैसी परिवार के कब्जे में है। अब मतदान के दिन ही माधवी लता के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है।

असल में माधवी लता को कई मतदान केंद्रों पर बुर्कानशीं महिलाओं के चेहरे और उनके वोटर आईडी कार्ड में दर्ज तस्वीर का मिलान करते हुए देखा गया। माधवी लता पहले से ही आरोप लगाती रही हैं कि हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी लाखों फर्जी मतों के दम पर जीतते हैं और बुर्के में महिलाओं को फर्जी मतदान के लिए लाया जाता है। इस दौरान माधवी लता ने इन महिलाओं को बुर्का हटाने के लिए कहा। ‘ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन’ के कमिश्नर के आदेश पर ये FIR दर्ज की गई है।

कमिश्नर रोनाल्ड रोज को ही चुनाव आयोग ने हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र के लिए रिटर्निंग ऑफिसर भी बनाया है। मालकपट पुलिस थाने में माधवी लता के विरुद्ध IPC की धारा-171C (मताधिकार के प्रयोग की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना), 186 (सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी में बाधा डालना) और 505(1)(c) (किसी वर्ग को भड़काने के लिए बयान देना) के तहत FIR दर्ज हुई है। साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-132 भी लगाई गई है।

माधवी लता ने आरोप लगाया है कि कई मतदाताओं के नाम वोटर्स लिस्ट में से डिलीट भी कर दिए गए हैं। सफाई में माधवी लता ने कहा है कि वो एक उम्मीदवार हैं और उन्हें मतदाताओं की पहचान की पुष्टि करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वो खुद एक महिला हैं, ऐसे में वो दूसरी महिलाओं का सम्मान करती हैं। बकौल माधवी लता, उन्होंने सिर्फ बुर्कानशीं महिलाओं से निवेदन किया था कि वो अपनी पहचान बताएँ। भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि जिनकी गड़बड़ियाँ उजागर हो रही हैं वो हो-हल्ला कर रहे हैं।

उन्होंने कई मतदान केंद्रों पर बड़े स्तर पर बोगस वोटिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिनलोगों की मौत हो गई है उनके नाम पर भी वोट डाले गए हैं। आज़मपुरा और गोशमहल में गड़बड़ियों को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग में शिकायत देने की बात भी कही है। माधवी लता ने कहा कि 90% बूथों पर गड़बड़ियाँ हो रही हैं, महिला कॉन्स्टेबलों को बुर्कानशीं महिलाओं के चेहरे का उनके पहचान-पत्र से मिलान करने को नहीं कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को शिकायत करने पर वो कह रहे हैं कि ये उनकी जिम्मेदारी नहीं है।

तालाब में नहा रही थी ST महिला, सरफराज ने साथी के साथ मिलकर किया रेप का प्रयास: शोर मचाने पर मुँह में हाथ डाल खींच दी जीभ

झारखंड के जामताड़ा में एक जनजातीय समुदाय (Scheduled Tribes) की महिला के साथ रेप का प्रयास किया गया है। घटना के समय पीड़िता तालाब में नहा रही थी। रेप के प्रयास का आरोप मुस्लिम समुदाय के 2 युवकों पर लगा है। इनमें से एक की पहचान सरफराज अंसारी के तौर पर सामने आई है।

रिपोर्टों के अनुसार महिला ने जब जबर्दस्ती का विरोध करते हुए शोर मचाया तो आरोपितों ने उसकी जीभ खींच ली और उसे बेरहमी से पीटा। केस दर्ज कर पुलिस मामले की जाँच कर रही है। दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है। रविवार (12 मई 2024) की इस घटना से ST समुदाय में काफी नाराजगी है। भाजपा ने राज्य की झामुमो सरकार पर मनचलों को मनबढ़ करने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना जामताड़ा के करमाटांड थाना क्षेत्र की है। रविवार को पीड़िता दोपहर 12 से 1 बजे के बीच तालाब में नहा रही थी। तभी लावाडीह गाँव का सरफराज अंसारी अपने एक साथी के साथ वहाँ पहुँचा। उसने पीड़िता को अकेला पा कर रेप करने की कोशिश की। पीड़िता ने आरोपितों की इस हरकत का विरोध किया और शोर मचाने लगी। इससे नाराज हो कर सरफराज और उसके साथी ने महिला की बेरहमी से पिटाई की। महिला की जमीन पर पटक कर उसके मुँह में हाथ डाल जीभ खींच दी।

पीड़िता के लगातार विरोध के चलते आरोपित धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। पीड़िता सरफराज के पड़ोस के गाँव की है। महिला भागते हुए अपने गाँव पहुँची तो लोगों को सारी बात पता चली। जीभ खींचे जाने की वजह से पीड़िता ठीक से बोल नहीं पा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुँची। घटना के बाद दोनो आरोपित फरार हो गए थे लेकिन बाद में वे हिरासत में ले लिए गए।

इस घटना के बाद जनजातीय समुदाय में काफी आक्रोश है। भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को झारखंड की वर्तमान सरकार में लॉ एन्ड ऑर्डर की विफलता बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपने X हैंडल पर लिखा, “हेमंत सोरेन ने अपने शासन में सिर्फ सरफराज अंसारी जैसे मनचलों की हिम्मत बढ़ाई है। पिछले साढ़े 4 सालों में झारखंड में झामुमो-कॉन्ग्रेस शासन के दौरान महिलाओं विशेषकर आदिवासी युवतियों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में काफी वृद्धि आई है।”

मरांडी ने आगे लिखा कि आदिवासी युवतियों के साथ लव जिहाद, पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने, गाड़ियों से कुचलकर मारने की घटनाएँ हो रही है, लेकिन राज्य सरकार इन मामलों में चुप्पी साधे रहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन से पुलिस के विशेष बल का गठन कर आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने पीड़िता को शारीरिक और मानसिक दहशत में बताया है। बताया जाता है कि शुरुआत में इस मामले में FIR अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई थी। बाद में दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया गया है। मामले में जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

8 पैक एब्स से जिस हीरो की पहचान, पीटकर उसके नाक की हड्डी तोड़ी: खून से लथपथ Video किया शेयर, कहा- माँ के साथ मंदिर से लौट रहा था तो हुआ हमला

साउथ के अभिनेता चेतन चंद्रा की इंस्टा पर एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में चेतन खून से लथपथ नजर आ रहे हैं। वीडियो में वो कन्नड़ में अपने साथ घटित घटना के बारे में बताते हैं। उनकी इस वीडियो पर बनी खबरों में दावा है कि एक्टर पर नशे में धुत एक आदमी और करीबन 20 लोगों ने हमला किया।

मीडिया रिपोर्टस की मानें तो चेतन मदर्स डे पर मंदिर से लौट रहे थे तब उनके ऊपर हमला हुआ। चेतन बताते हैं कि उन्होंने घटना के फौरन बाद पुलिस से मदद माँगी और अपनी शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में कागलीपुरा थाने में मामला दर्ज हुआ है।

अभी तक की छानबीन में यही सामने आया है कि आरोपित नशे में था और एक्टर की कार को ओवरटेक करने में लगा था। विरोध होने पर उसने हमला किया। अब पुलिस आरोपित को पकड़कर उससे अपनी पूछताछ कर रही है।

चेतन कहते हैं, “देखो आज मेरे साथ क्या हुआ। उन्होंने मुझ पर हमला किया और मेरी नाक तोड़ दी। वह आदमी मुझे ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। जब मैं उसके पास गया और कार को नुकसान पहुँचाने के बारे में पूछने लगा। कुछ ही मिनटों में वहाँ एक महिला और करीब 20 लोग जमा हो गए और मेरे साथ मारपीट करने लगे। मैं फौरन इस संबंध में पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने आकर मेरा इलाज करवाया। हालाँकि इसके बाद वो रुके नहीं। वो गैंग दोबारा लौटा और मेरी कार को नुकसान पहुँचाया।”

बता दें कि इस घटना के संबंध में चेतन ने वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में वो अपनी टूटी नाक, उससे बहता खून दिखा रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा है- “बहुत बुरा अनुभव था, मुझे न्याय चाहिए।” उनकी यह वीडियो देखने के बाद उनके चाहने वाले उन्हें ऐसे लोगों से सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं और साथ ही उनके जल्द ठीक होने की काम कर रहे हैं।

चेतन के वर्क फ्रंट की बात करें तो लोग उन्हें उनके छोटे-बड़े रोल्स के लिए जानते हैं। इसके अलावा कुछ समय पहले वह अपने 8 पैक्स के कारण चर्चा में आए थे। उनकी मसल प्लैनेट की ट्रेनर किटी ने जानकारी दी कि थी कि वो 8 महीने से 12 घंटे वर्कआउट और स्ट्रिक्ट डाइट पर थे ताकि अपनी फिल्म में एब दिखा सकें।