Home Blog Page 951

पटना में रोडशो करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने PM मोदी: बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं ने भी लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे, राम मंदिर से लेकर मिथिला पेंटिंग तक की झलक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे चरण से पहले बिहार की राजधानी पटना में भव्य रोडशो किया, जिसमें आम जनमानस का एक बड़ा हुजूम उमड़ा। पीएम मोदी एयरपोर्ट से राजभवन पहुँचे, उसके बाद उन्होंने रोडशो किया। भट्टाचार्य मोड़ से शुरू होकर उमा सिनेमा, कदमकुआँ, साहित्य सम्मेलन, ठाकुरबाड़ी रोड और कारगिल चौक होते हुए उद्योग भवन और JP गोलंबर तक लगभग 2 किलोमीटर के इस रोडशो के साथ ही पीएम मोदी ने बिहार में समीकरण को भाजपा के पक्ष में साधा, जहाँ सातों चरणों में चुनाव हो रहे हैं।

रविवार (12 मई, 2024) को रोडशो खत्म होने के बाद राजभवन में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रात्रि-विश्राम की व्यवस्था की गई। अगले दिन उन्हें पटना सिटी गुरुद्वारा में भी दर्शन करना है। इसके बाद हाजीपुर, वैशाली और सारण में वो रैलियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ सांस्कृतिक झलकियाँ भी दिखीं। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ नज़र आए। उनके स्वागत में आईं मुस्लिम महिलाओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए।

रोडशो में बड़ी संख्या में महिलाएँ भी भगवा पगड़ी बाँधी हुई नज़र आईं, वहीं आरती करते हुए पुजारी भी दिखे। इस दौरान कहीं राम मंदिर की झलक दिखी तो कहीं मिथिला पेंटिंग की। पीएम मोदी की गाड़ी के ठीक आगे साफा बाँधी महिलाओं का काफिला था। बिहार में विपक्षी दलों ने जाति और आरक्षण के इर्दगिर्द इस चुनाव को घुमाने की कोशिश की गई, लेकिन पीएम मोदी ने मुस्लिम आरक्षण लेकर तमाम मुद्दों पर करारा प्रहार किया और आरक्षण पर भ्रम फैलाने वालों को जवाब दिया, लगातार अपनी जन-कल्याणकारी योजनाएँ गिनाईं।

नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने पटना में रोडशो किया हो। पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से जहाँ पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भाजपा के प्रत्याशी हैं, वहीं पाटलिपुत्र से रामकृपाल यादव उम्मीदवार हैं। इस दौरान लोग अपने-अपने घरों की छतों पर खड़े होकर पीएम मोदी की एक झलक पाने को बेताब दिखे। पीएम मोदी ने अपने चुनाव प्रचार का फोकस विपक्ष के देश-विरोधी रवैये पर प्रहार के साथ-साथ अपनी गरीब-कल्याण योजनाओं को रखा है।

जिस पेट्रोल पंप पर अमानतुल्लाह-अनस ने की गुंडागर्दी वो बलिदानी सैनिक की विधवा का: AAP विधायक ने मैनेजर से कहा था – तुम्हें और तुम्हारे सारे स्टाफ को पीटूँगा, कोई नहीं बचाएगा

उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने शनिवार (11 मई, 2024) को ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान के दिल्ली स्थित आवास पर दबिश दी। इस दबिश के दौरान दिल्ली पुलिस भी साथ मौजूद रही। अमानतुल्लाह और उसके बेटे पर नोएडा के फेज-1 थाने में FIR दर्ज है। इन दोनों पर एक पेट्रोल पम्प के स्टाफ को धमकाने और मारने-पीटने का आरोप है। दबिश के दौरान बाप-बेटे दोनों घर से गैरहाजिर मिले।

पुलिस मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। जहाँ अमानतुल्लाह और उनकी औलाद ने बवाल काटा है वो युद्ध में देश के लिए बलिदान हुए एक लांस नायक के परिजनों का पेट्रोल पम्प है।

नोएडा पुलिस की अमानतुल्लाह के घर पर दी गई दबिश का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में SHO फेज 1 इंस्पेक्टर ध्रुव भूषण दुबे और सब इंस्पेक्टर शरद यादव लगभग 25 जवानों और अधिकारियों अपनी टीम के साथ मौजूद दिख रहे हैं। टीम का नेतृत्व ACP अरविन्द कुमार कर रहे थे। दबिश देने वाली टीम को दिल्ली पुलिस का ही सहयोग मिला। अमानतुल्लाह के घर के आगे पुलिस टीम को आसपास के लोग चुपचाप देख रहे थे। SHO ने कई बार अमानतुल्लाह के गेट को खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।

उत्तर प्रदेश भाजपा यूथ विंग सोशल मीडिया हेड ने इस वीडियो को अपने ‘X’ हैंडल पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “नोएडा सेक्टर 95 में अमानतुल्लाह खान के बेटे द्वारा पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को लोहे की रॉड से पीटने के कुछ दिनों बाद यूपी पुलिस उनके घर पहुँच गई है। स्वयंभू ‘निडर’ और केवल ‘☝️’ से डरने वाले लोग बाबा की पुलिस के लिए अपने दरवाज़े नहीं खोल रहे हैं।” फ़िलहाल अभी अमानतुल्लाह और उनके बेटे सहित 2 अन्य अज्ञात आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं।

क्या है FIR में

यह FIR विनोद कुमार सिंह की तहरीर पर मंगलवार (7 मई, 2024) को दर्ज हुई है। विनोद कुमार सिंह ने तहरीर में बताया कि मंगलवार की सुबह 9:27 पर AAP विधायक अमानतुल्लाह का बेटा अनस खान अपनी ब्रीजा कार से उनके पेट्रोल पम्प पर तेल डलवाने आया। आते ही उसने पहले लाइन तोड़ी और सेल्समैन को गाली दे कर अपनी कार में तेल भरने को कहा। सेल्समैन ने बारी-बारी से तेल भरने की बात कही तो अनस खान भड़क गया। उसने खुद को विधायक का बेटा बताया और कार से लोहे की रॉड निकाल ली।

आरोप है कि अनस लोहे की रॉड से सेल्समैन को मारने लगा। इस दौरान वह गंदी-गंदी गालियाँ बक रहा था। गुस्से में उसने पेट्रोल पम्प पर रखी स्वैपिंग मशीन को भी तोड़ डाला। पेट्रोल पम्प के अन्य कर्मचारी अपने पिट रहे साथी को बचाने दौड़े। सीनियर स्टॉफ आने के बाद झगड़े को शांत करवाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के आने पर भी अनस खान की बदतमीजी में कोई कमी नहीं आई। उसने फिर से खुद को विधायक की संतान बताया और पेट्रोल पम्प के सभी स्टाफ को मारने की धमकी देने लगा। इसी दौरान उसने पेट्रोल पम्प को बंद भी करवा देने का चैलेन्ज दिया।

बताया जा रहा है कि जहाँ अपने बचाव में पेट्रोल पम्प स्टाफ ने पुलिस बुलवाई तो वहीं अनस खान ने अपने अब्बा अमानतुल्लाह खान को कॉल किया। अमानतुल्लाह खान 2 गाड़ियों से पेट्रोल पम्प पर पहुँचे। यहाँ अमानतुल्लाह ने अपने बेटे को समझाने के बजाय पेट्रोल पम्प स्टाफ और मैनेजर को ही हड़काना शुरू कर दिया। AAP के इस विधायक ने मैनेजर से कहा, “मैं अभी तुम्हे और तुम्हारे स्टाफ को मारने लगूँ तो हमारा कुछ नहीं कर पाओगे।” इसके बाद पेट्रोल पम्प को अपने इलाके में बताते हुए अमानतुल्लाह ने इसके मालिक को भी हड़काया।

पीड़ित ने शिकयत में अमानतुल्लाह और उसके बेटे पर कड़ी कार्रवाई की माँग के साथ भविष्य में अपने स्टाफ की सुरक्षा की गुहार लगाई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। इस घटना का CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अनस खान को अपने गुर्गों के साथ गुंडागर्दी करते देखा जा सकता है। पुलिस ने अमानतुल्लाह खान, उसके बेटे अनस व 2 अन्य अज्ञात पर IPC की धारा 323, 504, 506 और 427 के तहत FIR दर्ज कर ली है।

ऑपरेशन रक्षक- 2 के बलिदानी के परिजनों का है पेट्रोल पम्प

ऑपइंडिया की पड़ताल में सामने आया कि अमानतुल्लाह खान और उनके बेटे अनस ने जिस पेट्रोल पम्प पर अभद्रता की है वो भारतीय सेना के एक बलिदानी के परिजनों का है। इन बलिदानी का नाम लांस नायक रामेन्द्र प्रताप सिंह है। राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात रामेन्द्र प्रताप सिंह साल 1999 में वीरगति को कश्मीर के सुंदरवन में ड्यूटी दे रहे थे। इसी दौरान आतंकियों के वेश में पाकिस्तानी फ़ौज ने सेना के कैम्प पर हमला कर दिया था। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में रामेन्द्र प्रताप सिंह बड़ी बहादुरी से मोर्चे पर लड़े थे। आखिरकार आतंकियों की गोली से वो वीरगति को प्राप्त हुए थे।

वो विधायक के बेटे तो मैं भी बलिदानी की संतान

ऑपइंडिया ने पेट्रोल पम्प मालिक विनोद कुमार सिंह से बात की। विनोद कुमार ने हमें बताया कि पिता के बलिदान के लगभग 18 साल बाद वर्ष 2017 में उनकी माँ को आश्रित कोटे में पेट्रोल पम्प आवंटित हुआ था। अमानतुल्लाह के बेटे की हरकत पर विनोद ने कहा, “अगर उनको फख्र है कि वो विधायक के बेटे हैं तो मुझे भी स्वाभिमान है कि मैं एक बलिदानी सैनिक की संतान हूँ।” विनोद सिंह को नोएडा पुलिस से पूरी उम्मीद है कि वो आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी।

‘हमारी कोशिशें जारी, जल्द मिलेगा रिजल्ट’

ऑपइंडिया ने DCP नोएडा IPS विद्यासागर मिश्रा से बात की। विद्यासागर ने हमें बताया कि अभी तक पुलिस को अमानतुल्लाह या उनके बेटे की तरफ से कोई लिखित जवाब नहीं मिला है। DCP ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ पुलिस की कोशिशें लगातार जारी हैं जिसका परिणाम जल्द ही सामने होगा।

दिल्ली के स्कूलों के बाद अस्पतालों में बम रखे होने की अफवाह: बुरारी के बाद संजय गाँधी मेमोरियल अस्पताल में अफरातफरी, IGI एयरपोर्ट को भी धमकी

दिल्ली के दर्जनों अस्पतालों में बम की धमकी के बाद अब दिल्ली के 2 अस्पतालों में बम की धमकी मिली है। बम की धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई, जिसके बाद अफरातफरी मच गई। ये मामला रविवार (12 मई 2014) का है, जहा दिल्ली के बुरारी में स्थित सरकारी अस्पताल और मंगोलपुरी में स्थित संजय गाँधी मेमोरियल अस्पताल में बम की सूचना मिली। इसके अलावा इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बम रखने की सूचना मिली।

दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, बुराड़ी सरकारी अस्पताल और मंगोलपुरी के संजय गाँधी अस्पताल में बम की धमकी वाले ईमेल मिले। सूचना के बाद बम निरोधक दस्ता और अग्निशमन अधिकारियों की कई टीमें मौके पर पहुँच गई और अस्पताल में सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया। दिल्ली पुलिस के डीसीपी (उत्तर) मनोज मीणा ने बताया कि, अभी तक की जाँच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।

दिल्ली पुलिस ने मामले में अपना बयान जारी करते हुए कहा कि, “बुराड़ी अस्पताल में बम की धमकी के संबंध में एक ईमेल प्राप्त हुआ था। स्थानीय पुलिस, बम निरोधक टीमें (बीडीटी) अस्पताल में हैं। अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।” डीसीपी (बाहरी) जिमी चिरम ने कहा कि, पुलिस ने बम पता लगाने वाली टीम के साथ मंगोलपुरी के संजय गाँधी मेमोरियल अस्पताल में विस्तृत तलाशी ली और कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला है।

बताया जा रहा है कि अस्पतालों के अलावा IGI एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

बता दें कि कुछ दिन पहले दिल्ली और नोएडा के कई स्कूलों को ठीक इसी की तर्ज पर ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी। जिससे स्कूली बच्चों, टीचर्स और माता-पिता काफी घबरा गए थे। जानकारी मिलने पर एक-एक स्कूल की तलाशी ली गई थी और यहाँ तक कि जिन स्कूलों को मेल नहीं आया था, उनके स्टूडेंट्स को भी वापस घर भेज दिया गया था। हालाँकि तलाशी में कुछ भी नहीं मिला था।

अचानक सपा MLA के घर पहुँचे अमित शाह, बंद कमरों में रायबरेली फतह के लिए मंथन: जानिए कौन हैं मनोज पांडेय, जो राहुल-अखिलेश दोनों को दे रहे सिरदर्द

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (12 मई 2024) को समाजवादी पार्टी के बागी विधायक मनोज पांडे के रायबरेली स्थित आवास पर पहुँचे और वहाँ चाय पी। अमित शाह के साथ रायबरेली से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान पांडेय अमित शाह को बुके दिए और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। माना जाता है कि यह मुलाकात लोकसभा चुनावों को लेकर थी।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले मनोज पांडेय समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। हालाँकि, राज्यसभा चुनावों से पहले उन्होंने पार्टी के मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कयास लगने लगे थे कि वे भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करेंगे। आखिर में उन्होंने क्रॉस वोटिंग की भी थी। तब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि क्रॉस वोटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

राज्यसभा चुनावों में वोटिंग से पहले भाजपा विधायक दयाशंकर सिंह उनके घर पहुँचे थे और मनोज पांडेय से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान दयाशंकर सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी टेलीफोन पर बात कराई थी। मनोज पांडेय ऊँचाहार सीट से विधायक हैं। ऊँचाहार सीट को साल 2012 से पहले डलमऊ के नाम से जाना जाता था।

माना जाता है कि मनोज पांडेय ने समाजवादी पार्टी से बगावत इस उम्मीद से की थी कि भाजपा उन्हें रायबरेली से अपना लोकसभा उम्मीदवार बनाएगी। हालाँकि, उनकी उम्मीद हकीकत में नहीं बदली। उनके बदले दिनेश प्रताप सिंह को टिकट मिला। यूपी तक से बातचीत में पांडे ने कहा, “मैं सपा का विधायक हूँ, लेकिन पीएम मोदी, अमित शाह और सीएम योगी के साथ हूँ।”

उन्होंने कहा, “मैं रायबरेली की टिकट के लिए बीजेपी नहीं आया था। मैं देश मजबूत होता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आया हूँ। मेरी पार्टी में जब कुछ लोगों ने राम पर ही सवाल उठा दिए तो मैं कैसे बर्दाश्त कर सकता था? मेरा विरोध स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर शुरू हुआ था, जो सनातन और रामचरितमानस को गाली देते थे। नेतृत्व भी मेरी बात नहीं सुन रहा था। इसलिए भाजपा के साथ आ गया।”

मनोज पांडेय जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली जिले में हुआ है। पाण्डेय ने स्नातकोत्तर की डिग्री भी ली है। वे पहली बार साल 2012 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर जीतकर यूपी विधानसभा पहुँचे थे। अखिलेश यादव की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। इसके साल 2017 और 2022 में भी सपा के टिकट पर जीते थे। उन्हें अखिलेश यादव का वफादार माना जाता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज पांडेय की कुल संपत्ति 16.30 करोड़ रुपए है। इनमें से 3.3 करोड़ रुपए की चल और 13 करोड़ की अचल संपत्ति है। उन पर दो करोड़ रुपए की देनदारी भी है। जून 2020 में उनके सुरक्षाकर्मी एक एक रिक्शा चालक को हॉकी स्टिक से बुरी तरह पीटने का आरोप लगा था।

झारखंड के कॉन्ग्रेसी मंत्री आलमगीर आलम को ED का समन: PS के ठिकानों से मिल चुकी है 35 करोड़ से ज्यादा की नकदी, फ्लैट में भरे पड़े थे नोट

झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े टेंडर कमीशन घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत जाँच कर रही ईडी ने अब ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को समन किया है। ईडी ने आलमगीर आलम को 14 मई 2024 को ईडी के राँची स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता और चंपई सरकार के मंत्री आलमगीर आलम के पीएस से जुड़े ठिकानों पर ईडी की रेड में 38 करोड़ रुपए अधिक की नकदी बरामद हो चुकी है, तो सोने का भी बड़ा भंडार मिला है।

आलमगीर आलम को उसी केस में ईडी ने समन किया है, जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम, उनका भतीजा आलोक रंजन, वीरेंद्र राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल का सहयोगी हरीश यादव, उनके सहयोगी नीरज मित्तल, रामप्रकाश भाटिया व तारा चंद के अलावा 6 मई 2024 को मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और संजीव लाल के नौकर जहाँगीर आलम की गिरफ्तारी हो चुकी है। जहाँगीर आलम के कब्जे वाले फ्लैट से 32.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी मिली थी। ये फ्लैट राँची में हरमू रोड के सर सैय्यद अपार्टमेंट में स्थित है। इसके अलावा बहुत सारा पैसा संजीव लाल के करीबी ठेकेदारों के ठिकानों से बरामद हुए, पूरी राशि करीब 38 करोड़ रुपए है।

इस समय संजीव लाल और जहाँगीर आलम ईडी की रिमांड पर हैं, जिनकी रिमांड अवधि 13 मई को समाप्त होगी। ईडी इनकी रिमांड बढ़ाने के लिए पीएमएलए की विशेष अदालत से फिर आग्रह करेगी। बताया जा रहा है कि दोनों से रिमांड पर पूछताछ में मंत्री आलमगीर आलम की भूमिका संदेह के घेरे में आई है, जिसके आधार पर ही उनसे पूछताछ की जानी है। यह भी बताया जा रहा है कि रिमांड अवधि बढ़ाने के बाद ईडी मंत्री आलमगीर आलम को संजीव लाल और नौकर जहाँगीर आलम के सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।

कैसे जमा किया गया इतना पैसा?

झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में घूसखोरी और वसूली के इस खेल का लिंक जुड़ा है 13 नवंबर 2019 की एक गिरफ्तारी से, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के अंदर काम करने वाले जेई सुरेश प्रसाद वर्मी को 10 हजार की रिश्वत लेते दबोचा था। सुरेश वर्मा वीरेंद्र राम के ही मकान में जमशेदपुर में रहता था। उसके घर पर 2.44 करोड़ कैश मिला था, जिसके बारे में सुरेश ने ही बताया था कि ये पैसे वीरेंद्र राम के हैं, जो उसके रिश्तेदार आलोक रंजन ने रखे थे। इसके बाद इस मामले की जाँच ईडी ने संभाल ली।

ईडी की जाँच में पता चला कि ग्रामीण विकास विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग में तगड़ा खेल चल रहा है। हर ठेके पर 3.2 प्रतिशत का कमीशन सेट है। इसमें चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के पास 0.3 प्रतिशत पैसा ही आता था, बाकी पैसा नेताओं, अधिकारियों और इंजीनियरों के गैंग में बंट जाता था। यहीं से आमलगीर आलम, संजीव लाल समेत अन्य की भूमिका की जाँच शुरू हो गई। आलमगीर आलम के खिलाफ ईडी अप्रैल 2022 से एक अन्य मामले में जाँच कर रही है, वो अवैध खनन से जुड़ा मामला था। हालाँकि अब ईडी ने आलमगीर आलम को बुलाया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि उन्हें भी ईडी गिरफ्तार कर सकती है।

पहले पत्थरों से सिर कूचा, फिर गर्दन पर चलाया चाकू: 2 बच्चों के पिता अंकित मीणा की बेरहमी से हत्या, सलमान 2 नाबालिग साथियों संग गिरफ्तार

राजस्थान के गंगापुर सिटी में रविवार (12 मई, 2024) को अंकित उर्फ़ नीलू मीणा का शव एक खाली प्लॉट से मिला था। 27 वर्षीय मृतक के चेहरे और सिर को पत्थरों से कूच दिया गया था और गले को रेत दिया गया। अब पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित सलमान को उसके 2 नाबालिग साथियों सहित हिरासत में लिया है। हत्या की वजह सलमान और अंकित मीणा के बीच एक लड़की को ले कर चल रहा मनमुटाव बताई जा रही है।

कत्ल से पहले आरोपितों और मृतक ने एक साथ शराब पी थी। पुलिस मामले की जाँच और अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना गंगापुर सिटी की है। यहाँ के जिला अस्पताल के पास एक प्लॉट खाली पड़ा है जिसमें रविवार की सुबह एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस ने पहचान करवाई तो लाश बिनेगा गाँव निवासी अंकित मीणा की निकली। अंकित के सिर को बेरहमी से कुचल दिया गया था। उनके चेहरे पर भी वार किए गए थे। पास ही एक बाइक भी खड़ी मिली। पुलिस ने शव को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दिया।

जाँच के दौरान सामने आया कि अंकित और सलमान बहुत पहले से एक-दूसरे से परिचित थे। एक लड़की को ले कर इन दोनों में काफी पहले से मनमुटाव चल रहा था। घटना के दिन सलमान और अंकित ने एक साथ शराब पी। इस दौरान सलमान के 2 साथी भी मौजूद रहे। शराब पीने के बाद किसी बात पर अंकित और सलमान में कहासुनी शुरू हो गई। बाद में सलमान ने अंकित की पत्थरों से कूच कर हत्या कर दी। बाद में अंकित का गला चाकू से रेता गया। इस घटना को अंजाम देने में सलमान के दोनों साथी भी बताए जा रहे हैं। ये दोनों नाबालिग हैं।

अंकित को मार कर तीनों आरोपितों ने उसके शव को अस्पताल के पास खाली पड़े एक प्लॉट में फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपित सलमान और उसके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि सलमान 3-4 दिनों से अंकित के हत्या की साजिश रच रहा था। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के मुताबिक पत्थरों से कूचने के बाद आरोपितों ने अंकित पर चाकू से भी वार किया था। हत्या में प्रयोग हुआ चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि मृतक के परिजनों की माँग के आधार पर वो इस मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में चलवाने का प्रयास करेंगे। मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की भी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। पुलिस ने शहर में चौकसी बढ़ा दी है। बताते चलें कि अंकित ने हत्या से पहले शुक्रवार की रात लगभग 8 बजे अपने पिता रामबाबू मीणा से अंतिम बार बात की थी। वह 4 भाइयों में सबसे छोटा था। अंकित की शादी को 10 साल से अधिक हो गए हैं। उनके एक 7 वर्षीय बेटा और 3 साल की बेटी है।

‘संदेशखाली की बहनों को डराया जा रहा, हिन्दुओं को बना दिया दोयम दर्जे का नागरिक’: बंगाल में गरजे PM मोदी, मिल कर रोने लगीं महिलाएँ

लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के लिए रविवार (12 मई 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के बैरकपुर और हुगली पुहँचे। यहाँ पीएम मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वे प्रधानमंत्री से मिलकर भावुक हो गए। उन्होंने मोदी-मोदी और जय श्रीराम के नारे लगाए। प्रधानमंत्री से मुलाकात को उन्होंने अपने लिए सौभाग्य की बात कही।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कहा कि बंगाल में तृणमूूल कॉन्ग्रेस (TMC) सरकार वोटबैंक के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि यहाँ बंगाल में आज राम का नाम नहीं लेने दिया जाता। रामनवमी नहीं मनाने दी जाती। CAA का विरोध किया जाता है। हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संदेहखाली और उसके आरोपित शाहजहाँ शेख का जिक्र किया। संदेशखाली में यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “संदेशखाली के गुनहगारों को पहले TMC की पुलिस ने बचाया। अब TMC ने एक नया खेल शुरू किया है। TMC के गुंडे संदेशखाली की बहनों को डरा रहे हैं, धमका रहे हैं। सिर्फ इसलिए कि अत्याचारी का नाम शाहजहाँ शेख है।”

मोदी ने कहा, कभी बंगाल में एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक खोज हुआ करती थीं। आज TMC के राज में जगह-जगह बम बनाने की होम इंडस्ट्री चल रही है। एक समय था, जब बंगाल घुसपैठियों के खिलाफ क्रांति किया करता था, लेकिन आज TMC के संरक्षण में यहाँ घुसपैठी फल-फूल रहे हैं। बंगाल में अपनी आस्था का पालन करना भी गुनाह है। यहाँ रामनवमी नहीं मनाने दिया जाता।”

ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “बंगाल में TMC सरकार राम का नाम नहीं लेने देती। बंगाल में TMC सरकार रामनवमी नहीं मनाने देती। कांग्रेस और लेफ्ट के लोगों ने भी राम मंदिर के विरुद्ध मोर्चा खोल रखा है। TMC के MLA ने कहा कि हिंदुओं को भागीरथी में बहा देंगे। सोचिए, इतनी हिम्मत, इतना साहस। इन्होंने हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर रख दिया है।”

बताते चलें कि शाहजहाँ शेख TMC में था, तब संदेशखाली की महिलाओं का यौन उत्पीड़न करता था और उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा करता था। इसके विरोध में महिलाओं ने प्रदर्शन किए और देश भर में बवाल हुआ तो ममता बनर्जी की सरकार ने आरोपित शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार किया और पार्टी से निकाला। इसके बाद से वहाँ की महिलाओं को डराने-धराने का आरोप लगते रहे है।

अब खबर आई है कि TMC नेताओं पर रेप का आरोप लगाने वाली तीन महिलाओं में से दो ने केस वापस ले लिया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता ने कई महिलाओं से सादे कागज पर दस्तखत करवाए और बाद में सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं के खिलाफ रेप और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाने में इनका इस्तेमाल किया गया।

इसको लेकर भाजपा ने आरोप लगाया कि संदेशखाली की महिलाओं को डराया धमकाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि वीडियो और कथित स्टिंग ऑपरेशन फर्जी था और उन्हें शक है कि विडियो आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। बता दें कि यहाँ की महिलाएँ पहले ही डर जता चुकी है कि उन्हें डराया धमकाया जा रहा है।

अगले 10 वर्षों में ₹1152946 करोड़ के कारोबार के लिए तैयार है भारत का रक्षा क्षेत्र: विदेशी कंपनी ने रिसर्च में बताया – मोदी सरकार के प्रयासों से और मजबूत होगी सेना

दुनिया के हर सेक्टर में भारत तेजी से अपनी शीर्ष जगह बना रहा है। अगले 10 सालों में भारत डिफेंस सेक्टर में सबसे बड़े निवेश और उत्पादन के लिए तैयार है। एक विदेशी फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत डिफेंस इक्विपमेंट, एडवांस टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की बढ़ती माँग के बीच रक्षा क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-32 में 138 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर देने का प्लान बना रहा है।

विदेशी ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा की ‘डिफेंस इंडिया’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की सरकार स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी के विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीति सुधारों, प्रोत्साहनों और पहलों के माध्यम से रक्षा क्षेत्र को सक्रिय रूप से समर्थन दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030 में रक्षा कैपिटल आउटले का हिस्सा कुल रक्षा बजट का 37% तक बढ़ जाएगा, जो FY24 में 26 प्रतिशत के आसपास है। यह FY24-30 में 15.5 ट्रिलियन रुपए के कैपिटल के बराबर होगा, जो पिछली अवधि की तुलना में पर्याप्त वृद्धि का संकेत देता है।

एयरफोर्स के साथ नेवी भी होगी मजबूत

रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा एयरोस्पेस के क्षेत्र में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश शामिल है, जिसमें विमान, हेलीकॉप्टर, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी), एवियोनिक्स और संबंधित प्रणालियों में निवेश शामिल है। रक्षा जहाज निर्माण एक और महत्वपूर्ण अवसर वाला क्षेत्र है, जिसमें समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नौसैनिक जहाजों, पनडुब्बियों, गश्ती नौकाओं और सहायक जहाजों के लिए 38 बिलियन अमेरिकी डॉलर के पैकेज की जरूरत पड़ने वाली है। अपनी तोपखाने और मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने के भारत के प्रयासों के अनुरूप, मिसाइलों/तोपखाने/बंदूक प्रणालियों में निवेश 21 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।

नोमुरा कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया “भारत सरकार स्थानीय विनिर्माण और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देने के लिए पहल, अनुकूल नीति सुधारों और प्रोत्साहनों के माध्यम से रक्षा क्षेत्र को सक्रिय रूप से समर्थन प्रदान करती है।”

भारत के सबड़े बड़े उत्पादकों में से एक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों में मजबूत बढ़त प्राप्त की है, जिससे इसके शेयरों में 28 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी हुई है। इसी समय भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने ऑर्डर प्रवाह पर बेहतर दृश्यता, अनुकूल मार्जिन देने में विश्वास और रिटर्न अनुपात में विस्तार के कारण 32 प्रतिशत की वृद्धि के साथ आशाजनक क्षमता दिखाई देती है।

डिफेंस एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

बता दें कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ चुका है। 31 मार्च 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही देश का रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह 32.5 फीसदी बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष में भारत का रक्षा निर्यात लगभग 16 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, जो वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में लगभग 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। भारत का रक्षा निर्यात 2016-17 के बाद से 10 गुना से ज्यादा बढ़ा है। फिलहाल 85 से ज्यादा देशों को हथियार प्रणालियों का निर्यात कर रहा है भारत भारत फिलहाल 85 से ज्यादा देशों को हथियार प्रणालियों का निर्यात कर रहा है। अब पिछले साल के मुकाबले रक्षा निर्यात ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 32.5 फीसदी की छलाँग लगाई है। इस वर्ष रक्षा निर्यात 21,083 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

दिल्ली मेट्रो की दीवारों पर ‘खालिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे: जिस गुरपतवंत सिंह पन्नू की ‘हत्या की साजिश’ का रोना रो रहा था अमेरिका, उसी ने ली जिम्मेदारी

खालिस्तानी अलगाववादी अब भी अपनी चाल से बाज नहीं आ रहे हैं। अब उन्होंने दिल्ली मेट्रो को निशाना बनाया है। दिल्ली मेट्रो में खालिस्तान के समर्थन में नारा लिख दिया गया। दिल्ली के 2 मेट्रो स्टेशनों के नीचे दीवार पर ‘खालिस्तान ज़िंदाबाद’ नारा लिखा हुआ मिला है। अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है कि ये हरकत किसने की है, लेकिन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी जिम्मेदारी ली है। वो अमेरिका में छिपा हुआ है।

लोकसभा चुनाव 2024 के 3 चरण बीत चुके हैं और चौथे चरण के लिए चुनाव प्रचार का दौर उफान पर है, ऐसे में राजनीतिक रूप से इस संवेदनशील समय में इस तरह की हरकत किए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी हो गई हैं। पंजाब में 1 जून, 2024 को 13 सीटों पर चुनाव होना है, ये सातवाँ और अंतिम चरण होगा। इसके 3 दिन बाद ही चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएँगे। पंजाब में मुख्य मुकाबला राज्य की सत्ताधारी AAP (आम आदमी पार्टी), कॉन्ग्रेस, देश की दूसरी सबसे पुरानी पार्टी SAD (शिरोमणि अकाली दल) और भाजपा के बीच है।

दिल्ली पुलिस को जैसे ही खालिस्तानी नारे लिखे जाने की सूचना मिली, तुरंत टीम ने घटनास्थल के लिए कूच किया। वहाँ लिखे देश विरोधी नारों को फ़िलहाल मिटा दिया गया है। पुलिस इसकी जाँच कर रही है कि ये किन लोगों की करतूत है। इसके लिए CCTV फुटेज भी खँगाले जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। सोशल मीडिया के जरिए गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसकी जिम्मेदारी ली है, जिसकी हत्या की साजिश रचने का झूठा आरोप अमेरिका ने भारत पर लगाया था।

रूस ने भी कहा कि अमेरिका के पास अपने दावे का समर्थन करने के लिए सबूत मौजूद नहीं हैं। हालाँकि, राष्ट्रीय राजधानी में खालिस्तानी नारे लिखे जाने का यह कोई पहला मौका नहीं है। इसी साल मार्च के महीने में पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग़ मेट्रो स्टेशन के खम्भों पर खालिस्तानी नारे लिख दिए गए थे। उस समय भी दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज की थी। वहीं गणतंत्र दिवस के दौरान 26 जनवरी को भी उत्तम नगर में एक सरकारी स्कूल की दीवारों पर ऐसे नारे लिखे गए थे।

क्या तमिलनाडु में फासीवाद चल रहा है? यूट्यूबर सुवुक्कु शंकर के बाद अब पत्रकार फेलिक्स गिरफ्तार, CM स्टालिन पर उठे सवाल

रेड पिक्स यूट्यूब के संपादक फेलिक्स गेराल्ड को नई दिल्ली में तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसको लेकर नाम तमिलर काची (NTK) प्रमुख सीमन ने शनिवार (11 मई 2024) को पूछा कि क्या तमिलनाडु अभी भी एक लोकतांत्रिक राज्य है या यह फासीवादी राज्य बन गया है। सीमन ने कहा कि गेराल्ड के खिलाफ मामला और ‘सवुक्कू’ शंकर पर थोपे गए झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाने चाहिए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “जिस कार्यक्रम में शंकर ने आपत्तिजनक बयान दिए, उस कार्यक्रम के एंकर (फेलिक्स गेराल्ड) को गिरफ्तार करना कानून के खिलाफ है। गेस्ट द्वारा की गई टिप्पणी के लिए एंकर को गिरफ्तार करना अस्वीकार्य है। यह मीडिया की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ख़त्म करने जैसा है।”

सीमन ने कहा कि पुलिस के बारे में शंकर की टिप्पणी गलत और अस्वीकार्य थीं, लेकिन यूट्यूब या टेलीविजन चैनल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “क्या यह उन लोगों के लिए खुली धमकी नहीं है, जो द्रमुक सरकार के आलोचक हैं? क्या यह एक लोकतांत्रिक राज्य चला रहा है या फासीवादी?”

उन्होंने आगे कहा, “पूरे तमिलनाडु में नशीली दवाओं के प्रसार की अनुमति देने के बाद क्या यह और भी विश्वसनीय है जब पुलिस कहती है कि ‘सवुक्कु’ शंकर के वाहन में गांजा पाया गया था? जो व्यक्ति यह दावा करता रहा कि उसे किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है, क्या यह विश्वास करने योग्य है कि वह अपने वाहन में मादक पदार्थ ले जा रहा होगा?”

दरअसल, गेराल्ड को तमिलनाडु पुलिस ने उस वक्त दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया, जब वो प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को एक याचिका देने के लिए दिल्ली आए हुए थे। इसमें उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु पुलिस ने एक समन जारी किया है, जिसमें 10 जून को पुलिस के संबंध में पेश होने के लिए कहा गया था। इस बीच तमिलनाडु पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, फेलिक्स गेराल्ड ने अपने यूट्यूब चैनल पर कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें उन्होंने सुवुक्कु शंकर को भी आमंत्रित किया था। इसी प्रोग्राम में सुव्वुकु ने तमिलनाडु पुलिस पर कुछ टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने सुव्वुकु को 4 मई को ही। पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें कोयम्बटूर जेल में रखा गया था, जहाँ उनके साथ मारपीट करने की घटना सामने आई थी।

वकील गोपालकृष्ण ने बताया है कि कोयम्बटूर सेन्ट्रल जेल के कर्मचारियों ने उनके मुवक्किल सुव्वुकु की आँखों पर पट्टी बाँध दी, उसके बाद उन्हें पीटा गया। हथियार के रूप में प्लास्टिक की पाइपों पर कपड़ा लपेट कर उनका इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद उनके दाएँ हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। उनके इलाज की व्यवस्था भी नहीं कराई गई।

पुलिस पर बदले की भावना से काम करने के आरोप हैं। सुव्वुकु को थेनि से गिरफ्तार किया गया था। उन पर महिला कॉन्स्टेबलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला दर्ज किया गया है। वो विजिलेंस डिपार्टमेंट में कार्यरत रहे हैं। उन्हें 2 शीर्ष अधिकारियों की बातचीत लीक करने के आरोप में 2008 में जेल भेजा गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें 6 महीने की सज़ा सुनाई थी।