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मुस्लिम बहुल गाँव, दलित लड़कियों से छेड़खानी, मना करने पर जातिसूचक गालियाँ… नाबालिग के पिता ने बताया – पैसों के दम पर बच जाते हैं शादाब-शोएब

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में दलित समुदाय की एक लड़की से छेड़खानी का मामला सामने आया है। पीड़िता नाबालिग है जिसके पिता ने शादाब और शोएब के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में खुद को मुस्लिम बहुल इलाके का निवासी बताते हुए पीड़ित ने आरोपितों द्वारा गाँव की कई अन्य लड़कियों को भी प्रताड़ित किए जाने का दावा किया है। घटना रविवार (28 अप्रैल 2024) की है। पुलिस ने शुक्रवार (10 मई, 2024) को FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला गाजियाबाद के थाना क्षेत्र मसूरी का है। यहाँ रहने वाले एक दलित व्यक्ति ने शुक्रवार को थाने में तहरीर दी है। तहरीर में पीड़ित ने बताया कि वह मुस्लिम बहुल इलाके का निवासी है। उनके पड़ोस में शादाब और शोएब रहते हैं। आरोप है कि शादाब और शोएब आवारा किस्म के हैं जो गाँव की कई लड़कियों से आए दिन न सिर्फ बदतमीजी और छेड़खानी बल्कि उनका यौन उत्पीड़न भी करते हैं। बकौल शिकायतकर्ता, दोनों आरोपित पैसे के दम पर कानून के शिकंजे से बचते आ रहे हैं।

कुछ दिनों से इन दोनों आरोपितों ने शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी को भी छेड़ना शुरू कर दिया। जब पीड़िता कहीं आती-जाती तो उसके साथ अश्लीलता की जाने लगी। दोनों आरोपितों ने जबरन पीड़िता को अपना नंबर दे दिया और निकाह का दबाव भी बनाने लगे। इन्होंने लड़की की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पीड़ित के मुताबिक, शादाब और शोएब उनकी बेटी को को गलत नीयत से साजिशन बहला-फुसला रहे थे। दोनों लगातार पीड़िता को फोन भी कर रहे थे।

शिकायत में आगे बताया गया है कि 28 अप्रैल को पीड़िता रास्ते में कहीं जा रही थी। इसी दौरान शादाब और शोएब ने एक बार फिर से पीड़िता से अश्लील हरकतें कीं। इस बार परेशान हो कर लड़की ने अगले दिन 29 अप्रैल को अपने भाई को पूरी बात बता दीं। 30 अप्रैल को लड़की के भाई ने शादाब को कॉल कर के अपनी बहन से छेड़खानी न करने की नसीहत दी। इस नसीहत का आरोपितों पर कोई असर नहीं पड़ा। उलटे दोनों ने पीड़िता के भाई को फोन पर गंदी-गंदी गालियाँ दीं और जातिसूचक शब्द बोले।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, शादाब और शोएब ने फोन पर पीड़िता के पूरे परिवार को खत्म करने की भी धमकी दी। शिकायत में यह भी बताया गया है कि दोनों आरोपितों को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है। तब पुलिस ने दोनों आरोपितों सहित पीड़िता के फोन जमा करवा कर उन पर शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए पीड़िता के पिता ने शादाब और शोएब पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस ने शादाब और शोएब पर IPC की धारा 354, 354 (क), 504 और 506 के अलावा SC/ST एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। केस दर्ज होने के बाद दोनों आरोपित फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश जारी है। शनिवार को पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। जल्द ही पीड़िता को 164 के बयान के लिए कोर्ट में पेश किया जा सकता है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

वो चाहते हैं कि हम पलायन कर जाएँ

ऑपइंडिया ने इस मामले में शिकायतकर्ता से बात की। हमें बताया गया कि वो मुस्लिम बहुल गाँव में काफी प्रताड़ना झेल रहे हैं। पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपितों पर पहले से रेप केस दर्ज हैं। अपनी प्रताड़ना की मूल वजह पूछने पर पीड़िता के पिता ने कहा, “वो चाहते हैं कि हम लोग घर छोड़ कर चले जाएँ।” खुद को महादेव शिव का भक्त बताते हुए शिकायतकर्ता ने अपने बेटे की सुरक्षा को ले कर चिंता जताई है। हमें यह भी बताया गया कि केस दर्ज होने के बाद से मुस्लिम पक्ष के तमाम लोग उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।

भैंस चोर है शोएब

हालाँकि, पीड़ित का कहना है कि वो कतई केस वापस नहीं लेंगे। जब हमें पूछा कि शादाब और शोएब को क्या गाँव में मुस्लिम पक्ष के बड़े-बुजुर्ग समझाते नहीं तो हमें जवाब मिला, “अगर वो समझाते तो ये सब क्यों देखना पड़ता।” दलित उत्पीड़न की इस FIR में नामजद दूसरा आरोपित शोएब इलाके का नामी पशु तस्कर बताया जा रहा है। उस पर भैंस चुराने की पहले से FIR दर्ज होने का दावा किया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को अपने मामले में सक्रिय बताया और कहा कि उनको पूरी सुरक्षा मिलने का भरोसा दिया गया है।

‘पैसे भेजेंगे अम्बानी-अडानी तो हम नहीं बोलेंगे उनके खिलाफ’: कॉन्ग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने ही खोली राहुल गाँधी की पोल, बोले – नहीं मिलता है चंदा

कॉन्ग्रेस के बड़े नेता और बंगाल में कॉन्ग्रेस पार्टी के सबसे बड़े चेहरे अधीर रंजन चौधरी, जो लोकसभा में कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता साथ ही नेता प्रतिपक्ष भी हैं, उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि अगर अंबानी और अडानी कॉन्ग्रेस पार्टी को पैसे पहुँचाने लगे, तो कॉन्ग्रेस पार्टी उनपर हमला नहीं करेगी। उन्होंने साफ तौर पर ये बात कही कि अडानी और अंबानी पैसे नहीं देते, इसलिए वो निशाना बनते हैं। उन्हें निशाना ही इसलिए बनाया जाता है, ताकि पैसे निकाले जा सकें। यही नहीं, वो इंटरव्यू में अडानी से एक बैग भरकर बड़े नोटों में रुपए माँग रहे हैं, ताकी चुनाव प्रचार में उसका इस्तेमाल कर सकें। अधीर रंजन ने खुद को बीपीएल कैंडिडेट यानी गरीब कैंडिडेट बताया है।

द रेड माइक को दिए इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने अधीर रंजन चौधरी से पूछा कि ‘आप पार्लियामेंट में तो इन्हें बुरा-भला कहते हैं, अडानी-अंबानी को…. इस पर अधीर रंजन ने कहा.. ‘जरूर कहते हैं, जरूर कहते हैं। वो तो (पैसे) नहीं भेजे, इसलिए कहते हैं, भेजने से चुप हो जाते।’ इसके बाद पत्रकार खुद हैरान होकर हंसने लग जाते हैं और फिर से क्लियर करते हैं, “अगर पैसा भेज दे तो आप चुप हो जाओगे?” इसके जवाब में अधीर रंजन चौधरी हाँ में सिर हिलाते हैं। उनके इंटरव्यू का ये हिस्सा अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

वैसे, द रेड माइक के यूट्यूब चैनल पर ये पूरा इंटरव्यू देखा जा सकता है। इस हिस्से को 12.12 मिनट से देखें।

अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर लोकसभा सीट से 5 बार के सांसद हैं। वो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। वो अपनी सीट पर छठीं बार जीत दर्ज करने के लिए मैदान में हैं। अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को चैलेंज दिया है कि वो बहरामपुर से टीएमसी उम्मीदवार के साथ खड़ी होकर एक बार ये बात बोल दें कि चुनाव में पठान की हार उनकी हार है और पठान की जीत उनकी जीत है, तो वो मान लेंगे। चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी जाकर लोगों में फूट डाल रही हैं।

अधीर रंजन ने दावा किया है कि ममता बनर्जी हिंदू वोटरों को धमका रही है और मुस्लिम वोटरों को बहका रही हैं कि अधीर रंजन को वोट न दिया जाए। अधीर ने दावा किया कि ‘ममता बनर्जी मुस्लिमों से कह रही हैं कि इस दादा (अधीर-हिंदू) को वोट नहीं देना है, भाई (यूसुफ पठान) को देना है।’ वो हिंदुओं को भी डरा रही हैं। अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस चौंकाने वाला प्रदर्शन करेगी।

केरल के CM को नदवाथुल मुजाहिदीन ने दिखाई आँख, इस्लामी संगठन को दिव्यांगों को आरक्षण मिलने से भी दिक्कत

केरल की लेफ्ट डेमोक्रेटिक सरकार पर केरल का मुजाहिद्दीन ग्रुप भड़क गया है। इस्लामिक रिफॉर्मिस्ट मुजाहिद मूवमेंट का हिस्सा केरल नदवाथुल मुजाहिदीन (केएनएम) ने कहा कि एलडीएफ सरकार को अनुकंपा रोजगार योजना के खिलाफ मुस्लिम कोटा खड़ा करके सरकारी नौकरियों में मुस्लिम आरक्षण को कम करने की अपनी योजना छोड़ देनी चाहिए। केरल के कोझिकोड में हुई बैठक के बाद मुजाहिद ग्रुप के अध्यक्ष टीवी अब्दुल्ला कोया मदनी ने ये बयान जारी किया।

मनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक, केएनएम ने कहा कि सरकार ने पहले दिव्यांग व्यक्तियों को मुसलमानों की बारी सौंपकर मुस्लिम आरक्षण को खा (गायब कर) लिया था। संगठन ने कहा, “मुसलमानों को बड़ा नुकसान हो रहा है क्योंकि उनके हिस्से को बारी-बारी से अन्य कमजोर वर्गों को फायदा पहुँचाया जा रहा है, जो एक गंभीर मसला है। ये पूरा मामला सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण से जुड़ा है, जो केरल में 40 प्रतिशत है। केरल में मुस्लिमों को आरक्षण ओबीसी आरक्षण के अंदर ही दिया जाता है।

केरल में आरक्षण के लिए 40 प्रतिशत कोटे से 11 एझावा-थियास और बिलावास समुदाय के लिए है, तो 10 प्रतिशत मुस्लिमों के लिए। लैटिन कैथोलिकों और एंग्लो इंडियंस के लिए 4, हिंदू और ईसाई नादरों के लिए 3, ईसाई धर्म अपनाने वाली अनुसूचित जाति के लिए दो, विश्वकर्ना के लिए 2, धीवरस के लिए 2 और अन्य वर्गों को कुल मिलाकर 6 सीटें दी जाती है। वहीं, अंतिम ग्रेड सेवा के बाहर के पदों के लिए 40 में से 14 पद एझावा-थियास और बिलावास के लिए, 12 मुस्लिमों के लिए, 4 लैटिन कैथोलिक और एंग्लो इंडियंस, दो हिंदू-ईसाई नादर के लिए, एक एससी से ईसाई धर्म में परिवर्तित लोगों के लिए, 3 विश्वकर्मा, 1 धीवत और 3 अन्य ओबीसी के लिए हुई थी।

ये नियुक्तियाँ पूर्व-निर्धारित रोटेशन के आधार पर की जाती हैं। ऐसा कहने के बाद, केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) ने निर्दिष्ट किया है कि सेवा के दौरान मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के रिश्तेदारों की नियुक्ति या मारे गए, स्थायी रूप से विकलांग या लापता सैन्य कर्मियों के रिश्तेदारों की नियुक्ति के लिए रोटेशन नियम लागू नहीं होगा।

केरल नदवथुल मुजाहिदीन (केएनएम) ने कहा कि किसी भी बहाने से सामाजिक रूप से वंचित मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को छीनना अस्वीकार्य है। इसमें कहा गया है, “कोटा प्रणाली में नए, कम विशेषाधिकार प्राप्त समुदायों को शामिल करने के कारण मुस्लिम कोटा कम होने पर सरकार को आँख नहीं बंद करना चाहिए। राज्य सरकार को उन सांप्रदायिक ताकतों की मदद नहीं करनी चाहिए जो संविधान द्वारा दिए गए मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं।” बैठक में अध्यक्ष अब्दुल्ला कोया मदनी, उपाध्यक्ष पीपी उन्नीन कुट्टी मौलवी, नूर मुहम्मद नूरशा, हुसैन मदवूर, प्रोफेसर एनवी अब्दुल रहमान और एपी अब्दु समद सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

कॉन्ग्रेसी अजीत अंजुम: जनता ने ही उतार दिया पत्रकार वाला चोंगा, अमेठी गए थे कॉन्ग्रेस के लिए स्नेह और स्मृति ईरानी पर सवाल लेकर

एक बड़े चैनल के संपादक से यूट्यूबर बने अंजीत अंजुम कॉन्ग्रेस के प्रति अपने झुकाव और भाजपा से दुराग्रह के लिए जाने जाते हैं। उनकी ऐसी छवि बनने के पीछे उनकी पत्रकारिता में दिखने वाला उनका स्टैंड ही है। यह बात पढ़े-लिखे और चीजों को समझने वाले बहुत पहले से जानते हैं, लेकिन अब आम लोग भी इस बात को समझने के लिए हैं कि उनका झुकाव कॉन्ग्रेस की ओर है।

अजीत अंजुम के पहले से ही ऐसे कई वायरल हैं, जिनमें उन्हें नैरेटिव गढ़ने के लिए झेंपना पड़ा है। हालाँकि, इससे उन पर खास फर्क नहीं पड़ता। लोग कितना भी उन्हें लताड़ें, लेकिन वे भाजपा के प्रति पूर्वाग्रह और कॉन्ग्रेस के प्रति समर्पित हैं कि इससे उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ता। चेहरे पर पहले की भाँति बेशर्म और कुटिल मुस्कान उनकी हर वीडियो में दिखती रहती है। साथ में पत्रकार बने रहने का नाटक भी।

हाल ही उनका एक वीडियो सामने आया है। आया क्या है, उनके ही कथित रिपोर्टिंग की काटा हुआ क्लिप है। इस समय वे उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र में ग्राउंड पर कॉन्ग्रेस के पक्ष में एकतरफा रिपोर्टिंग कर रहे हैं। यहाँ से भाजपा की ओर से स्मृति ईरानी उम्मीदवार हैं, जबकि कॉन्ग्रेस ने गाँधी परिवार के वफादार केके शर्मा को मैदान में उतारा है। यहाँ से कभी राहुल गाँधी भी दो-दो हाथ करते थे।

वीडियो में मोपेड पर बैठे एक बुजुर्ग से बात करते हुए अजीत अंजुम दिखाई देते हैं। बुजुर्ग के साथ एक महिला भी मोपेड पर पीछे बैठी हुई है। जब अंजीत अंजुम के साथ शख्स की बातचीत होती है तो वह भी बीच-बीच में कुछ-कुछ बोलती है। इस शख्स से अजीत अंजुम पूछते हैं, ‘इस बार कौन लड़ रहा है कॉन्ग्रेस से?” इस पर वह शख्स कहता है, “यहाँ तो ये पता नहीं कि कौन लड़ रहा है।”

इसके बाद यूट्यूबर अंजुम कहते हैं, “यहाँ से किशोरी लाल शर्मा हैं। राहुल गाँधी नहीं हैं। पता है कि नहीं?” इस पर वह व्यक्ति कहता है, “मुझे इतना अनुभव नहीं है। मुझे इतना पता है कि आप कॉन्ग्रेस से हो। ठीक है भाई।” इसके बाद अजीत अंजुम असहज हो जाते हैं। वे संकुचित भाव से कहते हैं, अरे भाई मैं तो पत्रकार हूँ। मैं किसी पार्टी से नहीं हूँ। मैं तो पूछने के लिए…।”

अजीत अंजुम का मानना है कि उम्मीदवार का नाम अनाउंस होने के बाद कार्यकर्ताओं को जो शॉक लगा था, उससे वे उबर गए हैं। उनका मानना है कि अब कॉन्ग्रेस के लिए प्रियंका गाँधी प्रचार कर रही हैं। ऐसे में भाजपा को किशोरी लाल शर्मा कड़ी मेहनत करते नजर आते हैं। इस बीच वे एक व्यक्ति को पकड़ते हैं, जो अपना घर बनवा रहा होता है। उससे बातचीत करते हैं तो वह भाजपा को वोट देने की बात करता है।

इस पर अंजुम पूछते हैं क्यों? तो वह कहता है कि जो राष्ट्रहित में बात करेगा, विकास की बात करेगा वही आगे जाएगा। तब तक अजीत अंजुम हमेशा की तरह थोड़ा असहज नजर आते हैं। वो उस शख्स से कहते हैं- ‘जैसे-जैसे… समझाओ।’ इसके बाद वह शख्स राम मंदिर बनने, धारा 370 हटने, आतंकवाद खत्म होने, गुंडागर्दी खत्म होने की बात करता है। अजीत अंजुम कहते हैं कि स्मृति ईरानी ने यहाँ क्या काम किया है।

इस पर वह शख्स किए गए कामों को गिनवाता है। अजीत अंजुम कॉन्ग्रेस के नैरेटिव को आगे करते हुए फिर पूछते हैं कि ‘इसके पहले राजीव गाँधी और राहुल गाँधी के समय में भी काम तो हुआ था ना?’ इस पर वह शख्स कहता है कि हाँ उन लोगों ने भी काम कराए थे। अजीत अंजुम महंगाई, बेरोजगारी आदि की बात करते हैं। हालाँकि, व्यक्ति तर्क देता है कि महंगाई के साथ-साथ मजदूरी और वेतन भी बढ़ा है।

मकान बनवाने वाला शख्स बगल में बने पानी टंकी की ओर इशारा करके कहता है कि इसे स्मृति ईरानी ने बनवाया है। उसने कई सारे नाम गिनवाए। इसी बीच अंजीत अंजुम वहाँ के एक मजदूर से बात करते हैं। वह कहता है कि पानी टंकी से पानी नहीं आता है। इसके बाद यूट्यूबर महोदय की शरीर में जहाँ कहीं भी बाँछें होंगी, वह खिल जाती है। वे जिराफ की तरह सिर उठाकर उस शख्स को देखने लगते हैं, जिसने पानी टंकी को स्मृति ईरानी का कार्यों में गिनवाया था।

उस शख्स को बुलाकर अजीत अंजुम पूछते हैं इसमें पानी तो आता नहीं है, लेकिन आप इसकी बड़ाई कर रहे थे। इस पर वह व्यक्ति तर्क देता है, लेकिन अजीत अंजुम उस पानी को पकड़ कर बैठे हुए तो जो दूर-दूर तक वहाँ मौजूद नहीं था। यानी उस योजना की अभी शुरुआत नहीं हुई थी। इसके बाद वे चेहरे पर मुस्कान लिए विजयी भाव से आगे की ओर बढ़ जाते हैं, स्मृति ईरानी की खामियाँ खोजने और कॉन्ग्रेस द्वारा कराए गए कार्यों की गिनती गिनाने।

‘मैं जिसे कहूँगा उसे वोट देना पड़ेगा’: घर में घुस कर BJP समर्थक के पिता राधेश्याम पाठक को मार डाला, 4 सपा समर्थकों पर आरोप, यूपी पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में चुनावी बहस के दौरान राधेश्याम पाठक नाम के बुजुर्ग की हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप शम्भू चौधरी और उसके 3 साथियों पर लगा है। मृतक को बचाने दौड़े उसके परिजनों को भी बेरहमी से पीटा गया है। पुलिस ने कुल 4 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शुक्रवार (10 मई, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कुशीनगर के थाना क्षेत्र नेबुआ नौरंगिया की है। यहाँ के गाँव बघपरना में शुक्रवार को एक मंदिर के पास कुछ लोग पेड़ की छाया में बैठ कर चुनावी चर्चा कर रहे थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस दौरान शम्भू चौधरी और उसके साथ मौजूद लोगों ने समाजवादी पार्टी को वोट देने की बात की। मौके पर अमित पाठक नाम का युवक भी था। उसने भारतीय जनता पार्टी को वोट देने की वकालत की।

इसी बात पर दोनों पक्षों में गर्मागर्म बहस हो गई। आरोप है कि भाजपा को वोट देने की बात पर शम्भू भड़क उठा। उसने कहा, “मैं जिसे कहूँगा उसे वोट देना पड़ेगा।”

कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर के मामले को शांत किया और दोनों पक्षों को अपने-अपने घर भेजा। आरोप है कि इसी रात शम्भू चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ अमित पाठक के घर पहुँच गया। यहाँ पहुँच कर आरोपित ने पहले पीड़ितों को गालियाँ दीं और बाद में पूरे परिवार को बेरहमी से पीटने लगा। इस पिटाई की चपेट में अमित के अलावा उनके 55 वर्षीय पिता राधेश्याम पाठक और 21 साल की बहन रीतू भी आ गईं। शोरगुल सुन कर लोग जमा हुए।

पीड़ितों ने डायल 112 पर कॉल किया, जिसके बाद पुलिस के जवान आते दिखे तो हमलावर धमकी देते हुए भाग निकले। आरोपितो के नाम शम्भू, सीपू, टिंकल चौधरी बताए जा रहे हैं। सभी हमलावर शंभू के पारिवारिक सदस्य बताए जा रहे हैं।

रीतू और अमित के साथ उनके पिता राधेश्याम को अस्पताल ले जाया गया। भाई-बहन को मेडिकल कॉलेज रवींद्र नगर में भर्ती करवाया गया लेकिन राधेश्याम की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान राधेश्याम की मौत हो गई। उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतकों के परिजनों ने कुछ स्थानीय निवासियों के साथ मिल कर थाने के आगे शव रख कर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान शम्भू चौधरी और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई गई है।

पुलिस ने लोगों को समझा कर शांत किया। पुलिस ने मामले को आपसी कहासुनी का बताते हुए घटना की FIR दर्ज कर ली है। कई संगठनों ने राधेश्याम पाठक की हत्या पर नाराजगी जताई है। घटना के बाद आरोपित फरार हो गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है। तनाव को देखते हुए गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘मौत के समय उत्तेजित था ईसा मसीह का लिंग’: चर्च में सबके सामने पादरी ने कहा, ईसाई भीड़ ने अश्लील उपदेश पर किया हंगामा, सजा की माँग

इंग्लैंड में एक पादरी ने ईसा मसीह की मौत को लेकर बड़ा अजीब सा दावा किया है। थॉमस मैकहेल नाम के पादरी ने कहा है कि यीशु की मौत के समय उनका लिंग (प्राइवेट पार्ट) उत्तेजित अवस्था में था। इस दावे को अश्लील बताते हुए उस समय चर्च में मौजूद लोगों ने पादरी पर कार्रवाई की माँग की है। यह घटना रविवार (5 मई 2024) की है। हालाँकि अभी तक पादरी उसी चर्च में अपने पद पर कायम है, जिससे लोगों में और असंतोष फैल रहा।

यह मामला ब्रिटेन के डरहम का है। यहाँ ब्लैकहिल, कॉन्सेट, काउंटी क्षेत्र में आवर ब्लेस्ड लेडी इमैक्युलेट नाम का एक चर्च है। यह चर्च कैथोलिक विचारधारा के ईसाइयों का है। इस चर्च के पादरी 53 वर्षीय थॉमस मैकहेल हैं। यहाँ रविवार (5 मई) को पादरी ने कथित तौर पर अश्लील उपदेश दिया है।

इस उपदेश के दौरान चर्च में लगभग 100 लोग मौजूद थे। इनके बीच पादरी थॉमस ने अपने उपदेश में ईसा मसीह की मृत्यु के वक्त का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जब यीशु की मौत हुई तो उनका लिंग उत्तेजित अवस्था में था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पादरी ने आगे कहा कि जब ईसा मसीह को क्रूस पर टाँगा गया था तो उनकी बॉडी का पूरा खून शरीर के निचले हिस्से में चला गया था। लिंग में उत्तेजना की थॉमस ने यही वजह बताई।

इस उपदेश के दौरान चर्च में कई लोग अपने परिवार के साथ बैठे थे। उन्होंने इसे अश्लील बयान माना है। बाद में इस बयान पर हंगामा खड़ा हो गया। पादरी थॉमस को उनके पद से हटाने और सजा देने की माँग उठने लगी। हालाँकि तमाम विरोधों के बावजूद पादरी अभी तभी अपने पद पर बना हुआ है। पादरी पर कार्रवाई न होने से कई लोगों में नाराजगी बताई जा रही है।

पाकिस्तान से नहीं संभल रहा कब्जा किया कश्मीर, हो रहा हिंसक विरोध प्रदर्शन, लग रहे आजादी के नारे: अमित शाह बोले- वापस लेंगे पाक अधिकृत कश्मीर

कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान की हालत चिंताजनक हो गई है। वहाँ दैनिक उपयोग की चीजों की कीमत आसमान छू रही थी, जिसके कारण वहाँ गृहयुद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में महंगाई को लेकर हो रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। उसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों की मॉब लिंचिंग हो गई। प्रदर्शन के दौरान आजादी के नारे भी जमकर लगे।

दरअसल, खस्ताहाल पाकिस्तान में महंगाई के कारण रोजमर्रा की चीजें नहीं मिल रही हैं। बिजली बिल आसमान छू रहे हैं। सरकार द्वारा अधिक कर लगाया जा रहा है। इसको लेकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोगों ने आवामी ऐक्शन कमिटी नाम के संगठन के नेतृत्व में शुक्रवार (11 मई 2023) को मुजफ्फराबाद में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। यह प्रदर्शन 10 मई से ही जारी थी।

इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में इलाके के लोगों ने दुकानें बंद कर दी और सड़कों को जाम कर दिया। इसको पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दमन करना शुरू कर दिया। पुलिस ने मस्जिदों और लोगों के आसपास आँसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने स्थानीय नेताओं के घरों पर छापेमारी करके उन्हें गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग भड़क उठे।

देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया। इस दौरान पुलिस ने हवा में गोलियाँ भी चलाईं। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। कुछ पुलिसकर्मियों को भीड़ ने लिंचिंग कर दी। इसके कई वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है को लोग लाठी डंडों से पुलिस वालों को पीट रहे हैं और जमीन पर पुलिसकर्मी खुद को बचाने का प्रयास कर रहा है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीओके कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी कर रही है और झड़पों में कम से कम दो लोग मारे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा में एक पुलिस SHO की मौत हो गई, जिसे कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने पीट-पीटकर मार डाला।

मिर्जा ने भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की माँग करते हुए कहा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और केंद्र इससे अलग नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, “स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। यह वास्तव में पहले से ही हाथ से बाहर है। भारत को अब अपना सारा ध्यान पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित करना चाहिए और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित इस कब्जे वाले क्षेत्र की स्वतंत्रता में मदद करनी चाहिए।”

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार (11 मई 2024) को कहा कि अगर भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की फिर से सरकार बनती है तो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेगा। उन्होंने कहा POK भारत का है और भारत उसे हर कीमत पर वापस लेगा।

मौलाना ने तड़ी वाली मस्जिद के भीतर 20 साल की लड़की से किया रेप, इस्लाम में ‘हराम’ फोटो-वीडियो भी बनाई… फिर 2 साल तक लगातार करता रहा दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की एक मस्जिद में लड़की से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। बलात्कार का आरोप मस्जिद के ही मौलाना पर लगा है। आरोपित का नाम जव्वाद है। पीड़िता जव्वाद से दीनी (मजहबी) तालीम लेने जाती थी। आरोप है कि जव्वाद छात्रा को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ 2 साल से लगातार दुष्कर्म कर रहा था।

शिकायत में पीड़ित लड़की का अश्लील वीडियो बनाने, धमकाने और ब्लैकमेल किए जाने का भी जिक्र है। पुलिस ने 11 मई 2024 को FIR दर्ज करके मौलाना जव्वाद को हिरासत में ले लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

यह मामला गाजियाबाद कमिश्नरेट के ग्रामीण क्षेत्र से है। यहाँ थाना मसूरी में 11 मई को पीड़िता के पिता ने तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि उनकी 20 वर्षीया बेटी मसूरी थानाक्षेत्र की तड़ी वाली मस्जिद में लगभग 2 साल से दीनी तालीम हासिल कर रही थी। इसी मस्जिद में मोहम्मद जावेद का बेटा जव्वाद इमामत करता था। जव्वाद को वहाँ लोग मौलाना जी कह कर बुलाते हैं। मौलाना जव्वाद पीड़िता का टीचर था। कुछ समय बाद मौलाना की नीयत अपनी ही छात्रा पर खराब हो गई।

आरोप है कि लगभग 2 साल पहले मौलाना जव्वाद ने पीड़िता को पीने के लिए कोल्डड्रिंक दिया था। इस कोल्डड्रिंक में नशीली दवा डाल दी गई थी। नशे के प्रभाव में आकर पीड़िता बेसुध हो गई। तब जव्वाद ने मस्जिद के अंदर पीड़िता से दुष्कर्म किया।

दुष्कर्म के दौरान उसने लड़की की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना डाली। इसी फोटो-वीडियो को दिखा कर उसने लड़की के साथ कई बार बलात्कार किया और मुँह बंद रखने की धमकी देता रहा। 11 मई 2024 को पीड़िता ने अपने अब्बा से सारी बात बता दी।

मामले की जानकारी होते ही पीड़िता के अब्बा ने पुलिस में शिकायत दी। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस शिकायत पर IPC की धारा 376, 328 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली है।

आरोपित मौलाना जव्वाद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गाजियाबाद में मसूरी के ACP ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि आरोपित मौलाना से पूछताछ की जा रही है। मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।

भारत का एटम बम फ्रिज में रखने के लिए नहीं है: मणिशंकर के पाकिस्तान वाले बयान पर बोले CM योगी, कहा- कॉन्ग्रेस बँटवारे की राजनीति करती है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक टीवी शो के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कॉन्ग्रेस से लेकर राम मंदिर आदि तमाम मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणी है। पाकिस्तान, देश की सुरक्षा, आतंकवाद, राहुल गाँधी आदि अनेकों मुद्दों पर अपनी बात रखी।

दरअसल, रजत शर्मा के शो ‘आपकी अदालत’ में यूपी के सीएम योगी शामिल हुए। इस दौरान रजत शर्मा ने उनसे कहा कि राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अमिताभ बच्चन को देखा, ऐश्वर्या राय को देखा, लेकिन किसी गरीब-मजदूर को नहीं देखा।

इस सीएम योगी ने कहा, “श्रमिक कौन थे? जो मंदिर का निर्माण किए उनका महिमामंडन प्रधानमंत्री अपनी हाथों से कर रहे हैं। प्रयागराज में सफाई कर्मियों के पैर धोए। ये पहली बार हुआ।” सीएम योगी ने कहा कि राहुल गाँधी के परदादा, दादी और पिताजी प्रधानमंत्री रहे हैं और उनकी माँ सुपर पीएम रही हैं। इन लोगों ने गरीबों के लिए कुछ किया हो तो वो बताएँ।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “देश के उन्हें देखा गुजरात चुनावों के दौरान। उन्हें ये तक नहीं मालूम कि मंदिर में जाकर बैठना कैसे है। ऐसे लगता था कि कोई नमाज पढ़ने के लिए गया हो। पुजारी ने समझाया था कि ये मंदिर है, मस्जिद नहीं है। पालथी मारकर बैठिए और पूजा कीजिए। यहाँ नमाज पढ़ने की कोई मुद्रा नहीं बनानी है। अब ऐसे लोग राम मंदिर के बारे में बात करेंगे, जिनका खानदानी इतिहास रहा है राम मंदिर विरोध का।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गाँधी के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति को इसलिए नहीं बुलाया गया था, क्योंकि वो आदिवासी हैं। इस सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल के कारण ही एक जनजातीय की महिला देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी हैं।

रजत शर्मा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने प्रत्याशी से कहा था कि ‘तुम शिव हो। तुम्हें राम से लड़ना है’। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत की सनातन परंपरा में राम और शिव एक-दूसरे के पूरक हैं। लंका में सेतुबाँध का निर्माण करने से पहले भगवान राम ने भगवान शिव की ही उपासना की थी। इस ज्योतिर्लिंग को राम ने रामेश्वर यानी राम का ईश्वर बताया। वहीं, शिव ने कहा- जिसका ईश्वर राम हैं, वहीं रामेश्वर है।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा बाँटने की राजनीति करती है। उसने धर्म के आधार पर पहले देश को बाँटा, फिर भाषा और क्षेत्र के आधार पर देश को बाँटने की कोशिश किया। इन्होंने 1947 में देश का बँटवारा किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आज भी पाकिस्तान का राग अलापती रहती है।

पाकिस्तान के एटम बम को लेकर मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए बयानों पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “हमारे एटम बम फ्रीज में रखने के लिए हैं क्या? ये कॉन्ग्रेस के मणि हो सकते हैंं, भारत का मणि नहीं हो सकता। ये नया भारत है। नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन जो छेड़ता है उसे छोड़ता भी नहीं है। घर के अंदर घुस करके जवाब देगा। दिया भी है। आज तो ये हालत है कि पटाखा भी जोर से फटता है तो पाकिस्तान कहता है कि नहीं, इसमें मेरा हाथ नहीं है। ये है नया भारत।”

‘शहजादे की उम्र से भी कम सीटें मिलेंगी कॉन्ग्रेस को, पहले ही हार मान चुका है INDI गठबंधन’: झारखंड के चतरा में गरजे PM मोदी

झारखंड के चतरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के बीच ‘INDI’ अलायंस ने अपनी हार मान ली हैं। पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा- ‘शहजादे को उनकी उम्र से भी कम सीटें मिलेंगी।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘तीन चरणों के चुनाव के बाद ही कॉन्ग्रेस और उसके साथियों ने एक तरह से अपनी हार स्वीकार कर ली है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (11 मई 2024) को चतरा लोकसभा क्षेत्र के सिमरिया में बीजेपी प्रत्याशी कालीचरण सिंह के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर हजारीबाग के बीजेपी प्रत्याशी मनीष जायसवाल और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी मौजूद थे।’ प्रधानमंत्री ने कहा- ‘इंडी गठबंधन के एक बहुत बड़े नेता ने जो बयान दिया है वो बहुत ही सोचा समझा बयान है और बहुत ही निराशा में से पैदा हुआ बयान है। उन्होंने कहा है कि चुनाव के बाद जो छोटे-छोटे राजनीतिक दल हैं उन सभी को कॉन्ग्रेस में विलय कर देना चाहिए।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘पिछले तीन चरण के मतदान के रूझानों के बाद मुझे पता चला है कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा है। क्योंकि उन्हें पता हो गया है कि कॉन्ग्रेस और उनके साथी… सब मिल करके मान्य विपक्ष को जितनी सीटें चाहिए, उतनी भी सीटें नहीं आएँगी। अगर विलय कर देंगे तो हमारे (इंडी अलायंस) पूरे समूह को मान्य विपक्ष के रूप में मान्यता मिल जाए। आज देश में मैं जहां-जहां जाता हूं तो एक ही स्वर में, एक ही विश्वास के साथ… देश के कोने-कोने से एक ही आवाज आ रही है- फिर एक बार मोदी सरकार।’

पीएम मोदी ने कहा- ‘2024 का चुनाव… सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है। ये चुनाव देश बनाने का चुनाव है, ये चुनाव चोर-लुटेरों से देश को बचाने का चुनाव है, ये चुनाव आपके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का चुनाव है। आपने देखा कि कैसे जेएमएम और कॉन्ग्रेस के ठिकानों से नोटों के पहाड़ मिल रहे हैं। यहां तक कि नोटों को गिनने के लिए बैंकों से मशीनें लानी पड़ी।’

झारखंड में सिर्फ अफीम उद्योग

प्रधानमंत्री ने कहा- ‘इंडी गठबंधन को आपकी रोजी-रोटी की कोई चिंता नहीं है। उनको सिर्फ अपना स्वार्थ देखना है। जेएमएम और कॉन्ग्रेस ने झारखंड में सिर्फ एक ही उद्योग लगाया है- अफीम उद्योग। ये काला कारोबार सरकार के संरक्षण में चल रहा है, ये आपके बच्चों को नशे की दलदल में धकेलना चाहते हैं। मोदी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रहा है। लेकिन झारखंड में इन लोगों ने राशन बाँटने की व्यवस्था तबाह करके रख दी है। ये चाहते हैं कि मोदी का भेजा हुआ राशन आपको मिले ही नहीं। जब गरीब मोदी को आशीर्वाद देता है तो इन लोगों को गरीबों से चिढ़ हो जाती है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘कॉन्ग्रेस… आदिवासी, दलित और ओबीसी का आरक्षण छीनना चाहती है। कॉन्ग्रेस आपके आरक्षण पर डाका डालकर मुसलमानों को देना चाहती है। ये धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आपके एक वोट की ताकत है कि आज एक आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू भारत के राष्ट्रपति बनी हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस इसको पचा नहीं पा रही है। आदिवासी समाज आगे बढ़े… इंडी अलायंस को पसंद नहीं है। ये जनजातीय समाज के लोगों को आगे बढ़ने देना नहीं चाहते हैं। यही नहीं, जब द्रौपदी मुर्मू जी राम मंदिर में दर्शन-पूजन करके आईं तो कॉन्ग्रेस का पापी मन कह रहा है कि राम मंदिर का अब हम गंगा जल से शुद्धिकरण करेंगे। आदिवासियों के प्रति, राष्ट्रपति के प्रति, महिलाओं के प्रति… कॉन्ग्रेस की यही नीच मानसिकता है।’

पीएम मोदी ने कहा- ‘500 साल के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बना। अनेक पीढ़ियों के बलिदान के बाद बना। कौन हिंदुस्तानी होगा… जिसको आनंद नहीं होगा।’