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माइक लेकर ‘जिहाद’ करने निकला था पत्रकार, कपिल मिश्रा ने दिया करारा जवाब: कहा- वो बम फोड़ेंगे और तुम हिंदुओं को डिक्शनरी से जिहाद समझाओगे

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘इंडिया डेली लाइव’ के पत्रकार प्रियांक वाजपेयी को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने ‘जिहाद’ का मतलब समझाया। इस दौरान पत्रकार ने उन्हें उलझाने की कोशिश भी की, लेकिन कपिल मिश्रा ने अपने अंदाज़ में बेबाकी से कुतर्क का जवाब तर्क से दिया। कपिल मिश्रा ने इस दौरान ये स्पष्ट कहा कि जिसने औरंगज़ेब को अपना बाप मान लिया है उसे निशाना बनाना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आप धर्म बदल सकते हो, लेकिन पूर्वज तो वही रहेंगे।

याद दिलाते चलें कि फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी की जिलाध्यक्ष मारिया आलम खाँ ने ‘वोट जिहाद’ की अपील की थी। वो पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी हैं। उन्होंने कहा था कि ‘संघी सरकार’ को हटाने के लिए ये ज़रूरी है। कायमगंज में I.N.D.I. गठबंधन के प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करते समय उन्होंने ऐसा कहा था। उन पर FIR भी दर्ज की गई थी। हालाँकि, सलमान खुर्शीद ने अपनी भतीजी के बयान से बाद में किनारा कर लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बयान को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। गुजरात के सुरेंद्र नगर में पीएम मोदी ने कहा कि अब तक ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के बारे में सुना था, लेकिन अब मुस्लिमों से ‘वोट जिहाद’ की अपील की जा रही है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस के किसी भी नेता ने इस बयान का विरोध नहीं किया। इसके बाद झारखंड में भी उन्होंने ‘वोट जिहाद’ वाली विपक्ष की अपील पर करारा प्रहार किया।

कपिल मिश्रा ने इंटरव्यू में कहा – जिहाद का सीधा अर्थ होता है काफिर को मारने और उसे मुस्लिम बनाना। कपिल मिश्रा ने पूछा कि अजमल कसाब क्या करने आया था, संसद भवन पर हमला करने वाले क्या करने आए थे? इस पर IDL के सीनियर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर प्रियांक वाजपेयी उन्हें समझाने लगे कि जिहाद का तो मतलब होता है खुद पर नियंत्रण रखना। इस पर कपिल मिश्रा ने सवाल दागा कि क्या अजमल कसाब खुद पर नियंत्रण रखने आया था?

उन्होंने कहा कि इससे बड़ी बदतमीजी और झूठ कुछ नहीं हो सकता है। पत्रकार आरोप लगाने लगा कि जिहाद शब्द का गलत अर्थ लगाया गया और कसाब को इसका सही अर्थ नहीं पता था, इस पर कपिल मिश्रा ने कहा कि तुम जाकर आतंकियों को समझा दो जिहाद का मतलब, रावलपिंडी, लाहौर और कराची में जाकर बताओ। कपिल मिश्रा ने पूछा कि आतंकी बम फोड़ेंगे और आप हिन्दुओं के बीच में बैठ कर जिहाद का मतलब समझाओगे? प्रियांक वाजपेयी फिर कहने लगे कि आप जनप्रतिनिधि हैं, आपको इसका सही मतलब बताना चाहिए।

इस पर पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि पूरी दुनिया ने 9/11 से लेकर संसद भवन पर हमले तक ‘जिहाद’ का मतलब पता है। उन्होंने कहा कि जिहाद के नाम पर राम मंदिर को गिराया गया था, भारत के 2 टुकड़े हुए और काशी के संकटमोचन मंदिर में बम ब्लास्ट हुआ, दिल्ली के कनॉट प्लेस और लाजपत नगर में धमाके हुए। कपिल मिश्रा ने कहा कि जो काम जिहादी बन कर कसाब बंदूक से करने आया था, ‘वोट जिहाद’ का नारा लगाने वाले वही काम वोट से करना चाहते हैं।

कपिल मिश्रा ने कहा, “ये भारत है। यहाँ जिहाद जब-जब आया है, हार कर गया है। हमने राम मंदिर को भी दोबारा खड़ा कर लिया। आप डिक्शनरी से लेकर इसका अर्थ इधर-उधर घुमाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब सबको पता है। इसके नाम पर क्या सिखाया जाता है। ‘वोट जिहाद’ का मतलब ये थोड़े था कि स्कूल-अस्पताल बनाएँगे, उनका आशय था कि सारे मुस्लिम एक होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करें।”

फिर ‘इंडिया डेली लाइव’ के प्रियांक वाजपेयी सलाह देने लगे कि भाजपा खुद को ‘सर्वधर्म समभाव’ वाली पार्टी कहती है तो उसे जिहाद का असली अर्थ समझाते हुए आगे बढ़ना चाहिए, राष्ट्रवादी मौलानाओं का पक्ष भी यही है। इस पर कपिल मिश्रा ने चुनौती दी कि वो दारुल उलूम देवबंद से जिहाद के खिलाफ फतवा निकलवा दे। उन्होंने कहा कि भाजपा थोड़े बताएगी इसका मतलब, मौलवियों या मस्जिदों ने बम धमाके और हमले के आतंकियों के खिलाफ फतवा निकाला क्या?

कपिल मिश्रा ने कहा कि देवबंद को फतवा निकालना चाहिए कि आतंकियों को मरने के बाद ’72 हूरें’ नहीं मिलेंगी, बल्कि वो सब जहन्नुम में जाएँगे। इसके बाद भी प्रियांक वाजपेयी कहते रहे कि ये कपिल मिश्रा वाली परिभाषा है। करावल नगर से BJP के विधानसभा प्रत्याशी रहे कपिल मिश्रा ने कहा कि ये उनकी परिभाषा नहीं है, ये सत्य है। उन्होंने कहा कि विश्व का इतिहास ये कह रहा है कि जिहाद मतलब आतंक। उन्होंने पूछा कि वो डिक्शनरी में अर्थ खोजें या उनके सामने जो तलवार लेकर खड़ा है उसे देखें?

झारखंड के इंजीनियर ने ली ₹10 हजार घूस, पड़ताल करते-करते नोटों के पहाड़ तक पहुँच गई ED: जिस जहाँगीर के घर से अब तक मिले हैं ₹20 करोड़, उसकी सैलरी ₹15 हजार

झारखंड की राजधानी राँची में प्रर्वतन निदेशालय (ED) की टीमें सोमवार (6 मई, 2024) सुबह से ही छापेमारी में जुटी हुई हैं। यहाँ झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के एक नौकर के घर से ED को करोड़ों की नकदी मिली है। ₹20 करोड़ की गिनती हो चुकी है जबकि बाकी गिनती के लिए मशीनें लाई जा रही हैं। यह पूरा घोटाला और नकद का पहाड़ एक ₹10 हजार की रिश्वत के कारण सामने आ सका है।

ED की टीमों ने राँची के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े लोगों पर हुई। मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर जहाँगीर के यहाँ भी ED पहुँची। यहाँ उसे नोटों का पहाड़ मिला। इसकी गिनती सुबह से जारी है। अद्यतन सूचना तक ED ₹20 करोड़ गिन चुकी थी जबकि आगे की गिनती के लिए नोट गिनने वाले मशीनें मँगाई जा रही थीं। यह पैसा बड़े-बड़े बैग में भर कर रखा गया था।

यह पूरा मामला मात्र ₹10 हजार की रिश्वत के एक मामले के बाद खुला है। इसमें अब तक सैकड़ों करोड़ का खुलासा हो चुका है। दरअसल, नवम्बर 2019 में झारखंड सरकार में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर सुरेश प्रसाद वर्मा को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। वह यह रिश्वत एक ठेकेदार से ले रहे थे। उनकी गिरफ्तारी एसीबी ने की थी। इसके बाद एजेंसी ने वर्मा के घर और बाकी ठिकानों की जाँच चालू की।

जब वर्मा के घर पर एजेंसी जाँच करने के लिए पहुँची तो उसे यहाँ ₹2 करोड़ से अधिक की धनराशि बरामद हुई। एजेंसी को पूछताछ में पता चला कि वर्मा किराए के घर में रहते हैं और यह घर ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम का है। वर्मा ने यह भी बताया कि यहाँ मिला पैसा उनसे सम्बन्धित नहीं बल्कि यह पैसा भी वीरेंद्र राम का है और उन्होंने ही यह उन्हें रखने के लिए दिया था। इसके बाद जाँच की सुई वीरेंद्र राम की तारफ घूमी।

फरवरी, 2023 में वीरेंद्र राम के ठिकानों पर छापेमारी हुई। वीरेंद्र राम के यहाँ ED को ₹30 लाख मिले। इसके अलावा ₹1.5 करोड़ के जेवर मिले। ED को यहाँ कई कागजात भी मिले। इसमें पता चला कि वीरेंद्र राम के पास ₹100 करोड़ की चल-अचल सम्पत्ति है। वीरेंद्र राम को एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया गया था। वीरेंद्र राम पर ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वन में गड़बड़ी करने का आरोप भी मिला था।

अब इस मामले में ED फिर सक्रिय हो गई है और उसने ग्रामीण विकास मंत्रालय के मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव के ठिकानों को तलाशना चालू कर दिया है। बताया गया कि जिस नौकर के यहाँ करोड़ों की नकदी मिली है, वह मात्र ₹15 हजार प्रति माह पाता है। एजेंसी अब इस पैसे का स्रोत पता करने की कोशिश करेगी।

बाहुबली धनंजय सिंह की पत्नी से बसपा ने झाड़ा पल्ला, जौनपुर में ‘हाथी’ से उतारा: अब श्रीकला रेड्डी की जगह श्याम यादव को बनाया प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया जारी है। इस बीच उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने जौनपुर से अपने उम्मीदवार को बदल दिया है। बसपा ने यहाँ से धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी को टिकट दिया था। अब श्रीकला की जगह बसपा ने श्याम सिंह यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। श्रीकला रेड्डी के अब निर्दलीय चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

बताते चलें कि आज सोमवार (6 मई 2024) को जौनपुर सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख है। इस बीच बसपा ने यह बड़ा कदम उठाया है। श्रीकला रेड्डी टिकट कटने की पुष्टि बसपा के जोनल कॉर्डिनेटर ने की है। श्रीकला ने चार दिन पहले ही बहुजन समाज पार्टी से अपना नामांकन दाखिल किया था। इस सीट पर छठे चरण में 25 मई 2024 को मतदान है।

अब बसपा से टिकट कटने के बाद श्रीकला रेड्डी के पति और जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने लोगों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा की उनकी पत्नी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी या नहीं। बता दें कि श्याम सिंह यादव जौनपुर के वर्तमान सांसद हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिषी ने कहा है कि वे ही इस बार भी चुनाव जीतेंगे।

पीएम मोदी के खिलाफ BSP ने बदले उम्मीदवार

बता दें कि बसपा ने गुरुवार (2 मई 2024) को उम्मीदवारों की 12वीं लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ दूसरी बार उम्मीदवार बदला गया। बसपा ने पहले यहाँ से अतहर जमाल लारी को टिकट दिया था। इसके बाद उनका टिकट काटकर सैयद नेयाज अली को प्रत्याशी बनाया। फिर नेयाज का टिकट काटकर लारी को उम्मीदवार बनाया गया।

इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अमेठी से से अपना उम्मीदवार बदल दिया था। मायावती ने सबसे पहले यहाँ से रवि प्रकाश मौर्य को बसपा से टिकट दिया था। हालाँकि, 24 घंटे बीतने के बाद उनका टिकट काट दिया गया। बसपा ने रवि प्रकाश मौर्य की जगह अमेठी से नन्हे सिंह चौहान को उम्मीदवार घोषित किया है।

कौन हैं श्रीकला रेड्डी

श्रीकला रेड्डी एक बड़ी बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखने को लेकर भी है। वह फिलहाल जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। धनंजय सिंह से शादी के बाद वह राजनीति में सक्रिय हुईं। हालाँकि, उनका मायका पक्ष भी राजनीति से जुड़ा है। उनके पिता जितेंद्र रेड्डी 1969 में तेलंगाना की कोदद से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं। वहीं, उनकी माँ ललिता रेड्डी अपनी गाँव की सरपंच हैं।

इसके अलावा अगर केवल श्रीकला रेड्डी की संपत्ति की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि धनंजय सिंह द्वारा दिए गए चुनावी हलफनामे के मुताबिक श्रीकला के पास 6.71 करोड़ से ज्यादा की चल संपत्ति है, जबकि 780 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। इतनी संपत्ति धनंजय सिंह के पास भी नहीं है। कुल 5.31 करोड़ की अचल संपत्ति और 3.56 करोड़ की चल संपत्ति है।

श्रीकला रेड्डी ने 12वीं तक की पढ़ाई चेन्नई से की है। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद से बीकॉम किया। ग्रेजुएशन के बाद वह अमेरिका से आर्किटेक्चर इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स करके बिजनेस में आ गईं। कुछ समय उन्होंने बिजनेस भी किया, लेकिन उनका राजनीति में रुझान शादी के बाद दिखा। उन्होंने भाजपा भी ज्वॉइन की थी। उसके बाद पंचायत सदस्य भी बनीं थीं।

देशभर से कुलपति-शिक्षाविद आए साथ, राहुल गाँधी पर कार्रवाई की माँग: खुले पत्र में कहा- योग्यता के आधार पर नियुक्तियाँ, कॉन्ग्रेस नेता ने RSS लिंक बताया था जरूरी

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के बयान से देश भर के विश्वविद्यालयों के कुलपति नाराज हैं। राहुल ने अपने भाषण में कुलपतियों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस पद पर पढ़ाई-लिखाई नहीं बल्कि आरएसएस से जुड़ाव देखा जाता है। अब इसी मामले में देश के 181 शिक्षाविदों और कुलपतियों ने मिलकर राहुल गाँधी को खुला पत्र लिख डाला है। इस पत्र में राहुल गाँधी के बयान पर आपत्ति जताई गई है।

पत्र में राहुल गाँधी के बयान को एक अफवाह करार दिया गया है। साथ ही कहा गया है, “हमें राहुल गाँधी के ट्वीट्स और बयानों से पता चला है कि वह अफवाह फैला रहे हैं देश के विश्वविद्यालयों में मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि आरएसएस से रिश्तों के आधार पर भर्तियाँ हो रही हैं।”

इसके बाद कुलपतियों ने राहुल गाँधी के बयान पर कहा, “कुलपतियों की एक बेहद सख्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नियुक्ति होती है। इसके लिए देखा जाता है कि जिस व्यक्ति को नियुक्त किया जाना है उसकी अकादमिक योग्यता क्या है। उसकी प्रशासनिक कुशलता कितनी है और यूनिवर्सिटी को आगे बढ़ाने के लिए क्या विजन रखता है। चयन प्रक्रिया में ये सब चीजें देखने के बाद नियुक्ति होती है।”

राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए पत्र में कहा गया है कि वह कोई काल्पनिक बातें न करें और न ही बिना किसी तथ्य के वो भ्रम फैलाएँ। ऐसी अफवाहों से शिक्षा का माहौल खराब हो जाता है। उन्होंने अपने पत्र में ये भी कहा कि वह लोग चयन के दौरान मेरिटोक्रेसी में यकीन रखते हैं। उच्च शिक्षा के लिए यही जरूरी होता है।

कुलपतियों ने राहुल गाँधी को जवाब देते हुए कहा कि बीते कुछ समय से भारतीय यूनिवर्सिटियों की रैंकिंग में सुधार हुआ है और इनमें अद्भुत बदलाव आया है। भारतीय यूनिवर्सिटियों की ग्लोबल रैंकिंग भी अच्छी हुई है। लेकिन राहुल गाँधी इस तरह के बयान देकर उच्च शिक्षण संस्थानों को बदनाम कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

पत्र में कुलपतियों द्वारा कहा गया, “हम सभी से अपील करते हैं कि वे फैक्ट और फेक में अंतर समझने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करें। निराधार अफवाहों को फैलाने से बचें। ऐसी चर्चा में शामिल हों, जो क्रिएटिव और गतिशील वातावरण बनाने के हमारे लक्ष्य को सपोर्ट करे।”

बता दें कि राहुल गाँधी के बयान के विरोध में आए साझा पत्र में 180 वाइस चांसलर्स और शिक्षाविदों के हस्ताक्षर हैं। इसमें JNU की वाइस चांसलर्स शांतिश्री धुलीपुडी पंडित, दिल्ली यूनिवर्सिटी के VC योगेश सिंह और एआईसीटीई के अध्यक्ष टीजी सीताराम शामिल हैं। इसके अलावा संगीत नाटक अकादमी, साहित्य अकादमी, एनसीईआरटी, नेशनल बुक ट्रस्ट, एनसीईआरटी, यूजीसी आदि के प्रमुख भी शामिल हैं।

इन सबने मिलकर राहुल गाँधी के बयान के विरोध में आवाज उठाई है। साथ ही राहुल गाँधी को लेकर कहा है कि उन्होंने इस मामले में झूठ फैलाया है और राजनीतिक लाभ उठाने के इरादे से बदनाम किया है, इसलिए प्रार्थना की जाती है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो।

पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के निशाने पर आया T20 वर्ल्ड कप, इस्लामिक स्टेट ने दी हमले की धमकी: 1 जून से वेस्टइंडीज-USA में होना है टूर्नामेंट

1 जून, 2024 से चालू हो रहे T20 क्रिकेट विश्व कप के ऊपर आतंकी खतरा छा गया है। इस वर्ल्ड कप के सह आयोजक वेस्ट इंडीज के खिलाफ आतंकी समूह हिंसा भड़काने का ऐलान कर रहे हैं। वर्ल्ड कप पर छाया यह आंतकी खतरा पाकिस्तान से आया है।

इस खतरे को लेकर जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट में लिखा है, “इस्लामिक स्टेट (ISIS) समर्थक मीडिया ने खेल आयोजनों के खिलाफ हिंसा भड़काने के अभियान शुरू किए हैं, जिनमें अफगानिस्तान-पाकिस्तान वाली जमात, IS खुरासान (IS-K) द्वारा जारी की गई वीडियो धमकियाँ भी शामिल हैं, इसमें कई देशों में हमलों की बात की गई है और आतंकियों से उनके देशों में युद्ध के मैदान में शामिल होने को लेकर भड़काया गया है।”

T20 वर्ल्ड कप को लेकर यह खतरे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से पैदा हुए हैं। यह इलाका आतंकियों के लिए स्वर्ग रहा है और यहाँ अब भी बड़ी संख्या में आतंकी मौजूद हैं। इनके T20 वर्ल्ड कप को निशाना बनाने को लेकर चिंताएँ और बढ़ गई हैं। बताया गया है कि यहीं मौजूद आतंकियों ने वेस्ट इंडीज में होने वाले T20 विश्व कप को धमकी भेजी है।

उधर वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड में शामिल कैरिबियाई देशों ने अपने सुरक्षा इंतजाम इस खतरे के बाद पुख्ता करना चालू कर दिए हैं। वेस्ट इंडीज क्रिकेट के प्रमुख जोंनी ग्रेव्स ने मीडिया को इस मामले में बताया, “हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ICC टT20 विश्व कप में सभी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हमारे पास एक बड़ी और मजबूत सुरक्षा योजना है।” कैरिबियाई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस मामले में कार्रवाई करना चालू कर दिया है।

गौरतलब है कि T20 विश्व कप को 1 जून से 29 जून तक अमेरिका और वेस्ट इंडीज में आयोजित किया जाना है। अमेरिका में इसके लिए नए स्टेडियम भी तैयार हो रहे हैं। दूसरी तरफ वेस्टइंडीज में शामिल देशों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जा रहे हैं। पहली बार अमेरिका में किसी बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। T20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी हो चुका है।

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पूछते थे कमरा नंबर, देते थे शराब का ऑफर, कॉन्ग्रेस कार्यालय में कर दिया बंद: राधिका खेड़ा बोलीं- राहुल-प्रियंका ने भी नहीं लिया एक्शन

कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद राधिका खेड़ा ने छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के कुछ नेताओं पर उनके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के नेता सुशील आनंद सहित उनके दो साथियों को लेकर कहा है कि इन लोगों ने उनके साथ रायपुर के ऑफिस में अभद्रता की थी। इतना ही नहीं ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान तो ये तक पूछा था कि वो होटल के किस कमरे में ठहरी हैं और उन्हें पीने के लिए कौन सी शराब भेजी जाए। राधिका बताती हैं कि उनके पास इस शर्मनाक और अपमानजनक हरकत की दो और लड़कियाँ गवाह हैं।

उन्होंने अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में बताया कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही उनकी वहाँ दर्शन करने की बहुत इच्छा थी। उद्घाटन के समय उन्हें वक्त नहीं मिला तो उन्होंने 27 मार्च अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली। राधिका की मानें तो इन्हीं फोटोज को देख कॉन्ग्रेस के कई नेता भड़क गए और भगवान राम के दर्शन करने के लिए उन्हें फटकारा। इसके बाद 4-5 अप्रैल को वह छत्तीसगढ़ पहुँचीं तो वहाँ भी उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। राधिका कहती हैं कि उन्होंने इस दौरान बहुत कुछ झेला लेकिन 30 अप्रैल को हद पार तब हुई जब कार्यालय में उनके साथ बदसलूकी का प्रयास हुआ।

राधिका ने जानकारी दी कि 30 अप्रैल को शाम में वह अपने पार्टी कार्यालय में काम कर रही थीं। उसी वक्त कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद अपने दो साथियों संग आए और कमरा बंद करने की आवाज आई। राधिका के मुताबिक उन्होंने ये तो नहीं देखा कि कमरा बंद किसने किया लेकिन जैसे ही उन्होंने उन तीनों को सामने देखा उन्होंने तुरंत चिल्लाना शुरू किया और फोन से वीडियो भी बनाने लगीं। वह इस घटना के बाद चिल्लाते हुए बाहर आईं पर किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।

राधिका ने इस संबंध में कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं जैसे राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश जैसे नेताओं से न्याय की गुहार लगाई, मगर जब किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की, न आरोपितों को नोटिस दिया गया तो वह आहत हुईं। इसी के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। राधिका ने यह तक कहा – “लड़की हूँ लड़ सकती हूँ का नारा देना आसान था लेकिन जब अपनी ही पार्टी की एक नेता के लिए लड़ने की बात आई तो प्रियंका गाँधी ने कुछ नहीं किया। बहुत गुहार लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए उन्होंने ट्वीट करके मामला खोला।”

राधिका ने जानकारी दी कि सुशील आनंद, पूर्व सीएम भूपेश बघेल के आदमी माने जाते हैं। यही वजह है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उलटा राधिका को ही परेशान किया जाने लगा। मीडिया में बात रखने से रोका जाने लगा। राधिका खुलासा करते हुए कहती हैं कि उन्होंने कॉन्ग्रेस के कार्यालय में महिलाओं के साथ अभद्रता को होते हुए देखा है और जो लड़की प्रियंका गाँधी के लिए काम कर रही थी उससे पिटते हुए भी।

पूर्व कॉन्ग्रेस नेत्री की मानें तो प्रियंका चतुर्वेदी, अंकिता दत्त और अर्चना गौतम जैसी कई महिलाओं के साथ कॉन्ग्रेस पार्टी के अंदर अभद्रता हो रही है, लेकिन ये लोग कुछ नहीं बोलतीं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के नेता अंजन दत्ता की बेटी अंकिता दत्ता के साथ कॉन्ग्रेसी नेता श्रीनिवास बद्तमीजी करता है मगर इसके बाद भी उसे कोई कुछ नहीं कहता है।

कॉन्ग्रेस की पूर्व नेत्री की मानें तो उनके साथ जो कुछ भी हुआ है उसके लिए वो अपराधियों को छोड़ेंगी नहीं। इस मामले में एफआईआर के लिए वह जल्द ही घरवालों से बात करेंगी और फिर एक्शन लेंगी। इसके अलावा आगे वो किस पार्टी से जुड़ेंगी इस पर भी उन्होंने आगे जानकारी देने को बोला है।

गौरतलब है कि इससे पहले 5 मई को राधिका खेड़ा का एक ट्वीट पर पत्र और एक वीडियो वायरल हुई थी। इस वीडियो में वह अपना दर्द बता रही थीं और पत्र में उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्यागने की बात कही थी। राधिया खेड़ा ने अपने त्यागपत्र को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हूँ। हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रहीं हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”

कॉन्ग्रेसी मंत्री आलमगीर आलम के PS का नौकर है जहाँगीर, घर से ED को मिले है इतने पैसे कि सुनकर होश उड़ जाए: जानिए कैसे लुट रहा झारखंड

झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव के नौकर के घर में करोड़ों की नकदी बरामद हुई है। यह नकदी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापे में बरामद की गई है। अभी रकम का अंतिम आँकड़ा सामने नहीं आया है। यह छापेमारी एक घोटाले के संबंध में की गई है।

जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार में मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर के घर सोमवार (6 मई, 2024) को सुबह ED ने छापेमारी की। इस छापेमारी में ED को बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। जिस नौकर के यहाँ छापेमारी हुई है, उसका नाम जहाँगीर है।

ED यहाँ से बरामद नकदी में से ₹20 करोड़ की गिनती कर चुकी है। नोटों की गिनती अभी जारी है। इसके लिए नोट गिनने वाली मशीनें मँगाई गई हैं। बताया गया यह पैसा बड़े-बड़े बैग में भर कर रखा गया था। ED को यहाँ से नकदी के साथ ही सोने के आभूषण भी बरामद हुए हैं। नौकर के घर समेत ED ने 9 जगहों पर छापेमारी की है।

यह छापेमारी फरवरी 2023 ग्रामीण विकास विभाग में चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के यहाँ हुई छापेमारी के सिलसिले में हुई है। वीरेन्द्र राम के यहाँ छापेमारी में ₹100 करोड़ की सम्पत्ति का पता चला था और बड़े मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। यह मामला कुछ योजनाओं में अनियमितता से जुड़ा हुआ है।

आलमगीर आलम पाकुड़ विधानसभा से कॉन्ग्रेस के चार बार के विधायक हैं। वह चंपाई सोरेन की सरकार में संसदीय कार्य और ग्रामीण विकास मामलों के कैबिनेट मंत्री भी हैं। वह राज्य में कॉन्ग्रेस के बड़े नेता हैं। अब उनके निजी सचिव से जुड़े ठिकानों पर एजेंसी की जाँच चल रही है।

भाजपा ने कॉन्ग्रेस के मंत्री के नौकर के घर से हुई इस बरामदगी को लेकर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने इस मामले पर कहा, “झारखंड सरकार की भ्रष्टाचार की अनंत गाथा खत्म नहीं हो रही है। कॉन्ग्रेस के एक सांसद के यहाँ से ₹350 करोड़ की बरामदगी हुई थी, खनन सचिव के यहाँ से ₹20 करोड़ की बरामदगी हुई थी। मुख्यमंत्री के करीबी पंकज मिश्रा के यहाँ ₹10 करोड़ की बरामदगी हुई थी और अब आलमगीर आलम के पीएस के यहाँ से बरामदगी हुई है। हम माँग करते हैं कि आलमगीर आलम को हिरासत में लिया जाए।”

भाजपा ने इस मामले में कहा है कि यह पैसा चुनाव के समय में बरामद हुआ है ऐसे में यह पता लगाया जाए कि इसका उपयोग कहीं चुनाव प्रभावित करने के लिए ना हो रहा हो। भाजपा ने इसी के साथ इस मामले में तुरंत कड़ी कार्रवाई किए जाने की माँग की है।

यह पहला मौका नहीं है जब झारखंड के किसी कॉन्ग्रेस नेता के यहाँ बड़ी मात्रा में नकदी की बरामदगी हुई है। इससे पहले दिसम्बर, 2023 में कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के यहाँ आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ₹351 करोड़ की नकदी, ₹2.80 करोड़ के जेवर और बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए थे। यह देश की सबसे बड़ी नकदी की जब्ती बताई गई थी। इस मामले में अभी आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही है।

बाइबल पढ़ने हमारे घर आओ… नोएडा में मॉल के बाहर चल रहा था धर्मांतरण का रैकेट: छात्रा को ईसाई बनाने की कोशिश, 4 युवतियाँ समेत 6 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के नोएडा से धर्मांतरण का खेल उजागर हुआ है। यहाँ बीटेक की छात्रा को ईसाई धर्म में आने के लिए उकसाने के मामले में एक्सप्रेसवे पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन छह आरोपितों में से 4 युवतियाँ भी हैं। पुलिस ने सबको पकड़कर जेल में भेज दिया है। इनकी पहचान वाई वाई बोन, अभिरैना, ऋषभ नायर, रवि तेजा, ईशु और रूथु के तौर पर हुई है।

इस मामले में आगे पड़ताल के लिए टीम गठित की गई है। पुलिस सारे आरोपितों के मोबाइल जाँच रही है। पता लगाया जा रहा है कि ये लोग राज्य में कब से सक्रिय हैं और इनके साथ और कौन-कौन है। एसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामले के संबंध में जितेंद्र बहादुर नाम के व्यक्ति ने एक्सप्रेवे थाने में शिकायत दी थी।

शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है और जब भी वह बस से उतरकर घर आती है तो रास्ते में गुलशन मॉल पड़ता है, जहाँ इशु, रूखु समेत चार युवतियाँ और एक युवक उससे मिलते हैं। ये लोग बच्ची को बाइबल पढ़ाने के लिए बुलाते हैं और उससे कहते हैं कि हमारे घर आ जाओ।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस तरह ये लोगों को बाइबल पढ़ाने के बहाने घर पर बुलाते हैं उन्हें आशंका है कि वो धर्म परिवर्तन कराने का रैकेट चलाते हैं। इस मामले में पुलिस ने उस घर के मकान मालिक को भी गिरफ्तार किया है जहाँ ये लोग रहते थे और बाइबल पढ़ाने के लिए बुलाते थे।

वहीं एक अन्य व्यक्ति ने भी पुलिस को बताया है कि ये आरोपित लोगों को अपने घर ही इसलिए बुलाते थे ताकि उनका धर्म परिवर्तित किया जा सके। व्यक्ति का कहना है कि इन लोगों का शिकार उसकी बेटी भी हुई थी। हालाँकि उसने जाने से मना कर दिया था तो बाद में फोन पर कॉल आने लगी थीं।

बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपितों में से 4 महिलाएँ आँध्र प्रदेश, केरल, कोलकाता और तमिलनाडु की रहने वाली हैं। इन पर आरोप है कि ये जेपी विश टाउन और वाजिदपुर गाँव के पास बने गुलशन मॉल के आसपास किशोरियों को अपना शिकार बनाती थीं और ईसाई धर्म की पुस्तकें बाँटकर धर्मांतरण करवाने का प्रयास करती थीं।

पुलिस को भी शिकायत मिली थी कि गुलशन मॉल और विश टाउन सोसाइटी के आसपास धर्मांतरण को लेकर कुछ महिलाएँ और लड़कियाँ सक्रिय हैं जो आते-जाते लोगों को रास्ते में रोक कर ईसाई धर्म की पुस्तकें लेने का दबाव बनाती हैं। इनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल थे जिन्हें देखने और शिकायत पाने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि नोएडा ने कई बार धर्मांतरण की घटनाएँ सामने आई हैं। 2021 में एक मूक बधिर स्कूल के 18 बच्चों के धर्मांतरण का मामला आया है। 18 सितंबर 2023 को साहिबाबाद पुलिस ने भी धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का खुलासा करके 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। उसमें भी 7 महिलाएँ थीं।

रियाज के दुकान पर फर्नीचर मरम्मत के लिए गई हिंदू विधवा, वीडियो कॉल कर दिखाए प्राइवेट पार्ट: बार-बार करने लगा फोन, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक वेल्डिंग का काम करने वाले दुकानदार रियाज ने एक हिन्दू विधवा महिला को निशाना बनाया। घर के काम से दुकान पर आई महिला का नम्बर लेकर रियाज ने महिला से अश्लीलता की। रियाज 4 दिन तक महिला को परेशान करता रहा। मामले में FIR दर्ज कर ली गई है।

जानकारी के अनुसार, पीलीभीत की रहने वाली एक हिन्दू विधवा अपनी चारपाई की मरम्मत करवाने के लिए रियाज नाम एक वेल्डिंग मिस्त्री की दुकान पर गई थी। महिला ने रियाज से यहाँ चारपाई मरम्मत करने को कह तो रियाज ने उसे बताया कि वह महिला के घर आकर ही वह ठीक कर देगा।

इसके लिए रियाज ने विधवा महिला का नम्बर भी ले लिया और कहा कि वह घर पहुँच कर उसे फ़ोन कर दे। महिला ने पुलिस को बताया कि उसी दिन शाम को रियाज ने उसे फोन किया और चारपाई के बाद इधर-उधर की बात करने लगा। रियाज ने इसके बाद महिला को वीडियो कॉल कर दी।

रियाज ने वीडियो कॉल पर महिला को चारपाई दिखाने को कहा। इसके बाद वह महिला की तारीफ़ करने लगा और थोड़ी देर बाद उसने महिला से अश्लील बातें चालू कर दी। इसके बाद उसने वीडियो कॉल पर ही अपना लिंग महिला के सामने दिखाना चालू कर दिया। इस पर महिला ने गुस्से में फोन काट दिया।

रियाज इसके बाद भी नहीं माना और महिला को तंग करता रहा। उसने दोबारा फोन करके माफ़ी माँगी लेकिन फिरसे अश्लील हरकतें की। रियाज महिला को अगले 4 दिनों तक परेशान करता रहा। वह लगातार फ़ोन और मैसेज करता रहा। महिला ने आजिज आकर इस मामले में पुलिस के पास FIR दर्ज करवाई। रियाज की पूरनपुर रोड पर वेल्डिंग के काम की दुकान है।

महिला ने पुलिस से माँग की है कि अश्लील हरकत करने वाले रियाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

‘400 पार’ और ‘जय श्री राम’ से गूँजी अयोध्या नगरी: रामलला के सामने साष्टांग दण्डवत हुए PM मोदी, फिर किया भव्य रोडशो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अयोध्या नगरी में मेगा रोड शो किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धौरहरा में जनसभा को संबोधित करने के बाद सीधे अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचे और रामलला के दर्शन किए। रामलला के दर्शन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या नगरी में भव्य रोडशो किया। इस दौरान पूरे अयोध्या नगरी की भव्यता भी लोगों को दिखी। पीएम मोदी के रोडशो में भारी संख्या में लोग जुटे। इस दौरान ‘400 पार-जय श्री राम’ जैसे नारे भी लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह के समर्थन में रोडशो किया।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आज (5 मई 2024) को पहली बार अयोध्या नगरी पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 किमी लंबा रोडशो किया। पीएम मोदी ने भव्‍य एवं दिव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन के बाद राम जन्‍मभूमि पथ से रोड शो शुरू किया। ये रोडशो हनुमानगढ़ी होते हुए लता मंगेश्‍कर चौक पर खत्म हुआ। रोड शो के दौरान पीएम का जगह-जगह फूलों से स्वागत किया गया। पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग मकानों की बालकनी और छतों पर घंटों डटे रहे।

पीएम मोदी के इस 2 किमी लंबे रोडशो के दौरान रथ पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अयोध्या से बीजेपी प्रत्याशी लल्लू सिंह भी मौजूद रहे। सड़क के दोनों किनारे भाजपा समर्थक और लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौपान कई जगहों पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “अयोध्यावासियों का हृदय भी प्रभु श्री राम जैसा विशाल है। रोड शो में आशीर्वाद देने आई जनता-जनार्दन का अभिनंदन!”

रामलला को साष्टांग प्रणाम

अपने मेगा रोड शो से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के दर्शन किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर में गेट नंबर 11 से एंट्री ली और रामलला के दरबार में साष्टांग दंडवत हुए। इसके बाद उन्होंने रामलला की आरती उतारी।

पीएम मोदी ने कहा, अयोध्या के कायाकल्प में तन-मन से जुटी है हमारी सरकार

मेगा रोड शो के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “हमारे राम लला की नगरी की देवतुल्य जनता-जनार्दन का बारंबार वंदन और अभिनंदन! आज रोड शो में आप सबके असीम स्नेह और अपनत्व से भाव-विह्वल हूँ। यहाँ के युवा साथियों के जय श्री राम के जयघोष और नारीशक्ति के अपार आशीर्वाद ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की नई शक्ति प्रदान की है। यह आप सबकी साधना, श्रद्धा और अथक संघर्ष का ही सुफल है कि सदियों की लंबी प्रतीक्षा के बाद हमारे राम लला अपने भव्य-दिव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। इस अद्वितीय आस्था की अनुभूति देशवासियों के दिलों में दिग-दिगाँत तक जीवंत रहेगी।”

पीएम मोदी ने आगे लिखा, “हमारी सरकार अयोध्या के कायाकल्प के लिए तन-मन से जुटी हुई है। इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से लेकर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी हमारा फोकस है। यहाँ महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण हो या अयोध्या धाम जंक्शन का पुनर्विकास, हमने इनमें विश्वस्तरीय सुविधाओं का ध्यान रखा है। हमारी डबल इंजन सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि देश-दुनिया के कोने-कोने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को किसी तरह की कठिनाई ना हो।”

उन्होंने आगे कहा, “हम प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या को एक वैश्विक धार्मिक और आध्यात्मिक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराने वाली इलेक्ट्रिक बोट हो या फिर कनेक्टिविटी को आसान बनाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, अयोध्या के चौरतफा विकास के लिए हम कृतसंकल्प हैं। राम नगरी की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपयों के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लता मंगेशकर चौक जैसे हमारे प्रयास, अयोध्या की सुंदरता में चार चाँद लगा रहे हैं। यहां के मेरे परिवारजनों का जीवन आसान बनाने के लिए तेज गति से प्रयास किए जा रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने से अयोध्या के स्थानीय व्यापारियों का कारोबार और बढ़ेगा। इसके साथ ही होटल से लेकर हॉस्पिटैलिटी तक कई इंडस्ट्री के यहाँ आने से युवाओं को भी रोजगार के नए-नए अवसर मिलेंगे।”

पीएम मोदी ने एक्स पर आगे लिखा, “अगर कॉन्ग्रेस और इंडी गठबंधन के दौर में सकारात्मक पहल हुई होती तो हमारा अयोध्या धाम दशकों पहले ही आस्था और भक्ति का वैश्विक केंद्र बन चुका होता। लेकिन उन्हें अपने वोट बैंक से आगे कुछ दिखाई ही नहीं देता! प्रभु श्री राम को लेकर उनकी धारणा आप अच्छी तरह देखते आए हैं। उनकी आस्था का इसी से पता चलता है कि राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण तक को ठुकरा दिया। हमारे लिए तो ये मंदिर भारत की दृष्टि, दर्शन और दिग्दर्शन का विराट तीर्थस्थल है। इसलिए रामजी की कृपा से हम अयोध्या नगरी के वैभव को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए निरंतर प्राण-प्रण से जुटे रहेंगे। जय सियाराम!”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2024 की वजह से पूरे देश के दौरे कर रहे थे। भगवान राम के मंदिर में रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद वो इस साल दूसरी बार अयोध्या पहुँचे थे। अयोध्या में पाँचवें चरण में मतदान होना है। यहाँ से बीजेपी ने मौजूदा सांसद लल्लू सिंह को ही एक बार फिर से मैदान में उतारा है। वहीं, पीएम मोदी यूपी की ही वाराणसी सीट से तीसरी बार मैदान में हैं।