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कॉन्ग्रेस के पूर्व CM ने पूँछ में जवानों पर हमले को बताया ‘चुनावी स्टंट’, फारूख अब्दुल्ला बोले – पाकिस्तान के चूड़ियाँ नहीं पहनी, उसके पास परमाणु बम

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पीओके भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। भारत को हमला करके पीओके पर कब्जे की जरूरत नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में विकास के कार्यों को देखते हुए खुद पीओके के लोग भारत में ही जुड़ना चाहते हैं। खुद पीओके के लोग ही पाकिस्तान को छोड़ना चाहते हैं। हमें अपनी तरफ से ताकत के इस्तेमाल की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तानी शैली में बयान दिया है। जैसा कि हमेशा पाकिस्तान बोलता रहा है कि ‘उसके पास परमाणु बम है, उसने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी।’ ठीक यही बोली फारूक अब्दुल्ला के मुँह से निकली है।

इस बीच, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉग्रेसी नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने पुँछ में हुए आतंकी हमले को बीजेपी का ‘चुनावी स्टंट’ करार दे दिया। बता दें कि इस आतंकी हमले में एयरफोर्स के एक जवान को वीरगति प्राप्त हुई है, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकवादियों की तलाश में अभियान चला रहे हैं।

सबसे पहले बात फारूक अब्दुल्ला की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पाकिस्तान से प्रतिक्रिया आई या नहीं आई, फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तानी बोली में रक्षा मंत्री को ही चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि ‘दम है तो राजनाथ सिंह पीओके वापस लेकर दिखाएँ।’ अब्दुल्ला ने आगे कहा, “अगर रक्षा मंत्री कहते हैं कि पीओके को वापस लाएँगे, तो जाएँ। उन्हें रोकने वाले हम कौन हैं, लेकिन याद रहे, उन्होंने (पाकिस्तान) भी चूड़ियाँ नहीं पहन रखी। उनके पास परमाणु बम हैं और दुर्भाग्य से वो परमाणु बम हमारे ऊपर गिरेंगे।”

पुँछ में आतंकी हमले पर बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ‘इसकी मुख्य वजह भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दों को सुलझाने चाहिए।’ खास बात ये है कि फारूक की दोनों ही बातें पाकिस्तानी लहज़े में ही बोली गई हैं, ठीक उसी तरह से, जैसे पाकिस्तानी हुक्मरान और सेना बोलती रही हैं। खास बात ये है कि फारूक अब्दुल्ला के बयान को पाकिस्तानी मीडिया में भी खासी तवज्जो मिल रही है।

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि पीओके पर अब भारत को हमला करके जबरदस्ती मिलाने की जरूरत नहीं है। पीओके भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। अब तो स्वयं पीओके में रहने वाले लोग भारत में मिलने के लिए बेकरार हैं। वो भारत के जम्मू-कश्मीर में विकास देख रहे हैं। वो पाकिस्तान से जवाब माँग रहे हैं। ऐसे में हमें युद्ध की जरूरत नहीं, बल्कि स्वयं ही लोग भारत में आना चाहते हैं। लेकिन फारूक अब्दुल्ला ने इस बात को न सिर्फ युद्ध से जोड़ दिया, बल्कि भारत की ओर से हमले के जवाब में पाकिस्तानी एटम बम का डर भी दिखा दिया।

कॉन्ग्रेस के पूर्व सीएम ने पुँछ हमले को बताया चुनावी स्टंट

इस बीच, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के सीनियर लीडर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि पुँछ में हुआ आतंकी हमला कोई आतंकी हमला नहीं, बल्कि बीजेपी का चुनावी स्टंट है। चन्नी ने कहा, ‘ये स्टंटबाजी हो रही है। हमले नहीं हो रहे। पिछली बार भी चुनाव आया तो ऐसे स्टंट खेले गए और बीजेपी को जिताने का काम किया गया।’ उन्होंने कहा कि पहले से तैयारी करके हमले करवाए जाते हैं। यह भाजपा को जिताने का स्टंट होता है और इसमें कोई सच्चाई नहीं होती।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में वायुसेना के काफिले पर हमले में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। इस मामले में कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। शाहसितार के पास शनिवार शाम हुए हमले में वायुसेना के 5 कर्मी घायल हो गए और उनमें से एक को सेना के अस्पताल में वीरगति प्राप्त हुई।

नसीरुद्दीन शाह की बीवी ने ‘चिड़िया की आँख’ वाली कथा का बनाया मजाक: हरिद्वार से लेकर मणिपुर और द्वारका तक घूमे थे अर्जुन, फिर भी उनके जीवन को बताया ‘नीरस’

बॉलीवुड में ज्ञानियों की कमी नहीं है। अब नसीरुद्दीन शाह की बीवी रत्ना पाठक शाह सामने आई हैं, जिन्होंने महाभारत पर ऐसा ज्ञान बाँचा है जिससे लगता है कि उन्होंने कभी कोई हिन्दू शास्त्र पढ़ा ही नहीं है। ‘कूल’ बनने के लिए हिन्दू धर्म में सम्मानित किसी भी किरदार को नकार देना इस गिरोह का पेशा है। रत्ना पाठक शाह ने अर्जुन को निशाना बनाया है, जिसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारियों में से एक माना गया। उनका मानना है कि लक्ष्य के चक्कर में अर्जुन का जीवन एकदम नीरस हो गया।

अर्जुन ने आसपास देखा ही नहीं: रत्ना पाठक शाह

रत्ना पाठक शाह ने ‘चलचित्र टॉक्स’ से बातचीत करते हुए कहा, “सब लोग बोलते हैं कि एक ही लक्ष्य होना चाहिए और उसी पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए, एक ही फोकस होना चाहिए। मगर, अर्जुन ने कितना कुछ मिस आउट कर दिया। इतना फोकस करने में पूरी दुनिया, उसने अपने आसपास के सुंदर जंगल को देखा ही नहीं। उसके आसपास जो लोग थे, उनके साथ भी उसका नहीं जम पाया। एक लक्ष्य के चक्कर में आप कितना कुछ हाथ से निकल जाने देते हैं।”

रत्ना पाठक शाह ने इस दौरान ‘एक लक्ष्य’ और ‘चिड़िया की आँख पर नज़र’ वाले मुहावरे का भी मजाक बनाया। बता दें कि अर्जुन को नकली चिड़िया की आँख भेदने के लिए कहा गया था, उनके भाई लोग ये नहीं कर पाए लेकिन अर्जुन ने ये कर दिखाया क्योंकि उन्हें चिड़िया या उनके आसपास के पेड़-पौधों की जगह सिर्फ चिड़िया की आँख दिख रही थी। एकाग्रता का उदाहरण देते हुए महाभारत की इस कथा को एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को सुनाती आई है। लेकिन ‘कूल’ और ‘वोक’ लोगों के लिए ये बकवास है।

क्या सचमुच अर्जुन ने सब कुछ हाथ से निकल जाने दिया? क्या सचमुच उनके आसपास जो भी लोग थे उनसे उसकी नहीं पटती थी? क्या सचमुच अर्जुन का ध्यान अपने लक्ष्य पर इतना था कि उन्होंने वन्य जीवन को नहीं जिया, पक्षियों के कलरव नहीं सुने, पशुओं को क्रीड़ा करते हुए नहीं देखा, पेड़-पौधों से मधुर फल तोड़ कर नहीं खाए, फूलों से नहीं खेला? क्या सचमुच ऐसा है? आइए, जानते हैं कि महाभारत इस विषय में क्या कहता है, क्योंकि मुझे नहीं लगता रत्ना पाठक शाह को वेद व्यास से अधिक जानकारी है।

अर्जुन जहाँ भी गए, लोगों के मन में बस गए

हम आज मित्रता के मामले में श्रीकृष्ण और अर्जुन के संबंधों की दुहाई देते हैं। दोनों में ऐसा निःस्वार्थ संबंध था कि श्रीकृष्ण ने सारथि बन कर पूरे महाभारत के युद्ध में अर्जुन का मार्गदर्शन किया। युद्ध से पहले जो उनके उद्गार फूटे, उन्हें हम ‘भगवद्गीता’ के रूप में जानते हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना सखा माना। अगर अर्जुन में कोई गुण नहीं होता तो फिर द्वारकाधीश भला क्यों उन पर भरोसा जताते? कृष्ण-अर्जुन की जोड़ी लोकप्रिय हो पाती क्या?

अर्जुन और द्रोणाचार्य के संबंध के बारे में क्या ही कहना। गुरु द्रोण ने तो अर्जुन को इस धरती पर उस काल के सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर का तमगा दे रखा था। एकलव्य का अंगूठा लिए जाने के पीछे एक कारण ये भी बताया जाता है कि वो अर्जुन से अधिक शूरवीर किसी को देखना नहीं चाहते थे। बचपन से ही उनकी लगन एवं मेहनत के गुरु द्रोण कायल थे। एक बार उन्हें मगरमच्छ ने पानी में पकड़ लिया था, फिर अर्जुन ने मगर का मुँह बाणों से बींध कर अपने गुरु को छुड़ाया। जो एक सच्चा मित्र और शिष्य रहा, भला उसके बारे में कैसे कहा जा सकता है कि लोगों से उसके संबंध अच्छे नहीं थे?

नागकन्या उलूपी अर्जुन पर मोहित हो गई थी। दोनों ने विवाह भी कर लिया। उसने ही वरदान दिया था कि कोई जलीय जीव उसे नुकसान नहीं पहुँचा पाएगा। दोनों के पुत्र का नाम इरावन कहलाया। इसी तरह मणिपुर पहुँचने पर अर्जुन को वहाँ की राजकुमारी चित्रांगदा से प्रेम हुआ। उन दोनों का बभ्रुवाहन नामक एक पुत्र भी हुआ। स्वर्ग में इंद्रदेव से शिक्षा ग्रहण करने गए अर्जुन से अप्सरा उर्वशी को भी प्रेम हो गया था, लेकिन अर्जुन उसे उस नज़र से नहीं देखते थे।

अर्जुन ने जल, जंगल, पहाड़ सबको देखा, खूब देखा

और हाँ, अर्जुन ने वन भ्रमण के दौरान जंगल को देखा, खूब देखा। हरिद्वार यात्रा के समय रास्ते में उन्होंने रास्ते में रमणीय एवं विचित्र वन, सरोवर, नदी, सागर, देश और कई पुण्यतीर्थ देखे – इसका वर्णन महाभारत के आदिपर्व के 213वें अध्याय में आपको मिल जाएगा। हरिद्वार में ही उसका उलूपी के साथ मिलन हुआ था, उलूपी जब अर्जुन पर मोहित हुई तब वो गंगा नदी में ही स्नान कर रहा था। अगले ही अध्याय में वर्णन है कि अर्जुन ने अगस्त्यवट, वशिष्ठपर्वत और भृगुतुंगपुर का दौरा किया।

कई पवित्र स्थानों का अर्जुन ने भ्रमण किया। फिर वर्णन है कि उसने नैमिषारण्य में बहने वाली उत्पलिनी नदी, नंदा, अपरनन्दा, कौशिकी (कोसी), महानदी, गया तीर्थ और गंगा जी के भी दर्शन किए। अंग, वंग और कलिंग के तीर्थों में भी अर्जुन घूमे। अर्जुन ने मणिपुर के बाद पश्चिम की यात्रा आरंभ की और प्रभाष क्षेत्र में पहुँचे। वहीं पर श्रीकृष्ण ने भी उनसे मुलाकात की थी। वहाँ रैवतक पर्वत पर उन्होंने नट-नर्तकियों के नृत्य देखे। रत्ना पाठक शाह को समझना चाहिए कि अर्जुन का ध्यान लक्ष्य पर था, इसका मतलब ये नहीं कि उनका जीवन नीरस था।

वहीं पर अर्जुन ने श्रीकृष्ण को अपने भ्रमण और अन्य स्थानों की सुंदरता के बारे में बताया। उन्होंने कहाँ क्या देखा, ये सब वर्णित किया। रैवतक पर्वत पर अर्जुन वृष्णि एवं अंधक वंश के लोगों के एक बड़े उत्सव में सहभागी बने, गायन एवं नृत्य में हिस्सा लिया। उसी उत्सव में अर्जुन का श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा के साथ मिलन हुआ था। आगे वर्णन है कि कैसे बड़े भाई बलराम की इच्छा के विरुद्ध सुभद्रा को अर्जुन के साथ भगा दिया। अतः, अर्जुन के जीवन में उत्सव भी था और रंग भी।

रत्ना पाठक शाह को महाभारत पढ़नी चाहिए। ‘चिड़िया की आँख’ देखने का ये अर्थ कतई नहीं है कि आपको अपने आसपास की सुध ही न हो, आपके अपने आसपास के लोगों से अच्छे संबंध ही न हो। अर्जुन ने प्रेम भी किया, रास-विलास भी किया, धर्मकार्य भी किए, युद्ध भी लड़ा, वो एक अच्छे शिष्य और मित्र रहे, एक अच्छे भाई और पुत्र रहे। द्रौपदी को एकांत में युधिष्ठिर के साथ देखने के बाद उन्होंने भाई के वचन के लिए ही अज्ञातवास लिया था। खैर, नसीरुद्दीन शाह की बीवी को ये सबसे क्या मतलब।

रामलला का दर्शन करने पर कॉन्ग्रेस में महिला प्रवक्ता से बदतमीजी, ‘गेट आउट’ कह निकाला था: इस्तीफा देकर बोलीं राधिका खेड़ा – जिस पार्टी को 22 साल दे दिया…

कॉन्ग्रेस पार्टी की प्रवक्ता और मीडिया डिपार्टमेंट की कॉर्डिनेटर राधिका खेड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो चीखती-चिल्लाती और रोती नजर आई थी। वो पार्टी के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी से फोन पर बात भी कर रही थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अयोध्या में भगवान राम के पवित्र जन्मस्थान पर जाकर रामलला के दर्शन किए थे, इसकी वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में काफी कुछ सहना पड़ा। उनके साथ बदतमीजी की गई और गेट आउट बोलकर बाहर निकाल दिया गया। अब कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।

राधिका खेड़ा ने अपने त्यागपत्र में साफ तौर पर ये बात लिखा है कि रामलला के दर्शन की वजह से उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी में अपमानित किया गया। उन्होंने हर किसी से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बात कहीं नहीं सुनी गई। इससे आहत होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है। राधिका खेड़ा ने अपने इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर भी साझा की है।

अपने पत्र में राधिका ने लिखा है, ”हमेशा से धर्म का साथ देने वालों का विरोध होता रहा है। हिरण्यकश्यप, रावण और कंस इसके उदाहरण हैं। वर्तमान में प्रभु श्री राम का नाम लेने वालों का कुछ लोग इसी तरह से विरोध कर रहे हैं। हर हिंदू के लिए प्रभु श्री राम की जन्मस्थली पवित्रता के साथ बहुत मायने रखती है और रामलल्ला के दर्शन मात्र से जहाँ हर हिंदू अपना जीवन सफल मानता है, वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।’

उन्होंने आगे लिखा है, ‘मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज्यादा दिए, जहाँ NSUI से लेकर AICC के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया, आज वहाँ ऐसे ही तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ा है, क्योंकि मैं अयोध्या में रामलल्ला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई। मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर तक पहुँच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझ्य न्याय देने से इंकार कर दिया गया। मैंने हमेशा ही दूसरों के न्याय के लिए हर मंच से लड़ाई लड़ी है, किंतु जब स्वयं के न्याय की बात आई तो पार्टी में मैंने स्वयं को हारा हुआ पाया।’

राधिका खेड़ा ने आगे लिखा, “प्रभु श्री राम की भक्त व एक महिला होने के नाते मैं बेहद आहत हूँ। बार-बार पार्टी के समस्त शीर्ष नेताओं को अवगत कराने के बाद भी जब मुझे न्याय नहीं मिला, इससे आहत होकर मैंने आज यह कदम उठाया है। आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफा दे रही हूँ। हाँ, मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रही हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी। जय हिंद।”

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राधिका खेड़ा ने अपने साथ हुए घटनाक्रम को साझा किया। उन्होंने कहा, “राम लला की जन्मस्थली श्री अयोध्या धाम जाने पर मुझे इतना विरोध झेलना पड़ा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया, मुझे वहाँ धकेल दिया गया और कमरे में बंद कर दिया गया, मैं छोटे से लेकर बड़े से बड़े नेतृत्व तक चीखती-चिल्लाती रही , लेकिन मुझे न्याय नहीं मिला… लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि रामलला मुझे न्याय जरूर देंगे।”

राधिया खेड़ा ने अपने त्यागपत्र को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग रही हूँ व अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हूँ। हाँ मैं लड़की हूँ और लड़ सकती हूँ, और वही अब मैं कर रहीं हूँ। अपने व देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूँगी।”

बता दें कि कुछ दिन पहले राधिका खेड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो रोती नजर आ रही थी। वो वीडियो छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस दफ्तर का बताया गया था, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ था। राधिका ने अब बताया है कि अयोध्या में दर्शन करने की वजह से कॉन्ग्रेस पार्टी में उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था।

मस्जिद में मौलवी ने 19 साल की लड़की का किया बलात्कार, मुँह खोलने पर जान से मार डालने की धमकी: 1 दिन पहले परिवार को भेज दिया था गाँव

राजस्थान के पाली जिले में एक मस्जिद के अंदर एक लड़की से रेप का मामला सामने आया है। रेप का आरोप मस्जिद के मौलवी पर लगा है, जिसका नाम अब्दुल गनी है। 19 वर्षीया रेप पीड़िता को अब्दुल गनी ने मुँह खोलने पर जान से मार डालने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। FIR दर्ज होते ही मौलवी फरार हो गया है जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। घटना शुक्रवार (3 मई 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पाली जिले के थाना क्षेत्र नाना की है। यहाँ पीड़िता के परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि मौलवी उनके घर पिछले कई सालों से आ रहा था। मौलवी कहीं बाहर का निवासी है जो अपने परिवार को मस्जिद के पास ही ले कर रहता है। गुरुवार को मौलवी ने अपनी पत्नी को अपने पैतृक गाँव भेज दिया था। परिवार के घर जाने के बाद वह पीड़िता के घर गया। यहाँ उसने पीड़िता को कुछ जरूरी काम बता कर अगले दिन शुक्रवार को मस्जिद में आने के लिए कहा और वापस चला गया।

बताया जा रहा है कि मौलवी के कहे मुताबिक पीड़िता अगले दिन शुक्रवार को शाम लगभग 4 बजे मस्जिद पहुँची। यहाँ मौलवी लड़की को मस्जिद के अंदर ले गया और रेप करने की कोशिश की। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसे जान से मार डालने की धमकी दी गई। रेप के बाद मौलवी ने लड़की को धमकाते हुए आगे भी मुँह बंद रखने को कहा। इधर लड़की जब काफी देर तक घर नहीं लौटी तो उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की। आस-पड़ोस और परिचितों में जब पीड़िता नहीं मिली तो तलाश करते हुए परिजन मस्जिद पहुँचे।

शाम के लगभग साढ़े 5 बजे मस्जिद के एक कमरे में मौलवी लड़की के साथ बंद मिला। कमरे को खुलवाया गया तो पीड़िता ने परिजनों को सारी बात बताई। परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मौलवी अब्दुल गनी के खिलाफ FIR दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है। इधर अपने खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर पाते ही मौलवी फरार हो गया है। पुलिस अब्दुल गनी की तलाश कर रही है।

आतंकी संगठन हमास से हमदर्दी, गाजा के लिए रोना-धोना: इजरायल ने देश में ‘अल जज़ीरा’ पर लगाया ताला, सारा सामान भी जब्त किया

इजरायल ने अपने देश में कतर के प्रोपगेंडा चैनेल अल जजीरा का प्रसारण बंद कर दिया है। इस संबंध में इजरायल की संसद ने अप्रैल 2024 में एक कानून पास किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कैबिनेट ने रविवार (5 मई 2024) को इस फैसले पर मतदान किया। इसकी जानकारी नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर भी दी।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा सोशल मीडिया साइट X (इसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने हिब्रू भाषा में किए गए अपने पोस्ट लिखा, “मेरे नेतृत्व वाली सरकार ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया: उकसाने वाला चैनल अल जज़ीरा इज़रायल में बंद कर दिया जाएगा।”

वहीं, इस कानून की पुरजोर वकालत करने वाले संचार मंत्री संचार मंत्री श्लोमो करही ने कहा कि इसे लागू कर दिया। करही ने कहा, “हमारे आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे। बहुत अधिक समय बीत चुका है और अल जज़ीरा की अच्छी तरह से उकसाने वाली मशीनरी को रोकने के लिए बहुत सारी अनावश्यक कानूनी बाधाएँ आई हैं, जो राज्य की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाती है।”

संचार मंत्री ने आगे कहा, “हम अभी आदेश जारी कर रहे हैं। हमास का प्रचार [चैनल], जो इज़रायल के खिलाफ भड़काता है, जो इज़रायल और IDF सैनिकों की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाता है, उसका अब प्रसारण नहीं होगा। उसके उपकरण भी जब्त किए जाएँगे।” इस तरह अल जजीरा के उपकरण, कैमरे, माइक्रोफोन, सर्वर, लैपटॉप, वायरलेस ट्रांसमिशन उपकरण और कुछ मोबाइल फोन जब्त हो जाएँगे।

इजरायल का अल जज़ीरा के साथ लंबे समय से खराब रिश्ता रहा है। इजरायल अल जजीरा पर पक्षपात करने और हमास के साथ सहयोग करने का आरोप लगाता है। हालाँकि, कतर द्वारा फंडेड इस मीडिया संस्थान ने इन आरोपों को हर बार खारिज किया है। आतंकी संगठन हमास द्वारा पिछले साल इजरायल में किए गए हमले और उसके बाद इजरायल की कार्रवाई पर अल जजीरा की रिपोर्ट से दोनों के रिश्ते और तल्ख हो गए।

अल जजीरा आतंकी संगठन हमास के कारनामों की जगह इजरायल द्वारा आतंक विरोधी कार्रवाई में हो रहे नुकसान को दुनिया भर में दिखाकर प्रोपगेंडा फैलाता रहा है। इसको देखते हुए पिछले महीने प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अल जजीरा को चेतावनी दी थी और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं करने के लिए कहा था।

बेहोश होने तक जंगल में किया गैंगरेप, बिना कपड़ों के ही छोड़ कर भागा: घर से नाराज़ होकर निकली थी युवती, ताहिर अली के पाँव में लगी यूपी पुलिस की गोली

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार (4 मई, 2024) को पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में ताहिर अली नाम के बदमाश के पैर में गोली लगी है। ताहिर को गिरफ्तार कर के इलाज के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपित के पास से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुआ है। हिस्ट्रीशीटर ताहिर पर कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में गुरुवार (2 मई, 2024) को ताहिर ने अपने साथी सहित एक हिन्दू लड़की से रेप किया था।

तब रेप की वजह से बेहोश हो गई पीड़िता ने निर्वस्त्र हालत में ग्रामीणों से मदद माँगी थी। अब पुलिस को ताहिर के दूसरे साथी की तलाश है।

यह मामला गोरखपुर जिले के थाना क्षेत्र सहजनवा का है। यहाँ 3 मई, 2024 (शुक्रवार) को मूल रूप से आजमगढ़ के जीयनपुर निवासी 20 वर्षीया लड़की के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 2 मई (गुरुवार) को उनकी बेटी बिना किसी को कुछ बताए ही शाम 7 बजे घर से कहीं चली गई थी। लड़की के पिता पूरी रात जान-पहचान और रिश्तेदारी में खोजबीन करते रहे। अगले दिन 3 मई की सुबह उन्हें पता चला कि उनकी बेटी गोरखपुर के सहजनवा इलाके में है। वो फ़ौरन ही सहजनवा पहुँचे।

अपने पिता को देख कर पीड़िता ने उन्हें सारी बात बताई। लड़की ने बताया कि जब वो घर से गुस्सा हो कर निकली थी तो रास्ते में उन्हें एक युवक मिला। उस युवक ने पीड़िता को बहलाया-फुसलाया और अपने साथ ले कर गोरखपुर पहुँच गया। बताया जा रहा है कि ताहिर ने पीड़िता को गोरखपुर में नौकरी लगवाने का झाँसा दिया था। 2 मई की ही रात वह व्यक्ति पीड़िता को ले कर सहजनवा इलाके के एक जंगल की तरफ गया। यहाँ उसने अपने एक साथी को भी बुला लिया। इन दोनों ने पीड़िता के साथ पूरी रात रेप किया।

बाद में पीड़िता को आज़मगढ़ से गोरखपुर लाने वाले आरोपित की पहचान ताहिर अली के तौर पर हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर अली और एक अन्य आरोपित ने पीड़िता के पूरे शरीर को रात भर नोचा। लगातार रेप की वजह से पीड़िता जंगल में ही बेहोश हो गई। दोनों आरोपितों ने पीड़िता को बेहोशी की ही हालत में जंगल में छोड़ दिया और भाग निकले। होश आने पर पीड़िता ने खुद को निर्वस्त्र पाया। वह उसी हालत में जंगल से पास के गाँव में गई। यहाँ ग्रामीणों ने लड़की की मदद की। पीड़िता को कपड़े पहनाए गए और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस ने पीड़िता के पिता को सूचना दी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने IPC में गैंगरेप की धारा 376(D) के तहत FIR दर्ज कर ली। पुलिस की जाँच में लड़की से गैंगरेप के मुख्य आरोपित का नाम ताहिर अली निकला। ताहिर अली की तलाश में जुटी पुलिस को शनिवार (4 मई, 2024) को सफलता मिली। ताहिर की लोकेशन रानूखोर गाँव में मिलते ही पुलिस ने उसकी घेराबंदी की। पुलिस से घिरता देख कर ताहिर गोलियाँ चलाना शुरू कर दिया। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली ताहिर के पैर में लगी।

पुलिस ने घायलावस्था में पड़े ताहिर अली को गिरफ्तार कर लिया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। ताहिर अली मूलतः संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद क्षेत्र का निवासी है। गैंगरेप में शामिल ताहिर अली के दूसरे साथी की तलाश की जा रही है। एडिशनल एसपी गोरखपुर के मुताबिक, पुलिस इस मामले की जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई कर रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

‘संजय राउत ने मेरे पीछे जासूस छोड़े, अब मिल रही धमकी’: ₹1000 करोड़ के घोटाले की मुख्य गवाह का खुलासा

उद्धव ठाकरे ग्रुप की शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत मुंबई के पात्रा चॉल घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के मुख्य आरोपित हैं। ईडी इस केस की जाँच कर रही है। अब इस केस की मुख्य गवाह ने आरोप लगाया है कि संजय राउत उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे हैं। यही नहीं, उनकी जासूसी कराई जा रही है। इस केस की मुख्य गवाह डॉ स्वप्ना पाटकर ने बाकायदा पत्र लिखकर कार्रवाई की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के पात्रा चॉल घोटाले में मुख्य गवाह स्वप्ना पाटकर ने शिवसेना नेता संजय राउत पर धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने विधान परिषद की उपाध्यक्ष को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि वे उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने मामले में विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम ताई गोरहे से खुद की सुरक्षा करने की गुहार लगाई है। पाटकर ने यह भी बताया कि पहले राउत ने उनके पीछे जासूस लगाए अब उन्हें परेशान कर रहे हैं। 1034 करोड़ के इस घोटाले की जाँच ईडी कर रही है।

मुंबई के पात्रा चॉल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य गवाह पाटकर ने पत्र में लिखा, “संजय राउत मुझे और मेरे परिवार को परेशान कर रहे हैं। मैं जहाँ भी जाती हूँ, मेरा पीछा किया जाता है। 3 मई को बीकेसी में भी मेरा पीछा किया गया था। मुझ पर पहले भी हमला हो चुका है। एक मामला दर्ज किया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।”

उन्होंने दावा किया कि संजय राउत ने उन पर नजर रखने के लिए जासूसों को काम पर रखा था। “एक जासूस को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन राउत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुझे धमकी दी और मेरे साथ दुर्व्यवहार किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्हें पुलिस स्टेशन नहीं बुलाया गया। मुझे दुबई और पाकिस्तान से धमकी भरे कॉल आए। मेरे वाहन पर हमला किया गया। घर पर शराब की बोतलें फेंकी गईं।”

गौरतलब बै कि मुंबई के गोरेगांव में एक इलाका सिद्धार्थ नगर है। इसे पॉल चात्रा के नाम जाना जाता है। यहां 47 एकड़ में 672 घर बने हैं। 2008 में म्हाणा ने पात्रा चॉल को रीडेवलप के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया। इस प्रोजेक्ट के तहत लोगों को 672 फ्लैट दिए जाने थे और बची जमीन को प्राइवेट डेवलपर्स को बेचना था। इतने साल बीत जाने के बाद लोगों को अपने फ्लैट का इंतजार है। ईडी ने 1034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में संजय राउत को 1 अगस्त को गिरफ्तार भी किया था लेकिन, वो जमानत पर बाहर आ गए।

अब विद्यार्थियों के माता-पिता को उठाना होगा स्कूल में AC का खर्च: दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, कहा – ये भी स्मार्ट क्लास और लैब के ही जैसा

पहले से ही भारी फीस वसूल रहे दिल्ली के निजी स्कूल अब एयर कंडीशन के नाम पर और शुल्क ले सकेंगे। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसकी इजाजत दे ही है। दरअसल, एक मामले की सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि स्कूल में एयर कंडीशन (AC) का खर्च विद्यार्थियों के माता-पिता को उठाना होगा। इसका आर्थिक बोझ अकेले स्कूल मैनेजमेंट पर नहीं डाला जा सकता है।

दरअसल, दिल्ली में पढ़ाई के लिए या दो सरकारी स्कूल हैं या प्राइवेट स्कूल। प्राइवेट स्कूल बेहद महँगे हैं। निजी स्कूलों की औसत फीस आमतौर पर 6,000 रुपए प्रतिमाह है। अगर इसमें बस का किराया भी जोड़ दिया जाए तो यह 8-8.5 हजार रुपए प्रतिमाह पहुँच जाता है। ऐसे में अगर कोई स्कूल AC के नाम पर प्रतिमाह 2000 रुपए अतिरिक्त वसूलता है तो यह उन पर भारी बोझ बन जाता है।

ऐसा ही एक मामला 2 मई 2024 को कोर्ट के समक्ष आया। माता-पिता ने अपनी याचिका में कहा कि उनका लड़का दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा 9 का छात्र है। स्कूल प्रशासन बच्चों की क्लास में AC उपलब्ध कराने के लिए उनसे हर महीने 2,000 रुपए फीस वसूल रहा है। बच्चे के माता-पिता का तर्क था कि AC की सुविधा देने की जिम्मेदारी स्कूल मैनेजमेंट की है।

इस पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत अरोड़ा की बेंच ने कहा कि AC का चार्ज लेबोरेटरी और स्मार्ट क्लास के लिए दी जाने वाली फीस की तरह है। कोर्ट ने कहा कि स्कूल ने जो फीस रसीद जारी की है, उसमें एयर कंडीशनर के लिए अलग से पैसों का जिक्र है। इसलिए स्कूल चुनते समय वहाँ की सुविधाओं और कीमत का ध्यान रखना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि यह माता-पिता की जिम्मेवारी है कि इन सब बातों का वह ध्यान रखें। कोर्ट ने कहा कि क्लास में एयर कंडीशन की सुविधा देने का आर्थिक बोझ अकेले स्कूल मैनेजमेंट पर नहीं डाला जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने माता-पिता द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। वहीं, दिल्ली का शिक्षा निदेशालय ने कोर्ट में कहा कि इस तरह की मिल रही शिकायतों पर वह जाँच कर रहा है।

पाकिस्तानी जासूसों के लिए जुटाता था पैसे, इनामी ISI एजेंट जियाउल हक को यूपी ATS ने दबोचा: ISI को भेज रहा था भारतीय सेना की ख़ुफ़िया सूचनाएँ

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने भारतीय सेना की सूचनाएँ पाकिस्तान को भेज रहे एक ISI एजेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एजेंट का नाम जियाउल हक है। जियाउल पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। मूल रूप से बिहार के निवासी जियाउल हक को शनिवार (4 मई, 2024) को उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले से पकड़ा गया है। जियाउल हक से पूछताछ के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। ATS मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को UP ATS को फरार चल रहे जियाउल हक के संतकबीरनगर जिले में होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर ATS ने जिले में अपना जाल बिछाया। सूचना सही पाई गई और जियाउल हक खलीलाबाद रेलवे स्टेशन के पास पुलिस को मिल गया। ATS ने जियाउल हक को दबोच लिया और विस्तृत पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। आरोपित मूल रूप से बिहार के पश्चिम चम्पारण का निवासी बताया जा रहा है। वह भारतीय सेना की ख़ुफ़िया जानकारियाँ पाकिस्तान को भेजने वाली ISI टीम का सदस्य है।

क्या था मामला

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश ATS ने शुक्रवार (10 नवम्बर, 2023) को इजहारुल हुसैन और रियाजुद्दीन नाम के 2 ISI एजेंटों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। तब ATS ने पता लगाया था कि मार्च से अप्रैल 2022 के बीच गाजियाबाद के रियाजुद्दीन के खाते में संदिग्ध तौर पर 60 से 70 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इन खातों में बिहार के पश्चिम चम्पारण निवासी इजहारुल हुसैन का मोबाइल नंबर ऑपरेट हो रहा था। तब ATS ने गहराई से जाँच में पाया था कि ये पैसे भारत की सेना के साथ अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारियाँ हासिल करने के मकसद से भेजे जा रहे थे।

इसके अलावा यह फंडिंग भारत सरकार को अस्थिर करने और सुरक्षा तंत्र को प्रभावित करने के भी काम आने वाले थे। जानकारी में यह भी सामने आया था कि पाकिस्तान के इशारे पर देश के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी कर रहे इस गिरोह में रियाजुद्दीन और इजहारुल के अलावा अन्य मेंबर भी मौजूद थे। इसी केस की जाँच में बिहार के जियाउल हक का भी नाम सामने आया था। बताया जा रहा है कि जियाउल न सिर्फ खुद सैन्य प्रतिष्ठानों की ख़ुफ़िया जानकारियाँ पाकिस्तान को भेज रहा था बल्कि ISI एजेंटों के लिए फंड भी जुटा रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए जियाउल नेपाल की सिम का प्रयोग करता था। वह इसी सिम से अपने सोशल हैंडल भी बना रखा था। जियाउल ISI एजेंटों के लिए पैसे पहुँचाने के लिए कई बैंक खातों का प्रयोग भी करता था। जाँच में नाम आने के बाद से जियाउल हक फरार हो गया था। ATS ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। आखिरकार 4 मई, 2024 को जियाउल हक को गिरफ्तार कर लिया गया।

‘118 की स्ट्राइक से रन बना कर चाहते हो कि तालियाँ बजे: विराट कोहली के साथ-साथ स्टार स्पोर्ट्स पर भी नाराज़ हुए सुनील गावस्कर, कहा – हमें नीचा दिखाया जा रहा

भारतीय क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में शुमार सुनील गावस्कर ने फिर से विराट कोहली पर निशाना साधा है। उन्होंने विराट कोहली के स्ट्राइक रेट पर फिर से गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के बीच मैच के दौरान कहा कि अगर कोई 118 की स्ट्राइक रेट से रन बनाता है और 14वें-15वें ओवर में बिना मैच बचाए आउट हो जाता है, इसके बावजूद वो चाहता है कि लोग तारीफ करे, तो फिर ये अलग बात है। दरअसल, विराट कोहली ने इस आईपीएल जमकर रन बनाए हैं, लेकिन उनकी धीमी बल्लेबाजी की वजह से कई करीबी मैचों में आरसीबी को हार झेलनी पड़ी थी।

दरअसल, अपनी धीमी बल्लेबाजी पर निशाने पर आए विराट कोहली ने गुजरात टाइटंस और आरसीबी के मैच में अच्छी बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 44 गेंदों पर 70 रन बनाए थे। इसके बाद उनसे पूछा गया था कि वो धीमे स्ट्राइक रेट और स्पिनरों के सामने दिक्कत को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या सोचते हैं। इसके जवाब में विराट कोहली ने कहा था कि वो मैदान से बाहर हो रही बातों पर ध्यान नहीं देते। मेरा मानना है कि आज की बैटिंग से सारे सवालों के जवाब मिल गए होंगे।

उन्होंने अपनी बुराई करने वाले कमेंटेटरों पर निशाना साधा था, जिसे बार-बार टीवी पर दिखाया जा रहा था। इस बात से सुनील गावस्कर नाराज हो गए। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स चैनल की भी आलोचना की थी कि एक खिलाड़ी के बयान को बार-बार दिखाकर कमेंटेटरों को नीचा दिखाया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने विराट कोहली पर और भी तीखे हमले बोले।

गावस्कर ने न केवल विराट की आलोचना की, बल्कि टेलीविजन पर ओपनर बल्लेबाज के उस बयान को ‘दर्जन बार’ दिखाने के लिए ब्रॉडकास्टर स्टार स्पोर्ट्स पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “अगर आपका स्ट्राइक रेट 118 है, आप आते हैं और पहली गेंद का सामना करते हैं, और फिर आप 14वें या 15वें ओवर में आउट हो जाते हैं और आपका स्ट्राइक रेट 118 है। इसके बावजूद अगर आप इसके लिए तालियाँ चाहते हैं, तो यह थोड़ा अलग है।”

गावस्कर ने आगे कहा, “लेकिन स्टार स्पोर्ट्स के लिए यह दिखाना कि कोई व्यक्ति अपने ही कमेंटेटरों को नीचा दिखा रहा है, मुझे यकीन नहीं है कि यह बहुत अच्छी बात है। इसलिए मुझे लगता है कि स्टार स्पोर्ट्स को यह समझने की जरूरत है कि उन्होंने इसे कई बार दिखाया है, हर किसी को संदेश मिल गया है।”

गावस्कर ने कोहली की बातों पर जवाब में कहा, “कमेंटेटरों ने सवाल तब उठाया, जब स्ट्राइक रेट 118 का था। मैं दूसरे कमेंटेटरों के बारे में नहीं जानता कि उन्होंने क्या कहा, लेकिन अगर आप 14-15वें ओवर में आउट होते हैं और तालियाँ चालते हैं, तो ये बिल्कुल अलग बात है।” उन्होंनेकहा कि हम जो देखते हैं, वही बोलते हैं। जरूरी नहीं कि हम किसी को पसंद या नापसंद करें तभी बोलें। हम तो तथ्यों पर बात कर रहे हैं।

बता दें कि आईपीएल 2024 में विराट कोहली ने सर्वाधिक 542 रन बनाए हैं और वो ऑरेंज कैप होल्डर हैं लेकिन ESPN क्रिकेटइंफो के इंपैक्ट प्वॉइंट्स के मुताबिक, उनके 542 रन महज 475 रनों के बराबर हैं। ऐसा कम स्ट्राइक रेट की वजह से भी हो सकता है। वहीं, सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 509 रन ही बनाए हैं, लेकिन इंपैक्ट प्वॉइंट के हिसाब से ये रन 505 रनों के बराबर हैं। वहीं, ट्रेविस हेड ने 396 रन ही बनाए हैं, लेकिन ये रन 480 रनों के बराबर हैं।