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नाम शाकिब लेकिन फेसबुक पर सागर, दलित नाबालिग लड़की से की दोस्ती… पोल खुलने पर घर में घुस कर रेप की कोशिश, पूरे परिवार को खत्म करने की दी धमकी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ शाकिब नाम के युवक ने फेसबुक पर हिन्दू नाम से ID बना कर नाबालिग दलित समुदाय की एक लड़की के साथ दोस्ती की। शाकिब की असलियत जानने के बाद नाबालिग पीड़िता उससे दूरी बनाने लगी। इससे नाराज आरोपित ने 3 मई 2024 को साथियों सहित पीड़िता के घर में घुस कर रेप करने का प्रयास किया। विरोध करने पर लड़की की पिटाई भी की गई। सोमवार (6 मई 2024) को मामले की शिकायत थाने में की गई। पुलिस ने FIR दर्ज करके मामले की जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला सहारनपुर जिले के थानाक्षेत्र सदर बाजार का है। 6 मई को नाबालिग पीड़िता अपनी माँ और हिन्दू संगठन के सदस्यों के साथ शिकायत करने थाने पहुँची। पीड़िता ने बताया कि काफी समय पहले उसे सागर नाम की फेसबुक ID से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। कुछ ही दिनों में दोनों में बातचीत होने लगी। सागर पीड़िता को मिलने के लिए भी बुलाने लगा। एक दिन लड़की ने शाकिब की फेसबुक प्रोफ़ाइल ठीक से चेक की तो वो मुस्लिम निकला। पीड़िता को अब पता चल चुका था कि जिसे वो सागर समझ रही थी, वो असल में शाकिब था।

शाकिब की पोल खुलने के बाद पीड़िता ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। कुछ दिनों तक शाकिब ने पीड़िता का पीछा किया लेकिन उसकी दाल नहीं गली। इसके अलावे वो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से नाबालिग को कॉल करके परेशान भी करने लगा था।

एक दिन तबियत खराब होने पर नाबालिग पीड़िता दवा लेने जा रही थी। तब रास्ते में रोक कर शाकिब ने उसकी पिटाई की थी। फिर 6 मई को शाकिब पीड़िता के घर पर अपने 4 साथियों के साथ आ धमका। लड़की घर पर अकेली थी। शाकिब ने पीड़िता से रेप का प्रयास किया, प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़छाड़ की। लड़की ने जान बचाने के लिए शोर मचाया तो शाकिब ने साथियों सहित उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

नाबालिग पीड़िता की चीख-पुकार सेन लोगों को जमा होते देख शाकिब साथियों सहित भाग कर छिप गया। इसके बाद लड़की अपनी जान बचाने के लिए पड़ोस में रहने वाली एक महिला के घर पहुँची। यहाँ भी शाकिब पहुँच गया और फिर से पीड़िता की पिटाई की। पिटाई के बाद आरोपित ने लड़की और उसके परिवार वालों को जान से मार डालने की भी धमकी दी।

पिटाई, धमकाने और गालियाँ देने में शाकिब के चारों साथी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपित वीडियो रिकॉर्डिंग होने की बात कह कर उसे ब्लैकमेल करता था। वह लड़की के साथ उसकी माँ को भी गंदी-गंदी गालियाँ देता था।

पीड़िता बेहद गरीब परिवार से है। उसकी माँ लोगों के घर में झाड़ू-पोछा और खाना बना कर परिवार चलाती है। 6 मई की दोपहर जब वो काम से घर लौटीं तो पीड़िता नीचे बैठी थी और घर का सामान बिखरा पड़ा था। लड़की अपनी माँ को पकड़ कर रोने लगी और सारी घटना बताई।

नाबालिग पीड़िता की माँ का दावा है कि उन्हें अभी भी शाकिब की तरफ से धमकियाँ मिल रही हैं। महिला के सिर पर वार करने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार डर से न खा पा रहा है और न ही ठीक से सो पा रहा।

पीड़िता की माँ का कहना है कि सहारनपुर के हिन्दू संगठनों ने उनकी बहुत मदद की। इन सभी ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिया बल्कि खाने-पीने के सामान भी मुहैया करवाए। लड़की की माँ ने खुद को हिन्दू संगठनों का आभारी बताया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए सहारनपुर के हिंदू योद्धा परिवार की महिला मोर्चा पदाधिकारी वर्षा पराशर ने बताया कि उन्हें पुलिस द्वारा पीड़िता की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई न करने की जानकारी हुई थी। वर्षा अपने सहयोगियों के साथ थाने पहुँचीं और आरोपित के खिलाफ केस दर्ज करवाया। सहारनपुर पुलिस FIR दर्ज करके जाँच कर रही है।

तीसरे चरण में भी बंगाल में चुनावी हिंसा जारी, कॉन्ग्रेस नेता के यहाँ फेंका गया देसी बम, फर्जी पोलिंग एजेंट बनाने के आरोप: 11 बजे तक 32.82% वोटिंग

लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण के लिए मंगलवार (7 मई, 2024) को देश के 11 राज्यों-केन्द्रप्रशासित प्रदेशों की 93 लोकसभा सीटों पर मतदान जारी है। इस चरण में पश्चिम बंगाल की 4 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। तीसरे चरण में भी पश्चिम बंगाल से चुनावी हिंसा की खबरें आ रही हैं।

तीसरे चरण में पश्चिम बंगाल की जंगीपुर, मालदा दक्षिण, मालदा उत्तर और मुर्शिदाबाद की सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सीटों से चुनावी हिंसा की सूचनाएँ आई हैं। भाजपा ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर चुनाव में दखलंदाजी के आरोप लगाए हैं। वहीं एक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता के घर पर देसी बम फेंके जाने की भी सूचना है। एक जगह पर कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना पोलिंग एजेंट बूथ पर से भगाए जाने और उसकी जगह पर फर्जी पोलिंग एजेंट लगाए जाने की शिकायत की है।

पश्चिम बंगाल की जंगीपुर सीट के एक बूथ पर एक तृणमूल कॉन्ग्रेस के बूथ अध्यक्ष ने भाजपा उम्मीदवार धनंजय घोष से बहस और हाथापाई की। धनंजय घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल का यह कार्यकर्ता पहले भी पंचायत चुनावों में दखलअन्दाजी करते हुए देखा गया और फिर से यही करने का प्रयास कर रहा था। धनंजय ने बताया कि उनके पहुँचने के कारण यह संभव नहीं हो सका। मामले को पुलिस-केन्द्रीय सुरक्षा बलों ने दखल देकर शांत किया है।

इसके अलावा मुर्शिदाबाद के हरिहरपाड़ा इलाके में एक कॉन्ग्रेस नेता के घर पर देसी बम फेंका गया। कॉन्ग्रेस ने अपने नेता के घर पर हुए हमले के पीछे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं का हाथ बताया है। बताया गया है कि ऐसा वोटरों को धमकाने के लिए किया गया। इसी इलाके से सोमवार (6 मई, 2024) को 25 से अधिक देसी बम और बम बनाने का सामान पकड़ा गया था। पुलिस ने बमों को डिस्पोस कर दिया था।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से ही पोलिंग एजेंट बदलने का आरोप भी सामने आया है। मुर्शिदाबाद के कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया कि एक बूथ पर उनके पोलिंग एजेंट को बाहर भगा दिया गया, उसने छुप कर अपनी जान बचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एजेंट को डराया धमकाया गया। उनकी पार्टी के एजेंट की जगह पर एक फर्जी आदमी को बिठा दिया गया। मामले को स्थानीय अधिकारियों से शांत करवा दिया है।

हिंसा और डराने-धमकाने की ख़बरों के बीच पश्चिम बंगाल में 11 बजे तक 32.82% मतदान हुआ है। देश भर में 11 बजे तक 25.4% मतदान की सूचना है। महाराष्ट्र मतदान के मामले में सबसे पीछे हैं जहाँ 11 बजे तक मात्र 18% मतदान ही रिकॉर्ड किया था सका था।

जिस शफीक ने गर्भवती बहन के पेट में घोंपे चाकू, हिंदू जीजा का सोते में गला रेता… उसे 8 साल बाद मिली आजीवन कारावास की सजा

महाराष्ट्र के ठाणे में जिला अदालत ने हिंदू युवक का गला रेतने और अपनी गर्भवती बहन की हत्या करने के मामले में शफीक शम्सुद्दीन मंसूरी नाम के आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीएस देशमुख ने शफीक को आईपीसी की धारा 302 और अन्य प्रासंगित प्रावधानों के तहत दोषी करार दिया है। इसके अलावा उसके ऊपर 1.10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

मंसूरी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से 12 लोगों ने गवाही दी है। इस दौरान ये भी सामने आया है कि कैसे मंसूरी, दोनों लोगों की हत्या की साजिश एक साल पहले से रच रहा था और बकरीद के ठीक बाद 15 सितंबर 2016 को उसने इस घटना को अंजाम दिया था।

अपनी बहन और जीजा को मंसूरी ने इस बेरहमी से मारा था कि उनका शव क्षत-विक्षत था। पड़ोसियों को अगले दिन जब शव की दुर्गंध आनी शुरू हुई तो फिर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और बाद में पूरा मामला खुला।

मौजूदा जानकारी बताती है कि शफीक अपनी कजन बहन के हिंदू लड़के से शादी करने पर नाराज था। उसने एक साल उन्हें खोजने में लगाया और जब उनके बारे में उसे पता चला तो उसने हत्या की साजिश रची। शुरू में मीडिया में पुलिस के हवाले से ये भी कहा गया था कि शफीक ने ये हत्या बकरीद पर बतौर कुर्बानी के तौर पर की।

घटना से पहले शफीक ने घर जाकर विजय को खूब दारू पिलाई और फिर देर रात चाकू लेकर उसका गला रेत दिया। आवाज सुनकर जब सूफिया उर्फ प्रिया यादव उठी तो उसने ये जानते हुए कि वो गर्भवती है उसके पेट में भी चाकू घोंपे और कहा- “तू तो हमारे लिए तब ही मर गई थी जब तूने इससे शादी की। ये बच्चा हमें नहीं चाहिए।”

इस हत्या को अंजाम देने के बाद शफीक वहाँ से निकल गया और अपना फोन भी बंद कर लिया। बाद में जब शफीक की गिरफ्तारी हुई तो ठाणे क्राइम ब्रांच के ऑफिसर ने कहा कि मंसूरी को उसके परिजनों का सपोर्ट है, वो उसे बचाने आएँगे लेकिन लड़की का शव लेने कोई आगे नहीं आया था।

बता दें कि ये कोई पहला मामला नहीं है जहाँ हिंदू से शादी करने पर गर्भवती महिला की निर्मम हत्या की गई हो। इससे पहले 4 मई को दो लोगों को सजा-ए-मौत दी गई थी और 5 जीवन को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वो मामला 2017 का था जब एक गर्भवती मुस्लिम महिला को उसके घरवालों ने मौत के घाट उतारने के लिए जिंदा जला डाला था। घटना को अंजाम कर्नाटक के बीजापुर जिले के गुंडाकनाला गाँव में दिया गया था। महिला का नाम बानू बेगम था। उसने वाल्मिकी समाज के सायबन्ना से प्रेम हो गया था। परिवार खिलाफ था इसलिए शादी बर्दाश्त नहीं कर पाया और ये घटना को अंजाम दिया गया।

जिसके मोबाइल में लादेन की फोटो, जिहाद संबंधी प्रचार सामग्रियाँ, ISIS का कत्लेआम वाला वीडियो… उस अम्मार अब्दुल रहमान को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने मारे गए आतंकी ओसामा बिन लादेन की फोटो अपने मोबाइल में रखने वाले आरोपित अम्मार अब्दुल रहमान को जमानत दे दी है। अम्मार अब्दुल रहमान मरहूम कॉन्ग्रेस विधायक बीएम इदिनब्बा का पोता है। उसके मोबाइल में लादेन की फोटो के अलावा ISIS द्वारा बेरहमी से की गई हत्याओं के वीडियो, ISIS के झंडे सहित जिहाद को बढ़ावा देने संबंधी प्रचार सामग्रियाँ भी थीं।

अदालत में अपने फैसले में कहा है कि मोबाइल में आतंकी की फोटो या ISIS के झंडे रखने से ये नहीं माना जा सकता है कि वो प्रतिबंधित संगठन का सदस्य है। हाईकोर्ट का यह भी मानना है कि ऐसी तमाम सामग्रियाँ इंटरनेट पर उपलब्ध हैं। यह फैसला सोमवार (6 मई 2024) को सुनाया गया, जिसे 10 अप्रैल 2024 को रिजर्व कर लिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की सुनवाई जस्टिस सुरेश कुमार कैत और मनोज जैन की बेंच में हुई। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों को सुन कर अदालत ने अपना फैसला 10 अप्रैल को रिजर्व कर लिया था। 6 मई को फैसला आरोपित रहमान के हक में आया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि किसी के द्वारा अपने मोबाइल में आतंकी की फोटो डाउनलोड कर लेने का मतलब यह नहीं माना जा सकता है कि वह स्वयं उस संगठन से जुड़ा हुआ है। अदालत ने बताया कि ऐसी तस्वीरें इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध है।

बताते चलें कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अगस्त 2021 में अम्मार अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया था। तब उस पर कट्टरपंथी होने का आरोप लगाया गया था। NIA ने यह केस IPC की धारा 120 बी और UAPA के तहत दर्ज किया था।

FIR में NIA ने बताया था कि भारत में खलीफा का राज कायम करने के लिए रहमान ISIS आतंकियों के सम्पर्क में था। उस पर जम्मू कश्मीर और कुछ अन्य जगहों पर आतंकियों के साथ देश विरोधी साजिश में शामिल होने का भी आरोप लगा था।

सबूत के तौर पर NIA ने रहमान के मोबाइल फोन की जाँच आख्या पेश की थी। इस आख्या में रहमान द्वारा स्क्रीन रिकॉर्डर के माध्यम से ISIS द्वारा बेरहमी से की गई हत्याओं के वीडियो, ISIS के झंडे व अन्य प्रचार सामग्री के साथ मारे जा चुके आतंकी ओसामा बिन लादेन की तस्वीरें डाउनलोड करना शामिल है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने रहमान की जमानत का विरोध किया। अदालत ने हालाँकि NIA की दलीलों और पेश किए गए सबूतों को नाकाफी माना और अम्मार अब्दुल रहमान को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

‘तानाशाह मोदी’ की 3 ‘तानाशाही’: कोलकाता पुलिस को डिलीट करना पड़ा ट्वीट, मुस्लिमों को कॉन्ग्रेस के खिलाफ ‘भड़काया’

सोशल मीडिया पर बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर एक वीडियो शेयर करने के आरोप में कोलकाता पुलिस ने एक्स यूजर को जो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, वो ट्वीट अब डिलीट कर लिया गया है। पुलिस के उस ट्वीट के बाद तमाम एक्स यूजर एक के बाद एक शेयर करके वायरल कर रहे थे और कहा जा रहा था कि कोई वीडियो शेयर न करे वरना बंगाल पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

बंगाल पुलिस के उस ट्वीट के बाद लगातार कई वीडियो अकॉउंट्स से वीडियो शेयर हुई, जिसके बाद लकाता पुलिस ने अपना ट्वीट डिलीट किया। लेकिन इसी बीच एक दिलचस्प चीज और देखने को मिली। वो थी ममता बनर्जी जैसी पीएम मोदी की वीडियो।

फनी वीडियो देख पीएम मोदी ने की तारीफ

जिस वीडियो को देखने के बाद बंगाल पुलिस द्वारा सोशल मीडिया यूजर को कार्रवाई लेने की बात कही गई थी, उसी वीडियो में अपना चेहरा देखने के बाद पीएम मोदी ने उसे अपने अकॉउंट से शेयर किया और साथ ही उस वीडियो को मजेदार कहकर सोशल मीडिया यूजर्स की क्रिएटिविटी की हौसला अफजाही भी की।

एक ही जैसे मामले पर दो राजनेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने के बाद अब एक नई बहस छिड़ गई है। ये बहस है कि आखिर असली तानाशाह कौन है? कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी हमेशा से पीएम मोदी पर जो डिक्टेटर होने का इल्जाम लगाते हुए आई हैं वो असल में कितना फर्जी था जबकि असली तानाशाह की परिभाषा तो उनकी राज्य की पुलिस ने गढ़ी है।

सोशल मीडिया पर बहस तेज है कि एक ओर पीएम मोदी हैं जो अपने पर बनी ऐसी वीडियोज को फनी कंटेंट को फनी समझकर उसे शेयर करते हैं, दूसरी ओर ममता सरकार है जो उसे फनी समझना तो दूर उसे लॉ एंड ऑर्डर पर खतरा बताती है और जब आलोचना होती है तो चुपके से ट्वीट डिलीट कर लिया जाता है।

गाली देने पर भी रिहा है लोग- क्या ये तानाशाही है?

उधर पीएम मोदी ने अपने इंटरव्यू में उन्हें तानाशाह कहे जाने की परिभाषा पर जवाब दिया है। पीएम ने एक इंटरव्यू में कहा है कि कुछ लोग उन्हें आए दिन गाली देते हैं, उनके परिवार को उलटा बोलते हैं, लेकिन जब वो इन बातों का विरोध करते हैं या कोई जवाब देते हैं तो उन्हें डिक्टेटर कह दिया जाता है। इतना ही नहीं, इंटरव्यू में पीएम मोदी ने ये भी कहा कि एक बार तानाशाही पर 100 प्वाइंट बनाकर अच्छे से वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जाए कि असल में कॉन्ग्रेस-भाजपा में से किसने तानाशाही की है।

मुस्लिम समुदाय के लिए सोचते हैं पीएम मोदी

इतना ही नहीं अपने इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस को भी खूब लताड़ा। सालों से कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के मन में जो नफरत भरने का प्रयास किया है उसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने मुस्लिमों से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि भाजपा कुछ गलत कर रही है तो वो चले जाएँ भाजपा कार्यालय और एक दिन बैठकर देखें कि हो रहा है। पीएम मोदी ने मुस्लिमों को जोर देकर कहा-

“मैं नहीं चाहता हूँ कोई समाज बंधुआ मजदूर की तरह जिंदगी जिये। क्योंकि कोई डरा रहा है, दूसरा अगर आप बैठना-उठना शुरू करोगे, भाजपा वाले आपको डर वाले लगते हैं, अरे जाओ ना 50 लोग बैठकर भाजपा कार्यालय में एक दिन बैठे रहो निकाल देंगे क्या आपको, अब देखिये क्या चल रहा है, कौन निकाल देगा आपको, कब्जा करो न जाकर बीजेपी कार्यालय में आपको कौन रोकता है।”

असली तानाशाह कौन?

मालूम हो कि पीएम मोदी जब से सत्ता में आए हैं उन्होंने हमेशा से हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है, लेकिन विपक्ष की राजनीति अफवाहें फैलाते हुए उन्हें तानाशाह साबित करने की रही है। मोदी सरकार कोई नया कानून बनाए तो, जनहित में कोई योजना लागू करे तो या दुश्मन मुल्क को मुँहतोड़ जवाब दे तो… हर स्थिति में उन्हें तानाशाह कह दिया जाता है। लेकिन उक्त मामले अगर देखें तो साफ पता चलेगा कि आज के समय में तानाशाही वो नहीं है जो पीएम मोदी के कार्यकाल में हो रही है, बल्कि वो है जो उनसे घृणा करने वाले उनके समर्थकों के साथ कर रहे हैं।

पीएम मोदी को गाली दिए जाने के बाद भी राजनेता आजाद घूमते हैं, उनके परिवार को गलत बोलने वालों पर कार्रवाई नहीं होती, मीम शेयर करने वालों बढ़ावा मिलता है, वो हमेशा उस वर्ग की चिंता करते हैं जिनके मन में पीएम के लिए नफरत भरी जा रही है… तो क्या ये सब तानाशाही में आता है। ज्यादा वक्त नहीं बीता। याद कीजिए उद्धव ठाकरे का कार्टून शेयर करने पर कैसे एक पूर्व नेवी ऑफिसर की पिटाई हुई थी। सोनिया गाँधी के बारे में बोले जाने पर कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उत्पात मचाया था और ममता बनर्जी के खिलाफ कुछ बोलने पर विवाद इतना हो गया था कि बात गिरफ्तारियों तक आ गई थी और आज फिर वीडियो शेयर करने पर वही चेहरा सामने आया है।

ये सब हाल की बातें हैं जो बीतें 4-5 साल में हुईं। तानाशाही की परिभाषा और अच्छे से समझने के लिए इमरजेंसी काल जैसे उदाहरण मिल जाएँगे जब सत्ता ने सामान्य जन के अधिकारों को सिर्फ इसलिए छीना न कि कुर्सी उनसे न छिन जाए या उस पर खतरा न आ जाए।

मस्जिद के अंदर 12 साल की बच्ची से रेप, प्यास लगने पर गई थी पानी पीने: अक़दस चंदू को महाराष्ट्र पुलिस ने दबोचा

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से सटे कल्याण जिले में एक नाबालिग लड़की से रेप की खबर है। यह रेप मस्जिद के अंदर किया गया है। पीड़िता मस्जिद के अंदर पानी पीने गई थी। आरोपित का नाम अक़दस चंदू है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फल बेचने वाला अक़दस साल भर पहले भी इसी पीड़िता के साथ रेप कर चुका है, अब उसने ये हरकत दोहराई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कल्याण के थानाक्षेत्र बाजारपेठ की है। यहाँ की रहने वाली 12 वर्षीया एक लड़की दुकान से केक खरीदने गई थी। रास्ते में उसे प्यास लगी तो पास की एक मस्जिद में पानी पीने चली गई। मस्जिद के भीतर ही अक़दस चंदू ने पीड़िता का रेप किया।

अक़दस ने रेप से पहले पीड़िता को पीछे से जकड़ कर मुँह बंद कर दिया था। बाद में वो जबरन लड़की को मस्जिद के बाथरूम में उठा कर ले गया। यहाँ पर उसने लड़की से रेप किया। जब पीड़िता चीखने-चिल्लाने लगी तो अक़दस चंदू वहाँ से भाग निकला। जैसे-तैसे पीड़िता अपने घर पहुँची और परिजनों को सारी बात बताई।

लड़की के घर वालों ने बाजारपेठ थाने में अक़दस चंदू के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपित ने 1 साल पहले भी पीड़िता से रेप किया था। पुलिस द्वारा मामले की जाँच करवाई जा रही है।

पुलिस ने अक़दस के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाजारपेठ इलाके में ही रहने वाला अक़दस चंदू फल बेचता है। इस घटना से पीड़िता काफी डर गई थी। उसका मेडिकल परीक्षण और काउंसिलिंग करवाई जा रही है।

फेसबुक पर बनाई प्रिंस नाम से ID; जामा मस्जिद में बुलाकर हिन्दू लड़की से किया रेप… मुरादाबाद में फैज़ पर FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। खुद को प्रिंस बताकर फैज़ ने एक हिन्दू लड़की से दोस्ती की। बाद में पीड़िता को जामा मस्जिद के पास बुलाकर रेप किया। आरोपित ने पीड़िता को जबरन दिल्ली भी ले जाने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार (3 मई 2024) को FIR दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

यह घटना मुरादाबाद के थाना क्षेत्र मुगलपुरा की है। शुक्रवार को यहाँ एक हिन्दू लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में मुरादाबाद के छजलैट निवासी पीड़िता ने बताया कि फेसबुक पर उसकी जान-पहचान प्रिंस नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। थोड़े समय बाद दोनों में दोस्ती हो गई। 28 अप्रैल 2024 को प्रिंस ने उसे मिलने के लिए बुलाया।

यहाँ प्रिंस पीड़िता को जामा मस्जिद क्वार्टर के पास लेकर गया और पीड़िता से रेप किया। पीड़िता जैसे-तैसे प्रिंस बने फैज़ के चंगुल से निकल पाई। शिकायत में आगे बताया गया है कि जब वो फैज़ के चंगुल से निकलकर भाग रही थी, तब उसे रोक लिया गया। उसने पीड़िता को घर तक छोड़ आने का झाँसा दिया। फैज़ लड़की को घर ले जाने के बजाय धोखे से बस में बैठाकर दिल्ली ले जाने लगा।

आखिरकार पीड़ित लड़की खुद को फँसता देखकर घबरा गई और शोर मचाने लगी। लड़की की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहाँ पहुँच गए। लोगों के आता देखकर फैज़ वहाँ से भाग निकला। पीड़िता की मदद करने वालों ने उसे पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी। अपनी शिकायत में पीड़िता ने फैज़ पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

आरोपित फैज़ मुगलपुरा थानाक्षेत्र के जामा मस्जिद क्वार्टर के पास रहता है। पुलिस ने उसे नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। आरोपित के खिलाफ IPC की धारा 376 के तहत कार्रवाई की गई है। मुरादाबाद पुलिस के मुताबिक मामले में जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

‘बिना एक शब्द बोले गालियाँ सहता हूँ, फिर भी कहते हैं तानाशाह’: ‘टाइम्स नाउ’ से इंटरव्यू में माँ को याद कर भावुक हुए PM मोदी, मुस्लिमों को – आत्ममंथन कीजिए कि कॉन्ग्रेस ने क्या दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘टाइम्स नाउ’ और ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ पर पत्रकार नाविका कुमार और सुशांत सिन्हा को इंटरव्यू दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि काशी में अंतिम चरण में चुनाव है, उनकी पार्टी ने एक बार फिर उन्हें वहाँ से उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने बताया कि 2014 में जब वो पहली बार काशी गए तो नामांकन के बाद उन्होंने कहा था, “ना मैं यहाँ आया हूँ, न मुझे किसी ने भेजा है, मुझे तो माँ गंगा ने बुलाया है।” बकौल पीएम मोदी, आज उन्हें लगता है कि माँ गंगा ने उन्हें गोद लिया है।

भावुक पीएम मोदी ने कहा कि 10 वर्षों में वाराणसी से उनका ऐसा नाता जुड़ गया है कि वो कहीं भी ‘मेरी काशी’ बोलते हैं, एक माँ-बेटे का जो रिश्ता होता है। कॉन्ग्रेस के घोषणा-पत्र पर झूठ बोलने के आरोप पर पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार CAA का कानून लेकर आई, सब कुछ साफ़-साफ़ कहा गया और लिखा गया, सीधा-सीधा वो कानून नागरिकता देने के लिए आया, उसमें नागरिकता लेने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कॉन्ग्रेस के झूठ पर पूछा कि क्या आपने कभी उसका फैक्ट-चेक किया?

Inheritance टैक्स पर पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी विकसित देश में ऐसा नहीं होता है, कॉन्ग्रेस नेताओं के भाषणों में बार-बार ये बात आ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला हक़ मुस्लिमों का है, कॉन्ग्रेस संपत्ति ले लेगी तो उन्हीं लोगों को देगी। बकौल पीएम मोदी, वो को कॉन्ग्रेस खुल कर इस बार बेनकाब कर रहे हैं इसीलिए वो बौखलाए हुए हैं, ये दोगलापन है।

पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर, अनुच्छेद-370 और UCC का जिक्र भाजपा अपने घोषणा-पत्र में करती थी, अंतिम पंक्ति रखती थी तब भी अख़बार घोषणा-पत्र में यही रखते थे और कहा जाता था कि मंदिर बनाने की तारीख़ नहीं बताएँगे। उन्होंने कहा कि मीडिया ने कॉन्ग्रेस के घोषणा-पत्र का वैसा पोस्टमॉर्टम नहीं किया। उन्होंने बताया कि जब ‘संविधान दिवस’ मनाने की बात की गई तो मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध किया। बकौल पीएम मोदी, संविधान पर स्कूल-कॉलेजों में चर्चा हो, ये आम आदमी से जुड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि कैसे संविधान के 60 वर्ष पूरे होने पर बतौर CM उन्होंने हाथी पर संविधान रख कर यात्रा निकाली और खुद पैदल चले। उन्होंने पूछा कि भाजपा के घोषणा-पत्र में या उनके भाषण में कहीं संविधान बदलने की बात लिखी है क्या? जबकि खुद के सवाल पर कॉन्ग्रेस कहती है कि हमारे घोषणा-पत्र में फलाँ चीज नहीं लिखी है। पीएम मोदी ने कहा कि ये दोगलापन नहीं चलेगा। मजहब के आधार पर आरक्षण न आने देने के अपने वादे को भी पीएम मोदी ने दोहराया।

पीएम मोदी ने कहा कि संविधान सभा ने ही ये तय किया था कि मजहब के आधार पर आरक्षण देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है, जबकि छूत-अछूत और भेदभाव के कारण उसका प्रायश्चित करना ज़रूरी था। बकौल पीएम मोदी, संविधान सभा में बैठे सभी सनातनी थे, नेहरू जैसे कुछ अपवाद हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि डॉ राजेंद्र प्रसाद टीका लगा कर बैठते थे। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि संविधान की भावना के विरुद्ध वो नहीं जाएँगे, इसका मतलब ये नहीं कि मुस्लिमों को आरक्षण नहीं मिलेगा।

पीएम मोदी ने EWS की याद दिलाते हुए कहा कि सामान्य वर्ग के गरीबों को इसके तहत आरक्षण मिला और उसमें मुस्लिम समाज के भी लोग हैं। बकौल पीएम मोदी, वो ये कह नहीं रहे कि मुस्लिमों को नहीं देंगे, लेकिन मजहब के आधार पर रचना नहीं होनी चाहिए। दलितों एवं जनजातीय समाज के संबंध में उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर ने सही निर्णय किया, इसके पीछे हजारों वर्षों का विरोध है। उन्होंने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी घोषणा-पत्र में राम मंदिर, 370 और UCC रहता था, अब इनमें से जो हो गया है वो नहीं रहेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “जब 100% की बात की जाती है तो ये समाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की गारंटी है। हमने 4 करोड़ घर बनाए। 3 करोड़ और घर देने की योजना हम बना रहे हैं। मैं चुनावी सभाओं में कहता हूँ कि किसी को घर या नल योजना का लाभ नहीं मिला है तो वो उन्हें लिख कर भेज दें, उनके तीसरे टर्म में ये मिल जाएगा। न हम इस्लाम के विरोधी हैं न मुस्लिम के, हमारा ये काम नहीं है। नेहरू के जमाने से गाली देने का ये नैरेटिव बना हुआ है। उन्होंने भय का वातावरण बना कर अपनी दुकान चलाई है। जब मैंने ‘तीन तलाक’ खत्म किया, ‘आयुष्मान कार्ड’ दिया और कोरोना की वैक्सीन दी तो मुस्लिमों को लगता है कि बिना भेदभाव काम हो रहा है।”

मुस्लिम विरोधी छवि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का नेतृत्व करते हुए उन्हें 25 वर्ष हो गए, गुजरात में 80-90 के दशक में खूब दंगे होते थे लेकिन 2002 के बाद दंगे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वो ये पहली बार मुस्लिम समाज और इसके पढ़े-लिखे लोगों से कह रहे हैं कि वो आत्ममंथन करें, सोचें, देश आगे बढ़ रहा है और अपने समाज में अगर कोई कमी महसूस होती है तो क्या कारण है कि कॉन्ग्रेस के ज़माने में आपको सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिला, आपकी ये दुर्दशा क्यों ही?

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में मुस्लिम समाज बदल रहा है, वो खाड़ी देशों में जाते हैं तो उन्हें और भारत को इतना सम्मान मिलता है, सऊदी अरब में योग पढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ये न सोचे कि किसी को सत्ता से हटाना है, अपने बच्चों का भविष्य सोचे। उन्होंने बताया कि अरब मुल्कों में अमीरों ने भी बताया कि उनके बच्चे योग सीखने जाते हैं। उन्होंने कहा कि वो नहीं चाहते कि कोई समाज बंधुआ मजदूर बनके जिए, उन्हें कोई डराता रहे। उन्होंने कहा कि आप भाजपा कार्यालय में जाकर बैठिए, कब्ज़ा कीजिए, कौन रोकेगा, कौन निकालेगा आपको?

अमित शाह का आरक्षण पर फर्जी वीडियो वायरल होने के मुद्दे पर ‘टाइम्स नाउ’ और ‘टाइम्स नाउ’ नवभारत के पत्रकारों नाविका कुमार और सुशांत सिन्हा के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के चुनाव में अमिताभ बच्चन के आवाज़ में डीपफेक वीडियो निकाला हुआ, वो रात भर सो नहीं पाए और वो रात में ही FIR कराना चाहते थे और कह रहे थे कि उनका राजनीति से अब कोई लेना-देना नहीं है, वो दूर से ही प्रणाम करते हैं। पीएम मोदी ने बताया कि G20 समिट व अन्य कार्यक्रमों में वो डीपफेक वीडियो के संकट पर बात कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे कंटेंट पर लेबल होना चाहिए कि इसमें AI का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आत्मविश्वास खो चुकी है और जनता के साथ उनका कोई संपर्क नहीं है, CAA से लेकर किसान आंदोलन और सभी सरकारी निर्णयों में वो झूठ फैलाते हैं क्योंकि उनको लगता है कि ये तो होता ही चला जा रहा है और वो रोक सकते हैं तो कन्फ्यूजन पैदा करते हैं, ताकि लोगों को भड़का सकें। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस को फर्जी वादों-नारों पर निर्भर बताते हुए कहा कि फर्क वीडियो के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश नहीं चलेगी, जमीनी स्थिति बिलकुल अलग है।

पीएम मोदी ने कहा कि EVM अगर उनके हाथ में होता तो वो इतनी मेहनत क्यों करते, वो दिन रात टूट रहे हैं। तानाशाह होने के आरोपों, हिटलर से तुलना और सरकारी एजेंसियों पर नियंत्रण पर पीएम मोदी ने मीडिया से आग्रह किया कि वैज्ञानिक तरीके से इस विषय का विश्लेषण किया जाए, तानाशाही के 100 पॉइंट्स बना कर कॉन्ग्रेस-भाजपा की तुलना की जाए कि किसने क्या किया। उन्होंने याद दिलाया कि नेहरू ने पहला संविधान संशोधन प्रेस पर पाबन्दी लगाने के लिए किया, इंदिरा गाँधी ने जो गाना पसंद नहीं आया तो मजरूह सुल्तानपुरी को जेल में बंद किया, किशोर कुमार को बैन किया, विपक्षी नेताओं को जेल में डाला, नौसेना के जहाज पर पिकनिक मनाई जाती थी, नसबंदी कराई गई, गायत्री देवी के साथ जुल्म हुआ, कई राज्य सरकारें बर्खास्त की गईं।

PM मोदी ने कहा कि 100 में से एक बिंदु पर भी भाजपा पर आरोप सही नहीं निकलेंगे, हम ये सह रहे हैं इसका ही मतलब है कि हमारे रगों में लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की बेदाग़ सरकार चला रहे हैं, फिर भी वो बिना एक शब्द बोले गाली सह रहे हैं तो इससे बड़ा लोकतंत्र का सबूत क्या हो सकता है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि उनकी माँ को गाली दी गई, परिवार के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया लेकिन कुछ भी कहने पर डिक्टेटर कहते हैं।

अपनी दिवंगत माँ के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि उनकी माँ ने उन्हें जन्म दिया, वो माँ के साथ न्याय नहीं कर पाए, बच्चों से जो सपने होते हैं वो पूरे नहीं कर पाए तो वो उस प्रकार से गुनहगार हैं। पीएम मोदी ने बताया कि एक बार उन्हें अटल जी का काल आया और गुजरात जाने का आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि संगठन बहुत हो गया, अब सरकार सँभालो। बकौल पीएम मोदी, उन्होंने मना करते हुए कहा कि उनके पास इसका अनुभव नहीं है, उन्होंने पुलिस थाना तक नहीं देखा।

उन्होंने किस्सा सुनाया कि अगले दिन LK आडवाणी का फोन कॉल आया और उन्होंने कहा कि सबका मत है कि आपको गुजरात सरकार चलाने जाना है। तब उन्होंने अटल जी को कॉल कर के माफ़ी माँगी और गुजरात जाकर अपनी माँ से मिले और उनसे कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था, मैं वापस गुजरात आ रहा हूँ और माँ की ख़ुशी इसी में थीं। बकौल पीएम मोदी, उनकी माँ ने उन्हें कहा – गरीब की चिंता करना, कभी रिश्वत मत लेना।

पीएम मोदी ने भावुक होकर कहा, “मैं हर नामांकन से पहले माँ के पाँव छूने जाता था। वो गुड़ खिलाती थीं। ये मेरे जीवन का पहला चुनाव है जब मैं माँ के पाँव छुए बिना जाऊँगा। लेकिन, 140 करोड़ के इस देश में कई माताएँ हैं, उनका आशीर्वाद है। माँ गंगा भी हैं। इन सबसे मुझे शक्ति मिलती रही है। माँ शब्द में मेरे लिए एक समग्र संसार है। माँ मैं कोई बायोलॉजिकल चर्चा नहीं करता।” पीएम मोदी ने इस दौरान चन्द्रमा पर ‘चंद्रयान’ के लैंडिंग पॉइंट का नाम ‘शिव-शक्ति’ रखे जाने की भी याद दिलाई।

ईरान, कतर, दुबई तक गोमांस की तस्करी; बिहार के किशनगंज में होती थी पैकिंग, चेन्नई के बंदरगाह से सप्लाई… इनामी जुबैर को UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार (5 मई 2024) को जुबैर कुरैशी नाम के एक अंतर्राष्ट्रीय गोतस्कर को गिरफ्तार कर लिया। इसके ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। आरोपित खाड़ी देशों तक गोमांस की सप्लाई करता था। दिसंबर 2023 में उसके खिलाफ जालौन जिले में केस दर्ज हुआ था। दिसंबर 2023 में उस दौरान एक कंटेनर से हजारों किलो गोमांस बरामद हुआ था।

जुबैर की गिरफ्तारी जालौन पुलिस और स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने संयुक्त रूप से की है। जालौन पुलिस ने इस गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि जुबैर मूल रूप से दिल्ली के ईस्ट जगतपुरी का रहने वाला है। उसके खिलाफ जालौन के थाना एट में 21 दिसंबर 2023 को मुकदमा दर्ज हुआ था। तब एक टोल प्लाजा पर खड़े संदिग्ध ट्रक की तलाशी ली गई थी।

पुलिस ने उस ट्रक में से 21,000 किलोग्राम गोमांस बरामद किया था। जाँच में सामने आया था कि इस मांस को फर्जी कागजातों के सहारे ले जाया जा रहा था। तब ट्रक को कब्ज़े में लेकर इंस्पेक्टर संजय कुमार गुप्ता की तहरीर पर IPC की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत FIR दर्ज की गई थी। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

बाद में इस FIR में धारा 34 के साथ गोवध निवारण अधिनियम की धारा बढ़ाई गई थी। इस घटना की जाँच के दौरान ट्रक के मालिक और ट्रक के ड्राइवर सहित 3 लोगों को आरोपित किया था। जाँच के दौरान गोतस्करी में जुबैर कुरैशी का भी नाम सामने आया। तभी से पुलिस जुबैर को तलाश रही थी। हालाँकि, गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फरार हो गया था। वह अपनी लोकेशन लगातार बदल रहा था।

जुबैर पर प्रशासन ने 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। जुबैर की गिरफ्तारी के लिए UP STF को भी लगाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (5 मई 2024) को पुलिस को जुबैर की लोकेशन उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मिली। जालौन पुलिस, बिजनौर पुलिस और STF ने संयुक्त रूप से दबिश दी और वह धामपुर थाना क्षेत्र के होटल यूरेशिया से गिरफ्तार कर लिया गया।

जुबैर की गिरफ्तारी के साथ अंतर्राष्ट्रीय गोतस्करी के रैकेट के जुड़े कुल आरोपितों की संख्या 6 हो चुकी है। पुलिस की पूछताछ में जुबैर ने अपने अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने नेटवर्क के साथ बिहार के किशनगंज जिले से गोमांस की पैकिंग करवाता था। इस गोमांस को फर्जी कागजातों के सहारे चेन्नई तक पहुँचाया जाता था।

चेन्नई से यह मांस पानी के जहाज के जरिए वियतनाम, दुबई, क़तर, ओमान, ईरान आदि देशों में सप्लाई होता था। इस तमाम अवैध धंधे में जुबैर का ही GST लाइसेंस का प्रयोग होता था। इस मामले में पुलिस को दो अन्य आरोपितों की तलाश है। जुबैर से पूछताछ के बाद अभी कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रही है।

मेरठ के कबाड़ी ने बीवी गुलफ्शा की सिर में मार दी गोली: दहेज़ में मिले थे ₹1 करोड़, कार और सोना, यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक शौहर ने शनिवार (4 मई 2024) को अपनी बीवी की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपित अपने 8 माह के बेटे को लेकर फरार हो गया था। पीड़िता के परिजनों ने आरोपित समीर पर दहेज़ की माँग पूरी न करने पर हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत में समीर के परिजनों को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने समीर को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मेरठ के थाना क्षेत्र नौचंदी की है। यहाँ रहने वाले समीर का निकाह पिछले साल गुलफ्शा से हुआ था। समीर कबाड़ का कारोबार करता है। गुलफ्शा के परिजनों के मुताबिक, उन्होंने निकाह में एक करोड़ रुपए कैश, एक लक्जरी गाड़ी और लगभग 45 लाख रुपए का सोना दिया था। निकाह के बाद दोनों को एक बेटा भी हुआ, जिसकी उम्र लगभग 8 माह है।

हालाँकि, आरोपित समीर आए दिन अपनी बीवी से अधिक पैसों की माँग कर रहा था। इसी बात को लेकर मियाँ-बीवी में आए दिन झगड़े होते थे। शनिवार (4 मई) को किसी बात को लेकर एक बार फिर से समीर और गुलफ्शा में झगड़ा हुआ। गुस्से में समीर ने रिवॉल्वर निकाल कर अपनी बीवी पर फायर झोंक दिया। गोली गुलफ्शा के सिर में लगी और वो तड़पने लगी।

इसके बाद बीवी को तड़पता छोड़कर समीर अपने बेटे को लेकर घटनास्थल से भाग निकला। इधर गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हुए। उन्होंने घायल गुलफ्शा को अस्पताल में भर्ती करवाया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतका के मायके वाले भी इस सूचना पर अस्पताल पहुँच गए। जानकारी मिलते ही पुलिस भी घटनास्थल पर पहुँची।

गुलफ्शा के परिजनों ने समीर और उसके परिजनों के खिलाफ दहेज़ हत्या की तहरीर दी, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर लिया गया। आरोपित समीर की तलाश में पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी। सोमवार (6 मई 2024) को पुलिस को समीर के मेरठ में लेबर चौक पर होने की सूचना मिली। दबिश दे कर फ़ौरन उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयोग हुआ हथियार भी बरामद कर लिया है।