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कर्नाटक में सेक्स Videos वायरल होने के बाद पीड़िताओं की बढ़ी मुश्किलें, घर से हो रहीं गायब; दरवाजों पर लटक रहे ताले

कर्नाटक के सांसद प्रज्वल रेवन्ना की काली करतूतें सामने आने के बाद अब खबर है कि इस केस की पीड़िताएँ अपने इलाके से गायब हो रही हैं और उनके घर के दरवाजों पर ताला लगा है। इस संबंध में इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट प्रकाशित की है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्नाटक के हसन जिले में पिछले 10 दिन में पीड़िताओं के घर छोड़ने की घटना देखने को मिली है। ये पूरा इलाका एचडी रेवन्ना के नियंत्रण में हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने जिले के 3 शहर और 5 गाँव घूम-घूमकर देखे और कई निवासियों से बात भी की। हालाँकि वहाँ कोई नाम बताकर कुछ कहने को तैयार नहीं हुए।

यहाँ तक वो महिला जो रेवन्ना के घर में काम करती थी और जिसने उसके विरुद्ध शिकायत दी थी वो भी अपना घर छोड़कर गायब है। पड़ोसियों का कहना है कि उसकी वीडियो वायरल होने के बाद से उसके घर पर ताला लगा दिख रहा है। किसी को कुछ नहीं पता कि वो कहाँ गई है।

इसी प्रकार से कहा जा रहा है कि जिन लोगों ने कभी प्रज्वल के साथ अपनी तस्वीरें डाली थी वो भी अपनी फोटोज डिलीट कर रही हैं। कुछ के पतियों ने उनसे सवाल करने शुरू कर दिए हैं कि कहीं उनका कनेक्शन सांसद से तो नहीं रहा।

इस मामले में जिला पंचायत की पूर्व सदस्य ने भी अपनी शिकायत में खुलासा किया था कि प्रज्वल ने उनका रेप तीन सालों तक किया और इसकी वो वीडियो भी बनाता था। हालाँकि जब से वीडियो सामने आई उसके बाद से उनका पूरा परिवार गायब है।

बता दें कि रेवन्ना मामले में वीडियो बाहर आने के बाद कई महिलाओं के लिए समाज का सामना करना मुश्किल हो गया। लोग वीडियो देखकर बातें कर रहे हैं और एक दूसरे से कह रहे हैं कि वो महिला को जानते हैं। कोई किसी की पड़ोसी निकल रही है तो कोई परिवार की।

स्थानीयों का कहना है कि इस मामले में महिलाओं का चेहरा उजागर करके अच्छा नहीं किया गया है। कुछ लोग इस घटना के बाद मुँह छिपाकर घूम रही हैं। किसी को नहीं पता कि वो लोग कब लौटेंगीं। स्थानीय ये भी कह रहे हैं कि इलाके में रेवन्ना का रसूख इतना है कि यहाँ रहते हुए उनसे लड़ना असंभव है।

कुछ लोगों को इस बात का भी दुख है कि किस तरह से प्रज्वल के गुनाह के कारण देवगौड़ा की छवि बर्बाद हो गई। उन्होंने बताया कि प्रज्वल ने जो किया उसके लिए उसे क्षमा नहीं किया जा सकता बस उन्हें दुख है कि देवगौड़ा ने 40 साल अपने जीवन के राजनीति को देकर मुकाम हासिल किया था, वो सब प्रज्वल के कारण बर्बाद हो गया।

कॉन्ग्रेस की सरकार बनने पर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट देंगे राहुल गाँधी, करीबियों को बताया था शाहबानो वाला प्लान: आचार्य प्रमोद कृष्णम का दावा

केंद्र में सरकार बनने पर कॉन्ग्रेस राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट फैसले को बदलने का इरादा रखती है। इसको लेकर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बैठक में बात की थी। यह दावा आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किया है। वह 3 दशकों तक कॉन्ग्रेस से जुड़े रहे हैं, उन्होंने हाल ही में कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दिया है।

पूर्व कॉन्ग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि राहुल गाँधी राम मंदिर निर्माण को रोकना चाहते थे। इसके लिए वह सरकार बनने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट देते। आचार्य प्रमोद ने आरोप लगाया है कि उनके दिमाग में यह निर्णय पलटने का प्लान है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया है। उन्होंने कहा, “मैं कॉन्ग्रेस में 32 वर्ष रहा हूँ। जब राम मंदिर का निर्णय आया तो राहुल गाँधी ने अपने नजदीकी लोगों की बैठक में अमेरिका के अपने एक सलाहकार के कहने पर कहा था कि सरकार बनने पर राम मंदिर का फैसला पलट दिया जाएगा। इसके लिए सुपरपावर कमीशन बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस तरह तीन तलाक के मुद्दे को लेकर शाहबानो निर्णय को राजीव गाँधी सरकार ने बदला था तो फिर राम मंदिर का निर्णय क्यों नहीं बदला जा सकता।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गाँधी कई बार हिंदुत्व, हिन्दू धर्म की शक्ति बदलने की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता जानते हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार बनने पर राम मंदिर का फैसला बदला जाना था। यह सब अमेरिका में रहने वाले लोगों की सलाह पर होता है। उन्होंने राहुल गाँधी से इस बात की प्रतिक्रिया लेने की बात भी कही है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि यह बात यदि गलत है तो मुझ पर मुकदमा कर दिया जाए, मैं इसे सिद्ध कर दूँगा।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा है कि उन्हें राम मंदिर जाने के कारण पार्टी से निकाल दिया गया। उन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले प्रवक्ताओं का भी नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सनातन की बात करेगा वह कॉन्ग्रेस में नहीं रह सकता। उन्होंने कहा है कि आगे और भी लोग पार्टी छोड़ेंगे।

उन्होंने राहुल गाँधी को अपना बयान गलत सिद्ध करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी भाजपा और नरेन्द्र मोदी के विरोधी इसलिए हैं क्योंकि वह सनातन की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी की दुश्मनी राम से है और अयोध्या तथा हिंदुत्व से है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस भारत की संस्कृति के विरुद्ध है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं में से एक रहे हैं। उन्होंने 2019 में लखनऊ से कॉन्ग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। उनके कुछ दिनों पहले कॉन्ग्रेस से मतभेद हो गए थे। इसके बाद उन्होंने यह बड़ा आरोप राहुल गाँधी पर लगाया है। राम मंदिर निर्माण के सम्बन्ध में नवम्बर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया था जिसके बाद इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था।

मसाले के बदले आपकी रसोई में सप्लाई हो रहा था लकड़ी का बुरादा, दिल्ली की फैक्ट्री में सड़े अनाज से लेकर केमिकल तक का भंडार मिला: क्राइम ब्रांच ने 3 को दबोचा

देश की राजधानी दिल्ली में मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने वाले एक रैकेट का खुलासा हुआ है। करावल नगर में क्राइम ब्रान्च ने नकली मसाला बनाने वाली 2 फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इन फैक्ट्रियों में सड़े चावल और नारियल के साथ लकड़ी के बुरादे से मिलावटी मसाले बनाए जा रहे थे। इन फैक्ट्रियों को सरफ़राज़, खुर्शीद और बंटी संचालित कर रहे थे।

क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल से लगभग 15 टन नकली मसाले और कच्चा माल जब्त किया है। जाँच के लिए सैंपल को खाद्य सुरक्षा विभाग को जाँच के लिए भेजा है। इस कार्रवाई की पुष्टि पुलिस ने रविवार (5 मई 2024) को की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ फैक्ट्रियाँ राजधानी में अवैध तौर पर कई ब्रांड के मसाले बना रही हैं।

नॉर्थ ईस्ट इलाके की फैक्ट्रियों में बने मसालों को दिल्ली और NCR क्षेत्र में बेचे जाने की भी शिकायत मिली थी। इन शिकायतों का संज्ञान लेकर क्राइम ब्रांच ने पड़ताल की तो करावल नगर में 2 फैक्ट्रियाँ चिन्हित हुईं। क्राइम ब्रांच ने इन दोनों ठिकानों पर छापेमारी की। पहली फैक्ट्री में 42 साल के खुर्शीद मलिक और 46 वर्षीय बंटी उर्फ दिलीप मिलावटी मसाले बनाते हुए मिल गए।

दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की टीम ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। इस फैक्ट्री की तलाशी ली गई तो यहाँ से लकड़ी के बुरादे, सड़ा हुआ जामुन, सड़े चावल, सड़ा हुआ बाजरा, नारियल, पेड़ों की छाल और कई केमिकल मिले। इन्हीं चीजों से मसाले बनाए जा रहे थे। इन मसालों को पैकेज के लिए ले जाने के लिए 50-50 किलो की बोरियों में भरा जा रहा था।

पुलिस ने इन आरोपितों से जब पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि इन मसालों को वो न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर, बल्कि देश के कई अलग-अलग हिस्सों में बेच रहे थे। पुलिस ने फ़ूड एन्ड सेफ्टी डिपार्टमेंट को अपनी कार्रवाई के बारे में सूचित किया। विभाग ने आकर बरामद हुए सामानों के सैम्पल जमा किए और जाँच के लिए ले गए।

आरोपित बंटी और खुर्शीद ने पुलिस को दूसरी फैक्ट्री के बारे में भी बताया। यहाँ से भी पुलिस को कई किलोग्राम बेहद खराब धनिया और हल्दी बरामद हुए। इसी के साथ दोनों फैक्ट्रियों से सड़े जामुन, यूकेलिप्टस के पत्ते, साइट्रिक एसिड, लकड़ी का बुरादा, पशुओं का चोकर, मिर्च के डंठल, खराब लाल मिर्च, केमिकल वाले कलर आदि भी बरामद हुए हैं।

इन सभी के सैम्पल जाँच हेतु भेजे गए हैं। वहीं बंटी और खुर्शीद ने पूछताछ में अपने 32 साल के एक अन्य साथी सरफराज का नाम भी बताया है। पुलिस ने दबिश देकर सरफराज को भी गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग नकली मसालों को दुकानदारों को सप्लाई करते थे। यहाँ से दुकानदार इस नकली मसालों को ग्राहकों तक पूरे दाम लेकर बेचते थे।

जो झारखंड खनिज की खदान, वह कॉन्ग्रेस के लिए लूट की दुकान: जब-जब सत्ता से सटी तब-तब पैदा हुए हेमंत, धीरज, आलमगीर…

अब तक ये खबर आपको पता चल ही गई होगी कि झारखंड के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम के व्यक्तिगत सचिव (PS) संजीव लाल के नौकर जहाँगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी कर के 25 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की है। ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने 9 अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है, जिसमें पथ निर्माण विभाग में कार्यरत इंजीनियर विकास कुमार का आवास भी शामिल है। फरवरी 2023 में मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम के 24 ठिकानों पर रेड पड़ी थी, जिसमें उनकी 100 करोड़ रुपए से भी अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ था।

मंत्री के PS के नौकर के यहाँ से मिला अकूत कैश

जहाँगीर आलम के यहाँ से इतना कैश मिला कि नोट गिनने में ED की टीम भी हाँफ गई। अतिरिक्त बक्शे मँगाए गए नोट रखने के लिए। ये पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग का है। मनी लॉन्ड्रिंग किसी कारोबार में नहीं, बल्कि योजनाओं के कार्यान्वयन में गड़बड़ी कर के की गई है। यानी, ये जनता का पैसा है। इसे जन-कल्याण पर खर्च करने की बजाए नेताओं-अधिकारियों ने अपने ऐशोआराम के लिए रखना उचित समझा। अपने लिए अरबों रुपयों की संपत्ति बनाई।

ये कार्रवाई उसी झारखंड में की जा रही है, जहाँ हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर जेल जाना पड़ा है। प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी को चलाने वाला खुद सलाखों के पीछे है। मामला राजधानी राँची में 8.5 एकड़ जमीन का है। ED झारखंड में खनन घोटाले की जाँच कर रही है। इसी दौरान राँची में सेना की जमीन की अवैध रूप से खरीद-बिक्री का मामला सामने आया, जिसमें रेवेन्यू इंस्पेक्टर भानु प्रताप प्रसाद का नाम आया, जिनका सीधा कनेक्शन हेमंत सोरेन से था।

हेमंत सोरेन को भी जाना पड़ा जेल

ED को पता चला कि भानु प्रताप प्रसाद एक पूरे के पूरे गिरोह का हिस्सा है, जिसका काम है धमकी देकर, सरकारी दस्तावेजों में गड़बड़ी कर के और अपने रसूख का इस्तेमाल कर के जमीन कब्जाना। अप्रैल 2023 में उसके यहाँ से 11 ट्रक दस्तावेज जब्त किए गए थे। बताया गया कि उसके साथ इस साजिश में हेमंत सोरेन भी शामिल थे। सोचिए, जिस राज्य का मुख्यमंत्री ही भ्रष्टाचार में शामिल हो उस राज्य की क्या दुर्गति होगी। अब हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना पार्टी चला रही हैं, चंपई सोरेन को डमी CM बना कर लाया गया है।

झारखंड खनिज संपन्न राज्य है, यहाँ का कोयला विदेशों तक जाता है। लेकिन, इसकी बदकिस्मती देखिए कि एक लंबे आंदोलन के बाद बिहार से अलग होने के बाद भी इसकी स्थिति और बिगड़ती ही जा रही है। 5 साल रघुबर दास की सरकार में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई हुई, धर्मांतरण के खिलाफ सरकार ने फैसले लिए, लेकिन हेमंत सोरेन तुष्टिकरण की राजनीति में डूबे रहे। वैसे उनके पिता शिबू सोरेन पर भी कम दाग नहीं हैं, वो तो अपने ही प्राइवेट सेक्रेटरी की हत्या में गिरफ्तार हुए थे।

धीरज साहू के यहाँ मिला था कैश

हमें ये सोचने की ज़रूरत है कि आखिर झारखंड की ऐसी स्थिति क्यों है? ज़्यादा पीछे नहीं जाते हैं। आपको याद होगा दिसंबर 2023 में कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के यहाँ आयकर (IT) विभाग की रेड पड़ी थी और 350 करोड़ रुपए कैश बरामद किए गए थे। वो शराब के कारोबारी हैं। आज तक भारत में एक ऑपरेशन में इतनी मात्रा में धन नहीं बरामद हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जनता से लूटा हुआ एक-एक पाई लौटाना होगा।

उन्होंने कहा था कि एक तरफ इन नोटों के ढेर देखिए और दूसरी तरफ I.N.D.I. गठबंधन के नेताओं के ‘ईमानदारी’ पर भाषण सुनिए। आलमगीर आलम भी कॉन्ग्रेस के ही नेता हैं। झारखंड के पाकुड़ से चौथी बार विधायक हैं। उनके PS के नौकर के यहाँ से कैश मिलने पर भी पीएम मोदी ने एक रैली में चुटकी लेते हुए कहा है कि घर जाकर टीवी देखिए, मोदी माल पकड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने चोरी-लूट बंद की है, इसीलिए उन्हें गाली पड़ रही है। साथ ही उन्होंने जनता से पूछा कि उनके हक़ का पैसा वापस लाया जाना चाहिए या नहीं?

मधु कोड़ा युग: कॉन्ग्रेस का साथ, जम कर भ्रष्टाचार

झारखंड की बादमकिसमति की दास्तान 8.5 एकड़ जमीन, 25 करोड़ कैश या 350 करोड़ रुपए की नकदी पर ही खत्म नहीं होती। आइए, थोड़ा और पीछे चलते हैं। मधु कोड़ा का नाम आपलोगों को याद होगा, जो निर्दलीय विधायक होने के बावजूद सितंबर 2006 में अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का तख्तापलट कर CM बने थे। मात्र 2 वर्षों में झारखंड उनके राज में घोटाला प्रदेश बन गया, 4000 करोड़ रुपए के घोटाले में मधु कोड़ा का नाम आया। और हाँ, जैसे अभी की हेमंत सोरेन सरकार को कॉन्ग्रेस-राजद का समर्थन प्राप्त था, वैसे ही मधु कोड़ा की सरकार भी इन दोनों दलों के समर्थन से आभूषित थी।

उस समय अजय माकन झारखंड में कॉन्ग्रेस के प्रभारी हुआ करते थे, जो बाद में दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष बने। अजय माकन उस दौरान अपनी ही पार्टी के समर्थन वाली सरकार के विरोध में बोलते रहते थे, धरना तक देते थे, समर्थन-वापसी की धमकी वाला अल्टीमेटम देकर समय घटाते-बढ़ाते रहते थे, लेकिन समर्थन वापस नहीं लेते थे। अटकलें थीं कि वो दबाव बना कर ‘रेट बढ़ाने’ के लिए ये हरकतें करते थे। यानी, मधु कोड़ा के भ्रष्टाचार में कॉन्ग्रेस की भी अच्छी-खासी कमाई हुई थी।

साफ़ है, कॉन्ग्रेस पार्टी को झारखंड के विकास से कोई लेना-देना नहीं रहा, उसने सिर्फ लूट के लिए इस राज्य का इस्तेमाल किया। भाजपा की सरकारें आईं तो बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और रघुबर दास वहाँ के मुख्यमंत्री बने। हालाँकि, इन तीनों में से किसी पर भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा। इन मुख्यमंत्रियों के खिलाफ लाख नाराज़गी रहीं, लेकिन इनके दामन दागदार नहीं रहे। ये भी सामने आया था कि झारखंड का पैसा लूट कर विदेश भेजा जा रहा है।

‘प्रभात खबर’ में रिपोर्ट छपी थी कि मधु कोड़ा के राज में झारखंड से 1000 करोड़ रुपए विदेश भेजे गए। कई मंत्रियों पर आरोप लगे। बताया गया कि वो पहचान बदल-बदल कर संपत्ति खरीद रहे हैं। JPSC से लेकर विधानसभा में बहाली तक में गड़बड़ी हुई। दवा घोटाला हुआ। दवा खरीद में 100 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई। अलकतरा घोटाला से लेकर नमक घोटाला तक हुआ। कॉन्ग्रेस सरकार में मौजूद रही। अजय माकन बाद में राजनीतिक परिस्थिति की दुहाई देते हुए डैमेज कंट्रोल के लिए कहते रहे कि मधु कोड़ा को CM बने रहने देना गलती थी।

15 नवंबर, 2007 को ही अजय माकन ने मधु कोड़ा की सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन सरकार 2009 तक चलती रही। लालू यादव और कॉन्ग्रेस का वरदहस्त होने के कारण मधु कोड़ा या हेमंत सोरेन जैसे CM झारखंड में खुल कर भ्रष्टाचार कर पाए। धीरज साहू और आलमगीर आलम जैसे नेता तो इसी की अगली कड़ी हैं। कहा जाता है कि छोटे राज्य होने से प्रशासन सुगम हो जाता है, लेकिन झारखंड अधिकतर राजनीतिक अस्थिरता और नक्सलवाद के अलावा भ्रष्टाचार से जूझता रहा।

चुनाव ब्रिटेन का, बातें फिलिस्तीन की: जीत के बाद मुस्लिम काउंसलर ने लगाए ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे, जानिए कैसे पश्चिम को जकड़ रहा इस्लामी कट्टरपंथ

इंग्लैंड के निकाय चुनावों में जीत हासिल करने के बाद एक मुसिम प्रत्याशी मोतिन अली ने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए। इस मुस्लिम पार्षद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह वीडियो इंग्लैंड के शहर लीड्स का है, जहाँ जीत दर्ज करने के बाद 42 वर्षीय मोतिन अली ने फिलिस्तीन के समर्थन में एक जोशीला भाषण दिया और अपनी जीत को गाजा के लोगों की जीत बता दिया।

निकाय चुनाव परिणामों के बाद लीड्स शहर के लिए चुने गए इस नवनिर्वाचित पार्षद ने एक भाषण दिया। इस भाषण में मोतिन अली ने साफ़ किया कि यहाँ की जनता लेबर काउंसिल से अकुताई हुई थी और खुदके ना सुने जाने की शिकायत कर रही थी। अली ने ऐलान किया कि अब यहाँ गाजा की आवाज सुनी जाएगी और वह स्वयं फिलिस्तीन के लिए बोलेगा।

रिपोर्ट बताती हैं कि अली जैसे और भी कई उम्मीदवारों ने इंग्लैंड के निकाय चुनावों में गाजा युद्ध को लेकर अपना चुनाव अभियान चलाया और जीत हासिल की। इनमें से अधिकांश ने लेबर पार्टी के उम्मीदवारों को हराया। नहीद जोहरा गुल्सिताब नाम के एक उम्मीदवार ने भी वाल्साल से जीत हासिल की और इसे गाजा के लोगों को समर्पित किया। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया लेबर पार्टी, ग्रीन पार्टी को हलके में ना ले। गुलसिताब लेबर पार्टी छोड़ कर ग्रीन पार्टी में शामिल हुए थे। गुलसिताब का लेबर पार्टी से गाजा पर स्टैंड को लेकर मतभेद था।

मोतिन अली और इंग्लैंड में बढती फिलिस्तीन समर्थक भावनाएँ

यूके ग्रीन पार्टी के भीतर अली का रूतबा लीड्स काउंसिल चुनावों में उनकी जीत के साथ बढ़ा। यहाँ, उन्हें 3,000 से अधिक वोट मिले और उन्होंने गिप्टन और हरेहिल्स सीटें जीतीं। लीड्स में जन्मे और पले-बढ़े अली के अपने समाज के अंदर महत्वपूर्ण संबंध हैं। अली की अपनी खुद की एक एकाउंटिंग फर्म है। अली को एक कट्टर मुस्लिम माना जाता है। यह बात स्थानीय चुनावों में उनकी जीत के बाद उम्माह के प्रति उनका भाषण दिखाता है।

अली फ़िलिस्तीनियों के बड़े समर्थक हैं और 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमास के हमले को भी समर्थन देते हैं। इस हमले में 1200 से अधिक लोग मारे गए थे। सोशल मीडिया पर अली के विचार काफी कट्टर रहे हैं। अली का मानना है कि इजरायल ने गाजा में ज्यादा कठोर कार्रवाई की है। अली ने इजरायली सेना की तुलना श्वेतश्रेष्ठतावादियों के साथ भी कर दी। इन सबके बाद भी वह चुनाव जीत गए, जो यह दर्शाता है कि पश्चिम में फिलिस्तीन समर्थक भावनाओं के लिए लगातार समर्थन बढ़ रहा है।

पश्चिम में बढ़ रहा है इस्लाम

मोतिन अली की जीत के बाद लोगों को यह झटका लगा है कि इंग्लैंड में लगातार कट्टर इस्लाम का उदय हो रहा है। असल में ब्रिटेन में हो रहे बदलावों को देखा जाए तो पता चलता है कि यह कोई नई बात नहीं है बल्कि लम्बे समय से यहाँ कट्टरपंथी इस्लाम अपने पैर पसार रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण इंग्लैंड में रहने वाला मोहम्मद हिजाब नाम का शख्स है, खुद को इस्लामी विद्वान बताने वाला यह शख्स मुस्लिमों को हिन्दुओं पर हमले के लिए भड़का चुका है।

उसका एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें वह हिन्दुओं को गालियाँ दे रहा था। मोहम्मद हिजाब ने हमास के इजरायल पर हमले के बाद इलाके में हिंसक रूप से एक मुस्लिम युवाओं की रैली निकाली। मुस्लिमों की बढ़ती आबादी भी इसमें सहायक बन रही है। 2023 में इंग्लैंड की 6% से अधिक जनसंख्या (41 लाख) मुस्लिम थी, यह 2011 में कम (27%) ही थी। रिपोर्ट बताती हैं कि मुस्लिमों ने ब्रिटेन की जनसंख्या बढ़ने में 33% का योगदान दिया।

ऐसे में देखा जा सकता है कि मोतिन अली जैसे लोग क्यों चुने जा रहे हैं। इनको चुनने पर लोकतंत्र को ख़तरा पैदा होता है। ऐसे में इन देशों में लोकतंत्र का गाना गाने वालों को सतर्क होना चाहिए। सिर्फ इंग्लैंड में ही नहीं बल्कि फ्रांस में इस्लाम के नाम पर हत्याएँ बढ़ी है। यह खतरा यूरोप में ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी हैं जहाँ इल्हन उमर जैसी महिलाएं संसद जा रही हैं। यह लोग विचारों से अत्यंत कट्टर हैं और इनका लक्ष्य लोकतंत्र नहीं बल्कि इस्लामिक राज्य की स्थापना है।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया है, आप इसे यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

बेंगलुरु, दिल्ली के बाद अब अहमदाबाद में वही खौफ, 7 स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी: रूस के सर्वर से भेजे ईमेल

दिल्ली की तरह अब गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के लगभग 7 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। स्कूलों को ये धमकी सोमवार (6 मई 2024) को ईमेल के जरिए दी गई है। धमकाने वाले बाहरी सर्वर और रूस डोमेन वाले ईमेल आईडी का प्रयोग किया है। पुलिस ने फ़ौरन बम निरोधक दस्ते के साथ स्कूलों में पहुँच कर सघन तलाशी ली है। फ़िलहाल कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है।

इस धमकी के बाद स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के परिजन परेशान हो गए। पुलिस ने अभिभावकों से परेशान नहीं होने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरा ये ईमेल सोमवार की सुबह 7 से 8 बजे के बीच आया है। पता चला है कि ईमेल में एक शब्द ‘तौहीद’ का प्रयोग है, जिसका अर्थ एकता है।

इंडिया टुडे के अनुसार, अब तक की जाँच से पता चला है कि ईमेल में ‘सवारीइम’ शब्द का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसका अर्थ है तलवारें टकराना। यह एक अरबी शब्द है, जिसका इस्तेमाल खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) साल 2014 से लगातार अपना इस्लामी दुष्प्रचार के लिए किया जा रहा है।

ये धमकी DPS, आनंद निकेत, एशिया इंग्लिश स्कूल, कैलॉरेक्स स्कूल, न्यू नोबल स्कूल, ONGC केंद्रीय विद्यालय और अमृता विद्यालय को उनकी ईमेल ID पर भेजी गई हैं। हालाँकि, इन स्कूलों में अभी छुट्टियाँ चल रही हैं। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी। पुलिस की कई टीम बम निरोधक दस्ते के साथ फ़ौरन मौके पर पहुँची।

खबर लिखे जाने तक स्कूलों में तलाशी अभियान जारी थी। अभी तक कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। साइबर क्राइम ब्राँच के DCP लवीना सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए इन धमकियों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों के लिए धमकियों की ईमेल आई है, उन्हें सूचित कर दिया गया है।

धमकी [email protected] आईडी से दी गई है। इसमें रूसी डोमेन ‘mail.ru’ का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस का कहना है कि इसका सर्वर बाहरी है। बता दें कि कुछ दिनों पहले दिल्ली के दर्जनों स्कूलों को भी इसी तरह धमकी मिली थी। उसमें [email protected] ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली से पहले बेंगलुरु के कई स्कूलों को भी धमकी दी गई थी।

सेक्स के लिए बिस्तर पर ले गई, नशीला दूध पिला किया बेहोश… हाथ-पैर बाँध प्राइवेट पार्ट सिगरेट से दागा: शौहर की शिकायत के बाद बीवी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक मुस्लिम महिला ने अपने शौहर को बेरहमी से पीट दिया। पीड़ित शौहर मन्नान जैदी ने 4 मई 2024 को अपनी बीवी महर जहाँ के खिलाफ थाने में तहरीर दी। जैदी ने बीवी पर नशा देकर बेरहमी से पीटने, गला दबाने, सिगरेट से जलाने और जान से मारने की फिराक में होने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज करके महर को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला बिजनौर जिले के थाना क्षेत्र स्योहारा का है। मन्नान ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उनका निकाह 17 नवंबर 2023 को महर जहाँ से हुआ था। यह लव मैरिज थी। निकाह के बाद महर ने अपने शौहर पर दबाव बनाकर अपने ससुराल वालों से अलग किराए पर रहना शुरू कर दिया। पीड़ित शौहर के मुताबिक, निकाह के बाद पता चला कि उनकी बीवी एक गलत चरित्र की महिला है।

पीड़ित ने अपनी बीवी पर शराब और सिगरेट पीने के साथ-साथ घर में लड़ाई-झगड़ा करने का आरोप लगाया है। इन हरकतों को मन्नान ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बताया है। शिकायत में मन्नान ने 29 अप्रैल 2024 की घटना का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि रात लगभग डेढ़ बजे उनकी बीवी शारीरिक संबंध बनाने के लिए उनके पास आई। इससे पहले अरोपिता ने मन्नान को पीने के लिए दूध दिया।

मन्नान जैदी का आरोप है कि इस दूध में महर जहाँ ने नशीला पदार्थ मिला दिया था। दूध पीने के बाद वह बेसुध हो गए। जब मन्नान बेसुध हो गए तो महर जहाँ ने उनके हाथों और पैरों को बाँध दिया। इसके बाद अरोपित मेहर जहाँ ने पीड़ित का गला दबाया और चाकू से गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) काटने की कोशिश की। इसके अलावा, मेहर ने जलती सिगरेट से मन्नान के शरीर को भी दागा गया।

मन्नान जैदी का आरोप है कि इस दौरान वह पीड़ा से चीखते-चिल्लाते रहे। मन्नान ने यह भी बताया कि इस दौरान कमरे में लगे हुए गुप्त कैमरे में उनकी बीवी की करतूतें कैद हो गई हैं। यह मामला सामने आने के बावजूद महर जहाँ अपने शौहर को ही झूठे मुकदमे में जेल भेजवाने और जान से मार डालने की धमकी देने लगी। पीड़ित ने अपनी बेगम पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस शिकायत पर 4 मई को ही महर जहाँ को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली। अरोपिता पर IPC की धारा 328, 307, 323 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है। 5 मई (रविवार) को बिजनौर पुलिस ने महर जहाँ को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

अपनी और मेरी माँ दोनों को पीटती थी

ऑपइंडिया ने पीड़ित शौहर मन्नान जैदी से बात की। मन्नान ने हमें बताया कि उनकी बीवी का किसी और लड़के से अफेयर था। मन्नान ने कहा, “मेरी बीवी इस्लामी कानूनों को ठीक से नहीं मानती थी। वो अपनी और मेरी अम्मी, दोनों को आए दिन बुरी तरह से पीटती थी। यहाँ तक कि कुरान पर भी उलटी-सीधी टिप्पणी किया करती थी।”

मन्नान ने बताया कि वो आयुष्मान कार्ड बनाने का काम करता है। इसी दौरान उसकी महर जहाँ से मुलाकात हुई थी। बाद में दोनों में प्यार बढ़ा और अंत में दोनों ने परिवार वालों की मर्जी से निकाह कर लिया।बकौल मन्नान, उनके पास अपनी बीवी के खिलाफ तमाम सबूत हैं, जिसमें से कुछ उन्होंने पुलिस को दिए हैं और कुछ लोक-लाज के चलते छिपा रखे हैं।

माँ के सामने सेक्स टॉय की बातें सही, माँ के साथ TV पर खुद का रोस्ट देखना दुखद: इतना दोगलापन कहाँ से लाते हैं करण जौहर, खुद हैं बॉलीवुड के सबसे बड़े गॉसिपबाज

बॉलीवुड फ़िल्में देखने वाला हर शख्स करण जौहर को जानता है। उनकी फ़िल्में ‘कुछ कुछ होता है’ (1998), ‘कभी ख़ुशी कभी गम’ (2001), ‘कभी अलविदा ना कहना’ (2006) और ‘माई नेम इज खान’ (2010) को शाहरुख़ खान की करियर को परिभाषित करने वाली मानी गईं। ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ (2012) से उन्होंने वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा का डेब्यू कराया। ‘ऐ दिल है मुश्किल’ (2016) और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) कुछ खास नहीं चलीं, लेकिन दोनों फ़िल्में बड़े ग्रैंड स्केल पर बनाई गई थीं और चर्चित रहीं।

इन सबसे भी ज़्यादा करण जौहर की पहचान बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में होती है। उन्होंने अपनी कंपनी ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ के बैनर तले 50 से भी अधिक फिल्मों का निर्माण किया है। कई कॉमेडी शो में करण जौहर खुद का मजाक बनाते हुए भी नज़र आते हैं। करण जौहर के पिता यश जौहर भी फ़िल्मी दुनिया में एक बड़ा नाम थे और उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘दोस्ताना’ (1980) और ‘अग्निपथ’ (1990) जैसी फ़िल्में प्रोड्यूस की।

करण जौहर को बुरा लग गया, किसी ने उसकी नकल कर दी

यहाँ हम करण जौहर की बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि एक इंस्टाग्राम स्टोरी के कारण वो चर्चा में हैं। उन्हें बुरा लग गया है, उनका मजाक बनाया गया इसीलिए। करण जौहर ने लिखा, “मैं अपनी माँ के साथ बैठ कर टेलीविजन देख रहा था। उसी दौरान एक रियलिटी कॉमेडी शो का प्रोमो दिखा, जो कि एक सम्मानित माने जाने वाले चैनल का है। एक कॉमेडियन बहुत बुरे तरीके से मेरी नकल कर रहा था। मैं ट्रॉल्स या बिना चेहरे-नाम वाले लोगों से ये अपेक्षा कर सकता हूँ, लेकिन आप जिस इंडस्ट्री का 25 से भी अधिक वर्षों से हिस्सा हैं उसके लोग ऐसा करते हैं तो वो आज के समय के बारे में बताता है।”

करण जौहर का कहना है कि इससे उन्हें गुस्सा नहीं आया बल्कि दुःख हुआ है। बॉलीवुड की एक अन्य प्रोड्यूसर एकता कपूर, जो बीते जमाने के स्टार रहे जितेंद्र की बेटी हैं, उन्होंने करण जौहर का समर्थन किया। सास-बहू वाली सीरियल बनाने वाली एकता कपूर ने लिखा कि ऐसा कई बार हुआ है, शो और अवॉर्ड फंक्शन्स में ख़राब मजाक दिखाया जा रहा है और वो उम्मीद करते हैं कि आप उसका हिस्सा बनें। एकता कपूर ने कहा कि करण जौहर को उन्हें कहना चाहिए कि वो उनकी तरह एक क्लासिक फिल्म बना कर दिखाएँ।

करण जौहर ने माँ के साथ देख ली अपनी मिमिक्री तो इंस्टाग्राम पर डाल दी स्टोरी

ये बड़े आश्चर्य की बात है कि कॉमेडी ख़राब भी हो सकती है, ये बॉलीवुड के प्रभावशाली लोगों को तभी पता चलता है जब बात खुद उन पर आती है। और खुद पर भी आती है तो भी कोई दिक्कत नहीं है, अगर उन्हें इसकी एवज में पैसे मिल रहे हों। रोस्ट शो में जाकर फिर वो खुद का मजाक भी उड़वाते हैं। वहीं कॉमेडी शो में लोगों की शारीरिक संरचना के आधार पर मजाक बनाया जाता है, गर्भवती महिलाओं का मजाक बनाया जाता है, लुक्स पर मजाक बनाए जाते हैं – तब ये चूँ तक नहीं करते।

किसने की करण जौहर की नक़ल, क्या कहा

करण जौहर यहाँ जिस कॉमेडियन की बात कर रहे हैं उनका नाम केतन सिंह है और जिस चैनल की बात कर रहे हैं वो ‘सोनी टीवी’ है। शो का नाम है ‘मैडनेस मचाएँगे’, जिसमें ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के गाने ‘राधा तेरी चुनरी’ के साथ कॉमेडियन केतन सिंह की एंट्री होती है और वो सूट-बूट पहन कर करण जौहर की स्टाइल में बात करते हुए कहते हैं कि उन्होंने इतने स्टार किड्स को लॉन्च किया है कि उनका डाइल प्लान ‘ब्रेकफास्ट, लॉन्च और डिनर’ का हो गया है।

इस शो में सुपरस्टार रजनीकांत और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू का भी मजाक बनाया गया। केतन सिंह करण जौहर की स्टाइल में बोल रहे थे, लेकिन प्रोमो में कोई अश्लीलता नहीं दिखी। बात ये है कि करण जौहर खुद दुनिया भर के गॉसिप कर सकते हैं, लेकिन एक मजाक उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ? अब केतन सिंह ने माफ़ी माँगते हुए कहा है कि उनका इरादा किसी को दुःख पहुँचाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि वो ‘कॉफी विथ करण’ इंटरव्यू शो में करण जौहर को देखना पसंद करते हैं, इसीलिए उन्होंने उनकी नक़ल उतारी।

केतन सिंह ने खुद को करण जौहर के काम का फैन बताते हुए कहा कि वो उन्हें देख कर काफी सीखते हैं। बकौल केतन सिंह, ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ उन्होंने 5-6 बार देखी है। केतन सिंह का कहना है कि उन्होंने सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए उनकी मिमिक्री की थी। अब बात साफ़ है, भला पानी में रहना है तो मगरमच्छ से दुश्मनी क्यों ली जाए! केतन सिंह जैसे कलाकार छोटे-मोटे रोल करते हैं, ऐसे में वो एक ऐसे परिवार से दुश्मनी नहीं ही लेंगे जो पिछले 50 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है। वैसे भी मिमिक्री आर्टिस्ट्स की गलती नहीं होती है, चैनल उनसे ये सब करवाता है।

करण जौहर भूल गए AIB का वो शो, उनकी माँ भी थीं मौजूद

अभी आपने देखा कि कैसे करण जौहर को बुरा लग क्या कि किसी ने उनकी नक़ल क्यों की, क्योंकि वो अपनी माँ के साथ TV देख रहे थे। अब चलते हैं थोड़ा पीछे और देखते हैं कि करण जौहर को अपनी माँ के साथ क्या देखना बुरा लगता है और क्या नहीं। 2015 में ‘ऑल इंडिया बकचो$ (AIB)’ का एक शो आया था ‘नॉकआउट’ नाम से, जिसका हिस्सा करण जौहर के साथ-साथ अभिनेता रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर भी थे। उस शो में हद दर्जे की अश्लीलता परोसी गई थी।

क्या बॉलीवुड के इन रसूखदार लोगों ने कभी सोचा कि टीवी पर कई लोग अपनी माँ, अपनी बहन या अपने बच्चों के साथ इस शो को देख रहे होंगे? उन्होंने तब नहीं सोचा, फिर अब अचानक से उन्हें नैतिकता का ज्ञान कहाँ से याद आ गया? इस दौरान खुद करण जौहर ने अभिनेताओं के इंट्रो के लिए धन्यवाद देते हुए कहा था कि उनकी माँ दर्शकों की पहली दीर्घा में बैठी हैं और शो ख़त्म होते-होते उन्हें एम्बुलेंस की ज़रूरत पड़ सकती है। याद दिला दें कि रणवीर सिंह का इंट्रो देते समय महिला कॉमेडियन ने सेक्स तोय ‘डिल्डो’ की बात भी की थी।

बताइए, माँ के सामने सेक्स टॉय की बात हुई तो करण जौहर को बुरा नहीं लगा, लेकिन उनकी मिमिक्री टीवी पर किसी छोटे-मोटे कलाकार ने कर दी तो उन्हें बुरा लग गया। कॉमेडियन अदिति मित्तल के लिए उन्होंने ‘Asshole’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस दौरान डबल मीनिंग बातें भी की गईं। करण जौहर ने कहा कि रणवीर सिंह अंतिम बार किसी अच्छी चीज के भीतर थे, तो वो दीपिका पादुकोण थीं। एक दृश्य में रणवीर सिंह झुक कर बैठते हैं तो करण जौहर कहते हैं कि ये तो उनकी ‘पोजीशन’ है।

इस शो में दर्शकों में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और दीपिका पादुकोण भी बैठी हुई थीं। फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने कहा था कि करण जौहर ‘Slutty’ हैं और उनका ‘Cock’ गॉसिप से भी ज्यादा तेज़ यात्रा करता है। शो में बार-बार ‘Fuck’ शब्द का इस्तेमाल हुआ। सोचिए, उस समय करण जौहर को ये ख्याल भी नहीं आया कि उनकी माँ वहाँ पर मौजूद हैं। वैसे भी बॉलीवुड में मजाक बनाया जाना कोई नई बात नहीं है, ऐसे लेकर मजाक बनाया जाता है और बना भी जाता है।

एक बार एक अवॉर्ड शो में मंच से शाहरुख़ खान और सैफ अली खान ने नील नितिन मुकेश का मजाक बनाया था, जबकि उनके पिता भी बगल में बैठे हुए थे। नील नितिन मुकेश ने जब आपत्ति जताई तो, शाहरुख़ खान मजाक बनाते हुए कहने लगे कि ये ऐसे बोल रहा है जैसे विधु विनोद चोपड़ा या आशुतोष गोवारिकर की फिल्म मिल गई है। इसी तरह मंच पर सुशांत सिंह राजपूत का भी मजाक बनाया गया था। ऐसे में करण जौहर की इंस्टाग्राम स्टोरी उनके दोगले रवैये का अलावा और कुछ नहीं है

राज्य अमीर पर यहाँ के लोग गरीब क्यों: ओडिशा की जनता से PM मोदी का सीधा सवाल, कहा- पहले कॉन्ग्रेस ने लूटा, अब बीजद लूट रही

लोकसभा चुनाव 2024 के प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार (6 मई 2024) को ओडिशा पहुँचे और बेहरामपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सत्ताधारी बीजू जनता दल (BJD) और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि BJD के 25 साल के शासन में ओडिशा को जमकर लूटा। ओडिशा के लोगों को गरीबी में धकेलने के लिए कॉन्ग्रेस पर हमला बोला।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ओडिशा में पहले करीब 50 साल कॉन्ग्रेस और फिर 25 साल से बीजेडी की सरकार रही है। लेकिन हुआ क्या? ओडिशा के पास भरपूर पानी भी है, ओडिशा के पास भरपूर उपजाऊ जमीन भी है, ओडिशा की जमीन के नीचे खनिज का खजाना भी है। इतना लंबा समुद्री तट भी है। बहरामपुर जैसा ट्रेड सेंटर भी है। ये तो सिल्क सिटी भी है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “यह खाद्य की राजधानी भी है। यहाँ इतिहास भी है, संस्कृति की धरोहर भी है… सब कुछ है। परमात्मा ने इतना दिया है… इतना दिया है…। मैं हर बार कहता हूँ कि ऐसा क्या हुआ कि इतने अमीर ओडिशा की जनता गरीब रह गई। ओडिशा अमीर है, जनता गरीब है। ये पाप किसने किया? इसका जवाब है… पहले कॉन्ग्रेस और फिर बीजेडी के नेताओं की लूट।”

पीएम मोदी ने जनता से सवाल किया, “बीजेडी के छोटे-छोटे नेता भी बड़े-बड़े बंगले के मालिक हो गए हैं। आखिर क्यों? मुख्यमंत्री के इस क्षेत्र से सबसे ज्यादा श्रमिक पलायन करते हैं। आखिर क्यों? यहाँ के ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टर के पद खाली हैं। आखिर क्यों? यहाँ बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। यहाँ पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज तक नहीं हैं। पानी की बेहतर सुविधा नहीं है।”

पीएम मोदी ने कहा, “4 जून पर यहां की BJD सरकार की एक्सपायरी डेट लिखी हुई है। आज 6 मई है, 6 जून को BJP के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय होगा। 10 जून को भुवनेश्वर में BJP के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होगा। मैं आज सबको भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह के लिए निमंत्रण देने आया हूँ।”

पीएम मोदी ने कहा, “केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये ओडिशा को दिए। वो पैसे यहाँ की सरकार सही से खर्च ही नहीं कर पाई। मोदी गाँव में सड़कें बनाने के लिए पैसा भेजता है, लेकिन यहाँ गाँवों में सड़कों की हालत खराब है। मोदी दिल्ली से मुफ्त चावल के लिए पैसे भेजता है, लेकिन BJD सरकार इस योजना पर भी अपना फोटो चिपका देती है।”

दिल्ली शराब घोटाला: BRS नेता के कविता को राहत नहीं, कोर्ट ने किया जमानत देने से इनकार

दिल्ली के एक कोर्ट ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) की MLC के कविता को जमानत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह जमानत दिल्ली शराब घोटाला मामले में माँगी थी। कविता ने शराब घोटाला मामले में नियमति जमानत की माँग की थी।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के राउज अवेन्यु कोर्ट में BRS MLC के कविता ने याचिका लगाई थी कि उन्हें CBI और ED दोनों की ही गिरफ्त से राहत दी जाए। इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष कोर्ट जज कावेरी बावेजा ने उनकी यह जमानत याचिका खारिज कर दी।

के कविता ने अपनी याचिका में कहा कि वर्तमान मामले में किसी भी सबूत के साथ छेड़छाड़ करने और मुकदमे को प्रभावित करने के प्रयास की कोई आशंका नहीं पैदा होती है, ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए। हालाँकि, कोर्ट ने उनकी कोई बात नहीं मानी और जमानत देने से इनकार कर दिया।

इससे पहले भी के कविता की जमानत याचिकाएँ खारिज हो चुकी हैं। एजेंसी ने उन पर यह भी आरोप लगाया था कि वह गवाहों को इस मामले में प्रभावित कर रही थीं। इससे पहले लगाई गई जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ED की तरफ से पेश वकील जोहेब हसन ने कहा था कि PMLA कानून में महिलाओं के लिए राहत का प्रावधान है, लेकिन कविता को सामान्य महिला नहीं माना जा सकता। ED ने कहा कि वह कोई सामान्य महिला नहीं बल्कि बड़ी राजनेता हैं।

ED ने कहा था, ”इस मामले में आरोपित (के कविता) रिश्वत देने के मामले में सबसे प्रमुख किरदार है। उन्होंने सिर्फ रिश्वत ही नहीं दी है, बल्कि इंडोस्पिरिट्स के माध्यम से इस मामले में फायदा भी लिया है। मैं सिर्फ बयानों पर विश्वास नहीं कर रहा। हमारे पास इस मामले में सबूत, व्हाट्सएप डॉक्यूमेंट सब हैं। इस मामले में उन खातों से लेनदेन हुआ और यह उनकी लाभार्थी हैं।” के कविता वर्तमान में जेल में बंद हैं। उनको 15 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया गया था।