सन् 1715 में चार्ल्स बून को मुंबई का गवर्नर बना कर भेजा गया और उसने प्रण लिया कि वो कान्होजी आंग्रे की ताकत को ख़त्म कर देगा। अभिमानी बून ने एक बड़ी सेना लेकर विजय दुर्ग पर आक्रमण किया।
धमाके के लिए रखे नाइट्रिक और सल्फ्यूरिक एसिड में आतंकियों के सोचे समय पर रिएक्शन नहीं हुआ, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई। बीच में रखी कागज़ की परत देर से जली।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली' की सरकार ने ही किया था। लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने AUD की एडमिशन नीति को लेकर ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन भी किया।
"फिल्म 'अंदाज़ अपना अपना' में सलमान खान के साथ काम करने का मेरा अनुभव काफी बुरा रहा था। तब मैं उन्हें पसंद नहीं करता था। मेरी नजर में वो असभ्य और अविवेकी थे। मैं उनसे दूर ही रहना चाहता था।"
भड़के आरोपितों ने लाठी-डंडों और सरिये से रिंकू सिंह की पिटाई शुरू कर दी। उनके हाथ और पसलियों में चोटें आई हैं। उन्होंने बस गाय के साथ क्रूरता का विरोध किया था।
"अभी भी वो लोग कारगिल में अपने बेटे आज़ाद के साथ हैं। वहाँ 'लाल सिंह चड्ढा' की शूटिंग चल रही है। किरण राव ने आज ही सुबह मुझे तीनों की साथ में एक तस्वीर भेजी है।"
विदेशी अख़बारों में खुद को 'हिन्दू मिलिटेंट लीडर' बताए जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी सोच जितनी होगी, वो उतना ही बोलते हैं। उन्होंने कहा कि एक हिन्दू होने पर वो गर्व महसूस करते हैं।