कोर्ट ने ये भी नोट किया है कि एक गवाह बयान देने के लिए तैयार था, लेकिन फिर भी उसे पेश नहीं किया गया। साथ ही 'तहलका' के सर्वर में कुछ जरूरी इमेल्स थे, जिन्हें पेश नहीं किया गया।
सरकार ने कंपनियों को इंटरमीडिएट्री गाइडलाइन एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड रूल्स, 2021 के तहत नियमों का पालन करने के लिए कहा था। लेकिन कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसा करने में असफल रहे।