जब कुम्भ के समय दलित को महामंडलेश्वर बनाया गया था, तब 'द वायर' जैसे प्रपंची पोर्टलों ने इसे चुनाव से पहले दलित वोटों को लुभाने वाला उपक्रम भी करार दिया था।
पालघर में बेरहमी से मौत के हवाले कर दिए गए दोनों ही साधु दशनामी थे। जिन्होंने औरंगज़ेब से ज्ञानवापी की रक्षा की और ब्रिटिश से युद्ध किया, उन्हें ये कैसी कृतज्ञता अर्पित कर रहे हैं हम?