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पुलिस पिकनिक नहीं मना रही, एसिड अटैक झेल रही है, एकतरफा हंगामा न हो: दिल्ली HC में तुषार मेहता

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के विडियो के आधार पर जानबूझ कर एकतरफा हंगामा किया जा रहा। उन्होंने हाईकोर्ट से पुलिस को बदनाम करने की कोशिशों पर लगाम लगाने की अपील की।

बाइक पर ‘जय श्री राम’ का स्टीकर देख 40 लोगों ने मेरे पिता को मार डाला: नितिन ने सुनाई आपबीती

एक व्यथित हिन्दू ने कहा- "आप आए हैं। बहुत बड़ी बात है। यहाँ तो अभी तक कोई भी नहीं आया, हमारा आदमी मार दिया गया।" नितिन कहते हैं कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया। नितिन ने उस रात कई दरवाजे खटखटाए लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की।

‘दोनों तरफ के लोग हैं’: ‘दंगा साहित्य’ के दोगले कवियों से पूछिए कि हिन्दू ने कहाँ दंगा किया, कितने दिन किया?

इस नैरेटिव से बचिए और पूछिए कि जिसकी गली में हिन्दू की लाश जला कर पहुँचा दी गई, उसने तीन महीने से किसका क्या बिगाड़ा था। 'दंगा साहित्य' के कवियों से पूछिए कि आज जो 'दोनों तरफ के थे', 'इधर के भी, उधर के भी' की ज्ञानवृष्टि हो रही है, वो तीन महीने के 89 दिनों तक कहाँ थी, जो आज 90वें दिन को निकली है?

हालात सामान्य बनाने में जुटी हैं एजेंसियाँ, शांति बनाए रखें: दिल्ली दंगों पर पहली बार बोले PM मोदी

"शांति और समरसता हमारी प्रकृति का मूल केंद्र रहा है। मैं दिल्ली के भाइयों-बहनों से अपील करता हूँ कि वो हर परिस्थिति में शांति एवं भाईचारा का माहौल बनाए रखें। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि जितनी जल्दी हो सके, सभी क्षेत्रों में शांति स्थापित हो।"

चाँदबाग के नाले से मिला IB कॉन्स्टेबल का शव, ड्यूटी से घर लौटते वक्त दंगाइयों ने की पीट-पीटकर हत्या

मंगलवार शाम को अंकित शर्मा ड्यूटी से घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि चाँदबाग पुलिया पर कुछ दंगाइयों ने उन्हें घेर लिया और पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नाले में फेंक दिया।

दिल्ली हिंसा: अपनी दुकान में बैठा था 19 साल का विवेक, दंगाइयों ने सिर में ड्रिल मशीन से कर दी छेद

इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो में 2-3 लोग एक हिंदू के शव को भीड़ से दूर लेकर जाते नजर आए थे। लेकिन भीड़ अचानक से गली के बाहर आकर अल्लाहु अकबर और नारा-ए-तकबीर का नारा लगाने लगती है। मारे गए युवक का नाम विनोद बताया जा रहा है।

बालाकोट में 189 साल पहले भी हुआ था एक ऑपरेशन, तब हूरों के चक्कर में मारे गए थे 300 जेहादी

बीते साल भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस घटना से करीब 189 साल पहले भी बालाकोट में रणजीत सिंह की सेना ने जिहादियों का ऐसे ही सफाया किया था।

दंगाइयों ने दंगाइयों को मारा, मुआवजा देने का सवाल ही नहीं: CAA विरोधी हिंसा पर CM योगी सख्त

इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।

बालाकोट एयरस्ट्राइक के 1 साल: ‘हमने उन्हें बता दिया, कहीं भी रहो घुसकर मारेंगे’

"हम संदेश देना चाहते थे कि हम 'घुसकर मारेंगे' चाहे आप कहीं भी हों। अन्यथा, हम उन पर अपने क्षेत्र से भी हमला कर सकते थे।"

वीर सावरकर: वह लेखक, जिसकी किताब बेच बंदूकें खरीदते थे आज़ादी के परवाने

वह सावरकर ही थे जिन्होंने पहले मराठी और फिर अंग्रेजी में प्रकाशित ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’/The Indian War of Independence के ज़रिए इस लड़ाई के असली रूप को जनचेतना में पुनर्जीवित किया।

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