Homeदेश-समाजचाँदबाग के नाले से मिला IB कॉन्स्टेबल का शव, ड्यूटी से घर लौटते वक्त...

चाँदबाग के नाले से मिला IB कॉन्स्टेबल का शव, ड्यूटी से घर लौटते वक्त दंगाइयों ने की पीट-पीटकर हत्या

इससे पहले दंगाइयों द्वारा 19 साल के एक हिंदू लड़के पर हमला किया और उसके सिर में ड्रिल मशीन से छेद करने की घटना सामने आई थी। पीड़ित विवेक पर उस वक्त हमला किया गया जब वह अपनी दुकान में बैठा था।

दिल्ली में नागरिकता कानून के विरोध में शुरू हुई हिंसा भयानक रूप लेती नजर आ रही है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा में उपद्रवियों ने एक आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया। यह घटना दिल्ली के चाँदबाग की है। नाले से आइबी के कॉन्स्टेबल का शव निकाला गया है।

मृतक अंकित शर्मा (26) खजूरी में रहते थे। मंगलवार (फरवरी 25, 2020) शाम को वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि चाँदबाग पुलिया पर कुछ दंगाइयों ने उन्हें घेर लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नाले में फेंक दिया।

दंगे में मारे गए अंकित शर्मा के परिजन मंगलवार से ही उनकी तलाश में थे। ज्ञात हो कि अंकित शर्मा के पिता रविंदर शर्मा भी IB में हेड कॉन्स्टेबल हैं। उनका कहना है कि पिटाई के साथ अंकित को गोली भी मारी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। अंकित के पिता रविंदर शर्मा ने मौके पर मौजूद मीडिया को बताया कि उनका बेटा अंकित 2017 में IB में शामिल हुआ था। अंकित की अभी तक शादी नहीं हुई थी। उनके लिए लड़की की तलाश की जा रही थी।

इससे पहले दंगाइयों द्वारा 19 साल के एक हिंदू लड़के पर हमला किया और उसके सिर में ड्रिल मशीन से छेद करने की घटना सामने आई थी। पीड़ित विवेक पर उस वक्त हमला किया गया जब वह अपनी दुकान में बैठा था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विडियो में 2-3 लोग एक हिंदू के शव को भीड़ से दूर लेकर जाते नजर आए थे। लेकिन भीड़ अचानक से गली के बाहर आकर अल्लाहु अकबर और नारा-ए-तकबीर का नारा लगाने लगती है। मारे गए युवक का नाम विनोद बताया जा रहा है। घटना ब्रह्मपुरी इलाके की है।

नोट: सोशल मीडिया में कई तरह के विडियो और तस्वीरें पोस्ट हो रहे हैं। ऑपइंडिया इनकी पुष्टि नहीं करता। इस मुश्किल वक्त में धैर्य बनाएँ रखें और प्रशासन को हालात पर काबू पाने में सहयोग करें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘गाय काटेंगे और बस स्टैंड पर ही बीफ बेचेंगे’: SDPI के रियाज फरंगीपेट को अदालत ने सुनाई कारावास, जानिए कट्टरपंथी नेता से जुड़े हैं...

अदालत ने फैसले में कहा कि रियाज का 2015 में दिया गया भाषण दो समुदायों के बीच शांति भंग करने वाला था और ऐसे कृत्यों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

जयललिता से तृषा कृष्णन तक: कैसे तमिलनाडु की राजनीति में बार-बार निशाने पर आईं महिलाएँ

जयललिता से तृषा कृष्णन तक मामला बताता है कि तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं को कैसे निशाना बनाया जाता है। एक विधानसभा के अंदर का तो दूसरा राजनीतिक मंच का।
- विज्ञापन -