"ज्ञानवापी मस्जिद पहले भगवान शिव का मंदिर था जिसे मुगल आक्रमणकारियों ने ध्वस्त कर मस्जिद बना दिया था, इसलिए हम हिंदुओं को उनके धार्मिक आस्था एवं राग भोग, पूजा-पाठ, दर्शन, परिक्रमा, इतिहास, अधिकारों को संरक्षित करने हेतु अनुमति दी जाए।"
मुसलमानों का मसीहा बनने की कोशिश में महातिर पिछले कुछ समय से भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहे थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर पर गलतबयानी करते हुए भारत पर कई आरोप मढ़े थे। रोहिंग्या मुसलमानों पर कथित अत्याचार का रोना रोया था।
जाफराबाद में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी पिस्टल लेकर पहुँच गया। जानकारी के मुताबिक, उसने 8 राउंड फायरिंग भी की।
'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामिक आतंकवाद और पाकिस्तान का मसला जोर-शोर से उठाया। इससे पहले प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे के वक्त 'हाउडी मोदी' में भी उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद का मिलकर सफाया करने की बात कही थी।
साबरमती आश्रम में जब ट्रंप पीएम मोदी और भारत की शान में कसीदे पढ़े रहे थे, उससे पहले नेशनल हेराल्ड ने एक लेख छाप देश को नीचा दिखाने की पूरी कोशिश की। इसके मुताबिक, भारत पहला गरीब देश है जिसकी यात्रा पर अमेरिकी राष्ट्रपति आए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक रोहिंग्याओं को जमीन खरीद कर बसाने के लिए बड़े पैमाने पर फंडिंग की जा रही है। कुछ हज़ार रुपए खर्च करने पड़े इन्हें नेपाल की नागरिकता संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए जा रहे हैं।
गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला ने दाऊद से जुड़े कई राज उगले हैं। बताया है कि कैसे मिर्जा दिलशाद बेग की वजह से डी गैंग का सरगना बच गया। उसने थाइलैंड और बांग्लादेश में भी दाऊद की पकड़ का खुलासा किया है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने ईसाइयत, इस्लाम और हिन्दू धर्म के बीच का फर्क बताते हुए कहा, "हिन्दू धर्म जहाँ प्रत्येक मार्ग से ईश्वर की प्राप्ति सम्भव बताता है, वहीं ईसाइयत और इस्लाम दूसरे धर्मों को कमतर और शैतान का रास्ता करार देते हैं।"
वामपंथियों के पास मूर्खों को छोड़ कर और कोई होता भी नहीं। या और गहरे उतरें तो यह कहना भी शास्त्रोचित है कि वामपंथी मूर्ख ही होते हैं। ये बात और है कि उन्हें अंत काल तक अपने मूढ़मति होने का पता नहीं चल पाता।
साल 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन की भारत यात्रा के दौरान 19-20 मार्च की रात आर्मी की ड्रेस में आए हमलावरों ने 35 सिखों को मौत के घाट उतार दिया था वहीं 36 वीं मौत इस भयंकर मंजर को देख, एक महिला को हुए कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई थी।