हिन्दुओं की जैसे दुर्दशा सेक्युलर सरकार ने कर रखी है, उसमें हिन्दुओं को 'सेक्युलरिज़्म' की दुहाई वैसे ही है, जैसे नाज़ी यातना शिविर में पड़े यहूदी से प्रार्थना कि वह अपने शोषकों को जिलाए रखने के लिए कुछ कर दे।
बीएचयू प्रशासन को उस ऑर्डिनेंस को देश के सामने प्रस्तुत करना चाहिए जिसके जरिए बीएचयू में धार्मिक शिक्षा बीएचयू एक्ट-1951 में संशोधन के पूर्व से दी जा रही थी, इसीलिए संसद को संशोधन के समय लिखना पड़ा कि "religious instruction being given." अर्थात दी जा रही धार्मिक शिक्षा रोकी नहीं जाएगी।
बड़े पैमाने पर हो रहे ह्यूमन ट्रैफिकिंग की जानकारी पाकिस्तान की सेना और सरकार दोनों को है। लेकिन, चीन को खुश रखने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पुलिस पर ऐसे मामलों की जॉंच नहीं करने का दबाव है। मीडिया को भी इसकी रिपोर्टिंग से मनाही है।
पवार ने मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर वे उनके साथ हैं। वहीं, उनकी सांसद बेटी ने कहा है कि पीएम ने उनमें जो भरोसा जताया है उसके लिए वे उनकी शुक्रगुजार हैं।
सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने इसका स्वागत किया है। इस अधिनियम को शरणार्थी हिन्दुओं के लिए बड़ी राहत बताया है। वहीं लिबरल गिरोह ने भी अपनी रुदाली शुरू कर दी है। कॉन्ग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इसे लोकतंत्र के ही खिलाफ बता दिया है।
अमजद और अजगर ने पीटने के बाद दलित से कहा कि वह नीची जाति से है। उसे पठानी सूट पहनने का कोई अधिकार नहीं है। अगर उसने दोबारा पठानी सूट पहना तो वे उसे जान से मार देंगे।
राजीव बजाज ने कहा है कि कॉर्पोरेट एक्सीलेंस को सम्मानित करने वाले मंच पर अपनी व्यक्तिगत राय जाहिर करना सही है या ग़लत, वह इसका निर्णय नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साहस और बेहूदगी की परिभाषा एक ही होती है, इसलिए अंतर कर पाना मुश्किल है।
राजपक्षे ने इस्लामी कट्टरता को आतंकवाद की जड़ बताते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग नौकरी के लिए मध्य-पूर्व जाते हैं। वहॉं उन्हें भड़काया जाता है। इंटरनेट पर उपलब्ध इस्लामी टिप्पणियों से किसी को भी घर बैठे कट्टरपंथी बनाया जा सकता है।
सर्कुलर में कहा गया है कि अंतिम सेमेस्टर परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। जो ऐसा नहीं करेंगे वे जेएनयू अकेडमिक ऑर्डिनेंस के तहत यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं रह जाएँगे।
रश्मि ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई का कहना है कि वे सीएम उद्धव की ओर से बैठक में हिस्सा ले रहे थे। सहयोगी एनसीपी को यह सफाई पसंद नहीं आई। उसने कहा है कि उद्धव ठाकरे की अनुभव की कमी साफ़ दिख रही है।