हर आतंकी और उसका संगठन एक ही नारा लेकर निकलता है, काले झंडे पर सफ़ेद रंग से लिखा वाक्य क्या है, सबको पता है। बोल नहीं सकते, वरना 'बिगट' और 'कम्यूनल' होने का ठप्पा तुरंत लग जाएगा। हमने पीढ़ियाँ निकाल दीं कहते हुए कि आतंक का कोई मज़हब नहीं होता।
आज़म ख़ान ने यह विवादित बयान विदिशा में दिया। मध्य प्रदेश के विदिशा में दिवंगत सांसद मुनव्वर सलीम के अंतिम क्रिया-कर्म से लौटते वक़्त आज़म ने ऐसा कहा। जया प्रदा के बारे में सवाल पूछने पर आज़म ख़ान भड़क गए। जया प्रदा ने भी आज़म ख़ान पर पलटवार किया है।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सिंघवी, राष्ट्रीय महिला आयोग, मुलायम की बहू अपर्णा यादव और सुषमा स्वराज सहित कई नेताओं ने आज़म ख़ान के महिला-विरोधी बयान की निंदा की है। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनका बचाव किया। आज़म ख़ान के खिलफ FIR भी दर्ज कर ली गई है।
आजम खान के द्वारा किए गए महिला विरोधी बयान की वजह से महागठबंधन को किसी तरह का कोई राजनीतिक नुकसान ना हो, इसलिए आरफा खानम शेरवानी आजम खान के समर्थन में आ गई। उन्होंने दावा किया कि आजम खान ने जो बयान दिया था, वो जया प्रदा के लिए नहीं, बल्कि पूर्व सपा नेता अमर सिंह के खिलाफ था।
महिला की मानें तो ड्राइवर ने ऐसा जवाब तब दिया जब महिला विनम्र तरीके से उससे बात कर रही थी। इसके बाद महिला ने उससे पूछा भी कि क्या वो इसी तरह सबसे बात करता है?
मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने जिलाधिकारी से इस मामले पर रिपोर्ट की। इसके बाद वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी द्वारा मामले की जाँच हुई और फिर पुलिस में आजम के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई।
ये देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में मजहब के महान नेता आज़म खान अंतःवस्त्रों के रंग से नीचे उतरते हुए जननांग और स्तनों के कप साइज से मजहब की भीड़ का ज्ञानवर्धन किस महिला का नाम लेकर करेंगे।
कोरेगांव की लड़ाई की प्रशंसा ब्रिटेन की संसद तक में हुई थी और कोरेगाँव में एक स्मारक भी बनवाया गया था जिस पर उन 22 महारों के नाम भी लिखे हैं जो कम्पनी सरकार की ओर से लड़े थे। यह प्रमाणित होता है कि कोरेगाँव की लड़ाई दलित बनाम ब्राह्मण थी ही नहीं, यह तो दो शासकों के मध्य एक बड़े युद्ध का छोटा सा हिस्सा मात्र थी।
बृजेंद्र सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। लेकिन बेटे को टिकट मिलने से चौधरी बीरेंद्र सिंह नाराज हो गए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से राज्यसभा और मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश तक कर डाली है।