आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाक लगातार कॉन्ग्रेस को हथियार बनाकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र को लिखे पत्र में राहुल गॉंधी के बयान का जिक्र किया था। बाद में राहुल ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा था कि कश्मीर में हिंसा के पीछे पाकिस्तान का हाथ है।
22 सितंबर को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया था। तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी।
अनैतिक मार्केटिंग के तीन “सी” (Convince, Confuse और Corrupt) का इस्तेमाल करने की पुरजोर कोशिश की गई और किसी तरह से Howdy Modi से कुछ अच्छा न निकल जाए, ये प्रयास हुआ। थोड़ी सी फजीहत पर जो मान जाए वो लिबटार्ड कैसा? इसलिए इतनी बेइज्जती पर उनका मन नहीं भरा।
खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 से 10 आतंकियों वाले एक मॉड्यूल को लेकर अलर्ट जारी किया है। आशंका है कि ये आतंकी भारतीय वायु सेना के ठिकानों को तबाह करने के लिए जम्मू-कश्मीर के आसपास आत्मघाती हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।
ईडी के अनुसार, यह लोन धोखाधड़ी का बहुत बड़ा मामला है। कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। आरोप है कि शुगर फैक्ट्रीज को स्टेट कोऑपरेटिव बैंक द्वारा तय किए गए मूल्य से कम दाम में बेच दिया गया।
क्योंकि चुनाव आने में अभी थोड़ा समय है और बलात्कारी जब अपने ही जात-बिरादरी के हों, तो उनके बारे में लिखने पर क्या पता नरक-वरक जाना पड़ जाए, या कोई पूछ ले कि क्या इसी दिन के लिए अवार्ड दिया था? क्या इसी दिन के लिए तुम्हें भीड़ दे कर खड़ा किया था, तुम्हें नेता बनाया था?
"मेरे पिताजी ने हमेशा देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखा था। मैं अपने पिता की ही संतान हूँ, राजनीतिक ध्रुवीकरण के बढ़ते जाने पर भी अपने मूल सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करूँगा।"
"मैं सिद्दरमैया का पालतू बनाया हुआ कोई तोता नहीं हूँ। उनके जैसे कई हैं, जो एचडी देवेगौड़ा के शासन में फल-फूले। मैं मुख्यमंत्री कॉन्ग्रेस आलाकमान के आशीर्वाद के चलते बना।"
हेलो... मेरा नाम सुरेश (अपना मुस्लिम नाम छुपाते हुए) है। मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ। पीड़िता के साथ एक ही बस में आने-जाने से बनी पहचान के कारण आसिफ से सुरेश बने रेप आरोपित ने एक दिन उसे किसी बहाने बुलाया, जहाँ एक गाड़ी में उसे जबरन बैठाया गया, नशे की गोलियाँ खिलाई गई और...
"अगर विवादित स्थल पर इतिहास में कोई मंदिर था तो वह कब गायब हो गया होगा, किसी को नहीं पता। यह ढाँचा 19वीं सदी तक भारत के किसी अन्य सामान्य मस्जिद की तरह ही था, विवाद के बाद यह चर्चित हो गया।"