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₹1381 करोड़ की कुल मदद का ऐलान, PM मोदी ने ‘फोनी’ से हुई तबाही का लिया जायजा

पीएम मोदी ओडिशा की तरह पश्चिम बंगाल में भी चक्रवाती तूफान के बाद उत्पन्न स्थिति के लिए समीक्षा बैठक करना चाहते थे। इसके लिए वहाँ की सरकार को पत्र भी लिखा गया, लेकिन राज्य की ममता सरकार ने जवाब में कहा कि सरकारी अधिकारी चुनाव ड्यूटी में बिजी हैं, इसलिए समीक्षा बैठक नहीं हो सकती।

आखिर कॉन्ग्रेस पार्टी ने स्वयं ही राजीव गांधी को ‘नीच डकैत’ क्यों कहा?

एक पिता के तौर पर तो बच्चों को हमेशा परिवार के साथ खड़े रहना चाहिए, लेकिन वो पिता प्रधानमंत्री भी था, और दुर्भाग्य से चोर और हत्यारा भी। देश उनके पिता से बड़ा है और अगर ये दोनों देशभक्त हैं तो राहुल या प्रियंका को मोदी की बात सुन कर चुपचाप रोने के बाद, आँसू के घूँट पीकर, रैली में किसी और विषय पर भाषण देते रहना चाहिए था।

अमेठी में ज़बरदस्ती हाथ पकड़कर पीठासीन अधिकारी ने कॉन्ग्रेस को डलवाया वोट

ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। ट्विटर पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हुए एक यूज़र ने लिखा, "ये क्या हो रहा देश में। कुछ कानून नाम के कोई चीज है या नही। पूरी गुंडा गर्दी हो रही है।"

जानिए थप्पड़ खाने के बाद अब कैसी सिक्योरिटी लेकर चलेंगे CM केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के समर्थकों या फिर प्रशंसकों के लिए अब केजरीवाल के नजदीक जाना काफी मुश्किल होगा। अब वो पहले की तरह करीब जाकर ना तो हाथ मिला सकते हैं और ना ही माला पहना सकते हैं। केजरीवाल के आस-पास सुरक्षाबलों का मजबूत घेरा होगा।

रमज़ान के कारण मतदान के समय में नहीं होगा बदलाव: निर्वाचन आयोग का फैसला

चुनाव आयोग का कहना है कि लोकसभा 2019 के आम चुनावों के 5 वें, 6 वें और 7 वें चरण के मतदान के मौजूदा समय में फेरबदल करना संभव नहीं है।

गौतम गंभीर को दिल्ली इलेक्शन में नीचा दिखाने के लिए स्पाइन वाली मीडिया पाकिस्तान पहुँच गई

गौतम गंभीर का रिकॉर्ड अफरीदी, आतिशी मर्लेना, अरविन्द केजरीवाल और प्रिंट सब को पता है। उन्हें ये भी पता है कि गंभीर बोलते कम और प्रहार ज्यादा करते हैं।

राहुल गाँधी को ‘पप्पू’ न मानने वाले सैम पित्रोदा को गुजरात में क्यों नहीं दिखता विकास!

अपनी धुर विरोधी पार्टी बीजेपी के ख़िलाफ़ कोई मुद्दा ना मिलता देख केवल इसी ताक में रहना कि कब मोदी क्या कह दें और उसे एक मौक़ा समझकर ये सारे लपक लें, और फिर शुरू हो जाए अनरगल बातों का दौर।

कॉमरेड चंदू से लेकर कन्हैया कुमार तक: जेएनयू के कपटी कम्युनिस्टों की कहानी, भाग-1

मैं जेएनयू की खदान का ही उत्पाद हूँ। कन्हैया तो कुछ भी नहीं, इसके बौद्धिक पितृ-पुरुषों और माताओं से मैं उलझा हूँ, उनकी सोच किस हद तक भारत और हिंदू-विरोधी है, यह मुझे बेहतर पता है।

जब-जब केजरीवाल पर ‘थप्‍पड़’ पड़ा, आम आदमी पार्टी का चंदा बढ़ा, कहीं ये पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं?

कारण जो भी हो पर, लोकतंत्र में जनता अपने नेता से कितनी भी नाराज क्यों न हो, फिर भी इस तरह से शारीरिक हिंसा पर उतर आना घोर निंदनीय है। अगर कोई पार्टी वास्तव में इसे पब्लिसिटी या चंदे का साधन बना कर प्रयोग कर रही है तो ये भी लोकतान्त्रिक व्यस्था का मजाक बनाना ही है।

Fact Check: बेशर्म कॉन्ग्रेस का एक और झूठ, मोदी सरकार ने नहीं भेजा 200 टन सोना स्विट्जरलैंड

कॉन्ग्रेस ने ट्विटर पर पूरी बेशर्मी के साथ एक ऐसी रिपोर्ट ट्वीट की है, जिसमें 2014 में RBI का 200 टन सोना स्विट्जरलैंड भेजने की बात कही गई है। कॉन्ग्रेस ने नेशनल हेराल्ड की एक ‘खोजी रिपोर्ट’ को टैग करते हुए लिखा, “क्या मोदी सरकार ने गुपचुप तरीके से RBI का 200 टन सोना 2014 में स्विट्जरलैंड भेजा?”

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