रॉबर्ट वाड्रा ने अपने इस पोस्ट में प्रियंका गाँधी वाड्रा को ‘P’ कहकर संबोधित किया है। इससे पहले भी जब प्रियंका गाँधी वाड्रा ने राजनीति में कदम रखा था, तब रॉबर्ट वाड्रा ने उन्हें ‘P’ कहकर ही शुभकामनाएँ दी थी।
इस अंतरिम घोषणा के बाद कई श्रद्धालुओं की आँख में उम्मीद के तारे चमकते नज़र आए हैं। इन श्रद्धालुओं की कतार में यूपी से बंगाल के बाद महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश के भी कई नामी चेहरे खड़े नज़र आ सकते हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े सूबे के लिए क्या राहुल या प्रियंका राफ़ेल पर 'बोफोर्स' से हमला करेंगे या कुतुब पर चढ़ 'आसमानी' बातें करेंगे?
जिस तरह तमाम माया-मोह को त्यागकर अर्जुन ने गाण्डीव उठाया था, आप क़लम उठाइये, आप शब्दों के जादूगर हैं। राजनीति नहीं, बस अपने हिस्से की पत्रकारिता शुरू कर दीजिए, TV पर सच सुनने और मीडिया में सच पढ़ने के इच्छुक व्यक्ति की ये बहुत बड़ी जीत होगी।
कोई व्यक्ति अपने पद का इस्तेमाल लोगों को जोड़ने में कर रहा है, और आपके पास उसकी नीतियों को लेकर, उसके कार्य को लेकर कुछ कहने को नहीं है, तो आप उसकी उस कोशिश का उपहास करते हैं जहाँ वो किसी जनजाति की परम्परा का सम्मान कर रहा होता है!
कॉन्ग्रेस पोस्टर से सोनिया की तस्वीर का अचानक छोटा और फिर गुम हो जाना एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देता है। संकेत यह कि सोनिया का राजनीतिक कद पार्टी में और आम लोगों के बीच कम होता जा रहा है।
जुलाई 2017 में पुणे स्थित इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिज़िक्स (IUCAA) के वैज्ञानिकों ने सरस्वती सुपर क्लस्टर की खोज की थी। यह सुपर क्लस्टर हमसे 4 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
स्टिंग ऑपरेशन में यह खु़लासा हुआ है कि ज़मीनी स्तर पर कोई खास इंटेलीजेंस इनपुट नहीं था, जिसके आधार पर रथ यात्रा पर रोक लगाने की बात को वाजिब ठहराया जा सके।
कश्मीर के रहने वाले डॉ अयाज़ रसूल नाज़की 2007 में शारदा पीठ गए थे। डॉ नाज़की की माँ के पूर्वज हिन्दू थे इसलिए वे अपनी जड़ों को खोजने शारदा पीठ गए थे। गत 60 वर्षों में वे पहले और अंतिम भारतीय कश्मीरी थे जो शारदा पीठ गए थे।