Friday, September 25, 2020
Home बड़ी ख़बर प्रिय मृणाल पांडे, आपकी बातें सड़क पर नाइदो तनियम जैसी हत्या करा सकती हैं!...

प्रिय मृणाल पांडे, आपकी बातें सड़क पर नाइदो तनियम जैसी हत्या करा सकती हैं! सँभालिए खुद को

देश की स्वतंत्रता के इतने सालों बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री आया है जो भारत के उत्तर-पूर्व हिस्सों में लगातार जाता है, उनकी परम्पराओं को सम्मान देता है, उनके क्षेत्र के विकास पर ध्यान देता है, तो भी कुछ लोगों को सिर्फ़ मजाक ही सूझता है!

पाँच साल पहले की बात है, 29 जनवरी 2014 की। अरुणाचल प्रदेश का एक लड़का था, उम्र 19 साल। दिल्ली के लाजपत नगर में किसी जगह का पता खोज रहा था। एक मिठाई की दुकान थी, वहाँ से किसी ने उसके बालों का मजाक उड़ाया। उसने बाल सुनहरे रंग से रंग रखे थे, वो औरों से अलग दिखता था। इतना काफी था उसे छेड़ने और उकसाने के लिए।

मजाक और उपहास का पात्र बनने पर उसे गुस्सा आया। कहा-सुनी हुई। उसके बाद भरी दोपहरी में रॉड और डंडों से पीटा गया। फिर पुलिस आ गई। कथित तौर पर पुलिस की उपस्थिति में भी उसे पीटा गया। किसी तरह अपनी जान बचाकर वो अपनी बहन के घर पहुँचा। वहाँ रात में सोया और सुबह जगा नहीं। उसके दिमाग और फेफड़ों में अंदरूनी चोट पहुँचने के कारण वो मर गया। नाइदो तनियम अरुणाचल प्रदेश के कॉन्ग्रेस विधायक के पुत्र थे।

कल नरेन्द्र मोदी अरुणाचल प्रदेश में थे। वहाँ रैली में भाषण देते वक्त उन्होंने अरुणाचली जनजातीय परम्परा में पहनी जानी वाली टोपी सर पर पहन रखी था। जब उनके भाषण की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई तो एक ट्विटर यूज़र, आशीष मिश्रा (@ktakshish), ने उपहास करते हुए लिखा, “आज दुग्गल साहब मोर बने हैं।” 

हालाँकि, ट्विटर पर इस तरह की बातें होती रहती हैं, और पीएम का मजाक आए दिन खूब उड़ता है। लेकिन ऐसे घटिया विचार वाले लोगों को मृणाल पांडे जैसे लोग शह देते हों, तो लगता है कि किसी एक प्रदेश की वेशभूषा को लेकर इनके मन में कितना कूड़ा भरा है। आशीष मिश्रा ने माफ़ी माँगते हुए अपना ट्वीट मिटा दिया है, लेकिन माफ़ी में भी यह लिखा कि ‘नॉर्थ ईस्ट वालों को रेसिस्ट लग रहा था’। ज़ाहिर है कि इन्हें ये रियलाइजेशन नहीं हुआ कि वो ट्वीट कैसा था। ख़ैर, उनको रहने देते हैं, क्योंकि उनका महत्त्व माध्यम होने भर का ही है, उससे ज़्यादा नहीं।

- विज्ञापन -

जबकि मृणाल पांडे ने उस ट्वीट के जवाब में जो ट्वीट लिखा वो और भी बेकार था, लेकिन अभी भी मौजूद है। उसमें मोदी की तरफ इशारा करते हुए एक मुर्ग़े को कोट पहनाया हुआ दिखाया गया है। 

मृणाल पांडे उसी गिरोह से आती हैं जो पत्रकारिता के नाम पर विचारधारा परोसने में व्यस्त हैं। विचारधारा के लिए भी किसी को कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि सबकी होती है। लेकिन घृणा और भेदभाव के साथ भारत की विविधता का उपहास करना बताता है कि मानसिक रूप से कुछ लोग कितना नीचे गिर सकते हैं। 

मृणाल पांडे एक साहित्यकार भी रह चुकी हैं (‘चुकी हैं’ क्योंकि अभी तो वैसे लक्षण नहीं दिख रहे, साहित्य तो चुक ही गया है)। उनकी माताजी हिन्दी का एक चमकता सितारा थीं। साहित्यकार संवेदनशील होता है। साहित्यकार अपने समाज को, दूसरे समाजों को, बाकी लोगों से बेहतर तरीके से देखने और समझने में सक्षम होता है। लिखने वाले लोगों से अपेक्षा की जाती है कि अपने शब्दों से हमें घर बैठे दुनिया की सैर करा दें।

लेकिन मृणाल पांडे, जो वैचारिक असहमति की राह से उतरकर घृणा और द्वेष की कुंठा का विष उगलती आगे बढ़ रही हैं, उनमें साहित्यकार या पत्रकार होने की संवेदना का घोर अभाव है। विचारधारा से घृणा उचित है, व्यक्ति से भी घृणा करना संदर्भों में उचित जान पड़ता है (लेकिन बता दें कि आलोचना नहीं, घृणा ही है), लेकिन एक समाज की विविधता का उपहास! ये तो नीचे गिरते जाने की सीढ़ी है जहाँ आपने सर पर इतनी घृणा लाद रखी है कि ऊपर आना मुश्किल दिखता है।

मोदी के सर पर जो टोपी थी, वो अरुणाचल प्रदेश की निशि जनजाति द्वारा पहनी जाने वाली पारम्परिक टोपी है। उसमें हॉर्नबिल नामक चिड़िया को जनजातीय कलाकृति के अद्भुत नमूने के रूप में दर्शाया गया था। देश की स्वतंत्रता के इतने सालों बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री आया है जो लगातार भारत के उत्तर-पूर्व हिस्सों में लगातार जाता है, उनकी परम्पराओं को सम्मान देता है, उनके क्षेत्र के विकास पर ध्यान देता है, तो भी कुछ लोगों को सिर्फ़ मजाक ही सूझता है!

उत्तर-पूर्व के लोगों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश के लिए जहाँ दिल्ली पुलिस में वहाँ के लोगों की भर्ती की जा रही है, जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहाँ कॉन्ग्रेस मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की एडिटर के इस तरह के विचार दुःखद और निंदनीय हैं। यही कारण है कि ऊपर से फैलाई जा रही इस तरह की घृणा नीचे सड़कों तक उतरती है और कभी नाइदो तनियम मारा जाता है, कभी लोयथम रिचर्ड

वो अलग दिखते हैं, क्योंकि उनकी परम्पराएँ अलग है। उनके लिए हम अलग हैं, अलग दिखते हैं। भारत विविधताओं से भरा देश है, और हमें एक-दूसरे की विविधता का सम्मान करना सिखाया जाता है। यही हमारी धरोहर है, और हमारी पहचान भी। यहाँ पर कभी थरूर द्वारा नागा जनजातीय वेशभूषा का उपहास करना, तो कभी उसी कॉन्ग्रेसी विचारधारा के मुखपत्र की एडिटर का अरुणाचल की वेशभूषा का मजाक बनाना बताता है कि अभिजात्य मानसिकता के कैंसर का कोई इलाज नहीं।

कितनी अजीब बात है कि कोई व्यक्ति अपने पद का इस्तेमाल लोगों को जोड़ने में कर रहा है, और आपके पास उसकी नीतियों को लेकर, उसके कार्य को लेकर कुछ कहने को नहीं है, तो आप उसकी उस कोशिश का उपहास करते हैं जहाँ वो किसी जनजाति की परम्परा का सम्मान कर रहा होता है! ये बताता है कि आपकी चर्चा का स्तर कितना गिर चुका है। 

सड़क पर हो रहे भेदभाव को आग मत दीजिए मृणाल जी, इसकी लपटें जब उठेंगी तो आपकी जैसी विकृत मानसिकता वाले लोग मिठाई के दुकान के बाहर किसी अरुणाचली को रॉड और लातों से इतना मारेंगे कि उसकी छाती की हड्डियाँ टूट जाएँगी, दिमाग को चोट पहुँचेगी और फेफड़ों में ख़ून उतरने के कारण उसकी मृत्यु हो जाएगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली दंगों में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सरकारी की मंशा पर सवाल उठाने वाले लॉबी को पूर्व जजों ने लताड़ लगाई है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

चीन ने शिनजियांग में 3 साल में 16000 मस्जिद ध्वस्त किए, 8500 का तो मलबा भी नहीं बचा

कई मस्जिदों को सार्वजनिक शौचालयों में बदल दिया गया। मौजूदा मस्जिदों में से 75% में ताला जड़ा है या आज उनमें कोई आता-जाता नहीं है।

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

ड्रग्स चैट वाले ग्रुप की एडमिन थी दीपिका पादुकोण, दो नंबरों का करती थी इस्तेमाल

ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण से एनसीबी शनिवार को पूछताछ करने वाली है। उससे पहले यह बात सामने आई है कि ड्रग चैट वाले ग्रुप की वह ए​डमिन थीं।

छद्म नारीवाद और हिंदू घृणा का जोड़: भारतीय संस्कृति पर हमला बोल कर कहा जाएगा- ‘ब्रेक द स्टिरियोटाइप्स’

यह स्टिरियोटाइप हर पोशाक की कतरनों के साथ क्यों नहीं ब्रेक किए जाते? हिंदुओं के पहनावे पर ही ऐसा प्रहार क्यों? क्यों नन की ड्रेस में मॉडल आदर्श होती है? क्यों बुर्के को स्टिरियोटाइप का हिस्सा नहीं माना जाता? क्यों केवल रूढ़िवाद की परिभाषा साड़ी और घूँघट तक सीमित हो जाती है?

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

‘गिरती TRP से बौखलाए ABP पत्रकार’: रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को मारा थप्पड़

महाराष्ट्र के मुंबई से रिपोर्टिंग करते हुए रिपब्लिक टीवी के पत्रकार और चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को एबीपी के पत्रकार मनोज वर्मा ने थप्पड़ जड़ दिया।

‘यही लोग संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का मौका नहीं छोड़ते’: उमर खालिद के समर्थकों को पूर्व जजों ने लताड़ा

दिल्ली दंगों में उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सरकारी की मंशा पर सवाल उठाने वाले लॉबी को पूर्व जजों ने लताड़ लगाई है।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

चीन ने शिनजियांग में 3 साल में 16000 मस्जिद ध्वस्त किए, 8500 का तो मलबा भी नहीं बचा

कई मस्जिदों को सार्वजनिक शौचालयों में बदल दिया गया। मौजूदा मस्जिदों में से 75% में ताला जड़ा है या आज उनमें कोई आता-जाता नहीं है।

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ जरा?’: सितारों का बचाव कर संजय राउत ने ‘शराबी’ वाले अमिताभ की याद दिलाई

ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण से पूछताछ से पहले संजय राउत ने बॉलीवुड सितारों का बचाव करते हुए NCB पर साधा निशाना है।

कानुपर में रिवर फ्रंट: ऐलान कर बोले योगी- PM मोदी ने की थी यहाँ गंगा स्वच्छता की प्रशंसा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में गंगा तट पर खूबसूरत रिवर फ्रंट बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसे पीएम मोदी को उपहार बताया।

अतीक अहमद से अवैध प्रॉपर्टी को जमींदोज करने पर हुआ खर्च भी वसूलेगी योगी सरकार

बाहुबली अतीक अहमद की अवैध प्रॉपर्टी पर कार्रवाई के बाद अब उससे इस पर आया खर्च भी वसूलने की योगी सरकार तैयारी कर रही है।

पैगंबर पर कार्टून छापने वाली ‘शार्ली एब्दो’ के पुराने कार्यालय के पास चाकू से हमला: 4 घायल, 2 गंभीर

फ्रांस की व्यंग्य मैग्जीन 'शार्ली एब्दो' के पुराने ऑफिस के बाहर एक बार फिर हमले की खबर सामने आई है। हमले में 4 लोग घायल हो गए।

मोइनुद्दीन चिश्ती पर अमीश देवगन की माफी राजस्थान सरकार को नहीं कबूल, कहा- धार्मिक भावनाएँ आहत हुई है

जिस टिप्पणी के लिए पत्रकार अमीश देवगन माफी माँग चुके हैं, उस मामले में कार्रवाई को लेकर राजस्थान सरकार ने असाधारण तत्परता दिखाई है।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,020FollowersFollow
324,000SubscribersSubscribe
Advertisements