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प्रिय मुस्लिम औरतो, आप हलाला, पोलिगेमी और तलाक़ के ही लायक हो! क्योंकि आप चुप हो!

घरवालों ने बेटे से कहा कि अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे। पति की शर्त आई कि पहले लड़की को उसके पिता के साथ हलाला करना होगा। हलाला यानी ससुर के साथ शारीरिक संबंध बनाना।

डियर सोसायटी, लड़की को आप ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ पर आँक लेते हैं… लड़कों के लिए भी ऐसा ही कुछ किया जाए?

अगर एक हाइमन के ब्रेक हो जाने से उसके चरित्र पर ही उँगलियाँ उठें और शर्मसार हो जाना पड़े तो जरूरी है कि न केवल महाराष्ट्र की सरकार बल्कि पूरे देश में इस ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ को अपराध घोषित कर दिया जाए।

वैरागी जीवन जीते हुए वीतरागी हो जाना है नागा संन्यासी होना

कई मुस्लिम, ईसाई और बाकी धर्मों के लोग भी स्वीकार किए गए हैं। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जो पहले डॉक्टर और इंजीनियर रह चुके हैं।

बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया… और IAF है दुधारू गैया

कहानी इसलिए क्योंकि कभी स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल मर जाता है, तो कभी स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी को भुला दिया जाएगा। उदाहरण इसलिए क्योंकि आपको मतलब हो या न हो, पार्टी आलाकमानों के बड्डे याद कराना नहीं भूलते नेता'जी' लोग।

‘फिरौती के लिए अपहरण’ का बाज़ार ध्वस्त करने के लिए शुक्रिया नीतीश जी, लेकिन दंगे और रेप का क्या?

बलात्कार के मामलों में जहाँ 23% की वृद्धि देखी गयी है, वहीं दंगों की घटनाओं में 29% की वृद्धि सरकार के लिए चिंता का सबब बन सकती है।

BJP के संकटमोचक: बड़ी से बड़ी समस्याओं को यूँ काबू में कर लेते हैं मृदुभाषी फडणवीस

भाजपा में एक ऐसे नए संकटमोचक का उदय हुआ है, जो ढोल पीटना नहीं जानता, अपने गुणगानों का बखान करना नहीं जानता, तेज़ आवाज में नहीं बोलता, लेकिन फिर भी जनता उसकी भाषा समझती है और वो जनता की।

ज़मीनी स्तर पर किसानों के लिए मोदी काल में हुए बदलावों की गहन पड़ताल (भाग 1)

"हमें तो जो भी मिले वो चलेगा, क्योंकि जहाँ आज हम एक-एक पाई को मोहताज़ हैं, वहाँ एक-आध हज़ार का भी बहुत महत्व है।"- पीएम-किसान योजना पर निर्धन किसान जटहू सहनी की राय।

सत्ता की वासना में जब नौकरशाही की निष्ठा शीघ्रपतित होती है तो लोग शाह फ़ैसल बन जाते हैं

वो कहते हैं कि उन्हें दुःख है कि कश्मीरियों की हत्या हो रही है और केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही है। देश के विरुद्ध खुली यलगार करने वाले पत्थरबाजों से उन्हें सहानुभूति हो जाती है। अलगाववादी नेताओं में उन्हें लीजेंड नज़र आने लगता है।

एक का विश्वास, दूसरे का अंधविश्वास: 5 जज, 6 वकील – SC में सबरीमाला पर दमदार दलील

कोई भी व्यक्ति जो अनुच्छेद 25 (2) (बी) के तहत पूजा करने का अधिकार रखता है, उसे देवता की प्रकृति के अनुरूप करना होगा।

मक़बूल शेरवानी: कश्मीर के रखवाले मुस्लिमों की कहानी (भाग 2)

मक़बूल शेरवानी के इस कृत्य को आज भी याद किया जाता है और बारामुला में भारतीय सेना ने उसका स्मारक भी बनवाया है। प्रसिद्ध उपन्यासकार मुल्कराज आनंद मक़बूल शेरवानी से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने उसके ऊपर एक उपन्यास लिखा जिसका शीर्षक था: Death of a Hero.

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