लूटेरे तैमूर ने एक टुकड़ी आगे पहाड़ी राज्यों पर भी हमला करने के लिए भेजी, जब ये सूचना जिया रानी को मिली तो उन्होंने फ़ौरन इसका सामना करने के लिए कुमाऊँ के राजपूतो की एक सेना का गठन किया।
आज के समय में जहाँ युद्ध धरती, समुद्र और आकाश तक सीमित नहीं रह गए हैं और नेटवर्क सेंट्रिक युद्ध का सिद्धांत दिया जा चुका है वहाँ भारत के पास भी साइबर, स्पेशल ऑपरेशन और स्पेस की संयुक्त कमान होना समय की मांग है।
CBI डायरेक्टर, सेना प्रमुख, CJI- नेताओं ने अपनी घटिया राजनीतिक बयानबाज़ी में संवैधानिक पदों पर बैठे उच्चाधिकारियों को भी घसीट लिया है। उन पर बिना सबूत घटिया लांछन लगाए जाते हैं- अपनी राजनीति चमकाने के लिए।
इनमें 77% महिलाओं ने वर्बल सेक्शुअल हैरस्मेंट (भद्दी गली, छींटाकशी, सीटी मारना, अश्लील कमेंट करना) का सामना किया। 51% महिलाओं का कहना रहा कि उन्हें बिना उनकी मर्ज़ी के हाथ लगाया गया। 41% ने बताया कि वो ऑनलाइन यौन शोषण का शिकार हुई हैं।
"मोदी-शाह को रोकने के लिए मैं किसी भी हद तक जाने को तैयार हूँ। इसके अलावा, जो भी बन रहा होगा उसको समर्थन दे देंगे। कांग्रेस अगर जीतती है तो उसको भी समर्थन देने को तैयार हैं।"
अपने पत्र में डॉ प्रसाद ने नेहरू को अलोकतांत्रिक व्यक्ति बताया। नेहरू के पास पत्र भेजने से पहले राजेंद्र प्रसाद ने यह पत्र सरदार पटेल को दिखाया। पटेल ने डॉ प्रसाद को गुस्सा करने के बजाय पार्टी में अपनी बात रखने के लिए कहा।
लड़कियाँ स्कूल सिर्फ इस कारण नहीं जाना चाहती हैं क्योंकि वहाँ उनके पास शौचालय जाने जैसे सुविधाएँ ही नहीं मिल पाती हैं। उन्हें उन तमाम मनोवैज्ञानिक असुविधाओं से गुजरना होता है, जिनके बारे में हम कल्पना तक नहीं कर सकते हैं।