मौजूदा साल यानी 2021 की बात करें तो इस साल पहले ढाई महीने में ही 12 विभागों ने पब्लिसिटी में 29.79 करोड़ रुपए खर्च किए। 'अल्पसंख्यक कल्याण विभाग' ने 50 लाख रुपए में से 48 लाख सोशल मीडिया पर खर्च किए।
मुस्लिम और ईसाई अपने मजहबी प्रतीकों का उपयोग रक्षा के लिए कर रहे थे। जबकि हिंदुओं की पहचान के लिए अभियान चला। पीले रंग से बड़े अक्षरों में उनकी संपत्तियों पर ‘H’ लिखा गया।
सन् 1715 में चार्ल्स बून को मुंबई का गवर्नर बना कर भेजा गया और उसने प्रण लिया कि वो कान्होजी आंग्रे की ताकत को ख़त्म कर देगा। अभिमानी बून ने एक बड़ी सेना लेकर विजय दुर्ग पर आक्रमण किया।
धमाके के लिए रखे नाइट्रिक और सल्फ्यूरिक एसिड में आतंकियों के सोचे समय पर रिएक्शन नहीं हुआ, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई। बीच में रखी कागज़ की परत देर से जली।
इस विश्वविद्यालय की स्थापना 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली' की सरकार ने ही किया था। लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने AUD की एडमिशन नीति को लेकर ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन भी किया।
विदेशी अख़बारों में खुद को 'हिन्दू मिलिटेंट लीडर' बताए जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी सोच जितनी होगी, वो उतना ही बोलते हैं। उन्होंने कहा कि एक हिन्दू होने पर वो गर्व महसूस करते हैं।