एमबीए के दौर में इवेंट मैनेजमेंट एक विषय बन चुका है, और आंदोलन में ग्लैमर की कमी हमेशा रही। अगर आंदोलन आदि व्यवस्थित तरीके से नहीं होंगे, तो इस विषय को शादी की प्रीवेडिंग फोटोशूट और 'राते दीया बुता के पीया क्या-क्या किया' वाले नाच तक में ही समेट दिया जाएगा।
स्वयंसेवकों ने समुदाय विशेष के एक युवक को सरिया चोरी करते हुए पकड़ा था, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया। इसी आरोपित के साथियों ने बाद में आरएसएस कार्यालय पर हमला बोल दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट में कपिल मिश्रा सहित अन्य भाजपा व संघ नेताओं के खिलाफ केस करने में उसका सबसे बड़ा हाथ था। वो दिल्ली दंगों में हिन्दुओं को जेल भिजवाने का दावा भी करता है।
पीड़िता ने महिला आयोग में शिकायत कर अपने पिता, जो कि कॉन्ग्रेस शासन के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री भी थे और भाई पर बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है।